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Tuesday, March 28, 2017

समय समय की बात है जब 200 रुपये में थी दाल तो भैंसे, मुर्गे और बकरे से भी स्वादिष्ट लगती थी?

समय समय की बात है जब 200 रुपये में थी दाल तो भैंसे, मुर्गे और बकरे से भी स्वादिष्ट लगती थी?

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नई दिल्ली, 28 मार्च: उत्तर प्रदेश में जब से अवैध बूचडखानों पर कार्यवाही शुरू हुई है भैंसे के गोस्त की कमी हो गयी है, अब मुसलामानों को भैंसे का गोस्त खाने को नहीं मिल रहा है तो यह बहुत स्वादिष्ट लगने लगा है, मीडिया के लोग भी टुंडे कबाब ना मिलने का रोना रो रहे हैं, मीडिया वालों को भी टुंडे कबाब बहुत स्वादिष्ट लगने लगा है। 
वैसे आपको बता दें, लोगों को जो चीजें नहीं मिलती वही स्वादिष्ट लगने लगती हैं, अगर आपको याद हो, जब दाल की कीमतें 200 रुपये तक पहुंची थीं तो यही दालें लोगों को टुंडे कबाब, भैंसे, मुर्गे और बकरे के गोस्त से भी अधिक स्वादिष्ट लगती थीं, जिस पार्टी में दाल परोसी जाती थी तो लोग भैंसे, बकरे और मुर्गे को छोड़कर दाल पर टूट पड़ते थे लेकिन जब से दाल की कीमतें मोदी सरकार ने 70 रुपये कर दी हैं लोगों को फिर से भैंसा, बकरा और मुर्गा स्वादिष्ट लगने लगा है। 

जब से दाल की कीमतें 70 रुपये हुई हैं, ना तो दालें किसी को स्वादिस्ट लग रही हैं, ना ही मीडिया में इसकी चर्चा हो रही है, जब दाल की कीमतें 200 रुपये हुई थीं तो यही मीडिया के लोग कहते थे कि दाल गरीबों का भोजन है, दाल में प्रोटीन मिलता है, मोदी सरकार ने दाल रूपए में कर दी है, हाय हाय हाय हाय। 

अब दाल की कीमतें गिर गयी हैं, हर गरीब को दाल मिल रही है तो मीडिया वालों ने टुंडे कबाबी का रोना शुरू कर दिया है, अब भैंसा इन्हें अधिक स्वादिस्ट लगने लगा है। पहले एक हफ्ते दाल नहीं मिलती थी, जो लोग रोजाना मीट-मुर्गा खाते थे उनकी जीभ दाल के लिए मचलने लगती थी, अब रोजाना दाल मिल रही है तो लोगों की जीभ मीट-मुर्गे के लिए मचल रहे है, मतलब जीभ में ही दोष है, इसको जो चीजें नहीं मिलती उसके लिए मचलने लगती है, जीभ को जो चीजें नहीं मिलती उसी के लिए ये मचलने लगती है।

कहने का मतलब ये है कि जरूरी नहीं है कि मीट, मुर्गा या भैंसा ही लोगों को स्वादिष्ट लगता है, दाल उससे भी अधिक स्वादिस्ट लग सकती है जब इसकी कीमतें भैंसे, बकरे और मुर्गे से अधिक कर दी जाय। 
हिंदुस्तान के नववर्ष पर मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

हिंदुस्तान के नववर्ष पर मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

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New Delhi, 28 March: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हिंदुस्तान के नववर्ष पर देशवासियों को बधाई दी है, आज से ही नवरात्रि का पर्व भी शुरू हो रहा है इसलिए उन्होंने नवरात्रि की भी बधाई दी है, उन्होंने ट्वीट करके कहा - 
जानकारी के लिए बता दें कि अंग्रेजों के आने से पहले भारत का नया साल 28 मार्च से शुरू होता था, लेकिन अंग्रेजों ने भारत पर कब्ज़ा करने के बाद यहं पर 1 जनवरी से अपना नववर्ष मनाना शुरू कर दिया था, धीरे धीरे भारत के लोग भी अपना नववर्ष भूलते गए और अंग्रेजों का नव वर्ष मनाने लगे लेकिन अब फिर से लोग जाग रहे हैं और हिंदुस्तान का नववर्ष मनाने लगे हैं। 
यह नोटबंदी की नहीं बल्कि दानवीकरण की जीत है: सिब्बल

यह नोटबंदी की नहीं बल्कि दानवीकरण की जीत है: सिब्बल

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नई दिल्ली, 27 मार्च: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि यह नोटबंदी की जीत नहीं बल्कि दानवीकरण की जीत है। सिब्बल ने हाल ही में देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के संदर्भ में यह बात कही।

राज्यसभा में वित्त विधेयक-2017 पर चर्चा के दौरान सिब्बल ने कहा, "यह सोचना गलत है कि नोटबंदी की जीत हुई है। यह दानवीकरण की जीत है।"

सिब्बल ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जेटली ने यह कहकर देश की जनता का अनुचित तरीके से अनादर किया है कि वे कर चोरी करते हैं।

सिब्बल ने कहा, "वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बहुत ही भावुक अपील की थी और वास्तव में देश की आम जनता से कहा कि वे सभी बेईमान हैं, क्योंकि वे कर नहीं चुकाते। जेटली ने कहा कि 125 करोड़ की आबादी में सिर्फ 3.17 करोड़ लोग कर चुकाते हैं।"

सिब्बल ने कहा, "लेकिन अगर आप विश्लेषण करें तो पाएंगे कि इस देश में सिर्फ तीन करोड़ लोग ही कर चुकाने की हालत में हैं। और आप कह रहे हैं कि देश की जनता बेईमान है, क्योंकि वे कर नहीं चुकाते और इसलिए आपने देश को इस भयानक स्थिति में डाला।"

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को अवैध घोषित कर दिया था, जिसे उन्होंने काले धन के खिलाफ लड़ाई बताया था।

वित्त विधेयक के कई प्रावधानों की कड़ी आलोचना करते हुए सिब्बल ने उन्हें पूंजीवाद को बढ़ावा देने वाला, देश की संघीय संरचना को कमजोर करने वाला, सरकार को जनता की जासूसी करने की इजाजत देने वाला और कारोबार जगत में भय का माहौल बनाने वाला बताया।

सिब्बल ने कहा कि इस विधेयक के जरिए राजनीतिक दलों को उद्योग जगत से मिलने वाले चंदे की सीमा हटाया जा रहा है और नए प्रावधानों के तहत चंदा देने वालों की पहचान उजागर करने की भी जरूरत नहीं होगी।

उन्होंने कहा, "किसी कंपनी की कुल आय का 7.5 फीसदी चंदा देने की सीमा हटायी जा रही है। अब तो कंपनी के हिस्सेदार भी नहीं जान सकेंगे कि किस पार्टी को चंदा दिया गया।"

आधार कार्ड को अधिकतर जन कल्याण की योजनाओं में अनिवार्य किए जाने पर सिब्बल ने कहा कि आधार को सिर्फ जन वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए लाया गया था, लेकिन मौजूदा सरकार इसका उपयोग आम जनता की जासूसी करने में कर रही है।

Monday, March 27, 2017

बहुत होशियार हैं मोदी, दिल्ली के बजाय दूसरे शहरों में करा रहे हैं बड़े सम्मलेन, 1 तीर 2 निशाने?

