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Aug 12, 2017

जल्द ही फिल्मों में नजर आयेंगे छोटा मोदी, आज है जन्मदिन

जल्द ही फिल्मों में नजर आयेंगे छोटा मोदी, आज है जन्मदिन

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गुजरात में छोटा मोदी के नाम से मशहूर आरव नायक का आज जन्मदिन है. छोटा मोदी किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं क्योंकि गुजरत में इन्हें ऐसे ही छोटा मोदी नहीं कहा जाता. ये रैलियों में मोदी की नक़ल करके अच्छी खासी भीड़ जुटा लेते हैं. गुजरात में इनकी डिमांड को देखते हुए ही इन्हें 'Hu Narender Modi Banva Mangu Chu' फिल्म ऑफर की गयी है और फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो चुकी है.

छोटा मोदी का भले ही आज जन्मदिन है लेकिन ये बहुत जूनून के साथ फिल्म की शूटिंग में बिजी हैं, जल्द ही इनकी फिल्म बनकर तैयार हो जाएगी और ये सिनेमाघरों में रिलीज हो जाएगी. यह फिल्म मोदी के बचपन पर आधारित है और आरव नायक इसमें मोदी के बचपन का किरदार निभा रहे हैं.

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फिल्म के अलावा छोटा मोदी कई सरकारी नाटकों में भी काम कर रहे हैं, हाल ही में इन्होने एक सरकारी नाटक डॉ भीमराव अंबेडकर और वड़ोदरा के राजा सयाजी राव गजेवाड़ की शूटिंग भी पूरी कर चुके हैं. कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि छोटा मोदी का भविष्य उज्जवल है. छोटी सी उम्र में इतना बड़ा मुकाम हासिल करने वाले छोटा मोदी को आपको भी विश करना चाहिए. कमेन्ट बॉक्स में आप उन्हें विश कर सकते हैं.

Aug 11, 2017

अगर यह विधायक BJP के बजाय कांग्रेस या अन्य पार्टी में होता तो बर्खास्त कर दिया जाता: पढ़ें क्यों

अगर यह विधायक BJP के बजाय कांग्रेस या अन्य पार्टी में होता तो बर्खास्त कर दिया जाता: पढ़ें क्यों

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आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं बीजेपी विधायक नलिन कोटाडिया से. नलिन कोटाडिया गुजरात के धारी से बीजेपी विधायक हैं लेकिन पिछले दो वर्षों से ये बीजेपी ने नाराज हैं. मतलब बीजेपी में रहकर ही बीजेपी से दुश्मनी ले रहे हैं. इन्होने पटेल आन्दोलन का भरपूर समर्थन किया और पार्टी के खिलाफ गए उसके बाद भी इनपर कोई एक्शन नहीं लिया गया. ये हमेशा पटेल आन्दोलन के खिलाफ सरकार की कार्यवाही की निंदा करते रहे, उसके बाद भी पार्टी ने इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं किया.

हाल ही में जब राष्ट्रपति चुनाव हुए तो इन्होने कांग्रेस उम्मीदवार मीरा कुमार को वोट किया और उससे पहले प्रेस को बता दिया कि मैं रामनाथ कोविंद को वोट नहीं दूंगा क्योंकि बीजेपी सरकार ने 14 पाटीदारों की हत्या की है और मैं इससे नाराज हूँ. इन्होने मीरा कुमार को वोट दिया लेकिन पार्टी ने इनपर कोई एक्शन नहीं लिया.

जब हाल ही में गुजरात में राज्य सभा चुनाव हुए तो इन्होने पार्टी लाइन से हटकर कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल को वोट दे दिया और वोट देने के बाद फेसबुक पर पोस्ट लिखकर बता भी दिया कि उन्होंने बीजेपी को वोट क्यों नहीं दिया. उन्होने कहा कि मेरी अंतरात्मा की आवाज सुनकर मैंने बीजेपी को इसलिए वोट नहीं दिया क्योंकि बीजेपी सरकार ने पटेल आन्दोलन को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की और 14 लोगों की हत्या की.

आपको बता दें कि अहमद पटेल मात्र आधे वोटों के अंतर से चुनाव जीते हैं, अगर नलिन कोटाडिया उन्हें वोट नहीं देते तो अहमद पटेल चुनाव ना जीतते लेकिन नलिन कोटडिया ने अपनी ही पार्टी को हराकर कांग्रेस के मनोबल को बढाने का काम किया उसके बाद भी इनपर कोई एक्शन नहीं लिया गया और ना ही किसी बीजेपी नेता ने इनके खिलाफ कोई बयान दिया.

कहने का मतलब ये है कि लगातार बीजेपी के खिलाफ जा रहे हैं, लगातार बीजेपी के खिलाफ मतदान कर रहे हैं उसके बावजूद भी इन्हें पार्टी से नहीं निकाला गया. अगर ये कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी में होते तो अब तक इन्हें कबका निकाल दिया गया होता. हाल ही में जिन कांग्रेसियों ने बीजेपी को वोट दिया है उन्हें निकालने की कोशिश चल रही है, हाल ही में त्रिपुरा के 6 TMC विधायकों ने रामनाथ कोविंद को वोट दिया था तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया लेकिन बीजेपी में ऐसा कुछ नहीं होता. ऐसा लगता है कि सबसे मजबूत लोकतंत्र बीजेपी में ही है.

Aug 10, 2017

शंकर सिंह बाघेला ने किया सबसे बड़ा खुलासा, बता दिया कि कौन करना चाहता था AP हिसाब: पढ़ें

शंकर सिंह बाघेला ने किया सबसे बड़ा खुलासा, बता दिया कि कौन करना चाहता था AP हिसाब: पढ़ें

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कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शंकर सिंह बाघेला ने आज अहमद पटेल के बारे में बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि अहमद पतले को मैं बधाई देता हूँ, ये अच्छे सोबर आदमी हैं. इनका हिसाब दिल्ली वाले करना चाहते थे लेकिन ये जीत गए. शंकर सिंह बाघेला के कहने का मतलब था कि केंद्र के लोग उनका हिसाब करना चाहते थे लेकिन कर नहीं पाए.

