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Saturday, November 19, 2016

असम में उग्रवादी हमला, 3 जवान शहीद, मुठभेड़ जारी

असम में उग्रवादी हमला, 3 जवान शहीद, मुठभेड़ जारी

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गुवाहाटी, 19 नवंबर: असम के तिनसुकिया जिले में शनिवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने सेना के काफिले पर हमला किया, जिसमें 3 जवान शहीद हो गए और 4 अन्य घायल हो गए। रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सुनीत न्यूटन ने कहा कि घटना सुबह करीब 5.30 बजे पेनगेरी इलाके की है।

न्यूटन ने कहा, "उग्रवादियों ने सड़क पर एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) रखा था। आईईडी विस्फोट के बाद काफिला रुक गया। उसके बाद आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।"

अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने हालांकि जवाबी कार्रवाई की, लेकिन हमले में 7 जवान घायल हो गए, जिनमें से 3 ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि आतंकवादियों ने सड़क के दोनों ओर से सैन्य वाहन पर गोलीबारी की। सड़क के दोनों और वन क्षेत्र है।

Wednesday, October 19, 2016

बोडोलैंड के लिए फिर से आंदोलन, भाजपा पर धोखा देने का आरोप

बोडोलैंड के लिए फिर से आंदोलन, भाजपा पर धोखा देने का आरोप

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नई दिल्ली/गुवाहाटी, 19 अक्टूबर: असम में बोडो संगठनों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए पृथक बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग के लिए फिर से आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। इन संगठनों ने कहा है कि वे राज्य तथा केंद्र में राज करने वाली भाजपा को बेनकाब करने और अलग बोडोलैंड राज्य की मांग के समर्थन में 24 अक्टूबर को 12 घंटे का रेल रोको आंदोलन करेंगे। 

ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) और पीपुल्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी फार बोडोलैंड के साथ मिलकर बोडो नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट (प्रोग्रसिव) हड़ताल की अगुवाई करेगा।

बोडो संगठनों का कहना है कि बोडोलैंड मुद्दे के हल के लिए भाजपा पर उनका विश्वास करना गलत था। साल 2014 के लोकसभा चुनावों तथा 2016 के विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी से उन्हें केवल झूठा आश्वासन मिला।

असम के सबसे बड़े जनजातीय समुदाय बोडो का कहना है कि भाजपा बोडोलैंड के मुद्दे पर कोई चर्चा करने को भी तैयार नहीं है। बोडो नेताओं का दावा है कि गत एक साल में उन्होंने जब कभी उनसे (भाजपा नेतृत्व) मिलने की कोशिश की तो भाजपा के नेताओं से उन्हें उपेक्षा मिली।

एबीएसयू के अध्यक्ष प्रमोद बोडो ने आईएएनएस से कहा, "साल 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने हम लोगों को आश्वासन दिया था कि भाजपा का समर्थन करने पर बोडो मुद्दा हल होगा। पार्टी ने हमलोगों से झूठा वादा किया था। हथियार छोड़ने वाले बाडो उग्रवादी संगठनों के हजारों सदस्य सोच रहे थे कि बोडोलैंड का उनका सपना भाजपा के शासन में साकार होगा। अब वे तेजी से निराश हो रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि असम की सत्ता में हमारी पार्टी भाजपा की साझीदार है, इसके बावजूद हमें प्रताड़ित किया जा रहा है। भाजपा राज्य में राजनीतिक वर्चस्व का गेम खेल रही है, लेकिन हम बोडोलैंड पाने के लिए सब कुछ करेंगे।

बोडो नेता ने कहा कि उनका समुदाय अपनी संकृति और पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है।