बहुत होशियार हैं मोदी, दिल्ली के बजाय दूसरे शहरों में करा रहे हैं बड़े सम्मलेन, 1 तीर 2 निशाने?

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नई दिल्ली, 26 मार्च: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस वक्त एक तीर से दो दो शिकार कर रहे हैं, बड़े बड़े सम्मलेन दिल्ली से बाहर करा रहे हैं ताकि छोटे शहरों का भी विकास हो सके, बड़े बड़े सम्मलेन होने पर सम्मेलन स्थल, उसके आस पास के रोड और अन्य सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये का खर्च आता है, दिल्ली में इस वक्त आम आदमी पार्टी की सरकार है, केजरीवाल से मोदी की बनती नहीं है, अगर बड़े बड़े सम्मलेन दिल्ली में होंगे तो मोदी सरकार को दिल्ली की सड़कें बनाने के लिए केजरीवाल सरकार को पैसा देना पड़ेगा, अरबों खरबों रुपये जब दिल्ली में खर्च होंगे तो कमाई केजरीवाल की होगी, इसका क्रेडिट भी केजरीवाल मार ले जाएंगे इसलिए मोदी दिल्ली में कोई सम्मलेन करवा ही नहीं रहे हैं। 

अब बड़े बड़े सम्मलेन गोवा, चंडीगढ़ और वाराणसी में हो रहे हैं ताकि इन शहरों का विकास हो सके साथ ही टूरिज्म का बढ़ावा हो सके, इसी महीने में G-20 फ्रेमवर्क कार्य समूह की मीटिंग दिल्ली में होने वाली थी उसे शिफ्ट करके वाराणसी में अरेंज कर दिया गया, अगर दिल्ली में मीटिंग होती तो समेल्लन स्थल और आस पास के रोड बनाने, व्यवस्था खड़ी करने, इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने आदि के लिए मोदी सरकार केजरीवाल को पैसे देती, मोदी को इसका क्रेडिट भी नहीं मिलता, अब यही सम्मलेन वाराणसी में होगा तो केंद्र सरकार के पैसे से वाराणसी में रोड बनेंगे, कई अन्य चीजें बनेंगी, साफ़-सफाई होगी, इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा, टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, कई देशों से करीब 100 बड़े बड़े नेता आयेंगे, उनके इंतजाम में वाराणसी में अरबों रुपये खर्च करने पड़ेंगे, वाराणसी को आर्थिक लाभ होगा साथ ही विकास होगा। 

ऐसा करके मोदी एक तीर से तो शिकार कर रहे हैं, पहला तो केजरीवाल को सबक सिखा रहे हैं और दूसरा इस पैसे को दिल्ली में ना खर्च करके छोटे शहरों में खर्च कर रहे हैं और अब इन शहरों का भी विकास करा रहे हैं, आप खुद ही सोच लीजिये, अगर अरबों रुपये दिल्ली में खर्च होते तो दिल्ली यानी केजरीवाल सरकार को लाभ होगा, अगर यही अरबों रुपये वाराणसी में खर्च होंगे तो बीजेपी सरकार और मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को लाभ होगा। 

28-29 मार्च को वाराणसी में होगी G-20 कार्य समूह की बैठक

जी-20 फ्रेमवर्क कार्य समूह की दो दिवसीय तीसरी बैठक 28 और 29 मार्च को वाराणसी में आयोजित की जा रही है। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि जी-20 फ्रेमवर्क कार्य समूह की बैठक आर्थिक मामले विभाग, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा संयुक्त रूप से 28 और 29 मार्च को वाराणसी में आयोजित की जा रही है। 

जर्मनी की अध्यक्षता वाले जी-20 कार्य समूह की पहली दो बैठकें पिछले वर्ष दिसम्बर में बर्लिन और इस वर्ष फरवरी में रियाद में आयोजित की गई थी। 

कार्य समूह की 2009 में स्थापना के बाद से यह चौथा अवसर है, जब भारत इस बैठक की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले भारत ने नीमराणा, राजस्थान (2012 में मैक्सिको की अध्यक्षता में), गोवा (2014 में जी-20 आस्ट्रेलिया की अध्यक्षता में) और केरल (2015 में जी-20 तुर्की की अध्यक्षता में) में जी-20 एफडब्ल्यूजी की बैठकों की मेजबानी की थी। 

वाराणसी में होने वाली जी-20 कार्य समूह की बैठक में वर्तमान वैश्विक आर्थिक स्थिति और विकास संबंधी महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करने के लिए इस संगठन के देशों द्वारा अपनाए जाने वाले नीति-विकल्पों पर विचार किया जाएगा। 

इस बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा जी-20 की समावेशी विकास कार्यसूची पर विचार करने संबंधी है। इसमें एक फ्रेमवर्क तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जो प्रत्येक राष्ट्र विषयक समावेशी विकास नीतियां तैयार करने में देशों की मदद कर सके।

जी-20 19 देशों और यूरोपीय संघ का समूह है, जो वैश्विक आर्थिक मुद्दों और अन्य महत्वपूर्ण विकास चुनौतियों पर विचार करता है। जी-20 फ्रेमवर्क कार्य समूह जी-20 समूह के बुनियादी कार्य समूहों में से एक है।

Sunday, March 26, 2017

अगर नकद भुगतान बंद कर दे तो हर भारतीय कालेधन के खिलाफ लड़ाई में हमारा साथ दे सकता है: PM MODI

अगर नकद भुगतान बंद कर दे तो हर भारतीय कालेधन के खिलाफ लड़ाई में हमारा साथ दे सकता है: PM MODI

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नई दिल्ली, 26 मार्च: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देश को संबोधित करते हुए डिजिटल भुगतान के लिए जनता का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि कालेधन के खिलाफ लड़ाई ख़त्म नहीं हुई है, कालेधन की समस्या तब तक रहेगी जब तक कैश में भुगतान होता रहेगा क्योंकि धन-माफिया कैश को इकठ्ठा करके तिजोरियों में भर लेंगे या उसे बिस्तर के नीचे दबा देंगे।

