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Friday, February 24, 2017

दिग्विजय सिंह बोले, हाँ मोदीजी, आप गधे की तरह काम कर रहे हैं, तो लोग बोले 'और आप कु*त्ते जैसा'

दिग्विजय सिंह बोले, हाँ मोदीजी, आप गधे की तरह काम कर रहे हैं, तो लोग बोले 'और आप कु*त्ते जैसा'

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नई दिल्ली: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मोदी का मजाक बनाते हुए कहा कि हाँ मोदी जी आपने सही फ़रमाया, आप एक गधे की माफिक काम करते हो। दिग्विजय सिंह ने यह ट्वीट किया था -
दिग्विजय सिंह को ट्विटर पर करारे और जोरदार जवाब मिले, लेकिन पहले यह जान लीजिये मोदीजी ने स्वयं को गधे जैसा क्यों कहा था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मोदी को इशारों इशारों में गधा बताते हुए अमिताभ बच्चन से कहा था कि आप गुजरात के गधों के प्रचार क्यों करते हो, मोदीजी से कहिये कुछ काम करें।

कल मोदी ने एक रैली में अखिलेश को जवाब देते हुए कहा था - अखिलेश जी, आपको पता नहीं है गधा भी हमें प्रेरणा देता है, अगर दिल दिमाग साफ़ हो तो प्रेरणा ले भी सकते हैं, गधा अपने मालिक के लिए वफादार होता है, गधा अपने मालिक के लिए उतना काम करता है जितना मालिक चाहता है, इसके अलावा गधा सबसे कम खर्चे वाला होता है।

मोदी ने कहा कि गधा कितना भी बीमार हो, कितना भी खाली पेट हो, कितना ही थका हुआ हो लेकिन अगर मालिक उससे काम लेता है तो सहन करता हुआ भी अपने मालिक का दिया काम पूरा करके रहता है, अखिलेश जी, ये सवा सौ करोड देशवासी मेरे मालिक हैं, वो मुझसे जितना काम लें करता हूँ, बिना छुट्टी लिए करता हूँ, थक जाऊं तो भी करता हूँ, कभी भूखा रहा तो भी करता हूँ क्योंकि गधे से प्रेरणा लेता हूँ और बड़े गर्व से लेता हूँ क्योंकि मैं अपने सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए गधे से भी अधिक मजदूरी करता हूँ और गर्व करता हूँ कि मैं अपने मालिकों के काम आता हूँ। 

मोदी के जवाब पर पूरे देश ने तालियाँ बजायीं, लोगों ने मोदी की वाहवाह की लेकिन कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने फिर से अपना मुंह खोल दिया और मोदी का मजाक बनाते हुए कहा - मोदीजी आप सच में एक गधे जैसा काम करते हैं। दिग्विजय सिंह का मतलब लोगों ने समझ लिया और उनकी धुलाई कर दी - खुद देखिये -






Thursday, February 23, 2017

अमर सिंह ने किया खुलासा, सास-ससुर पर जुल्म करती थीं जया बच्चन, इसलिए अमिताभ रहते हैं इनसे अलग

अमर सिंह ने किया खुलासा, सास-ससुर पर जुल्म करती थीं जया बच्चन, इसलिए अमिताभ रहते हैं इनसे अलग

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नई दिल्ली: पूर्व सपा नेता और राज्य सभा सांसद अमर सिंह ने आज समाजवादी पार्टी की राज्य सभा सांसद और अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन के बारे में बड़ा खुलासा किया है, अमर सिंह ने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर को दिए गए इंटरव्यू में कई खुलासे किये। 

