Showing posts with label Opinion. Show all posts
Showing posts with label Opinion. Show all posts

Nov 17, 2017

जबरजस्त खुशखबरी, अब कांग्रेस कहेगी मोदी ने तो रेटिंग एजेंसी मूडीज को भी खरीद लिया, पढ़ें

जबरजस्त खुशखबरी, अब कांग्रेस कहेगी मोदी ने तो रेटिंग एजेंसी मूडीज को भी खरीद लिया, पढ़ें

moodys-upgraded-india-reting-first-time-after-2004-to-baa2-from-baa3

भारत और भारतीयों के लिए आज जबरजस्त खुशखबरी है क्योंकि विश्व की सबसे बड़ी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2004 के बाद पहली बार भारत की रेटिंग्स में बदलाव करके साबित कर दिया है कि भारत की आर्थिक हालत सुधर रही है और अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है. मूडीज की रेटिंग में भारत की रैंक 1 स्थान सुधरी है, पहले भारत की रेटिंग Baa3 थी लेकिन अब Baa2 कर दी है. आपको बता दें कि इस लिस्ट में 1 अंक का सुधार भी बहुत बड़ी सफलता मानी जाती है. 

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मोदी सरकार में पहली बार रुपये डॉलर के मुकाबले पहले से मजबूत हुआ है साथ ही बांड की भी हालत सुधरी है. मतलब हर तरफ से फायदा हो रहा है.

इससे पहले विश्व बैंक की ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस लिस्ट में भी भारत ने 30 स्थानों की छलांग लगाते हुए 100 स्थान पाया था, यह खबर आने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने विश्व बैंक को खरीद लिया है.

अब कांग्रेस मोदी सरकार पर मूडीज को भी खरीदने का आरोप लगा सकती है क्योंकि गुजरात चुनाव में कांग्रेस के पास और कोई मुद्दा नहीं है, कभी विश्व बैंक को खरीदने का आरोप, कभी मूडीज को खरीदने का आरोप, कभी अमेरिका को खरीदने का आरोप, क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी भारत की आर्थिक हालत मजबूत करने के लिए मोदी की तारीफ करते रहते हैं.

मूडीज की रेटिंग में सुधार होने से भारतीय जनता पार्टी के नेता बहुत खुश हैं, अमित शाह ने इसका क्रेडिट मोदी सरकार के सुशासन और आर्थिक नीतियों को दिया है.

Oct 14, 2017

इससे फैलता है पटाखों से भी 100 गुना प्रदूषण और बीमारियाँ, सुप्रीम कोर्ट इसे बैन करके दिखाए

इससे फैलता है पटाखों से भी 100 गुना प्रदूषण और बीमारियाँ, सुप्रीम कोर्ट इसे बैन करके दिखाए

supreme-court-should-ban-mosquito-coil-and-liquid-as-patakha-ban

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की विक्री पर यह कहते हुए बैन लगा दिया कि इससे प्रदूषण फैलता है, बच्चों को सांस की बीमारियाँ हो जाती हैं और उनका जीना मुश्किल हो जाता है, सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला करते हुए थोड़ी सी भी समझदारी का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि प्रदूषण सिर्फ पटाखों से ही नहीं फैलता, सांस की बीमारियाँ सिर्फ पटाखों से नहीं होतीं, कई और चीजें हैं जिनकी वजह से बीमारियाँ फैलती हैं.

आप खुद देखिये, मच्छरों को भगाने वाली Coil और Liquid जैसे मोर्टीन, गुड नाईट, आल आउट आदि में पटाखों से भी ज्यादा जहर होता है, ये पटाखों से भी 100 गुना अधिक बीमारियाँ फैलाते हैं, ये पटाखों से भी हजारों गुना अधिक प्रदूषण फैलाते हैं लेकिन इनका इस्तेमाल सभी घरों में होता है.

अगर सुप्रीम कोर्ट वाकई में प्रदूषण के लिए गंभीर है तो उसे पहले इन चीजों को बंद करना चाहिए क्योंकि जब दीवाली पर पटाखे जलते हैं तो उसके धुंवे में सभी मच्छर ख़त्म हो जाते हैं, आप देखते होंगे कि दीवाली के बाद एक भी मच्छर नहीं दिखते, पटाखों के धुंवे में सभी मच्छर मर जाते हैं, जैसा Coil के धुंवे से मरते हैं.

Coil का धुंवा मच्छरों को तो भगाता है लेकिन साथ में सांस और अन्य बीमारियाँ भी दे जाता है, लोग मच्छरों से बचने के लिए सांस की बीमारियाँ लेने को मजबूर हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट को इनपर बैन लगाना चाहिए. अन्यथा पटाखों को बैन करना हिन्दू धर्म का अपमान ही माना जाएगा.

Oct 7, 2017

GST रेट घटाकर, जनता को राहत देकर मोदी सरकार ने दिया कांग्रेस को जोर का झटका, मचा हाहाकार

GST रेट घटाकर, जनता को राहत देकर मोदी सरकार ने दिया कांग्रेस को जोर का झटका, मचा हाहाकार

congress-major-setback-as-modi-sarkar-rediced-gst-rates-news

मोदी सरकार ने कल कई वस्तुओं पर GST दरो को कम करके जनता को मंहगाई से बड़ी राहत दी, एक तरफ जनता को राहत मिली तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी में हाहाकार मच गया. दरअसल कांग्रेस पार्टी को मंहगाई में बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा नजर आ रहा था और वह गुजरात चुनाव में इसे भुनाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मोदी सरकार ने एक मिनट में कांग्रेस की उम्मीरों पर पानी फेरते हुए ना सिर्फ GST दरों को कम किया, उन्होंने छोटे और माध्यम व्यापारियों को भी खुश कर दिया.

27 वस्तुओं के GST टैक्स स्लैब में बदलाव से जनता को मंहगाई से बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है, डिब्बाबंद खान-पान, अन-ब्रांडेड नमकीन, स्टेशनरी, कपडा, अयुर्वेदिव दवाइयाँ, जरी, ज्वेलरी, सब कुछ सस्ता हो गया है. जल्द ही जनता को सस्ते सामान मिलने लगेंगे और मंहगाई से निजात मिल जाएगी. 

GST में बदलाव होने से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी बहुत खुश हैं, उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि गुड और सिंपल टैक्स अब और सिंपल हो गया है. इससे जनता को राहत मिलने के साथ साथ व्यापारी वर्क को भी राहत मिली है.

मोदी ने कहा कि आज के निर्णय से छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को बिजनेस करना आसान हो जाएगा, सभी छोटे और माध्यम व्यापारियों को अब तीन महीनें में एक बार ही रिटर्न फाइल करना पड़ेगा, यही नहीं अब 1 करोड़ का टर्न ओवर दिखाने वाले व्यापारियों को सिर्फ 1 फ़ीसदी टैक्स देना होगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस निर्णय के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली को बधाई देते हुए कहा कि उन्होने सभी पक्षों का ध्यान रखा है और सबको साथ लेकर चलने की कोशिश की है, उन्होंने GST को और आसान बना दिया है. अब सिर्फ एक फॉर्म में ही रिटर्न दाखिल करना पड़ेगा.

Oct 3, 2017

अरुण शौरी चाहते हैं मोदी सरकार भ्रष्टाचार से समझौता कर ले, टैक्स-चोरों को खुली छूट दे दे

अरुण शौरी चाहते हैं मोदी सरकार भ्रष्टाचार से समझौता कर ले, टैक्स-चोरों को खुली छूट दे दे

arun-shourie-open-fire-against-modi-sarkar-notbandi-gst-news-hindi

जब भी शरीर को दवा का कड़वा डोज दिया जाता है, शरीर को सुस्ती आ जाती है क्योंकि शरीर इतना तकतवर डोज सह नहीं पाता, अपनी ऑंखें बंद करके कुछ समय के लिए सो जाता है, जब शरीर सो जाता है तो काम रुक जाता है इसलिए जब तक शरीर सोता है तब तक कमाई रुक जाती है, आर्थिक नुकसान होता है. लेकिन जब शरीर आराम करके उठता है तो तेज गति से काम करना शुरू कर देता है और जल्द ही नुकसान की भरपाई कर लेता है.

मोदी सरकार ने भी देश की अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने और कालाधन ख़त्म करने के लिए नोटबंदी का कड़वा डोज दे दिया, तिजोरी में छुपा धन बाहर निकलकर बैंकों में जमा हो गया, विदेश से पैसा आकर बैंकों में जमा हो गया, आज वही पैसा देश के काम आ रहा है लेकिन जब पुरानी नोटों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया तो थोडा नुकसान भी हुआ लेकिन जैसे जैसे नोट बाजार में फिर से आते गए, माहौल सही होता गया और अब नोटबंदी का कोई दुष्प्रभाव नहीं है, सभी को करेंसी मिल रही है.