मोदी ने कहा कि कालेधन के खिलाफ लड़ाई में हर भारतीय हमारा साथ दे सकता है बस एक बार तय कर ले कि अब केवल कैशलेस भुगतान करना है, अगर देशवासी ये काम करना शुरू कर देंगे तो कालेधन की समस्या ख़त्म हो जाएगी क्योंकि कैश ख़त्म तो कालाधन भी ख़त्म। 

मोदी ने कहा कि दृढ़ संकल्प के जरिए भारत में एक साल की जगह केवल आगामी छह महीने में ही 2.5 करोड़ डिजिटल लेनदेन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकजा है।

मोदी ने कहा, "मैं डिजिटल लेनदेन करने के लिए नागरिकों का आभार व्यक्त करता हूं। हर नागरिक नकद लेनदेन के स्थान पर डिजिटल भुगतान का विकल्प चुनकर काले धन के खिलाफ लड़ाई में एक वीर सिपाही बन सकता है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन में भारी इजाफा हुआ है।

उन्होंने कहा, "लॉन्च किए जाने के दो महीने के भीतर ही भीम एप के 1.5 करोड़ डाउनलोड हुए। यह सराहनीय है। अगर 125 करोड़ नागरिक संकल्प कर लें, तो हमें 2.5 करोड़ डिजिटल लेनेदेन के लिए एक साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, हम छह महीने के भीतर ही यह लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।"

'न्यू इंडिया' 125 करोड़ भारतवासियों का सपना : मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 125 करोड़ भारतवासी चाहते हैं कि भारत में बदलाव आए। उन्होंने कहा कि 'न्यू इंडिया' कोई सरकारी योजना नहीं है, यह 125 करोड़ भारतीयों का सपना है। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद अपने पहले 'मन की बात' कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि हर भारतीय नागरिक के छोटे-छोटे और मजबूत कदमों से एक नए और बदले हुए भारत की कल्पना को साकार किया जा सकता है।

मोदी ने कहा, "हम 21वीं सदी में हैं और कोई भारतीय नहीं है जो भारत में बदलाव नहीं लाना चाहता। 'न्यू इंडिया' न ही कोई सरकारी योजना है और न ही यह किसी राजनीतिक दल का घोषणापत्र है। यह 125 करोड़ भारतीयों की इच्छा है कि देश में बदलाव आए।"

उन्होंने कहा, "सब कुछ बजट या सरकारी धन से ही नहीं जुड़ा। अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी और अपना दायित्व निभाने का संकल्प ले, तो उसका एक नए और बदले हुए भारत का सपना आसानी से पूरा हो सकता है।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "अगर हम समाज की ओर देखें तो कई लोग हैं, जो अपने तरीके से समाज की सेवा कर रहे हैं। कुछ लोग अस्पतालों में मरीजों की सेवा कर रहे है, कुछ स्वेच्छा से रक्तदान कर रहे हैं और कुछ गरीबों को खाना खिला रहे हैं।"

मोदी ने कहा, "अगर हर नागरिक संकल्प ले कि मैं यातायात के नियमों का पालन करूंगा, सप्ताह में एक बार पेट्रोल या डीजल का उपयोग नहीं करूंगा और अधिक जिम्मेदार बनूंगा और अगर हम कदम दर कदम ये सब करें तो हम एक नए भारत का अपना सपना साकार कर सकते हैं।"
लगता है राजनाथ सिंह भी अगली बार सर्जिकल स्ट्राइक पर जाएंगे और 2-4 पाकिस्तानियों को निपटायेंगे

लगता है राजनाथ सिंह भी अगली बार सर्जिकल स्ट्राइक पर जाएंगे और 2-4 पाकिस्तानियों को निपटायेंगे

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ग्वालियर (मप्र), 26 मार्च: कल गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ग्वालियर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के दीक्षांत समारोह में शिरकत की और जवानों के साथ मुलाक़ात करके उनका हौसला बढाया, कल गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपने हाथों में कमांडों वाली सुपर स्वचालित राइफल उठा ली और निशाना लगाने लगे, राजनाथ सिंह को देखकर एकबारगी ऐसा लगा कि अगली बार शायद राजनाथ सिंह भी सर्जिकल स्ट्राइक पर जाएंगे और दो-चार पाकिस्तानी आतंकवादियों को निपटाकर वापस आ जाएंगे।

कार्यक्रम में राजनाथ सिंह सभी हथियारों का जायजा लिया और अपने हाथ में उठाकर उन्हें बारीकी से देखा, उन्होने पासिंग आउट परेड का भी लुत्फ़ उठाया और जवानों के साथ फोटो खिंचाई।
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केंद्रीय गृहमंत्री ने दीक्षांत समारोह के बाद संवाददाताओं से कहा, "देश की सीमाओं की सुरक्षा में बीएसएफ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन बखूबी कर रहा है। यही कारण है कि बीएसएफ के प्रति देश के लोगों का भरोसा बढ़ा है। बीएसएफ की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।"

घुसपैठ न थमने के सवाल पर राजनाथ ने कहा, "सीमाएं सील की जाएंगी। जहां फेंसिंग हो सकती है, वहां की जाएगी और जहां यह नहीं हो सकेगी, वहां तकनीक का सहारा लिया जाएगा।"

Friday, March 24, 2017

बूचड़खाने बंद करवाकर भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं BJP-RSS: सीताराम येचुरी

बूचड़खाने बंद करवाकर भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं BJP-RSS: सीताराम येचुरी

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तिरुवनंतपुरम, 24 मार्च: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (MCP) के महासचिव सीताराम येचुरी ने बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि ये लोग भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं और इसीलिए उत्तर प्रदेश में बूचड़खाने बंद करवाए जा रहे हैं, योगी आदित्यनाथ को केवल हिंदुत्व को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया।

सीताराम यचुरी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है लेकिन इसे बीजेपी-आरएसएस भारत को एक हिंदू राष्ट्र में बदलने के अपने एजेंडे के साथ आगे बढ़ रहे हैं और कुछ राज्यों में हिंसा और ध्रुवीकरण का रास्ता अपना रहे हैं। येचुरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) केरल और त्रिपुरा में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं, क्योंकि उनकी पार्टी हिंदू राष्ट्र के उनके एजेंडे पर लगातार हमले कर रही है।

माकपा महासचिव ने कहा, "वे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के काम में और हिंसा में लिप्त हैं। केरल में हम हमेशा से उनके निशाने पर रहे हैं और वे अब हमें त्रिपुरा में सत्ता से हटाने के लिए काम कर रहे हैं। यह मुद्दा बहुत गंभीर है।"

