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Jan 16, 2018

कांग्रेस को अच्छे लगने लगे हिंदुत्व के फायरब्रांड नेता प्रवीण तोगड़िया, बदला रंग, पहुंचे मिलने

कांग्रेस को अच्छे लगने लगे हिंदुत्व के फायरब्रांड नेता प्रवीण तोगड़िया, बदला रंग, पहुंचे मिलने

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अहमदाबाद: अगर आपको याद हो तो पिछले हफ्ते ही वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और कर्णाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हिंदुत्व को आतंकवाद और उग्रवाद बताया था. कांग्रेस के सभी नेताओं, प्रवक्ताओं ने उनके बयान का समर्थन किया और टीवी डिबेट में बचाव किया.

अगर आप नजर दौडाएं तो पाएंगे कि मोहन भागवत के बाद प्रवीण तोगड़िया ही हिंदुत्व विचारधारा के सबसे बड़े नेता हैं, अगर कहा जाए कि विश्व हिन्दू परिषद् के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया सबसे फायरब्रांड नेता हैं तो गलत नहीं होगा, मतलब इन्हीं लोगों को कांग्रेस पार्टी कल तक भगवा आतंकवादी, हिन्दू उग्रवादी, कट्टरपंथी, दक्षिणपंथी, पता नहीं क्या क्या कह रही थी.

लेकिन आज कांग्रेस ने अपना रंग बदल लिया है. अब प्रवीण तोगड़िया कांग्रेस नेताओं को अच्छे लगने लगे हैं, आज प्रवीण तोगड़िया ने बीजेपी सरकारों पर निशाना साधते हुए अपनी आवाज दबाये जाने का आरोप लगाया तो कांग्रेसी नेता भागते भागते प्रवीण तोगड़िया से मिलने पहुँच गए.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज गुजरात के कांग्रेस के बड़े नेता अर्जुन मोढवादिया अहमदाबाद में प्रवीण तोगड़िया से मिलने पहुंचे और उनका हाल चाल जाना. प्रवीण तोगड़िया कल तक कांग्रेस को सबसे बुरे लगते थे लेकिन आज उन्होंने बीजेपी सरकारों पर आवाज दबाने का आरोप लगाया तो वे कांग्रेस को अच्छे लगने लगे.

इससे पहेल प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि मैं हिंदुत्व पर बात करता हूँ, हिन्दुओं को एकजुट करता हूँ, गौरक्षा की बात करता हूँ तो मेरी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है.

अब कांग्रेस ने प्रवीण तोगड़िया का समर्थन करके इशारा कर दिया है कि - प्रवीण तोगड़िया को हिंदुत्व पर बोलने दिया जाए, गौरक्षा पर उन्हें काम करने दिया जाए, हिन्दुओं को एकजुट करने के काम पर रोक ना लगाई जाय.

ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी - बीजेपी और आरएसएस के बिछाए जाल में बुरी तरह से फंस गयी है. इससे ये सन्देश गया है कि एक तरफ तो ये भगवा, हिंदुत्व, आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद् का विरोध करते हैं लेकिन दूसरी तरफ जब प्रवीण तोगड़िया आवाज दबाने का आरोप लगाते हैं तो कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी हो जाती है. वाह कांग्रेस नेताओं। गिरगिट भी शर्मा जाएगा आप लोगों को देखकर।
प्रवीण तोगड़िया से मिलने के बाद बोले हार्दिक पटेल, मोदी और अमित शाह कर रहे हैं मारने की साजिश

प्रवीण तोगड़िया से मिलने के बाद बोले हार्दिक पटेल, मोदी और अमित शाह कर रहे हैं मारने की साजिश

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अहमदाबाद: प्रवीण तोगड़िया मामले में अब हार्दिक पटेल भी कूद पड़े हैं. आज उन्होंने प्रवीण तोगड़िया से मिलने के बाद मीडिया को बयान दिया. उन्होंने कहा कि मोदी और अमित शाह मिलकर प्रवीण तोगड़िया जी की आवाज बंद करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके पीछे पुलिस लगा दी गयी है. पहले मेरे साथ भी ऐसा हो चुका है इसलिए मैं इनकी साजिश भली भाँती समझता हूँ.

हार्दिक पटेल ने कल भी प्रवीण तोगड़िया के गायब होने के बाद ट्वीट किया था. उन्होंने ट्विटर पर एक के बाद एक ट्वीट किये - 

1. Z+ सिक्योरिटी होने के बावजूद भी प्रवीण तोगड़िया जी ग़ायब हो जाते हैं। सोचने की बात है कि आम आदमी का क्या हो सकता हैं। प्रवीण तोगड़िया जी ने पहेले भी कहा था की उनकी जान को ख़तरा हैं।

2. डॉ.मनमोहनसिंह जी के सरकार में प्रवीण तोगड़िया जी अगर लापता हो जाते तो भाजपा पूरे देश में हिंसा कर देती. भक्तों को जो बोलना है वो बोल सकते है क्यूँकि इस मुद्दे पर अगर नहीं बोले तो साहब तनख़्वाह नहीं देंगे.

3. बड़ा खेल, प्रवीण तोगड़िया जी के लापता होने के बावजूद भी प्रदेश के गृहमंत्री चुप क्यूँ हैं ?? तोगड़िया जी के सुरक्षाकर्मी को अभी तक ससपेंड क्यूँ नहीं किया ??? VHP और BJP के नेता चिंतित क्यूँ नहि हैं ??? अमित शाह और तोगड़िया जी कहाँ हैं ??

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क्या कहा प्रवीण तोगड़िया ने 

आज एक प्रेस कांफ्रेंस में प्रवीण तोगड़िया ने बताया कि कल गुजरात और राजस्थान पुलिस ने मिलकर उनके एनकाउंटर का प्लान बनाया गया था,  यह सुनकर मैं चुपचाप अपने घर से बाहर निकल गया, पुलिस मेरे घर के बाहर आ चुकी थी, भागते वक्त मेरी तवियत खराब हो गयी मैं शाही बाग़ के पास बेहोश होकर गिर पड़े. शाम को मुझे बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया.

उन्होंने कहा कि पुलिस शायद मुझे बड़ा अपराधी मानती है इसलिए मेरे घर पर सर्च वारंट लेकर आयी थी, यह बताकर वे रोने लगे, उन्होंने कहा कि मेरे घर में ऐसा क्या था जो पुलिस सर्च वारंट लेकर आयी थी. मुझे एक सुरक्षाकर्मी ने बता दिया कि पुलिस ने आपके एनकाउंटर का प्लान बनाया है इसलिए आप घर छोड़कर भाग जाओ, उसकी बात सुनकर मैं घर से निकल दिया.

उन्होंने कहा कि मैं हिंदुत्व पर बात करता हूँ, कुछ लोग चाहते हैं कि मैं हिंदुत्व पर बात करना छोड़ दूँ, मेरी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, अगर मेरे ऊपर कोई FIR थी तो मुझे बोल दिया जाता, मैं खुद कोर्ट में पेश हो जाता लेकिन पुलिस मेरे घर पर मुझे गिरफ्तार करने क्यों आयी थी.

उन्होंने कहा कि मेरे पीछे IB भी लगा हुआ है, कुछ लोग नहीं चाहते कि मैं हिन्दुओं को एकजुट करूँ, हिंदुत्व का प्रचार करूँ, इसलिए मेरे खिलाफ 10 साल पुराने मामले निकाले जा रहे हैं. कल मुझे भगवान ने बचाया वरना मेरे साथ कुछ भी हो सकता था.

उन्होंने बताया कि मुझे गुजरात या राजस्थान की पुलिस से कोई शिकायत नहीं है, ये लोग तो प्यादे हैं, मेरे खिलाफ जो लोग पड़े हैं, जो लोग मुझे डराना चाहते हैं, मैं कुछ दिन में सबूतों के साथ उन्हें एक्सपोज करूँगा.