इसी तरह से मोदी सरकार ने GST लागू करके सभी टैक्स चोर व्यापारियों से कहा कि आपको टैक्स जमा करना ही पड़ेगा, अर्थ तंत्र से जुड़ना ही पड़ेगा. अब टैक्स चोरी माफ़ नहीं की जाएगी. सबको अपने काम और कमाई का हिसाब देना ही होगा.

कालाधन जब्त करना, चोरों को पकड़ना, घोटालेबाजों को पकड़ना, टैक्स चोरी ख़त्म करना तो अच्छा काम है जो मोदी सरकार ने किया है लेकिन इस काम का कुछ नुकसान भी होना तय है क्योंकि कालाधन हमारी अर्थव्यवस्था में समा गया था. अर्थव्यवस्था से जितना कालाधन ख़त्म हुआ उतना आर्थिक नुकसान भी हुआ लेकिन जल्द ही इस नुकसान की भरपाई भी हो जाएगी.

दुर्भाग्य ये है कि विपक्षी नेता अच्छे काम को भी बुरा बता रहे हैं लेकिन इससे भी बड़ा दुर्भाग्य ये है कि बीजेपी के भी कुछ नेता विपक्ष के सुर में सुर मिला रहे हैं और नोटबंदी/GST को बुरा बता रहे हैं.

इससे भी दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि बीजेपी नेता अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा GST को भी बुरा बता रहे हैं जो टैक्स व्यवस्था सुधारने, टैक्स चोरी ख़त्म करने का सबसे बढ़िया तरीका है. मतलब ये लोग चाहते हैं कि मोदी सरकार टैक्स चोरों पर सख्ती ना बरते, टैक्स चोरी को मान्यता दे दे. सभी टैक्स चोरों से बोले कि भैया लूट लो आप लोग, मैं आप लोगों को नहीं रोकूंगा क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था रुक जाएगी, GDP गिर जाएगी.

आज अरुण शौरी जो अटल सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और खुद को अर्थशास्त्री भी बताते हैं, उन्होंने नोटबंदी को सबसे बड़ी मनी लौन्डरिंग योजना बताया जिसके जरिये पूरा कालाधन सफ़ेद कर लिया गया. अगर कालाधन सफ़ेद होकर फिर से भारत में आ गया तो भी देश को फायदा है क्योंकि कम से कम कालाधन तो आया. देश तो यही चाहता है कि कालाधन विदेश से वापस भारत आ जाए और देश के काम आये.

Sep 30, 2017

जिन व्यापारियों ने GST अपना लिया वे खूब कमा रहे हैं पैसा, सिर्फ टैक्स चोर व्यापारी परेशान

जिन व्यापारियों ने GST अपना लिया वे खूब कमा रहे हैं पैसा, सिर्फ टैक्स चोर व्यापारी परेशान

notbandi-and-gst-center-earning-increased-tax-chor-vyapari-pareshan

कुछ लोग कह रहे हैं कि मोदी सरकार ने GST लगाकर व्यापारियों को परेशान कर दिया, उनकी कमर तोड़ दी, उनका धंधा बंद करवा दिया, रोजगार ख़त्म हो गया, ऐसे लोगों को बताना चाहता हूँ कि GST व्यापारियों के लिए कहीं से भी नुकसानदायक नहीं है, जिन व्यापारियों ने GST को अपना लिया वे आज जमकर पैसा कमा रहे हैं, त्यौहार सीजन में उनका घर लक्ष्मी से भर जाएगा लेकिन जिन व्यापारियों ने अभी तक GST नहीं अपनाया है उन्हें परेशानी भी होगी और नुकसान भी होने वाला है.

कहने का मतलब ये है कि GST व्यापारियों के लिए कहीं से भी नुकसान दायक नहीं है, GST नंबर लेकर व्यापारी लोग सिस्टम से जुड़ जाएंगे और उन्हें जरूरत पर सरकार से पूरी मदद मिलेगी, यही नहीं मोदी सरकार का पूरा खजाना ही GST वाले व्यापारियों के लिए है, GST वाले व्यापारियों को सरकार हर समय लोन देने के लिए तैयार रहती है, कोई भी व्यापारी अपने छोटे व्यापार को लोन लेकर बड़े व्यापार में बदल सकता है. सिस्टम से जुड़ने का यह सबसे बड़ा लाभ है कि सरकार उनके साथ है, बैंकों का पैसे उनके लिए ही है. मतलब लोन और और व्यापार बढाओ, अगर एक लाख कमा रहे हो तो 1 करोड़ कमाओ और सरकार को टैक्स के साथ साथ लोगों को रोजगार भी दो.

कुछ लोग कह रहे हैं कि नोटबंदी और GST से देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी, ऐसा नहीं है, देश की अर्थव्यवस्था कहीं से चौपट नहीं हुई है, भारत की ग्रोथ में कुछ योगदान कालेधन का भी था, जब नोटबंदी के बाद कालाधन ख़त्म हो गया, सारा पैसा बैंकों में सीज हो गया जिसकी वजह से रियल स्टेट सेक्टर में मंदी आ गयी, क्योंकि रियल स्टेट सेक्टर 90 फ़ीसदी कालेधन पर चलता था, अर्थव्यवस्था को उसी का नुकसान हुआ है लेकिन उसका परिणाम जल्द ही समाप्त हो जाएगा.

यह भी हो सकता है कि अगले तीन महीनों में सरकार ग्रोथ को फिर से हासिल कर ले क्योंकि इन्हीं दो महीनों में देश की जनता जमकर खरीदारी करेगी, सरकार को टैक्स से बहुत बड़ी आमदनी होने वाली है. आप खुद देखिये - गाड़ियों के शो रूप पर गाड़ियों की वेटिंग चल रही है, 6-6 महीनें गाड़ियों का इन्तजार करना पड़ रहा है, Restraunt और होटल पर जाएंगे तो वहां पर बैठने के लिए टेबल खाली नहीं है, शोपिंग माल और पार्किंग में जगह नहीं है, सिनेमा हाल भी अच्छा बिजनेस कर रहे हैं, बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं होगी. हर तरफ पैसा खर्च हो रहा है, इमानदार व्यापारी खूब पैसे कमा रहे हैं और सरकार को टैक्स दे रहे हैं.

अर्थव्यवस्था कहीं से भी चौपट नहीं हुई है बल्कि भारत के सुनहरे दिन चल रहे हैं, जल्द ही सबको सिस्टम से जुड़ना होगा और इमानदारी से बिजनेस करना होगा, सरकार को टैक्स देना होगा ताकि देश के विकास के लिए पैसों की कमीं ना पड़े. इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रोजगार के मौके बढ़ जाएंगे क्योंकि GST से जुड़ने वाला हर व्यापारी अपना बिजनेस बढ़ाना चाहेगा क्योंकि उसे आसानी से लोन मिल जाएगा.

आने वाले कुछ ही महीनों में अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर आ जाएगी, नोटबंदी के समय भी ऐसी ही हायतौबा मची हुई थी लेकिन अब सबका मुंह बंद है, इस महीनें केंद्र सरकार GST की वजह से बहुत बड़ा फायदा होगा, क्योंकि दशहरा, धनतेरस और दीवाली पर ही देश की जनता सबसे अधिक पैसे खर्च करती है, इससे ना सिर्फ व्यापारियों की कमाई होगी, केंद्र सरकार की भी कमाई होगी, अगर सब कुछ सही रहा तो अगले बजट से पहले GDP फिर से रफ़्तार पकड़ लेगी. यही नहीं अगली फ़रवरी में मोदी सरकार अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करेगी जो विपक्षी पार्टियों को बेहोश कर देगी क्योंकि मोदी सरकार के लिए भी करो या मरो का मैच होगा क्योंकि यह उनका अंतिम बजट होगा.
विकास के लिए मोदी ने ले लिया बहुत बड़ा रिश्क, चाहे तो खजाना मुफ्त में बांटकर सबको कर दें खुश

विकास के लिए मोदी ने ले लिया बहुत बड़ा रिश्क, चाहे तो खजाना मुफ्त में बांटकर सबको कर दें खुश

pm-narendra-modi-take-biggest-risk-for-india-development

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जैसे नेता बिजली पानी सस्ता करके जनता को खुश रखने की कोशिश करते हैं ताकि उन्हें अगली बार भी वोट मिल जाएं, केजरीवाल जनता के लिए मुफ्त योजनाओं के लिए सरकारी खजाने से पैसा खर्च करते हैं लेकिन आखिर केजरीवाल कब तक मुफ्त में बांटेंगे क्योंकि ये सरकारी खजाना कभी ना कभी तो ख़त्म होगा ही, जब खजाना ख़त्म हो जाएगा तो दिल्ली वालों से ही वसूल किया जाएगा, अब ये वसूली चाहें तो केजरीवाल दोबारा आने के बाद करें या कोई अन्य सरकार करे, वसूली होना निश्चित है.

