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Friday, January 13, 2017

अरविन्द केजरीवाल पर बड़े घोटाले का आरोप, अपने सगे साढू को ठेका देकर लूट लिए 300 करोड़ रुपये

अरविन्द केजरीवाल पर बड़े घोटाले का आरोप, अपने सगे साढू को ठेका देकर लूट लिए 300 करोड़ रुपये

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New Delhi, 13 January: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर एक RTI कार्यकर्त्ता ने करीब 300 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है और यह घोटाला अरविन्द केजरीवाल ने अपने सगे साढू को ठेका देकर और उनसे फर्जी बिल बनवाकर किया है। 

आरोप के अनुसार केजरीवाल ने अपने सगे साढू को ठेका दिया, उनके साढू ने करोड़ों रुपये का फर्जी बिल जमा किया और केजरीवाल सरकार ने उसे करोड़ों का पेमेंट दे दिया, बाद में लूट के माल को बाँट लिया गया। देखें VIDEO:



केजरीवाल पर यह आरोप रोड-एंटी-करप्शन नाम की एक संस्था ने लगाया है। RTI के जरिये जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक दिल्ली में सड़कों के निर्माण में 300 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की गयी है। संस्था ने सीधा केजरीवाल पर आरोप लगाया है क्योंकि उन्होंने अपने साढू को ठेका देकर उससे फर्जी बिल लिया और उन्हें करोड़ों रुपये की पेमेंट कर दी। संस्था ने इस घोटाले की शिकायत दिल्ली पुलिस की ACB से कर दी है।

RTI कार्यकर्त्ता राहुल शर्मा ने मीडिया को बताया कि दिल्ली PWD में 10-12 विभागों में हमारी संस्था काम कर रही है और हमने 151 RTI फाइल किये हैं जिसमें से हमें कुछ दाद्तावेज हाथ लगे हैं। कुछ दस्तावेज पेंडिंग हैं क्योंकि ये लोग हमें दस्तावेज देने में भी काफी परेशान कर रहे हैं। हमें जितने भी दस्तावेज मिले हैं उसके आधार पर हमें 200-300 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है।

राहुल शर्मा ने बताया कि इस घोटाले में केजरीवाल के सगे साढू सुरेन्द्र कुमार बंसल जो रेनू कंस्ट्रक्शन के नाम से कंपनी चलाते हैं, उन्होंने एक नाला बनाने का ठेका लिया और फर्जी बिल जमा करके केजरीवाल सरकार से पैसे ले लिए। 

Thursday, January 12, 2017

केजरीवाल जल्दबाजी करने वाले युवक की तरह हैं, धीरे धीरे सीख जाएंगे: नजीब जंग

केजरीवाल जल्दबाजी करने वाले युवक की तरह हैं, धीरे धीरे सीख जाएंगे: नजीब जंग

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नई दिल्ली, 11 जनवरी: दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग ने बुधवार को आम आदमी पार्टी पर नियुक्तियों में 'भाई-भतीजावाद करने और घोर पक्षपात' का आरोप लगाया लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को संदेह का लाभ दिया। केजरीवाल को उन्होंने एक ऐसा युवा करार दिया जो जल्दबाजी में है। 

जंग ने इंडिया टुडे न्यूज चैनल के साथ एक विस्तृत साक्षात्कार में कहा कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के विधानसभा चुनाव में एक जबर्दस्त बहुमत के बाद सत्ता के जोश में फैसले लिए। 

जंग ने कहा, "शायद उन्हें व्यवस्था की जानकारी नहीं है। मैं उन्हें संदेह का लाभ देना चाहूंगा।" 

केजरीवाल के बारे में उन्होंने कहा, "वह यह नहीं जानते कि सरकार की अपनी गति और आवेग होता है वह अपनी रफ्तार से चलते रहते हैं।" 

