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Aug 17, 2017

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने राहुल को हिंदी भाषा बोलने से मना कर दिया, लोग कांग्रेस से नाराज

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने राहुल को हिंदी भाषा बोलने से मना कर दिया, लोग कांग्रेस से नाराज

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राहुल गाँधी पहले अंग्रेजी में ही बोलते थे लेकिन जब कांग्रेस की मिट्टी पलीद होने लगी और हर जगह से कांग्रेस साफ़ होने लगी तो राहुल गाँधी को भी मजबूर होकर हिंदी सीखना पड़ा, ऐसा इसलिए भी क्योंकि मोदी और बीजेपी नेता हमेशा हिंदी भाषा में भाषण देते हैं और उनकी बात भी देशवासी अच्छी तरह से समझते हैं क्योंकि हिंदी हमारे देश के सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है. जब राहुल गाँधी ने देखा कि अब अंग्रेजी बोलने से काम नहीं चलेगा तो उन्होंने हिंदी भाषा सीखनी शुरू कर दी.

अब राहुल गाँधी अधिकतर हिंदी में ही भाषण देते हैं क्योंकि इससे उनकी बात पूरे देश में पहुँच जाती है लेकिन कल जब राहुल गाँधी कर्नाटक के बेंगलुरु शहर में हिंदी में भाषण दे रहे थे तो वहां की कांग्रेस सरकार ने उन्हें हिंदी बोलने से रोक दिया। एक कांग्रेसी नेता जो मंच के पास ही खड़ा था उसनें कहा कि सर यहाँ पर तो हम हिंदी भाषा को बैन कर रहे हैं, आप यहाँ पर हिंदी मत बोलिए वरना लोग हमें क्या कहेंगे. लोग हमें कहेंगे कि हमारे सबसे बड़े नेता ही हिंदी बोल रहे हैं और हम राज्य के लोगों को हिंदी बोलने से बैन कर रहे हैं. हमारे बारे में गलत सन्देश जाएगा। इसके बाद राहुल गाँधी भी कांग्रेसी नेता की बात मान गए और अंग्रेजी में भाषण शुरू कर दिया।

आपको बता दें कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार कर्नाटक में हिंदी भाषा को बैन कर रही है. हिंदी भाषी लोगों को भगाने की तैयारी चल रही है और उन्हें कन्नड़ भाषा सीखने का फरमान सुना दिया है. सभी बैंकों के भी कर्मचारियों को भी फरमान सुना दिया गया है कि या तो कन्नड़ सीखो या तो जाओ. हाल ही में सभी मेट्रो स्टेशनों से हिंदी नामों को मिटा दिया गया.



कांग्रेस की इस हरकत से सोशल मीडिया पर लोग खासे नाराज हैं क्योंकि कांग्रेस पार्टी भाषा के नाम पर लोगों को बांटने का काम कर रही है. कल को अगर यूपी का कोई व्यक्ति कर्नाटक में जाकर हिंदी बोलेगा तो उसे मारा पीटा जाएगा क्योंकि कांग्रेस पार्टी वहां के लोगों के दिनों में हिंदी भाषी लोगों के प्रति नफरत भर रही है.

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों ने कहा कि यही हरकत राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में की थी, उसका परिणाम देख लो. भाषा के नाम पर जिसनें भी हिन्दुस्तानियों को बांटने का काम किया उसका बुरा हाल हुआ है. देखिये क्या कह रहे हैं लोग - 

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हिंदी में भाषण दे रहे थे राहुल गाँधी, अचानक हुआ कुछ ऐसा कि पढ़कर उबल जाएगा आपका खून: पढ़ें

हिंदी में भाषण दे रहे थे राहुल गाँधी, अचानक हुआ कुछ ऐसा कि पढ़कर उबल जाएगा आपका खून: पढ़ें

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कांग्रेस पार्टी इस वक्त देश में नफरत बोले का काम कर रही है, कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी भाषा के नाम पर एक दूसरे को लड़ाने का काम कर रही है इसलिए हिंदी भाषा को वहां पर बैन किया जा रहा है, सभी सरकारी कार्यालयों और बैंकों में भी सभी कर्मचारियों से कह दिया है कि या तो यहाँ की भाषण कन्नड़ सीखो वरना यहाँ से जाओ, यहाँ पर हिंदी नहीं चलेगी.

आज कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी कर्नाटक में हिंदी भाषा में ही अपने भाषण की शुरुआत की थी, उन्होंने हिंदी भाषा में ही मंच पर बैठे सभी लोगों का अभिवादन किया और हिंदी में आगे का भाषण बोलन शुरू कर दिया लेकिन इसके बाद वहां खड़े राज्य के कांग्रेसी नेता ने उन्हें हिंदी बोलने से रोक दिया. उन्होने कहा कि सर हम यहाँ पर हिंदी भाषा को बैन कर रहे हैं और आप भी हिंदी में ही बोल रहे हैं. इसके बाद राहुल गाँधी ने उनकी बात मानकर अंग्रेजी में भाषण शुरू कर दिया.

आपको जानकर हैरानी होगी कि राहुल की हिंदी भाषा का जो अनुवाद कर रहे थे उन्हें भी हिंदी समझ में आ रही थी, उन्होंने राहुल गाँधी के शुरुआती भाषण का कन्नड़ में अनुवाद भी किया लेकिन उसके बाद उन्होने राहुल गाँधी को हिंदी बोलने से रोक दिया. राहुल ने भी सर हिलाकर कहा कि कोई बात नहीं, मैं हिंदी नहीं बोलूँगा. आप VIDEO में खुद देख सकते हैं.