Jan 13, 2018

बॉबी कटारिया को मिल रहा फरीदाबाद की जनता का भी प्यार, 83% लोग बनाना चाहते हैं सांसद, BJP की हार

बॉबी कटारिया को मिल रहा फरीदाबाद की जनता का भी प्यार, 83% लोग बनाना चाहते हैं सांसद, BJP की हार

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फरीदाबाद: गुरुग्राम के समाजसेवक बॉबी कटारिया को कई मामलों में नामजद करके भले ही नीमका जेल में बंद कर दिया गया है लेकिन उन्हें फरीदाबाद की जनता का बहुत प्यार मिल रहा है. Faridabad Latest News के ऑनलाइन सर्वे में उन्हें 2019 लोकसभा चुनाव में फरीदाबाद की 83 फ़ीसदी जनता सांसद बनते देखना चाहती है जबकि भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान सांसद कृष्ण पाल गुर्जर को सिर्फ 17 फ़ीसदी लोग सांसद बनते देखना चाहते हैं.

Faridabad Latest News के ऑनलाइन पोल में फरीदाबाद के सांसद के लिए बॉबी कटारिया को 83 फ़ीसदी लोगों ने वोट किया जबकि बीजेपी के कृष्ण पाल गुर्जर को सिर्फ 17 फ़ीसदी लोगों ने पसंद किया. ऑनलाइन सर्वे में 4300 लोगों ने वोट दिया है. बॉबी का पॉपुलैरिटी देखकर साबित हो गया है उनके साथ जो कुछ भी हो रहा है उसने बीजेपी को गुरुग्राम के बाद फरीदबाद में भी जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है.

देखिये ऑनलाइन सर्वे का रिजल्ट


बॉबी कटारिया क्यों हो रहे पॉपुलर

पुलिस प्रशासन का जुल्म सहकर जेल भेजे जाने के बाद गुरुग्राम के समाजसेवी और युवा एकता फाउंडेशन के चीफ बॉबी कटारिया और मजबूत हो गए हैं, पहले उन्हें सिर्फ गुरुग्राम और एनसीआर के लोग जानते थे लेकिन आज पूरे देश के लोग जान गए हैं. पहले जिन लोगों ने उनकी वीडियो नहीं देखा थी, अब वे भी उनकी वीडियो देखते हैं और उनके काम की तारीफ करते हैं हालाँकि लोग उनके द्वारा किसी को गालियाँ देने को गलत भी बताते हैं और उन्हें इसमें सुधार करने की सलाह देते हैं.

जेल जाकर बॉबी कटारिया इस कदर मशहूर हो गए हैं कि अब लोग उन्हें नेता बनते देखना चाहते हैं, लोगों का कहना है कि बॉबी कटारिया जैसे नेताओं की इस देश को जरूरत है जो प्रशासन से लड़ने और उन्हें सुधरने के लिए मजबूर करने की ताकत रखते हैं.

इससे पहले Best Hindi News के ऑनलाइन पोल में बॉबी कटारिया ने गुरुग्राम के मौजूदा सांसद राव इन्द्रजीत सिंह को 87-13 से हरा दिया है. मतलब 87 फ़ीसदी लो बॉबी कटारिया को गुरुग्राम का सांसद बनाना चाहते हैं जबकि सिर्फ 13 फ़ीसदी लोग राव इन्द्रजीत सिंह को सांसद बनाना चाहते हैं, मतलब अगले लोकसभा चुनाव में राव इन्द्रजीत सिंह की कुर्सी खतरे में है, ऐसा इसलिए क्योंकि बीजेपी को जेल में डालने के बाद बीजेपी के खिलाफ गलत सन्देश जा रहा है.

देखिये सर्वे का रिजल्ट


Dec 31, 2017

हार्दिक पटेल और कांग्रेस के लिए बुरी खबर, नितिन पटेल ने ठुकरा दिया ऑफर, आज संभालेंगे मंत्रालय

हार्दिक पटेल और कांग्रेस के लिए बुरी खबर, नितिन पटेल ने ठुकरा दिया ऑफर, आज संभालेंगे मंत्रालय

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अहमदाबाद: पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और कांग्रेस पार्टी के लिए बुरी खबर है, कल हार्दिक पटेल ने नितिन पटेल को ऑफर दिया था कि वे अपने साथ 10 विधायक तोड़कर कांग्रेस में आ जाएं, कांग्रेस में उन्हें मनचाहा मंत्रालय मिलेगा. नितिन पटेल ने आज हार्दिक पटेल का ऑफर ठुकराते हुए बीजेपी में ही रहने का निर्णय किया है. उन्होंने आज मंत्रालय का चार्ज संभाले का ऐलान किया है.

एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए नितिन पटेल ने कहा कि मेरी नाराजगी ख़त्म हो चुकी है, मुझे आश्वासन मिला है कि मुझे उपयुक्त मंत्रालय मिलेगा, मेरी अमित शाह जी से फोन पर बात हुई है, मुझे आश्वासन दिए जाने के लिए मैं अमित शाह जी को धन्यवाद देता हूँ.

उन्होंने कहा कि आज मैं सचिवालय में जाकर मंत्रालय का चार्ज संभाल लूँगा, मुझे अब कोई नाराजगी नहीं है, मीडिया इस मामले को तूल ना दे. मैंने बीजेपी छोड़ने के बारे में ना तो कभी सोचा है और ना सोचूंगा.

Dec 30, 2017

हार्दिक पटेल ने दिया बीजेपी विधायकों को लालच, 10 के साथ टूटकर कांग्रेस में आओ, मनचाहा पद पाओ

हार्दिक पटेल ने दिया बीजेपी विधायकों को लालच, 10 के साथ टूटकर कांग्रेस में आओ, मनचाहा पद पाओ

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अहमदाबाद: गुजरात में भले ही कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से 12 सीट पीछे रह गयी हो लेकिन हार्दिक पटेल अभी भी सरकार बनाने के लिए सभी तिकड़म अपना रहे हैं.

अब हार्दिक पटेल ने गुजरात के बीजेपी विधायकों को लालच दिया है कि वे खुद भी टूटें और अपने साथ 10 और विधायकों को तोड़कर लायें, अगर ऐसा करेंगे तो कांग्रेस सरकार में उन्हें मनचाहा मंत्रालय मिलेगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल विभागो में बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री विजय रुपानी से नाराज बताये जा रहे हैं, वह गृह मंत्रालय या वित्त मंत्रालय चाहते हैं लेकिन उन्हें इनमें से दोनों नहीं मिल रहे हैं.

अब हार्दिक पटेल उनकी नाराजगी का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्होंने नितिन पटेल को कांग्रेस में आने का लालच दिया है लेकिन साथ में 10 अन्य विधायकों को भी तोड़कर लाना होगा. अगर वे ऐसा करेंगे तो हार्दिक पटेल उन्हें मनचाहा पद दिलवाएंगे.

Dec 26, 2017

विजय रुपानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और नितिन पटेल ने उप-मुख्यमंत्री पद की ली शपथ

विजय रुपानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और नितिन पटेल ने उप-मुख्यमंत्री पद की ली शपथ

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आज गुजरात की नयी सरकार का शपथग्रहण समारोह आयोजित किया गया, विजय रुपानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो नितिन पटेल ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. दोनों लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री बने हैं. 

आपको बता दें कि दोनों नेताओं ने पटेल बहुल सीटों पर विजय प्राप्त की है, विजय रुपानी ने राजकोट पश्चिम से तो नितिन पटेल ने मेहसाणा सीट से जीत दर्ज की थी. मेहसाणा सीट से ही हार्दिक पटेल ने पाटीदार आरक्षण आन्दोलन शुरू किया था उसके बावजूद भी नितिन पटेल ने जीत दर्ज की.