येचुरी ने यहां मीडिया से कहा कि माकपा इस मुद्दे के साथ लोकतांत्रिक तरीके से निपटेगी। 

उन्होंने भाजपा पर लोकसभा में सभी उदाहरणों और संसदीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया।

येचुरी ने कहा, "राज्यसभा में मेरे सहयोगी ने बताया कि सरकार ने आज (शुक्रवार) निजी विधेयकों के बाद निचले सदन में वित्त विधेयक पेश करने का निर्णय लिया है।"

उन्होंने कहा, "ऐसा इसके पहले कभी नहीं हुआ। भाजपा सरासर संसदीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर रही है। वे ये सब इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि उनके पास ऊपरी सदन में बहुमत नहीं है।"

माकपा नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद से वहां की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।

उन्होंने कहा, "आरएसएस और स्वयंभू गुंडे कानून अपने हाथ ले रहे हैं और बूचड़खाने बंद करा रहे हैं। राज्य में इस संदर्भ में स्पष्ट कानून है, लेकिन जब से नए मुख्यमंत्री ने सत्ता संभाली है, तब से उसका पालन नहीं किया जा रहा है।"

येचुरी ने कहा कि रोमियो रोधी दस्ते बनाकर नैतिक पुलिसिंग भी की जा रही है।

उन्होंने कहा, "यदि भाजपा ने चुनाव से पूर्व योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया होता तो वे उत्तर प्रदेश में सत्ता में नहीं आए होते।"
शिवसेना MP कर्मचारियों को कहते हैं 'उठाकर प्लेन से बाहर फेंक दूंगा' अब कोई दे ही नहीं रहा टिकट

शिवसेना MP कर्मचारियों को कहते हैं 'उठाकर प्लेन से बाहर फेंक दूंगा' अब कोई दे ही नहीं रहा टिकट

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नई दिल्ली, 24 मार्च: एयर इंडिया के कर्मचारी सुकुमार को सैंडिलों से पीटकर और उन्हें प्लेन से उठाकर बाहर फेंकने की धमकी देकर शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ मुसीबत में फंस चुके हैं, अब उन्हें कोई कंपनी प्लेन का टिकट दे ही नहीं रही है और अगर किसी ने दिया भी है तो कैंसिल कर दिया है, रवींद्र गायकवाड को अपने घर पुणे जाना है लेकिन टिकट ना मिलने की वजह से वे दिल्ली में ही अटके हुए हैं।

उड़ान कंपनियां डर रही हैं कि पता नहीं रवींद्र गायकवाड को कब गुस्सा आ जाए और वे किसी कर्मचारी को उठाकर प्लेन से बाहर फेंक दें, या सैंडिल उठाकर कर्मचारियों को पीटने लगे, वे एक बार शुरू होते हैं तो 25 सैंडिल मारते हैं, यही सब सोचकर उड़ान कम्पनियाँ रवींद्र गायकवाड से इतना डर गयी हैं कि अब उन्हें प्लेन में चढ़ने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है।

उन्होंने कल एयर इंडिया का टिकट करा रखा था लेकिन आज सुबह एयर इंडिया ने टिकट कैंसिल कर दिया, उसके बाद उन्होंने प्राइवेट कंपनी इंडिगो का टिकट लिया लेकिन बाद में उसे भी कैंसिल कर दिया गया। 
Air India कर्मचारी को सैंडिलों से पीटकर बुरे फंसे शिवसेना MP, अब प्लेन में नहीं कर पाएंगे सफ़र

Air India कर्मचारी को सैंडिलों से पीटकर बुरे फंसे शिवसेना MP, अब प्लेन में नहीं कर पाएंगे सफ़र

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New Delhi, 24 March: थोड़ी सी बहस के बाद एयर इंडिया कर्मचारी सुकुमार को सैंडिलों से पीटकर शिवसेना सांसद रवीन्द्र गायकवाड़ मुसीबत में फंस चुके हैं, ताजा खबर आयी है कि एयर इंडिया और FIA सदस्य की उड़ान कंपनियों ने रवीन्द्र गायकवाड़ को प्लेन में चढ़ने पर बैन लगा दिया है। 

जानकारी के लिए बता दें कि कल प्लेन में सफ़र के दौरान शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड और एयर इंडिया कमर्चारी सुकुमार के बीच में बहस हुई थी, सुकुमार ने शिवसेना सांसद की गुंडागर्दी देखकर कहा था कि वे उनकी मोदी से शिकायत करेंगे, मोदी का नाम सुनते ही रवींद्र गायकवाड ने सैंडिल उतारी और 25 बार सुकुमार को पीता, उनका चश्मा तोड़ दिया। 

सुकुमार ने बताया कि मैंने रवींद्र को केवल प्लेन से उतरने के लिए कहा था क्योंकि सफाई कर्मियों को अपना काम करना था। 

Thursday, March 23, 2017

UP के BJP सांसदों से बोले PM MODI, योगी सरकार के काम में दखल ना दें, Action जारी रहने दें

UP के BJP सांसदों से बोले PM MODI, योगी सरकार के काम में दखल ना दें, Action जारी रहने दें

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नई दिल्ली, 23 मार्च: प्रधानमंत्री मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के बीजेपी सांसदों को प्रधानमंत्री निवास में चाय पर बुलाया, उन्होंने सभी बीजेपी सांसदों को उत्तर प्रदेश में विशाल जीत के लिए धन्यवाद दिया साथ ही यह भी कहा कि चुनावों में सिर्फ 2 साल रह गए हैं इसलिए कड़ी मेहनत शुरू कर दें, जनता के बीच में जाएं और केंद्र सरकार की योजनाओं से लोगों को अवगत कराएं। 

मोदी ने सांसदों को यह भी नसीहत दी कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को पूरी ताकत से काम करने दें, प्रशासन के किसी भी काम में दखल ना दें, पुलिस वालों पर किसी भी तरह का दवाब ना बनायें और ना ही किसी अधिकारी की ट्रान्सफर और पोस्टिंग की सिफारिश करें, अगर कोई अधिकारी गलत काम करते हुए देखा जाएगा तो उसे उत्तर प्रदेश की सरकार सजा देगी। 

मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसा लगना चाहिए कि सरकार काम कर रही है, यह तभी संभव होगा जब आप में से सभी लोग उनका सहयोग करें, प्रशासन को उसका कम करने दें और पुलिस वालों को अपराधियों पर कार्यवाही करने की खुली छूट दें। 
मुझे विश्वास था MODI जी मेरी मदद करेंगे लेकिन इतना जल्दी करेंगे ये नहीं पता था: सारा खान

