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Friday, February 24, 2017

दिग्विजय सिंह बोले, हाँ मोदीजी, आप गधे की तरह काम कर रहे हैं, तो लोग बोले 'और आप कु*त्ते जैसा'

दिग्विजय सिंह बोले, हाँ मोदीजी, आप गधे की तरह काम कर रहे हैं, तो लोग बोले 'और आप कु*त्ते जैसा'

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नई दिल्ली: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मोदी का मजाक बनाते हुए कहा कि हाँ मोदी जी आपने सही फ़रमाया, आप एक गधे की माफिक काम करते हो। दिग्विजय सिंह ने यह ट्वीट किया था -
दिग्विजय सिंह को ट्विटर पर करारे और जोरदार जवाब मिले, लेकिन पहले यह जान लीजिये मोदीजी ने स्वयं को गधे जैसा क्यों कहा था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मोदी को इशारों इशारों में गधा बताते हुए अमिताभ बच्चन से कहा था कि आप गुजरात के गधों के प्रचार क्यों करते हो, मोदीजी से कहिये कुछ काम करें।

कल मोदी ने एक रैली में अखिलेश को जवाब देते हुए कहा था - अखिलेश जी, आपको पता नहीं है गधा भी हमें प्रेरणा देता है, अगर दिल दिमाग साफ़ हो तो प्रेरणा ले भी सकते हैं, गधा अपने मालिक के लिए वफादार होता है, गधा अपने मालिक के लिए उतना काम करता है जितना मालिक चाहता है, इसके अलावा गधा सबसे कम खर्चे वाला होता है।

मोदी ने कहा कि गधा कितना भी बीमार हो, कितना भी खाली पेट हो, कितना ही थका हुआ हो लेकिन अगर मालिक उससे काम लेता है तो सहन करता हुआ भी अपने मालिक का दिया काम पूरा करके रहता है, अखिलेश जी, ये सवा सौ करोड देशवासी मेरे मालिक हैं, वो मुझसे जितना काम लें करता हूँ, बिना छुट्टी लिए करता हूँ, थक जाऊं तो भी करता हूँ, कभी भूखा रहा तो भी करता हूँ क्योंकि गधे से प्रेरणा लेता हूँ और बड़े गर्व से लेता हूँ क्योंकि मैं अपने सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए गधे से भी अधिक मजदूरी करता हूँ और गर्व करता हूँ कि मैं अपने मालिकों के काम आता हूँ। 

मोदी के जवाब पर पूरे देश ने तालियाँ बजायीं, लोगों ने मोदी की वाहवाह की लेकिन कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने फिर से अपना मुंह खोल दिया और मोदी का मजाक बनाते हुए कहा - मोदीजी आप सच में एक गधे जैसा काम करते हैं। दिग्विजय सिंह का मतलब लोगों ने समझ लिया और उनकी धुलाई कर दी - खुद देखिये -






Thursday, February 23, 2017

अमर सिंह ने किया खुलासा, सास-ससुर पर जुल्म करती थीं जया बच्चन, इसलिए अमिताभ रहते हैं इनसे अलग

अमर सिंह ने किया खुलासा, सास-ससुर पर जुल्म करती थीं जया बच्चन, इसलिए अमिताभ रहते हैं इनसे अलग

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नई दिल्ली: पूर्व सपा नेता और राज्य सभा सांसद अमर सिंह ने आज समाजवादी पार्टी की राज्य सभा सांसद और अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन के बारे में बड़ा खुलासा किया है, अमर सिंह ने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर को दिए गए इंटरव्यू में कई खुलासे किये। 

अमर सिंह ने सबसे पहला खुलासा जया बच्चन के बारे में किया, जया बच्चन समाजवादी पार्टी से राज्य सभा सांसद भी हैं और वे मोदी सरकार की नोटबंदी का विरोध भी करती हैं, यही नहीं वे कांग्रेस और अन्य विरोधी पार्टियों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुई थीं और नोटबंदी के विरोध में काली पट्टी भी बांधी थी। 
आज अमर सिंह ने जया बच्चन के चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि जया बच्चन ने अपने सास ससुर यानी अमिताभ बच्चन के माता पिता हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के साथ 15 वर्षों तक बुरा बर्ताव करती रहीं, उनका अपमान करती रहीं। अमिताभ बच्चन ने 15 वर्षों तक अपने माता पिता का अपमान होते हुए देखा और उसके बाद जया बच्चन से अलग हो गए। दोनों अलग अलग घर में रहें लगे और आज भी अलग अलग घर में ही रहते हैं। अमिताभ मुंबई के प्रतीक्षा बंगले में रहते हैं लेकिन जया बच्चन दूसरे बंगले जलसा में रहती हैं। 

जानकारी के लिए बता दें कि अमर सिंह अमिताभ बच्चन के करीब 30 वर्षों तक सबसे करीबी दोस्त रहे हैं, हर छोटी छोटी बातों से वाकिफ हैं और वही जया बच्चन को सपा में लेकर आये थे।

अमर सिंह ने बताया कि कुछ लोग मेरे ऊपर आरोप लगाते हैं कि मैंने उन दोनों को अलग किया लेकिन जब मैं उन लोगों के करीब गया तो अमिताभ प्रतीक्षा में रहते थे और जया जलसा में रहती थीं। यह इसलिए क्योंकि जमा बच्चन का व्यवहार हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के लिए बहुत बुरा था, एक तरफ जया अपने सास ससुर का अपमान करती थीं तो अमिताभ बच्चन अपन माता पिता के लिए श्रवण कुमार थे इसलिए वे जया बच्चन के व्यवहार को सहन नहीं कर पाए और उनसे अलग रहने लगे। जब हरिवंश राय और तेजी बच्चन बीमार हो गए तब भी जया बच्चन का व्यवहार नहीं बदला। 
3 साल पूरे होने पर गाँवों-गरीबों की तरफ रूख करेंगे PM MODI

3 साल पूरे होने पर गाँवों-गरीबों की तरफ रूख करेंगे PM MODI

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नई दिल्ली, 22 फरवरी: केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार मई महीने में सत्ता में अपने तीन साल पूरे करने को लेकर देशव्यापी कार्यक्रम करने की योजना बना रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाँवों और गरीबों की तरफ अपना ध्यान आकर्षित करेंगे और गरीबों के हित में योजनायें शुरू करके मोदी को 'गरीबों का मसीहा' के रूप में पेश किया जाएगा। 

ये कार्यक्रम गरीबों के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित होंगे, जिन्हें 'अच्छे दिन आ गए' वीडियो के साथ संचार के विभिन्न माध्यमों के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। 

विपक्षी पार्टियां सरकार पर लगातार आरोप लगाती रही हैं कि वह अपने चुनाव प्रचार के दौरान किए गए 'अच्छे दिन' लाने के वादे को पूरा करने में नाकाम रही है।

ज्ञात सूत्रों ने कहा है कि सरकार अपनी उपलब्धियों को ग्रामीण इलाकों तक ले जाने के लिए पूरा जोर दे सकती है।

केंद्रीय मंत्रियों द्वारा किए जाने वाले संवाददाता सम्मेलनों को शहरों से इतर भी किया जा सकता है, जबकि पिछले साल पार्टी ने सरकार की दूसरी वर्षगांठ के दौरान कार्यक्रमों के शहरों तक ही सीमित रखा था।

