Showing posts with label India. Show all posts
Showing posts with label India. Show all posts

25 June, 2017

मोदी ने दिलाई इमरजेंसी की याद तो तिलमिला गए कांग्रेसी नेता

मोदी ने दिलाई इमरजेंसी की याद तो तिलमिला गए कांग्रेसी नेता

modi-emergency-remark-in-man-ki-baat-make-congress-angry

New Delhi, 25 June: आज कांग्रेसी नेता तिलमिलाए हुए हैं क्योंकि मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में एक बार फिर से इमरजेंसी की याद दिला दी. जैसे ही मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इमरजेंसी का जिक्र किया और इसे लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बताया, कांग्रेसी तिलमिला उठे और मोदी पर हमले करने लगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत की पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेसी नेता इंदिरा गाँधी ने 25 जून 1975 यानी आज ही के दिन देश में इमरजेंसी लगा दी थी, इस दौरान विपक्षी पार्टी के नेताओं को जेल में डाल दिया गया था साथ ही प्रेस और मीडिया को बैन कर दिया गया था. जिसनें भी इंदिरा गाँधी का कहना नहीं माना उन्हें उठाकर जेल में डाल दिया गया.

आज इमरजेंसी की बरसी थी इसलिए मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इसे याद किया और इमरजेंसी को देश के लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बताया जिसके बाद कांग्रेसियों ने भी मोदी के खिलाफ हमला शुरू कर दिया. कांग्रेस नेता Tom Vadakkan ने कहा कि मोदी सरकार ने भी अघोषित इमरजेंसी लगा रखी है. उन्होंने NDTV के प्रमोटर प्रणय राय के घरपर CBI रेड का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी मीडिया को दबाया जा रहा है, कश्मीर को सेना के हवाले कर दिया गया है, ये भी इमरजेंसी है लेकिन अघोषित इमरजेंसी. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इंटरनल और एक्सटर्नल सुरक्षा में भी फेल साबित हुए हैं, आज पाकिस्तान से लगातार आतंकी भारत में प्रवेश कर रहे हैं और अलगाववाद कश्मीर में स्वतंत्र घूम रहे हैं.

क्या कहा था मोदी ने मन की बात में

मोदी ने मन की बात में कहा था कि इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस सरकार ने लोगों की आजादी छीन ली थी, कांग्रेस ने किसी भी सेक्शन को नहीं बख्शा, चाहे राजनेता हों, अर्थशास्त्री हों, मीडिया के लोग हों, छात्र हों या आम आदमी, उन्होंने हर आदमी को उठाकर जेल में डाल दिया था.

24 June, 2017

पुर्तगाल पहुंचे PM MODI, पुर्तगाल के प्रधानमंत्री के साथ दिखी जबरजस्त केमिस्ट्री

पुर्तगाल पहुंचे PM MODI, पुर्तगाल के प्रधानमंत्री के साथ दिखी जबरजस्त केमिस्ट्री

pm-narendra-modi-and-antonio-costa-meet-modi-landed-portugal
Lisbon, 24 June: तीन देशों एक टूर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi आज पुर्तगाल पहुँच गए हैं, प्रधानमंत्री Narendra Modi पुर्तगाल, नीदरलैंड और अमेरिका के दौरे पर गए हैं, पुर्तगाल के बाद वे नीदरलैंड जाएंगे और उसके बाद वे बहुप्रतीक्षित अमेरिका दौरे पर जाएंगे जहाँ पर उनकी प्रेसिडेंट Donald Trump से मुलाक़ात होगी. 

आज पुर्तगाल पहुँचने पर मोदी का जोरदार स्वागत हुआ, उन्होने पुर्तगाल के प्रधानमंत्री Antonio Costa से मुलाक़ात की और दोनों के बीच Necessidades Palace में काफी देर तक बातचीत हुई, इस दौरान Modi और Antonio Costa के बीच जबरजस्त केमिस्ट्री दिखी.

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ट्वीट करके बताया कि उनका मकसद भारत और पुर्तगाल के बीच रिश्ते सुधारना है. प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय समझौते के बाद यहाँ के भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे.
सबसे ऊंचे पद की उम्मीदवार मीरा कुमार के बारे में सबसे शर्मनाक खुलासा, हर कोई जानकर हैरान

सबसे ऊंचे पद की उम्मीदवार मीरा कुमार के बारे में सबसे शर्मनाक खुलासा, हर कोई जानकर हैरान

upa-president-candidate-merira-kumar-exposed-in-hindi
New Delhi, 24 June: कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने NDA के साफ़ सुथरे राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के खिलाफ आनन फानन में मीरा कुमार को राष्ट्रपति उम्मीदवार तो बना दिया लेकिन उनके बारे में थोड़ी सी भी जांच करना जरूरी नहीं समझा कि वे सबसे ऊंचे पद के लिए योग्य भी हैं या नहीं. कांग्रेस को सोचना चाहिए था कि सिर्फ दलित होने से कोई राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं बन जाता बल्कि इसके लिए ईमानदारी और बेदाग़ छवि होनी चाहिए.

राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने के बाद मीरा कुमार के बारे में ऐसे ऐसे खुलासे हो रहे हैं कि सियासी गलियारों में हलचल मच गयी है, खबर आ रही है कि नई दिल्ली के लुटियंस जोंस में कृष्ण मेनन मार्ग पर उन्होंने दो सरकारी बंगलों पर अवैध रूप से ना सिर्फ कब्जा जमाया हुआ है बल्कि दोनों बंगलों को आपस में जोड़कर एक बंगला बना लिया है, कायदे से तो उन्हें दोनों बंगलों को छोड़ देना चाहिए था क्योंकि अब वे तीन साल पहले ही लोकसभा चुनाव हार गयी थीं, वे सांसद नहीं हैं तो उन्हें सरकारी बंगले का लाभ भी नहीं लेना चाहिए लेकिन उन्होंने दोनों बंगलों पर अवैध कब्जा जमा लिया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चाहे राष्ट्रपति हो, प्रधानमंत्री हो या लोकसभा स्पीकर, किसी को भी सरकारी बंगले में छेड़छाड़ करने, निर्माण करने और तोड़फोड़ करने का अधिकार नहीं है, अगर ऐसा कोई करता है तो कानून का उल्लंघन होता है, अब आप खुद सोचिये, मीरा कुमार ने ना सिर्फ दोनों बंगले पर कब्ज़ा किया, दोनों को आपस में जोड़कर अपनी आलिशान हवेली बना ली, जो नेता कानून को नहीं मानता, क्या उसे राष्ट्रपति बनाना सही रहेगा या सिर्फ दलित होने से किसी को भी राष्ट्रपति उम्मीदवार बना दिया जाएगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें की 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद मीरा कुमार को दोनों बंगले खाली करने के लिए बार बार नोटिश दिया गया लेकिन उन्होंने कहा कि मैंने दोनों बंगलों को 25 साल के लिए अपने लिए बुक करवा लिया है, अब तक उनका करोड़ों रुपये का किराया हो गया है लेकिन उन्होंने मनमोहन सरकार के समय डेढ़ करोड़ रुपये के आसपास माफ़ करवा लिया, अब वे बंगले का किराया भी देने को राजी नहीं हैं और ना छोड़ने को राजी हैं.

23 June, 2017

कांग्रेस ने लोगों को किया कंफ्यूज, लोग पूछ रहे हैं मीरा कुमार के पति ब्राह्मण तो वह दलित कैसे?

कांग्रेस ने लोगों को किया कंफ्यूज, लोग पूछ रहे हैं मीरा कुमार के पति ब्राह्मण तो वह दलित कैसे?

meira-kumar-husband-manjul-kumar-shastri-is-brahman-she-dalit
New Delhi, 23 June: मीरा कुमार को कांग्रेस और विपक्ष ने सिर्फ इसलिए राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है क्योंकि उनके पिता दलित थे, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने उन्हें भी दलित नेता के तौर पर ही मैदान में उतारा है ताकि वह NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को टक्कर दे सकें और कांग्रेस पर दलित विरोधी होने का आरोप ना लग पाए लेकिन सोशल मीडिया पर लोग परेशान हैं क्योंकि मीरा कुमार के पति पंडित हैं, वह शास्त्री परिवार से हैं इसलिए मीरा कुमार को भी शास्त्री होना चाहिए तो वह दलित कैसे रह गयीं.

आप खुद देखिये, सोनिया गाँधी का पूर्व में नाम एंटोनियो मियानो था लेकिन वह राजीव गाँधी से शादी करके सोनिया गाँधी बन गयी इसलिए मीरा कुमार भी शास्त्री से शादी करके मीरा कुमार शास्त्री होना चाहियें लेकिन सोनिया गाँधी खुद तो गाँधी बन गयीं लेकिन उन्हें शास्त्री नहीं बनने दे रही हैं. मतलब यहाँ भी एक दलित को सिर्फ दलित रहने दिया जा रहा है तो कांग्रेस किस हिसाब से दलित होने का दावा कर रही है.

अब लोग परेशान हैं और सवाल पूछ रहे हैं कि मीरा कुमार ब्राह्मण व्यक्ति से शादी करने के बाद दलित कैसे रह गयीं, उनकी बेटियां देवंगाना कुमार और स्वाति कुमार भी ब्राह्मण हैं, पति भी ब्राह्मण हैं, उनके नाना देवरत शास्त्री भी ब्राह्मण थे तो मीरा कुमार दलित किस फ़ॉर्मूले से हैं ये लोगों को समझ में नहीं आ रहा है.

सबसे हैरानी वाली बात ये है कि इन्टरनेट पर मीरा कुमार के परिवार के सभी लोग अपने नाम के बाद शास्त्री शब्द हटा रहे हैं ताकि इनकी पोल ना खुले लेकिन इनके नाना देवरत शास्त्री के नाम से शास्त्री शब्द नहीं हटाया गया जिसकी वजह से इनकी पोल खुल गयी है.
चंद्रबाबू नायडू बोले, रामनाथ कोविंद की होगी जीत, विपक्ष की हार

चंद्रबाबू नायडू बोले, रामनाथ कोविंद की होगी जीत, विपक्ष की हार

chandrababu-naidu-said-ram-nath-kovind-will-win-opposition-loss
New Delhi, 23 June आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और NDA के सहयोगी चन्द्रबाबु नायडू ने कहा है कि रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति पद के लिए पूरी तरह से योग्य हैं और उनकी अवश्य ही जीत होगी, उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों को उन्हें समर्थन देना चाहिए, उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की इस चुनाव में भी हार होगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्ष ने राष्ट्रपति पद के लिए NDA के रामनाथ कोविंद के खिलाफ मीरा कुमार को उतारा है, मीरा कुमार पूर्व लोकसभा स्पीकर भी रह चुकी हैं और अनुभव के मामले में भी रामनाथ कोविंद पर भारी हैं लेकिन कई विरोधी पार्टियों के समर्थन के बाद रामनाथ कोविंद की जीत तय मानी जा रही है.

आज रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया, इस मौके पर उनका समर्थन करने के लिए करीब 18 मुख्यमंत्री मौजूद थे जिसमें चंद्रबाबू नायडू भी शामिल थे, मोदी ने भी इस मौके पर पहुंचकर रामनाथ कोविंद का उत्साह बढाया.
नामांकन के बाद बोले रामनाथ कोविंद, सभी समर्थक पार्टियों को धन्यवाद, आडवाणी ने भी दिया आशीर्वाद

नामांकन के बाद बोले रामनाथ कोविंद, सभी समर्थक पार्टियों को धन्यवाद, आडवाणी ने भी दिया आशीर्वाद

latest-hindi-news-ramnath-kovind-filed-nomination-for-president
New Delhi, 23 June: आज NDA के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद #RamnathKovind ने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दर्ज किया, इस मौके पर कई राज्यों के मुख्यमंत्री के अलावा भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह, बीजेपी के सबसे सीनियर नेता लाल कृष्ण आडवानी और मुरली मनोहर जोशी भी मौजूद रहे. नामांकन के बाद रामनाथ कोविंद ने सभी समर्थक पार्टियों और नेताओं का धन्यवाद अदा किया. उन्होंने कहा कि मैं इस पद की Dignity बनाए रखने की कोशिश करेंगे.