जातिवाद को हराने वाले दोनों नेताओं को शायद इसीलिए फिर से गुजरात की कमान मिली है. इनके अलावा करीब 9 कैबिनेट मंत्री और 10 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली.
सुशील मोदी से मिलकर खुश हो गए PM MODI, बोले, आखिर आपने भेज ही दिया उन्हें असली जगह

सुशील मोदी से मिलकर खुश हो गए PM MODI, बोले, आखिर आपने भेज ही दिया उन्हें असली जगह

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गांधीनगर: आज गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी और उनकी कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह है जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पहुंचे हैं. इस कार्यक्रम में बीजेपी के सभी मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री पहुंचे हैं. मंच पर पहुँचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नेताओं से एक एक करके मुलाकात की लेकिन सुशील मोदी के साथ उनकी मुलाकात देखने वाली थी.

सुशील मोदी के पास ही केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी खड़े थे, मोदी से मिलते वक्त तीनों जोर जोर से हंस रहे थे, मोदी ने शायद सुशील मोदी से कहा कि आपको बधाई हो, आपकी वजह से आज लालू यादव अपनी असली जगह पर यानी जेल पहुँच गए हैं. मोदी के यह कहते ही तीनों लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चारा घोटाले के खिलाफ 1996 में बीजेपी नेताओं ने ही पटना हाई कोर्ट में PIL दाखिल की थी, उन नेताओं में सुशील मोदी भी थे,  लालू यादव को सजा दिलाने के लिए PIL दाखिल करने में सुशील मोदी के साथ शिवानन्द, लालन सिंह भी थे, उस PIL पर पटना हाई कोर्ट में वर्तमान केंदीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने केस लड़ा था और दोनों की वजह से ही आज लालू यादव जेल पहुंचे हैं.

लालू यादव के खिलाफ क्या है केस

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चारा घोटाले के दो मामले चल रहे हैं - पहले मामले में चाईबासा कोषागार से 37 करोड़ 70 लाख रुपये अवैध ढंग से निकालने के लिए इन सभी को सजा मिल चुकी है और लालू को जेल भी जाना पड़ा था, यही नहीं उनपर आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था. 

कल दूसरे मामले में लालू यादव और 22 अन्य के खिलाफ फैसला सुनाया जाएगा जिसमें देवघर कोषागार से 89 लाख 27 हजार रुपये की अवैध निकासी की गयी थी। 

चारा घोटाले 1100 करोड़ रुपये से भी अधिक की लूट का मामला था जिसको लेकर काफी लम्बे समय से जांच चल रही है.

Dec 24, 2017

मोदी सरकार से बच नहीं सके दो सगे भाई, छह महीने में कर डाली 105 करोड़ के सोने की तस्‍करी

मोदी सरकार से बच नहीं सके दो सगे भाई, छह महीने में कर डाली 105 करोड़ के सोने की तस्‍करी

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अहमदाबाद: चोर कितना भी बड़ा हो, कितना भी चालाक हो लेकिन मोदी सरकार की जांच एजेंसियों से अधिक दिनों तक नहीं बच सकते. ऐसा ही मामला गुजरात से सामने आया है जहाँ पर दो व्‍यवसायी भाइयों ने मिलकर छह महीने में 350 किलो सोने की तस्‍करी कर डाली। इसका कुल मूल्‍य 105 करोड़ रुपये आंका गया है। राजस्‍व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। सोने की तस्‍करी के तार दुबई और पाकिस्‍तान से भी जुड़े हैं। जांच एजेंसी अब दोनों भाइयों से सोना खरीदने वाले ज्‍वैलर्स का पता लगाने में जुटी है। दोनों को पांच जनवरी तक के लिए हिरासत में भेज दिया गया है।

‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, राजकोट निवासी मिलन पटेल दुबई स्थित मेट्रो गोल्‍ड एंड डायमंड ज्‍वैलरी में पार्टनर है। ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए सबसे पहले उसके दिमाग में सोने की तस्‍करी का आइडिया आया था। जांच अधिकारियों ने बताया कि उसने भई गौतम की मदद से सोने को पिघलाकर तस्‍करी करना शुरू कर दिया था। इसके लिए उसने एक कारीगर को भी नियुक्‍त किया था। गौतम इंडक्‍शन फर्नेस बनाने का काम करता है। उसने चैंपियन एग्जिम को नाम से अपनी कंपनी खोल रखी है। 

शुरुआत में दोनों ने मशीन पार्ट में तांबा छुपाकर भेजा था। जांच में इसका पता नहीं चला था। इसके बाद उसने अफ्रीकी देशों से सोना खरीद कर उसे दुबई में पिघलाना शुरू कर दिया। वहां से सोने को मशीन में छुपाकर भारत लाया जाने लगा। शुरुआत में आठ मशीन पार्ट में आधा किलो सोना भेजा जाता था। धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाकर एक किलोग्राम कर दिया गया। जांच अधिकारियों ने बताया क‍ि दोनों ने 16 दिसंबर तक 35 किलो सोने की तस्‍करी कर चुका था। 20 दिसंबर तक इसके जरिये 40 किलो और सोने की तस्‍करी की गई।

पाकिस्‍तानी कनेक्‍शन 

सोने की तस्‍करी के इस नेटवर्क में पाकिस्‍तानी कनेक्‍शन भी सामने आया है। दुबई में रहने वाला मोहम्‍मद हनीफ सोने को छुपाने में दोनों भाइयों की मदद करता था। इसके लिए उसे प्रति किलो 21,000 हजार रुपये दिया जाता था। एक किलोग्राम सोने की तस्‍करी में 1.3 लाख रुपये का फायदा होता था। (सोर्स: www.jansatta.com)

Dec 22, 2017

विजय रुपानी और नितिन पटेल की बनी रहेगी जोड़ी, दोनों को 5 साल मिला कप्तानी और उपकप्तानी का मौका

विजय रुपानी और नितिन पटेल की बनी रहेगी जोड़ी, दोनों को 5 साल मिला कप्तानी और उपकप्तानी का मौका

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कुछ लोग अंदेशा जता रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी गुजरात में कप्तान और उप-कप्तान बदल सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ, विजय रुपानी को ही गुजरात की कमान सौंपी गयी है जबकि नितिन पटेल फिर से उप-कप्तान होंगे.

बीजेपी ने अपने इसी नेतृत्व पर फिर से भरोसा जताया है, दोनों के नेतृत्व में ही बीजेपी को लगातार छठीं बार बहुमत मिला है. अगर गुजरात में जातिवाद की राजनीति ना खेली जाती तो इसी नेतृत्व को करीब 150 सीटें मिलतीं, हाई कमान को भी लग रहा है जातिवाद की वजह से ही कम सीटें मिली हैं, इसमें ना तो विजय रुपानी की गलती है और ना ही नितिन पटेल की, दोनों को ही अच्छे वोटों से जीत मिली है इसलिए बीजेपी ने दोनों को हटाना उचित नहीं समझा.

आज अरुण जेटली और सरोज पाण्डेय ने गुजरात के बीजेपी विधायकों के साथ मीटिंग करके सलाह मशवरा किया, सभी विधायकों ने विजय रुपानी और नितिन पटेल के नेतृत्व में चलना स्वीकार किया और बाद में अरुण जेटली ने दोनों का नाम मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के लिए घोषित किया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नितिन पटेल ने मेहसाणा से चुनाव जीता है जहाँ से हार्दिक पटेल ने आरक्षण आन्दोलन शुरू किया था, यहाँ पर पाटीदारों का गढ़ होने के बाद भी नितिन पटेल ने जीत दर्ज की जिससे साबित होता है कि पटेल भी बीजेपी के साथ हैं. इसीलिए नितिन पटेल को फिर से मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया गया. वह पहले की तरह हार्दिक पटेल को चुनौती देते रहेंगे.