Aug 16, 2017

कर्नाटक में भी कांग्रेस का बंटाधार करने पहुँच गए राहुल गाँधी, कर डाली 2 मिस्टेक: पढ़ें

कर्नाटक में भी कांग्रेस का बंटाधार करने पहुँच गए राहुल गाँधी, कर डाली 2 मिस्टेक: पढ़ें

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बेंगलुरु:  कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी भारतीय जनता पार्टी के लिए शुभ हैं क्योंकि वे जिन राज्यों में चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हैं वहीं पर कांग्रेस का बंटाधार हो जाता है. अब राहुल गाँधी कर्नाटक में भी कांग्रेस का बंटाधार करने पहुँच गए हैं और आज पहले ही दिन उन्होंने दो बड़ी मिस्टेक कर डाली हैं जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर उनकी बहुत फजीहत हो रही है. राहुल गाँधी की ही कांग्रेस पार्टी की भी बहुत फजीहत हो रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कर्नाटक में चुनावों को देखते हुए वहां की जनता को लुभाने के लिए कांग्रेस सरकार ने इंदिरा कैंटीन की शुरुआत की है जहाँ पर सिर्फ 5 रुपये में नाश्ता और 10 रुपये में भरपेट भोजन मिलेगा. आज राहुल गाँधी ने अपने हाथों से इस कैंटीन की शुरुआत की लेकिन भाषण देते वक्त उनसे दो गलतियाँ हो गयीं.

इंदिरा कैंटीन को बता दिया अम्मा कैंटीन

राहुल गाँधी भले ही इंदिरा कैंटीन की शुरुआत करने गए थे लेकिन उनके दिमाग में तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन थी इसलिए उन्होने अपने भाषण में इंदिरा कैंटीन को अम्मा कैंटीन बता दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैय्या की सरकार में कर्नाटक में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा यही अम्मा कैंटीन का विजन है. राहुल गाँधी को जल्द ही अपनी भूल का अहसास हो गया और उन्होने सुधार कर लिया.

बेंगलुरु के अन्य शहरों में भी खुलेंगी ऐसी कैंटीन

राहुल गाँधी भले ही कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष हैं लेकिन शायद उन्हें पता नहीं है कि बेंगलुरु कर्नाटक का शहर है और राजधानी भी है. उन्होंने कहा कि  बेंगलुरु के अन्य शहरों में भी हम ऐसी ही कैंटीन खोलेंगें. राहुल गाँधी को शायद पता नहीं है कि शहर के अन्दर शहर नहीं होते.

Aug 13, 2017

अमित शाह ने पूछे दो सवाल, एक का जवाब हर कोई दे सकता है, दूसरे का कोई नहीं दे सकता: पढ़ें

अमित शाह ने पूछे दो सवाल, एक का जवाब हर कोई दे सकता है, दूसरे का कोई नहीं दे सकता: पढ़ें

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बैंगलोर: आज अमित शाह ने कांग्रेस की पोल खोलकर रख दी. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी अन्य पार्टियों से अलग है, हमारे यहाँ आतंरिक लोकतंत्र मजबूत है, हमारे यहाँ परिवारवाद नहीं चलता. चुनाव आयोग में सभी पार्टियों की ऑडिटिंग चलती है और 50 पार्टियों के जमघट के अन्दर मैं बड़े गर्व के साथ बताना चाहता हूँ कि गिनी चुनी पार्टियाँ ही ऐसी हैं जिनके अन्दर आतंरिक लोकतंत्र है. बाकी पार्टियों के अन्दर आंतरिक लोकतंत्र ध्वस्त हो गया है.

अमित शाह ने कहा कि हमारी पार्टी ने ही आन्तरिक लोकतंत्र को संभाल कर रखा है. उन्होने कहा कि देश में दो प्रमुख दल हैं कांग्रेस और बीजेपी. आप सभी सभागार में बैठे लोगों से मैं पूछता हूँ. मुझे आप लोग एक बात बताइये, सोनिया जी के बाद कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष कौन बनेगा. किसी के मन कोई कोई कंफ्यूजन है. जरा भी नहीं है ना. यह तय है कि जब सोनिया गाँधी कांग्रेस की अध्यक्ष नहीं रहना चाहेगी या नहीं रहेगी तब कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल बनेंगे.

अमित शाह ने पूछा कि अब आप बताइये मेरे बाद बीजेपी का अध्यक्ष कौन बनेगा. आप नहीं बता सकते क्योंकि हमारे यहाँ किसी घर में जन्म लेने से अध्यक्ष नहीं बनता बल्कि अपने कर्तृत्व के आधार पर बनता है. जब कर्तृत्व के आधार पर अध्यक्ष बनता है, जब कर्तृत्व के आधार पर नेता बनता है तो उसके अन्दर के गुणों को देखकर उसे अध्यक्ष बनाया जाता है, किसी घर में जन्म लेने से हमारे यहाँ अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता.

अमित शाह ने कहा कि देवगौड़ा के बाद उनकी पार्टी का अध्यक्ष कौन बनेगा. उनका बेटा बनेगा ये तय है. सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में ऐसा होता है कि एक छोटे से कार्यकर्ता को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया जाता है. जब हमारी पार्टी में मौका आया कि देश का प्रधानमंत्री कौन बनेगा तो हम लोगों को किसी घराने का ख्याल नहीं आया, एक गरीब से गरीब घराने में जन्म लेने वाले व्यक्ति को हमारे यहाँ प्रधानमंत्री बनाया गया. यह व्यवस्था भारतीय जनता पार्टी के अलावा कहीं और नहीं है. भारतीय जनता पार्टी में आप कार्यकर्ता बनकर ऊंचे से ऊंचे पदों पर पहुँच सकते हो क्योंकि हमारे यहाँ पर आंतरिक लोकतंत्र है.

अमित शाह ने कहा कि अगर हमारे यहाँ पर आंतरिक लोकतंत्र ना होता तो यहाँ भी पिता के बाद बीटा, बेटे के बाद पोता, पोते के बाद उसका बेटा, ऐसे ही चलता रहता और इमानदार कार्यकर्त्ता ऊंचे पदों पर ना पहुँच पाता.
अमित शाह बोले, BJP के सभी कार्यक्रम देश के लिए होते हैं लेकिन कांग्रेस के सभी कर्यक्रम सिर्फ..

अमित शाह बोले, BJP के सभी कार्यक्रम देश के लिए होते हैं लेकिन कांग्रेस के सभी कर्यक्रम सिर्फ..

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बैंगलोर: आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बैंगलोर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के सारे कार्यक्रम किसी नेता के महिमामंडन के लिए नहीं बल्कि देश की समस्याओं के समाधान के लिए रहे हैं, जबकि कांग्रेस के सभी कार्यक्रम सिर्फ उनके नेताओं के महिमामंडन के लिये होते हैं.