इसी तरह से अगर प्रधानमंत्री मोदी चाहें तो पूरे देश को बिजली-पानी मुफ्त में बांटकर खजाना लुटा सकते हैं, मोदी चाहें तो पेट्रोल डीजल 40-50 रुपये में बेचकर मंहगाई को ख़त्म कर सकते हैं और सब को खुश कर सकते हैं, अगर वे चाहते तो GST को 15 फ़ीसदी के दायरे में रखकर सब कुछ सस्ता कर सकते हैं, लेकिन देशवासियों को मुफ्त में खिलाने पर कभी ना कभी तो खजाना ख़त्म होगा, क्योंकि देशवासी जब खरीदते हैं तो उसी से सरकारी खजाने में पैसा जाता है, जब देशवासियों को सब कुछ सस्ता हो जाएगा तो वे खर्च भी कम करेंगे, अगर वे खर्च कम करेंगे तो सरकारी खजाने में कम टैक्स जाएगा और विकास के लिए पैसे नहीं मिलेंगे. ऐसे में देश बर्बाद हो जाएगा लेकिन दूसरी बार मोदी सरकार जरूर सत्ता में आ जाएगी क्योंकि मंहगाई एकदम घटने से देशवासी कहेंगे कि मोदी ने अच्छे दिन ला दिए, सब कुछ सस्ता कर दिया.

अगर मोदी चाहें तो आसानी से दोबारा सरकार में आ सकते हैं, लेकिन मोदी ने देश के विकास के लिए बहुत बड़ा रिश्क ले लिया है क्योंकि उनका मानना है कि विकास ही सभी समस्याओं का समाधान है. यह बात एकदम सच है, भारत में बेईमान भरे पड़े हैं, अधिकतर लोग टैक्स देना ही नहीं चाहते या टैक्स के झमेलों से बचने की कोशिश करते हैं, वहीँ विकास हर कोई चाहता है, अच्छे रोड, अच्छे अस्पताल और अच्छे सरकारी स्कूल सभी को चाहिए. भारत की आबादी 1.30 अरब है लेकिन यहाँ पर सिर्फ 1 करोड़ लोग देते हैं और उसका 60 फ़ीसदी हिस्सा सिर्फ अमीर उद्योगपतियों से आता है. राहुल गाँधी जैसे नेता कहते हैं कि मोदी अमीरों के लिए काम करते हैं लेकिन आप सोचिये अमीर लोग ही युवाओं के लिए रोजगार पैदा करते हैं और सरकारी खजाने में 60 फ़ीसदी टैक्स भी देते हैं.

कहने का मतलब ये है कि नोटबंदी करके मोदी ने बहुत बड़ा रिस्क लिया था, उसके बाद GST लागू करके और भी बड़ा रिश्क ले लिया है क्योंकि भारत को टैक्स चोरों और ब्लैक इकॉनमी वाला देश कहा जाता था, यहाँ पर अधिकतर छोटे और माध्यम व्यापारी टैक्स देना ही नहीं चाहते या इसके फायदों के प्रति जागरूक नहीं हैं, अब उन्हें टैक्स देना पड़ रहा है तो पसीनें छूट रहे हैं, अब उन्हें मोदी सरकार खराब लग रही है, लेकिन जब ये लोग GST और टैक्स भरने के फायदे जानेंगे तो मोदी सरकार इन्हें पसंद आने लगेगी.

आपको बता दें कि नोटबंदी के बाद भी बेईमानों को परेशानी हुई थी, अब GST के बाद भी बेईमानों को ही परेशानी हो रही है लेकिन पांच-छः महीनों के बाद फिर से हालात सामान्य हो जाएंगे. तब तक मोदी को जितना कोसना है कोस लें, मोदी को सिर्फ विकास कराने से मतलब है और इसके लिए पैसे चाहियें, पैसे सिर्फ टैक्स से आयेंगे, लेकिन ये पैसे देशवासियों की सुविधाओं पर ही खर्च होंगे, इन्हीं पैसों से रोड बन रहे हैं, 24 घंटे बिजली का प्रबंध किया जा रहा है, गरीबों को फ्री सिलेंडर दिया जा रहा है, किसानों के लिए सस्ता लोन दिया जा रहा है और उनकी कर्ज माफी की जा रही है, बुजुर्गों को पेंसन दी जा रही है, मुद्रा योजना के जरिये रोजगार के लिए सस्ता लोन दिया जा रहा है. पैसे होंगे तभी मोदी गरीबों के लिए काम कर पाएंगे. कुछ लोगों को परेशानी हो रही है क्योंकि इन्हें टैक्स देना पड़ रहा है लेकिन जल्द ही इन्हें भी GST के फायदे मिलने लगेंगे.

Sep 28, 2017

जब मोदी ने मंत्री नहीं बनाया तो मोदी सरकार बेकार, हर युवा बेरोजगार, वाह यशवंत सिन्हा जी

जब मोदी ने मंत्री नहीं बनाया तो मोदी सरकार बेकार, हर युवा बेरोजगार, वाह यशवंत सिन्हा जी

yashwant-sinha-criticize-modi-sarkar-for-demonetization-and-gst

अगर आपको जानकारी ना हो तो बता देते हैं, बीजेपी में अगर किसी बड़े नेता पर वंशवाद का आरोप लगा तो वह हैं यशवंत सिन्हा। इन्होने 2014 के लोकसभा चुनाव में हजारीबाग की अपनी सीट पर अपने बेटे जयंत सिन्हा को दावेदार बना दिया और अन्य बीजेपी कार्यकर्त्ता सीट का इन्तजार ही करते रहे, इनके बेटे जयंत सिन्हा चुनाव जीत गए तो इन्होने अपने बेटे को मोदी सरकार में मंत्री भी बनवा दिया। अब आप सोचिये, जिस मोदी सरकार ने इनके बेटे को पहली बार चुनाव जीतने पर ही मंत्री बना दिया उसे ही यशवंत सिन्हा बेकार बता रहे हैं, मोदी ने इनके बेटे को मंत्री बना दिया इसके बाद भी ये हर युवा को बेरोजगार बता रहे हैं.

आज इन्होने ANI से बात करते हुए मोदी सरकार की जमकर आलोचना की. इन्होने कहा कि नोटबंदी और GST लागू करके मोदी सरकार ने भारत की अर्थव्यवस्था को दोहरा झटका दे दिया है, नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को करारा झटका लगा था, मोदी सरकार ने थोंडा समय नहीं दिया और GST लगाकर फिर से झटका दे दिया, इन दोनों झटकों से देश की अर्थव्यवथा चरमरा गयी, अब सभी नौजवानों का रोजगार छीन गया है, हर कोई बेरोजगार है, मेरे पास लोग रोजगार मांगने आते हैं लेकिन जब रोजगार ही नहीं है तो कहाँ से दें.

इससे पहले इन्होने कहा था कि मोदी ने गरीबी देखी है लेकिन वित्त मंत्री पूरे देश को गरीबी दिखाना चाहते हैं. मोदी सरकार कह रही है कि लॉन्ग रन में सब कुछ अच्छा होगा लेकिन लॉन्ग रन में सब डेड हो जाते हैं.

यशवंत सिन्हा मोदी सरकार से क्यों नाराज हैं

बात दरअसल ये है कि यशवंत सिन्हा मोदी सरकार में भी वित्त मंत्री बनना चाहते थे, ये सोच रहे थे कि लोकसभा सीट से बेटे को सांसद बनाकर मंत्री पद पर सेट कर देंगे और उसके बाद राज्यसभा सीट से खुद भी सांसद बनकर मोदी सरकार में कोई ना कोई मंत्री बन जाएंगे लेकिन मोदी सरकार में ऐसा होता ही नहीं है कि बेटा भी मंत्री बन जाय और बाप भी मंत्री बन जाय, बेटा भी सांसद बन जाय और बाप भी सांसद बन जाय. 

यशवंत सिन्हा को मोदी सरकार ने मंत्री नहीं बनाया तो अब इसकी खुन्नस मोदी सरकार की आलोचना करने में निकाल रहे हैं, अब ये कांग्रेस की भाषा बोलने लगे हैं, अब इन्हें हर युवा बेरोजगार नजर आ रहा है, इन्हें समझना चाहिए कि अगर हर युवा बेरोजगार हो चुका होता तो देश चलना मुश्किल था, आज हर युवा कोई ना कोई काम जरूर कर रहा है, एक काम छूट गया तो दूसरा काम पकड़ लिया है, एक लाइन छूट गयी तो दूसरी लाइन पकड़ लिया है. अगर हर युवा बेरोजगार होता तो अब तक लाखों लोग भूख से मर जाते लेकिन मोदी सरकार में एक भी आदमी की भूल से मौत नहीं हुई है.

रही बात रोजगार की तो जो लोग कहते हैं कि मोदी सरकार ने रोजगार नहीं पैदा किया वे सिरफिरे हैं या उनका दिमाग गायब हो गया है, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में 1 लाख लोगों को जॉब मिलेगी, रोड कंस्ट्रक्शन में लाखों लोगों को जॉब मिल रहा है, मुद्रा योजना के जरिये 8 करोड़ लोगों को रोजगार के लिए धन दिया है. 8 करोड़ लोगों को रोजगार के लिए धन देने का मतलब है उतना ही रोजगार पैदा किया है क्योंकि जितने भी लोग रोजगार के लिए पैसा ले रहे हैं वे कई लोगों को रोजगार देते हैं.