Dec 21, 2017

जातिवाद के जहर से सबसे मेहनती मंत्री शंकर चौधरी भी हार गए, विधानसभा से विदा करते वक्त उमड़ी भीड़

जातिवाद के जहर से सबसे मेहनती मंत्री शंकर चौधरी भी हार गए, विधानसभा से विदा करते वक्त उमड़ी भीड़

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जातिवाद का जहर कितना गन्दा होता है यह खबर पढ़कर आपको पता चल जाएगा, गुजरात विधानसभा चुनाव में जातिवाद में लोग इतने अंधे हो गए कि सबसे बेदाग और मेहनती मंत्री शंकर चौधरी को भी चुनाव हरा दिया, शंकर चौधरी ने बनासकांठा जिले के वाव विधानसभा से चुनाव लड़ा था, वहां पर उनके सामने कांग्रेस पार्टी से गनीबेन नागाजी ठाकोर मैदान में थे, वहां पर OBC जातियों ने कांग्रेस प्रत्याशी के नाम में ठाकोर लगा देखकर उन्हें वोट दिया, जातिवाद के चक्कर में लोग विकास को भूल गए, कांग्रेस प्रत्याशी को 102328 वोट मिले जबकि शंकर चौधरी को 95673 वोट मिले, वे करीब 7 हजार वोटों से चुनाव हारे.

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आपको बता दें कि शंकर चौधरी गुजरात सरकार में स्वास्थय एवं परिवार कल्याण मंत्री, शहरी विकास मंत्री, पर्यावरण मंत्री और मेडिकल एजुकेशन मंत्री थे. आज चुनाव हारने के बाद उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंपा और जनता से विदा ली.

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शंकर चौधरी को अपने विधानसभा से विदा करते वक्त उन्हें देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई शंकर चौधरी को एक बार देखने के लिए उतावला हो रहा था, शायद कुछ लोगों को जातिवाद में अंधे होकर उन्हें हराने का पछतावा भी था. अब गुजरात के लोगों को भी पता चल गया है कि जातिवाद में अंधे होकर उन्होंने अपना ही नुकसान कर लिया है. शंकर चौधरी जैसे नेता कम ही मिलते हैं लेकिन अब पांच साल जातिवाद का बोझ तो ढोना ही पड़ेगा.


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देखें उनका विदाई का वीडियो

Dec 20, 2017

गुजरात के बीजेपी सांसदों से मिले मोदी, युद्ध स्तर पर काम शुरू करने का दिया आदेश

गुजरात के बीजेपी सांसदों से मिले मोदी, युद्ध स्तर पर काम शुरू करने का दिया आदेश

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भारतीय जनता पार्टी को गुजरात विधानसभा चुनाव में भले ही रिकॉर्डतोड़ सीटें नहीं मिलीं लेकिन रिकॉर्ड-तोड़ वोट जरूर मिले हैं, इस बार गुजरात के 49 फ़ीसदी से अधिक लोगों ने बीजेपी को वोट दिया हालाँकि सीटें 99 ही मिल पायीं. बीजेपी को ग्रामीण इलाकों में कम सीटें मिली हैं जिसका मतलब है ग्रामीण जनता बीजेपी नेताओं के कामकाज से नाराज है, कई विधायक और मंत्री भी चुनाव हारे हैं जिसका मतलब है कि वह जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए.

2019 का लोकसभा चुनाव नजदीक है इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने अभी से ही अपने सांसदों को चुनाव के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है, आज मोदी ने गुजरात के सांसदों से मुलाक़ात की और गुजरात चुनावों पर उनसे चर्चा की. उन्होंने सभी सांसदों को जनता के बीच जाने और उनकी उम्मीदों को पूरा करने की बात की ताकि 2019 तक जनता की नाराजगी को दूर किया जा सके. 

उन्होंने बीजेपी सांसदों से कहा कि कुछ लोग गुजरात में जातिवाद का जहर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे लोगों की पोल खोलने की जरूरत है ताकि वह जनता को बहका ना पाएं, इसलिए जितना हो सके जनता के बीच में रहें और उनके मन मुताबिक़ काम करें. गुजरात विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है लेकिन कुछ लोग गुजरातियों को जातिवाद के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे लोगों को उनके मकसद में कामयाब नहीं होने देना है.
काजल ने कहा, अच्छा हुआ अल्पेश-जिग्नेश विधायक बन गये, अब तक बातें किये, अब काम करके दिखाएं

काजल ने कहा, अच्छा हुआ अल्पेश-जिग्नेश विधायक बन गये, अब तक बातें किये, अब काम करके दिखाएं

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गुजरात में पहली बार दो पार्टियों में जोरदार टक्कर देखने को मिली, बीजेपी ने अपने विकास के दमपर चुनाव लड़ा तो कांग्रेस ने जातिवाद और आरक्षण आन्दोलन के दमपर चुनाव लड़ा लेकिन विकास जातिवाद और आन्दोलन पर भारी पड़ गया और बीजेपी ने लगातार छठीं बार गुजरात में सरकार बना ली.

एक अच्छी बात यह हो गयी कि जातिवादी आन्दोलन खड़ा करने वाले दो लड़के अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवानी भी चुनाव जीत गए और विधायक बन गए. अब तक दोनों ने जनता से बड़े बड़े वादे किये थे लेकिन अब उनके लिए काम करने का वक्त आ गया है.

दोनों के चुनाव जीतने के बाद काजल त्रिवेदी ने कहा कि वैसे तो ये दोनों सिर्फ बातें करते हैं, जनता को मूर्ख बनाते हैं, जातिवाद फैलाकर आपस में नफरत फैलाते हैं लेकिन अच्छा हुआ है कि दोनों चुनाव जीतकर विधायक बन गए. अब इनको जनता के लिए काम करके दिखाना पड़ेगा. अब तो जनता से किये वादों को निभाना पड़ेगा, अब इनकी असलियत जनता में खुल जाएगी क्योंकि जनता को ज्यादा दिनों तक मूर्ख नहीं बनाया जा सकता.

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ विकास के विश्वास करती है, हमने विकास के दमपर सरकार बनायी है, ठीक है इन्होने जनता को जातिवाद में भड़काकर कुछ सफलता पा ली लेकिन अब उनकी उमीदों को पूरा करना पड़ेगा. जातिवाद और आन्दोलन का खेल ज्यादा दिनों तक नहीं चलता.

Dec 19, 2017

गुजरात में सरकार बनाने का दावा करने वाले केजरीवाल के उम्मीदवारों को मिले NOTA से भी कम वोट

गुजरात में सरकार बनाने का दावा करने वाले केजरीवाल के उम्मीदवारों को मिले NOTA से भी कम वोट

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अहमदाबाद: एक साल पहले केजरीवाल भी गुजरात में सरकार बनाने का दावा कर रहे थे, उन्होंने दर्जनों रैलियों को भी संबोधित किया था. इस चुनाव में उनके सभी उम्मीदवारों (2 को छोड़कर) की जमानत जब्त हो गयी. आप उम्मीदवारों की हालत इतनी खराब हो गयी कि उन्हें NOTA से भी कम वोट मिले.

आपको बता दें कि अरविन्द केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव में अपने 30 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, दो उम्मीदवारों को छोड़ दिया जाय तो बाकी सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी है। नीचे दी गयी सूची में आप देख लीजिये आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों का हाल.

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फोटो क्रेडिट जनसत्ता
तो इसलिए गुजरात जीतने पर मोदी को है डबल ख़ुशी, पढ़ें, उन्हें किसलिए हराना चाहते थे विरोधी

तो इसलिए गुजरात जीतने पर मोदी को है डबल ख़ुशी, पढ़ें, उन्हें किसलिए हराना चाहते थे विरोधी

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गुजरात चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इस जीत के लिए मुझे डबल ख़ुशी है क्योंकि मुझे हराने के लिए तमाम साजिशें की गयीं, तमाम चालें चली गयीं, पूरी ताकत लगा दी गयी, अगर हम हार जाते तो लोग हमारे बाल नोच लेते, मुझपर व्यकतिगत हमले शुरू हो जाते, हमारा मनोबल तोड़ने की कोशिश की जाती लेकिन उनकी सभी कोशिशें फेल हो गयीं और जनता ने सिर्फ विकासवाद को चुना और जातिवाद का जहर घोलने वालों की कोशिशों को असफल कर दिया.