अमित शाह ने कहा कि आप हमारी पार्टी के कार्यक्रम देख लीजिये और दोनों पार्टियों के कार्यक्रमों की तुलना कर लीजिये. हमारे कार्यक्रम ये हैं - हैदराबाद को स्वतंत्र करवाना, कच्छ सत्याग्रह, गोवा सत्याग्रह, गौहत्या पर प्रतिबन्ध, कश्मीर से कन्याकुमारी की यात्रा, कश्मीर बचाने के लिए श्यामा प्रसाद मुख़र्जी का वलिदान, राम जन्मभूमि का आन्दोलन, भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन, चेतना यात्रा. उन्होंने कहा कि हमारे सारे के सारे प्रोग्राम किसी नेता के महिमामंडन के लिए नहीं हैं, किसी नेता को बनाने के लिए नहीं बने हैं, हमारे सभी कार्यक्रम देश की समस्याओं के समाधान के लिए, देश की समस्याओं के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हैं.

अमित शाह ने कहा कि अब आप कांग्रेस के कार्यक्रमों को देख लीजिये, आप इंदिरा जी को याद कीजिये - अर्थी यात्रा, राजीव जी की अर्थी यात्रा. इनके पार्टी के कार्यक्रम भी पार्टी का चरित्र दिखाते हैं.

अमित शाह ने कहा - हमारे यहाँ पार्टी के नेताओं को देख लीजिये, श्यामा प्रसाद मुख़र्जी जो कश्मीर के लिए शहीद हुए, दीन दयाल उपाध्याय जी, अटल जी, आडवानी जी, मुरली मनोहर जोशी, राजमाता सिंधिया जी, कैलाश पति मिश्र, भाई महावीर त्यागी, हमारे यहाँ से इस प्रकार के लोग निकने जिन्होंने अपने जीवन का क्षण क्षण और शरीर का कण कण भारत माता की सेवा के लिए कुर्बान कर दिया.

Aug 3, 2017

IT ने पकडे 11.63 करोड़ तो लोग बोले ‘ये तो कांग्रेसियों के लिए धनिया-मिर्ची और आलू के बराबर है'

IT ने पकडे 11.63 करोड़ तो लोग बोले ‘ये तो कांग्रेसियों के लिए धनिया-मिर्ची और आलू के बराबर है'

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आज ट्विटर पर कांग्रेस पार्टी की जमकर खिंचाई हो रही है, कल खबर आयी थी कि कांग्रेसी नेता डीके शिवकुमार के घर से 10 करोड़ रुपये पकडे गए हैं लेकिन आज उसमें 1.63 करोड़ रुपये और जुड़ गए और कुल जब्त की गयी रकम बढ़कर 11.63 करोड़ रुपये हो गयी. 

रिपोर्ट के अनुसार अब तक उनके दिल्ली आवास से 8.33 करोड़ रुपये, बैंगलोर से 2.5 करोड़ रुपये और मैसूर से 60 लाख रुपये जब्त किये गए हैं. नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक है. अभी भी छापेमारी जारी है और हो सकता है कि कुछ और माल जब्त किया जाय.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में से एक हैं, उनके पास करीब 500 करोड़ की संपत्ति है, उन्हीं के रिजोर्ट में गुजरात के 44 कांग्रेसी विधायक नजरबन्द हैं. डीके शिवकुमार ही उनका बंदोबस्त कर रहे हैं, उनका खर्च उठा रहे हैं, जिस प्रकार से उनके घर पर ठूंस ठूंस कर रुपये मिल रहे हैं उससे लोग ट्विटर पर कांग्रेस का बहुत मजाक उठा रहे हैं.

कई लोग कह रहे हैं कि 11 करोड़ रुपये तो कांग्रेस के लिए कुछ भी नहीं हैं, ये तो सिर्फ धनिया, मिर्चा, नूडल, आलू के बराबर हैं, जब तक कांग्रेसियों के यहाँ से 100 करोड़ रुपये ना मिलें तक तक वे नहीं मानेंगे कि उनके यहाँ रेड में इतना माल जब्त किया गया है. कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि 11 करोड़ रुपये तो कांग्रेस के लिए मूंगफली के बराबर हैं.

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10 करोड़ नहीं कांग्रेसी नेता के यहाँ पकडे गए 11.43 करोड़, ठूंस ठूंस कर भर रखे हैं रुपये

10 करोड़ नहीं कांग्रेसी नेता के यहाँ पकडे गए 11.43 करोड़, ठूंस ठूंस कर भर रखे हैं रुपये

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कल भारत के लोग यह खबर सुनकर हैरान हो गए थे कि कांग्रेस के एक नेता और कर्नाटक सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार के ठिकानों से 10 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे, आज यह आंकड़ा 11.63 करोड़ तक पहुँच गया, मतलब आज उनके ठिकानों से 1.63 करोड़ रुपये और जब्त कर लिए गए.

रिपोर्ट के अनुसार अब तक उनके दिल्ली आवास से 8.33 करोड़ रुपये, बैंगलोर से 2.5 करोड़ रुपये और मैसूर से 60 लाख रुपये जब्त किये गए हैं. नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक है. अभी भी छापेमारी जारी है और हो सकता है कि कुछ और माल जब्त किया जाय.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में से एक हैं, उनके पास करीब 500 करोड़ की संपत्ति है, उन्हीं के रिजोर्ट में गुजरात के 44 कांग्रेसी विधायक नजरबन्द हैं. डीके शिवकुमार ही उनका बंदोबस्त कर रहे हैं, उनका खर्च उठा रहे हैं, जिस प्रकार से उनके घर पर ठूंस ठूंस कर रुपये मिल रहे हैं उससे लोग ट्विटर पर कांग्रेस का बहुत मजाक उठा रहे हैं.