मतलब मोदी सरकार में रोजगार ही रोजगार हैं लेकिन किसी को दिखाई नहीं दे रहा है, कम से कम आलोचना करने वालों ने तो अपनी ऑंखें बंद कर रखी हैं, इसके अलावा भारत में करोड़ों लोग ऐसे भी हैं जिन्हें दुकानदार और छोटे व्यापारी अपने यहाँ काम पर तो रखते हैं, उन्हें सैलरी भी देते हैं लेकिन उसका रिकॉर्ड सरकार से छुपा लेते हैं जिसकी वजह से वे नौजवान रोजगार करते हुए भी बेरोजगार रहते हैं लेकिन GST के आने से अब ऐसे लोगों को अपने सभी कर्मचारियों का नाम सरकार को देना होगा जिसके बाद ऐसे लोग बेरोजगार से खुद ही रोजगार में आ जाएंगे।

कहने का मतलब ये है भारत में करोड़ों लोगों के पास रोजगार होते हुए भी वे सरकार के रिकॉर्ड में बेरोजगार है. क्योंकि उसका नाम सरकार की नजर से छुपा लिया जाता है, कई लोगों के पास 50 से भी अधिक लोग काम करते हैं लेकिन वे सरकार से यह सूचना छुपा लेते हैं, अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो सबका ESI कार्ड या मेडिक्लैम बनवाना पड़ेगा और उन्हें सरकारी ग्रेड के अनुसार सैलरी भी देनी पड़ेगी इसलिए वे सरकार से बताते ही नहीं हैं कि उनके पास दर्जनों लोग काम करते हैं. इसी प्रकार से करोड़ों लोग इन-फॉर्मल सेक्टर में काम करते हैं लेकिन वे सरकार की नजर में बेरोजगार हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा, अब सभी व्यापारियों और उद्योगपतियों को GST करवाना ही पड़ेगा और कर्मचारियों का डिटेल देना ही पड़ेगा।

मतलब मोदी सरकार ने बहुत बड़ा तीर मारा है जो निशाने पर लगा है और बदलाव भी आ रहा है लेकिन एक साल अर्थव्यवस्था डाउन रहने का अनुमान है लेकिन जल्द ही अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर आ जाएगी उसके बाद यशवंत सिन्हा जैसे लोगों का मुंह बंद हो जाएगा।

Sep 26, 2017

बिपिन रावत बोले, आतंकियों को जमीन में गाड़ देंगे तो लोग बोले, गाड़िये मत पेट्रोल डालकर जला दो

बिपिन रावत बोले, आतंकियों को जमीन में गाड़ देंगे तो लोग बोले, गाड़िये मत पेट्रोल डालकर जला दो

bipin-rawat-advised-atankiyon-ko-petrol-daalkar-jala-do-gado-mat

कल भारत के थल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने धमाकेदार बयान देते हुए कहा था कि सीमा के उस पार आतंकी इकठ्ठे हुए हैं, वे भारत पर हमला करने के लिए तैयार बैठे हैं, हम भी भी उनके लिए तैयार बैठे हैं, अगर वो लोग इधर आएँगे और उन्हें रिसीव करके ढाई फूट जमीन में गाड़ देंगे.

बिपिन रावत ने यह भी कहा कि पिछले साल इसी दिन हमने सर्जिकल स्ट्राइक की थी, हमने पाकिस्तानी आतंकियों को चेताया था कि अगर दोबारा ऐसी गलती की तो फिर से सर्जिकल स्ट्राइक होगी, हम उन्हें फिर से कहना चाहते हैं कि उन्होंने हमपर हमला करने की हिम्मत की तो हम फिर से ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे.

आर्मी चीफ बिपिन रावत के बयान की लगभग सभी ने तारीफ की लेकिन कुछ लोगों ने उन्हें कहा कि आतंकियों को जमीन में गाड़कर अपनी धरती को गंदा ना करें, या तो उन्हें चील कौव्वों को खिला दें या पेट्रोल डालकर उन्हें जला दें. कुछ लोगों ने कहा कि भारत में जमीन की कमीं है इसलिए उन्हें जमीन में गाड़ने से बढ़िया कूड़े के साथ जला दें. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले जी न्यूज़ के चीफ एडिटर सुधीर चैधरी भी आतंकियों को कूड़े में जलाने की सलाह दे चुके हैं. देखिये कुछ कमेन्ट-

army-chief-bipin-rawat-statement

Sep 24, 2017

हनीप्रीत ने भी उस रात खायी थी बाबा को बर्बाद करने की कसम जब गुफा से निकली थी रोते हुए

हनीप्रीत ने भी उस रात खायी थी बाबा को बर्बाद करने की कसम जब गुफा से निकली थी रोते हुए

honeypreet-sweat-to-destroy-baba-ram-rahim-said-witness

गुरमीत राम रहीम के खिलाफ रेप और यौन शोषण मामले में CBI ने वर्ष 2002 में केस रजिस्टर किया गया था, उसके बाद भी राम रहीम को सजा मिलने में 15 साल लग गए इससे साबित होता है कि गुरमीत बहुत ही ताकतवर और शातिर आदमी था, अब यह चर्चा हो रही है कि आश्रम का कोई तो व्यक्ति ऐसा है जिसनें बाबा राम रहीम को जेल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इस शक की सुई हनीप्रीत की तरफ घूम रही है क्योंकि हनीप्रीत जिस तरह से बाबा को जेल में छोड़कर भागी है उससे शक हो रहा है कि कहीं हनीप्रीत ने ही तो बाबा को बर्बाद नहीं किया और उसका सारा पैसा लेकर भाग गयी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हनीप्रीत के पूर्व पति विश्वास गुप्ता ने खुलासा किया है कि हनीप्रीत और राम रहीम के बीच सेक्सुवल रिलेशन था, हालाँकि राम रहीम ने हनीप्रीत को दुनिया से बचने के लिए बेटी के रूप में गोद लिया था. हनीप्रीत के बारे में यह भी खबर आ रही है कि अन्य साध्वियों की तरह राम रहीम ने हनीपीत का भी अपने गुफा में रेप किया था, उस रात हनीप्रीत भी गुफा से रोते हुए बाहर निकली थी क्योंकि राम रहीम सेक्स की दवा खाकर रेप करता था.

जिस रात हनीप्रीत का रेप हुआ था, सुबह वह रोते हुए बाहर निकली थी और यह बात अपने दादा से बताई थी जो आश्रम में ही खजांची थे, उसके दादा ने राम रहीम को काफी फटकार लगाई थी, लेकिन हथियारों के दम पर उन्हें चुप करा दिया गया, उसके बाद हनीप्रीत आश्रम छोड़कर अपने घर फतेहाबाद के लिए निकल गयी लेकिन बाबा के गुंडों ने उसे बीच रास्ते में ही उठा लिया और वापस आश्रम में ले आए. उसी रात हनीप्रीत ने कसम खा ली थी कि आश्रम में ही रहकर वह राम रहीम की बर्बादी की कहानी लिखेगी.

इसके बाद हनीप्रीत ने राम रहीम को फिल्मों का चस्का लगाया, उसे एक्टिंग करना सिखाया, जब राम रहीम फ़िल्में करने लगा तो उसकी छवि संत से बदलकर लंठों में होने लगी, इसके बाद राम रहीम ने हनीप्रीत के इशारे पर ऐसे ऐसे काम करने लगा जिसनें उसे संत से लंठ बना दिया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब राम रहीम ने हनीप्रीत का रेप किया था तो उस वक्त हनीप्रीत की शादी नहीं हुई थी, उसके बाद राम रहीम का हनीप्रीत से लगाव बढ़ता गया, जब उसे लगा कि वह हनीप्रीत के बिना नहीं रह पाएगा तो उसनें आश्रम के ही एक भक्त विश्वास गुप्ता से उसकी झूठी शादी करवा दी. जब हनीप्रीत शादी के बाद घर गयी तो राम रहीम बारात लेकर उसके घर पहुंचा और उसे बेटी बनाकर वापस आश्रम लाया लेकिन यह सब उसनें हनीप्रीत को हमेशा के लिए अपना बनाने के लिए किया था. 

अब ऐसा कहा जा रहा है कि हनीप्रीत राम रहीम को बर्बाद करके बहुत सारा पैसा भी अपने साथ लेकर भागी है या विदेशों खातों में ट्रान्सफर कर दिया है, यह भी हो सकता है कि राम रहीम ने अपना बहुत सारा पैसा हेनीप्रीत के नाम पर दिया हो क्योंकि हनीप्रीत उसे अपने बैंकर बताती थी.