क्यों खुश हैं मोदी

मोदी इसलिए खुश हैं क्योंकि गुजरात में मोदी को हराने के लिए कांग्रेस ने बहुत बड़ी ताकत लगायी थी, उन्होंने उस कंपनी को ठेका दिया था जिसने अमेरिका में ओबामा समर्थक हिलेरी क्लिंटन को हराया था और डोनाल्ड ट्रम्प को जीत दिलवाई थी, हम बात कर रहे हैं कैम्ब्रिज एनालिटिका की. कांग्रेस ने गुजरात में मोदी को हराकर दुनिया भर में उनकी छवि खराब करने के लिए इसी कंपनी को ठेका दिया था, यह डील दो साल पहले ही की गयी थी. कंपनी ने दो साल पहले ही काम शुरू कर दिया था.

कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी के कहने पर ही डेढ़ साल पहले कांग्रेस ने हार्दिक पटेल के जरिये पाटीदार आन्दोलन खड़ा करवाया, उन्हें और हार्दिक पटेल को पता था कि पटेलों को आरक्षण कभी नहीं मिल पाएगा उसके बावजूद भी पटेलों को आरक्षण का लालच दिखाकर उन्हें बीजेपी के खिलाफ भड़काया गया. कैम्ब्रिज एनालिटिका की यह कोशिश कामयाब रही और पाटीदारों ने कांग्रेस को वोट दिया. पाटीदारों के प्रभुत्व वाले सौराष्ट्र क्षेत्र में कांग्रेस को बीजेपी से अधिक सीटें मिलीं. अगर आपको शक हो रहा है तो सोचिये, हार्दिक पटेल को सैकड़ों रैलियों के लिए पैसे कहाँ से मिले, क्या उन्होंने अपने घर में रुपये छापने के लिए मशीन लगा रखी, हर रैली में 10-20-50 लाख रुपये खर्च किये गए और टोटल अरबों रुपये खर्च किये गए.


कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी के कहने पर ही कांग्रेस ने अल्पेश ठाकोर के जरिये OBC आन्दोलन खड़ा किया, OBC ने पटेलों को आरक्षण देने का विरोध करने के लिए आन्दोलन किया था और धीरे धीरे उनके मन में पटेलों के खिलाफ नफरत पैदा की गयी. इसके बाद अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो गए तो उनके समर्थक भी कांग्रेस के साथ हो गए जबकि उन्होंने पटेलों के खिलाफ आन्दोलन किया था, इस तरह से कांग्रेस को पटेलों के भी वोट मिल गए और OBC के भी. अल्पेश ठाकोर के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कांग्रेस को बीजेपी से अधिक सीटें मिलीं.

कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी के कहने पर ही जिग्नेश पटेल के जरिये दलित आन्दोलन खड़ा किया, पहले दो चार दलितों को गौ-हत्या के नाम पर पिटवाया गया और बाद में बीजेपी पर आरोप लगाकर दलितों को बीजेपी के खिलाफ भड़का दिया गया, कैम्ब्रिज एनालिटिका की यह कोशिश भी कामयाब रही और दलित बीजेपी के खिलाफ हो गए. जिग्नेश मेवानी के प्रभुत्व वाली सीटों पर कांग्रेस को बीजेपी से अधिक सीटें मिलीं.

कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ बीजेपी को गुजरात में हराने की डील दो साल पहले हुई और तीनों आन्दोलन डेढ़ साल पहले हुए, मतलब जब कैम्ब्रिज एनालिटिका ने 6 महीनें में गुजरात के माहौल का अध्ययन किया और उसके बाद तीनों नेताओं को काम में लगा दिया गया, तीनों नेताओं ने एक साल में जातिवादी आन्दोलन खड़ा किया और 6 महीनें पहले बीजेपी के खिलाफ माहौल तैयार हो गया.

इसके बाद कांग्रेस ने धीरे धीरे तीनों नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया जो कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी की रणनीति के तहत पहले से ही फिक्स था. इसका उदाहरण आप समझिये, पहले अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हुए तो हार्दिक पटेल ने उन्हें बधाई दी जबकि अल्पेश ठाकोर ने हार्दिक पटेल के खिलाफ ही OBC आन्दोलन शुरू किया था. इसके बाद जिग्नेश मेवानी ने कांग्रेस को समर्थन दिया, उसके बाद हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को समर्थन दिया. यह सब पहले से ही तय था.

इसके बाद कैम्ब्रिज एनालिटिका के ही कहने पर इसाई पादरी से यह फतवा जारी करवाया गया कि राष्ट्रवाद की राजनीति करने वालों को सबक दिखाएं, आपके पास मौका आया है, गुजरात से पूरे देश में सन्देश देने का मौका आ गया है. पादरी ने ईसाईयों को कांग्रेस को वोट देने की अपील की थी.

इसके बाद कैम्ब्रिज एनालिटिका के ही कहने पर कश्मीर के मुस्लिम कट्टरपंथी सलमान निजामी को गुजरात चुनाव प्रचार में उतारा गया जिसमें कट्टरपंथियों के वोटों को कांग्रेस की तरफ मोड़ा. यही नहीं कैम्ब्रिज एनालिटिका के ही कहने पर पाकिस्तान के पूर्व सेना अध्यक्ष ने गुजरात में पहले ही कांग्रेस की जीत की मुबारकवाद दी ताकि मुस्लिम वोट सिर्फ कांग्रेस को मिलें.

इसके बाद कैम्ब्रिज एनालिटिका के ही कहने पर चुनाव से 1 महीनें पहले राहुल गाँधी ने अचानक मंदिरों का दौरा शुरू कर दिया, खुद को शिवभक्त बताना शुरू कर दिया, खुद को जनेऊधारी हिन्दू बताना शुरू कर दिया, ऐसा इसलिए ताकि सॉफ्ट हिंदुत्व की विचारधारा वाले लोग कांग्रेस को वोट दें. राहुल गाँधी ने खुद को शिवभक्त इसलिए बताया क्योंकि गुजरात में शिव को अधिक माना जाता है, सोमनाथ मंदिर वहीं पर है, उन्हें इसका फायदा भी मिला क्योंकि सोमनाथ जिले की चारों सीटें कांग्रेस को मिलीं.

कैम्ब्रिज एनालिटिका की वजह से ही कांग्रेस को गुजरात में 77 सीटें मिली हैं, अगर अंत में मोदी रैलियां ना करते और इसे गुजरात की अस्मिता का सवाल ना बनाते तो कांग्रेस को कम से कम 150 सीटें मिलतीं क्योंकि उनके पास दलित, पटेल, OBC, मुस्लिम, नरम हिन्दू, कट्टरपंथी, इसाई वोट थे जबकि बीजेपी के पास सिर्फ विकास चाहने वालों के वोट थे. 

कैम्ब्रिज एनालिटिका ने कांग्रेस की जीत के लिए सभी गोटियाँ भिड़ा रखी थीं, गुजरात के लोग उनके जाल में फंस भी गए थे लेकिन अंत में मोदी ने ताबड़तोड़ रैलियां करके नतीजों को बीजेपी के पक्ष में मोड़ दिया, मोदी की सिर्फ विकास की वजह से जीत हुई है, उन्हें सिर्फ चार शहरों ने जितवाया है - अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वड़ोदरा. चारों शहरों में ही बीजेपी को 50-60 सीटें मिली हैं. अगर मोदी ने शहरों का विकास ना किया होता तो बीजेपी की हार तय थी लेकिन मोदी ने अपने दमपर चुनाव जितवाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका को भी हरा दिया.