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शंकर सिंह बाघेला ने अहमद पटेल को वोट ना देने का कारण बताते हुए कहा कि - अशोक गहलोत ने मुझपर CBI के दबाव में काम करने का आरोप लगाया था, मैं उनसे कहा था कि अगर वे मुझसे माफी नहीं मांगेंगे तो मैं अहमद पटेल को वोट नहीं दूंगा. उन्होंने मुझसे माफी नहीं मांगी और मैंने अहमद पटेल को वोट नहीं दिया.

उन्होंने दो कांग्रेसी विधायकों के वोटों को रद्द करने के मामले पर बोलते हुए कहा कि यह कांग्रेस की साजिश थी, उन्होंने सब कुछ पहले से प्लान कर रखा था. उन्होंने जान बूझकर अपने दोनों विधायकों को बीजेपी को वोट करवाया और बाद में चुनाव आयोग से बोलकर कैंसिल करवा दिया. उन्होंने कहा कि EC का इसमें कोई रोल नहीं था, उन्हें दखल देना ही नहीं चाहिए था. रिटर्निंग ऑफिसर के पास निर्णय का अधकार था.

Aug 9, 2017

अहमद पटेल की जीत से बहुत दुखी हैं राहुल गाँधी, ना बधाई दी और ना ही बाहर निकले: पढ़ें क्यों

अहमद पटेल की जीत से बहुत दुखी हैं राहुल गाँधी, ना बधाई दी और ना ही बाहर निकले: पढ़ें क्यों

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कल अहमद पटेल के राज्य सभा चुनाव जीतने के बाद लगभग सभी कांग्रेसी नेताओं ने बधाई दी लेकिन सबसे बड़े कांग्रेसी नेता राहुल गाँधी ने उन्हें बधाई नहीं दी, उन्होंने ना तो ट्विटर पर बधाई दी और ना ही अब तक मीडिया के सामने आकर कोई बयान दिया. यही नहीं आज संसद में भी वे नहीं दिखे, ऐसा लग रहा है कि अहमद पटेल की जीत के बाद राहुल गाँधी बहुत दुखी हैं और इसी दुःख में उन्होंने खुद को घर के अन्दर बंद कर रखा है.

राहुल गाँधी शायद इसलिए अहमद पटेल की जीत से दुखी हैं क्योंकि अहमद पटेल कांग्रेस के मुख्य रणनीतिकार हैं और राहुल गाँधी को भी उनके इशारों पर नाचना पड़ता है. अगर अहमद पटेल राज्य सभा चुनाव हार जाते तो उनका राजनीतिक कद छोटा हो जाता और राहुल गाँधी को उनकी सुननी नहीं पड़ती लेकिन ऐसा नहीं हुआ और लड़ते मरते अहमद पटेल ने चुनाव जीत ही लिया.

राहुल गाँधी कांग्रेस की हर जीत पर बधाई देते हैं और धमाकेदार बयान देते हैं लेकिन कल से वे मीडिया के सामने नहीं आये, यही नहीं राहुल गाँधी ने आज तक अहमद पटेल के बारे में कुछ नहीं बोला है और ना ही उनका जिक्र किया है. कल उनकी जीत पर उन्होंने बधाई भी नहीं दी जबकि कांग्रेसी ऐसे खुश हो रहे हैं कि जैसे अहमद पटेल ने प्रधानमंत्री का चुनाव जीत लिया है.

आप खुद राहुल गाँधी का ट्वीट देख लीजिये और अहमद पटेल का ट्विटर पेज देख लीजिये, अहमद पटेल को बधाइयों का तांता लगा हुआ है जबकि राहुल गाँधी ने उनका जिक्र ही नहीं किया है. ऐसा नहीं है कि राहुल गाँधी ट्विटर से दूर हैं, उन्होंने आज भी दो ट्वीट किये हैं लेकिन उन्होंने अहमद पटेल को बधाई नहीं दी है.

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दुनिया समझती थी ताकतवर लेकिन बहुत कमजोर लीडर निकले अहमद पटेल, जीतकर भी हारे: पढ़ें क्यों

दुनिया समझती थी ताकतवर लेकिन बहुत कमजोर लीडर निकले अहमद पटेल, जीतकर भी हारे: पढ़ें क्यों

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अहमद पटेल को कांग्रेस का दूसरा सबसे ताकतवर नेता माना जाता है, पहले नंबर पर सोनिया गाँधी हैं और दूसरे नंबर पर अहमद पटेल, कांग्रेस की 10 साल की सरकार में उन्हें सुपर पीएम माना जाता था क्योंकि वे सोनिया गाँधी के सलाहकार हैं, मनमोहन सिंह का रिमोट सोनिया गाँधी के हाथों में था और सोनिया गाँधी का रिमोट अहमद पटेल के हाथों में था, वे सरकार को जैसे चाहते थे चलाते थे.

अब तक अहमद पटेल को बहुत ताकतवर नेता और रणनीतिकार माना जाता था लेकिन गुजरात राज्य सभा चुनाव ने उन्हें एक कमजोर नेता साबित कर दिया, यह भी साबित हो गया कि रणनीति बनाने के मामले में वे बहुत कमजोर हैं और उनकी इन्हीं रणनीतियों की वजह से देश ने कांग्रेस के 10 वर्षों का कुशासन देखा और लाखों करोड़ रुपये के घोटाले हुए.