कई लोग कह रहे हैं कि 11 करोड़ रुपये तो कांग्रेस के लिए कुछ भी नहीं हैं, ये तो सिर्फ धनिया, मिर्चा, नूडल, आलू के बराबर हैं, जब तक कांग्रेसियों के यहाँ से 100 करोड़ रुपये ना मिलें तक तक वे नहीं मानेंगे कि उनके यहाँ रेड में इतना माल जब्त किया गया है. कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि 11 करोड़ रुपये तो कांग्रेस के लिए मूंगफली के बराबर हैं.
कांग्रेसी नेता के घर से 10 करोड़ रूपये जब्त, शर्म आने के बजाय राहुल बोले 'हम इसके खिलाफ लड़ेंगे'

कांग्रेसी नेता के घर से 10 करोड़ रूपये जब्त, शर्म आने के बजाय राहुल बोले 'हम इसके खिलाफ लड़ेंगे'

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कल इनकम टैक्स विभाग ने कांग्रेसी नेता और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के 40 ठिकानों पर छापा मारकर करीब 10 करोड़ रुपये जब्त कर लिए, 7.5 करोड़ रुपये उनके दिल्ली आवास से मिले जबकि 2.5 करोड़ रुपये बैंगलोर आवास से मिले. घर में इतना रूपया रखना कानून जुर्म है और एक तरह से काला धन है.

कांग्रेस को इस छापे के बाद शर्म आनी चाहिए थी क्योंकि छापे में 10 करोड़ रूपये जब्त किये गए लेकिन कांग्रेस को रत्ती भी शर्म नहीं आयी उल्टा उन्होंने संसद में हंगामा करके एक दिन का काम ही बंद करवा दिया, उनके हंगामे की वजह से संसद का कोई काम नहीं हो पाया.

सबसे शर्मनाक बयान राहुल गाँधी ने दिया, उन्हें तो तुरंत ही अपने नेता को पार्टी से निकाल देना चाहिए था और शर्म से सर पकड़ लेना चाहिए था क्योंकि नोटबंदी के बाद भी उनके नेता के घर से 10 करोड़ रुपये मिले, राहुल गाँधी को तनिक भी शर्म नहीं आयी, उन्होंने तो इस कार्यवाही का विरोध करते हुए कहा कि हमारी पार्टी के नेताओं को परेशान किया जा रहा है, IT का इस्तेमाल करके हमारे नेताओं को धमकाया जा रहा है, हम इसके खिलाफ लड़ेंगे.
IT रेड पर सवाल खड़ा करके कांग्रेस अपने ही मुंह पर कालिख पोत रही है: नरसिंहाराव

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कल इनकम टैक्स ने कर्नाटक के कांग्रेसी नेता और कांग्रेस सरकार में ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के नई दिल्ली और बैंगलोर स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की, नई दिल्ली में 7.5 करोड़ रुपये जब्त किये गए जबकि बैंगलोर से भी 2.5 करोड़ रुपये जब्त किये गए. कुल मिलाकार 10 करोड़ रुपये जब्त किये गए.

अब आप खुद सोचिये, कोई नेता अगर अपने घर पर 10 करोड़ रुपये रखा है तो इसका मतलब है कि ये कालाधन है क्योंकि कैश में इतना रूपया रखना कानून का उल्लंघन है. इतने रुपये पकडे जाने के बाद आम आदमी को ख़ुशी होगी क्योंकि ये पैसे सरकार के खाते में जाएंगे जो बाद में जनता के ही काम आएंगे.

अब आप देखिये, इनकम टैक्स की कार्यवाही से आम जनता को ख़ुशी हो रही है क्योंकि उन्होंने 10 करोड़ रुपये जब्त कर लिए लेकिन कांग्रेस इस कार्यवाही कर विरोध कर रही है, कल कांग्रेस ने राज्य सभा में भी हंगामा कर दिया और एक दिन काम बंद करा दिया.

आज बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि इनकम टैक्स की रेड का विरोध करके कांग्रेस अपने ही मुंह पर कालिख पोत रही है. कांग्रेसअपने आप को ही शर्मशार कर रही है. इन्हें सरकार का समर्थन करना चाहिए और अपने नेता पर कार्यवाही करनी चाहिए जिसके यहाँ 10 करोड़ कैश मिले हैं.

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कोई दया नहीं करती, कांग्रेस ऐसे मुद्दों पर संसद में जितना बोलेगी, जितना हंगामा खड़ा करेगी, यह उतनी ही बार अपने मुंह पर कालिख पोतेगी और खुद ही शर्मशार होगी. ANI से बात करते हुए बीजेपी नेता जीवीएल नरसिंहा राव ने यह बात कही.

उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार जांच एजेंसियों के राडार पर बहुत पहले से ही थे, उनपर एकाएक रेड नहीं डाली गयी बल्कि सोच समझकर और प्लानिंग के तहत रेड की गयी है. डीके शिवकुमार पर भ्रष्टाचार और कालेधन के मामले चल रहे थे, उनपर रेड करके कालेधन पर कायवाही की गयी है औ राहुल गाँधी इस कार्यवाही का समर्थन करने के बजाय इनकम टैक्स के खिलाफ लड़ाई छेड़ने का ऐलान कर रहे हैं, ये कालेधन और भ्रष्टाचार पर कार्यवाही का विरोध करने की बात कर रहे हैं.

बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने भी कांग्रेस से सवाल किया, उन्होंने कहा कि आप इनकम टैक्स की कार्यवाही का विरोध कर रहे हो लेकिन कांग्रेस नेता के पास जो 10 करोड़ रुपये मिले हैं क्या उसका जवाब कांग्रेस के पास है, वे बताएं कि उनके पास इतने रुपये कहाँ से आये.

Aug 2, 2017

सनसनीखेज खबर, IT ने कांग्रेसी नेता डीके शिवकुमार के ठिकानों से जब्त किये 10 करोड़ रुपये

सनसनीखेज खबर, IT ने कांग्रेसी नेता डीके शिवकुमार के ठिकानों से जब्त किये 10 करोड़ रुपये

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एक बहुत ही सनसनीखेज खबर आयी है, इनकम टैक्स विभाग ने कर्नाटक सरकार में ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के घर से 10 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं, इन्हीं मंत्री साहब में अपने बैंगलोर के रिजोर्ट में 44 कांग्रेसी विधायकों को छुपाया है और उनके ऐशो आराम का पूरा बंदोबस्त किया है. आज सुबह ही इनकम टैक्स ने इनके रिजोर्ट सहित करीब 40 ठिकानों पर छापा मारा है और अब तक 10 करोड़ रुपये जब्त किये हैं.