बोडोलैंड की मांग साल 1967 में शुरू हुई। बोडो सुरक्षा बल के गठन के बाद आंदोलन संघर्ष सशस्त्र संघर्ष में तब्दील हो गया। एक उग्रवादी संगठन ने बाद में अपना नया नाम एनडीएफबी रखा। वर्तमान में एनडीएफबी के दो गुट, गोविंद बसुमतारी के नेतृत्व में एनडीएफबी (पी) और रंजन डेमारी के नेतृत्व में एनडीएफबी हैं जो केंद्र के साथ शांति वार्ता में शामिल हैं। जबकि, सोंगिबजीत आई.के. के नेतृत्व वाला एनडीएफबी (एस) संविधान के दायरे में भारत सरकार के साथ बात करने के खिलाफ है। 

हाल में असम के कोकराझार में 14 नागरिकों की हत्या में सोंगिबिजीत गुट शामिल था।

बोडो संगठन विगत दो वर्षो तक यह सोच कर चुप रहे कि भाजपा अपने वादे के अनुरूप काम करेगी। ये संगठन 24 अक्टूबर को रेल का चक्का जाम करने पर उतारू हैं और अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो और कड़े कदम उठाने की बात कर रहे हैं।

जब पूछा गया कि बोडोलैंड के मुद्दे पर उनका समुदाय विभाजित है, तो प्रमोद बोडो ने कोई मतभेद होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास बोडोलैंड के मुद्दे के हल के लिए समुचित नीति है तो एनडीएफबी (एस) भी वार्ता में शामिल होने को तैयार है।

एनडीएफबी (पी) के महासचिव गोविंद बसुमतारी ने आईएएनएस से कहा कि विगत दो वर्षो में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ तीन बार और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के साथ उनकी सात से अधिक मुलाकातों के दौरान पृथक राज्य की उनकी मांग पर कोई जवाब नहीं मिला।

शांति वार्ता में शामिल एनडीएफबी के एक अन्य प्रमुख नेता रंजन डेमारी ने पृथक राज्य की मांग को पुनर्जीवित करने के अभियान में शामिल होने से इनकार किया है। उनका मानना है कि ऐसा करने से शांति प्रक्रिया बाधित होगी।

Monday, September 26, 2016

कलकत्ता में जमात के 6 आतंकवादी गिरफ्तार

कलकत्ता में जमात के 6 आतंकवादी गिरफ्तार

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कोलकाता, 26 सितम्बर: असम और पश्चिम बंगाल से जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के छह आतंकवादी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें से तीन बांग्लादेशी मूल के हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) विशाल गर्ग ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, "कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के छह आतंकवादियों को गिरफ्तार किया।"

पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये सभी सक्रिय रूप से जेएमबी के साथ जुड़े रहे हैं।

गर्ग ने कहा कि इनमें से चार आतंकवादी 2014 में बर्दवान जिले में हुए खागरागर विस्फोट मामले में वांछित हैं।

पुलिस ने इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, तार, डेटोनेटर, पाउडर की तरह के कुछ पदार्थ और नकली पहचान-पत्र जब्त किए हैं।

गर्ग ने कहा, "हमें जानकारी मिली है कि ये लोग पूर्वोत्तर राज्यों में और दक्षिण भारत के कुछ भागों में छिपे हैं। इन पर एसटीएफ ने निगरानी बना रखी थी। हम उनकी कूट संचार प्रणाली को तोड़ने में सक्षम रहे।"

बर्दवान विस्फोट में दो संदिग्ध आतंकवादी मारे गए थे, जबकि तीसरा घायल हो गया था।

Monday, September 19, 2016

काजीरंगा में लोगों को हटाने गई पुलिस से झड़प में 2 मरे

काजीरंगा में लोगों को हटाने गई पुलिस से झड़प में 2 मरे

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गुवाहाटी, 19 सितम्बर: असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के निकट नगांव जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे बेदखली अभियान के दौरान सोमवार को सुरक्षा बलों और आम लोगों के बीच झड़प में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। कलियाबोर अनुमंडल के बंदरडूबी गांव में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने बेदखली अभियान को रोकने का प्रयास किया।

जिला प्रशासन के बेदखली दल को रोकने के लिए स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों ने अवरोध खड़े कर दिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले सुरक्षा बल को अश्रु गैस के गोले छोड़ने पड़े और बाद में गोलियां चलानी पड़ीं।