मुझे विश्वास था MODI जी मेरी मदद करेंगे लेकिन इतना जल्दी करेंगे ये नहीं पता था: सारा खान

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नई दिल्ली, 23 मार्च: प्रधानमंत्री मोदी ने आज फिर साबित कर दिया कि वह 125 करोड़ हिन्दुस्तानियों के प्रधानमंत्री हैं और बिना किसी की जाति, धर्म देखे सबकी मदद करते हैं, हाल ही में कर्नाटक की सारा खान नाम की एक लड़की ने MBA की पढ़ाई ले लिए बैंक में लोन का आवेदन किया था लेकिन बैंक वालों ने उसे लोन देने से मना कर दिया। 

सारा खान ने बताया कि मेरे पिता जी सुगर की फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं, बैंक वालों ने मुझसे कहा था कि आपके पिताजी सुगर की फैक्ट्री में काम करते हैं तो आप लोन कैसी चुका पाओगी, यह कहते हुए बैंक वालों ने लोन देने से मना कर दिया था। 

इसके बाद सारा खान ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी और उनसे मदद माँगी, प्रधानमंत्री मोदी को जब सारा खान की चिट्ठी मिली तो उन्होंने तत्काल केंद्रीय अधिकारीयों को फोन लगाया, उसके तुरंत बाद बैंक वालों ने सारा खान को लोन दे दिया। 

लोन मिलने के बाद सारा खान बहुत खुश हैं, उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा कि मुझे यह तो विश्वास था कि मोदीजी मेरी मदद जरूर करेंगे लेकिन इतनी जल्दी मदद करेंगे यह नहीं पता था, मुझे केवल 10 दिन में मोदीजी ने लोन दिला दिया। 
सभी सांसदों को आज आमिर खान की फिल्म 'दंगल' दिखाई जाएगी, पति-पत्नी को साथ आने को कहा गया है

सभी सांसदों को आज आमिर खान की फिल्म 'दंगल' दिखाई जाएगी, पति-पत्नी को साथ आने को कहा गया है

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नयी दिल्ली, 23 मार्च: लोकसभा और राज्य सभा के सभी सांसदों को आज आमिर खान की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म 'दंगल' दिखाई जाएगी, इस शो का आयोजन दोनों सदन की कार्यवाही ख़त्म होने के बाद शाम को योगी ऑडिटोरियम में किया जाएगा। 

शो का आयोजन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की पहल पर किया जा रहा है, उनका मानना है कि फिल्म मनोरंजन से भरपूर होने के साथ साथ महिलाओं के शशक्तिकरण के लिए भी प्रेरित करती है इसलिए अगर सभी सांसद फिल्म को देखेंगे तो कुछ ना कुछ सीखेंगे। 

इस फिल्म के प्रदर्शन के लिए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गयी है जिसमें सभी सांसदों को उनके पत्नी के साथ आने को कहा गया है, फिल्म साधे छः बजे शुरू होगी, फिल्म का आयोजन लोकसभा सचिवालय का कल्याण विभाग कर रहा है।

Wednesday, March 22, 2017

प्रभु का ‘Vikalp’ लाया वेटिंग टिकट वालों के लिए खुशखबरी, स्लीपर के टिकट पर करो राजधानी में सफ़र

प्रभु का ‘Vikalp’ लाया वेटिंग टिकट वालों के लिए खुशखबरी, स्लीपर के टिकट पर करो राजधानी में सफ़र

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New Delhi, 22 March: केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए विकल्प योजना की शुरुआत की है जिसके तहत ऑनलाइन वेटिंग टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए विकल्प नाम का एक आप्शन होगा जिसे सेलेक्ट करने पर अगर टिकट कन्फर्म नहीं हुआ तो उसी रूट पर राजधानी, शताब्दी साबित दूसरी ट्रेनों में बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के यात्रा करने का मौका मिलेगा। 

विकल्प (Vikalp) योजना की मुख्य बातें
  • बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के राजधानी, दुरंतो, शताब्दी, सुविधा सहित सभी विशेष ट्रेनों में यात्रा करने का मौका मिलेगा, दूसरी तरह से कहें तो अब स्लीपर क्लास में वेटिंग टिकट वालों की लॉटरी निकलेगी क्योंकि 500 रुपये वाले स्लीपर टिकट पर उन्हें 4000 रुपये वाले राजधानी ट्रेन की टिकट पर सफ़र करने का मौका मिल सकता है
  • कैशलेस अर्थव्यावस्था को प्रोत्साहन - योजना प्रारंभ में केवल E-Ticket पर उपलब्ध यानी केवल IRCTC के जरिये टिकट बुक करने वालों को यह लाभ मिलेगा
  • विकल्प योजना के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क अथवा रिफंड नहीं मिलेगा
  • यह योजना सभी रेलगाड़ियों में सीटों के सदुपयोग एवं यात्रियों के लिए अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था के लिए शुरू की गयी है 
  • 1 अप्रैल 2017 से यह योजना लागू होगी
GST Bill एक जुलाई ने लागू होगा: अरुण जेटली

GST Bill एक जुलाई ने लागू होगा: अरुण जेटली

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नई दिल्ली, 22 मार्च: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को उम्मीद जताई कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) इस साल पहली जुलाई से लागू किया जा सकेगा। उन्होंने साथ ही यह भी उम्मीद जताई कि संसद के मौजूदा बजट सत्र में इससे संबंधित विधेयक पारित हो जाएंगे।

 जेटली ने यहां भारत के नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ओर से आयोजित राष्ट्रमंडल देशों के महापरीक्षकों के 23वें सम्मेलन के दौरान कहा, "जीएसटी भारत में सबसे बड़ा सुधार है। उम्मीद है यह एक जुलाई से लागू हो जाएगा। उम्मीद है कि इससे संबंधित विधेयकों को संसद से मंजूरी मिल जाएगी।"
सुब्रमनियम स्वामी बोले, राम मंदिर नहीं बनाने दोगे तो 2018 में हमारा राज्यसभा में भी बहुमत होगा

सुब्रमनियम स्वामी बोले, राम मंदिर नहीं बनाने दोगे तो 2018 में हमारा राज्यसभा में भी बहुमत होगा

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नई दिल्ली, 22 मार्च: सुप्रीम कोर्ट के यु-टर्न लेने के बाद सुब्रमनियम स्वामी नाराज हो गए हैं, स्वामी चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द राम मंदिर मामले का समाधान करे ताकि अयोध्या में भव्य मंदिर बन सके लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कल कह दिया कि यह संवेदलशील मामला है इसलिए आप लोग आपस में मिल बैठकर इस मुद्दे का समाधान कर लो। 