सबसे ख़ास बात ये रही कि रामनाथ कोविंद को लाल कृष्ण आडवाणी का भी आशीर्वाद मिल गया है क्योंकि कुछ लोग लाल कृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति उम्मीदवार बताकर बीजेपी में फूट डालने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनकी चाल फेल हो गयी क्योंकि बीजेपी के सभी सीनियर नेता भी रामनाथ कोविंद का समर्थन कर रहे हैं.

रामनाथ कोविंद ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति का पद दलगत राजनीति से ऊपर होना चाहिए और इसके बीच में जाती, धर्म नहीं आना चाहिए, जानकारी के लिए बता दें कि रामनाथ कोविंद दलित समाज से आते हैं इसलिए उन्हें टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने भी दलित नेता की बेटी मीरा यादव को मैदान में उतारा है. यूँ कहें तो, राष्ट्रपति चुनाव दलित बनाम दलित हो गया है.

22 June, 2017

कांग्रेस ने दलित नेता मीरा कुमार को बनाया विपक्ष का राष्ट्रपति उम्मीदवार, मुकाबला बनाया दिलचस्प

कांग्रेस ने दलित नेता मीरा कुमार को बनाया विपक्ष का राष्ट्रपति उम्मीदवार, मुकाबला बनाया दिलचस्प

mira-kumar-opposition-president-candidate-against-ramnath-kovind

New Delhi, 22 June: कांग्रेस और विपक्षियों  ने भी राष्ट्रपति चुनावों में पूरी ताकत से उतरने का फैसला किया है इसलिए दलित के मुकाबले में उन्होंने भी दलित नेता को राष्ट्रपति उम्मीदवार चुना है. आज कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों की बैठक में पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को राष्ट्रपति उम्मीदवार चुना गया, NDA के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की तरह मीरा कुमार भी दलित समाज से हैं इसलिए यह मुकाबला दलित बनाम दलित हो गया है.

जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस और विपक्ष ने मीरा कुमार को सिर्फ इसलिए राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है ताकि उनकर दलित विरोधी होने का इल्जाम ना लगे क्योंकि NDA के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद दलित हैं, अगर कांग्रेस उनका विरोध करती तो उनपर दलित विरोधी होने का आरोप लगता इसलिए मीरा कपूर को बहुत चालाकी से मैदान में उतारा गया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर कांग्रेस ने पहले ही मीरा कुमार को मैदान में उतार दिया होता तो बीजेपी को हर हाल में उनका समर्थन करना पड़ता वरना बीजेपी पर एंटी दलित होने का आरोप लगता लेकिन बीजेपी ने अपना उम्मीदवार पहले खड़ा करके बाजी मार ली, इस वक्त NDA के पास 51 फ़ीसदी वोट हैं, अगर तमिलनाडु की AIAMDK भी NDA को समर्थन दे देगी तो रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बन जाएंगे वरना मीरा कुमार के भी राष्ट्रपति चुने जाने के चांसेस होंगे क्योंकि NDA की सहयोगी शिवसेना पर भरोसा नहीं किया जा सकता. हालाँकि शिवसेना ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का भरोसा दिया है.

मीरा कुमार का परिचय
  • मीरा कुमार बिहार के महान क्रन्तिकारी बाबू जगजीवन राम की पुत्री हैं
  • पूर्व लोकसभा स्पीकर रह चुकी हैं'
  • 5 बार कांग्रेस पार्टी की तरह से बिहार के सासाराम से सांसद रह चुकी हैं
  • कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं
  • कई देशों में राजदूत रह चुकी हैं

21 June, 2017

फ्यूचर प्रेसिडेंट रामनाथ कोविंद ने भी नई दिल्ली में किया योग

फ्यूचर प्रेसिडेंट रामनाथ कोविंद ने भी नई दिल्ली में किया योग

future-president-ramnath-kovind-yoga-in-new-delhi-on-iyd-2017
New Delhi, 21 June: आज पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है, देश के अलावा विदेश में भी योग किया जा रहा है, इस मौके पर नई दिल्ली में भी योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें भारत के भविष्य के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी भाग लिया.

रामनाथ कोविंद के साथ बीजेपी नेता और केन्द्रीय खेल मंत्री विजय गोयल और बीजेपी सांसद मिनाक्षी लेखी ने भी योग किया, यह कार्यक्रम NDMC द्वारा आयोजित किया गया था.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रामनाथ कोविंद को NDA की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया गया है, कई विपक्षी पार्टियों ने भी उन्हें समर्थन दिया है इसलिए अब उनका राष्ट्रपति बनना तय है.
भारी संख्या में लोगों को योग करते देखकर खुश हो गए MODI, बोले, योग करते रहो बीमारियों को भूल जाओ

भारी संख्या में लोगों को योग करते देखकर खुश हो गए MODI, बोले, योग करते रहो बीमारियों को भूल जाओ

international-yoga-day-in-ramabai-ambedkar-maidan-lucknow
New Delhi, 21 June: आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रमाबाई आबेडकर मैदान में अन्तर्रष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योगा कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी भाग लिया और लाखों लोगों के साथ योगा किया. मोदी ने कहा कि योग करने से ही बीमारियाँ दूर होंगी और मन को शान्ति मिलेगी इसलिए योगा को अपने जीने की आदत बना लेनी चाहिए.

