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Jan 16, 2018

VHP को सींचा BJP-RSS ने पलक झपकते ही कांग्रेस ने मारा हाथ, RSS के होने वाले हैं दो टुकड़े

VHP को सींचा BJP-RSS ने पलक झपकते ही कांग्रेस ने मारा हाथ, RSS के होने वाले हैं दो टुकड़े

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नई दिल्ली: कुछ लोग भले ही कांग्रेस को उसकी विचारधारा से हटने के आरोप लगा रहे हैं, भले ही प्रवीण तोगड़िया से मीटिंग करके हिंदुत्व वोटबैंक की राजनीति करने के ताने मार रहे हैं लेकिन इससे कांग्रेस का कुछ बिगड़ने वाला नहीं है. यही आरोप राहुल गाँधी पर गुजरात चुनावों के वक्त लग रहे थे, उन्हें मंदिर मंदिर घूमने के ताने मारे जा रहे थे लेकिन उन्हें उसका फायदा हुआ. सोमनाथ मंदिर के आसपास सभी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की जीत हुई, सोमनाथ जिले की सभी सीटें कांग्रेस के खाते में गयीं. बीजेपी को काफी नुकसान हुआ.

आज विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने बीजेपी सरकारों पर उनकी आवाज दबाने और एनकाउंटर की साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने रो रो कर अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया. विश्व हिन्दू परिषद् ने इतनी दिनों तक बीजेपी की मदद की, राम मंदिर आन्दोलन का प्रतिनिधित्व किया, कई राज्यों में और देश में बीजेपी की सरकार बनाने में मदद की, उसके बाद भी प्रवीण तोगड़िया से मिलने के लिए कोई बीजेपी नेता नहीं गया. उनसे मिलने और हाल चाल जानने के लिए हार्दिक पटेल और कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवादिया गए.

कहने का मतलब यह है कि कांग्रेस ने भले ही वोटबैंक के लिए अपनी विचारधारा से समझौता किया है लेकिन उसे इसका लाभ जरूर मिलेगा. प्रवीण तोगड़िया छोटे मोटे नेता नहीं हैं, अगर वह कांग्रेस के साथ गए तो उनके साथ साथ हिन्दू वोटबैंक भी कांग्रेस के पास जाएगा, पूरा नहीं तो 50 फ़ीसदी ही जाएगा जैसा गुजरात में गया.

बीजेपी नेता अपने घमंड में चूर हैं, किसी भी नेता ने प्रवीण तोगड़िया से मिलने की कोशिश भी नहीं की, उनका हाल चाल भी नहीं जाना, इन्हें लगता है कि 2019 में मुस्लिम लोग इन्हें वोट देकर इनकी सरकार बना देंगे लेकिन यह इनकी भूल है, जिस तरह से कांग्रेस ने गुजरात चुनावों में बीजेपी को नानी याद दिला दी, उसी तरह से लोकसभा चुनावों में होने वाला है, अब तो कांग्रेस और मजबूत होकर मैदान में उतरेगी क्योंकि अब उनके पास विश्व हिन्दू परिषद् की ताकत होगी. आने वाले समय में आरएसएस के दो टुकड़े होंगे. एक आरएसएस और दूसरा VHP. फायदा कांग्रेस का अधिक होगा क्योंकि वे गिरगिट की तरह से रंग बदलते हैं, 2019 में सरकार बनाने के बाद वह फिर से तुस्टीकरण शुरू कर देंगे लेकिन उनकी सरकार तो बन जाएगी. मुस्लिम लोग शायद ही बीजेपी के पास आएं लेकिन मोदी और अमित शाह को सपने देखने से कौन रोक सकता है.
मोदी सरकार का बोल्ड फैसला, बंद की हज पर दी जाने वाली सब्सिडी, हर साल बचेंगे 450 करोड़ रुपये

मोदी सरकार का बोल्ड फैसला, बंद की हज पर दी जाने वाली सब्सिडी, हर साल बचेंगे 450 करोड़ रुपये

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नई दिल्ली: मोदी सरकार ने आज बहुत बोल्ड फैसला लिया है. हज पर दी जाने वाली सब्सिडी पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. इस फैसले के बाद देश के 450 करोड़ रुपये हर साल बचेंगे. इस पैसों को मुस्लिमों को ही शिक्षा देने पर इस्तेमाल किया जाएगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत से करीब 1.70 लाख लोग हर साल हज यात्रा पर जाते हैं. केंद्र सरकार प्रत्येक हज यात्री पर करीब डेढ़ लाख रुपये खुद खर्च करती है. अब ये पैसे बचेंगे और देश के काम आएँगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हज यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक यात्री सिर्फ 45000 रुपये जमा करते हैं जबकि फ्लाइट का टिकट करीब Rs.1,85,000 से Rs.2,19,000 है. बाकी के पैसे केंद्र सरकार देती है.

तुष्टिकरण बंद सबका शशक्तिकरण शुरू

इस फैसले पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हज सब्सिडी बंद होने से जो भी पैसे बचेंगे वह गरीब मुसलमान बच्चों के शिक्षा पर खर्च किये जाएंगे, इस तरह से तुस्टीकरण बंद करके सबका शशक्तिकरण किया जाएगा.
कभी स्कूटर पर साथ साथ घूमते थे जिगरी दोस्त तोगड़िया और मोदी, अब एनकाउंटर के डर से भागना पड़ रहा

कभी स्कूटर पर साथ साथ घूमते थे जिगरी दोस्त तोगड़िया और मोदी, अब एनकाउंटर के डर से भागना पड़ रहा

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अहमदाबाद: विश्व हिन्दू परिषद् के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने आज बहुत बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कल राजस्थान और गुजरात पुलिस ने मिलकर उनका एनकाउंटर करने का प्लान बनाया लेकिन वह अपने घर से चुपचाप भाग निकले जिसकी वजह से उनकी जान बच गयी. उन्होंने यह भी बताया कि उनके पीछे आईबी भी हाथ धोकर पड़ा हुआ है.

प्रवीण तोगड़िया के यह आरोप बीजेपी के लिए बहुत खतरनाक हैं क्योंकि हिन्दुओं ने ही एकजुट होकर 2014 में मोदी को प्रधानमंत्री बनाया था, अगर मोदी सरकार या राजस्थान की बीजेपी सरकार सच में प्रवीण तोगड़िया का एनकाउंटर कराना चाहती है तो 2019 में उन्हें वोट कौन देगा.

आपको बता दें कि प्रवीण तोगड़िया कल अचानक गायब हो गए थे, विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने भी एनकाउंटर की खबर फैलाई थी लेकिन लोगों को यह बात झूठ लगी लेकिन आज खुद प्रवीण तोगड़िया ने इसकी पुष्टि कर दी. कल विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने कई जगह रोड जाम भी किया था.

