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06 April, 2017

गुड न्यूज़: PM MODI ने झारखंड को दिए विकास के बड़े बड़े गिफ्ट, 2019 तक हो जाएगा बदलाव

गुड न्यूज़: PM MODI ने झारखंड को दिए विकास के बड़े बड़े गिफ्ट, 2019 तक हो जाएगा बदलाव

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साहिबगंज (झारखंड), 6 अप्रैल: प्रधानमंत्री मोदी ने आज झारखण्ड के विकास की बुनियाद रखते हुए तीन बड़े बड़े प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी जिसमें साहेबगंज में गंगा नदी पर चार लेन का पुल, गंगा नदी में जलमार्ग और एक मल्टी मॉडल टर्मिनल का निर्माण शामिल है, ये तीनों प्रोजेक्ट 2019 तक बनकर तैयार हो जाएंगे और राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को झारखंड के साहिबगंज में गंगा नदी पर मल्टी-मोडल टर्मिनल तथा चार लेन के एक पुल की आधारशिला रखी। मल्टी-मोडल टर्मिनल वाराणसी से हल्दिया तक 1390 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू)-1 के विकास का एक महत्वपूर्ण घटक है। 

गंगा नदी पर चार लेन का पुल साहिबगंज को लगभग 450 किलोमीटर दूर राज्य की राजधानी रांची तथा बिहार के कटिहार जिले से जोड़ेगा। 

मोदी ने सूबे के मुख्यमंत्री रघुबर दास तथा केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री समेत अन्य लोगों की मौजूदगी में परियोजना का उद्घाटन किया।

इस मौके पर मोदी ने कहा, "हमारी सरकार ने जलमार्गो के विकास का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसने जलमार्गो को विकसित करने के कार्य को चुनौती के रूप में ली है। वाराणसी से हल्दिया तक जलमार्ग को विकसित किया जाएगा और विकास के नए द्वारा खोले जाएंगे।"

उन्होंने कहा, "गंगा नदी में जलमार्ग झारखंड को पूरी दुनिया से जोड़ेंगे। झारखंड लैंड लॉक राज्य है, लेकिन जलमार्गो के विकास से यह पूरी दुनिया से जुड़ जाएगा और आर्थिक क्रांति का हिस्सा बनेगा।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "भ्रष्टाचार तथा काले धन ने देश को घुन की तरह बर्बाद कर दिया था। मैं भ्रष्टाचार से लड़ रहा हूं और ऐसा करना जारी रखूंगा।"

केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विश्व बैंक की तकनीकी और वित्तीय सहायता के साथ एनडब्ल्यू-1 को भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के जल मार्ग विकास परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत 5369 करोड़ रुपये है। यह परियोजना 1500-2000 डीडब्ल्यूटी की क्षमता वाली जहाजों के व्यावसायिक नौवहन को सक्षम बनाएगी।

बयान के अनुसार, साहिबगंज टर्मिनल एनडब्ल्यू-1 पर निर्मित हो रहे तीन बहु-मोडल टर्मिनलों में दूसरा टर्मिनल है। इससे पहले मई 2016 में, आईआरडब्ल्यूएआई को वाराणसी में एक बहु-मोडल टर्मिनल का निर्माण करने के लिए अनुबंध दिया गया था। 

बयान में कहा गया है कि तीसरे टर्मिनल का निर्माण पश्चिम बंगाल के हल्दिया में होगा। एनडब्ल्यू -1 पर बड़ी संख्या में कार्गो की आवाजाही और आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए टर्मिनलों का निर्माण आवश्यक है।

बयान के अनुसार, साहिबगंज में टर्मिनल का निर्माण कार्य 2019 में पूरा होगा, जिसके बाद इसकी कार्गो हैंडलिंग क्षमता 22.4 लाख टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) होगी। टर्मिनल के निर्माण का अनुबंध मैसर्स एलएंडटी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 280 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर सौंपा गया है। 

इस टर्मिनल में दो जहाजों के लिए बर्थिग स्पेस, भंडार, हॉपर के साथ कन्वेयर बेल्ट प्रणाली, बैज लोडर्स, सड़कें, रैंप, पार्किंग क्षेत्र और टर्मिनल भवन शामिल होंगे।