स्वामी जानते हैं कि मुस्लिम आसानी से मानने वाले नहीं हैं इसलिए उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर समझौता हुआ तो ठीक है, अगर नहीं हुआ तो 2018 में भारतीय जनता पार्टी का राज्य सभा में भी बहुमत हो जाएगा, उसके बाद कानून बनाकर राम मंदिर बनाया जाएगा और फिर कोई रोक भी नहीं पाएगा। 

उन्होने अब गेंद मुस्लिमों और उनके धर्मगुरुओं के पाले में डाल दी है, स्वामी चाहते हैं कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने और सरयू नदी के उस पार मिस्लिमों के लिए मस्जिद बने, उनका मानना है कि मस्जिद तो कहीं भी बन सकता है लेकिन भगवान राम का मंदिर वहीँ पर बनना चाहिए जहाँ पर वे पैदा हुए थे। 
राम मंदिर मुद्दे पर फिर से पुराने रास्ते पर मुस्लिम धर्मगुरु और सुप्रीम कोर्ट, 25 साल बर्बाद

राम मंदिर मुद्दे पर फिर से पुराने रास्ते पर मुस्लिम धर्मगुरु और सुप्रीम कोर्ट, 25 साल बर्बाद

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नई दिल्ली, 22 मार्च: राम मंदिर मुद्दे पर कोई कुछ भी कहे लेकिन अगर गहराई से देखें तो सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को लटकाकर 25 साल खराब कर दिया है क्योंकि अगर यह मुद्दा कोर्ट से बाहर ही निपटना था तो सुप्रीम कोर्ट में गया क्यों और अगर सुप्रीम कोर्ट को यही आदेश देना था तो बहुत पहले क्यों नहीं दे दिया, आखिर क्यों इस मामले को 25 साल लटकाए रखा। 

कल सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह संवेदनशील मामला है इसलिए हिन्दू मुस्लिम मिलकर बात कर लें, सबसे पहली बात तो जान लीजिये कि पहले भी दोनों पक्षों में बातचीत हो चुकी है, बातचीत असफल हुई थी इसीलिए यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया था, बातचीत के हर तरह से प्रयास हो चुके हैं हर कोशिश बेकार गयी क्योंकि मुस्लिम किसी भी बात पर राजी नहीं थे, मुस्लिम ही इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गए थे। 

अब सुप्रीम कोर्ट और मुस्लिम धर्मगुरु दोनों कह रहे हैं कि इस मामले का समाधान कोर्ट से बाहर होना चाहिए, जानकारी के लिए बता दें कि आज आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नेता मौलाना खालिद रशीद ने भी राम मंदिर मुद्दे का समाधान कोर्ट से बाहर करने की वकालत की, कल तक यही लोग केवल सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे का समाधान चाहते थे लेकिन आज इनके सुर बदल गए हैं। 

ऐसा लगता है कि मुस्लिम धर्मगुरु और सुप्रीम कोर्ट दोनों मिलकर इस मामले को फिर से लटकाना चाहते हैं क्योंकि इस मामले का समाधान बातचीत से हो ही नहीं सकता, फिर से बातचीत करने के लिए फिर से पूरा तामझाम इकठ्ठा करना पड़ेगा, हिन्दू लोग अपनी संसद बुलायेंगे और मुस्लिम लोग अपनी संसद बुलायेंगे, ऐसा करने में दो-तीन साल निकल जाएगा, बातचीत असफल हुई तो फिर से मामला सुप्रीम कोर्ट में जाएगा, वहां भी दो-तीन साल लटका दिया जाएगा। 

बीजेपी के लिए राम मंदिर सबसे बड़ा मुद्दा है क्योंकि विरोधी लोग जानते हैं कि अगर राम मंदिर बन गया तो बीजेपी को इसका क्रेडिट मिलेगा इसलिए विरोधी पार्टियाँ खासकर कांग्रेस कभी नहीं चाहेगी कि राम मंदिर बने इसलिए कोई ना कोई नेता मुस्लिम धर्मगुरुओं को भड़काकर काम खराब करने की कोशिश करेगा, इसके अलावा अगर यह मुद्दा २-३ साल लटक गया तो कांग्रेस इसे अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी की असफलता बताएगी और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करेगी। 

Tuesday, March 21, 2017

मोटिवेशन की फैक्ट्री हैं मोदीजी: मनोज तिवारी

मोटिवेशन की फैक्ट्री हैं मोदीजी: मनोज तिवारी

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नई दिल्ली, 21 मार्च: आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीजेपी के सांसदों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि सांसदों की पहली जिम्मेदारी है कि लोकसभा और राज्य सभा की कार्यवाही में उपस्थित रहें, उन्होंने सभी सांसदों को फरमान सुनाते हुए कहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोग लोकसभा की कार्यवाही में उपस्थित रहें और चर्चा में भाग लें। 

मोदी ने यह फरमान दो वजहों से सुनाया ही, पहला तो यह कि अब चुनाव में सिर्फ 2 साल बाकी है, कई सांसदों का काम बहुत ढीला है, कई लोग नींद में सो रहे हैं, कई लोग अभी तक मौज ही कर रहे हैं, इसके अलावा में संसद में भी नहीं आते हैं, मोदी का सोचना है कि जब दो साल बाद फिर से चुनाव होगा तो वे कामचोर सांसदों के लिए किस मुंह से वोट मांगेंगे, अगर ये लोग संसद में आयेंगे, चर्चा में भाग लेंगे तो ये कम से कम संसदीय कार्यप्रणाली के बारे में तो सीखेंगे। 

जब मोदी ने देखा कि बीजेपी के कई सांसद कामचोरी पर उतर आये हैं तो उन्होंने सभी सांसदों को फरमान सुनाते हुए कहा कि सब के सब संसद की कायवाही में हाजिर रहें, जो गैरहाजिर रहा उसे वे खुद फोन करके बुलायेंगे, उन्होंने यह भी इशारा किया कि अगली बार उनका टिकट भी काटा जा सकता है। 

उनकी बात पर मीडिया ने कई सांसदों से प्रतिक्रिया ली, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि मोदी जी की बातों से किसी भी सांसद को नाराजगी नहीं है क्योंकि मोदीजी मोटिवेशन की फैक्ट्री है, उनकी हर बात में मोटिवेशन रहता है, हर काम में मोटिवेशन रहता है, अगर सांसद लोग यहाँ पर आयेंगे नहीं तो वे कैसे सीखेंगे इसीलिए मोदी ने यह फरमान सुनाया है। 
BREAKING: लोकसभा में योगी आदित्यनाथ की बात सुनकर लोगों ने खूब लगाए ठहाके, पढ़ें क्या कहा?