कैम्ब्रिज एनालिटिका कैसे करती है काम

कैम्ब्रिज एनालिटिका फेसबुक के साथ मिलकर काम करती है, फेसबुक पर किसी राज्य के लोगों का पूरा डाटा लिया जाता है जिसे सोशल प्रोफाइलिंग कहते हैं, यहाँ पर देखा जाता है कि लोग सोच क्या रहे हैं, लोग कमेन्ट क्या करते हैं, लोग अपनी सरकार के बारे में क्या राय देते हैं, उसके बाद सरकार विरोधी लोगों की लिस्ट बनाई जाती है और उनके पास सरकार विरोधी ट्वीट किये जाते हैं ताकि वो उसे शेयर करें. धीरे धीरे सरकार के विरोध में लहर तेज की जाती है, लोगों के दिमाग में धीरे धीरे झूठ के जरिये सरकार के प्रति गुस्सा भर दिया जाता है और वह सरकार के विरोध में वोट देते हैं, ऐसा ही गुजरात में हुआ है. कांग्रेस के IT सेल में इस बाद करीब 1000 लोग काम कर रहे थे जो रोजाना बीजेपी के खिलाफ झूठे ट्वीट, झूठी तस्वीरें, झूठे आंकड़े, झूठे दावे पोस्ट करते थे, कांग्रेस की टीम इतनी बड़ी थी कि सिर्फ पांच मिनट में वह किसी भी चीज को टॉप ट्रेंड में ला देते थे.

बर्बाद हुए कांग्रेस के रुपये

कांग्रेस ने गुजरात जीतने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया, सबसे बड़ी और मंहगी कंपनी को ठेका दिया, हर जतन किये लेकिन मोदी की वजह से कांग्रेस का पूरा पैसा बर्बाद हो गया. 

2019 लोकसभा जीतने के लिए फिर से कैम्ब्रिज एनालिटिका को ठेका

अब कांग्रेस ने 2019 में भी इसी कंपनी को ठेका दे दिया है क्योंकि इसी कंपनी की वजह से कांग्रेस ने गुजरात में बीजेपी को कड़ी टक्कर दी है. लोकसभा चुनावों में अभी डेढ़ साल बचे हैं, अब इस कंपनी के कहने पर हर राज्य में जातिवादी आन्दोलन खड़े किये जाएंगे, राजस्थान में गुर्जर आन्दोलन, हरियाणा में जाट आन्दोलन, गुजरात में पटेल आन्दोलन, धीरे धीरे देश को आन्दोलन की आग में झोंककर 2019 में मोदी को हटाने का अभियान शुरू शुरू हो जाएगा.
मोदी को हराने के लिए कांग्रेस ने दिया था ओबामा को हराने वाली कंपनी को ठेका, बर्बाद हुए रुपये

मोदी को हराने के लिए कांग्रेस ने दिया था ओबामा को हराने वाली कंपनी को ठेका, बर्बाद हुए रुपये

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गुजरात में मोदी को हराने के लिए कांग्रेस ने बहुत बड़ी ताकत लगायी थी, उन्होंने उस कंपनी को ठेका दिया था जिसने अमेरिका में ओबामा समर्थक हिलेरी क्लिंटन को हराया था और डोनाल्ड ट्रम्प को जीत दिलवाई थी, हम बात कर रहे हैं कैम्ब्रिज एनालिटिका की. कांग्रेस ने गुजरात में मोदी को हराकर दुनिया भर में उनकी छवि खराब करने के लिए इसी कंपनी को ठेका दिया था, यह डील दो साल पहले ही की गयी थी. कंपनी ने दो साल पहले ही काम शुरू कर दिया था.

कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी के कहने पर ही डेढ़ साल पहले कांग्रेस ने हार्दिक पटेल के जरिये पाटीदार आन्दोलन खड़ा करवाया, उन्हें और हार्दिक पटेल को पता था कि पटेलों को आरक्षण कभी नहीं मिल पाएगा उसके बावजूद भी पटेलों को आरक्षण का लालच दिखाकर उन्हें बीजेपी के खिलाफ भड़काया गया. कैम्ब्रिज एनालिटिका की यह कोशिश कामयाब रही और पाटीदारों ने कांग्रेस को वोट दिया. पाटीदारों के प्रभुत्व वाले सौराष्ट्र क्षेत्र में कांग्रेस को बीजेपी से अधिक सीटें मिलीं. अगर आपको शक हो रहा है तो सोचिये, हार्दिक पटेल को सैकड़ों रैलियों के लिए पैसे कहाँ से मिले, क्या उन्होंने अपने घर में रुपये छापने के लिए मशीन लगा रखी, हर रैली में 10-20-50 लाख रुपये खर्च किये गए और टोटल अरबों रुपये खर्च किये गए.


कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी के कहने पर ही कांग्रेस ने अल्पेश ठाकोर के जरिये OBC आन्दोलन खड़ा किया, OBC ने पटेलों को आरक्षण देने का विरोध करने के लिए आन्दोलन किया था और धीरे धीरे उनके मन में पटेलों के खिलाफ नफरत पैदा की गयी. इसके बाद अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो गए तो उनके समर्थक भी कांग्रेस के साथ हो गए जबकि उन्होंने पटेलों के खिलाफ आन्दोलन किया था, इस तरह से कांग्रेस को पटेलों के भी वोट मिल गए और OBC के भी. अल्पेश ठाकोर के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कांग्रेस को बीजेपी से अधिक सीटें मिलीं.

कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी के कहने पर ही जिग्नेश पटेल के जरिये दलित आन्दोलन खड़ा किया, पहले दो चार दलितों को गौ-हत्या के नाम पर पिटवाया गया और बाद में बीजेपी पर आरोप लगाकर दलितों को बीजेपी के खिलाफ भड़का दिया गया, कैम्ब्रिज एनालिटिका की यह कोशिश भी कामयाब रही और दलित बीजेपी के खिलाफ हो गए. जिग्नेश मेवानी के प्रभुत्व वाली सीटों पर कांग्रेस को बीजेपी से अधिक सीटें मिलीं.

कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ बीजेपी को गुजरात में हराने की डील दो साल पहले हुई और तीनों आन्दोलन डेढ़ साल पहले हुए, मतलब जब कैम्ब्रिज एनालिटिका ने 6 महीनें में गुजरात के माहौल का अध्ययन किया और उसके बाद तीनों नेताओं को काम में लगा दिया गया, तीनों नेताओं ने एक साल में जातिवादी आन्दोलन खड़ा किया और 6 महीनें पहले बीजेपी के खिलाफ माहौल तैयार हो गया.

इसके बाद कांग्रेस ने धीरे धीरे तीनों नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया जो कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी की रणनीति के तहत पहले से ही फिक्स था. इसका उदाहरण आप समझिये, पहले अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हुए तो हार्दिक पटेल ने उन्हें बधाई दी जबकि अल्पेश ठाकोर ने हार्दिक पटेल के खिलाफ ही OBC आन्दोलन शुरू किया था. इसके बाद जिग्नेश मेवानी ने कांग्रेस को समर्थन दिया, उसके बाद हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को समर्थन दिया. यह सब पहले से ही तय था.

इसके बाद कैम्ब्रिज एनालिटिका के ही कहने पर इसाई पादरी से यह फतवा जारी करवाया गया कि राष्ट्रवाद की राजनीति करने वालों को सबक दिखाएं, आपके पास मौका आया है, गुजरात से पूरे देश में सन्देश देने का मौका आ गया है. पादरी ने ईसाईयों को कांग्रेस को वोट देने की अपील की थी.