हैरानी की बात यह है कि 10 करोड़ में से 7.5 करोड़ रुपये इनके दिल्ली के दो ठिकानों से मिले हैं जिसका मतलब है कि बैंगलोर में कांग्रेसी विधायकों को ऐश कराने का खर्च दिल्ली से दिया जा रहा था. इनकम टैक्स ने 2.5 करोड़ रुपये इनके बैंगलोर के घर से भी बरामद किये हैं जिसका मतलब है कि कुछ पैसे दिल्ली से बैंगलोर पहुँच गए थे जिसकी मदद से डीके शिवकुमार कांग्रेस के 44 विधायकों की सेवा कर रहे थे.

डीके शिवकुमार के घर IT रेड से कांग्रेस पार्टी के नेता बौखला गए हैं और बीजेपी पर धमकाने का आरोप लगा रहे हैं लेकिन अब इन्हें बताना चाहिए कि ये 10 करोड़ रुपये कहाँ से आये, आखिर इतना कालाधन क्यों छुपाया गया था, अगर IT और CBI ने इस मामले की सही से जांच कर ली तो कई लोग फंस जाएंगे.

Jul 31, 2017

बैंगलोर में चीनी नागरिक पर हमला, पाँचों आरोपी गिरफ्तार

बैंगलोर में चीनी नागरिक पर हमला, पाँचों आरोपी गिरफ्तार

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बैंगलोर में कल एक चीनी नागरिक यान पर हमला लिया गया, यान जो किसी बिजनेस डील की वजह से बैंगलोर आये थे, वे सड़क पर किसी टैक्सी का इन्तजार कर रहे थे, इतने में पांच लोग आये और उनका मोबाइल छीनना चाहा, विरोध करने के बाद आरोपियों ने उनपर चाकुओं से हमला कर दिया, हालाँकि उन्होंने जान बचाकर किसी तरह से वहां से भाग लिया, उनके चेहरे पर चोट आयी है.

यह घटना बैंगलोर के इंदिरा नगर की है, पुलिस ने 24 घंटे के अन्दर ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, आरोपियों के नाम हैं - मणि, मणिकांथा, विजय, अरुणकिरण और शरथ. पुलिस ने इनके पास से 2 बाइक भी बरामद कर ली हैं, सभी को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा.

Jul 28, 2017

कांग्रेसी मुख्यमंत्री को हिंदी भाषा से इतनी नफरत, मोदी सरकार से कहा 'हिंदी नामों को मिटाओ'

कांग्रेसी मुख्यमंत्री को हिंदी भाषा से इतनी नफरत, मोदी सरकार से कहा 'हिंदी नामों को मिटाओ'

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कर्नाटक से एक हैरान करने वाली खबर आयी है, कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है और वहां के मुख्यमंत्री ने मोदी सरकार को पत्र लिखा है कि मेट्रो स्टेशन पर हिंदी में लिखे सभी नाम मिटाए जाँय, ऐसा लगता है कि कर्नाटक में भाषा के नाम पर राजनीति की जा रही है और देशवासियों को भाषा के नाम पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है.

आपको बता दें कि बैंगलोर मेट्रो स्टेशनों पर तीन भाषा में साइन बोर्ड लगे हैं - हिंदी, इंग्लिश और कन्नड़. कर्नाटक के मुख्यमंत्री चाहते हैं कि हिंदी को हटाकर सिर्फ इंग्लिश और कन्नड़ में ही साइन बोर्ड लगें, मतलब वहां पर हिंदी भाषा का अपमान करने की कोशिश की जा रही है जबकि यह देश को जोड़ने वाली भाषा बनती जा रही है, पूरी दुनिया में इंग्लिश और चीनी भाषा के बाद हिंदी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है लेकिन अब इस भाषा का हमारे ही देश में अपमान किया जा रहा है, ऐसा लगता है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार हिंदी भाषा को ख़त्म करना चाहती है और वहां की जनता को भाषा के नाम पर बांटना चाहती है, एक दूसरे को लड़ाना चाहती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कर्नाटक की एक कट्टर कन्नड़ संस्था 'कर्नाटक रक्षण वेदिके' ने हिंदी भाषा के खिलाफ अभियान चला रखा है, कुछ दिनों पहले इस संस्था के लोगों ने कई मेट्रो स्टेशनों पर लिखे हिंदी नामों को मिटा दिया था. इसी संस्था की मांग पर कांग्रेस सरकार हिंदी भाषा को कर्नाटक से ख़त्म करने जा रही है. आश्चर्य इस बात का है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने बहुत आसानी से उनकी मांगें मान ली.

अब अगर केंद्र सकरार भी कांग्रेस सरकार की बात मान लेती है और कर्नाटक से हिंदी भाषा को ख़त्म किया जाता है तो करोड़ों हिंदी भाषी लोगों का क्या होगा, कर्नाटक के बड़े बड़े शहरों में करोड़ों हिंदी भाषी लोग नौकरी के लिए जाते हैं, वैसे भी हमारे देश के 70 फ़ीसदी लोग हिंदी भाषा बोलते हैं, ऐसे में हमारे ही किसी राज्य द्वारा हिंदी भाषा को ख़त्म करने की मांग करना हैरान करने वाला है. 

हो सकता है कि कर्नाटक के बाद बंगाल, तमिलनाडु, केरल और अन्य राज्य भी हिंदी भाषा को ख़त्म करने की मांग करना शुरू कर दें, अगर ऐसा हुआ तो भाषा के नाम पर नफरत शुरू हो जाएगी और इसकी जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी होगी. आप अगर ध्यान दें तो खुद राहुल गाँधी हिंदी भाषा में भाषण देते हैं, अगर राहुल हिंदी भाषा में भाषण ना दें तो उनकी बात कोई ना समझ पाए, देश के अधिकांश लोग हिंदी पढ़ना और बोलना चाहते हैं, इन्टरनेट पर भी हिंदी का प्रचार प्रसार बढ़ा है, ऐसे में हिंदी भाषा से इतनी नफरत हैरान करने वाला है.