अमर सिंह ने सबसे पहला खुलासा जया बच्चन के बारे में किया, जया बच्चन समाजवादी पार्टी से राज्य सभा सांसद भी हैं और वे मोदी सरकार की नोटबंदी का विरोध भी करती हैं, यही नहीं वे कांग्रेस और अन्य विरोधी पार्टियों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुई थीं और नोटबंदी के विरोध में काली पट्टी भी बांधी थी। 
आज अमर सिंह ने जया बच्चन के चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि जया बच्चन ने अपने सास ससुर यानी अमिताभ बच्चन के माता पिता हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के साथ 15 वर्षों तक बुरा बर्ताव करती रहीं, उनका अपमान करती रहीं। अमिताभ बच्चन ने 15 वर्षों तक अपने माता पिता का अपमान होते हुए देखा और उसके बाद जया बच्चन से अलग हो गए। दोनों अलग अलग घर में रहें लगे और आज भी अलग अलग घर में ही रहते हैं। अमिताभ मुंबई के प्रतीक्षा बंगले में रहते हैं लेकिन जया बच्चन दूसरे बंगले जलसा में रहती हैं। 

जानकारी के लिए बता दें कि अमर सिंह अमिताभ बच्चन के करीब 30 वर्षों तक सबसे करीबी दोस्त रहे हैं, हर छोटी छोटी बातों से वाकिफ हैं और वही जया बच्चन को सपा में लेकर आये थे।

अमर सिंह ने बताया कि कुछ लोग मेरे ऊपर आरोप लगाते हैं कि मैंने उन दोनों को अलग किया लेकिन जब मैं उन लोगों के करीब गया तो अमिताभ प्रतीक्षा में रहते थे और जया जलसा में रहती थीं। यह इसलिए क्योंकि जमा बच्चन का व्यवहार हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के लिए बहुत बुरा था, एक तरफ जया अपने सास ससुर का अपमान करती थीं तो अमिताभ बच्चन अपन माता पिता के लिए श्रवण कुमार थे इसलिए वे जया बच्चन के व्यवहार को सहन नहीं कर पाए और उनसे अलग रहने लगे। जब हरिवंश राय और तेजी बच्चन बीमार हो गए तब भी जया बच्चन का व्यवहार नहीं बदला। 
3 साल पूरे होने पर गाँवों-गरीबों की तरफ रूख करेंगे PM MODI

3 साल पूरे होने पर गाँवों-गरीबों की तरफ रूख करेंगे PM MODI

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नई दिल्ली, 22 फरवरी: केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार मई महीने में सत्ता में अपने तीन साल पूरे करने को लेकर देशव्यापी कार्यक्रम करने की योजना बना रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाँवों और गरीबों की तरफ अपना ध्यान आकर्षित करेंगे और गरीबों के हित में योजनायें शुरू करके मोदी को 'गरीबों का मसीहा' के रूप में पेश किया जाएगा। 

ये कार्यक्रम गरीबों के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित होंगे, जिन्हें 'अच्छे दिन आ गए' वीडियो के साथ संचार के विभिन्न माध्यमों के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। 

विपक्षी पार्टियां सरकार पर लगातार आरोप लगाती रही हैं कि वह अपने चुनाव प्रचार के दौरान किए गए 'अच्छे दिन' लाने के वादे को पूरा करने में नाकाम रही है।

ज्ञात सूत्रों ने कहा है कि सरकार अपनी उपलब्धियों को ग्रामीण इलाकों तक ले जाने के लिए पूरा जोर दे सकती है।

केंद्रीय मंत्रियों द्वारा किए जाने वाले संवाददाता सम्मेलनों को शहरों से इतर भी किया जा सकता है, जबकि पिछले साल पार्टी ने सरकार की दूसरी वर्षगांठ के दौरान कार्यक्रमों के शहरों तक ही सीमित रखा था।

सरकार के कार्यो से लोगों को अवगत कराने के लिए केंद्रीय मंत्रियों को गांवों में ही रहने को कहा जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महीने लंबे कार्यक्रम के अंत में एक संवाददाता सम्मेलन कर सकते हैं। अगर वह ऐसा करते हैं, तो मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के यह उनका पहला संवाददाता सम्मेलन होगा।