Sep 23, 2017

पेट्रोल डीजल सस्ता करके बंद कर देना चाहिए फ्री में राशन बांटना, भ्रष्टाचार भी हो जाएगा ख़त्म

पेट्रोल डीजल सस्ता करके बंद कर देना चाहिए फ्री में राशन बांटना, भ्रष्टाचार भी हो जाएगा ख़त्म

congress-trending-bjp-ka-manhga-vikas-on-petrol-diesel-high-cost

कांग्रेस के लोग मोदी सरकार और बीजेपी पर उनके ही हथियार से वार कर रहे हैं. 2014 से पहले जब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी तब भी पेट्रोल मंहगा था और उस वक्त तो 73.37 रुपये तक जा पहुंचा था. उस वक्त बीजेपी के लोग भी मंहगे पेट्रोल का मुद्दा उठाते थे, बीजेपी के लोग भी कहते थे कि पेट्रोल की लागत में सिर्फ 30 रुपये का खर्च आता है जबकि कांग्रेस सरकार 73 रुपये में बेचकर 40-45 रुपये का मुनाफा कमा रही है, कांग्रेस के समय में भी गरीबों को सस्ता राशन देने के लिए पैसे की जरूरत होती थी और उस पैसे की व्यावस्था पेट्रोल बेचकर ही की जाती थी, कांग्रेस के समय में भी बुजुर्गों को पेंशन, छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाती थी लेकिन यह सब पेट्रोल मंहगे दामों में बेचकर ही किया जाता था, कोई भी सरकार को, अगर एक हाथ से किसी को दे रही है तो दूसरे हाथ से लेती भी है, एक की जेब काटकर दूसरे की जेब में डालती है.

फिलहाल अब कांग्रेस भी बीजेपी पर उनके ही हथियार से हमला कर रही है, कांग्रेस ने मंहगे पेट्रोल और डीजल का मुद्दा उठाकर आज ट्विटर पर 'बीजेपी का मंहगा विकास' ट्रेंड कर दिया है. कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल पर खूब पैसा कमा रही है. खैर कमाती तो कांग्रेस सरकार भी थी लेकिन अब कांग्रेस की सरकार नहीं है इसलिए उन्होंने यह जानते हुए भी कि गरीबों को सस्ता राशन, बुजुर्गों को पेंशन और किसानों का लोन माफ़ करने के लिए पेट्रोल मंहगा बेचना ही पड़ता है, लेकिन कांग्रेस को अब इससे मतलब नहीं है क्योंकि उसे पेट्रोल का मुद्दा उठाने में राजनीतिक फायदा नजर आ रहा है.

मोदी सरकार आसानी से पेट्रोल और डीजल के दाम 50 के आसपास कर सकती है लेकिन इसके लिए गरीबों को 2 रुपये किलो में गेंहू और 1 रुपये किलो में चावल की योजना बंद करनी पड़ेगी क्योंकि पेट्रोल से कमाकर ही मोदी सरकार गरीबो को 20 रुपये वाला गेंहू सिर्फ 2 रुपये में जबकि 30-40 रुपये वाला चावल सिर्फ 1 रुपये में देती है. वैसे भी अगर पेट्रोल-डीजल के दाम कम कर दिए जाँय तो लोग उसी पैसे से अनाज खरीद सकेंगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर लीटर पेट्रोल पर 35 रुपये की बचत होती है, लेकिन पूरा 35 रूपया केंद्र सरकार के खाते में नहीं जाता, उसमें से 24 रूपया राज्य सरकार के खाते में जाता है जबकि केंद्र सरकार सिर्फ 12.46 रुपये कमाती है, लेकिन इस 12 रुपये में ही केंद्र सरकार सभी राज्यों में गरीबों को 2 रुपये में गेंहू और 1 रुपये में चावल देती है. 


मोदी सरकार के केवल 3 साल में राहुल गाँधी के आ गए अच्छे दिन, फटीचर से बन गए जेंटलमैन, वाह

मोदी सरकार के केवल 3 साल में राहुल गाँधी के आ गए अच्छे दिन, फटीचर से बन गए जेंटलमैन, वाह

rahul-gandhi-achhe-din-came-in-modi-sarkar-3-year-work

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि उनकी सरकार बनने के बाद अच्छे दिन जरूर आएँगे, शुरुआत में विपक्षी पार्टियों ने मोदी के नारे के मजाक उड़ाया था, पिछले साल तक राहुल गाँधी भी मोदी के नारे का मजाक उड़ाते थे लेकिन ऐसा लगता है कि मोदी के तीन साल के कार्यकाल में सबसे अधिक फायदा राहुल गाँधी को हुआ है, किसी के अच्छे दिन आये हों या ना हों लेकिन राहुल गाँधी के अच्छे दिन जरूर आ गए हैं क्योंकि पिछले साल तक राहुल गाँधी भारत में फटीचर बनकर घुमते थे, वे पूरे देश के लोगों को फटा हुआ कुर्ता दिखाते थे लेकिन अब वे पिछले 100 दिन में से 60 दिन विदेश में गुजार चुके हैं.

पहले राहुल गाँधी फटा हुआ कुर्ता दिखाते थे लेकिन अब राहुल गाँधी सूट बूट में विदेशों में घुमते हैं, अब राहुल को देखकर कोई बता ही नहीं सकता कि वे पिछले साल तक फटीचर थे. इस वक्त राहुल गाँधी अमेरिका दौरे पर हैं, वहां पर उनकी दोस्त नतालिया भी नजर आयी, कुछ लोग तो यह भी बता रहे हैं कि नतालिया ही राहुल गाँधी की गर्ल-फ्रेंड है जिसे राहुल गाँधी ने दुनिया से छिपा रखा है क्योंकि 14 सितम्बर को नतालिया ने खुद ट्वीट किया कि वह रात में राहुल गाँधी के साथ थी.

नतालिया ने ट्विटर पर लिखा है कि - दिव्य और व्यवहारिक राहुल गाँधी के साथ पिछली रात.
नतालिया रामोस के इस ट्वीट के बारे में लोगों को पता नहीं चलता लेकिन खोजी नेता सुब्रमनियम स्वामी ने ये ट्वीट करके राहुल गाँधी की जिन्दगी का सबसे बड़ा राज खोल दिया. स्वामी ने कहा - यह नतालिया रामोस कौन है, उसनें खुद कहा है कि वह कल रात बुद्धू के साथ रही है. कुछ लेक्चर.

Sep 22, 2017

NDTV बिका तो ट्विटर पर लोग लेने लगे मजा, अब रवीश कुमार भी बोलेंगे 'मंदिर वहीं बनाएँगे'

NDTV बिका तो ट्विटर पर लोग लेने लगे मजा, अब रवीश कुमार भी बोलेंगे 'मंदिर वहीं बनाएँगे'

ndtv-sold-to-modi-samarthak-ajay-singh-what-ravish-kumar-will-do

अक्सर देखा गया है कि न्यूज़ चैनल के मालिकों की सोच और विचारधारा के आधार पर न्यूज़ चैनल भी अपनी ख़बरें देते हैं, प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय वामपंथी विचारधारा के थे तो उनका चैनल NDTV भी वैसी ही खबरों को बढ़ावा देता था, अब तक आजादी गैंग वालों का सबसे पसंदीदा चैनल NDTV था, आजादी गैंग वाले सिर्फ यही चैनल देखते थे, NDTV के एंकर रवीश कुमार तो मोदी सरकार के परम विरोधी बन गए थे लेकिन आज यह चैनल एक मोदी समर्थक अजय सिंह ने खरीद लिया इसलिए अब लोग रवीश कुमार को लेकर मजे ले रहे हैं और ट्विटर पर एक से बढ़कर एक फनी कमेन्ट पोस्ट कर रहे हैं.

एक ट्विटरिस्ट ने कहा अब तक NDTV चैनल के मालिक प्रणय रॉय वामपंथी विचारधारा के थे तो रवीश कुमार उनके मन की ख़बरें देते थे लेकिन अब NDTV चैनल मोदी समर्थक के हाथों में आ गया है तो रवीश कुमार भी शायद बोलें 'मंदिर वहीँ बनाएंगे'.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि NDTV को देश का सबसे बड़ा मोदी विरोधी चैनल माना जाता है लेकिन अब इस चैनल को एक मोदी समर्थक अजय सिंह जो स्पाइसजेट एयरलाइन्स के मालिक हैं ने खरीद लिया है, उनके पास शेयर के साथ साथ एडिटोरियल राईट भी चला गया है. 

आपको बता दें कि अजय सिंह 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के Poll Campaign में सहायक थे और उन्होंने ही 'अबकी बार मोदी सरकार' का नारा दिया था. इस नारे ने पूरे देश में धूम मचा दी थी और मोदी की बहुमत के साथ सरकार बनी थी. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि NDTV चैनल के प्रमोटर प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय के खिलाफ CBI में धोखाधड़ी का केस चल रहा है. इस मामले में 5 जून को CBI ने इनके घर पर छापा भी मारा था. जानकारी के अनुसार प्रणय रॉय ने NDTV को 600 करोड़ रुपये में बेचा है. 