एक समय जिगरी दोस्त से मोदी और तोगड़िया

आपको बता दें कि एक समय नरेन्द्र मोदी और प्रवीण तोगड़िया जिगरी दोस्त थे और एक ही स्कूटर पर साथ साथ घूमते थे, उस समय मोदी भी खुद को हिन्दुत्ववादी नेता मानते थे और सच भी यही है कि हिन्दुओं और हिंदुत्व ने ही उन्हें प्रधानमंत्री बनाया है भले ही वह यह बात भूलकर तुष्टिकरण के रास्ते पर चल पड़े हों.
रो रो कर बोले VHP अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया, पुलिस करने आयी थी एनकाउंटर, भागकर बचाई जान, पढ़ें

रो रो कर बोले VHP अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया, पुलिस करने आयी थी एनकाउंटर, भागकर बचाई जान, पढ़ें

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अहमदाबाद: मोदी और बीजेपी राज में विश्व हिन्दू परिषद् के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया का एनकाउंटर करने की कोशिश की जा रही है. कल गुजरात और राजस्थान पुलिस ने मिलकर उनके एनकाउंटर का प्लान बनाया गया था लेकिन प्रवीण तोगड़िया अपने घर से जान बचाकर भाग निकले, इस दौरान उनकी तवियत खराब हो गयी वे शाही बाग़ के पास बेहोश होकर गिर पड़े. शाम को उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया.

प्रवीण तोगड़िया ने आज इस बात की जानकारी स्वयं के प्रेस कांफ्रेंस में दी. उन्होंने कहा कि पुलिस शायद मुझे बड़ा अपराधी मानती है इसलिए मेरे घर पर सर्च वारंट लेकर आयी थी, यह बताकर वे रोने लगे, उन्होंने कहा कि मेरे घर में ऐसा क्या था जो पुलिस सर्च वारंट लेकर आयी थी. मुझे एक सुरक्षाकर्मी ने बता दिया कि पुलिस ने आपके एनकाउंटर का प्लान बनाया है इसलिए आप घर छोड़कर भाग जाओ, उसकी बात सुनकर मैं घर से निकल दिया.

उन्होंने कहा कि मैं हिंदुत्व पर बात करता हूँ, कुछ लोग चाहते हैं कि मैं हिंदुत्व पर बात करना छोड़ दूँ, मेरी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, अगर मेरे ऊपर कोई FIR थी तो मुझे बोल दिया जाता, मैं खुद कोर्ट में पेश हो जाता लेकिन पुलिस मेरे घर पर मुझे गिरफ्तार करने क्यों आयी थी.

उन्होंने कहा कि मेरे पीछे IB भी लगा हुआ है, कुछ लोग नहीं चाहते कि मैं हिन्दुओं को एकजुट करूँ, हिंदुत्व का प्रचार करूँ, इसलिए मेरे खिलाफ 10 साल पुराने मामले निकाले जा रहे हैं. कल मुझे भगवान ने बचाया वरना मेरे साथ कुछ भी हो सकता था.

उन्होंने बताया कि मुझे गुजरात या राजस्थान की पुलिस से कोई शिकायत नहीं है, ये लोग तो प्यादे हैं, मेरे खिलाफ जो लोग पड़े हैं, जो लोग मुझे डराना चाहते हैं, मैं कुछ दिन में सबूतों के साथ उन्हें एक्सपोज करूँगा.
झूठी निकली अपहरण-एनकाउंटर की खबर, बेहोशी में शाही बाग इलाके में मिले प्रवीण तोगड़िया, इलाज जारी

झूठी निकली अपहरण-एनकाउंटर की खबर, बेहोशी में शाही बाग इलाके में मिले प्रवीण तोगड़िया, इलाज जारी

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नई दिल्ली: विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं के लिए खुशखबरी है, सुबह से लापता चल रहे VHP के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया अहमदाबाद के शाही बाग इलाके में  बेहोशी की हालत में मिले हैं. सोमवार सुबह 10.45 बजे से वो लापता थे उनका कुछ पता नहीं चल पा रहा था, जिसको लेकर वीएचपी ने विरोध प्रदर्शन भी किया था. तोगड़िया को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया जहाँ उनका इलाज चल रहा है.

अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच को तोगड़िया अहमदाबाद के शाही बाग इलाके में अचेत अवस्था में मिले फिर उन्हें 108 ऐंबुलेंस के जरिए अस्पताल लाया गया. इलाज के लिए उनको चंद्रमणि अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

डॉक्टरों के मुताबिक शुगर कम होने की वजह से तोगड़िया की तबीयत बिगड़ गई थी। इस बीच वीएचपी नेता के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलने के बाद वहां बड़ी तादाद में वीएचपी कार्यकर्ता भी इकट्ठा हो गए हैं. इसको देखते हुए अस्पताल के आस-पास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

आपको बता दें कि कुछ नेताओं ने उनके अपहरण और एनकाउंटर की खबर फैला दी थी जिसकी वजह से विश्व हिन्दू परिषद् और आरएसएस के लोग दुखी हो गए थे लेकिन यह खबर खबर निकली.

Jan 15, 2018

खुशखबरी, प्रधान न्यायाधीश ने चारों नाराज जजों को पिलाई चाय तो ख़त्म हो गया लोकतंत्र पर संकट

खुशखबरी, प्रधान न्यायाधीश ने चारों नाराज जजों को पिलाई चाय तो ख़त्म हो गया लोकतंत्र पर संकट

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नई दिल्ली: भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है. तीन दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने लोकतंत्र को खतरे में बताते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस की थी. इस घटना के बाद मीडिया ने बवाल मचा दिया. पूरे दिन सिर्फ इसी बात पर चर्चा हुई. ऐसा लगा कोई बहुत बड़ा प्रलय आने वाला हो.

आज चीफ जस्टिस ने चारों जजों को सुप्रीम कोर्ट परिसर में ही चाय पर बुलाया और उनकी नाराजगी पर चर्चा की. चाय पीते ही चारों जज मान गए और ड्यूटी भी ज्वाइन कर ली. मतलब चाय पीने से लोकतंत्र पर खतरा दूर हो गया. अब सब कुछ ठीक है. कहीं पर कोई खतरा नहीं है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले हप्ते सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ चार जजों - जे चेलामेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ ने बगावत की थी, उन्होंने लोकतंत्र को खतरे में बताते हुए कहा कि कुछ मामले ख़ास अदालतों को भेजे जा रहे हैं. तानाशाही चल रही है. हम मजबूर हैं इसलिए जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं.
भारत-इजरायल की दोस्ती ऊपर लिखी गयी, शुरुआत मोदी के आने से शुरू हुई: बेंजामिन नेतनयाहू

भारत-इजरायल की दोस्ती ऊपर लिखी गयी, शुरुआत मोदी के आने से शुरू हुई: बेंजामिन नेतनयाहू

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नई दिल्ली: भारत और इजरायल की दोस्ती किस्मत में ही लिखी हुई थी, इसे ऊपर वाले ने ही लिख दिया था लेकिन इसकी शुरुआत मोदीजी के प्रधानमंत्री बनने के बाद शुरू हुई. यह कहना है इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू का जो कल 6 दिवसीय दौरे पर भारत आये हैं. आज हैदराबाद हाउस में मोदी और बेंजामिन के बीच द्विपक्षीय रिश्तों पर बात हुई और कई तरह के समझौते हुए.