आज का योग दिवस कार्यक्रम इसलिए भी ख़ास बन गया क्योंकि योग करते वक्त लखनऊ में बारिश होने लगी जिसके बाद योग के लिए बिछाई गयी दरी को लोगों ने ओढ़ लिया जिसे देखकर मोदी खुश हो गए, उन्होंने कहा कि आज लखनऊ वालों ने यह भी सिखा दिया कि योग-दरी का कैसे इस्तेमाल किया जाए.

लाखों लोगों को एक साथ योगा करते देखकर मोदी खुश हो गए, उन्होंने कहा कि योगा मन को स्थिर रखता है और किसी भी प्रकार के उतार चढ़ाव के बीच भी स्वस्थ मन के साथ जीने की कला सिखाता है. उन्होंने कहा कि आज मैं लखनऊ के इस विशाल मैदान में हजारों लोगों को देख रहा हूँ जो इस बात का सन्देश दे रहे हैं कि जीवन में योग का तो महत्व है ही लेकिन अगर बारिश आ जाए तो योग-दरी का कैसे उपयोग हो सकता है, ये भी लखनऊ वालों ने दिखा दिया क्योंकि लगातार बारिश के बावजूद भी आप सब यहाँ पर डटे हुए हैं, आपका यह प्रयास सराहनीय है.
बहुत होशियार है कांग्रेस, रामनाथ कोविंद को ‘यह बहाना’ बनाकर देगी राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन

बहुत होशियार है कांग्रेस, रामनाथ कोविंद को ‘यह बहाना’ बनाकर देगी राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन

congress-will-support-ramnath-kovind-for-president-post

Patna, June 20: कांग्रेस पार्टी के दिमाग की दाद देनी होगी क्योंकि कांग्रेस ने राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का मन बना लिया है लेकिन एक बहुत ही लाजवाब बहाना बनाया है, कांग्रेस का कहना है कि हम लोग उस व्यक्ति का समर्थन नहीं करेंगे जो BJP की विचारधारा मानता है और हमने कब कहा कि रामनाथ कोविंद बीजेपी की विचारधारा मानते हैं.

कांग्रेस के कहने का मतलब है कि रामनाथ कोविंद भले ही BJP से आये हैं लेकिन वे BJP की विचारधारा नहीं मानते क्योंकि उन्होंने कभी ऐसा कहा नहीं है. मतलब कांग्रेस की चालाकी देखिये, BJP के उम्मीदवार को यह कहकर समर्थन दे रही है कि वे BJP की विचारधारा नहीं मानते क्योंकि उन्होंने कभी ऐसा बयान नहीं दिया है, वाह कांग्रेसियों कहाँ से लाते हो ये दिमाग.

आज नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी में पटना आये गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस उस उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेगी जो बीजेपी की विचारधारा को मानता हो और हमें लगता है कि रामनाथ कोविंद BJP की विचारधारा नहीं मानते क्योंकि उन्होएँ कभी ऐसा बयान ही नहीं दिया है.

अब आप खुद सोचिये, जो नेता 12 साल तक BJP से राज्य सभा सांसद रहा हो, 30 वर्षों से BJP में रहा हो, BJP के युवा दलित मोर्चा का अध्यक्ष रहा हो वो BJP की विचारधारा नहीं मनाता है तो क्या घास छीलने के लिए 30 साल से पार्टी में है लेकिन कांग्रेस को तो बहाना चाहिए.

20 June, 2017

सुब्रमनियम स्वामी बोले, रामनाथ कोविंद दलित की वजह से राष्ट्रपति नहीं बन रहे हैं बल्कि...?

सुब्रमनियम स्वामी बोले, रामनाथ कोविंद दलित की वजह से राष्ट्रपति नहीं बन रहे हैं बल्कि...?

subramanian-swamy-latest-news-in-hindi

New Delhi, 20 June: NDA के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के समर्थन में बीजेपी के दिग्गज नेता सुब्रमनियम स्वामी भी आ गए हैं, आज उन्होंने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद से बेहतर कोई भी उम्मीदवार नहीं है. जानकारी के लिए बता दें कि विपक्षी पार्टियाँ रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी का विरोध कर रही हैं और बीजेपी पर दलित वोटबैंक का आरोप लगा रही हैं.

सुब्रमनियम स्वामी ने कहा कि रामनाथ कोविंद दलित होने के नाते नहीं बल्कि योग और टैलेंट के आधार पर राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए गए हैं, उन्हें हर क्षेत्र में अनुभव है और इस पद के लिए वे सबसे योग्य हैं. उन्हें संविधान का पूरा ज्ञान है, मुझे नहीं लगता कि उन्हें दलित होने का नाते राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया गया है, मुझे लगता है कि उन्हें अनुभव और ज्ञान के आधार पर राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया गया है.
कांग्रेस के गुलाम बोले, हमने 15 साल पहले ही दलित को बनाया था राष्ट्रपति, पढ़ें किसको बनाया था?

कांग्रेस के गुलाम बोले, हमने 15 साल पहले ही दलित को बनाया था राष्ट्रपति, पढ़ें किसको बनाया था?

dalit-president-k-r-narayanan-made-15-year-ago-by-congress

New Delhi, 20 June: कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार के एक ही वार से लड़खड़ा गयी है इसलिए कांग्रेसी नेता लडखडाते हुए बयान दे रहे हैं, आज कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि NDA ने दलित आदमी को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाकर कोई तीर नहीं मार लिया है, कांग्रेस ने 15 साल पहले ही दलित व्याक्ति को देश का राष्ट्रपति बनाया था. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कल भारतीय जनता पार्टी ने बीजेपी नेता और बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है जिसके बाद ही कांग्रेसी नेता उलूल जुलूल बयान दे रहे हैं, इनका कहना है कि बीजेपी ने वोटबैंक के लिए दलित नेता को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है.