BREAKING: लोकसभा में योगी आदित्यनाथ की बात सुनकर लोगों ने खूब लगाए ठहाके, पढ़ें क्या कहा?

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नई दिल्ली, 21 मार्च: आज सांसद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा में भाषण दिया लेकिन आज उनके भाषण में काफी मैच्योरिटी दिखी, आज उन्होने विपक्षियों को लताड़ने के साथ साथ लोगों को ठहाके लगाने पर भी मजबूर कर दिया। 

योगी ने कहा कि मुझे अफ़सोस के साथ कहाँ पड़ रहा है कि केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में यूपी सरकार को ढाई लाख करोड़ रुपये दिए लेकिन वहां पर केवल 78 हजार करोड़ रुपये ही खर्च हुए, लोगों ने कहा - शेम शेम शेम..।

योगी ने कहा कि सपा सरकार के पास विकास का कोई ढांचा नहीं था इसलिए उत्तर प्रदेश में हमें जिस प्रकार का विशाल जनादेश मिला है वह उन लोगों पर करारा तमाचा है जिन्होने हमारी लोक कल्याणकारी नीतियों पर लगातार सवाल उठाये हैं, यह जनादेश इस बात को साबित करता है कि जनता उनके नीतियों के खिलाफ थी। 

उन्होने कहा कि मैं सदन को विश्वास दिलाता हूँ कि हम प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में सबका साथ और सबका विकास का ढांचा खड़ा करेंगे, हम लोग हर जाति, हर धर्म, हर वर्ग और उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के विकास के लिए, उत्तर प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए  संकल्पित होकर कार्य करेंगे और जो धनराशि अब तक खर्च नहीं हो पायी है हम उस पर प्रभावी ढंग से कार्य करेंगे। 

योगी ने कहा कि मैं लगातार 1998 से लोकसभा सांसद हूँ और मैंने संसदीय प्रणाली के बारे में यहाँ पर बहुत कुछ सीखा है, मैं 26 वर्ष की उम्र में पहली बार सांसद बना, उस समय मैं काफी पतला था, उनकी बात सुनकर लोग हंसने लगे और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से कहा 'अभी भी आप अधिक मोटे नहीं हो'।

योगी ने कहा कि जब मैं पहली बार सांसद बना था तो उस समय गोरखपुर की स्थिति ऐसी थी कि एक दिन जब मैं उस समय के उर्वरक और रसायन मंत्री सुरजीत सिंह वरनाला से मिला तो वे मुझे आधे घंटे तक घूरते रहे, उन्होंने मुझसे लगातार तीन बार पूछा - क्या आप गोरखपुर से चुने गए हैं, मैंने कहा हां। मैंने उनसे पूछा - सरदार जी, आप ऐसा क्यों पूछ रहे हैं तो उन्होंने कहा - मैं एक चुनावी सभा को संबोधित करने गया था, अचानक दोनों तरफ से बम फेंके जाने लगे, मैं वहां से भाग आया और उसके बाद गोरखपुर में वापस नहीं गया। लोग योगी की बातों पर खूब हँसे।

उसके बाद योगी ने बताया कि मुझे उनकी बात सुनकर बहुत दुःख हुआ कि हमारे शहर के बारे में, हमारे जिले के बारे में लोग कसी प्रकार की बातें करते हैं, मैं गोरखपुर गया और सभी व्यापारिक संगठनों को, सांकृतिक संगठनों को बिठाया और कहा, लोग हमारे शहर के बारे में बहुत गलत बातें करते हैं, हमें सामूहिक रूप से इस समस्या को दूर करना पड़ेगा, सरकार कोई भी हो, वह कैसी भी चले लेकिन हमें अपने जिले को सुधारना है, उसके बाद मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि पिछले 15 वर्षों में हम लोगों ने गोरखपुर में एक भी व्यापारी को गुंडा टैक्स नहीं देने दिया, एक भी व्यापरी या चिकित्सक का अपहरण नहीं करने दिया, हमने किसी को अराजकता नहीं फैलाने दी, पांच वर्ष में उत्तर प्रदेश के अन्दर 403 दंगे हुए लेकिन हमारे पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ है और हम फिर से कह सकते हैं कि हम उत्तर प्रदेश में भी इसी प्रकार की स्थिति बनाने में सफल होंगे इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।

इसके बाद योगी ने कहा कि लोग मेरी उम्र के बारे में कह सकते हैं, मैं आदरणीय राहुल जी से एक वर्ष छोटा हूँ और अखिलेश जी से एक वर्ष बड़ा हूँ, मैं दोनों की जोड़ी के बीच में आ गया इसीलिए यह आपकी विफलता का एक बड़ा कारण हो सकता है लेकिन मैं आप सबको आमंत्रित करूँगा, आप उत्तर प्रदेश में आयें, हम आप लोगों का स्वागत करेंगे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप लोग उत्तर प्रदेश में आइये, वहां पर आपका स्वागत होगा, उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के सपनों का प्रदेश होगा, भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश होगा, दंगो से मुक्त प्रदेश होगा, अराजकता और गुंडागर्दी से मुक्त प्रदेश होगा, उत्तर प्रदेश में हम विकास का ऐसा मॉडल देंगे कि वहां के नौजवानों को पलायन नहीं करना पड़ेगा, माताओं-बहनों को अपनी सुरक्षा के लिए कहीं पर गुहार नहीं करना पड़ेगा।

योगी ने कहा कि मैं खासतौर से खड्गे जी और सभी सांसदों को आमंत्रित करना चाहूँगा कि वहां पर आयें और आप देखते रहिये, वहां पर बहुत कुछ बंद होने जा रहा है।
स्वामी से बोला सुप्रीम कोर्ट, आपसी सहमति से सुलझाओ राम मंदिर मामला, हम मध्यक्षता के लिए तैयार

स्वामी से बोला सुप्रीम कोर्ट, आपसी सहमति से सुलझाओ राम मंदिर मामला, हम मध्यक्षता के लिए तैयार

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नई दिल्ली, 21 मार्च: उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद राम मंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के भी तेवर नरम पड़ चुके हैं, अब तक यह मामला सुप्रीम कोर्ट ने लटका रखा था, आज बीजेपी सांसद सुब्रमनियम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द से जल्द इस मामले की सुनवाई की मांग की तो सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमनियम स्वामी से कहा कि यह मामला बहुत संवेदनशील है इसलिए आप लोग मिल बैठकर इस मुद्दे को सुलझा लें। 

चीफ जस्टिस ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आप चाहें तो इस मुद्दे के समाधान के लिए मुझे मीडिएटर बने लें और अगर मुझपर विश्वास ना हो तो किसी और न्यायायिक अधिकारी को मीडिएटर बना लें।