बेंजामिन ने मोदी की तरीक के बांधे पुल

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने इस मौके पर मोदी की तारीफों के पुल बाँध दिए, उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक क्रांतिकारी नेता हैं, उनके द्वारा किए गए स्वागत के लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं. हम दोनों की सभ्यता काफी पुरानी है. उन्होंने कहा कि भारतीय जवानों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी. उन्होंने कहा कि इजरायल आने वाले मोदी पहले भारतीय पीएम बने, जब वो वहां पर आए ऐसा लगा कि कोई रॉक कॉन्सर्ट हो.

उन्होंने कहा कि भारतीयों ने हमेशा ही यहूदियों को गले लगाया है, हमारी दोस्ती में अब कुछ नया हो रहा है. उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल दोनों ही आतंक से पीड़ित देश हैं, हम लड़ते हैं पर कभी हार नहीं मानते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और इजरायल की दोस्ती ऊपर वाले ने ही दिख दी थी लेकिन इसकी शुरुआत मोदी के दौरे के बाद शुरू हुई. दोनों ही देश आतंकवाद से पीड़ित हैं, दोनों देशों की समस्याएँ एक जैसी हैं. हम मिलकर आतंकवाद से लड़ेंगे.

Jan 14, 2018

GST से खुश नहीं थे अनिल आवाना, अब समझ में आया तो पूरे देश को समझाने का उठाया बीड़ा, पढ़ें

GST से खुश नहीं थे अनिल आवाना, अब समझ में आया तो पूरे देश को समझाने का उठाया बीड़ा, पढ़ें

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नई दिल्ली: पिछले साल जुलाई महीनें में जब मोदी सरकार ने GST बिल लागू किया था तो पूरे देश के व्यापारी डरे हुए थे, हर कोई सोच रहा था कि अब व्यापार कैसे कर पाएंगे, अब हिसाब किताब कैसे रखेंगे, सरकार को टैक्स कैसे चुकाएंगे, कुछ तो लोग डरे हुए थे और कुछ को राजनीतिक पार्टियों ने दुष्प्रचार करके डरा दिया था, लेकिन अब लोग GST के फायदे समझने लगे हैं.

अनिल अवाना भी ऐसे लोगों में से हैं, वह भी पहले GST को लेकर डरे हुए थे लेकिन अब उन्हें GST के फायदे समझ में आ गए हैं तो उन्होंने पूरे देश को GST के बारे में समझाने का बीड़ा उठा लिया है ताकि लोगों का डर ख़त्म हो, सभी लोग ईमानदारी से अपना बिजनेस करें और ईमानदारी के साथ सरकार को टैक्स देकर देश के विकास में भागीदारी निभाएं.

अनिल अवाना GST को अपने अंदाज में समझाते हैं, वह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पहले हमारे माँ-बाप हमें पढने लिखने के लिए कहते थे तो हमें बहुत बुरा लगता था, हमें वो दुश्मन की तरह लगते थे, इसीलिए हमने ज्यादा पढ़ाई लिखाई नहीं की, लेकिन अब हमें लगता है कि हमारे माँ-बाप सही थे हम गलत थे. अब हम सोचते हैं कि अगर हमने पढ़ाई लिखाई की होती तो हम पढ़ लिखकर बड़े अफसर बन जाते लेकिन हमने मौका गँवा दिया.

अनिल अवाना ने बताया कि यही चीज GST में है, आज हमें GST बेकार लग रही है क्योंकि हमें इसके फायदे के बारे में पता नहीं है लेकिन जब चार पांच साल बाद हमें इसके फायदे दिखेंगे. यह हमारे देश को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है. सरकार को भी पता करने का पूरा हक है कि व्यापारियों के पास पैसा कहाँ से आ रहा है, हो सकता है कि किसी के पास दो नंबर का पैसा आ रहा हो.

उन्होंने कहा कि GST से देश मजबूत हो रहा है, अगर कोई इसके विरोध में जहर खा लेता है तो वह सही नहीं है, इससे कोई नुकसान नहीं है, यह भारत को मजबूत करने के लिए है. उन्होंने कहा कि कल को आप लोग ही कहोगे कि GST बहुत बढ़िया चीज आयी है.

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अच्छा काम कर रही है, जो सिलेंडर पर रेट बढ़ रहे हैं वह गलत नहीं है क्योंकि वह पैसा कल को देश के ही काम आएगा, दो चार साल में इसका फायदा नजर आएगा.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार असली सरकार है, सिर्फ देश के फायदे के लिए काम करती है, ये हमारे भारत के लिए अच्छा कर रहे हैं तो GST को गलत मत समझो, GST बहुत अच्छी चीज है, जब आने वाले समय में आपको फायदा दिखेगा तो आप कहोगे - वाह वाह.

उन्होंने कहा कि मेरा सभी भाइयों से अनुरोध है कि GST के चक्कर में जहर मत खाओ, थोडा सबर करो, आराम से रहो. जो भी हमारा पैसा सरकार के पास जा रहा है ये वापस चार गुना होकर हमारे ही पास आएगा. 

उन्होंने कहा कि सरकार अगर हमसे पैसा ले रही है तो देश के लिए ले रही है, ऐसा तो है नहीं कि सरकार अपने परिवार के लिए पैसे ले रही है, भाई लोगों, ये हम लोगों के लिए ही कर रही है, आप लोग कल खुद कहोगे, मोदी सरकार जिंदाबाद, GST जिंदाबाद.

पीएम मोदी ने तोडा प्रोटोकॉल, खुद एयरपोर्ट पर जाकर किया बेंजामिन नेतनयाहू का स्वागत

पीएम मोदी ने तोडा प्रोटोकॉल, खुद एयरपोर्ट पर जाकर किया बेंजामिन नेतनयाहू का स्वागत

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नई दिल्ली: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू आज 6 दिवसीय भारत यात्रा पर पहुँच चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद इंदिरा गाँधी एयरपोर्ट पर जाकर उनका स्वागत किया. मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर बेंजामिन का स्वागत करने पहुंचे हैं, इससे पहले जब प्रधानमंत्री मोदी इजराइल के दौरे पर गए थे तो बेंजामिन ने भी प्रोटोकॉल तोड़कर उनका स्वागत किया था, आज मोदी ने भी प्रोटोकॉल तोड़कर हिसाब बराबर कर दिया.