Sep 14, 2017

इसलिए पलटवायी जाती हैं ट्रेनें ताकि लोग बोलें 'रेल तो संभल नहीं रही मोदी बुलेट ट्रेन ला रहा है'

इसलिए पलटवायी जाती हैं ट्रेनें ताकि लोग बोलें 'रेल तो संभल नहीं रही मोदी बुलेट ट्रेन ला रहा है'

train-accident-conspiracy-to-fail-modi-bullet-train-project-exposed

भारत में आज बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की शुरुआत हो गयी. भूमि पूजन ने बाद इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गयी और काम की शुरुआत हो गयी. यह प्रोजेक्ट 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा और मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी. यह प्रोजेक्ट 1.10 लाख करोड़ रुपये का है जिसमें 88 हजार करोड़ रुपये का लोन जापान ने 50 वर्ष के लिए सिर्फ 0.1 परसेंट व्याज पर दिया है, मतलब के तरह से बुलेट ट्रेन का प्रोजेक्ट भारत के लिए फ्री है.

अब आप सोचिये, हमारे देश में 2022 में बुलेट ट्रेन चल जाएगी और हम चीन, जापान, अमेरिका, इटली, जर्मनी, ब्रिटेन आदि देशों की बराबरी कर लेंगे, यह तो हमारे लिए ख़ुशी और गर्व की बात है, हर भारतवाशी को आज खुश होना चाहिए क्योंकि यह उनके सपनों का देश बन रहा है. अब बुलेट ट्रेन में बैठने के लिए हमें अमेरिका, जापान और चीन नहीं जाना पड़ेगा बल्कि भारत में ही हमें बुलेट ट्रेन में सफ़र का आनंद मिल जाएगा.

आज सभी भारतीयों को खुश होना चाहिए लेकिन कुछ लोगों को ख़ुशी नहीं है बल्कि जलन हो रही है, वे सोच रहे हैं कि अब मोदी और पॉपुलर हो जाएगा, अब 2019 का भी चुनाव जीत लेगा, गुजरात का भी चुनाव जीत लेगा क्योंकि गुजरात में ही बिलेट ट्रेन चलने वाली है. मतलब ये लोग दोनों हाथ मलकर छाती पीट रहे हैं.

आपको बता दें कि मोदी का बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट फेल करने के लिए भारत में ट्रेन एक्सीडेंट करवाया जा रहा है, पटरियों को काटकर ट्रेनों को पलटवाया जा रहा है ताकि विरोधी लोग कह सकें कि मोदी से रेल सो संभल नहीं रही है और ये बुलेट ट्रेन ला रहा है. हमारे देश के बहुत बड़े बड़े दुश्मन इस साजिश में शामिल हैं और विरोधी पार्टियों को मुद्दा देने के लिए ट्रेनों को पलटवाया जा रहा है.

मोदी का बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को फेल करने के लिए साजिश की जा रही है, साजिश करने वाले कहते होंगे कि चार पांच ट्रेनों को पलटवा दो ताकि मोदी का बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट फेल हो जाए क्योंकि जैसे ही ट्रेन एक्सीडेंट होते हैं विरोधी पार्टियाँ यही कहती हैं जो हम यहाँ पर कह रहे हैं. विरोधी नेता कहते हैं कि मोदी सरकार में ट्रेन एक्सीडेंट बढ़ गए हैं, ट्रेनें डेरेल हो रही हैं, यात्री सुरक्षित नहीं हैं, रेल तो संभल नहीं रही है मोदी बुलेट ट्रेन ला रहा है.

Aug 25, 2017

सुब्रमनियम स्वामी भी समझ गए राम रहीम के खिलाफ क्यों रची गयी साजिश, क्यों भेजा गया जेल: पढ़ें

सुब्रमनियम स्वामी भी समझ गए राम रहीम के खिलाफ क्यों रची गयी साजिश, क्यों भेजा गया जेल: पढ़ें

why-baba-ram-rahim-send-jail-what-is-conspiracy-subramanian-swamy

बाबा राम रहीम के खिलाफ इतनी बड़ी साजिश रचकर उन्हें जेल भेजे जाने का खेल सुब्रमनियम स्वामी को भी समझ में आ गया है. स्वामी समझ गए हैं कि बाबा राम रहीम के खिलाफ क्यों साजिश रची गयी, किन लोगों ने उनके खिलाफ साजिश रची, किस मकसद से रची और अब बाबाओं को क्या करना चाहिए ताकि उनकी अस्मिता बची रहे.

आपको बता दें कि एक साध्वी ने 2002 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को अचानक चिट्ठी लिखकर बाबा राम रहीम पर रेप का आरोप लगा दिया था हालाँकि ना रेप की पुष्टि हुई और ना ही साध्वी का कुछ अता पता है. इस मामले की CBI जांच हुई और आज बाबा राम रहीम को सजा सुना दी गयी.

सुब्रमनियम स्वामी ने बाबा राम रहीम रेप मामले को साजिश माना है. आज उन्होने ट्विटर पर एक ट्वीट के जरिये समझाने की कोशिश की गयी है कि बाबा के साथ इतनी बड़ी साजिश क्यों की गयी है. सबसे पहले तो उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि - मरते हुए कांग्रेसियों के ट्वीट से समझा जा सकता है वे कितने खुश हो रहे हैं, वे ध्यान खींचने के लिए पागल हुए जा रहे हैं.

उन्होने दूसरे ट्वीट में कहा - साधुओं के लिए एक नया खतरा पैदा हो गया है. साधुओं को जेल भेजकर राजनेता और आश्रमिटीज आश्रम की संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं. साधुओं को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर देना चाहिए. मतलब सुब्रमनियम स्वामी का मानना है कि बाबा राम रहीम की संपत्ति पर कब्ज़ा करने के लिए साजिश रची गयी है. ऐसे ही सभी साधुओं के साथ होने वाला है. साधुओं को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर देना चाहिए वरना नेता लोग उनकी जमीन-संपत्ति कब्जाने के लिए उन्हें जेल भेज देंगे.

subramanian-swamy-support-baba-ram-rahim

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुब्रमनियम स्वामी की बात सच साबित हो रही है क्योंकि हरियाणा हाई कोर्ट ने उनकी संपत्ति जब्त करने के आदेश दिए हैं. इससे पहले भी हाई कोर्ट ने बाबा राम रहीम के भक्तों को भड़काने वाले आदेश दिए. हाई कोर्ट ने कहा कि अगर हथियार का इस्तेमाल करना है तो करो, सेना बुलानी है तो बुलाओ लेकिन किसी को छोड़ना मत.

Aug 23, 2017

सबसे ऊंचे पद पर बैठा व्यक्ति करता हैं ट्रिपल-तलाक, हलाला का समर्थन, तो अनपढ़ मुसलमान क्या करें

सबसे ऊंचे पद पर बैठा व्यक्ति करता हैं ट्रिपल-तलाक, हलाला का समर्थन, तो अनपढ़ मुसलमान क्या करें

chief-justice-india-jagdish-singh-khehar-support-triple-talak-halala

राष्ट्रपति भले ही देश की सबसे बड़ा पद होता है लेकिन संवैधानिक पद की सबसे ऊंची पोस्ट सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश की होती है. प्रधान न्यायाधीश ही राष्ट्रपति को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं. अब आप खुद सोचिये, अगर सबसे ऊंची पोस्ट पर बैठा व्यक्ति ही तीन तलाक और हलाला का समर्थन कर रहा है तो अनपढ़ और गरीब मुसलमानों की क्या गलती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर मुसलमान तीन तलाक और शरियत का समर्थन नहीं करता, पढ़े लिखे और सामाजिक लोग ना तो तीन तलाक का और ना ही शरियत का समर्थन करते हैं, लेकिन अनपढ़ और गरीब मुसलमानों को तीन तलाक़ और शरियत मानने के लिए मजबूर कर दिया जाता है क्योंकि मौलवी लोग उन्हें इन्हीं सब चीजों में फंसाकर लूटते रहते हैं.

अब आप सोचिये, पांच जजों की बेंच में से तीन जजों ने तीन तलाक के खिलाफ फैसला किया जबकि दो जजों ने तीन तलाक के हक में फैसला किया, सबसे हैरानी वाली बात तो ये थी कि तीन तलाक के हक में प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर भी थे. हालाँकि तीन जजों का बहुमत होने के नाते तीन तलाक को ख़त्म कर दिया गया लेकिन आप सोचिये, कट्टरपंथी और मौलवी लोग अब क्या करेंगे.

हम बताते हैं ये लोग क्या करेंगे. वे कहेंगे कि तीन तलाक में कोई बुराई नहीं है क्योंकि सबसे पढ़े लिखे और सबसे ऊंचे पद पर बैठने वाले भारत के प्रधान न्यायाधीश भी तीन तलाक को सही मानते हैं. उन्होने तीन तलाक के हक में फैसला दिया था लेकिन तीन लोग इसके खिलाफ थे इसलिए बात नहीं बनी. वे कहेंगे कि यार जब प्रधान न्यायाधीश तीन तलाक को सही मान सकते हैं तो हम और आप क्या चीज हैं.