आज गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमने भी 15 साल पहले दलित नेता K.R. Naraynan को राष्ट्रपति बनाया था, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि K.R. Naraynan कांग्रेस पार्टी के दलित नेता थे, वे थाईलैंड, तुर्की, चाइना और अमेरिका के राजदूत भी रह चुके थे, उन्हें कांग्रेस ने 1997 में राष्ट्रपति बनाया था.
dalit-president-k-r-naraynan-image

कांग्रेस के गुलाम ने कहा कि हमारी पार्टी हमेशा दलितों के उत्थान के बारे में सोचती रही है, हम आजादी से पहले से दलितों का उत्थान करते आ रहे हैं (लेकिन अब तक हुआ नहीं है). 

कांग्रेस के गुलाम ने कहा कि बीजेपी नेता के बजाय किसी गैर राजनीतिक व्यक्ति को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाना चाहिए था, NDA ने कट्टर BJP नेता को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाकर अच्छा नहीं किया.
PM MODI ख़त्म कर रहे हैं हिन्दू धर्म से भेदभाव, अब ब्राह्मण भी बनना चाहते हैं दलित

PM MODI ख़त्म कर रहे हैं हिन्दू धर्म से भेदभाव, अब ब्राह्मण भी बनना चाहते हैं दलित

brahman-want-to-become-dalit-after-ramnath-kovind-president
New Delhi, 20 June: आपने देखा होगा कि दलितों से भेदभाव का आरोप सबसे अधिक ब्राह्मणों और चौधरियों पर लगता है, दलित लोग अपने साथ भेदभाव के लिए ब्राह्मणों से सबसे अधिक नफरत करते हैं, एक समय था जब दलितों को मंदिरों में प्रवेश ही नहीं करने दिया जाता था, धर्म-कर्म के काम में उन्हें अलग रखा जाता था, भोजन करते वक्त उन्हें अलग बिठाया जाता था, उन्हें अछूत समझा जाता था जिसकी वजह से धीरे धीरे उन्हें सवर्णों से नफरत हुई, उन्हें हिन्दू धर्म से ही नफरत होने लगी, इसके बाद दलित मुस्लिम को एक करने की राजनीति खेली जाने लगी.

लेकिन अब ज़माना बदल रहा है, अब ब्राह्मण भी कह रहे हैं कि 'काश हम भी दलित होते', मतलब अब ब्राह्मण भी दलित बनना चाहते हैं, अगर देखा जाए तो हिन्दू धर्म में बहुत बड़ा बदलाव हो रहा है, दलितों से भेदभाव ख़त्म हो रहा है, अगर ऐसा हो गया तो हिन्दू धर्म में एकजुटता बढ़ेगी, जाति और समाज के नाम पर भेदभाव ख़त्म हो जाएगा. 

बीजेपी ने जैसे ही दलित नेता रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया वैसे ही ब्राह्मण और क्षत्रिय लोग कहने लगे कि 'काश हम भी दलित होते', सच में बहुत अच्छा हो रहा है क्योंकि अगर हिन्दू धर्म को एकजुट होना है तो ना किसी को क्षत्रिय होना चाहिए, ना ब्राह्मण होना चाहिए और ना ही दलित होना चाहिए, वेदों के अनुसार समाज के हर तबके के लोगों को उनके कर्म के अनुसार पहचाना जाना चाहिए, कर्म से ही लोगों को ब्राह्मण होना चाहिए, कर्म से ही क्षत्रिय होना चाहिए, कर्म से दलित या सूद्र होना चाहिए और कर्म से बनिया होना चाहिए, अगर ऐसा हो गया तो हिन्दू धर्म से जाति-वाद और भेदभाव समाप्त हो जाएगा, सभी लगो एक दूसरे से शादियाँ करने लगेंगे और बंट रहा हिन्दू समाज फिर से एक हो जाएगा.

आज के जमाने में देखा जाए तो भारतीय सेना ही क्षत्रिय है क्योंकि उनका काम दुश्मनों से लड़ना है, स्कूलों के अध्यापक, शिक्षक और ट्रेनर ब्राह्मण हैं क्योंकि इनका काम ज्ञान बांटना हैं, क्योंकि अध्यापक-ट्रेनर किसी भी जाति के हो सकते हैं तो आज सभी जातियों में ब्राह्मण हैं. जो व्यापार करते हैं वो बनिया यानी सेठ हैं, बनिया सभी जातियों में होते हैं, व्यापार सभी जातियों के लोग करते हैं इसलिए बनिया सभी जातियों में हैं. इसी प्रकार सफाई का काम सभी जातियों के लोग करते हैं इसलिए सूद्र-दलित सभी जातियों में हैं. पहले के जमाने में ऐसा ही होता था, लोगों को कर्म के आधार पर बांटा गया था लेकिन अंग्रेजों ने हिन्दू धर्म को जातियों में बाँट दिया ताकि हम एक दूसरे से लड़ते रहें.
TRS, BJD पार्टियों ने दे दिया रामनाथ कोविंद को समर्थन, शिवसेना ने नहीं दिया, सुलग रहे हैं उद्धव

TRS, BJD पार्टियों ने दे दिया रामनाथ कोविंद को समर्थन, शिवसेना ने नहीं दिया, सुलग रहे हैं उद्धव

shivsena-not-supported-ramnath-kovind-president-but-trs-bjd-give
New Delhi, 20 June: एक बहुत ही हैरानी वाली खबर है जिसे पढ़कर साफ़ हो जाएगा कि शिवसेना भारतीय जनता पार्टी की दोस्त नहीं बल्कि मतलब का यार है और समय आने पर दुश्मनों से भी खतरनाक हो जाती है, आप खुद देखिये, आज भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद का नाम प्रस्तावित किया, उनका नाम सामने आने के कुछ ही देर बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री KC Rao ने राम कोविंद को समर्थन दे दिया.