मोदी ने उनका स्वागत करने के बाद अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया - मेरे दोस्त बेंजामिन नेतनयाहू का भारत के ऐतिहासिक दौते पर स्वागत है, यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों में सीमेंट लगाने का काम करेगा.
4 जजों ने बगावत की तो राहुल गाँधी ने किया स्वागत, मैंने बगावत की तो पार्टी से किया बाहर: शहजाद

4 जजों ने बगावत की तो राहुल गाँधी ने किया स्वागत, मैंने बगावत की तो पार्टी से किया बाहर: शहजाद

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नई दिल्ली: दूसरों के घर में लड़ाई हो तो कांग्रेस पार्टी मजे लेती है, लड़ने वालों की तारीफ करती है लेकिन जब कोई अपने घर में आवाज उठाता है तो उसे उठाकर बाहर फेंक दिया जाता है. यह हम नहीं कह रहे हैं, यह कहना है पूर्व कांग्रेसी नेता शहजाद जयहिंद का.

शहजाद जयहिंद ने कुछ दिनों पहले कांग्रेस के परिवारवाद पर सवाल उठाया था, राहुल गाँधी पर उंगली उठायी थी, उन्हें पार्टी से बाहर निकालने में एक मिनट की भी देर नहीं की गयी.

अब सुप्रीम कोर्ट में कलह चल रही है, चार जजों ने सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश पर उंगली उठायी है तो कांग्रेस पार्टी ने उसका स्वागत किया है. अब कांग्रेस पार्टी को लोकतंत्र खतरे में दिख रहा है.

कांग्रेस की दोगली राजनीति देखकर शहजाद जयहिन्द ने ट्वीट किया - आज सुप्रीम कोर्ट के जज मीडिया में आकर बगावत कर रहे हैं तो आप स्वागत कर रहे हो, जब मैंने इलेक्शन रिगिंग की बात की, मैंने पार्टी को संकट में बता दिया तो आप लोगों ने कहा कि - मीडिया में बोलकर मर्यादा भंग कर दी तुमने.
फ्लाइट में सभी प्लेट में से एक एक पीस चिकन मार रही थी एयर-होस्टेस, हरभजन सिंह ने किया ट्वीट

फ्लाइट में सभी प्लेट में से एक एक पीस चिकन मार रही थी एयर-होस्टेस, हरभजन सिंह ने किया ट्वीट

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नई दिल्ली: आजकल यात्री लोग ट्रेन और फ्लाइट में कम खाने की शिकायत करते हैं, खासकर मटन-चिकन में लोग एक पीस भी कम नहीं देखना चाहते, कई बार इसके लिए लोग एयरलाइन या रेलवे को जिम्मेदार बताते हैं लेकिन कई बार फ्लाइट के एयर-होस्टेस की प्लेट में एक एक पीस चिकन उठाकर मार देती हैं.

हाल ही में हरभजन सिंह ने एक ट्वीट किया, उन्होंने एक वीडियो शेयर किया जिसमें एयर होस्टेस सभी यात्रियों की प्लेट में से एक एक पीस चिकन उठाकर मार रही थी.

हरभजन सिंह ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि एयरलाइन में अगर आपको कम चिकन मिले तो इसका मतलब ये नहीं कि एयरलाइन कंजूसी कर रही है, कुछ और भी हो सकता है. (मतलब फ्लाइट के अन्दर स्टाफ लोग ही एक एक पीस उठाकर मार देते हैं)

Jan 13, 2018

CJI दीपक मिश्रा ने राम मंदिर पर नहीं मानी कपिल सिब्बल की बात, कहीं ये तो नहीं साजिश की वजह

CJI दीपक मिश्रा ने राम मंदिर पर नहीं मानी कपिल सिब्बल की बात, कहीं ये तो नहीं साजिश की वजह

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नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के नेता सुप्रीम कोर्ट में जजों के विवाद पर जिस तरह से राजनीति कर रही है और जिस तरह से प्रधान न्यायाधीश से सफाई मांग रहे हैं वह बहुत ही शर्मनाक है और इससे यह भी साबित हो गया है कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर दबाव बनाकर उन्हें इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर करने का बहुत बड़ा क्षणयन्त्र रचा जा रहा है.

कांग्रेस पार्टी ने कल जिस तरह से प्रेस कांफ्रेंस की, जिस तरह से राहुल गाँधी ने CJI पर निशाना साधा वह अपने आपमें ही कई इशारे कर रहा है.

इसमें कोई शक नहीं कि कांग्रेस पार्टी के नेता प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को पसंद नहीं करते, ऐसा इसलिए क्योंकि दीपक ठाकुर कांग्रेसियों की मन की इक्षा पूरी नहीं करते.

आपने देखा होगा कि 5 दिसम्बर को राम मंदिर मामले की सुनवाई के वक्त कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने इस मसले को 2019 लोकसभा चुनाव तक लटकाने की अपील की थी लेकिन प्रधान न्यायाधीश दीपक ठाकुर ने उनकी मांग को खारिज करके 8 फ़रवरी को केस की सुनवाई की तारीख रख दी थी.

यही नहीं प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने दूसरे दिन लिखित आदेश में कहा था कपिल सिब्बल जैसे कुछ वकील कोर्ट में ऊंची आवाज में बात करते हैं. ये खुद को सीनियर वकील कहते हैं लेकिन अगर इनकी ऐसी ही हरकत रही तो इन्हें सीनियर कहे जाने का कोई हक नहीं है.

अब आप खुद सोचिये, अगर दीपक मिश्रा ने कपिल सिब्बल की बात मानकर राम मंदिर का फैसला 2019 तक लटका देते और उन्हें इस तरह से फटकार ना लगाते तो वह सही होते लेकिन उन्होंने ना तो कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल की बात मानी और उन्हें फटकार भी लगा दी, शायद इसीलिए कांग्रेस को दीपक मिश्रा बुरे लग रहे हैं.
जजों के विवाद पर राहुल गाँधी ने की राजनीति तो बार काउंसिल के चेयरमैन ने लगाई फटकार, पढ़ें

जजों के विवाद पर राहुल गाँधी ने की राजनीति तो बार काउंसिल के चेयरमैन ने लगाई फटकार, पढ़ें

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नई दिल्ली: कल सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने जिस तरह से प्रेस कांफ्रेंस करके मीडिया के सामने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की आलोचना की उससे विपक्षी पार्टियों को राजनीति करने का मौका मिल गया. जजों ने लोकतंत्र को खतरे में बताते हुए आरोप लगाया था कि कुछ केसों की सुनवाई अपनी पसंद की निचली अदालतों को दी जा रही है. यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है. हमारी बात नहीं सुनी जा रही है.

कांग्रेस पार्टी ने तुरंत ही जजों के विवाद को राजनीतिक मुद्दा बनाकर मोदी सरकार पर हमला शुरू कर दिया. राहुल गाँधी ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि यह बहुत गंभीर समस्या है, सरकार को सुप्रीम कोर्ट में दखल नहीं देना चाहिए. 