अब आप खुद देखिये, गुजरात विधानसभा चुनाव से एक महीना पहले कांग्रेस के पास 59 विधायक थे, अहमद पटेल को राज्य सभा चुनाव जीतने एक लिए केवल 45 विधायकों के वोटों की जरूरत थी लेकिन चुनाव के दिन उन्हें सिर्फ 41 कांग्रेसी विधायकों ने वोट दिए. मतलब एक ही महीनें में उनके 18 विधायक भाग लिए. अब आप बताइये, जो नेता अपने विधायकों को ना रोक पाए, उनके भागने से रोकने के लिए होटल में बंद करना पड़े. क्या ऐसे नेता को पॉवरफुल नेता माना जाएगा, कत्तई नहीं. विधायकों को होटल में बंद करना गुंडागर्दी है और एक अच्छा नेता ऐसी हरकत करने की सोच भी नहीं सकता लेकिन अहमद पटेल ने ऐसा किया.

आप यह भी देखिये, अहमद पटेल ने 44 कांग्रेसी विधायकों को होटल में कैद किया लेकिन उसमें से भी उन्हें सिर्फ 41 वोट मिले, इतना सब कुछ करने के बाद भी वह अपने तीन विधायकों को बगावत करने से नहीं रोक पाए जो साबित करना है कि उनके अन्दर लीडरशिप के गुण नहीं हैं.

15 अतिरिक्त वोट होने के बाद भी अहमद पटेल को 44 वोट लेने के लिए पता नहीं क्या क्या करना पड़ा, अपने विधायकों को बैंगलोर भेजा, सुरक्षा में रखा, ऐश कराया, उन्हें वापस बुलाकर गुजरात में फिर से रिजोर्ट में बंद किया, वोट के वक्त एक एक हरकत की निगरानी किया, उन्होंने पता नहीं क्या क्या किया, अपना पूरा सिस्टम लगा दिया फिर भी उन्हें सिर्फ आधे वोट से जीत मिली. अगर एक बीजेपी नेता उन्हें वोट नहीं करता तो वे कदापि ना जीतते.

अगर अहमद पटेल वाकई में एक अच्छे लीडर होते तो 59 कांग्रेस विधायक उनपर विश्वास करते और हँसते हँसते उन्हें वोट दे देते, उन्हें इस तरह से विधायकों पर पहरा नहीं बिठाना पड़ता और 59 में से सिर्फ 41 वोट नहीं मिलते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ इसलिए अहमद पटेल ने खुद को एक कमजोर नेता साबित कर दिया. पूरे देश में सन्देश गया है कि अहमद पटेल अपने विधायकों को कण्ट्रोल नहीं कर सकते.
NCP ने खोल दी अहमद पटेल की जीत की पोल, बोले, 'कांग्रेस खुद से नहीं जीती' हमने नाक कटने से बचाई

NCP ने खोल दी अहमद पटेल की जीत की पोल, बोले, 'कांग्रेस खुद से नहीं जीती' हमने नाक कटने से बचाई

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अहमद पटेल के राज्य सभा चुनाव जीतने पर समस्त कांग्रेसी जश्न में डूबे हैं, लोगों को ज्यादा खुश देखकर NCP नेता मजीद मेनन ने कहा है कि कांग्रेस खुद से नहीं बल्कि हमारी वजह से जीती है, कांग्रेस के पास पूरे वोट थे लेकिन लेकिन कई कांग्रेसी विधायकों ने उन्हें धोखा दे दिया, अगर हमने उन्हें वोट ना दिया होता तो अहमद पटेल कभी भी चुनाव ना जीतते. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जीवनभर याद रखना चाहिए कि यह जीत NCP की वजह से हुयी है.

उन्होंने कहा कि यह बहुत कठिन लड़ाई थी जिसे कांग्रेस हार चुकी थी, उनके खुद के विधायकों ने उन्हें धोखा दिया, हमने उन्हें वोट दिया इसलिए कांग्रेस को भी हमें अपना छोटा भाई मानना चाहिए और जिन्दगी भर हमारा अहसान मानना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अहमद पटेल की यह जीत कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों का मनोबल मजबूत करेगी साथ ही अमित शाह को सबक भी मिलेगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस के पास 59 वोट होने के बाद भी चुनाव आते आते उन्हें केवल 41 कांग्रेसी विधायकों ने वोट दिया, उन्हें जीत के लिए 44 वोटों की दरकार थी, उन्हें 1-1 वोट NCP, JDU और BJP से भी मिला जिसकी वजह से वे फिर से राज्य सभा में कदम रख पाए.
मोहम्मद अहमद पटेल की जीत पर बोले शिवसेना सांसद संजय राउत 'जो जीता वही सिकंदर, उनका अभिनन्दन'

मोहम्मद अहमद पटेल की जीत पर बोले शिवसेना सांसद संजय राउत 'जो जीता वही सिकंदर, उनका अभिनन्दन'

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गुजरात राज्य सभा चुनाव में कांग्रेसी उम्मीदवार मोहम्मद अहमद पटेल की जीत पर शिवसेना ने भी ख़ुशी का इजहार किया है, बीजेपी को काटने की मुहिम में जुटी शिवसेना के लिए इससे बढ़िया खबर हो ही नहीं सकती थी, इसलिए जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि 'जो जीता वही सिकंदर'. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से अमित शाह और स्मृति इरानी की जीत महत्वपूर्ण है उसी तरह से अहमद भाई की जीत भी महत्वपूर्ण है, हम जिस प्रकार से अमित शाह और स्मृति इरानी का अभिनन्दन करते हैं उसी प्रकार से अहमद भाई का भी अभिनन्दन करते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कल हुए चुनाव में कांग्रेस उमीदवार अहमद पटेल और बीजेपी उम्मीदवार अमित शाह और स्मृति इरानी की राज्य सभा चुनाव में जीत हुई है. अहमद पटेल बहुत ही मुश्किल से चुनाव जीत पाए थे, अगर एक बीजेपी विधायक नालिक कोटाडिया ने उन्हें वोट नहीं दिया होता तो वे चनाव हार जाते.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब शिवसेना ने भी महाराष्ट्र में मराठा लोगों के लिए आरक्षण की मांग शुरू कर दी है, आज मराठा क्रांति मोर्चा के नाम से एक रैली निकाली जा रही है जिसका शिवसेना समर्थन कर रही है.
ऐसे खुश हो रहे हैं कांग्रेसी जैसे अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए हों मोहम्मद अहमद पटेल: पढ़ें क्यों