वह एक युवा हैं और काम करने की जल्दी में हैं। समय के साथ वह सीख जाएंगे। 

उपराज्यपाल के रूप में साढ़े तीन साल के कार्यकाल में जंग और दिल्ली सरकार के बीच रस्साकशी चलती रही। जंग ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के साथ उनके मतभेद पेशेवर थे। 

जंग ने कहा, "केजरीवाल के साथ मेरे रिश्ते अत्यंत सौहार्दपूर्ण थे। मैं उनके घर गया हूं वह मेरे घर आए हैं। उनका एक प्यारा परिवार है।"

पूर्व उपराज्यपाल ने कहा कि उन्होंने केजरीवाल के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर कभी नहीं बोला। जब वह कभी अकेले में मिले तो हम दोनों में कभी जरा सा भी वाद-विवाद नहीं हुआ। 

हालांकि, उन्होंने कहा कि शुंगलू समिति द्वारा दिल्ली सरकार के फैसलों की जांच की जा रही 400 संचिकाओं में से बहुत सारी जांच के लिए सीबीआई को भेजी गई हैं। 

विशेषज्ञ समिति के पास जो संचिकाएं जमा की गई हैं उनकी तीन श्रेणियां हैं। 

पहली श्रेणी उन संचिकाओं की है जिनमें मुख्यमंत्री ने खुद फैसले लिए लेकिन उनका अधिकार नहीं था और उसके लिए उप राज्यपाल की सहमति की जरूरत थी। 

दूसरी श्रेणी में वे संचिकाएं हैं जिनमें उपराज्यपाल की सहमति के बगैर मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल ने फैसले लिए। 

तीसरी श्रेणी उन फैसलों की है जिन्हें ऐसा करने का अधिकार न तो मुख्यमंत्री को और न ही उपराज्यपाल को था। 

दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल ने कहा कि 170-180 संचिकाओं पर उन्होंने काम हो जाने के बाद मंजूरी दी। 

करीब 80 संचिकाओं को मंजूरी देने से इनकार किया गया और 7-8 संचिकाएं जांच के लिए सीबीआई को भेजी गईं। 

उन्होंने कहा कि दो-तीन मामलों में तो प्राथमिकियां दर्ज भी की जा चुकी हैं और करीब एक दर्जन को निगरानी जांच के लिए भेजा गया है। 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने चार अगस्त को जब दिल्ली सरकार का प्रशासनिक प्रमुख उपराज्यपाल को करार दिया उसके बाद जंग ने शुंगलू समिति का गठन किया। 

जंग ने कहा कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल की पत्नी के रिश्तेदार निकुंज जैन को नियमों से परे जाकर सबसे पहले एक एक रेजीडेंट डॉक्टर नियुक्त किया और उसके बाद अपने कार्यालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त कर दिया। 

Wednesday, January 11, 2017

पंजाब का मुख्यमंत्री पंजाब से ही होगा, सभी वादे मै पूरे करूँगा: अरविन्द केजरीवाल

पंजाब का मुख्यमंत्री पंजाब से ही होगा, सभी वादे मै पूरे करूँगा: अरविन्द केजरीवाल

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पटियाला, 11 जनवरी: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा है कि पंजाब का मुख्यमंत्री इसी राज्य से होगा। केजरीवाल ने यहां एक रैली में कहा, "मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री हूं। दिल्ली की जनता ने मुझे एक जिम्मेदारी दी है और मैं पंजाब का मुख्यमंत्री नहीं हो सकता।"

आप नेता ने कहा, "पंजाब का मुख्यमंत्री और कहीं से नहीं, पंजाब से ही हो सकता है।"

उन्होंने कहा, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप की ओर से मुख्यमंत्री कौन होगा, लेकिन मैं ये सभी वादे कर रहा हूं और इन्हें पूरा कराना मेरी जिम्मेदारी है।"

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को पंजाब की जनता से कहा था कि वे 'यह सोचकर वोट दें कि वे केजरीवाल को मुख्यमंत्री बना रहे हैं।'