आज सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल ने इस मसले पर प्रेस कांफ्रेंस की. बार काउंसिल के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि चार जजों ने बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठाया है, जिसकी वजह से राहुल गाँधी और अन्य राजनीतिक पार्टियों को न्यायलय पर राजनीति करने का मौका मिल गया है. मैं राहुल गाँधी से और अन्य राजनीतिक पार्टियों से अपील करता हूँ कि इस मामले पर राजनीति ना करें.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चार जजों की प्रेस कांफ्रेंस के बाद बीजेपी या मोदी सरकार के किसी भी मंत्री ने इसपर राजनीति नहीं की, इसे सुप्रीम कोर्ट का अंदरूनी मसला बताकर इसपर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया लेकिन कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेंस करके राजनीति शुरू कर दी.

मनन कुमार मिश्रा ने यह भी बताया कि हम इस मामले को लेकर 7 सदस्यीय कमेटी का गठन करेंगे और प्रधान न्यायाधीश से बात करेंगे, अगर जरूरी हुआ तो चारों जजों के साथ भी मुलाक़ात की जाएगी.
बॉबी कटारिया को देश का बड़ा नेता मानने लगे लोग, फेसबुक पर सैकड़ों फर्जी पेज, लोग उठाने लगे फायदा

बॉबी कटारिया को देश का बड़ा नेता मानने लगे लोग, फेसबुक पर सैकड़ों फर्जी पेज, लोग उठाने लगे फायदा

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नई दिल्ली: बॉबी कटारिया भले ही जेल में हैं लेकिन उनके नाम की पूरे देश में चर्चा हो रही है. फेसबुक पर उनके नाम की लहर बह रही है. उन्हें लोग देश का बड़ा नेता मानने लगे हैं इसलिए उनके नाम से फर्जी पेज बनाकर अपना पेज प्रमोट कर रहे हैं.

जी हाँ, बॉबी कटारिया के नाम से एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों-हजारों फर्जी पेज बन गए हैं. लोग बॉबी कटारिया के नाम का इस्तेमाल करके अपने फॉलोवर बढ़ा रहे हैं. ऐसे लोग कुछ समय बाद पेज का नाम बदलकर अपने नाम पर कर लेते हैं. फेसबुक पेज को एक बार नाम बदलने का मौका मिलता है.

आपने देखा होगा कि 2014 चुनाव से पहले जब मोदी लहर पैदा हुई थी तो उनके नाम से हजारों पेज, हजारों ग्रुप बन गए, लोगों के ऐसा करके अपने लाखों करोड़ों फॉलोवर बना लिए. लोगों ने मोदी के नाम पर जमकर फायदा उठाया. पेज और ग्रुप में लाखों फॉलोवर बनाकर लोग धंधा करने लगे.

अब उसी तरह लोग बॉबी कटारिया को भी देश के बड़े नेता के रूप में देख रहे हैं, लोगों को उम्मीद है कि जेल से छूटते ही बॉबी कटारिया सोशल मीडिया पर छा जाएंगे क्योंकि पहले जो लोग उन्हें नहीं जानते थे, वे लोग भी अब बॉबी कटारिया को जान गए हैं. लोग उनके पुराने वीडियो देखकर उनके फैन बन रहे हैं.

यही सब देखकर लोगों ने उनके नाम से फर्जी पेज बना लिए और रातों रात हजारों फॉलोवर बना लिए. बॉबी कटारिया के चाहने वाले दिन रात फेसबुक पर उनकी ख़बरें पढने, उनके वीडियो देखने के लिए मरे जा रहे हैं इसलिए उनके नाम का कोई भी पेज देखते ही उसे फॉलो कर लेते हैं. इसी का फायदा फर्जी पेज बनाने वाले उठा रहे हैं.
आतंकी भी दे चुके हैं CJI दीपक मिश्रा को बम से उड़ाने की धमकी, क्या हटाने की हो रही साजिश, पढ़ें

आतंकी भी दे चुके हैं CJI दीपक मिश्रा को बम से उड़ाने की धमकी, क्या हटाने की हो रही साजिश, पढ़ें

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नई दिल्ली: भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ऐसे न्यायाधीश हैं जो आतंकवादियों की धमकी से भी नहीं डरते और बिंदास होकर फैसले सुनाते हैं. आपने देखा होगा कि याकूब मेनन के खिलाफ फैसला सुनाने से पहले उन्हें उड़ाने की धमकी दी गयी थी लेकिन वे विल्कुल भी नहीं डरे और रात के 2 बजे उन्होंने याकूब मेनन को मृत्युदंड का फैसला सुनाया.

कल सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर तानाशाही का आरोप लगाया. जे चेलमश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर और कुरियन जोसेफ ने प्रेस कांफ्रेंस करके प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के कामकाज से असहमति जताई.

क्या साजिश हो रही है दीपक मिश्रा के साथ

कुछ लोग कह रहे हैं दीपक मिश्रा को हटाने की साजिश हो रही है और इसमें विपक्षी पार्टियाँ शामिल हैं, कल चारों जजों के प्रेस कांफ्रेंस के बाद CPI नेता डी राजा जजों के घर पर गए और उनसे हाथ मिलाते हुए पकडे गए. यह सब देखकर लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि दीपक मिश्रा के खिलाफ बहुत बड़ी साजिश चल रही है.

साजिश होने के कुछ इशारे
  • दीपक मिश्रा जजों की उस बेंच में थे जिन्होंने निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को मृत्युदंड की सजा पर मुहर लगाई थी
  • दीपक मिश्रा उस बेच में भी थे जिन्होंने मुंबई में 1993 बम ब्लास्ट के दोषी याकूब मेनन की फांसी पर मुहर लगाई थी
  • दीपक मिश्रा ही वह न्यायाधीश हैं जिन्होंने Validity of Criminal Defamation Provision in IPC को सही ठहराया था जिसकी वजह से अरविन्द केजरीवाल और राहुल गाँधी को कोर्ट में ट्रायल का सामना करना पड़ रहा है 
  • दीपक मिश्रा उस बेंच में भी हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमोशन में रिजर्वेशन मसौदे को खारिज कर दिया था
  • दीपक मिश्रा उस बेंच में भी हैं जिन्होंने थियेटर में राष्ट्रगान बजाया जाने का आदेश दिया था
  • दीपक मिश्रा अयोध्या विवाद का फैसला सुनाने जा रहे तीन जजों की बेंच में भी शामिल हैं
दीपक मिश्रा के इन आदेशों और उनके कैरियर को देखकर समझदार लोग खुद समझ सकते हैं कि चार जजों ने खुद ही कानून तोड़कर बिना इस्तीफ़ा दिए प्रेस कांफ्रेंस क्यों की और दीपक मिश्रा को हटाने की साजिश क्यों हो रही है.

कई वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में काम कर रहे हैं दीपक मिश्रा

दीपक मिश्रा आज से नहीं बल्कि 2011 से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश हैं. उन्होंने कभी भी पहले के प्रधान न्यायाधीशों के खिलाफ कोई बगावत नहीं की, उन्हें जो जिम्मेदारी दी गयी उन्होंने ईमानदारी के साथ उसे निभाई है लेकिन आज उनपर 4 जज तानाशाही के आरोप लगाकर CPI नेता डी राजा से हाथ मिला रहे हैं.