साहिबगंज पर एक रोल-ऑन रोल-ऑफ (आरओ-आरओ) टर्मिनल, बिहार स्थित मनिहारी के साथ भी महत्वपूर्ण संपर्क स्थापित करेगा। साहिबगंज में करीब 100 ट्रकों ने पहले ही सुविधा का उपयोग शुरू कर दिया है। आरओ-आरओ सुविधा के माध्यम से गुजरने वाले ट्रकों के सड़क परिवहन में काफी समय, लागत और ईंधन की बचत होगी।

मल्टी-मोडल टर्मिनल और आरओ-आरओ टर्मिनल के निर्माण से लगभग 600 लोगों के प्रत्यक्ष रोजगार और लगभग 3000 लोगों के अप्रत्यक्ष रोजगार देने में मदद मिलेगी। 

बयान के अनुसार, राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (एनडब्ल्यू-1) उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से गुजरने वाला एक राष्ट्रीय महत्व का जलमार्ग है। इससे गंगा बेसिन में स्थित हल्दिया, हावड़ा, कोलकाता, भागलपुर, पटना, गाजीपुर, वाराणसी, इलाहाबाद और इनके औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख शहरों को लाभ मिलेगा। 

04 January, 2017

मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूता फेंकने की घटना को ना रोक पाने वाले पुलिस अफसरों का तबादला

मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूता फेंकने की घटना को ना रोक पाने वाले पुलिस अफसरों का तबादला

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रांची, 4 जनवरी: झारखंड सरकार ने एक जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को स्थानान्तरित करने का फसला किया है, जहां गत एक जनवरी को मुख्यमंत्री रघुवर दास पर जूते फेंके गए थे। एक अधिकारी ने यह जानकारी बुधवार को दी। सरायकेला-खरसावा में नए साल के पहले दिन दास पर जूता फेंका गया था। जिले में उन्हें आदिवासियों के विरोध का सामना करना पड़ा था।

अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "सरायकेला-खरसावाके उपायुक्त श्रीनिवासन और पुलिस अधीक्षक संजीव का तबादला कर दिया गया है। रमेश घोपाल नए उपायुक्त और राकेश बंसल नए पुलिस अधीक्षक होंगे।"

तबादले को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से अनुमति मांगी है।

अधिकारी ने कहा, "यह उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की सबसे बड़ी गलती थी। जब मुख्यमंत्री स्थल छोड़ रहे थे तब उन्हें काले झंडे दिखाए गए थे और उनकी तरफ जूते फेंके गए थे। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे।"

जिला प्रशासन ने इस मामले में 2 जनवरी को 9 ज्ञात और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी।

पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए गत 1 जनवरी को खरसावा के शहीद पार्क में बड़ी संख्या में जनजाति समुदाय के लोग एकत्रित हुए थे।

कार्यक्रम में दास ने भी भाग लिया था और मृतकों को श्रद्धांजलि दी थी। पूर्व नियोजित विरोध प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

जैसे ही दास कार्यक्रम स्थल छोड़कर जाने लगे, उनकी तरफ कई जूते फेंके गए थे। मुख्यमंत्री को एक भी जूता छू नहीं पाया था।

जब दास कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो उन्हें काले झंडे दिखाए गए थे। लोगों ने उनके खिलाफ 'वापस जाओ', 'वापस जाओ' के नारे लगाने शुरू कर दिए थे।

01 January, 2017

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूतों की बौछार

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूतों की बौछार

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रांची, 1 जनवरी: झारखंड के खरसावां में एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूते फेंके गए और काले झंडे दिखाए गए। सराएकेला-खरसावां जिले के खरसावां के शहीद पार्क में हजारों आदिवासी पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

दास ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

श्रद्धांजलि देने के बाद दास जब जाने लगे, तब लोगों ने उन पर जूतों की बौछार कर दी। कई जूते उनकी तरफ उछाले गए लेकिन इनमें से कोई उन्हें नहीं लगा।

दास को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के समय काले झंडे दिखाए गए। लोगों ने 'वापस जाओ', 'वापस जाओ' के नारे लगाए।

बाद में दास ने संवाददाताओं से कहा, "यह पूर्व नियोजित प्रदर्शन था। यह खराब और घटिया राजनीति की मिसाल है। मैं घटना की निंदा करता हूं।"