इस मामले की अगली सुनवाई 31 मार्च को तय की गयी है, सुब्रमनियम स्वामी ने कहा कि हमें दुसरे पक्ष से कई बार बात कहती चाही लेकिन वे लोग कहते हैं कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में यह मामला लंबित है हम बात नहीं कर सकते, आज सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कह दिया है कि आप लोग यह मामला बाहर सुलझा लें ये तो अँधेरे में तीर मारने जैसा हुआ, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह संवेदनशील मामला है जिसका समाधान आपसी सहमती से ही हो सकता है, आप चाहें तो मुझे मध्यखता के लिए कह सकते हैं। 
MODI के मन में YOGI के लिए है ये बड़ा प्लान, इसलिए बनाया CM

MODI के मन में YOGI के लिए है ये बड़ा प्लान, इसलिए बनाया CM

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नई दिल्ली, 21 मार्च: अगर आप हमारी ख़बरें पढ़ते हों तो जानते होंगे, हमने बहुत पहले ही बता दिया था कि मोदी अपने जैसे तपस्वी, समर्पित और कठोर मेहनत करने वाले व्यक्ति को ही उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाएंगे और ऐसे तापसवी केवल योगी आदित्यनाथ हैं। हम इस खबर का लिंक भी दे रहे हैं -  


हमने ऐसा इसलिए कहा था क्योंकि एक समय मोदी भी तपस्वी के भेष में अपना जीवन गुजारते थे, वे भी मठों और आश्रमों में रहकर साधू संतों की सेवा करते थे और अथाह ज्ञान प्राप्त करने के बाद ही उन्होंने राजनीतिक जीवाल में कदम रखा था। मोदी की तरह योगी ने भी अपना जीवन त्याग, तपस्या से शुरू करके राजनीतिक जीवन में कदम रखा था, हमें पता था कि मोदी ने योगी को पहले ही CM बनाने का प्लान बना रखा था इसीलिए उन्होंने योगी को केंद्र में मंत्री नहीं बनाया। 

अगर देखा जाए तो योगी विल्कुल मोदी के पदचिन्हों पर चल रहे हैं, करीब 21 वर्ष की उम्र में मोदी ने भी अपना घर बार छोड़ दिया, 21 वर्ष की उम्र में योगी ने भी अपना घर बार छोड़ दिया। मोदी आरएसएस से जुड़े रहे साथ ही मठों, आश्रमों में ज्ञान प्राप्त करते रहे, योगो भी मठों से जुड़े रहे और ज्ञान प्राप्त करते रहे। 

अगर आप बारीकी से देखें तो दोनों का जीवन काफी मेल खाता है, मोदी 51 वर्ष की उम्र में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और लगातार 14 साल तक मुख्यमंत्री के रूप में काम करते रहे, वे एक बार मुख्यमंत्री बने तो लगातार 14 साल तक कुर्सी से चिपके रहे, कोई उन्हें हिला भी नहीं सका, प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ी। 

अब बात करते हैं योगी की, योगी लगातार पांच बार सांसद रह चुके हैं, इस वक्त उनकी उम्र केवल 44 वर्ष है, अगर मोदी चाहते तो किसी और को मुख्यमंत्री बनाकर योगी को थोंडा समय और वेटिंग में रख सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा जान बूझकर नहीं किया क्योंकि मोदी को 10 साल बाद अपनी ही तरह का उत्तराधिकारी चाहिए, जिस प्रकार मोदी ने 14 साल गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में टिककर कार्य किया उसी तरह से मोदी चाहते हैं कि योगी कम से कम 10 साल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करें और उसके बाद मोदी के उत्तराधिकारी बने। 

योगी के पास अपनी कार्यक्षमता दिखाने का समय है, हालाँकि इस समय बीजेपी में कई नेता हैं जो प्रधानमंत्री बनने की दावेदारी रखते हैं लेकिन 2019 में भी मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे इसलिए शिवराज सिंह, राजनाथ सिंह आज से 8 साल बाद उम्रदराज हो जाएंगे लेकिन आज से 10 साल बाद योगी 55 साल के होंगे और उनके पास भी प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने के लिए 10-15 साल का समय रहेगा।

मोदी योगी के बारे में बहुत दूर की सोच रहे हैं लेकिन योगी को इस अग्निपथ पर चलने के लिए हिम्मत के साथ साथ संयम भी दिखाना होगा, जिस प्रकार से मोदी ने अपने आपको साबित किया है उसी तरह से योगी को भी अपने आप को साबित करना होगा, कम से कम ऐसे कार्यकर्ताओं को संभालना होगा तो कहते हैं 'यूपी में रहना है तो योगी योगी कहना है' क्योंकि यही कार्यकर्त्ता योगी का खेल बिगाड़ेंगे, अगर इनके कार्यकर्त्ता आगे भी ऐसे नारे लगाते रहे तो इससे पूरे देश में सन्देश जाएगा कि योगी के कार्यकर्त्ता दूसरों को फ़ोर्स कर रहे हैं, गुंडागर्दी कर रहे हैं, अगर ऐसा ही रहा तो एक दो साल में योगी की सरकार पर भी सपा की तरह गुंडागर्दी के आरोप लगेंगे और उनकी वापसी मुश्किल हो जाएगी।

आपने पिछले दो-तीन दिनों में देखा होगा, योगी ने विल्कुल भी अपने हर बात में संयम बरता है, उन्होंने अपने मंत्रियों से भी संयम बरतने को कहा है, अब योगी केवल विकास की बात कर रहे हैं और मोदी के रास्ते पर चलने का प्रयास कर रहे हैं, अगर उन्होंने कठोर परिश्रम करके उत्तर प्रदेश को गड्ढे से निकाल लिया साथ ही अपने अति-उत्साही कार्यकर्ताओं को भी संभाल लिया तो आज से 10 साल बाद योगी मोदी की भी कुर्सी संभाल सकते हैं और मोदी खुश यही चाहते हैं इसीलिए योगी को उन्होंने धमाके के साथ लांच किया है।

कोई कुछ भी कहे लेकिन योगी मोदी की मर्जी से मुख्यमंत्री बने हैं और पिछले 7-8 दिनों का घटनाक्रम जान बूझकर प्लानिंग के तहत रचा गया था ताकि जैसे ही योगी के नाम ही घोषणा हो, धमाका हो और उसकी खुशबू चारों तरफ फ़ैल जाय। आपने देखा होगा कि पिछले तीन दिनों से मीडिया के लोग केवल योगी योगी का जाप कर रहे हैं, अगर योगी की जगह किसी और को मुख्यमंत्री बनाया गया होता तो इतना बड़ा धमाका ना होता।