रह चुके हैं पटना हाई कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस

दीपक मिश्रा इससे पहले पटना हाई कोर्ट में भी चीफ जस्टिस रहे चुके हैं, उसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस बने लेकिन उनपर कभी भी तानाशाही का आरोप नहीं लगा लेकिन आज तानाशाही के आरोप लगाए जाने से इस बात की बू आ रही है कि उनके खिलाफ बड़ी साजिश हो सकती है.

Jan 12, 2018

खतरनाक चक्रव्यूह में फंस गए हैं बॉबी कटारिया, कैसे निकलेंगे बाहर, क्या है कानूनी तरीका, पढ़ें

खतरनाक चक्रव्यूह में फंस गए हैं बॉबी कटारिया, कैसे निकलेंगे बाहर, क्या है कानूनी तरीका, पढ़ें

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गुरुग्राम: गुरुग्राम के समाजसेवक बॉबी कटारिया बहुत बड़े चक्रव्यूह में फंस चुके हैं. पुलिस ने कम से कम उन्हें 5 साल तक जेल में रखने की तैयारी कर ली है लेकिन अगर बॉबी कटारिया के वकीलों ने सही ढंग से हाई कोर्ट और सेशन कोर्ट में केस की पैरवी की तो 3-6 महीनें में वह जेल से बाहर आ सकते हैं.

गुरुग्राम पुलिस ने काफी समय पहले से ही बॉबी कटारिया के लिए चक्रव्यूह तैयार कर लिया था. अगर बॉबी कटारिया ने इस चक्रव्यूह को समझ लिया होता तो वह जाल में ना फंसते लेकिन उन्होंने पुलिस को हलके में ले लिया. पुलिस ने उनके खिलाफ 29.8.2012 को ही धारा 379B के तहत FIR लिखकर रख ली थी जिसमें उनपर एक बुजुर्ग के कार की चाबी छीनने का आरोप लगाया था. मतलब यहाँ पर पुलिस भी फूंक फूंक कर कदम रख रही है.

टॉर्चर से बच सकता था बॉबी कटारिया, हुई चूक

बॉबी कटारिया को 24 दिसम्बर को रात 11 बजे गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद उसे 6 दिन पर रिमांड में लेकर कथित तौर पर थर्ड डिग्री दी गयी. यहीं पर बॉबी का घर वालों से गलती हो गयी. उन्हें तुरंत हाई कोर्ट पहुंचकर Writ Petition (आर्टिकल - 226 के अंतर्गत) दाखिल करनी चाहिए थी. अगर Writ Petition दाखिल हो गयी होती तो हाई कोर्ट की टीम आकर पुलिस थाने पर छापा मार देती और बॉबी कटारिया का टॉर्चर नहीं हो पाता लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

बॉबी कटारिया के खिलाफ क्या है चक्रव्यूह

बॉबी कटारिया को लम्बे समय तक अन्दर रखने के लिए उसपर गुरुग्राम और फरीदाबाद पुलिस ने मिलकर 8 धाराएं लगाई हैं. इस वक्त वह फरीदाबाद जेल में धारा 386 (जबरन वसूली) तोड़ने के लिए जेल की सजा काट रहा है लेकिन अगर उसकी बेल ली गयी तो पुलिस उसे फिर से गिरफ्तार करके दूसरी धाराओं में जेल में भेज देगी.

बॉबी कटारिया पर ये हैं धाराएं

धारा 186: सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की धारा है. इसमें तीन महीनें की सजा है लेकिन बैलेबल है, मतलब जमानत मिल सकती है.
धारा 323: पर्स चोरी का केस, इसमें एक साल की सजा है और यह भी बेलेबल है, जमानत मिल सकती है.
धारा 332: सरकारी मुलाजिम को दुःख पहुंचाने पर दर्ज होती है, इसमें तीन साल की सजा है और नॉन-बेलेबल है, मतलब तुरंत जमानत नहीं मिल सकती है.
धारा 353: ये भी सरकारी काम में बाधा डालने पर दर्ज होती है, जैसे किताब फाड़ देना, जन बूझकर तोड़ फोड़ करना. इसमें दो साल की सजा है और नॉन-बेलेबल है, मतलब तुरंत जमानत नहीं मिलती है.
धारा 379B: यह बहुत बड़ी धारा है, इसमें बॉबी कटारिया पर इल्जाम है कि वह एक बुजुर्ग की गाड़ी की चाभी छीनकर भाग गया था. पुलिस इस केस में खुद ही कहानी गढ़ लेती है, यह धारा पुलिस तब लगाती है जब आरोपी को लम्बे समय तक जेल में रखना होता है. इसमें 10 साल की सजा है और 25 हजार रुपये जुर्माना है. इसमें सेशन ट्रायल होता है. मतलब निचली कोर्ट में ही चलता है. हाई कोर्ट में इसकी पैरवी नहीं की जा सकती. इस केस में बॉबी को ज्यादा से ज्यादा समय तक रखा जा सकता है.
धारा 506: यह अपराध करने की कोशिश करने पर दर्ज होता है, इसमें 2 साल की सजा है लेकिन बेलेबल है, जमानत मिल सकती है.
हरिजन एक्ट (SC-ST): किसी दलित के खिलाफ जातिसूचक शब्द बोलकर गाली-गलौज करना, (6 महीनें से 10 साल की सजा), यह नॉन-बेलेबल है, मतलब तुरंत जमानत नहीं मिलती है.

चक्रव्यूह से कैसे निकलेंगे बॉबी कटारिया

बॉबी कटारिया के पैरोकारों को हाई कोर्ट में जाकर यह अपील करनी चाहिए कि उन्हें यह बताया जाय कि बॉबी कटारिया पर कितनी FIR दर्ज हैं, क्योंकि पुलिस उस पर केस पर केस दर्ज कर रही है, अगर उसे जमानत दिलाई जाएगी तो पुलिस दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लेगी. ऐसे में सबसे पहले सभी दर्ज FIR की जानकारी मांगनी चाहिए. हाई कोर्ट में पुलिस को पूरी जानकारी देनी पड़ेगी.

उसके बाद यह पता करना चाहिए कि पुलिस ने उसे किस मामले में अरेस्ट किया है. अगर पुलिस ने 379B में अरेस्ट किया है और उसे छोड़कर अन्य मामलों को खारिज कराने के लिए हाई कोर्ट में क्वेशिंग (Quash Application) डालनी चाहिए ताकि जो फर्जी FIR हैं उन्हें एक के बाद एक करके रद्द किया जा सके. उसके बाद जिस धारा में बॉबी कटारिया को अन्दर किया गया है उसके खिलाफ भी Quash Application डालकर या तो उसे खारिज करवानी चाहिए या हाई कोर्ट से बेल ले लेनी चाहिए. 