भाजपा नेताओं ने कहा है कि मोदी सरकार ने गरीबों तथा ग्रामीण इलाकों के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है और इसे प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है।

भाजपा के एक नेता ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा, "प्रधानमंत्री गरीबों तक पहुंच रहे हैं। नोटबंदी का उद्देश्य नकदी का अवैध रूप से जमाखोरी करने वाले अमीरों को निशाना बनाना था। इस प्रयास से यह संदेश गया है कि मोदी ने गरीबों के लिए सर्वाधिक काम किया है और वह उनके मसीहा हैं।"

सूत्रों ने कहा कि सरकार की तीसरी वर्षगांठ के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खासकर उत्तर प्रदेश से संभावित तौर पर पार्टी के पक्ष में आने वाला नतीजा उत्साह को और बढ़ा सकता है। हालांकि प्रतिकूल नतीजे से वर्षगांठ की योजना में उत्साह थोड़ा कम हो सकता है।

सूत्रों ने कहा कि मंत्रालयों से सरकार द्वारा खासकर गरीबों से किए गए वादों के क्रियान्वयन पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है।

एक अधिकारी ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर आईएएनएस से कहा, "मंत्रालयों से गरीबों के लिए किए गए कार्यो सहित उनकी उपलब्धियों के बारे में पुस्तिकाएं, पर्चे तथा प्रचार संबंधी अन्य सामग्रियों को तैयार करने को कहा गया है।"

वीडियो में सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), 500 रुपये तथा 1,000 रुपये की नोटबंदी, भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए उठाए गए कदम तथा गरीबों को घरेलू गैस का वितरण शामिल हो सकता है।

मोदी सरकार पाकिस्तान से भारत में होने वाली आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के प्रयासों को भी अपनी उपलब्धियों में शामिल कर सकती है, जिसके लिए उसने बीते साल सितंबर में पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर की सीमा में जाकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।

वर्षगांठ कार्यक्रमों के प्रस्ताव पर अभी चर्चा नहीं हुई है। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

सरकार ने अपनी दूसरी वर्षगांठ 'विकास पर्व' के रूप में मनाई थी। 

दूसरी वर्षगांठ की शुरुआत उत्तर प्रदेश में मोदी की एक रैली तथा एक इंडिया गेट पर 'एक नई सुबह' नामक कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ था, जिसमें बॉलीवुड की कुछ हस्तियों ने शिरकत की थी।

Tuesday, February 21, 2017

मोदी ने सही कहा 'लूटने वाले बचेंगे नहीं', ED के पूर्व संयुक्त निदेशक भ्रष्टाचार में गिरफ्तार

मोदी ने सही कहा 'लूटने वाले बचेंगे नहीं', ED के पूर्व संयुक्त निदेशक भ्रष्टाचार में गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 21 फरवरी: अगर आपने ध्यान दिया होता तो मोदी आजकल अपनी रैलियों में दो बातें बोलते हैं, पहली तो यह कि जिसने भी देश को लूटा है वो बचेगा नहीं और दूसरी यह कि उनकी लड़ाई कुर्सी पर बैठे अधिकारियों से है जिन्होंने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए घोटाले और भ्रष्टाचार किये हैं। 

मोदी की कही गयी बातें सच हो रही हैं क्योंकि अब कुर्सी पर बैठ चुके बड़े बड़े अधिकारी भी पकडे जा रहे हैं, नोटबंदी के बाद लोगों ने ED यानी प्रवर्तन निदेशालय के बारे में सुना था और यह भी जाना था कि ED के हाथों में विदेशी लेन-देन की जांच करने की पूरी पॉवर होती है और अगर विदेशी बैंकों में भारत से पैसा जमा हुआ तो इसकी भी जानकारी रहती है। 