सरकार के कार्यो से लोगों को अवगत कराने के लिए केंद्रीय मंत्रियों को गांवों में ही रहने को कहा जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महीने लंबे कार्यक्रम के अंत में एक संवाददाता सम्मेलन कर सकते हैं। अगर वह ऐसा करते हैं, तो मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के यह उनका पहला संवाददाता सम्मेलन होगा।

भाजपा नेताओं ने कहा है कि मोदी सरकार ने गरीबों तथा ग्रामीण इलाकों के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है और इसे प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है।

भाजपा के एक नेता ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा, "प्रधानमंत्री गरीबों तक पहुंच रहे हैं। नोटबंदी का उद्देश्य नकदी का अवैध रूप से जमाखोरी करने वाले अमीरों को निशाना बनाना था। इस प्रयास से यह संदेश गया है कि मोदी ने गरीबों के लिए सर्वाधिक काम किया है और वह उनके मसीहा हैं।"

सूत्रों ने कहा कि सरकार की तीसरी वर्षगांठ के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खासकर उत्तर प्रदेश से संभावित तौर पर पार्टी के पक्ष में आने वाला नतीजा उत्साह को और बढ़ा सकता है। हालांकि प्रतिकूल नतीजे से वर्षगांठ की योजना में उत्साह थोड़ा कम हो सकता है।

सूत्रों ने कहा कि मंत्रालयों से सरकार द्वारा खासकर गरीबों से किए गए वादों के क्रियान्वयन पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है।

एक अधिकारी ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर आईएएनएस से कहा, "मंत्रालयों से गरीबों के लिए किए गए कार्यो सहित उनकी उपलब्धियों के बारे में पुस्तिकाएं, पर्चे तथा प्रचार संबंधी अन्य सामग्रियों को तैयार करने को कहा गया है।"

वीडियो में सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), 500 रुपये तथा 1,000 रुपये की नोटबंदी, भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए उठाए गए कदम तथा गरीबों को घरेलू गैस का वितरण शामिल हो सकता है।

मोदी सरकार पाकिस्तान से भारत में होने वाली आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के प्रयासों को भी अपनी उपलब्धियों में शामिल कर सकती है, जिसके लिए उसने बीते साल सितंबर में पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर की सीमा में जाकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।

वर्षगांठ कार्यक्रमों के प्रस्ताव पर अभी चर्चा नहीं हुई है। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

सरकार ने अपनी दूसरी वर्षगांठ 'विकास पर्व' के रूप में मनाई थी। 

दूसरी वर्षगांठ की शुरुआत उत्तर प्रदेश में मोदी की एक रैली तथा एक इंडिया गेट पर 'एक नई सुबह' नामक कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ था, जिसमें बॉलीवुड की कुछ हस्तियों ने शिरकत की थी।

Tuesday, February 21, 2017

मोदी ने सही कहा 'लूटने वाले बचेंगे नहीं', ED के पूर्व संयुक्त निदेशक भ्रष्टाचार में गिरफ्तार

मोदी ने सही कहा 'लूटने वाले बचेंगे नहीं', ED के पूर्व संयुक्त निदेशक भ्रष्टाचार में गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 21 फरवरी: अगर आपने ध्यान दिया होता तो मोदी आजकल अपनी रैलियों में दो बातें बोलते हैं, पहली तो यह कि जिसने भी देश को लूटा है वो बचेगा नहीं और दूसरी यह कि उनकी लड़ाई कुर्सी पर बैठे अधिकारियों से है जिन्होंने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए घोटाले और भ्रष्टाचार किये हैं। 

मोदी की कही गयी बातें सच हो रही हैं क्योंकि अब कुर्सी पर बैठ चुके बड़े बड़े अधिकारी भी पकडे जा रहे हैं, नोटबंदी के बाद लोगों ने ED यानी प्रवर्तन निदेशालय के बारे में सुना था और यह भी जाना था कि ED के हाथों में विदेशी लेन-देन की जांच करने की पूरी पॉवर होती है और अगर विदेशी बैंकों में भारत से पैसा जमा हुआ तो इसकी भी जानकारी रहती है। 

आज प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर जे.पी.सिंह को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है और उनके साथ तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है जिसमें ED के अधिकारी संजय कुमार तथा दो बिचौलिए विमल अग्रवाल तथा चंद्रेश पटेल शामिल हैं। अब आप समझ लीजिये, जिस ED में ऐसे भ्रष्ट अधिकारी बैठे हैं तो भारत का पैसा स्विस बैंकों में कैसे नहीं जमा हुआ होगा यानी इन लोगों ने भ्रष्टाचार का नंगा नाच खेला होगा। 

वित्त मंत्रालय के आदेश पर सितंबर 2015 में सीबीआई ने यह मामला दर्ज किया था। इसकी जांच के बाद इन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत तथा आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज है।

आरोप है कि सट्टेबाजी में धनशोधन तथा इस तरह की अन्य गतिविधियों की जांच के दौरान सिंह तथा ईडी के अन्य अधिकारियों ने मामले के आरोपियों व संदिग्धों से कथित तौर पर रिश्वत के तौर पर बड़ी रकम ली थी।

CBI के एक अधिकारी ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, "इन अधिकारियों ने आरोपियों व संदिग्धों से रिश्वत के रूप में बड़ी रकम ली।" 
मुकेश अम्बानी का कमाल, बना लिए 10 करोड़ जियो ग्राहक

मुकेश अम्बानी का कमाल, बना लिए 10 करोड़ जियो ग्राहक

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मुंबई, 21 फरवरी: रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने मंगलवार को कहा कि रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या 10 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। अंबानी ने मीडिया से कहा, "जियो को पिछले साल पांच सितंबर को लांच किया गया था और केवल 170 दिनों में हमने 10 करोड़ ग्राहकों के आंकड़े को पार कर लिया है। यह उपलब्धि भारत और भारतीयों की है।"

उन्होंने कहा कि जियो औसतन हर सेकेंड अपने नेटवर्क पर सात ग्राहकों को जोड़ता है। 

उन्होंने कहा, "यह दुनिया में कहीं भी किसी भी प्रौद्योगिकी कंपनी की स्वीकृति का एक अभूतपूर्व स्तर है।"

अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो के शुरू होने से पहले भारत डेटा पेनिट्रेशन के मामले में 150वें स्थान पर था। अब यह पहले स्थान पर है। 

उन्होंने कहा, "जियो के ग्राहकों ने 100 करोड़ गीगा बाइट डेटा का उपभोग किया है। मोबाइल डेटा के प्रयोग के मामले में आज भारत दुनिया में नंबर एक है।"

अंबानी ने कहा कि 2017 के अंत तक देश की 99 फीसदी आबादी जियो के नेटवर्क के दायरे में होगी, जिसमें देश के सारे शहर, कस्बे और गांव शामिल होंगे। 

उन्होंने ध्यान दिलाया कि कंपनी ने अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले 4जी स्टेशनों की संख्या दोगुनी कर ली है। 