मतलब पहले FIR की लिस्ट निकलवाओ ताकि पुलिस आगे कोई FIR दर्ज ना कर सके. उसके बाद यह पता करो कि पुलिस ने किस मामले में जेल में डाला है, उसके बाद उस FIR को छोड़कर पहले अन्य FIR को हाई कोर्ट से Quash Application के जरिये खारिज करानी चाहिए. उसके बाद सभी फर्जी FIR खारिज करने के बाद जिस मामले में जेल में बंद हैं उसके खिलाफ हाई कोर्ट से बेल लेनी चाहिए.
माँ पद्मावती के लिए हम प्राणों की बलि देने को तैयार, नहीं रिलीज करने देंगे फिल्म: गोगामेडी

माँ पद्मावती के लिए हम प्राणों की बलि देने को तैयार, नहीं रिलीज करने देंगे फिल्म: गोगामेडी

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मुंबई: संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का नाम बदलकर पद्मावत कर दिया गया है. लेकिन अब भी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पद्मावत फिल्म को लेकर आज मुंबई में करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी की अगुवाई में में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के दफ्तर पर करणी सेना ने बड़ा प्रदर्शन किया एवं संजय लीला भंसाली को जमकर लताड़ा।

करणी सेना के कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया. प्रदर्शन के दौरान करणी सेना ने सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को बर्खास्त करने की मांग की. करणी सेना के अध्यक्ष गोगामेडी ने कहा हमारा इतिहास खून से सिंचित हैं हम अपना इतिहास बचाने के लिए कुछ भी कर सकते है. गोगामेडी ने कहा की हमारी माँ पद्मावती की अस्मिता का सवाल है अगर हमें अपने प्राणों की बलि भी देनी पड़ेगी तो भी मंजूर है. लेकिन पद्मावत नही रिलीज़ होने देंगें 

जानकारी के लिए बता दें की सेंसर बोर्ड ने फिल्म पद्मावती को पांच बदलाव, और डिस्क्लेमर तथा U/A सर्टिफिकेट के साथ रिलीज़ करने का आदेश दे दिया है लेकिन करणी सेना को ये कतई मंजूर नही है.

आपको बता दें की राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्य में फिल्म रिलीज़ होने से रोक लगा दी है.
पढ़ें, बॉबी कटारिया के ऊपर क्यों दर्ज हो रहे है FIR पर FIR, क्या होगा आगे, कौन कर रहा है ये सब

पढ़ें, बॉबी कटारिया के ऊपर क्यों दर्ज हो रहे है FIR पर FIR, क्या होगा आगे, कौन कर रहा है ये सब

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गुरुग्राम: अब पूरे देश को यह बात पता चल गयी है कि बॉबी कटारिया के साथ जो कुछ भी हो रहा है वह पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए हो रहा है. बॉबी कटारिया ने दो-तीन साल पहले ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी थी, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आस पास के शहरों में किसी भी गरीब और जरूरतमंद के बुलाने पर बॉबी कटारिया पहुँच जाता था, अधिकतर मामलों में पुलिस प्रशासन की लापरवाही देखकर बॉबी कटारिया उनके ऊपर जमकर गुस्सा निकालता था और लाइव वीडियो बनाता था. पुलिस को भी शायद पता था बॉबी उनके रास्ते में रोड़ा जरूर बनेगा इसलिए उसके खिलाफ तीन चार महीनें पहले से ही (29.8.2012 को) एक FIR लिखकर रख ली थी. 


इस मामले में पंजाब के वकील बलकरण सिंह बल्ली ने बताया कि जब भी कोई आदमी पुलिस प्रशासन के खिलाफ लड़ता है तो पुलिस उसके खिलाफ पहले से ही FIR दर्ज करके रख लेती है. ऐसे आदमी पर प्रशासन की पहले से नजर रहती है, जब उनको लगता है कि कोई उनके खिलाफ ज्यादा बोल रहा है, उनकी पोल खोल रहा है तो उसका मुंह बंद करवाने के लिए उसे अरेस्ट करके ऐसे ही कार्यवाही की जाती है.

बॉबी कटारिया को 24 दिसम्बर को रात 11 बजे गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद उसे 6 दिन पर रिमांड में लेकर कथित तौर पर थर्ड डिग्री दी गयी. यहीं पर बॉबी का घर वालों से गलती हो गयी. उन्हें तुरंत हाई कोर्ट पहुंचकर Writ Petition (आर्टिकल - 226 के अंतर्गत) दाखिल करनी चाहिए थी. अगर Writ Petition दाखिल हो गयी होती तो हाई कोर्ट की टीम आकर पुलिस थाने पर छापा मार देती और बॉबी कटारिया का टॉर्चर नहीं हो पाता लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

वकील बलकरण सिंह ने यह भी बताया कि बॉबी कटारिया के खिलाफ कौन कौन सी धाराएं हैं और उनके उन्हें कितनी सजा मिलेगी. 

धारा 186: सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की धारा है. इसमें तीन महीनें की सजा है लेकिन बैलेबल है, मतलब जमानत मिल सकती है.
धारा 323: पर्स चोरी का केस, इसमें एक साल की सजा है और यह भी बेलेबल है, जमानत मिल सकती है.
धारा 332: सरकारी मुलाजिम को दुःख पहुंचाने पर दर्ज होती है, इसमें तीन साल की सजा है और नॉन-बेलेबल है, मतलब तुरंत जमानत नहीं मिल सकती है.
धारा 353: ये भी सरकारी काम में बाधा डालने पर दर्ज होती है, जैसे किताब फाड़ देना, जन बूझकर तोड़ फोड़ करना. इसमें दो साल की सजा है और नॉन-बेलेबल है, मतलब तुरंत जमानत नहीं मिलती है.
धारा 379B: यह बहुत बड़ी धारा है, इसमें बॉबी कटारिया पर इल्जाम है कि वह एक बुजुर्ग की गाड़ी की चाभी छीनकर भाग गया था. पुलिस इस केस में खुद ही कहानी गढ़ लेती है, यह धारा पुलिस तब लगाती है जब आरोपी को लम्बे समय तक जेल में रखना होता है. इसमें 10 साल की सजा है और 25 हजार रुपये जुर्माना है. इसमें सेशन ट्रायल होता है. मतलब निचली कोर्ट में ही चलता है. हाई कोर्ट में इसकी पैरवी नहीं की जा सकती. इस केस में बॉबी को ज्यादा से ज्यादा समय तक रखा जा सकता है.
धारा 506: यह अपराध करने की कोशिश करने पर दर्ज होता है, इसमें 2 साल की सजा है लेकिन बेलेबल है, जमानत मिल सकती है.