Jul 25, 2017

कर्नाटक के कांग्रेसी नेता बोले, BJP वाले हिंदी सेंट्रिक हैं पूरे देश पर हिंदी बोलवाना चाहते हैं

कर्नाटक के कांग्रेसी नेता बोले, BJP वाले हिंदी सेंट्रिक हैं पूरे देश पर हिंदी बोलवाना चाहते हैं

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कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने बीजेपी पर हिंदी सेंट्रिक होने का आरोप लगाया है, कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव ने कहा कि बीजेपी वाले हिंदी ही बोलते हैं, हिंदी को ही बढ़ावा दे रहे हैं और पूरे देश से हिंदी बोलवाना चेहते हैं, कुल मिलकर बीजेपी वाले हिंदी सेंट्रिक हैं और विविधता का सम्मान नहीं करते हैं.

उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले एक ऐसा देश बनाना चाहते हैं जिसमें लोग सिर्फ हिंदी बोलें, वे विविधता का सम्मान नहीं करते, लोगों पर भरोसा नहीं करते.

उन्होंने कर्नाटक के लिए अलग झंडे के कांग्रेस सरकार के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि संविधान में ऐसा कहीं भी नहीं लिखा है कि राज्य अपना झंडा नहीं बना सकते, हमारी सरकार अलग झंडा चाहती है तो इसका ये मतलब नहीं है कि हम राष्ट्रीय झंडे का सम्मान नहीं करते.

इससे पहले कांग्रेसी सांसद शशि थरूर ने भी कहा था कि राज्यों के लिए अलग झंडे बनाने के निर्णय का विरोध नहीं करना चाहिए, अलग झंडा बनाने में कुछ भी गलत नहीं है.

Jul 20, 2017

कांग्रेस सरकार में हिंदी भाषा से असहिष्णुता, काले पेंट से हिंदी नामों को मिटाना शुरू किया

कांग्रेस सरकार में हिंदी भाषा से असहिष्णुता, काले पेंट से हिंदी नामों को मिटाना शुरू किया

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देश के लिए बहुत दुखभरी खबर है, आज कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार में हिंदी भाषा के साथ असहिष्णुता शुरू हो गयी है, हिंदी भाषा का जोरदार अपमान किया गया है, कट्टर कन्नड़पंथियों ने हिन्दू नामों को मिटाना शुरू कर दिया है, आज बैंगलोर में मेट्रो स्टेशनों के हिंदी नामों पर पेंट चलाकर उन्हें मिटा दिया गया.

यह शर्मनाक कारनामा कर्नाटक रक्षण वेदिके नामक संगठन ने किया है, आज इनके कार्यकर्ताओं ने यशवंतपुर मेट्रो स्टेशन के अलावा कई अन्य स्टेशनों जयनगर, पीन्या, दीपांजली नगर, मैसूर रोड के हिंदी नामों पर काला पेंट चलाकर मिटा दिया. हैरान करने वाली बात ये है कि इन्हें हिंदी नामों से तो नफरत है लेकिन अंग्रेजी नामों से प्रेम है इसीलिए अंग्रेजो नामों को नहीं मिटाया.

आपको बता दें कि पहले इन लोगों ने ट्विटर पर एंटी हिंदी अभियान #NammaMetroHindiBeda चलाया, इनकी मांग थी कि मेट्रो स्टेशनों पर हिंदी नाम का साइनबोर्ड हटाया जाय, इन्होने दो स्टेशनों चिकपेटे और मैजेस्टिक के साइनबोर्ड को पेपर और टेप से ढक दिया. आपको बता दें कि बैंगलोर में सभी मेट्रो स्टेशनों का नाम हिंदी, अंगरेजी और कन्नड़ भाषा में है लेकिन इन्हें हिंदी से नफरत है.

हैरानी की बात यह है कि एंटी हिंदी अभियान का कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या ने भी समर्थन किया है. उन्होने कहा है कि अन्य गैर-हिंदी राज्यों में जो भी रणनीति है हम भी उसे ही फॉलो करेंगे और हिंदी भाषा का इस्तेमाल बंद कर देंगे. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद कन्नड़ विकास प्राधिकरण ने बैंगलोर मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड से पत्र लिखकर पूछा था कि स्टेशनों के नाम तीन भाषा में क्यों लिखे गए हैं.

आपको बता दें कि इस वर्ष की शुरुआत में केंद्र सरकार ने संसद में हिंदी भाषा के इस्तेमाल की सिगारिश की थी जिसपर राष्ट्रपति प्रणब मुख़र्जी ने भी सहमती जताई थी, गौर करने वाली बात ये थी कि यह सिफारिश कांग्रेस की सरकार में यानी वर्ष 2011 में की गयी थी और मांग मोदी सरकार में मानी गयी है. केंद्र सरकार के इस फैसले का कर्नाटक जनता दल सेक्युलर और डीएमके ने विरोध किया था और इसे 'हिंदी थोपना' बताया था. इसके बाद इन्होने हिंदी भाषा का विरोध करना शुरू कर दिया और आज हालत यहाँ तक पहुँच गए हैं कि हिंदी नामों को मिटाना शुरू कर दिया है.

Jul 19, 2017

कांग्रेस वही कर रही है जो जिहादी चाहते थे ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह इंशाल्लाह’

कांग्रेस वही कर रही है जो जिहादी चाहते थे ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह इंशाल्लाह’

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आपने दो वर्ष पहले JNU कांड के बारे में सुना होगा, यह भी देखा होगा कि वहां पर जिहादियों ने क्या नारे लगाए थे. उन्होंने कहा था - भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह इंशाल्लाह, हम छीन के लेंगे आजदी, मार ले लेंगे आजादी, बन्दूक के दम पर आजादी, कश्मीर मांगे आजादी, बंगाल मांगे आजदी, केरल मांगे आजादी.

उस वक्त जिहादियों ने कर्नाटक का नाम तो नहीं लिया था लेकिन उनके जिहाद का असर कर्नाटक पर सबसे पहले हुआ है क्योंकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने राज्य का अलग झंडा बनाने का फैसला किया है और इस पर काफी विवाद भी हो रहा है.

सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि अगर कर्नाटक का अलग झंडा बन गया तो सभी राज्य अपना अलग झंडा बनाने लगेंगे, धीरे धीरे लोग अलग संविधान भी मांगने लगेंगे, उसके बाद धीरे धीरे भारत से आजादी की मांग उठने लगेगी, लोग खून खराबा शुरू कर देंगे और जिहादियों का सपना पूरा हो जाएगा क्योंकि वे यही तो चाहते हैं, वे भारत को टुकड़े टुकड़े करके कमजोर करना चाहते हैं और उसके बाद एक एक भाग पर कब्ज़ा करके पूरे भारत का नामो निशान विश्व के मानचित्र से मिटाना चाहते हैं, इसी को जिहादी गजवा हिन्द कहते हैं.