आज प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर जे.पी.सिंह को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है और उनके साथ तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है जिसमें ED के अधिकारी संजय कुमार तथा दो बिचौलिए विमल अग्रवाल तथा चंद्रेश पटेल शामिल हैं। अब आप समझ लीजिये, जिस ED में ऐसे भ्रष्ट अधिकारी बैठे हैं तो भारत का पैसा स्विस बैंकों में कैसे नहीं जमा हुआ होगा यानी इन लोगों ने भ्रष्टाचार का नंगा नाच खेला होगा। 

वित्त मंत्रालय के आदेश पर सितंबर 2015 में सीबीआई ने यह मामला दर्ज किया था। इसकी जांच के बाद इन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत तथा आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज है।

आरोप है कि सट्टेबाजी में धनशोधन तथा इस तरह की अन्य गतिविधियों की जांच के दौरान सिंह तथा ईडी के अन्य अधिकारियों ने मामले के आरोपियों व संदिग्धों से कथित तौर पर रिश्वत के तौर पर बड़ी रकम ली थी।

CBI के एक अधिकारी ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, "इन अधिकारियों ने आरोपियों व संदिग्धों से रिश्वत के रूप में बड़ी रकम ली।" 
मुकेश अम्बानी का कमाल, बना लिए 10 करोड़ जियो ग्राहक

मुकेश अम्बानी का कमाल, बना लिए 10 करोड़ जियो ग्राहक

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मुंबई, 21 फरवरी: रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने मंगलवार को कहा कि रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या 10 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। अंबानी ने मीडिया से कहा, "जियो को पिछले साल पांच सितंबर को लांच किया गया था और केवल 170 दिनों में हमने 10 करोड़ ग्राहकों के आंकड़े को पार कर लिया है। यह उपलब्धि भारत और भारतीयों की है।"

उन्होंने कहा कि जियो औसतन हर सेकेंड अपने नेटवर्क पर सात ग्राहकों को जोड़ता है। 

उन्होंने कहा, "यह दुनिया में कहीं भी किसी भी प्रौद्योगिकी कंपनी की स्वीकृति का एक अभूतपूर्व स्तर है।"

अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो के शुरू होने से पहले भारत डेटा पेनिट्रेशन के मामले में 150वें स्थान पर था। अब यह पहले स्थान पर है। 

उन्होंने कहा, "जियो के ग्राहकों ने 100 करोड़ गीगा बाइट डेटा का उपभोग किया है। मोबाइल डेटा के प्रयोग के मामले में आज भारत दुनिया में नंबर एक है।"

अंबानी ने कहा कि 2017 के अंत तक देश की 99 फीसदी आबादी जियो के नेटवर्क के दायरे में होगी, जिसमें देश के सारे शहर, कस्बे और गांव शामिल होंगे। 

उन्होंने ध्यान दिलाया कि कंपनी ने अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले 4जी स्टेशनों की संख्या दोगुनी कर ली है। 

उन्होंने जियो के ग्राहकों के लिए अगले 12 महीने के लिए किफायती सदस्यता योजना की घोषणा की। इससे दूरसंचार कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की संभावना है। 

उन्होंने कहा, "जियो प्राइम सदस्यता योजना के तहत 99 रुपये का शुल्क एक बार चुकाने पर एक साल तक इसके फायदे मिलेंगे। इसके लिए सदस्यता एक मार्च से 31 मार्च तक हासिल की जा सकती है। इसकी सदस्यता लेने पर अगले 12 महीनों के लिए असीमित फायदे मिलेंगे।"

साल 2018 के मार्च महीने के बाद जियो प्राइम के सदस्यों को अगले एक साल तक सेवा शुल्क के रूप में 303 रुपये प्रति माह चुकाने होंगे।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जो लोग प्राइम सदस्यता नहीं लेंगे उनके लिए कंपनी एक अप्रैल को टैरिफ प्लान की घोषणा करेगी। 

अंबानी ने कहा जियो के टैरिफ प्लान में प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की तुलना में 20 फीसदी अधिक डेटा मिलेगा।