अब क्या करना चाहिए बॉबी कटारिया केस में

वकील बलकरण सिंह सबसे पहले बॉबी कटारिया के पैरोकारों को हाई कोर्ट में जाकर यह अपील करनी चाहिए कि उन्हें यह बताया जाय कि बॉबी कटारिया पर कितनी FIR दर्ज हैं, क्योंकि पुलिस उस पर केस पर केस दर्ज कर रही है, अगर उसे जमानत दिलाई जाएगी तो पुलिस दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लेगी. ऐसे में सबसे पहले सभी दर्ज FIR की जानकारी मांगनी चाहिए. हाई कोर्ट में पुलिस को पूरी जानकारी देनी पड़ेगी.

उसके बाद यह पता करना चाहिए कि पुलिस ने उसे किस मामले में अरेस्ट किया है. अगर पुलिस ने 379B में अरेस्ट किया है और उसे छोड़कर अन्य मामलों को खारिज कराने के लिए हाई कोर्ट में क्वेशिंग (Quash Application) डालनी चाहिए ताकि जो फर्जी FIR हैं उन्हें एक के बाद एक करके रद्द किया जा सके. उसके बाद जिस धारा में बॉबी कटारिया को अन्दर किया गया है उसके खिलाफ भी Quash Application डालकर या तो उसे खारिज करवानी चाहिए या हाई कोर्ट से बेल ले लेनी चाहिए. 

मतलब पहले FIR की लिस्ट निकलवाओ ताकि पुलिस आगे कोई FIR दर्ज ना कर सके. उसके बाद यह पता करो कि पुलिस ने किस मामले में जेल में डाला है, उसके बाद उस FIR को छोड़कर पहले अन्य FIR को हाई कोर्ट से Quash Application के जरिये खारिज करानी चाहिए. उसके बाद सभी फर्जी FIR खारिज करने के बाद जिस मामले में जेल में बंद हैं उसके खिलाफ हाई कोर्ट से बेल लेनी चाहिए.

वकील बलकरण सिंह ने बताया कि धारा 379B में 15 दिन के बाद सेशन कोर्ट से जमानत मिल जाती है इसलिए सेशन कोर्ट में जमनात लगा देनी चाहिए, अगर वहां से जमानत ना मिले तो हाई कोर्ट में जाना चाहिए. वीडियो.

भारत को 100 फ़ीसदी सेक्युलर हो जाना चाहिए, वरना नहीं बन पाएगा ग्लोबल पॉवर: पूर्व CJI खेहर

भारत को 100 फ़ीसदी सेक्युलर हो जाना चाहिए, वरना नहीं बन पाएगा ग्लोबल पॉवर: पूर्व CJI खेहर

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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस होते हुए तीन तलाक को सही बताने वाले जगदीश सिंह खेहर चाहते हैं कि भारत पूरी तरह से सेक्युलरिज्म के रास्ते पर चले, वरना ग्लोबल पॉवर नहीं बन पाएगा.

जगदीश सिंह को शायद पता नहीं है कि एक धर्म सिर्फ जिहाद करके भारत पर कब्जा करना चाहता है, कुछ लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द पापुलेशन बढाकर बहुसंख्यक हो जाएं और भारत पर कब्जा कर लें, ऐसे में अगर कुछ लोग सेक्युलरिज्म अपनाएंगे तो बाद में वह बोल ही नहीं पाएगें क्योंकि दूसरे धर्म के लोग बहुसंख्यक होकर उन्हें बोलने ही नहीं देंगे, जैसा आज बंगलादेश और पाकिस्तान में हो रहा है. दोनों देशों में एक धर्म के लोग बहुसंख्यक हैं इसलिए वहां पर बोलने की आजादी ही नहीं है. अगर सरकार या उनके धर्म के बारे में कुछ भी गलत बोल दिया तो उन्हें या तो मार दिया जाता है या जेल में सड़ा दिया जाता है.

कल पूर्व जस्टिस ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल लेक्चर के दौरान कहा - अगर भारत वर्ल्ड पावर बनना चाहता है तो उसे पूरी तरह सेक्युलरिज्म अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि - आज देश गलत रास्ते पर जा रहा है जो भविष्य के लिए ठीक नहीं है.  

खेहर ने यह भी कहा कि भारत ने आजादी के बाद पूरी तरह सेक्युलर यानी धर्मनिरपेक्ष होने का रास्ता चुना, जबकि पाकिस्तान इस्लामिक राष्ट्र बना। आजादी के फौरन के बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों कम्युनिटी ने काफी हिंसा का सामना किया।

अब हम सेक्युलरिज्म भूल रहे हैं: खेहर

अब हम सेक्युलरिज्म भूल रहे हैं। हम फिर ‘जैसे को तैसा’ के रास्ते पर चल रहे हैं, जरा सोचिए, हम सेक्युलर रहकर तो ग्लोबल पावर बन सकते हैं। लेकिन, क्या आप आज की दुनिया में कम्युनल होकर ग्लोवल पावर बन सकते हैं। अगर आप मुस्लिम देशों से अच्छे रिश्ते चाहते हैं तो फिर एंटी मुस्लिम नहीं हो सकते। अगर ईसाई मुल्कों से दोस्ती चाहते हैं तो फिर एंटी-क्रिश्चियन नहीं हो सकते। इसलिए, आज जो कुछ हो रहा है, वो देश के हित में नहीं है.
पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद को किया नमन, हिंदुत्व के सबसे बड़े महानायक की आज 155वीं जयंती

पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद को किया नमन, हिंदुत्व के सबसे बड़े महानायक की आज 155वीं जयंती

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नई दिल्ली: आज स्वामी विवेकानंद की 155वीं जयंती है. प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें नमन किया है साथ ही नेशनल यूथ डे पर भारत के युवाओं की ताकत को भी नमन किया है. मोदी सरकार ने स्वामी विवेकानंद की याद में नेशनल यूथ डे मनाने की शुरुआत की थी. आज पूरा देश नेशनल यूथ डे मना रहा है. मोदी ने ट्विटर पर लिखा - मैं स्वामी विवेकानंद के आगे शीश झुकाता हूँ साथ ही मैं नेशनल यूथ डे पर अपने युवाओं के अदम्य ऊर्जा और उत्साह को सलाम करता हूं, जो नए भारत के निर्माणकर्ता हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्वामी विवेकानंद का जन्म आज के ही दिन 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था. उन्हें हिंदुत्व का सबसे बड़ा प्रचारक भी माना जाता है. उन्होंने हिन्दू धर्म की महानता का पूरे विश्व में परचम लहरा दिया था.

उन्होंने सिर्फ 20 वर्ष की उम्र में 11 सितम्बर 1983 को अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म सम्मलेन में भाषण दिया था जो उनके जीवन का ऐतिहासिक भाषण साबित हुआ. भारत में आज भी उनके भाषण को याद किया जाता है और 11 सितम्बर को पूरे देश में वाद-विवाद और अन्य कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं जिसकी शुरुआत मोदी सरकार में ही हुई थी.

स्वामी विवेकानंद की मृत्यु सिर्फ 39 वर्ष की उम्र में 4 जुलाई 1902 में हुई थी. अभी तक किसी को ये नहीं पता है कि उनकी मृत्यु हुई थी या कराई गयी थी.