इसके कुछ ही देर बाद बीजू जनता दल के अध्यक्ष और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी रामनाथ कोविंद को समर्थन दे दिया, नवीन पटनायक ने कहा कि वे राष्ट्रपति जैसे पद के लिए राजनीति नहीं करना चाहते और ना ही इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं इसलिए हम रामनाथ कोविंद का समर्थन करते हैं.

अब तेलंगाना के मुख्यमंत्री KC Rao को देखिये, उन्हें जैसे ही प्रधानमंत्री ने फोन करके अपने निर्णय के बारे में बताया, वे तुरंत ही रामनाथ कोविंद को समर्थन देने पर राजी हो गए.
शिवसेना मतलब, दुश्मन ना करे दोस्त ने वो काम किया है 
आपने देखा, ये दोनों पार्टियाँ क्षेत्रीय और बीजेपी की राजनीतिक विरोधी हैं लेकिन दोनों ने तुरंत ही बीजेपी उम्मीदवार का समर्थन कर दिया लेकिन शिवसेना ने कहा कि वो ऐसे उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेगी जिसे वोटबैंक के लिए राष्ट्रपति बनाया जा रहा है. देखए उद्धव ठाकरे का बयान - 
आपने देखा, तेलंगाना और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों ने समर्थन देने में कोई आनाकानी नहीं की, ये दोनों पार्टियाँ NDA की सहयोगी भी नहीं हैं, लेकिन शिवसेना NDA की केंद्र और BJP के साथ महाराष्ट्र सरकार में साझीदार है, इसके बावजूद भी उद्धव ठाकरे ने समर्थन देने से इनकार कर दिया. अब आप समझ सकते हैं कि बीजेपी के लिए शिवसेना - दुश्मन ना करे दोस्त ने जो काम किया है.

19 June, 2017

मायावती ने किया इशारा, राष्ट्रपति के लिए कांग्रेस-यूपीए भी खड़ा कर सकती है दलित उम्मीदवार

मायावती ने किया इशारा, राष्ट्रपति के लिए कांग्रेस-यूपीए भी खड़ा कर सकती है दलित उम्मीदवार

mayawati-hint-opposition-may-nominate-dalit-candidate-for-president

New Delhi, 19 June: राष्ट्रपति पद के लिए NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन को लेकर मायावती ने अलग तरह का बयान दिया है, उन्होंने कहा है कि दलित होने के नाते हमारी पार्टी उनका समर्थन करती है लेकिन हम चाहते थे कि कोई गैर-राजनीतिक दलित व्यक्ति ही राष्ट्रपति बने. उन्होंने कहा कि हम उनके नाम को लेकर पॉजिटिव हैं लेकिन अगर विपक्ष किसी और अच्छे दलित उम्मीदवार को खड़ा करेगा तो हम उसका समर्थन करेंगे.

मायावती की बातों पर ध्यान लें तो ऐसा लगता है कि NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को टक्कर देने एक लिए विपक्ष भी किसी दलित उम्मीदवार को राष्ट्रपति चुनाव में खड़ा कर सकती है क्योंकि ऐसे में उसे विपक्ष की सभी पार्टियों के साथ साथ बीजेपी की सहयोगी शिवसेना का भी समर्थन मिलेगा क्योंकि शिवसेना किसी भी कीमत पर नहीं चाहती कि मोदी समर्थित उम्मीदवार राष्ट्रपति बने.

आज बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में NDA की तरफ से बिहार के गवर्नर Ram Nath Kovind का नाम राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित किया गया, किसी को आशा नहीं थी कि एका एक नए चेहरे को राष्ट्रपति पद के लिए नॉमिनेट किया जाएगा क्योंकि इससे पहले सुषमा स्वराज और लाल कृष्ण आडवाणी का नाम आगे चल रहा था लेकिन बीजेपी की संसदीय बोर्ड की मीटिंग में Ram Nath Kovind का नाम प्रोपोज किया गया जिसे सभी ने मंजूर भी कर लिया, माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ही उनका नाम सुझाया है.
Ram Nath Kovind का परिचय
  • वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं (8 अगस्त 2015 से)
  • बीजेपी की तरफ से 12 साल तक (1994-2000 and 2000-2006) राज्यसभा सांसद रह चुके हैं 
  • पेशे से वकील हैं और दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं
  • बीजेपी दलित मोर्चा के अध्यक (1998-2002) रह चुके हैं
  • आल इंडिया कोली समाज के अध्यक्ष रह चुके हैं
  • बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं
  • Ram Nath Kovind का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर में हुआ
  • हिन्दू धर्म को मानते हैं
PM MODI ने भारत के फ्यूचर President रामनाथ कोविंद से नई दिल्ली में की मुलाक़ात

PM MODI ने भारत के फ्यूचर President रामनाथ कोविंद से नई दिल्ली में की मुलाक़ात

pm-narendra-modi-meet-nda-president-candidate-ramnath-kovind

New Delhi, 19 June: आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के फ्यूचर प्रेसिडेंट रामनाथ कोविंद से नई दिल्ली में मुलाक़ात की, उनके साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी थे. मोदी ने गुलदस्ता देकर रामनाथ कोविंद का स्वागत किया और उनसे चुनाव और नामांकन पर चर्चा की. रामनाथ कोविंद वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं. 26 जुलाई से पहले रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति के लिए नामांकन करना पड़ेगा और अगर UPA ने भी कोई उम्मीदवार खड़ा किया तो चुनावी प्रक्रिया से गुजरना होगा.