उन्होंने जियो के ग्राहकों के लिए अगले 12 महीने के लिए किफायती सदस्यता योजना की घोषणा की। इससे दूरसंचार कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की संभावना है। 

उन्होंने कहा, "जियो प्राइम सदस्यता योजना के तहत 99 रुपये का शुल्क एक बार चुकाने पर एक साल तक इसके फायदे मिलेंगे। इसके लिए सदस्यता एक मार्च से 31 मार्च तक हासिल की जा सकती है। इसकी सदस्यता लेने पर अगले 12 महीनों के लिए असीमित फायदे मिलेंगे।"

साल 2018 के मार्च महीने के बाद जियो प्राइम के सदस्यों को अगले एक साल तक सेवा शुल्क के रूप में 303 रुपये प्रति माह चुकाने होंगे।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जो लोग प्राइम सदस्यता नहीं लेंगे उनके लिए कंपनी एक अप्रैल को टैरिफ प्लान की घोषणा करेगी। 

अंबानी ने कहा जियो के टैरिफ प्लान में प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की तुलना में 20 फीसदी अधिक डेटा मिलेगा। 
डिजिटल बैंकिंग नहीं अपनाया तो इतिहास बन जाएंगे बैंक: RBI

डिजिटल बैंकिंग नहीं अपनाया तो इतिहास बन जाएंगे बैंक: RBI

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मुंबई, 20 फरवरी: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को कहा कि पारंपरिक बैंकों को नए जमाने के डिजिटल बैंक के रूप में बदलने की जरूरत है ताकि वे परिचालन जारी रख सकें, नहीं तो वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) युक्त ऋण मुहैया करानेवाली कंपनियां सूक्ष्म, छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) के वैकल्पिक बैंक के रूप में तेजी से उभर रही है। आरबीआई के डेपुटी गर्वनर एस. एस. मुंद्रा ने कहा, "अब फिनटेक का जमाना है और पारंपरिक बैंकों के वक्त नहीं है। उन्हें जल्दी से नए जमाने की डिजिटल बैंकिंग में बदलना होगा, ताकि वे इतिहास का हिस्सा ना बन जाएं।"

उन्होंने कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर बैंकिंग द्वारा आयोजित एनएएमसीएबीएस (नेशनल मिशन फॉर कैपिसिटी बिल्डिंग ऑफ बैंकर्स फॉर फाइनेंसिंग एमएसएमई सेक्टर) सम्मेलन के उद्घाटन संबोधन में यहां यह बातें कही। 

मुंद्रा ने कहा, "फिनटेक वित्तीय कंपनियां छोटे व्यापारियों के लिए वित्त के वैकल्पिक बैंक के रूप में उभरी है।"

उन्होंने कहा कि बैंकों को फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए न कि किसी खतरे की तरह। 

उन्होंने कहा अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) के आंकड़ों के मुताबिक अकेले उभरती अर्थव्यवस्था के बाजारों में सभी औपचारिक और अनौपचारिक एमएसएमई के बीच 2,100 हजार करोड़ डॉलर से लेकर 2,600 हजार करोड़ डॉलर की निधि संचय में व्यवधान है जो एमएसएमई के वर्तमान में बकाये ऋण का 30 से 36 फीसदी बैठता है। 

Friday, February 17, 2017

नीचता की हद पार, आर्मी चीफ बोले, आतंकियों के मददगारों को सिखाएंगे सबक तो कांग्रेस ने किया विरोध

नीचता की हद पार, आर्मी चीफ बोले, आतंकियों के मददगारों को सिखाएंगे सबक तो कांग्रेस ने किया विरोध

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New Delhi, 17 Feb: आजकल राजनीति इतनी गिर गयी है कि कुछ राजनीतिक पार्टियाँ और कुछ नेता नीचता ही हद पार करते हुए कुछ भी बोल देते हैं, ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों के लिए देश और देश की सेना का कोई महत्व नहीं है इसलिए सब लोग आर्मी चीफ के उस बयान का विरोध कर रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि 'आतंकियों के मददगारों से भी सख्ती से निपटा जाएगा और उन्हें भी आतंकियों का साथी समझकर जरूरत पड़ने पर ठोंक दिया जाएगा'।

कांग्रेस नेता शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने आर्मी चीफ के इस बयान का सबसे पहले विरोध किया, उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि कश्मीर में सेना को दखल करने का कोई हक ही नहीं है, कानून व्यवस्था पुलिस का काम है, सेना को जरूरत पड़ने पर सिर्फ पुलिस का सहयोग करना चाहिए और आर्मी चीफ को ऐसे बयान नहीं देना चाहिए। मतलब वे यह कहना चाहते हैं कि आतंकियों के मददगारों को खीर-पूड़ी खिलानी चाहिए, कमाल है। 

इसके बाद JDU के नेता KC त्यागी का नंबर आया तो उन्होंने भी ऐसा ही बयान दे दिया, उन्होंने कहा कि आर्मी चीफ को ऐसी बातें नहीं बोलनी चाहिए। अब आप बताओ इसमें क्या गलत था आखिर वह आदमी तो आतंकियों की मदद कर रहा है, अपने घर में उन्हें रहने देता है, उनके हथियारों की सुरक्षा करता है तो वह भी एक आतंकी जैसा हुआ, ऐसे लोगों को सबक सिखाने में क्या गलत है।

Thursday, February 16, 2017

केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने लिया राफेल फाइटर प्लेन में उड़ने का आनंद, बोले, जादुई था

केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने लिया राफेल फाइटर प्लेन में उड़ने का आनंद, बोले, जादुई था

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Bengaluru, 16 Feb: केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कल राफेल फाइटर प्लेन में उड़ने का आनंद लिया, कल बेंगलुरु में एयर इंडिया एयर शो के मौके पर राजीव प्रताप रूडी ने बेंगलुरु एयरबेस से राफेल में उड़ान भरी और करीब 35 मिनट तक उड़ान का आनंद लिया, उन्होंने लगभग पूरा भारत की परिक्रमा की।

प्लेन से बाहर आकर रूडी ने अपना अनुभव साझा किया, उन्होंने कहा कि एयरक्राफ्ट बहुत की कम्फ़र्टेबल है और इसमें उड़ने का अनुभव बहुत ही अच्छा रहा। सब कुछ जादुई लग रहा था।

उन्होंने बताया कि यह राफेल फ्लाई-बाई-एयर टेक्नोलॉजी वाला फिफ्थ जेनरेशन का एयरक्राफ्ट है। भारत में ही राफेल का निर्माण किया जाना है, यह एयरक्राफ्ट दसौल्ट एविएशन द्वारा बनाया जा रहा है और इस कंपनी के साथ अनिल अम्बानी की रिलायंस डिफेंस भी साझीदार है। 36 एयरक्राफ्ट की डील 59 हजार लाख करोड़ रुपये में तय हुई है। 
आतंकियों की मदद करने वालों को भी आतंकी मानकर ठोंका जाएगा, आर्मी चीफ ने दिया आदेश: पढ़ें

आतंकियों की मदद करने वालों को भी आतंकी मानकर ठोंका जाएगा, आर्मी चीफ ने दिया आदेश: पढ़ें