इसी लिए जिहादी नारा लगाते हैं 'भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह इंशाल्लाह. उनका मकसद है सभी राज्य भारत से अलग हो जाएं, देश के टुकड़े टुकड़े हो जाएं, हर जगह इस्लामी राज्य शुरू हो जाए, लोग शरियत कानून के अनुसार रह सकें, कश्मीर की तरह दूसरे धर्म के लोगों को भगा दिया जाय. जिहादी जो चाहते हैं कांग्रेस ने वही करना शुरू कर दिया है इसीलिए ट्विटर पर लोग कह रहे हैं 'कांग्रेस ISIS से भी अधिक खतरनाक है'.
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Jul 18, 2017

कर्नाटक को कश्मीर बनाना चाहती है कांग्रेस, अब तिरंगा नहीं कांग्रेसी ‘बनाएँगे अलग झंडा’

कर्नाटक को कश्मीर बनाना चाहती है कांग्रेस, अब तिरंगा नहीं कांग्रेसी ‘बनाएँगे अलग झंडा’

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ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी भारत के टुकड़े टुकड़े करवाना चाहती है, आज कांग्रेस पार्टी के कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैय्या ने कर्नाटक के लिए अलग झंडा बनाने के लिए एक कमेटी गठित कर दी है. जब इस मामले पर बवाल शुरू हो गया तो कांग्रेसियों का कहना है कि कश्मीर में भी तो अलग झंडा है. मतलब कांग्रेस पार्टी अब कर्नाटक को भी कश्मीर बनाना चाहती है, अगर कांग्रेस की ये कोशिश कामयाब हो गयी तो अन्य राज्य भी अलग झंडे की मांग शुरू कर देंगे, तिरंगे के नाम पर राज्यों की जो एकता है वह ख़त्म हो जाएगी और धीरे धीरे 'भारत तेरे टुकड़े होंगे, माशाल्लाह माशाल्लाह' बोलने वालों का सपना पूरा हो जाएगा.

इस मामले पर बोलते हुए कांग्रेस के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या ने कहा कि संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि राज्य अपना झंडा नहीं बना सकते, जब संविधान हमें अलग झंडा बनाने से नहीं रोक सकता तो अलग झंडा बनाने में कोई बुराई नहीं है.

अलग झंडा बनाने के लिए कांग्रेस सरकार ने 9 सदस्यों के एक पैनल का गठन किया है, यह पैनल जल्द ही अलग झंडे पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा जिसके बाद ही अलग झंडा बनाया जाएगा.

कांग्रेस सरकार के इस फैसले की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है, लोगों का कहना है कि अलग झंडे से देश के झंडे से प्रेम ख़त्म होने लगता है, राज्य में अलगाववाद की भावना बढती है. लोग कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस देश को बाँटने की खतरनाक चाल चल रही है.

Apr 13, 2017

कंफ्यूज है कांग्रेस, अमरिंदर सिंह के बाद CM सिद्धरामैय्या भी बोले 'EVM से नहीं हो सकती छेड़छाड़'

कंफ्यूज है कांग्रेस, अमरिंदर सिंह के बाद CM सिद्धरामैय्या भी बोले 'EVM से नहीं हो सकती छेड़छाड़'

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बेंगलुरु: ऐसा लगता है कि EVM टेम्परिंग मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी कंफ्यूज लग रही है, कल कांग्रेस पार्टी के सभी बड़े नेता EVM में छेड़छाड़ की शिकायत लेकर राष्ट्रपति के पास गए थे, कांग्रेसियों में सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, गुलाम नबी आजाद, मनमोहन सिंह शामिल थे, इन लोगों ने चुनाव आयोग को भी पत्र लिखकर कहा है कि EVM से छेड़छाड़ हो रही है इसलिए बैलट पेपर से ही चुनाव कराना चाहिए.

इसके दूसरे ही दिन कांग्रेस के दो बड़े नेताओं ने EVM में छेड़छाड़ के आरोप को खारिज कर दिया, पहले नेता था पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली जिसके राज में EVM लाये गए थे और दूसरे नेता थे अमरिंदर सिंह जो हाल हे में EVM से ही चुनाव जीतकर पंजाब के मुख्यमंत्री बने हैं.

आज EVM से ही कांग्रेस ने कर्नाटक उपचुनाव में दो सीटें जीत लीं, जिसके बाद सिद्धरामैय्या भी अपनी पार्टी के विरोध में आ गए, उन्होंने कहा कि EVM में छेड़छाड़ के आरोप गलत हैं, मेरे ख्याल से EVM में छेड़छाड़ नहीं हो सकती, कर्णाटक में तो हरगिज नहीं.

जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस ने नानजांगुड और गुंडलूपेट असेंबली सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवारों को हराया है.

Feb 15, 2017

कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप 'BJP नेता खाते भी हैं और खिलते भी हैं': पढ़ें क्यों?

कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप 'BJP नेता खाते भी हैं और खिलते भी हैं': पढ़ें क्यों?

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New Delhi, 15 Feb: कांग्रेस ने एक वीडियो जारी करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर बड़े भ्रष्टाचार कर आरोप लगाते हुए कहा है कि मोदी कहते थे ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा लेकिन वीडियो में साबित हो रहा है कि उनके नेता खाते भी हैं और खिलाते भी हैं, कांग्रेसी नेता रणदीप सुरजेवाला ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस करके बीजेपी पर आरोप लगाया। 

उन्होंने एक वीडियो दिखाया जिसमें केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार और कर्नाटक के बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदुरप्पा कुछ बातचीत कर रहे हैं, वीडियो में से तो नहीं पता चल रहा है कि दोनों क्या बातचीत कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस ने फिल्मों की तरह सब-टाइटल लिखकर अपनी बात कहने की कोशिश की है। 