आज बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में NDA की तरफ से बिहार के गवर्नर Ram Nath Kovind का नाम राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित किया गया, किसी को आशा नहीं थी कि एका एक नए चेहरे को राष्ट्रपति पद के लिए नॉमिनेट किया जाएगा क्योंकि इससे पहले सुषमा स्वराज और लाल कृष्ण आडवाणी का नाम आगे चल रहा था लेकिन बीजेपी की संसदीय बोर्ड की मीटिंग में Ram Nath Kovind का नाम प्रोपोज किया गया जिसे सभी ने मंजूर भी कर लिया, माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ही उनका नाम सुझाया है.
Ram Nath Kovind का परिचय
  • वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं (8 अगस्त 2015 से)
  • बीजेपी की तरफ से 12 साल तक (1994-2000 and 2000-2006) राज्यसभा सांसद रह चुके हैं 
  • पेशे से वकील हैं और दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं
  • बीजेपी दलित मोर्चा के अध्यक (1998-2002) रह चुके हैं
  • आल इंडिया कोली समाज के अध्यक्ष रह चुके हैं
  • बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं
  • Ram Nath Kovind का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर में हुआ
  • हिन्दू धर्म को मानते हैं
RSS से जुड़े हैं इसलिए रामनाथ कोविंद को दलित नहीं मानते सीताराम येचुरी, नहीं करेंगे समर्थन

RSS से जुड़े हैं इसलिए रामनाथ कोविंद को दलित नहीं मानते सीताराम येचुरी, नहीं करेंगे समर्थन

sitaram-yechury-will-not-support-ramnath-kovind-as-he-from-rss

New Delhi, 19 June: भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिहार के गवर्नर Ram Nath Kovind का नाम राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित किया गया है, किसी को आशा नहीं थी कि एकाएक नए चेहरे को राष्ट्रपति पद के लिए चुना जाएगा क्योंकि इससे पहले सुषमा स्वराज और लाल कृष्ण आडवाणी का नाम आगे चल रहा था लेकिन बीजेपी की संसदीय बोर्ड की मीटिंग में Ram Nath Kovind का नाम प्रोपोज किया गया जिसे सभी ने मंजूर भी कर लिया, माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ही उनका नाम सुझाया है.

रामनाथ कोविंद का नाम राष्ट्रपति पद के लिए सामने आने के बाद मोदी सकरार में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि सभी पार्टियों को रामनाथ कोविंद जी का समर्थन करना चाहिए, जो पार्टियाँ समर्थन नहीं करेंगी उन्हें दलित विरोधी समझा जाएगा.
इसके तुरंत बाद ही CMI(M) पार्टी के चीफ सीताराम येचुरी विरोध के मूंड में आ गए हैं, उन्होंने रामनाथ कोविंद को इसलिए दलित मानने से इनकार कर दिया क्योंकि वे आरएसएस से भी जुड़े रहे हैं, वे आरएसएस के दलित युवा मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं इसलिए सीताराम ने उन्हें दलित मानने से इनकार करते हुए उनकी उम्मीदवारी को राजनीतिक बता दिया.

सीताराम येचुरी ने कहा कि रामनाथ कोविंद आरएसएस की दलित शाखा के प्रमुख थे इसलिए वो भी एक राजनीति हुआ ना, ये सब राजनीतिक तरीके हैं. उन्होने कहा कि विपक्ष की बैठक 22 जून को है उसी में विचार किया जाएगा कि समर्थन देना है या अलग उम्मीदवार खड़ा करना है, वैसे आजादी के बाद सिर्फ एक बार हुआ है जब इलेक्शन के द्वारा राष्ट्रपति चुना गया हो वर्ष (2011).
Ram Nath Kovind का परिचय
  • वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं (8 अगस्त 2015 से)
  • बीजेपी की तरफ से 12 साल तक (1994-2000 and 2000-2006) राज्यसभा सांसद रह चुके हैं 
  • पेशे से वकील हैं और दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं
  • बीजेपी दलित मोर्चा के अध्यक (1998-2002) रह चुके हैं
  • आल इंडिया कोली समाज के अध्यक्ष रह चुके हैं
  • बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं
  • Ram Nath Kovind का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर में हुआ
  • हिन्दू धर्म को मानते हैं
राष्ट्रपति के लिए रामनाथ कोविंद का विरोध करने वालों को दलित विरोधी माना जाएगा: राम विलास पासवान

राष्ट्रपति के लिए रामनाथ कोविंद का विरोध करने वालों को दलित विरोधी माना जाएगा: राम विलास पासवान

ramvilas-paswan-said-party-not-support-ramnath-is-dalit-virodhi

New Delhi, 19 June: भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिहार के गवर्नर Ram Nath Kovind का नाम राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित किया गया है, किसी को आशा नहीं थी कि एकाएक नए चेहरे को राष्ट्रपति पद के लिए चुना जाएगा क्योंकि इससे पहले सुषमा स्वराज और लाल कृष्ण आडवाणी का नाम आगे चल रहा था लेकिन बीजेपी की संसदीय बोर्ड की मीटिंग में Ram Nath Kovind का नाम प्रोपोज किया गया जिसे सभी ने मंजूर भी कर लिया, माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ही उनका नाम सुझाया है.

रामनाथ कोविंद का नाम राष्ट्रपति पद के लिए सामने आने के बाद मोदी सकरार में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि सभी पार्टियों को रामनाथ कोविंद जी का समर्थन करना चाहिए, जो पार्टियाँ समर्थन नहीं करेंगी उन्हें दलित विरोधी समझा जाएगा.
Ram Nath Kovind का परिचय
  • वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं (8 अगस्त 2015 से)
  • बीजेपी की तरफ से 12 साल तक (1994-2000 and 2000-2006) राज्यसभा सांसद रह चुके हैं 
  • पेशे से वकील हैं और दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं
  • बीजेपी दलित मोर्चा के अध्यक (1998-2002) रह चुके हैं
  • आल इंडिया कोली समाज के अध्यक्ष रह चुके हैं
  • बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं
  • Ram Nath Kovind का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर में हुआ
  • हिन्दू धर्म को मानते हैं
रामनाथ कोविंद होंगे BJP के राष्ट्रपति उम्मीदवार, एक तीर से मोदी ने किये कई शिकार: पढ़ें