इसके बाद कैम्ब्रिज एनालिटिका के ही कहने पर कश्मीर के मुस्लिम कट्टरपंथी सलमान निजामी को गुजरात चुनाव प्रचार में उतारा गया जिसमें कट्टरपंथियों के वोटों को कांग्रेस की तरफ मोड़ा. यही नहीं कैम्ब्रिज एनालिटिका के ही कहने पर पाकिस्तान के पूर्व सेना अध्यक्ष ने गुजरात में पहले ही कांग्रेस की जीत की मुबारकवाद दी ताकि मुस्लिम वोट सिर्फ कांग्रेस को मिलें.

इसके बाद कैम्ब्रिज एनालिटिका के ही कहने पर चुनाव से 1 महीनें पहले राहुल गाँधी ने अचानक मंदिरों का दौरा शुरू कर दिया, खुद को शिवभक्त बताना शुरू कर दिया, खुद को जनेऊधारी हिन्दू बताना शुरू कर दिया, ऐसा इसलिए ताकि सॉफ्ट हिंदुत्व की विचारधारा वाले लोग कांग्रेस को वोट दें. राहुल गाँधी ने खुद को शिवभक्त इसलिए बताया क्योंकि गुजरात में शिव को अधिक माना जाता है, सोमनाथ मंदिर वहीं पर है, उन्हें इसका फायदा भी मिला क्योंकि सोमनाथ जिले की चारों सीटें कांग्रेस को मिलीं.

कैम्ब्रिज एनालिटिका की वजह से ही कांग्रेस को गुजरात में 77 सीटें मिली हैं, अगर अंत में मोदी रैलियां ना करते और इसे गुजरात की अस्मिता का सवाल ना बनाते तो कांग्रेस को कम से कम 150 सीटें मिलतीं क्योंकि उनके पास दलित, पटेल, OBC, मुस्लिम, नरम हिन्दू, कट्टरपंथी, इसाई वोट थे जबकि बीजेपी के पास सिर्फ विकास चाहने वालों के वोट थे. 

कैम्ब्रिज एनालिटिका ने कांग्रेस की जीत के लिए सभी गोटियाँ भिड़ा रखी थीं, गुजरात के लोग उनके जाल में फंस भी गए थे लेकिन अंत में मोदी ने ताबड़तोड़ रैलियां करके नतीजों को बीजेपी के पक्ष में मोड़ दिया, मोदी की सिर्फ विकास की वजह से जीत हुई है, उन्हें सिर्फ चार शहरों ने जितवाया है - अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वड़ोदरा. चारों शहरों में ही बीजेपी को 50-60 सीटें मिली हैं. अगर मोदी ने शहरों का विकास ना किया होता तो बीजेपी की हार तय थी लेकिन मोदी ने अपने दमपर चुनाव जितवाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका को भी हरा दिया.

कैम्ब्रिज एनालिटिका कैसे करती है काम

कैम्ब्रिज एनालिटिका फेसबुक के साथ मिलकर काम करती है, फेसबुक पर किसी राज्य के लोगों का पूरा डाटा लिया जाता है जिसे सोशल प्रोफाइलिंग कहते हैं, यहाँ पर देखा जाता है कि लोग सोच क्या रहे हैं, लोग कमेन्ट क्या करते हैं, लोग अपनी सरकार के बारे में क्या राय देते हैं, उसके बाद सरकार विरोधी लोगों की लिस्ट बनाई जाती है और उनके पास सरकार विरोधी ट्वीट किये जाते हैं ताकि वो उसे शेयर करें. धीरे धीरे सरकार के विरोध में लहर तेज की जाती है, लोगों के दिमाग में धीरे धीरे झूठ के जरिये सरकार के प्रति गुस्सा भर दिया जाता है और वह सरकार के विरोध में वोट देते हैं, ऐसा ही गुजरात में हुआ है. कांग्रेस के IT सेल में इस बाद करीब 1000 लोग काम कर रहे थे जो रोजाना बीजेपी के खिलाफ झूठे ट्वीट, झूठी तस्वीरें, झूठे आंकड़े, झूठे दावे पोस्ट करते थे, कांग्रेस की टीम इतनी बड़ी थी कि सिर्फ पांच मिनट में वह किसी भी चीज को टॉप ट्रेंड में ला देते थे.

बर्बाद हुए कांग्रेस के रुपये

कांग्रेस ने गुजरात जीतने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया, सबसे बड़ी और मंहगी कंपनी को ठेका दिया, हर जतन किये लेकिन मोदी की वजह से कांग्रेस का पूरा पैसा बर्बाद हो गया. 

2019 लोकसभा जीतने के लिए फिर से कैम्ब्रिज एनालिटिका को ठेका

अब कांग्रेस ने 2019 में भी इसी कंपनी को ठेका दे दिया है क्योंकि इसी कंपनी की वजह से कांग्रेस ने गुजरात में बीजेपी को कड़ी टक्कर दी है. लोकसभा चुनावों में अभी डेढ़ साल बचे हैं, अब इस कंपनी के कहने पर हर राज्य में जातिवादी आन्दोलन खड़े किये जाएंगे, राजस्थान में गुर्जर आन्दोलन, हरियाणा में जाट आन्दोलन, गुजरात में पटेल आन्दोलन, धीरे धीरे देश को आन्दोलन की आग में झोंककर 2019 में मोदी को हटाने का अभियान शुरू शुरू हो जाएगा.

Dec 18, 2017

अमित शाह बोले, गुजरात में कांग्रेस ने जातिवाद भड़काया क्योंकि GST और नोटबंदी हिमाचल के लिए भी था

अमित शाह बोले, गुजरात में कांग्रेस ने जातिवाद भड़काया क्योंकि GST और नोटबंदी हिमाचल के लिए भी था

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भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात में 150 से अधिक सीटें जीतने का वादा किया था लेकिन सिर्फ 99 सीटें ही जीत पायी, हालाँकि बहुमत के साथ गुजरात में बीजेपी की सरकार बन गयी. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बन गयी लेकिन यहाँ पर जीत का अंतर काफी बड़ा था.

गुजरात में कम सीटें आने पर अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने यहाँ पर जातिवाद का जहर फैलाकर समाज को बांटने का काम किया था क्योंकि नोटबंदी और GST हिमाचल प्रदेश के लिए भी था लेकिन यहाँ की जनता ने मोदी के विकासवाद पर भरोसा जताया लेकिन गुजरात में लोग कांग्रेस के बहकावे में आ गए और जातिवाद पर वोट दिया.

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस गुजरात में जातिवाद की गन्दी राजनीति की वजह से भले ही समाज में द्वेष फैलाकर वोट पाने में कामयाब रही लेकिन गुजरात की जनता ने विकासवाद को ही मौका दिया.

उन्होंने कहा की अगर कोई कहता है कि GST और नोटबंदी से गुजरात की जनता नाराज थी तो हम आपको बताना चाहते हैं कि मोदी सरकार ने GST और नोटबंदी हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए भी किया था लेकिन वहां पर हमें दो तिहाई बहुमत से जीत मिली है, जो साबित करता है कि हिमाचल प्रदेश की जनता मोदीजी की नीतियों से खुश है जबकि गुजरात की जनता ने विकासवाद को वोट दिया लेकिन कांग्रेस ने वहां अपर जातिवाद का जहर फैलाकर अधिक सीटें हासिल की.
हार्दिक पटेल को भूले राहुल गाँधी, बोले, कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने दिखा दी कांग्रेस की ताकत

हार्दिक पटेल को भूले राहुल गाँधी, बोले, कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने दिखा दी कांग्रेस की ताकत

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दो दिन पहले राहुल गाँधी कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे थे जिसके बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने खूब जश्न मनाया था लेकिन दो दिन बाद ही उनके दो राज्यों में फेल होने का रिजल्ट आ गया. कांग्रेस पार्टी का हिमाचल प्रदेश में सूपड़ा साफ़ हो गया है साथ ही गुजरात जीतने का सपना भी टूट गया है. कांग्रेस के लिए अच्छी बात ये है कि उन्हें गुजरात में 2012 की अपेक्षा 20 सीटें अधिक मिल रही हैं.