वीडियों में
अनंत कुमार कहते हैं - When did I say I haven't paid? But not Rs. 1000 cr. But one then tell how much has been paid? Its like Confession.
येदुरप्पा कहते हैं - All would have given, but who keeps all this in writing? Let the Diary come out.
अनंत कुमार हँसते हैं, 
उसके बाद अनंत कुमार कहते हैं - If you light a small spark, it will spread like wildfire. No one will believe that Rs. 1000 crore hasn't been given. all say it has been given. Until elections, they will have to keep answering, Let them do it.
When in power, You have also paid money, I have also paid money

कांग्रेस नेता ने इसी बातचीत के आधार पर आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री पैसों की लेन-देन की बात कर रहे हैं, अनंत कुमार कह रहे हैं कि, जब तुम सत्ता में थे तो तुमने भी दिया था और हम भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि बीजेपी के नेता खाते भी हैं और खिलते भी हैं। सच्चाई देश के सामने है।

अंत में रणदीप सुरजेवाला ने मोदी और अमित शाह से पांच प्रश्न पूछे हैं -
1. भारतीय जनता पार्टी के कैबिनेट मंत्री अनंत कुमार मान रहे हैं कि उन्होंने पैसा दिया, ये पैसा आया कहाँ से और गया कहाँ, यह पैसा किस वजह से दिया गया, कितना दिया गया और उसका कहाँ इस्तेमाल हुआ। क्या यह सीधे सीधे भ्रष्टाचार नहीं है।
2. बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री और कर्नाटक के उनके अध्यक्ष येदुराप्प्पा जी जो जेल की सैर करके भी आये हैं, वो मानते हैं कि उन्होंने पैसा दिया, यह पैसा भी आया कहाँ से और कहाँ गया, यह पैसा किस एवज में दिया गया, येदुरप्पा ने यह पैसा कहा दिया और आया कहाँ से। क्या यह भ्रष्टाचार का सीधा साधा उदाहरण नहीं है। क्या दोनों नेता सच कह रहे हैं? क्या इन दोनों के खिलाफ सीधे सीधे भ्रष्टाचार का मामला नहीं बनता?
3. क्या नरेन्द्र मोदी और अमित शाह इन दोनों का इस्तीफ़ा लेकर इनके खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे।
4. अनंत कुमार और येदुरप्पा चिंगारी लगाकर आग फैलाने की कौन सी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं, क्या शाम, दाम, दंड, भेद के द्वारा सत्ता हथियाने का प्रयास भाजपा नेताओं द्वारा किया जा रहा है।
5. क्या पांच राज्यों में होने वाले चुनावों में संभावित हार को देखते हुए बीजेपी नेता, CBI, ED और इनकम टैक्स को कठपुतली की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि राजनीतिक विरोधियों पर झूठे आरोप लगाकर उनसे बदला लिया जा सके। 

Jan 18, 2017

यकीन नहीं करेंगे आप, इस कैंटीन में 1 रुपये में मिलता है खाना

यकीन नहीं करेंगे आप, इस कैंटीन में 1 रुपये में मिलता है खाना

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Hubli, 18 January: जरूरी नहीं कि पूरे देश में हर जगह गलत ही हो रहा हो, भारत में कुछ ऐसी भी जगह हैं जहाँ पर कुछ अच्छा भी हो रहा है लेकिन मीडिया वाले उसे दिखाते नहीं हैं क्योंकि इससे उन्हें TRP नहीं मिलती है, मीडिया को TRP ज्यादातर निगेटिव ख़बरों से मिलती है इसलिए ज्यादातर मीडिया भी निगेटिव ख़बरें ढूँढने में लगे रहते हैं।

आपको इस खबर पर शायद यकीन ना हो लेकिन यह सच है, कर्नाटक के हुबली जिले में रोटी घर नाम से एक कैंटीन है जिसमें केवल एक रुपये में खाना मिलता है। यह काम एक दो दिन से नहीं बल्कि पिछले एक साल से हो रहा है। यह कैंटीन सभी के लिए है इसलिए यहाँ पर कोई भी एक रुपये में खाना खा सकता है। यह खबर भारत की सबसे बड़ी न्यूज एजेंसी ANI ने ट्विटर पर शेयर की है। जैसे ही लोगों को इस खबर से बारे में पता चला ट्विटर पर ANI की तारीफ शुरू हो गयी, देखिये क्या कहा लोगों ने:

Jan 16, 2017

पुलिस अधिकारी ने कर डाला विकलांग महिला का रेप, गिरफ्तार

पुलिस अधिकारी ने कर डाला विकलांग महिला का रेप, गिरफ्तार

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बेंगलुरु, 16 जनवरी: कर्नाटक के तुमाकुरु शहर में एक मानसिक रूप से विकलांग महिला के साथ कथित रूप से दुष्कर्म करने के आरोप में एक पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी सोमवार को दी। तुमाकुरु की पुलिस अधीक्षक इशा पंत ने आईएएनएस से कहा, "पीड़िता की मां द्वारा एक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद उप निरीक्षक उमेश (54) को निलंबित कर गिरफ्तार किया गया है।"

जीप के चालक ईश्चरप्पा (32) को भी अपराध के लिए उसकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

पंत ने कहा, "दोनों आरोपियों को सोमवार को न्यायिक हिरासत के लिए स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, ताकि शीघ्र आरोप पत्र दाखिल करने के लिए पूछताछ पूरी की जा सके।"

यह घटना शनिवार रात 11 बजे उस समय हुई, जब 30 वर्षीया पीड़िता सुनसान सड़क पर अकेली थी। एक होम गार्ड के साथ गश्त करने के दौरान उमेश ने उसे देखा। 

पीड़िता को अभिरक्षा में घर पहुंचाने के बहाने उमेश ने होम गार्ड को पुलिस स्टेशन भेज दिया और उसे घर पहुंचाने के लिए ईश्वरप्पा से मदद मांगी।

पंत ने कहा, "पीड़िता को घर ले जाने के दौरान रास्ते में उमेश ने कथित रूप से उसका यौन शोषण किया। "

उन्होंने कहा, "यद्यपि पीड़िता विवाहित है। वह मां के घर पर ही रह रही हैें, क्योंकि वह मानसिक रूप से स्वस्थ्य नहीं है और बेवक्त टहलने के लिए अक्सर घर से बाहर निकल जाती हैं।"