मतलब प्रधान न्यायाधीश ने मुस्लिमों के अन्दर फूट डालने का काम किया है, उन्हें भड़काने का काम किया है, उन्हें कहने का मौका दे दिया, उन्हें सही साबित कर दिया है. आपको बता दें कि पांच जजों की बेंच में भारत के प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर भी शामिल थे और उन्होने तीन तलाक और हलाला का समर्थन किया था. मतलब प्रधान न्यायाधीश साहब चाहते थे कि मुस्लिम धर्म में तीन तलाक ऐसे ही चलता रहे और मुस्लिम महिलाओं का हलाला होता रहे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पांच जजों की बेंच को प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर लीड कर रहे थे, अन्य जज थे - न्यायाधीश नरीमन, न्यायाधीश ललित, न्यायाधीश कुरियन, न्यायाधीश नजीर.

पहले तो प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर और जस्टिस नजीर ने तीन तलाक का समर्थन किया और इसे चलने देने का प्रस्ताव दिया लेकिन न्यायाधीश नरीमन, न्यायाधीश ललित, न्यायाधीश कुरियन ने प्रधान न्यायाधीश और नयायाधीश नजीर के प्रस्ताव का विरोध किया और तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए इसे गैर-इस्लामिक भी बताया.

प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने इसके बाद भी अपनी पॉवर का इस्तेमाल करते हुए कई दांव-पेंच लगा ही दिए और इस मामले को 6 महीनें के लिए लटका दिया. उन्होंने धारा 142 के तहत अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार से 6 महीनें के भीतर कानून बनाने के लिए कहा जिसकी कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि मुस्लिमों को मौजूदा कानून के अंतर्गत लाया जा सकता था लेकिन उन्हें तो दांव पेंच लगाना था. फैसला सुनाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि तलाक-ए-बिददत संविधान की धारा 14, 15, 21 और 25 का उल्लंघन नहीं है.

Aug 22, 2017

शर्मनाक, भारत के प्रधान न्यायाधीश ने भी किया 3 तलाक और हलाला का समर्थन, 4 दिन में होंगे रिटायर

शर्मनाक, भारत के प्रधान न्यायाधीश ने भी किया 3 तलाक और हलाला का समर्थन, 4 दिन में होंगे रिटायर

chief-justice-of-india-jagdish-singh-khehar-also-supported-3-talaq

आज भले ही सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को अमान्य कर दिया है लेकिन एक बहुत ही शर्मनाक और हैरान कर देने वाली खबर आयी है. पांच जजों की बेंच में से तीन जजों ने तीन तलाक और हलाला का विरोध किया था जबकि दो जजों ने तीन तलाक और हलाला का समर्थन किया था, पहले तो लोगों ने सोचा कि हो सकता है मुस्लिम जजों ने ही तील तलाक का समर्थन किया हो लेकिन ऐसा नहीं था. पांच जजों की बेंच में भारत के प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर भी शामिल थे और उन्होने तीन तलाक और हलाला का समर्थन किया था. मतलब प्रधान न्यायाधीश साहब चाहते थे कि मुस्लिम धर्म में तीन तलाक ऐसे ही चलता रहे और मुस्लिम महिलाओं का हलाला होता रहे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पांच जजों की बेंच को प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर लीड कर रहे थे, अन्य जज थे - न्यायाधीश नरीमन, न्यायाधीश ललित, न्यायाधीश कुरियन, न्यायाधीश नजीर.

पहले तो प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर और जस्टिस नजीर ने तीन तलाक का समर्थन किया और इसे चलने देने का प्रस्ताव दिया लेकिन न्यायाधीश नरीमन, न्यायाधीश ललित, न्यायाधीश कुरियन ने प्रधान न्यायाधीश और नयायाधीश नजीर के प्रस्ताव का विरोध किया और तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए इसे गैर-इस्लामिक भी बताया.

कहने का मतलब ये है कि प्रधान न्यायाधीश ने तीन तलाक को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी लेकिन उनकी पूरी कोशिश बेकार गयी क्योंकि उनके खिलाफ तीन जजों का बहुमत था. अंत में प्रधान न्यायाधीश को तीन तलाक को ख़त्म करने का आदेश देना ही पड़ा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर इसी महीनें 26 अगस्त 2017 को रिटायर होने वाले हैं, उनकी रिटायरमेंट में सिर्फ 4 दिन बचे थे लेकिन वे मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी को चौपट करके जाना चाहते थे लेकिन उनकी कोशिश बेकार गयी और मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी बर्बाद होने से बच गयी.

प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने इसके बाद भी अपनी पॉवर का इस्तेमाल करते हुए कई दांव-पेंच लगा ही दिए और इस मामले को 6 महीनें के लिए लटका दिया. उन्होंने धारा 142 के तहत अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार से 6 महीनें के भीतर कानून बनाने के लिए कहा जिसकी कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि मुस्लिमों को मौजूदा कानून के अंतर्गत लाया जा सकता था लेकिन उन्हें तो दांव पेंच लगाना था. फैसला सुनाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि तलाक-ए-बिददत संविधान की धारा 14, 15, 21 और 25 का उल्लंघन नहीं है.

Aug 14, 2017

कई वर्षों बाद किसी राष्ट्रपति ने ID के भाषण में कहा ‘वन्दे मातरम’ नहीं की कट्टरपंथियों की परवाह

कई वर्षों बाद किसी राष्ट्रपति ने ID के भाषण में कहा ‘वन्दे मातरम’ नहीं की कट्टरपंथियों की परवाह

ramnath-kovind-end-independence-day-speech-from-vande-mataram

भारतीय जनता पार्टी से राष्ट्रपति बनने का देश को यह फायदा मिला है कि अब राष्ट्रपति खुलेआम सीना ठोंककर वन्दे मातरम बोल सकते हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज ऐसे ही किया. उन्होंने कट्टरपंथियों की परवाह ना करते हुए आज स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिए गए भाषण को वन्दे मातरम बोलकर समाप्त किया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दर्जनों वर्षों बाद किसी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में वन्दे मातरम बोला है वरना कांग्रेस के चुने राष्ट्रपति तो कट्टरपंथियों से इतना डरते थे कि वोट कटने के डर से वन्दे मातरम बोलते ही नहीं थे. यही नहीं ये लोग भारत माता की जय भी नहीं बोलते थे, ये हमेशा इस बात का ध्यान रखते थे कि कहीं कट्टरपंथी उनसे या उनकी पार्टी से नाराज ना हो जाएं और वोट ना कट जाए.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कट्टरपंथियों से डरकर कांग्रेस का भी कोई नेता भारत माता की जय, या वन्दे मातरम नहीं बोलते, राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी तो कभी ये सब बोलते ही नहीं, कट्टरपंथी भी केवल जय हिन्द बोलते हैं और राहुल-सोनिया भी केवल जय हिन्द बोलकर काम चला लेते हैं. इनके चुने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुख़र्जी भी जय हिन्द से काम चला लेते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब रामनाथ कोविंद को कट्टरपंथियों की चिंता नहीं है इसलिए शान से वन्दे मातरम बोल सकते हैं और उन्होंने बोलकर दिखा भी दिया है.

वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, सभी केंद्रीय मंत्री, सभी पार्टियों के अध्यक्ष, देश के सभी नेता भारत माता की जय और वन्दे मातरम बोलें तो कट्टरपंथियों की भी शायद आँखें खुल जाँय लेकिन विपक्षी नेता कट्टरपंथियों के डर से वन्दे मातरम नहीं बोलते इसलिए यह नारा विवादित बनता जा रहा है और विपक्षी पार्टियों के नेता इस नारे से परहेज करते जा रहे हैं, सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के नेता वन्दे मातरम बोलते हैं. वन्दे मातरम हमारे देश का राष्ट्रीय गीत है इसके बावजूद भी कांग्रेस जैसी पार्टियाँ वन्दे मातरम् बोलने से डरती हैं वो भी इसलिए कि कहीं कट्टरपंथी इनसे नाराज ना हो जाँय और इनके वोट ना कट जाँय.
राहुल के जीजा ने कांग्रेस को मिट्टी में मिलाया, अब वाड्रा के जीजा कांग्रेस को करेंगे दफ़न: पढ़ें

राहुल के जीजा ने कांग्रेस को मिट्टी में मिलाया, अब वाड्रा के जीजा कांग्रेस को करेंगे दफ़न: पढ़ें

rahul-gandhi-robert-vadra-tahseen-poonawal-hero-congress-mukt-bharat

अगर भ्रष्टाचार और घोटालों से मोदी सरकार दूर रहेगी तो कांग्रेस को ख़त्म करने के लिए बीजेपी को कुछ नहीं करना पड़ेगा क्योंकि कांग्रेस को ख़त्म करने के लिए राहुल, उनके जीजा रॉबर्ट वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के जीजा तहसीन पूनावाला ही काफी हैं.