30 December, 2016

झारखंड कोयला खदान हादसे में 20 मजदूरों के मरने की आशंका, पांच शव बरामद

झारखंड कोयला खदान हादसे में 20 मजदूरों के मरने की आशंका, पांच शव बरामद

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रांची, 30 दिसम्बर: झारखंड के गोड्डा जिले में गुरुवार रात को कोयले की खान धंसने के बाद पांच शव बरामद किए गए हैं। अभी 20 से अधिक लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डी.के.पांडे ने आईएएनएस को बताया कि शुक्रवार सुबह बचाव कार्य शुरू हुए, जिसके बाद शव बरामद किए गए।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खान में फंसे सभी लोगों के जीवित बचे होने की संभावना बहुत कम है।

पुलिस का कहना है कि गोड्डा जिले में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. (ईसीएल) की लालमाटिया खदान के प्रवेश केंद्र पर मिट्टी धंस गई।

पुलिस का कहना है कि रात में कोहरे की वजह से बचाव कार्य शुरू नहीं किया जा सका।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम पटना से पूर्वाह्न् लगभग 11 बजे घटनास्थल पर पहुंची।

खान सुरक्षा के महानिदेशक (डीजीएमएस) ने जांच के लिए एक दल को मौके पर भेजा है।

डीजीएमएस अधिकारी के मुताबिक, खनन के समय सुरक्षा कदमों की अनदेखी की गई।

खनन कार्य जमीन से लगभग 200 फुट नीचे हो रहा था।
झारखंड में कोयला खदान धंसी, कई मजदूर वाहन सहित जमीन के अन्दर फंसे, बचाव कार्य जारी

झारखंड में कोयला खदान धंसी, कई मजदूर वाहन सहित जमीन के अन्दर फंसे, बचाव कार्य जारी

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रांची, 30 दिसम्बर: झारखंड में गुरुवार रात को कोयले की खदान धंसने से कई लोग एवं वाहन फंस गए हैं। पुलिस का कहना है कि गोड्डा जिले में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. (ईसीएल) की लालमाटिया खदान के प्रवेश बिंदु पर मिट्टी का अंबार धंस गया।

इस हादसे में 40 से अधिक वाहन अंदर फंसे हुए हैं।

पुलिस का कहना है कि रात में कोहरे की वजह से बचाव कार्य शुरू नहीं किया जा सका।

अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) दल दोपहर तक घटनास्थल पर पहुंच सकता है।

गोड्डा के पुलिस महानिरीक्षक हरिलाल चौहान ने कहा, "अंदर फंसे लोगों और वाहनों की सही संख्या का पता नहीं चला है। बचाव कार्य शुरू होने के बाद ही इसके बारे में पता चला पाएगा।"

स्थानीय लोगों का कहना है कि मिट्टी का ढेर ढहने से मार्ग अवरुद्ध हो गया।

खनन कार्य जमीन से लगभग 200 फुट नीचे हो रहा था।

10 October, 2016

रांची में परिवार के 6 सदस्य मृत पाए गए, बहु-बेटे से होना चाहती थी अलग, इसलिए,,

रांची में परिवार के 6 सदस्य मृत पाए गए, बहु-बेटे से होना चाहती थी अलग, इसलिए,,

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रांची, 9 अक्टूबर: सेना के एक सेवानिवृत्त चिकित्सक ने रविवार को यहां खुद को छुरा घोंप गोदकर आत्महत्या कर ली, जबकि उसके परिवार के पांच सदस्य यहां एक फ्लैट में मृत पाए गए। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. सुकांतो सरकार धमकी भरे फोन आने से तंग आ गए थे, क्योंकि उनकी बहू उनके बेटे से अलग होना चाहती थी और उसने संपत्ति से संबंधित मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने की मांग कर रही थी।

मृतकों में चिकित्सक की पत्नी अंजना सरकार, बेटा सोमित सरकार, बहू मोमिता सरकार और पोता-पोती समिता सरकार और सुमिता सरकार शामिल थे।

पुलिस को संदेह है कि डॉ. सरकार ने पहले परिवार के पांचों सदस्यों को जहर दिया और उसके बाद खुद को चाकू घोंप लिया।

नोएडा निवासी डॉ. सरकार बहू-बेटे का विवाद सुलझाने के लिए छह अक्टूबर को रांची आए थे।

मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।