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Wednesday, January 4, 2017

मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूता फेंकने की घटना को ना रोक पाने वाले पुलिस अफसरों का तबादला

मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूता फेंकने की घटना को ना रोक पाने वाले पुलिस अफसरों का तबादला

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रांची, 4 जनवरी: झारखंड सरकार ने एक जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को स्थानान्तरित करने का फसला किया है, जहां गत एक जनवरी को मुख्यमंत्री रघुवर दास पर जूते फेंके गए थे। एक अधिकारी ने यह जानकारी बुधवार को दी। सरायकेला-खरसावा में नए साल के पहले दिन दास पर जूता फेंका गया था। जिले में उन्हें आदिवासियों के विरोध का सामना करना पड़ा था।

अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "सरायकेला-खरसावाके उपायुक्त श्रीनिवासन और पुलिस अधीक्षक संजीव का तबादला कर दिया गया है। रमेश घोपाल नए उपायुक्त और राकेश बंसल नए पुलिस अधीक्षक होंगे।"

तबादले को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से अनुमति मांगी है।

अधिकारी ने कहा, "यह उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की सबसे बड़ी गलती थी। जब मुख्यमंत्री स्थल छोड़ रहे थे तब उन्हें काले झंडे दिखाए गए थे और उनकी तरफ जूते फेंके गए थे। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे।"

जिला प्रशासन ने इस मामले में 2 जनवरी को 9 ज्ञात और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी।

पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए गत 1 जनवरी को खरसावा के शहीद पार्क में बड़ी संख्या में जनजाति समुदाय के लोग एकत्रित हुए थे।

कार्यक्रम में दास ने भी भाग लिया था और मृतकों को श्रद्धांजलि दी थी। पूर्व नियोजित विरोध प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

जैसे ही दास कार्यक्रम स्थल छोड़कर जाने लगे, उनकी तरफ कई जूते फेंके गए थे। मुख्यमंत्री को एक भी जूता छू नहीं पाया था।

जब दास कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो उन्हें काले झंडे दिखाए गए थे। लोगों ने उनके खिलाफ 'वापस जाओ', 'वापस जाओ' के नारे लगाने शुरू कर दिए थे।

Sunday, January 1, 2017

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूतों की बौछार

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूतों की बौछार

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रांची, 1 जनवरी: झारखंड के खरसावां में एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास पर जूते फेंके गए और काले झंडे दिखाए गए। सराएकेला-खरसावां जिले के खरसावां के शहीद पार्क में हजारों आदिवासी पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

दास ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

श्रद्धांजलि देने के बाद दास जब जाने लगे, तब लोगों ने उन पर जूतों की बौछार कर दी। कई जूते उनकी तरफ उछाले गए लेकिन इनमें से कोई उन्हें नहीं लगा।

दास को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के समय काले झंडे दिखाए गए। लोगों ने 'वापस जाओ', 'वापस जाओ' के नारे लगाए।

बाद में दास ने संवाददाताओं से कहा, "यह पूर्व नियोजित प्रदर्शन था। यह खराब और घटिया राजनीति की मिसाल है। मैं घटना की निंदा करता हूं।"

Friday, December 30, 2016

झारखंड कोयला खदान हादसे में 20 मजदूरों के मरने की आशंका, पांच शव बरामद

झारखंड कोयला खदान हादसे में 20 मजदूरों के मरने की आशंका, पांच शव बरामद

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रांची, 30 दिसम्बर: झारखंड के गोड्डा जिले में गुरुवार रात को कोयले की खान धंसने के बाद पांच शव बरामद किए गए हैं। अभी 20 से अधिक लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डी.के.पांडे ने आईएएनएस को बताया कि शुक्रवार सुबह बचाव कार्य शुरू हुए, जिसके बाद शव बरामद किए गए।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खान में फंसे सभी लोगों के जीवित बचे होने की संभावना बहुत कम है।

पुलिस का कहना है कि गोड्डा जिले में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. (ईसीएल) की लालमाटिया खदान के प्रवेश केंद्र पर मिट्टी धंस गई।

पुलिस का कहना है कि रात में कोहरे की वजह से बचाव कार्य शुरू नहीं किया जा सका।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम पटना से पूर्वाह्न् लगभग 11 बजे घटनास्थल पर पहुंची।

खान सुरक्षा के महानिदेशक (डीजीएमएस) ने जांच के लिए एक दल को मौके पर भेजा है।

डीजीएमएस अधिकारी के मुताबिक, खनन के समय सुरक्षा कदमों की अनदेखी की गई।

खनन कार्य जमीन से लगभग 200 फुट नीचे हो रहा था।
झारखंड में कोयला खदान धंसी, कई मजदूर वाहन सहित जमीन के अन्दर फंसे, बचाव कार्य जारी

झारखंड में कोयला खदान धंसी, कई मजदूर वाहन सहित जमीन के अन्दर फंसे, बचाव कार्य जारी

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रांची, 30 दिसम्बर: झारखंड में गुरुवार रात को कोयले की खदान धंसने से कई लोग एवं वाहन फंस गए हैं। पुलिस का कहना है कि गोड्डा जिले में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. (ईसीएल) की लालमाटिया खदान के प्रवेश बिंदु पर मिट्टी का अंबार धंस गया।

इस हादसे में 40 से अधिक वाहन अंदर फंसे हुए हैं।

पुलिस का कहना है कि रात में कोहरे की वजह से बचाव कार्य शुरू नहीं किया जा सका।

अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) दल दोपहर तक घटनास्थल पर पहुंच सकता है।

गोड्डा के पुलिस महानिरीक्षक हरिलाल चौहान ने कहा, "अंदर फंसे लोगों और वाहनों की सही संख्या का पता नहीं चला है। बचाव कार्य शुरू होने के बाद ही इसके बारे में पता चला पाएगा।"

स्थानीय लोगों का कहना है कि मिट्टी का ढेर ढहने से मार्ग अवरुद्ध हो गया।

खनन कार्य जमीन से लगभग 200 फुट नीचे हो रहा था।

Monday, October 10, 2016

रांची में परिवार के 6 सदस्य मृत पाए गए, बहु-बेटे से होना चाहती थी अलग, इसलिए,,

रांची में परिवार के 6 सदस्य मृत पाए गए, बहु-बेटे से होना चाहती थी अलग, इसलिए,,

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रांची, 9 अक्टूबर: सेना के एक सेवानिवृत्त चिकित्सक ने रविवार को यहां खुद को छुरा घोंप गोदकर आत्महत्या कर ली, जबकि उसके परिवार के पांच सदस्य यहां एक फ्लैट में मृत पाए गए। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. सुकांतो सरकार धमकी भरे फोन आने से तंग आ गए थे, क्योंकि उनकी बहू उनके बेटे से अलग होना चाहती थी और उसने संपत्ति से संबंधित मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने की मांग कर रही थी।

मृतकों में चिकित्सक की पत्नी अंजना सरकार, बेटा सोमित सरकार, बहू मोमिता सरकार और पोता-पोती समिता सरकार और सुमिता सरकार शामिल थे।

पुलिस को संदेह है कि डॉ. सरकार ने पहले परिवार के पांचों सदस्यों को जहर दिया और उसके बाद खुद को चाकू घोंप लिया।

नोएडा निवासी डॉ. सरकार बहू-बेटे का विवाद सुलझाने के लिए छह अक्टूबर को रांची आए थे।

मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।