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New Delhi, 16 Feb: भारत के आर्मी चीफ बिपिन रावत ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अब कश्मीर में आतंकियों की मदद करने वाले हर नागरिक को एंटी नेशनल यानी आतंकियों जैसा ही समझा जाएगा और उसे ठोंकने से परहेज नहीं किया जाएगा, अब जो भी जोग सेना पर पत्थरबाजी करेंगे, पाकिस्तानी झंडे लहरायेंगे, ISIS के झंडे लहरायेंगे, पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगायेंगे और आतंकियों को शरण देंगे, सेना इन्हें भी आतंकी मानेगी और कड़ी सजा देगी।

उन्होंने यह भी कहा कि आतंकियों की मददगारों के अलावा अगर कोई सेना के ऑपरेशन का विरोध करेगा प्रदर्शन करके कार्यवाही में बाधा डालेगा तो उन्हें भी आतंकी समझा जाएगा। 

Wednesday, February 15, 2017

ISRO ने पहली बार कर दिया दुनिया का सबसे बड़ा कारनामा, एक साथ भेज दिए 104 उपग्रह

ISRO ने पहली बार कर दिया दुनिया का सबसे बड़ा कारनामा, एक साथ भेज दिए 104 उपग्रह

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श्रीहरिकोटा, 15 फरवरी: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार सुबह एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजकर इतिहास रच दिया, ऐसा बड़ा काम आजतक दुनिया में नहीं हुआ था, प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस बड़ी उपलब्धि के बाद ISRO के वैज्ञानिकों को बधाई दी। उपग्रहों का प्रक्षेपण भारतीय रॉकेट ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के जरिये किया गया। जिन उपग्रहों को प्रक्षेपित किया गया है, उनमें देश का पृथ्वी अवलोकन उपग्रह काटरेसैट-2 सीरीज भी शामिल है। 44.4 मीटर लंबे और 320 टन वजनी रॉकेट पीएसएलवी-एक्सएल ने सुबह 9.28 बजे आकाश को चीरते हुए उड़ान भरी।

पृथ्वी अवलोकन उपग्रह काटरेसैट-2 सीरीज का वजन 714 किलोग्राम है।

अन्य उपग्रहों में 101 नैनो उपग्रह हैं, जिनमें से इजरायल, कजाकस्तान, द नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक-एक और अमेरिका के 96 तथा भारत के दो नैनो उपग्रह शामिल हैं।

इन सभी उपग्रहों का कुल वजन लगभग 1,378 किलोग्राम है।

इसरो के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करते हुए आईएएनएस से कहा, "काटरेसैट उपग्रह पृथ्वी अवलोकन उपग्रह के काटरेसैट-2 सीरीज में चौथा उपग्रह है। इस सीरीज के तीन उपग्रह पहले ही पृथ्वी की कक्षा में हैं और दो अन्य का प्रक्षेपण किया जाना है। काटरेसैट-2 सीरीज के सभी छह उपग्रहों को प्रक्षेपित किए जाने के बाद काटरेसैट-3 सीरीज लॉन्च किया जाएगा।"

Monday, February 13, 2017

OMG, राहुल गाँधी ने कांग्रेस के बारे में ही चौंकाने वाला खुलासा कर दिया, देखें VIDEO

OMG, राहुल गाँधी ने कांग्रेस के बारे में ही चौंकाने वाला खुलासा कर दिया, देखें VIDEO

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New Delhi, 13 Feb: कहते हैं जब पूत की कुपूत हो तो घर बर्बाद होने से कोई नहीं रोक सकता, राहुल गाँधी अंजाने में कांग्रेस के बारे में ही खुलासे कर रहे हैं, वे रैलियों में खुद बताते हैं कि देश के 50 बड़े अमीरों ने 7.10 लाख करोड़ रूपया यानी करीब देश का आधार पैसा लोन ले रखा है और अब ये लोग लोन वापस नहीं करना चाहते, राहुल गाँधी मोदी पर आरोप लगाते हुए कहते हैं कि उन डिफाल्टरों का लोन माफ़ करना चाहते हैं जिन डिफाल्टरों को कांग्रेस ने लोन बांटा था। 

राहुल गाँधी खुद कहते हैं कि मोदी ने पिछले ढाई साल में 1.10 लाख करोड़ रूपया माफ़ कर चुके हैं जो कि गलत है, यह लोन माफ़ नहीं किया गया है बल्कि बट्टे खाटे में डाला गया है जिसका मतलब होता है कि अब ये रुपये व्यापार में नहीं हैं इसलिए इन्हें आर्थिक तंत्र से बाहर मान लिया जाय लेकिन जिन लोगों ने ये पैसे लिए हैं उनकी संपत्तियों को नीलाम करके या किसी अन्य माध्यम से वसूली की जाएगी। राहुल गाँधी इसे लोन माफ़ करना बताते हैं। राहुल आगे कहते हैं कि मोदी जी बचा हुआ 6 लाख करोड़ रूपया भी माफ करना चाहते हैं इसीलिए उन्होंने नोटबंदी की है। 

यहाँ पर ये ध्यान देने लायक है कि कांग्रेस ने खुद देश के 50 बड़े डिफाल्टरों को 7.10 लाख करोड़ का लोन बांटा था और वो भी देश का करीब आधा रूपया। राहुल गाँधी खुद कहते हैं कि अब ये लोग रूपया लौटाना नहीं चाहते। अब सवाल तो यही उठेगा कि कांग्रेस ने ये लोन बांटे ही क्यों ? एक तरह तो वे कहते हैं कि मोदी अमीरों की सरकार है और दूसरी तरफ वे यह भी खुलासा कर रहे हैं कि कांग्रेस ने देश के 50 बड़े अमीरों को 7.10 लाख करोड़ रूपया बाँट दिया।

अब आप खुद सोचिये, भारत में करीब 20 लाख करोड़ रुपये RBI ने छापे हैं जिसमें से 7.10 लाख करोड़ रुपये कांग्रेस ने विजय माल्या जैसे ऐसे डिफाल्टरों को बाँट दिए जो अब लोन वापस नहीं करना चाहते, वापस इसलिए नहीं करना चाहते। यानी जब मोदी की सरकार आयी तो इनके पास केवल 12.90 लाख करोड़ रुपये ही बचे थे, अब इन रुपयों में देश का विकास कैसे होता इसलिए मोदी ने नोटबंदी करके उन डिफाल्टरों को बैंक में वापस पैसे जमा करने के लिए मजबूर कर दिया। इस वक्त सरकारी खजाने में वापस 20 लाख करोड़ रुपये आ चुके हैं इसलिए नोटबंदी सफल हो चुकी है। जानकारी के लिए बता दें कि इस वर्ष मोदी सरकार ने 21.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पास किया है, जो इस बात का सबूत है कि मोदी सरकार को लूटे गए पैसे मिल चुके हैं लेकिन ये रुपये बैंकों में जमा हैं, अब चोरों से पूछा जाएगा कि भैया ये करोड़ों रुपये जो तुमने बैंक में जमा कराए हैं ये रुपये तुम्हारे पास कहाँ से आये। अगर जवाब ना दे पाए तो पैसे तो जब्त होंगे ही जेल की हवा भी कहानी पड़ेगी। यानी कांग्रेस ने जो खजाना लुटाया था मोदी ने उस खाने को केवल 50 दिन में बैंक में वापस जमा करवा लिया। 