स्थानीय लोगों ने दावा किया कि एक युवक और एक महिला की मौत पुलिस की गोली से हुई है, लेकिन पुलिस ने इससे इनकार किया है।

असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सहाय ने कहा, "अदालत के आदेश के अनुरूप काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में जिला प्रशासन द्वारा बेदखली अभियान चलाया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि पहले भी बिना बल प्रयोग किए इस इलाके से लोगों को हटाने का प्रयास किया गया था। नए आदेश के बाद अधिकांश लोगों ने पहले ही अपना घर खाली कर दिया था।

सहाय ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के उकसावे पर कुछ स्थानीय निवासियों ने अभियान का विरोध किया जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।

गुवाहाटी उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश के बाद लोगों को हटाने का अभियान शुरू किया गया है।

उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय उद्यान के दूसरे, तीसरे, पाचवें और छठे परिवर्धन में निवासियों को हटाने के लिए गोपालघाट, सोनितपुर और नगांव के उपायुक्तों को शीघ्र कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

Thursday, September 15, 2016

अब मै दावे के साथ कहता हूँ, मणिपुर में बीजेपी की सरकार बननी तय: अमित शाह

अब मै दावे के साथ कहता हूँ, मणिपुर में बीजेपी की सरकार बननी तय: अमित शाह

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इंफाल, 14 सितम्बर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस हर हाल में मणिपुर विधानसभा चुनाव हारेगी और भाजपा का सत्ता में आना निश्चित है। हफ्ता कंगजेइबंग में एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, "अकर्मण्य और भ्रष्ट कांग्रेस सरकार को जाना है। लोगों की यहां भारी भीड़ देख मैं आश्वस्त हूं कि राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।"

उन्होंने कहा कि सुबह दिल्ली में मुझसे कुछ पत्रकारों ने पूछा कि मणिपुर में क्या होने वाला है, उस समय मै कुछ दुविधा और असमंजस में था लेकिन यहाँ आने के बाद रैली में भारी भीड़ देखकर मेरी दुविधा दूर हो गयी है, अब मै दावे के साथ कह सकता हूँ कि मणिपुर बीजेपी जी जीत तय है, यहाँ दो दिहाई बहुमत से हमारी सरकार बनेगी और लोग कांग्रेस को उखाड़ फेंकेंगे।

शाह के साथ केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और असम के वित्तमंत्री हिमांता विश्व सर्मा भी हैं। अगले साल के शुरुआत में मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि मणिपुर में विकास के कोई चिन्ह नहीं मिलते हैं, जबकि धन की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने कहा, "सीएजी ने सिद्ध किया है कि मणिपुर सरकार 5000 करोड़ रुपये के उपयोग के प्रमाण पत्र पेश नहीं कर सकती है।"

शाह ने कहा, "जब लोग इस लूट की राशि के बारे में पूछेंगे तो कांग्रेस चुनाव लड़ने लायक नहीं रह जाएगी।"

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार संभालने से पहले ही पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी।

उन्होंने कहा, "मोदी का निर्देश है कि केंद्रीय मंत्री को हर पंद्रह दिनों पर पूर्वोत्तर का दौरा करना चाहिए। यह इस पिछड़े इलाके का विकास सुनिश्चित करने के लिए है।"

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पूरे पूर्वोत्तर इलाके को रेलवे के मानचित्र पर लाना है। उन्होंने आगे कहा, "सड़क संपर्क का विस्तार म्यांमार और अन्य दक्षिण एशियाई देशों तक किया जा रहा है।"

सर्मा ने मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह की तुलना असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगई से की।

जावड़ेकर ने कहा, "विकास की राशि निजी जेबों में चली गई है।"

संभावना है कि राज्य में दो दिवसीय प्रवास के दौरान शाह और उनकी टीम साल 2017 में सत्ता छीनने की रणनीति तैयार करेंगे।