ऐसे खुश हो रहे हैं कांग्रेसी जैसे अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए हों मोहम्मद अहमद पटेल: पढ़ें क्यों

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कल तमाम तरह के शाम दाम दंड भेद का इस्तेमाल करके कांग्रेसी सांसद मोहम्मद अहमद पटेल राज्य सभा सीट जीत ही गए, अहमद पटेल कांग्रेस के वोट से नहीं जीते, वे 1 JDU, 1 NCP और 1 BJP विधायक के वोटों से जीते हैं इसके बावजूद भी कांग्रेसी ऐसे खुश हो रहे हैं जैसे कि मोहम्मद अहमद पटेल अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अहमद पटेल ने राज्य सभा चुनाव जीतने एक लिए पूरी ताकत लगा दी, वैसे भी वे कांग्रेस के सबसे ताकतवर नेता मानें जाते हैं और सोनिया गाँधी को सलाह वही देते हैं, इतने बड़े नेता होने के बावजूद भी उन्हें अपने 44 विधायकों को होटल में कैद करना पड़ा, इसके बावजूद भी उनमें से तीन ने उन्हें वोट नहीं दिया. 44 में से सिर्फ 41 विधायकों ने उन्हें वोट नहीं दिया. अगर 1 JDU, 1 NCP और 1 BJP विधायकों ने उन्हें वोट नहीं दिया होता और बीजेपी को गए 2 वोट रद्द नहीं होते तो अहमद पटेल 100 फ़ीसदी चुनाव हार जाते लेकिन इतना सब कुछ होते हुए भी कांग्रेस इसे बहुत बड़ी जीत मान रहे हैं और जश्न में डूब गए हैं. कांग्रेसी इसलिए जश्न मना रहे हैं क्योंकि बहुत दिनों के बाद उन्हें जीत मिली है वरना अब तक तो उन्हें हार ही हार मिल रही थी

अहमद पटेल को कुल 44 वोट मिले जिसमें से 41 कांग्रेस, 1 JDU, 1 NCP और 1 BJP का वोट शामिल था. मतलब अगर 1 JDU, 1 NCP और 1 BJP वोट उन्हें नहीं मिलता तो वे चुनाव हार जाते, सोशल मीडिया पर यह भी खबर चल रही है कि कांग्रेस ने इन विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये में खरीदा है लेकिन हम सच्चाई का दावा नहीं कर सकते.
कांग्रेस के पक्ष में चुनाव आयोग के फैसले से नाराज हैं विजय रुपानी, न्याय के लिए जाएंगे कोर्ट

कांग्रेस के पक्ष में चुनाव आयोग के फैसले से नाराज हैं विजय रुपानी, न्याय के लिए जाएंगे कोर्ट

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कांग्रेस अब तक चुनाव आयोग पर मोदी-बीजेपी का एजेंट होने का आरोप लगाती थी लेकिन कल पता चला कि चुनाव आयोग में कांग्रेस की अधिक सुनी जाती है और बीजेपी की तो सुनी ही नहीं जाती है, कल गुजरात राज्य सभा चुनाव में दो कांग्रेसी विधायकों ने बीजेपी को दिया था और एक बीजेपी विधायक ने कांग्रेस को वोट दिया था. चुनाव आयोग ने दोनों कांग्रेसी विधायकों का वोट रद्द कर दिया लेकिन उस बीजेपी विधायक का वोट रद्द नहीं किया जिसनें कांग्रेस को वोट दिया था. अगर चुनाव आयोग बीजेपी के साथ भेदभाव ना करता तो गुजरात की तीसरी राज्य सभा सीट भी बीजेपी की झोली में जाती लेकिन ऐसा नहीं हो सका और कांग्रेस के उम्मीदवार अहमद पटेल चुनाव जीत गए.

इससे पहले कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत करके बीजेपी को वोट देने वाले राघवजी पटेल और गोलाभाई का वोट रद्द करवा दिया, इसके बाद बीजेपी ने भी अपने विधायक नलिन कोटाडिया के खिलाफ शिकायत की जिसनें कांग्रेस को वोट दिया था लेकिन चुनाव आयोग ने बीजेपी की मांग को ख़ारिज कर दिया जिसकी वजह से अहमद पटेल चुनाव जीत गए.

चुनाव आयोग के फैसले से विजय रुपानी नाराज

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी चुनाव आयोग के फैसले से नाराज हैं, उन्हें चुनाव आयोग से ऐसे पक्षपात की उम्मींद नहीं थी इसलिए अब उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ कोर्ट में जाने के ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने गलत निर्णय लिया है इसलिए हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और न्याय के लिए न्यायलय का दरवाजा खटखटाएंगे.

उन्होंने उन आरोपों का भी खंडन किया जिसमें बीजेपी पर पॉवर और पैसे के दुरूपयोग की बात की जा रही है, उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आरोप गलत हैं, उन्होंने खुद पॉवर और पैसे का इस्तेमाल किया है और अपने विधायकों को बैंगलोर में होटल में ऐशो-आराम करवाया है.

अहमद पटेल जीते चुनाव

कल कई दिनों का पॉलिटिकल ड्रामा ख़त्म हो गया और अहमद पटेल राज्य सभा चुनाव जीत गए, उन्हें 44 वोट मिले. बीजेपी के एक विधायक नालिक कोटाडिया ने भी वोट दिया जिसकी वजह से उनकी जीत पक्की हो गयी.