हवा को पीने का पानी बना देगी यह मशीन ‘आकाश अमृत’ है नाम: पढ़ें

हवा को पीने का पानी बना देगी यह मशीन ‘आकाश अमृत’ है नाम: पढ़ें

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रायपुर, 13 फरवरी: 'आकाश अमृत' एक ऐसी अनोखी मशीन है जो हवा की नमी को सोखकर पानी में बदल देती है। पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ पानी की समस्या के समाधान की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम है। मैट्सोत्सव-2017 में इंवेंटिवग्रीन कंपनी द्वारा निर्मित 'आकाश अमृत' मशीन आकर्षण का केंद्र रही। इंवेंटिवग्रीन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुभव कक्कड़ ने बताया कि आकाश अमृत मशीन किसी भी क्षेत्र में विशेष रूप से तात्कालिक पीने के पानी का समाधान करती है, जहां पीने के पानी की मुश्किल हो या पानी का कोई स्रोत ही न हो, वहां के लिए यह अभिनव तकनीक है। मशीन को एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, जहां सतह पर जलवाष्प निकासी अधिक हो। इसमें कंडेनसेशन की तकनीक का प्रयोग किया जाता है। 

उन्होंने कहा कि यह मशीन वायुमंडलीय जलवाष्प की प्राकृतिक प्रक्रिया का उपयोग कर पीने योग्य स्वच्छ पानी का निर्माण करती है। पानी का निर्माण उसकी मात्रा, तापमान और उसके सापेक्ष आद्र्रता के मौजूदा परिवेश की स्थिति पर निर्भर करता है। इस मशीन का उपयोग और इसका रखरखाव आसान है।

उन्होंने बताया कि मौजूदा जल संसाधन और पानी के त्वरित उत्पादन पर निर्भरता से यह प्रौद्योगिकी दुनिया भर के कई क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की जरूरतों को पूरा करने में प्रभावी है। इस मशीन को शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य संस्थानों, होटल, शॉपिंग मॉल और मनोरंजन क्षेत्र, वाणिज्यिक और आवासीय प्रतिष्ठानों, गांवों, शहर के नगर पालिका, स्टेडियम और कन्वेंशन केंद्र, परिवहन केंद्रों, सैन्य और आपदा प्रबंधन के वक्त, समुद्री जहाजों पर लगाकर पानी निर्माण किया जा सकता है। यही इस मशीन के फायदे भी हैं- जहां पानी नहीं है वहां मशीन कारगर है, तात्कालिक समाधान, शुद्ध पेयजल, कम रखरखाव, काम में आसानी, पर्यावरण के अनुकूल, वैकल्पिक ऊर्जा-शक्ति संसाधनों पर चलती है।

अनुभव कक्कड़ बताया कि पानी का संचयन हवा से किया जाता है यह पानी की कमी पूरी करने का आदर्श समाधान है। खराब पानी से गंभीर बीमारियां होती हैं। लोग पीने के पानी के लिए वर्तमान स्रोत पर समय और निर्भरता की अविश्वसनीयता से थक गए हैं। वर्तमान में लोग नगर पालिका, टैंकर पानी, बोतलबंद पानी से पीने का पानी प्राप्त करते हैं, लेकिन जिन क्षेत्रों में पानी का अभाव है वहां के लिए यह मशीन अति आवश्यक हो जाती है। 

उन्होंने कहा कि बोतलबंद पानी की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए एकमात्र समाधान है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान होने पर भी महंगा हो रहा है। जलस्रोतों में बदलाव आ रहा है। बोरवेल, भूमिगत जलभंडार में तेजी से कमी आ रही है। जनता बोतलबंद पानी को स्वच्छ बोलकर उपयोग करती है, लेकिन उसी प्लास्टिक की बोतल से पयार्वारण को कितना नुकसान हो रहा है। वहीं टैंकर के जल के लिए ईंधन की खपत भी लग रही है।

कक्कड़ ने बताया कि इसकी क्षमता 1 हजार लीटर प्रतिदिन के हिसाब से पानी का निर्माण करने की है। 

इसके लिए 30 डिग्री सेल्सियस तापमान और 75 प्रतिशत इसके सापेक्ष आद्र्रता की जरूरत होती है। छत्तीसगढ़ में वातावरण के अनुसार लगभग 500 लीटर पानी का निर्माण एक दिन में किया जाता है।

बकौल कक्कड़ मशीन सरकार की मदद से ऐसे ग्रामीण इलाकों में लगाई जाए, जहां पीने को पानी नहीं हो, प्रदेश के बस्तर जैसे इलाके में जहां पानी में पोषक तत्वों की जरूरत है। 

कक्कड़ ने बताया कि अबतक 50 से अधिक मशीनों का निर्माण किया जा चुका है। मशीन की कीमत 6.5 लाख से 7 लाख रुपये है। रॉ मटेरियल के रूप में हवा का उपयोग पानी निर्माण के लिए किया जाता है।

Sunday, February 12, 2017

सड़क, बंदरगाह और इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए हमारे पास धन की कमी नहीं: नितिन गडकरी

सड़क, बंदरगाह और इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए हमारे पास धन की कमी नहीं: नितिन गडकरी

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नई दिल्ली, 12 फरवरी: केंद्रीय सड़क परिवहन और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार के सड़क और राजमार्ग निर्माण कार्यक्रम के तहत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों के निर्माण के लिए पर्याप्त नकदी उपलब्ध है। गडकरी ने एसोचैम टीवी के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "हमने बुनियादी ढांचा, सड़क, बंदरगाह के लिए पांच लाख करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। हमें कोई समस्या नहीं है, हमें सार्वजनिक, निजी निवेश प्राप्त हो रहा है। हमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।"

उन्होंने कहा, "इस महीने के प्रारंभ में पेश किए गए वित्तमंत्री अरुण जेटली के साल 2017-18 के बजट के अनुसार, एएए-रेटिंग हासिल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को अवसंरचना बांडों के जरिए 70,000 करोड़ रुपये जुटाने की अनुमति दी गई है।"

उन्होंने कहा, "एनएचएआई के लिए ट्रिपल-एएए रेटिंग प्राप्त है। हमें वित्तमंत्री से पहले ही बुनियादी बांडों के जरिए 70,000 करोड़ रुपये जुटाने की अनुमति है।"

उन्होंने कहा, "हमारी पथकर से आय सलाना 10,000 करोड़ रुपये है। इसलिए हम 15 सालों में कमाई करके दो लाख करोड़ रुपये प्राप्त कर सकते हैं। हमारी 101 परियोजनाएं तैयार हैं, जिनसे मैं कमाई करने जा रहा हूं, और उनसे हमें 1.25 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे.. इसलिए धन की कोई समस्या नहीं है।"
नरेन्द्र मोदी के लिए बुरी खबर, शिवसेना और उद्धव ठाकरे बन गए ओवैसी से भी बड़े दुश्मन

नरेन्द्र मोदी के लिए बुरी खबर, शिवसेना और उद्धव ठाकरे बन गए ओवैसी से भी बड़े दुश्मन