राहुल गाँधी पर सिर्फ नेशनल हेराल्ड घोटाले का आरोप है जिसमें उन्होने चालबाजी दिखाकर लगभग मुक्ति पा ली है क्योंकि हेराल्ड अखबार फिर से शुरू हो गया है. अब शायद राहुल गाँधी पर किसी भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है लेकिन इससे कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राहुल गाँधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा ने कांग्रेस को मिट्टी में मिलाया था क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उनके जमीन घोटाले का मुद्दा जोर शोर से उठाया था, मोदी ने भाषणों में भी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ जमकर भाषण दिया था जिसकी वजह से कांग्रेस को 2014 लोकसभा चुनाव में सिर्फ 44 सीटें मिली और एक तरह से कांग्रेस मिट्टी में मिल गयी.

कहने का मतलब ये है कि राहुल गाँधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा ने किसानों की जमीन छीनकर और उसे मंहगे दामों में बेचकर कांग्रेस को मिट्टी में मिला दिया लेकिन अब रॉबर्ट वाड्रा के जीजा तहसीन पूनावाला कांग्रेस को दफ़न करने के रास्ते पर चल पड़े हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तहसीन पूनावाला एक मुसलमान हैं लेकिन उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा की चचेरी बहन मोनिका वाड्रा के साथ शादी की है. तहसीन पूनावाला युवा कांग्रेस के नेता हैं और देश के आजादी गैंग का खुलकर समर्थन करते हैं. उन्होंने JNU मुद्दे पर भी आजादी गैंग का खुलकर समर्थन किया था और राहुल गाँधी उन्हीं के कहने पर JNU गए थे और कई राज्यों से कांग्रेस को मुक्त कर दिया था क्योंकि आजादी गैंग का साथ देते देखकर यूपी और उत्तराखंड के लोगों ने कांग्रेस को राज्य से साफ़ कर दिया.

तहसीन पूनावाला अभी भी टीवी डिबेट शो में खुलकर अलगाववादियों का समर्थन करते हैं, हमेशा राष्ट्रवादी लोगों के साथ बहस करते हैं और उन्हें गलत साबित करने की कोशिश करते हैं, कई बार तो वे बड़ी रैंक पर काम करने वाले पूर्व फौजी अफसरों से भी बहस करते हैं. तहसीन पूनावाला को शायद पता नहीं है कि उनकी ये हरकतें देश के लोग देख रहे होते हैं और उन्हें कांग्रेस से नफरत हो जाती है. कई बार तो तहसीन पूनावाला हिन्दू धर्म के खिलाफ भी जमकर बोलते हैं जिसकी वजह से इन्हें कांग्रेस का सबसे बड़ा हिन्दू विरोधी चेहरा समझा जाता है. इनकी बातें सुनकर देश के हिन्दुओं को कांग्रेस से नफरत हो जाती है और उनके पास सिर्फ एक रास्ता बचता है और वो है Vote for BJP.

ताजा जानकारी के मुताबिक आज तहसीन पूनावाला गोरखपुर मेडिकल कालेज में हादसे के शिकार बच्चों के लिए आजादी सत्याग्रह मार्च निकालने जा रहे हैं। सिर्फ गोरखपुर मामले पर  ही नहीं मोब लांचिंग मामले के लिए भी ये सत्याग्रह होगा। 

Aug 11, 2017

कामचोरी, मौजमस्ती करने वाले BJP सांसदों के लिए बुरी खबर, 2019 में मोदी नहीं देंगे टिकट: पढ़ें

कामचोरी, मौजमस्ती करने वाले BJP सांसदों के लिए बुरी खबर, 2019 में मोदी नहीं देंगे टिकट: पढ़ें

modi-will-not-give-ticket-to-kaamchor-bjp-sansad-in-2019-election

मोदी सरकार के कार्यकाल में अभी सिर्फ डेढ़ साल बचे हुए हैं.  उनके पास बहुत काम हैं, जनता के बीच जाने की जरूरत है, जनता को जागरूक करने और उन तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने की जरूरत है लेकिन उन्हें अपने ही सांसदों का सहयोग नहीं मिल रहा है. वे बार बार सांसदों को संसद आने का आदेश देते हैं लेकिन सैकड़ों सांसद उनकी बात मानते ही नहीं और अपनी मौजमस्ती में ब्यस्त रहते हैं. ये सांसद ना तो जनता के बीच जा रहे हैं और ना ही विकास का कोई काम कर रहे हैं.

आपको बता दें कि वर्तमान में कम से कम 200 बीजेपी सांसद ऐसे हैं जो सिर्फ मोदी के नाम पर चुनाव जीते हैं, इन सांसदों का कोई नाम भी नहीं जानता. मोदी ने सोचा था कि जब ये सांसद अच्छे काम करेंगे तो पब्लिक इन्हें खुद ही पहचान जाएगी और अगली बार उन्हें चुनाव जिताने में मेहनत नहीं करनी पड़ेगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है. सांसद अपनी ही मौज मस्ती में ब्यस्त हैं, ये लोग सोच रहे हैं कि मोदी के नाम से फिर से चुनाव जीत जाएंगे.

ऐसे कामचोर बीजेपी सांसदों के लिए बुरी खबर है क्योंकि बीजेपी सभी सांसदों की रिपोर्ट तैयार कर रही है. मोदी ने ऐलान कर दिया है कि अगर उनकी बात नहीं मांगेंगे तो 2019 में ऐसे लोगों को देख लिया जाएगा, मतलब टिकट काट दिया जाएगा. मोदी ने यह भी कहा कि अब संसद में अमित शाह भी आ गए हैं इसलिए बीजेपी सांसदों की मौज मस्ती बंद हो जाएगी क्योंकि अमित शाह जो काम करते हैं दिल से करते हैं.
अगर यह विधायक BJP के बजाय कांग्रेस या अन्य पार्टी में होता तो बर्खास्त कर दिया जाता: पढ़ें क्यों

अगर यह विधायक BJP के बजाय कांग्रेस या अन्य पार्टी में होता तो बर्खास्त कर दिया जाता: पढ़ें क्यों

why-bjp-mla-nalin-kotadia-not-being-sacked-he-vote-for-congress

आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं बीजेपी विधायक नलिन कोटाडिया से. नलिन कोटाडिया गुजरात के धारी से बीजेपी विधायक हैं लेकिन पिछले दो वर्षों से ये बीजेपी ने नाराज हैं. मतलब बीजेपी में रहकर ही बीजेपी से दुश्मनी ले रहे हैं. इन्होने पटेल आन्दोलन का भरपूर समर्थन किया और पार्टी के खिलाफ गए उसके बाद भी इनपर कोई एक्शन नहीं लिया गया. ये हमेशा पटेल आन्दोलन के खिलाफ सरकार की कार्यवाही की निंदा करते रहे, उसके बाद भी पार्टी ने इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं किया.

हाल ही में जब राष्ट्रपति चुनाव हुए तो इन्होने कांग्रेस उम्मीदवार मीरा कुमार को वोट किया और उससे पहले प्रेस को बता दिया कि मैं रामनाथ कोविंद को वोट नहीं दूंगा क्योंकि बीजेपी सरकार ने 14 पाटीदारों की हत्या की है और मैं इससे नाराज हूँ. इन्होने मीरा कुमार को वोट दिया लेकिन पार्टी ने इनपर कोई एक्शन नहीं लिया.

जब हाल ही में गुजरात में राज्य सभा चुनाव हुए तो इन्होने पार्टी लाइन से हटकर कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल को वोट दे दिया और वोट देने के बाद फेसबुक पर पोस्ट लिखकर बता भी दिया कि उन्होंने बीजेपी को वोट क्यों नहीं दिया. उन्होने कहा कि मेरी अंतरात्मा की आवाज सुनकर मैंने बीजेपी को इसलिए वोट नहीं दिया क्योंकि बीजेपी सरकार ने पटेल आन्दोलन को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की और 14 लोगों की हत्या की.

आपको बता दें कि अहमद पटेल मात्र आधे वोटों के अंतर से चुनाव जीते हैं, अगर नलिन कोटाडिया उन्हें वोट नहीं देते तो अहमद पटेल चुनाव ना जीतते लेकिन नलिन कोटडिया ने अपनी ही पार्टी को हराकर कांग्रेस के मनोबल को बढाने का काम किया उसके बाद भी इनपर कोई एक्शन नहीं लिया गया और ना ही किसी बीजेपी नेता ने इनके खिलाफ कोई बयान दिया.

कहने का मतलब ये है कि लगातार बीजेपी के खिलाफ जा रहे हैं, लगातार बीजेपी के खिलाफ मतदान कर रहे हैं उसके बावजूद भी इन्हें पार्टी से नहीं निकाला गया. अगर ये कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी में होते तो अब तक इन्हें कबका निकाल दिया गया होता. हाल ही में जिन कांग्रेसियों ने बीजेपी को वोट दिया है उन्हें निकालने की कोशिश चल रही है, हाल ही में त्रिपुरा के 6 TMC विधायकों ने रामनाथ कोविंद को वोट दिया था तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया लेकिन बीजेपी में ऐसा कुछ नहीं होता. ऐसा लगता है कि सबसे मजबूत लोकतंत्र बीजेपी में ही है.