अमित शाह और स्मृति इरानी भी जीते चुनाव

अहमद पटेल के अलावा बीजेपी की तरफ से अमित शाह और स्मृति इरानी ने भी राज्य सभा चुनाव जीत लिया. अमित शाह पहली बार राज्य सभा पहुंचेंगे, यह उनके लिए विल्कुल नया अनुभव होगा. अमित शाह और स्मृति इरानी को 46-46 वोट मिले.
इस बीजेपी विधायक की वजह से जीत गए अहमद पटेल: पढ़ें क्यों

इस बीजेपी विधायक की वजह से जीत गए अहमद पटेल: पढ़ें क्यों

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गुजरात में राज्य सभा चुनावों के रिजल्ट आ गए हैं और कांग्रेसी नेता अहमद पटेल चुनाव जीत गए हैं, उनकी जीत में मुख्य भूमिका बीजेपी के ही एक विधायक नलिन कोटाडिया ने निभाई. बीजेपी विधायक नलिन कोटाडिया ने दंगे की चोट पर अहमद पटेल को वोट दे दिया जिसकी वजह से उन्हें बहुमत मिल गया, अगर नलिन कोटाडिया बीजेपी को वोट दे देते तो कांग्रेस के 2 विधायकों के वोट रद्द होने के बाद भी अहमद पटेल राज्य सभा चुनाव नहीं जीत पाते लेकिन नलिन कोटाडिया ने बीजेपी से गद्दारी करके अहमद पटेल की जीत पक्की कर दी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दो कांग्रेसी विधायकों ने बीजेपी को वोट दिया था लेकिन चुनाव आयोग ने दोनों का वोट रद्द कर दिया लेकिन एक बीजेपी विधायक ने भी कांग्रेस को वोट किया लेकिन उनका वोट कैंसिल नहीं किया गया.

बीजेपी विधायक नलिन कोटाडिया ने कहा कि गुजरात में पटेल आन्दोलन के दौरान गुजरात सरकार की कार्यवाही से नाराज होकर मैंने वोंग्रेस को वोट दिया है.
बीजेपी ने भी रुकवा दी राज्य सभा चुनाव के वोटों की काउंटिंग: पढ़ें क्यों

बीजेपी ने भी रुकवा दी राज्य सभा चुनाव के वोटों की काउंटिंग: पढ़ें क्यों

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अब बीजेपी ने भी गुजरात में राज्य सभा चुनाव के वोटों की गिनती रुकवा दी है, बीजेपी ने कहा है कि कांग्रेस के भी एक विधायक ने वोटिंग के बाद अपने बैलट पेपर को अन्य पोलिंग एजेंट के अलावा अन्य नेताओं को दिखाया था इसके इनका भी वोट रद्द किया जाय. बीजेपी की मांग पर VIDEO की जांच की जा रही है और अगर आरोप सही पाया गया तो कांग्रेस के भी एक विधायक का वोट रद्द हो जाएगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज गुजरात में राज्य सभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई है लेकिन वोटों की काउंटिंग से पहले चुनाव आयोग ने कांग्रेस की मांग पर इसलिए दो कांग्रेसी विधायकों के वोट रद्द कर दिए क्योंकि उन्होंने बीजेपी को वोट दे दिया था, कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि दोनों विधायकों ने वोट देने के बाद बीजेपी नेताओं को भी अपना बैलट दिखाया था इसलिए इनके वोटों को रद्द किया जाय, चुनाव आयोग ने कांग्रेस की मांग पर कांग्रेस के दोनों विधायकों - गोलाभाई गोहिल और राघवजी पटेल के वोट को रद्द कर दिया है.

बीजेपी के खिलाफ फैसला देने के लिए गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल ने चुनाव आयोग को खूब खरी खोटी सुनाई और इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का फैसला बहुत दुखी करने वाला है, अगर वोटिंग की सीडी को जनता के सामने रखा जाए तो देश का हर व्यक्ति इसे चुनाव आयोग का गलत फैसला बताएगा.

उन्होने बताया कि वीडियो में साफ़ साफ़ दिख रहा है कि जब कांग्रेस विधायकों ने बीजेपी को वोट दिया और कांग्रेसी एजेंट शक्ति सिंह गोहिल को अपना बैलट पेपर दिखाया तो वे बहुत नाराज हुए और उनसे बैलट पेपर छीनने की कोशिश की. सीडी में भी दिख रहा है कि शक्ति सिंह गोहिल क्रोधित हैं और अपनी सीट से उठ खड़े हुए हैं इसके बावजूद भी चुनाव आयोग ने कांग्रेस की ही बात मानी और दोनों वोटों को रद्द कर दिया.

नितिन पटेल ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि कांग्रेस के लोग कल से ही ये साजिश कर रहे हैं और गलत कहानी बना रहे हैं क्योंकि क्रॉस वोटिंग के बाद हमारे पोलिंग एजेंट ने इस मामले को उठाया था लेकिन EC ने उसकी मांग नहीं सुनी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन्हीं दोनों विधायकों ने अहमद पटेल की हार पर मुहर लगाई थी लेकिन चुनाव आयोग ने दोनों विधायकों के वोट रद्द करके अहमद पटेल को बड़ी राहत दी है. यह भी हो सकता है कि अहमद पटेल हारा हुआ चुनाव जीत जाँय.
BJP नेता नितिन पटेल बोले, चुनाव आयोग ने ऐसी उम्मीद नहीं थी, विल्कुल गलत फैसला किया: पढ़ें

BJP नेता नितिन पटेल बोले, चुनाव आयोग ने ऐसी उम्मीद नहीं थी, विल्कुल गलत फैसला किया: पढ़ें

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आज गुजरात में राज्य सभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई है लेकिन वोटों की काउंटिंग से पहले चुनाव आयोग ने कांग्रेस की मांग पर इसलिए दो कांग्रेसी विधायकों के वोट रद्द कर दिए क्योंकि उन्होंने बीजेपी को वोट दे दिया था, कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि दोनों विधायकों ने वोट देने के बाद बीजेपी नेताओं को भी अपना बैलट दिखाया था इसलिए इनके वोटों को रद्द किया जाय, चुनाव आयोग ने कांग्रेस की मांग पर कांग्रेस के दोनों विधायकों - गोलाभाई गोहिल और राघवजी पटेल के वोट को रद्द कर दिया है.