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मुंबई, 11 फरवरी: आप सोचते होंगे कि इस वक्त राजनीतिक पार्टियों में प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो आपके ध्यान में आता होगा कि हमला करने में सबसे आगे ओवैसी है, उसके बाद कांग्रेस है और उसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल का नंबर आता है लेकिन अब इन सब का नंबर काटते हुए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे मोदी के सबसे बड़े दुश्मन बन गए हैं। 

आपको ध्यान होगा कि दो दिन पहले नरेंद्र मोदी ने एक रैली में कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए कहा था कि वे अपनी जबान संभालकर रखें वरना कांग्रेस की पूरी जन्मपत्री मेरे पास है। इस हमले का जवाब कांग्रेस को देना था लेकिन उसका जवाब उद्धव ठाकरे ने दिया, मतलब एक तरह से उद्धव ठाकरे कांग्रेस के प्रवक्ता बन गए और उन्होंने धमकी दे डाली कि अगर कांग्रेस की जन्मपत्री मोदी के पास है तो मोदी की जन्मपत्री शिवसेना के पास है। 

यही नहीं उद्धव ठाकरे ने इशारों इशारों में मोदी को गुजरात दंगों पर जिम्मेदार भी बता दिया और कहा कि वे जानते हैं नरेंद्र मोदी गुजरात दंगों के बाद कैसे बचकर निकले थे और उन्हें बाला साहेब ठाकरे ने कैसे बचाया था। 

अब तक आपने देखा होगा कि असद्दुदीन ओवैसी जैसे लोग ही मोदी को गुजरात दंगों का आरोपी बताते हैं और इसी वजह से देश के मुसलमान मोदी से नफरत करते हैं लेकिन अब यही बात उद्धव ठाकरे बोल रहे हैं इसलिए अब आप समझ सकते हैं कि उद्धव ठाकरे मोदी के कितने बड़े दुश्मन बन गए हैं, एक दुश्मन होता है और दूसरा जानी दुश्मन, उद्धव ठाकरे जानी दुश्मन बन गए हैं। 

गुजरात दंगों के आलावा उद्धव ठाकरे नोटबंदी पर भी मोदी पर जमकर हमले कर रहे हैं, वे नोटबंदी को देश के लिए संकट बताते हैं। 

कांग्रेस पर हमले का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि "इससे पहले कभी भी कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस स्तर तक नहीं गिरा था।" उन्होंने कहा, "वह मजाक करते हैं और अन्य पार्टियों के नेताओं का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन लोग अब उससे ऊब चुके हैं।

Saturday, February 11, 2017

जांच एजेंसियां हैरान, तेज बहादुर के 17 फ़ीसदी दोस्त पाकिस्तानी, वहां से भी ऑपरेट होता है अकाउंट

जांच एजेंसियां हैरान, तेज बहादुर के 17 फ़ीसदी दोस्त पाकिस्तानी, वहां से भी ऑपरेट होता है अकाउंट


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नई दिल्ली 11 फरवरी: खाने पर कोहराम मचाकर BSF को पूरी दुनिया में बदनाम करने वाले जवान तेज बहादुर यादव के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जांच एजेंसियों ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि तेज बहादुर यादव फेसबुक पर काफी समय से एक्टिव है, उसके करीब 17 फ़ीसदी दोस्त पाकिस्तानी हैं और उसके फेसबुक प्रोफाइल पर पाकिस्तान से भी पोस्ट डाली जाती हैं यानी कि पाकिस्तान से भी उसका अकाउंट ऑपरेट होता है। 

जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिनों पहले तेज बहादुर यादव ने खाने पर विडियो फेसबुक पर अपलोड करके कहा था कि BSF में फौजियों को बहुत घटिया खाना दिया जाता है, ऐसा खाना खाकर लोगों को टीवी हो सकती है हालाँकि आज तक किसी फौजी को टीवी हुआ नहीं है, उसनें यह भी कहा था कि मेरी जान को खतरा हो सकता है। उसके बाद उसकी पत्नी ने कई दिनों तक धरना भी दिया था।

अब तेज बहादुर यादव की जांच चल रही है, सबसे पहले जांच एजेंसियों ने उसके फेसबुक खाते की पड़ताल की तो पाया कि उसके 17 फ़ीसदी दोस्त पाकिस्तानी हैं, पाक से ही अकाउंट ऑपरेट हो रहा है, फ्रेंड लिस्ट में 3 हजार नाम हैं, कई लोग कनाडा और तंजानिया से भी हैं। तेज बहादुर के नाम से 40 अकाउंट हैं जिसमें से 39 फर्जी हैं।

इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों को शक हो रहा है कि कहीं खाने वाले VIDEO में कोई साजिश तो नहीं है, कहीं पाकिस्तान या ISI के इशारे पर जानबूझकर तो BSF को नहीं बदनाम किया गया क्योंकि इस घटना के बाद पाकिस्तान ने जमकर खुशियाँ मनाई थी, भारत को भुक्खड़ बताते हुए कहा था कि जब ये अपने फौजियों को खाना नहीं दे सकते तो सर्जिकल स्ट्राइक क्या करेंगे।
अदालत ने दिया निर्देश, फौजी तेज बहादुर यादव की पत्नी को उसके साथ दो दिन रहने दिया जाय

अदालत ने दिया निर्देश, फौजी तेज बहादुर यादव की पत्नी को उसके साथ दो दिन रहने दिया जाय

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नई दिल्ली, 10 फरवरी: सोशल मीडिया पर 'खराब खाने' का वीडियो डालकर सभी को चौंका देने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान तेज बहादुर यादव 'लापता' नहीं हैं। अदालत के दखल पर बीएसएफ ने जवान की पत्नी को उनसे मिलने की इजाजत दे दी है। बीएसएफ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद तेज बहादुर यादव को उनकी पत्नी से मिलने देने पर सहमति जताई। यादव के साथ उनकी पत्नी को दो दिन तक रहने की इजाजत दी गई है।

न्यायमूर्ति जी.एस. सिस्तानी और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ को सरकार ने बताया कि यादव गिरफ्तार नहीं हैं, बल्कि जम्मू के पास सांबा में एक अन्य बटालियन में तैनात कर दिए गए हैं।

पीठ ने बीएसएफ को निर्देश दिया कि यादव की पत्नी को बटालियन में उनसे मिलने और दो दिन तक उनके साथ रुकने दिया जाए।

यादव की पत्नी शर्मिला ने अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। शर्मिला ने यह याचिका तब दायर की जब परिवार के सदस्यों और खुद उनका यादव से तीन दिन तक संपर्क नहीं हो सका था। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया जाए कि उनके पति कहां हैं और अगर वह गिरफ्तार हैं तो उन्हें अदालत में पेश किया जाए।

अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल (एएसजी) संजय जैन ने बीएसएफ की तरफ से अदालत को बताया कि यादव 'लापता नहीं' हैं।

जैन ने अदालत से कहा, "(यादव की) पत्नी की आशंकाएं निराधार हैं। वह 7 फरवरी तक उनसे फोन पर संपर्क में थीं। हम इस बात को सिरे से खारिज करते हैं कि यादव लापता हैं। उन्हें एक अन्य बटालियन में स्थानांतरित किया गया है। परिवार इस बात को जानता है। न तो वह गिरफ्तार हैं और न ही कैद में हैं। उन्हें किसी भी तरह से प्रताड़ित नहीं किया गया है।"