कांग्रेस को यह सीटें हार्दिक पटेल की वजह से मिल रही हैं जिन्होंने गुजरात के 16 परसेंट पाटीदारों को कांग्रेस को वोट करने की अपील की थी और उन्होंने कांग्रेस को वोट भी दिया. हार्दिक ने कांग्रेस को कम से कम 60 सीटें अपने दम पर दिलवाई हैं लेकिन राहुल गाँधी ने उन्हें नतीजे आते ही भुला दिया.

गुजरात में अच्छे नतीजों के लिए राहुल गाँधी ने सिर्फ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया. उन्होएँ कहा कि मेरे कांग्रेस के भाइयों और बहनों, आपने मुझे आज गर्व करने का मौका दिया है, तुम उन लोगों से अलग हो जिनसे आपने लड़ाई की है, तुम्हे गुस्सा करने वालों से लड़ाई की है, तुम्हें हर किसी को कांग्रेस की बड़ी ताकत दिखा दी है.

राहुल गाँधी ने दोनों राज्यों में अपनी हार को स्वीकार करते हुए कहा कि मैं गुजरात और हिमाचल प्रदेश की नयी सरकार को बधाई देता हूँ और मुझे प्यार करने के लिए गुजरात और हिमाचल प्रदेश की जनता को धन्यवाद देता हूँ.
आपको बता दें कि गुजरात में बीजेपी की बहुमत के साथ सरकार बन रही है, अब तक बीजेपी को 100 सीटों पर जीत मिल रही है जबकि कांग्रेस 80 सीटें मिल रही है.

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी बीजेपी की दो तिहाई बहुमत के साथ जीत हुई है, बीजेपी को 43 सीटें मिल रही हैं जबकि कांग्रेस को सिर्फ 21 सीटें मिल रही हैं.
हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को दिलवाई करीब 60 सीटें, पाटीदारों ने आरक्षण के लिए छोड़ा BJP का साथ

हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को दिलवाई करीब 60 सीटें, पाटीदारों ने आरक्षण के लिए छोड़ा BJP का साथ

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गुजरात में कांग्रेस पार्टी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन इस अच्छे प्रदर्शन का क्रेडिट सिर्फ एक आदमी को जाता है और उसका नाम है हार्दिक पटेल. गुजरात में करीब 16 फ़ीसदी पाटीदार हैं, हार्दिक पटेल की पाटीदार वोटों पर पकड़ दिखी, उन्होंने पाटीदारों को आरक्षण का लालच दिखाकर उन्हें बीजेपी से दूर कर दिया, पटेलों ने इस बार कांग्रेस को वोट दिया है, इसी का नतीजा है कि मोदी के गृह नगर वाली सीट ऊंझा पर कांग्रेस का कब्जा हो गया है, अब मोदी का गाँव भी कांग्रेस के क्षेत्र में आ गया है.

जहाँ जहाँ भी पाटीदार बहुमत में थे वहां पर कांग्रेस के जीत हुई है, यहाँ तक कि उप-मुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल भी मेहसाणा से हारते हारते बचे हैं. एक समय वह हार रहे थे लेकिन अंत में उनकी जीत हुई, यही नहीं मुख्यमंत्री विजय रुपानी को भी जीत के लिए काफी ताकत लगानी पड़ी लेकिन दोनों नेताओं की जीत हुई है.

हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को करीब 60 सीटें अपने दमपर दिलवाई हैं, उन्होंने पूरे गुजरात में रैलियां की, पटेलों को बीजेपी को वोट ना देने की कसम दिलवाई, उनकी रैलियों में मोदी के जैसे ही भीड़ आती थी, उनकी भीड़ वोटों में भी बदली और कांग्रेस को 2012 से 2017 में 20 सीटें अधिक मिलीं.

कांग्रेस भले ही इस प्रदर्शन का क्रेडिट राहुल गाँधी को दे रही हो लेकिन अगर पटेलों में आरक्षण का लालच ना होता, अगर ये बीजेपी को वोट देते तो कांग्रेस को सिर्फ 10-20 सीटें मिलतीं लेकिन कांग्रेस ने उन्हें हार्दिक पटेल की मदद से उन्हें 80 सीटों पर जीत मिल रही है.
मोदी के लिए बुरी खबर, उनके गाँव बडनगर पर कांग्रेस का राज, हार्दिक पटेल का जातिवाद जीता

मोदी के लिए बुरी खबर, उनके गाँव बडनगर पर कांग्रेस का राज, हार्दिक पटेल का जातिवाद जीता

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हम भले ही 21वीं सदी में पहुँच गए हैं लेकिन भारत में जातिवाद की राजनीति आज भी हावी और और इसी बात का नतीजा है कि मोदी के गाँव वडनगर पर कांग्रेस पार्टी का कब्जा हो गया है. वडनगर उंझा विधानसभा सीट में अंतर्गत आता है, यहाँ पर हार्दिक पटेल के समर्थन से कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी को हरा दिया है और मोदी के गाँव वडनगर पर भी कांग्रेस का राज शरू हो गया है.

ऊंझा से कांग्रेस ने डॉ आशा पटेल को उम्मीदवार बनाया था, उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार नारायणभाई लल्लूदास को करीब 19 हजार वोटों से हराया है. कांग्रेस की डॉ आशा पटेल को 81797 सीटें मिली हैं जबकि बीजेपी के नारायणभाई पटेल को 62268 वोट मिले हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोदी के गृह नगर में भले ही जातिवाद की वजह से कांग्रेस का कब्जा हो गया है लेकिन गुजरात में बीजेपी की बहुमत के साथ सरकार बन रही है. बीजेपी को 100 सीटें मिल रही हैं जबकि कांग्रेस को 75-80 सीटें मिल रही हैं.
शत्रुघन सिन्हा ने राहुल गाँधी और गुजरात के तीनों लड़कों को अच्छे प्रदर्शन पर दी बधाई, की तारीफ

शत्रुघन सिन्हा ने राहुल गाँधी और गुजरात के तीनों लड़कों को अच्छे प्रदर्शन पर दी बधाई, की तारीफ

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गुजरात चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने तीन जातिवादी लड़कों - हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवानी के दमपर कांग्रेस पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है इसलिए बीजेपी सांसद शत्रुघन सिन्हा ने उन्हें बधाई दी है, वैसे तो अभी तक कांग्रेस पार्टी के नेता तीनों जातिवादी लड़कों को इग्नोर कर रही है लेकिन शत्रुघन सिन्हा इस बात को नहीं भूले क्योंकि कांग्रेस की जितनी सीटें आयी हैं, सिर्फ जातिवाद और आरक्षण आन्दोलन के दमपर आयी हैं जो इन तीन लड़कों ने खड़ा किया था.

गुजरात चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत हुई है, 22 साल बाद बीजेपी की सरकार में वापसी हुई है जबकि हिमाचल प्रदेश में पांच साल बाद ही कांग्रेस सरकार की बड़ी पराजय हुई है, एक तरह एंटी-इनकम्बेंसी का बीजेपी पर कोई असर नहीं हुआ है जबकि कांग्रेस के खिलाफ पांच साल में ही एंटी-इनकम्बेंसी दिख गयी है.

बीजेपी की जीत के बाद शत्रुघन सिन्हा ने ट्वीट किया, उन्होंने पहले राहुल गाँधी को बधाई दी और उसके बाद युवाओं के लोकप्रिय नेता हार्दिक अपटेल, जिग्नेश और अल्पेश को बधाई दी और इन्हें चढ़ता हुआ स्टार बताया.

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आपको बता दें कि गुजरात चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 105 सीटें मिल रही हैं जबकि कांग्रेस को 70 सीटें मिल रही हैं.