रामनाथ कोविंद होंगे BJP के राष्ट्रपति उम्मीदवार, एक तीर से मोदी ने किये कई शिकार: पढ़ें

dalit-leader-ram-nath-kovind-next-president-of-india-nda-poposed
New Delhi, 19 June: भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिहार के गवर्नर Ram Nath Kovind का नाम राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित किया गया है, किसी को आशा नहीं थी कि एकाएक नए चेहरे को राष्ट्रपति पद के लिए चुना जाएगा क्योंकि इससे पहले सुषमा स्वराज और लाल कृष्ण आडवाणी का नाम आगे चल रहा था लेकिन बीजेपी की संसदीय बोर्ड की मीटिंग में Ram Nath Kovind का नाम प्रोपोज किया गया जिसे सभी ने मंजूर भी कर लिया, माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ही उनका नाम सुझाया है.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने खुद प्रेस कांफ्रेंस करके उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की, अमित शाह ने कहा कि रामनाथ कोविंद दलित समाज से उठकर आये हैं और उन्होंने दलितों के उत्थान के लिए बहुत काम किया है, वे पेशे से एक वकील हैं और उन्हें संविधान का अच्छा ज्ञान भी है इसलिए वे एक अच्छे राष्ट्रपति साबित होंगे और आगे भी मानवता के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे

जानकारी के लिए बता दें कि अभी सिर्फ बीजेपी ने अपने Ram Nath Kovind के नाम पर सहमति जताई है, अभी NDA की पार्टियों ने उनके नाम पर सहमति नहीं जताई है, शिवसेना ने एम स्वामीनाथन का नाम आग आगे बढ़ाया था, अब देखना है कि NDA की पार्टियाँ बीजेपी का समर्थन करती हैं या किसी और उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करती हैं.

मोदी ने एक तीर से किये कई शिकार

Ram Nath Kovind का नाम राष्ट्रपति पद के लिए चुनकर प्रधानमंत्री मोदी ने एक तीर से कई शिकार किये हैं, पहला शिकार तो ये कि वे दलित समाज से आते हैं, अगर कांग्रेस और विपक्षी पार्टियाँ उनके नाम का विरोध करेंगी तो उन्हें दलित विरोधी समझा जाएगा.

मोदी ने दूसरा शिकार ये किया है कि - विपक्षी पार्टियाँ बीजेपी को दलित विरोधी साबित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं, ऐसे में एक दलित नेता को राष्ट्रपति उम्मीदवार चुनकर बीजेपी ने साबित कर दिया है कि वे दलित विरोधी नहीं हैं, इसके अलावा दलित समाज भी बीजेपी से जुड़ने की कोशिश करेगा क्योंकि बीजेपी का विरोध करने के लिए ही विपक्षी पार्टियों ने भीम आर्मी का गठन किया है जो भारत के दलित समाज को बीजेपी के खिलाफ भड़काने के लिए निकल पड़े हैं.

तीसरा शिकार ये किया है कि दलितों को ही बीजेपी के खिलाफ भड़काकर विपक्षी पार्टियाँ महागठबंधन बना रही हैं लेकिन मोदी ने दलित समाज के ही व्यक्ति को देश के सबसे ऊचें पद पर बिठाकर विपक्षियों की चाल बेकार कर दी है, अब बनाते रहो महागठबंधन, बीजेपी को साबित करते रहो दलित विरोधी, सभी चालें फेल हो गयीं कांग्रेस की.

Ram Nath Kovind का परिचय
  • वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं (8 अगस्त 2015 से)
  • बीजेपी की तरफ से 12 साल तक (1994-2000 and 2000-2006) राज्यसभा सांसद रह चुके हैं 
  • पेशे से वकील हैं और दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं
  • बीजेपी दलित मोर्चा के अध्यक (1998-2002) रह चुके हैं
  • आल इंडिया कोली समाज के अध्यक्ष रह चुके हैं
  • बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं
  • Ram Nath Kovind का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर में हुआ
  • हिन्दू धर्म को मानते हैं
अचानक सुर्ख़ियों में आया सुषमा स्वराज नाम: पढ़ें क्यों

अचानक सुर्ख़ियों में आया सुषमा स्वराज नाम: पढ़ें क्यों

sushma-swaraj-next-president-of-india-according-to-some-media
नई दिल्‍ली: सुषमा स्वराज भारत की विदेश मंत्री हैं और बीजेपी की एक कद्दावर नेता हैं, सभी पार्टियों के लोग उनका सम्मान करते हैं इसलिए उनका नाम अचानक राष्ट्रपति के लिए सुर्ख़ियों में आ गया है, कई मीडिया चैनल दावा कर रहे हैं कि NDA की तरफ से उनका नाम अगले राष्ट्रपति के लिए प्रस्तावित किया जा रहा है. आज बीजेपी की संसदीय दल की मीटिंग में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लग जाएगी लेकिन मीडिया की मानें को सुषमा स्वराज ही राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित किया जाएगा.

फिलहाल अभी तक ना तो NDA ने अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार का नाम फाइनल किया है और ना ही UPA ने, आज NDA अपने उम्मीदवार का चयन करके कांग्रेस यानी UPA को सूचित करेगी, अगर कांग्रेस भी बीजेपी NDA उम्मीदवार का समर्थन कर देगी तो बिना चुनाव के ही राष्ट्रपति चुन लिया जाएगा, अगर कांग्रेस को NDA का उम्मीदवार नहीं भाया तो वह अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी और उसके बाद चुनाव होगा.

17 जुलाई को होगा मतदान, 20 को मतगणना

दोनों पार्टियाँ अपने अपने उम्मीदवारों का नाम फाइनल करने के बाद 26 जून तक नामांकन भरेंगी और अगले महीने 17 जुलाई को मतदान होगा, 20 जुलाई को वोटों की गिनती होगी और देश को अगला राष्ट्रपति मिल जाएगा, वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 25 जुलाई को समाप्त हो रहा है.