अदालत ने बीएसएफ से कहा कि वह यादव की उनकी पत्नी से सप्ताहांत में मुलाकात कराए। अदालत ने मामले की अगली तारीख 15 फरवरी तय की है जब उम्मीद है कि वह महिला द्वारा अपने पति के बारे में जानकारी न मिलने और उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अर्जी को खारिज करने की उच्चस्तरीय जांच की मांग पर सुनवाई करेगी। 

बीएसएफ जवान अनुशासनहीनता सहित कई आरोपों का सामना कर रहे हैं। बीएसएफ ने यह कहते हुए यादव की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की याचिका खारिज कर दी है कि उनके खिलाफ कोर्ट आफ इंक्वायरी लंबित है।

इससे पहले कांग्रेस नेता व अधिवक्ता मनीष तिवारी ने शर्मिला की तरफ से अदालत को बताया कि बीएसएफ जवान के परिवार का कहना है कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है कि तेज बहादुर कहां हैं? आखिरी बार तेज बहादुर से 7 फरवरी को पत्नी की बात हुई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें अज्ञात जगह ले जाया जा रहा है।

तिवारी ने कहा, "परिजन उनके मोबाइल पर फोन करते रहे, लेकिन फोन नहीं उठा। जब उनके आधिकारिक फोन नंबर पर कॉल किया गया तो किसी ने भी इस बारे में नहीं बताया कि तेज बहादुर कहां हैं? परिजनों का फोन होल्ड पर रख दिया गया।"

जैन ने कहा कि बीएसएफ ने यादव का निजी मोबाइल फोन ले लिया था और उन्हें एक नया फोन नए सिम के साथ दिया था। उन्होंने कहा कि यादव ने अपने जिस पुराने फोन से खाने का वीडियो बनाया था, उसे जांच के लिए लिया गया है।

यादव की पत्नी ने कहा कि परिवार ने बीएसएफ के महानिदेशक के. के. शर्मा को भी दो पत्र लिखे, ताकि वे जवान के बारे में पता लगा सकें, लेकिन उन पत्रों का कोई जवाब नहीं आया।

तेज बहादुर के परिवार ने इससे पहले यह भी आरोप लगाया था कि बीएसएफ जवान को धमकी और मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है।

बीएसएफ के जवान का खराब खाने वाला वीडियो वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय ने बीएसएफ से इस पर विस्तृत जानकारी मांगी थी।

Thursday, February 9, 2017

लूट और ब्लंडर मनमोहन सिंह नहीं बोल सकते थे, किसी ने उन्हें लिखकर दिया था: रवि शंकर प्रसाद

लूट और ब्लंडर मनमोहन सिंह नहीं बोल सकते थे, किसी ने उन्हें लिखकर दिया था: रवि शंकर प्रसाद

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New Delhi, 10 Feb: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आज प्रेस वार्ता करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस बयान का बचाव किया जिसमें मोदी ने कहा था कि 'बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाने की कला तो कोई डॉ मनमोहन सिंह से सीखे' उनकी सरकार के 10 साल के शासन में कई घोटाले हुए लेकिन उनपर एक भी दाग नहीं लगे। कांग्रेस के सभी सांसद कल मोदी के भाषण के बीच में राज्य सभा से बाहर चले गए थे। 

आज रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोई गलत बयान नहीं किया, मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को Organised Loot और Legalised Blunder बताया था, शुरुआत उन्होंने की थी इसलिए सुनने की क्षमता भी होनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि जहाँ तक मनमोहन सिंह के बयान की बात है तो मैंने उन्हें पिछले 10 साल से देखा है, उन्होंने अज तक ऐसे भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, कांग्रेस में चलन है कि भाषण लिख कर दिया जाता है और नेता वही पढ़ देते हैं, मुझे आशंका है कि शायद मनमोहन सिंह भी उसी राह पर चल निकले हैं, जो वह पढ़ रहे थे वह उनका लिखा हुआ नहीं था, Organised Loot और Legalised Blunder मनमोहन सिंह की डिक्शनरी में नहीं हैं, अब जवाब मिलने पर इतनी परेशानी क्यों हो गयी।

उन्होंने कहा कि फन, पन, पार्टी, रि-पार्टी, व्यंग, हॉट एक्सचेंज पर वर्ल्ड, वाइल्ड एक्सचेंज ओद वर्ल्ड ये तो संसद की परंपरा है, इसमें इतनी परेशानी क्यों हो गयी।

उन्होंने कहा कि इसी संसद में कांग्रेस के नेताओं ने अपने भाषण में हमारे प्रधानमंत्री की तुलना दुनिया के घृणित नेताओं के साथ की और हमारी आपत्ति पर उन्हें हटाया गया, उस समय कांग्रेस नेता क्या कर रहे थे, हमें कांग्रेस नेताओं से हमें कोई उम्मीद भी नहीं है क्योंकि उनकी बड़ी नेता मौत का सौदागर शब्द का इस्तेमान करती हैं और उनके बेटे खून की दलाली शब्द का इस्तेमाल करते हैं तो उनके सांसदों से क्या उम्मीद की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि दिक्कत ये है कि कांग्रेस अब एक दल, एक विचारधारा ना होकर एक परिवार की भक्ति करने वाली पार्टी बन गयी है। 
कांग्रेस के जाल में फिर फंस गए मनमोहन सिंह, सन्याश लेने की उम्र में लड़ रहे दंगल, वो भी मोदी से

कांग्रेस के जाल में फिर फंस गए मनमोहन सिंह, सन्याश लेने की उम्र में लड़ रहे दंगल, वो भी मोदी से

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New Delhi, 9 Feb: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कांग्रेस पार्टी के जाल में फिर से फंस चुके हैं, इससे पहले भी वे कांग्रेस की जाल में फंसे थे जब वे 10 साल देश के प्रधानमंत्री रहे, घोटाले होते रहे और वे आँखें बंद करके देखते रहे, उनपर कोई इल्जाम नहीं आया क्योंकि उन्होंने एक भी रूपया नहीं खाया लेकिन लोगों को खाते हुए देखते रहे और ध्रितराष्ट्र बने रहे। 

मनमोहन सिंह ने अपनी 10 साल की सरकार में जो किया सो किया, अब वे काफी वृद्ध हो चुके हैं, अब उन्हें आराम से अपनी बाकी की उम्र काटनी चाहिए थी लेकिन वे एक बार फिर से कांग्रेस के जाल में फंस गए और मोदी के सामने दंगल में उतर गए। 

मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को संगठित लूट और ब्लंडर बता दिया, सबसे बड़ा घोटाला बताकर मोदी का दिमाग गरम कर दिया, मोदी अभी तक मनमोहन सिंह के खिलाफ कुछ भी नहीं बोल रहे थे लेकिन जिस प्रकार से मनमोहन सिंह ने कांग्रेस के इशारे पर नोटबंदी की आलोचना की उससे मोदी ने भी ठान लिया कि अब ताऊ की उम्र नहीं देखनी है और इन्हें पटक देना है। 