बीजेपी के खिलाफ फैसला देने के लिए गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल ने चुनाव आयोग को खूब खरी खोटी सुनाई और इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का फैसला बहुत दुखी करने वाला है, अगर वोटिंग की सीडी को जनता के सामने रखा जाए तो देश का हर व्यक्ति इसे चुनाव आयोग का गलत फैसला बताएगा.

उन्होने बताया कि वीडियो में साफ़ साफ़ दिख रहा है कि जब कांग्रेस विधायकों ने बीजेपी को वोट दिया और कांग्रेसी एजेंट शक्ति सिंह गोहिल को अपना बैलट पेपर दिखाया तो वे बहुत नाराज हुए और उनसे बैलट पेपर छीनने की कोशिश की. सीडी में भी दिख रहा है कि शक्ति सिंह गोहिल क्रोधित हैं और अपनी सीट से उठ खड़े हुए हैं इसके बावजूद भी चुनाव आयोग ने कांग्रेस की ही बात मानी और दोनों वोटों को रद्द कर दिया.

नितिन पटेल ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि कांग्रेस के लोग कल से ही ये साजिश कर रहे हैं और गलत कहानी बना रहे हैं क्योंकि क्रॉस वोटिंग के बाद हमारे पोलिंग एजेंट ने इस मामले को उठाया था लेकिन EC ने उसकी मांग नहीं सुनी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन्हीं दोनों विधायकों ने अहमद पटेल की हार पर मुहर लगाई थी लेकिन चुनाव आयोग ने दोनों विधायकों के वोट रद्द करके अहमद पटेल को बड़ी राहत दी है. यह भी हो सकता है कि अहमद पटेल हारा हुआ चुनाव जीत जाँय.

Aug 8, 2017

चुनाव आयोग ने मान ली कांग्रेस की बात, बिगाड़ा बीजेपी का गणित: पढ़ें

चुनाव आयोग ने मान ली कांग्रेस की बात, बिगाड़ा बीजेपी का गणित: पढ़ें

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चुनाव आयोग ने आज कांग्रेस की बात मानते हुए राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस के दो विधायकों - गोलाभाई गोहिल और राघवजी पटेल के वोट को रद्द कर दिया है, कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि दोनों कांग्रेसी विधायकों ने बीजेपी को क्रॉस वोटिंग करके नियम का उल्लंघन किया है इसलिए इनके वोट रद्द कर दिए जांय, बीजेपी ने भी चुनाव आयोग पहुंचकर वोट ना रद्द करने की मांग की थी लेकिन चुनाव आयोग ने बीजेपी की बात नहीं मानी और दोनों कांग्रेसी विधायकों के वोटों को रद्द करके बीजेपी का गणित बिगाड़ दिया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन्हीं दोनों विधायकों ने अहमद पटेल की हार पर मुहर लगाई थी लेकिन चुनाव आयोग ने दोनों विधायकों के वोट रद्द करके अहमद पटेल को बड़ी राहत दी है. यह भी हो सकता है कि अहमद पटेल हारा हुआ चुनाव जीत जाँय.
दिन में गुजरात, रात में दिल्ली, बीजेपी और कांग्रेस में शुरू हुई अहमदी जंग पार्ट-2: पढ़ें

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फोटो के लिए ANI का आभार
गुजरात में दिन भर कांग्रेस और बीजेपी के बीच अहमदी जंग चलती रही, दिन में कांग्रेस पार्टी के नेता अहमद पटेल की जीत का दावा करते रहे लेकिन अचानक शाम को कांग्रेस ने वोटों की काउंटिंग रुकवा दी और चुनाव आयोग पहुँच गयी. अब दिल्ली में कांग्रेस और बीजेपी के बीच जंग चल रही है, सुबह अहमदी जंग पार्ट 1 थी तो शाम को अहमदी जंग पार्ट 2 चल रही है क्योंकि एक तरफ कांग्रेसी नेता चुनाव आयोग पहुँच रहे हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी नेता भी दिल्ली चुनाव आयोग के दफ्तर पहुँच रहे हैं, यह सब सिर्फ इसलिए क्योंकि कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह से अहमद पटेल को राज्य सभा पहुंचाना चाहती है और इसीलिए गुजरात के 44 कांग्रेसी विधायकों को बैंगलोर के एक होटल में कैद किया गया था.

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के पास पहुंचकर दो कांग्रेसी विधायकों की क्रॉस वोटिंग को रद्द करने की गुहार लगाई है क्योंकि अगर ये वोट रद्द नहीं हुए तो अहमद पटेल चुनाव हार जाएंगे वहीँ बीजेपी ने भी चुनाव आयोग के दफ्तर में पहुंचकर कांग्रेस की याचिका रद्द करने की गुहार लगाई है क्योंकि वोटिंग प्रक्रियाओं के तहत हुई है और उसमें कुछ भी गलत नहीं हुआ है.

केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी को जमकर फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि गुजरात राज्य सभा में कांग्रेस पार्टी जिस प्रकार का ड्रामा कर रही है वह अनुचित और फर्जी है क्योंकि सुबह तक ये लोग जीत का दावा कर रहे थे लेकिन शाम को रो रहे हैं और काउंटिंग में हंगामा कर रहे हैं.

रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस से कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी से इस तरह के बर्ताव की उम्मीद नहीं की जा सकती. कांग्रेस निराधार आरोप लगा रही है, इन्होने सुबह तक कोई प्रदर्शन नहीं किया लेकिन जब हार दिख रही है तो हंगामा कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हमें चुनाव आयोग से मिलकर कांग्रेस की एप्लीकेशन को रद्द करने की मांग की है क्योंकि एक बार वोट होने के बाद कुछ नहीं किया जा सकता. वोटिंग प्रोसेस के तहत हुई है और कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी हार देखकर आपा खो बैठी है.
जब कांग्रेस ने देखा कि हार गए अहमद पटेल तो कर दिया हंगामा, रुकवा दी काउंटिंग: पढ़ें क्यों

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गुजरात में राज्य सभा चुनाव के रिजल्ट सुनने के लिए लोगों को बहुत इन्तजार करना पड़ रहा है, पूरे देश की नजरें इस चुनाव पर लगी हैं लेकिन कांग्रेस की वजह से लोगों को इन्तजार करना पड़ रहा है, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस को 100 फ़ीसदी पता चल गया है कि अहमद पटेल राज्य सभा चुनाव हार चुके हैं इसलिए उन्होंने हंगामा करके काउंटिंग रुकवा दी है, कांग्रेसी नेता दो कांग्रेसी वोटों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. इनका कहना है कि हमारे दो कांग्रेसी विधायकों ने खुलेआम बीजेपी को वोट दिया है इसलिए उनका वोट रद्द करना चाहिए.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अहमद पटेल राज्य सभा चुनाव हार चुके हैं, उन्हें जरूरत के वोट नहीं मिल पाए, उन्हें जीतने के लिए 45 वोट चाहिए थे लेकिन दो कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग करके उनकी हार पर मुहर लगा दी. अगर इन दोनों कांग्रेसी नेताओं का वोट रद्द किया जाता है तभी अहमद पटेल जीतेंगे इसीलिए कांग्रेसी नेता चुनाव आयोग में अपनी शिकायत लेकर गए हैं. चुनाव आयोग की मीटिंग जारी है और कुछ ही देर में उनका फैसला आ सकता है लेकिन लोगों को रिजल्ट के लिए कुछ देर और इन्तजार करना पड़ सकता है.

अभी तक वोटों की मतगणना नहीं शुरू हुई है लेकिन कांग्रेस ने हंगामा शुरू कर दिया है और दोनों क्रॉस वोटों को रद्द करने की मांग की है, कांग्रेस को भी पता चल गया है कि अहमद पटेल चुनाव हार चुके हैं इसलिए हंगामा शुरू कर दिया है.

कांग्रेस विधायक शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि हमारे दो कांग्रेस विधायकों - भोलाभाई और राघवजी ने खुलेआम बीजेपी को वोट दिया, दोनों के वोट रद्द होने चाहियें उसके बाद ही मतगणना शुरू होगी, दिल्ली में रणदीप सिंह सुरजेवाला और RPN सिंह चुनाव आयोग भी पहुँच गए हैं और दोनों वोटों को रद्द करवाना चाहते हैं जिसका साफ़ साफ़ मतलब है कि अहमद पटेल चुनाव हार चुके हैं हालाँकि अभी इसकी घोषणा नहीं की गयी है. यह भी खबर आ गयी है कि JDU के एक विधायक ने भी बीजेपी को ही वोट दिया है.

तीनों सीटें जीतने के बाद बीजेपी ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है जबकि कांग्रेस के दफ्तर में सन्नाटा पसरा हुआ है. गुजरात में एक तरह से कांग्रेस की बड़ी हार हुई है क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के मुख्य रणनीतिकार फेल हो गए हैं.
राज्य सभा चुनाव हार गए अहमद पटेल, BJP ने शुरू किया जश्न, कांग्रेस में पसरा मातम: पढ़ें

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गुजरात से एक बड़ी खबर आयी है, कांग्रेस को जिसका डर था वही हुआ है क्योंकि अहमद पटेल राज्य सभा चुनाव हार चुके हैं, उन्हें जरूरत के वोट नहीं मिल पाए, उन्हें जीतने के लिए 45 वोट चाहिए थे लेकिन दो कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग करके उनकी हार पर मुहर लगा दी.

अभी तक वोटों की मतगणना नहीं शुरू हुई है लेकिन कांग्रेस ने हंगामा शुरू कर दिया है और दोनों क्रॉस वोटों को रद्द करने की मांग की है, कांग्रेस को भी पता चल गया है कि अहमद पटेल चुनाव हार चुके हैं इसलिए हंगामा शुरू कर दिया है.

कांग्रेस विधायक शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि हमारे दो कांग्रेस विधायकों - भोलाभाई और राघवजी ने खुलेआम बीजेपी को वोट दिया, दोनों के वोट रद्द होने चाहियें उसके बाद ही मतगणना शुरू होगी, दिल्ली में रणदीप सिंह सुरजेवाला और RPN सिंह चुनाव आयोग भी पहुँच गए हैं और दोनों वोटों को रद्द करवाना चाहते हैं जिसका साफ़ साफ़ मतलब है कि अहमद पटेल चुनाव हार चुके हैं हालाँकि अभी इसकी घोषणा नहीं की गयी है. यह भी खबर आ गयी है कि JDU के एक विधायक ने भी बीजेपी को ही वोट दिया है.

तीनों सीटें जीतने के बाद बीजेपी ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है जबकि कांग्रेस के दफ्तर में सन्नाटा पसरा हुआ है. गुजरात में एक तरह से कांग्रेस की बड़ी हार हुई है क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के मुख्य रणनीतिकार फेल हो गए हैं.
NCP नेता मजीद मेमन ने कांग्रेस को सुना दी सबसे बुरी खबर, 1-2 नहीं, आधे MLA देंगे BJP को वोट

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आज NCP नेता मजीद मेमन ने कांग्रेस के बारे में बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि आज गुजरात राज्य सभा चुनाव में एक दो नहीं बल्कि आधे कांग्रेसी विधायक बीजेपी को वोट दे सकते हैं और यह सब केवल अहमद पटेल की वजह से होगा. वह इस समय रिश्की सिचुएशन में हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कल NCP ने बीजेपी के समर्थन की घोषणा की थी. गुजरात में NCP के दो विधायक हैं जिसमें से एक ने बीजेपी को जबकि एक ने कांग्रेस को वोट दिया है लेकिन अगर मजीद मेमन की बात सच हो गयी और आधे कांग्रेसी विधायकों ने बीजेपी को वोट दे दिया तो अहमद पटेल निश्चित ही राज्य सभा चुनाव हार जाएंगे.
अहमद पटेल की धमकी से नहीं डरे कांग्रेस के तीन विधायक, BJP को वोट देकर बोले 'जो करना है कर लो'

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आज गुजरात में राज्य सभा चुनाव हो रहा है, कांग्रेस की तरफ से अहमद पटेल मैदान में हैं जबकि बीजेपी की तरफ से अमित शाह, स्मृति इरानी और बलवंत सिंह राजपूत मैदान में हैं, अमित शाह और स्मृति इरानी की जीत पक्की है लेकिन बलवंत सिंह और अहमद पटेल के बीच मुकाबला है.