कल मोदी ने मनमोहन सिंह पर अपना प्रहार कर ही दिया, उन्होंने कहा कि डॉ साहब पिछले 10 साल प्रधानमंत्री रहे और इनकी सरकार में कई घोटाले हुए, लेकिन इनपर कोई दाग नहीं लगा, हम सभी राजनेताओं को इनसे सीख लेनी चाहिए, बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाना तो कोई डॉ साहब से सीखे। 

मोदी के इस प्रहार से कांग्रेस को बहुत बुरा लगा और सभी कांग्रेसी सांसद राज्य सभा से बाहर चले गए, उसके बाद मोदी ने गुस्सा होते हुए कहा कि मनमोहन सिंह इतने बड़े पद पर बैठ चुके हैं उसके बावजूद भी उन्होंने नोटबंदी को लूट और ब्लंडर बताया था, उस वक्त वे संसद की गरिमा कहाँ भूल गए थे, अगर कुछ बोलोगे तो सुनने की हिम्मत भी होनी चाहिए, पराजय से कब तक भागते रहोगे।

बात यहीं पर ख़त्म नहीं हुई है, अब मोदी को फिर से कांग्रेस के घोटालों को उठाने का मुद्दा मिल गया है, पहले सोनिया और राहुल पर वे हमले करते थे लेकिन अब सीधे मनमोहन सिंह पर हमले करेंगे क्योंकि महाभारत में जितना गुनाहगार दुर्योधन था उससे भी अधिक बड़ा गुनाहगार ध्रितराष्ट्र था जो आँखें बंद करके तमाशा देख रहा था। आँखों पर पट्टी बांधकर गुनाह होने देने वाले को भी गुनाहगार माना जाता है। 

मोदी की रैली में आने वाले ज्यादातर लोग उन्हें कांग्रेस के घोटालों पर बोलते हुए देखना चाहते हैं, सोनिया और राहुल पर हमले होते देखकर लोग बोर हो चुके हैं, अब उन्हें फ्रेश माल चाहिए, मोदी ने मनमोहन सिंह पर कोई हमला नहीं किया था लेकिन आज कहीं पर एक रूपया चोरी होने पर लोग प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराते हैं इसलिए अगर कांग्रेस के समय में लाखों करोड़ का घोटाला हुआ तो उसके भी जिम्मेदार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ही होने चाहियें, आखिर जैसे मोदी वैसे ही मनमोहन सिंह। अब मोदी को फिर से कांग्रेस के घोटालों को कुरेदने का मौका मिल गया है, अब उनकी रैलियां फिर से सुपरहिट होने वाली हैं। 
PM MODI जब राज्य सभा में बोल रहे थे तो ये कांग्रेसी मैडम कर रही थीं 'तू-तड़ाक', पढ़ें, कौन हैं ये

PM MODI जब राज्य सभा में बोल रहे थे तो ये कांग्रेसी मैडम कर रही थीं 'तू-तड़ाक', पढ़ें, कौन हैं ये

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New Delhi, 9 Feb: इन मैडम का नाम है रेणुका चौधरी, यह कांग्रेस पार्टी की आंध्र प्रदेश से राज्य सभा सांसद हैं, इससे पहले ये कांग्रेस सरकार में महिला और बाल कल्याण मंत्री रह चुकी हैं, इतने पड़े पद पर बैठने के बाद भी इन्होने कल प्रधानमंत्री मोदी के लिए तू-लडाक के शब्दों का इस्तेमाल किया। 

कल मोदी जैसे ही राज्य सभा में बोलने के लिए खड़े हुए रेणुका चौधरी ने भी रनिंग कमेंट्री शुरू कर दी, मोदी कुछ बोलते तो ये कहतीं - तू क्या बोलेगा, मोदी कुछ करने की बात बोलते तो ये बोलतीं- तू क्या करेगा, तूने आजतक क्या किया है, तेरे बस की कुछ नहीं है, तू सिर्फ बोलता है, काम कुछ नहीं करता है। 

इन कांग्रेसी मैडम के तू-तड़ाक से केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू को भी गुस्सा आ गया अरु वे अपनी सीट से उठ खड़े हुए, उन्होंने राज्य सभा स्पीकर से पूछा, महोदय क्या सदन में रनिंग कमेंट्री अलाउड है, ये सदन में क्या हो रहा है, प्रधानमंत्री को क्या क्या बोला जा रहा है। 

उसके बाद मोदी ने मनमोहन सिंह की धुनाई की तो ये मैडम रेणुका चौधरी मनमोहन सिंह को राज्य सभा से जबरजस्ती उठाकर अपने साथ ले गयीं। 
हुकुमेदेव बोले, हे ईश्वर, मोदी पर कोई संकट ना आये, आप उसकी रक्षा करना, उसका दुःख हमें दे देना

हुकुमेदेव बोले, हे ईश्वर, मोदी पर कोई संकट ना आये, आप उसकी रक्षा करना, उसका दुःख हमें दे देना

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New Delhi, 9 Feb: बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने विपक्ष और कांग्रेस को अपने ही अंदाज में जवाब दिया और बजट के लिए मोदी सरकार की तारीफ की। 

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी की योजना में हिंदुस्तान में आर्थिक परिवर्तन, सामाजिक परिवर्तन, राजनीतिक परिवर्तन और धार्मिक परिवर्तन की तरह बढ़ रहे हैं और इसी से हिंदुस्तान का कल्याण होने वाला है इसलिए मै इस बजट का समर्थन करता हूँ।
'
उन्होंने कहा कि मै इश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि - हे इश्वर, नरेन्द्र मोदी को रक्षा करिए, अगर कोई संकट आये तो हम लोगों पर थोड़ा थोड़ा बाँट दीजिये लेकिन नरेन्द्र मोदी पर कोई संकट ना आये, नरेन्द्र मोदी गाँव, गरीब और किसान के नयन का नारा है, ह्रदय और दिल की धड़कन है, आप उसकी रक्षा करना जिससे वो देश के लिए कुछ करके दिखाएंगे।

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के गाँव, गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित सबके लिए मोदी ने काम किया है, मोदी जी ने कहा है कि सबका साथ सबका विकास, उस सब में हिन्दू भी हैं, मुसलमान भी हैं, सिख है, इसाई है, गरीब है, अमीर है, पिछड़ा है, दलित है।

सबका साथ सबका विकास बत्लब, अगर खेत में पानी तो सबके खेत में पानी, हर हाथ को काम तो सबको काम, हर के चेहरे पर लाली तो सबके चेहरे पर लाली, हर गर्भवती माता को 6000 रूपया तो सबको 6000 हजार। कोई भेद नहीं है, किसी एक जाति के लिए नहीं है, ना अल्पसंख्यक है, हिंदुस्तान एक समान है इसलिए समदृष्टि रखिये सबके लिए बराबर का काम कीजिये, तब भारत उठेगा और भारत शक्तिशाली बनेगा, अगर भारत शक्तिशाली बनेगा तो देश शक्तिशाली बनेगा।

उन्होंने कहा कि अगर भारत शक्तिशाली बेंगा तो हमारा हिस्सा अधिक आएगा क्योंकि गरीबों को नौकरी अधिक मिलेगी क्योंकि हमारी संख्या अधिक है। जब सबका विकास होगा तो उसमें मेरी हिस्सेदारी अधिक होगी।