कल अहमद ने अपने 44 कांग्रेसी विधायकों को धमकी दी थी कि अगर कल उन्होंने मुझे वोट नहीं दिया तो मैं उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लूँगा और उनकी विधानसभा सदस्यता ख़त्म करवा दूंगा.

अहमद पटेल की धमकी से तीन कांग्रेसी विधायक नहीं डरे और आज उन्होंने खुलकर बीजेपी को वोट दिया, ये विधायक हैं - धर्मेन्द्र जडेजा, राघवजी पटेल और शंकर सिंह बाघेला.

राघवजी पटेल ने कहा कि मैंने बीजेपी को वोट दे दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से ख़त्म हो चुकी है, अब मुझे राजनीति में रहना है कांग्रेस में नहीं, अगर कांग्रेस में रहूँगा तो राजनीति में नहीं रह पाऊंगा और कैरियर ख़त्म हो जाएगा इसीलिए मैंने बीजेपी को वोट दिया है, अब जिसको जो करना है करे.

पूर्व कांग्रेस नेता शंकर सिंह बाघेला ने कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि जब कांग्रेस जीतने वाली है नहीं तो कांग्रेस को वोट देने का मतलब नहीं था, हमनें अहमद पटेल को वोट नहीं दिया है. 

आपको बता दें कि कल शंकर सिंह बाघेला ने कहा था कि वे कल NOTA का बटन नहीं दबाएंगे, उन्होंने कांग्रेस को भी वोट नहीं दिया है जिसका मतलब है कि उन्होंने बीजेपी को वोट दिया है. ऐसा करके उन्होंने अहमद पटेल की हार पक्की कर दी है.
शंकर सिंह बाघेला बोले, हमने नहीं दिया अहमद पटेल को वोट, क्योंकि

शंकर सिंह बाघेला बोले, हमने नहीं दिया अहमद पटेल को वोट, क्योंकि

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आज गुजरात में राज्य सभा चुनाव हो रहा है, कांग्रेस की तरफ से अहमद पटेल मैदान में हैं जबकि बीजेपी की तरफ से अमित शाह, स्मृति इरानी और बलवंत सिंह राजपूत मैदान में हैं, अमित शाह और स्मृति इरानी की जीत पक्की है लेकिन बलवंत सिंह और अहमद पटेल के बीच मुकाबला है.

कांग्रेस के पास अहमद पटेल की जीत तय करने के लिए वोट हैं लेकिन कुछ दिन पहले कई कांग्रेसी विधायक बीजेपी में शामिल हो गए जिसकी वजह से उनकी हार का संकट मंडराने लगा जिसके बाद उन्होंने सभी कांग्रेस विधायकों को बैंगलोर शिफ्ट कर दिया.

आज वोटिंग के दिन कांग्रेस के पूर्व नेता शंकर सिंह बाघेला ने कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि जब कांग्रेस जीतने वाली है नहीं तो कांग्रेस को वोट देने का मतलब नहीं था, हमनें अहमद पटेल को वोट नहीं दिया है. 

आपको बता दें कि कल शंकर सिंह बाघेला ने कहा था कि वे कल NOTA का बटन नहीं दबाएंगे, उन्होंने कांग्रेस को भी वोट नहीं दिया है जिसका मतलब है कि उन्होंने बीजेपी को वोट दिया है. ऐसा करके उन्होंने अहमद पटेल की हार पक्की कर दी है.

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शंकर सिंह बाघेला बोले, कल राज्य सभा चुनाव में NOTA का बटन नहीं दबाऊंगा, बल्कि मैं तो..

शंकर सिंह बाघेला बोले, कल राज्य सभा चुनाव में NOTA का बटन नहीं दबाऊंगा, बल्कि मैं तो..

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पूर्व कांग्रेसी नेता शंकर सिंह बाघेला ने कल गुजरात राज्य सभा चुनाव में वोट देने की तैयारी कर ली है, वे कुछ ही दिन पहले कांग्रेस पार्टी से अलग हुए थे लेकिन सोनिया गाँधी से यह भी वादा किया था कि बीजेपी में कभी नहीं जाएंगे, पहले ऐसा लग रहा था कि कल वे NOTA का बटन दबाएंगे क्योंकि कांग्रेस वे छोड़ चुके हैं और बीजेपी में ना जाने का उन्होंने सोनिया गाँधी से वादा कर रखा है.

आज शंकर सिंह बाघेला ने कल की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा है कि मैं कल NOTA का बटन नहीं दबाऊंगा क्योंकि NOTA नॉनसेंस चीज है. उन्होंने लोगों को एक दिन का इन्तजार करने के कहा, उन्होंने कहा कि मैं कल निश्चित बताऊंगा कि मैं किसे वोट दूंगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शंकर सिंह बाघेला पहले ही कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी कर चुके हैं ऐसे में हारे हुए कैंडिडेट को वो शायद वोट ना दें, ऐसे में उनके पास सिर्फ बीजेपी का विकल्प है. अगर वे बीजेपी को वोट देंगे तो हो सकता है कि उनके साथ कांग्रेस के 44 विधायक भी बीजेपी को वोट दे दें क्योंकि शंकर सिंह बाघेला के कांग्रेस से अलग होने के बाद ही कांग्रेस विधायक बीजेपी में भागने लगे थे जिसके बाद उन्हें उठाकर बैंगलोर के एक होटल में बंद कर दिया गया था.