आप ने बाद में कहा कि सिसोदिया के बयान को गलत समझा गया। पार्टी के जीतने की स्थिति में केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री नहीं होंगे।
दिल्ली वालों को मिली सीख, लालच में आकर वोट देने वालों को नरक में जीना पड़ता है, बन गए उल्लू

दिल्ली वालों को मिली सीख, लालच में आकर वोट देने वालों को नरक में जीना पड़ता है, बन गए उल्लू


नई दिल्ली, 10 जनवरी: दिल्ली वालों ने फ्री बिजली पानी के चक्कर में केजरीवाल को वोट दे दिया था लेकिन ये नहीं सोचा था कि केजरीवाल के राज में उन्हें नरक के भी दर्शन होंगे और कचरे के ढेर में जीना पाडगा। दिल्ली वालों को सबक मिल गया है कि अगर लालच में आकर किसी पार्टी या किसी नेता को वोट दोगे तो नरक में जीना पड़ता है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली को केवन 3 साल में वर्ल्ड क्लास शहर बनाने का वादा किया था लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री बने लगभग 2 वर्ष हो चुके हैं और इसके पहले भी वे 49 दिन तक सरकार चला चुके हैं लेकिन दिल्ली कचरे का ढेर बनती जा रही है, केजरीवाल पर आरोप है कि में दिल्ली के सफाई कर्मियों को सैलरी के लिए फंड ही नहीं देते, अब वे बेचारे भी इतने मजबूर हो जाते हैं कि सैलरी के लिए बार बार हड़ताल पर जाना पड़ता है, अब सवाल यह उठता है कि जब केजरीवाल सरकार सफाई कर्मियों को सैलरी ही नहीं देगी तो वे सफाई कैसे करेंगे और दिल्ली वर्ल्ड क्लास शहर कैसे बनेगी। 

वेतन नहीं मिलने के मुद्दे पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों का एक हिस्सा मंगलवार को हड़ताल पर चला गया। कर्मचारी संघ के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। विरोध में तेजी दिल्ली सरकार द्वारा बार-बार अपील किए जाने के बावजूद आई है। सरकार की अपील के बावजूद पूर्वी दिल्ली नगर निगम के हड़ताली कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी गत शुक्रवार से हड़ताल पर हैं।

दिल्ली नगर निगम कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा के महासचिव राजेंद्र मेवाती ने बताया कि विरोध प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों में सफाई कर्मचारी, इंजीनियर, शिक्षक और माली भी शामिल हैं। 

उन्होंने कहा कि गत दो से चार महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है।

इस बीच दिल्ली सरकार ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के लिए जारी की गई राशि का विस्तृत ब्योरा दिया है, जिसके अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में आज तक वह 1,103.91 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी कर चुकी है।

यह आंकड़ा पहले जारी की गई राशि से अधिक है। दिल्ली सरकार ने साल 2012-13 में 767 करोड़ रुपये, साल 2013-14 में 802 करोड़ रुपये और साल 2014-15 में 848 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। 

इसमें कहा गया है कि साल 2015-16 में जब आम आदमी पार्टी सत्ता में थी, तब दिल्ली सरकार ने करीब 1207 करोड़ रुपये जारी किए थे। 

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को पूर्वी दिल्ली नगर निगम के लिए भी आंकड़े जारी किए थे। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष में उक्त तिथि (रविवार) तक दिल्ली सरकार ने 609 करोड़ रुपये और साल 2015-16 में 702 करोड़ रुपये निगम को दिए थे।

सिसोदिया ने कहा कि ठीक इसके विपरीत जब आम आदमी पार्टी का दिल्ली में शासन नहीं था तब आवंटित राशि बहुत कम थी। साल 2014-15 में 441 करोड़, साल 2013-14 में 416 करोड़ और साल 2012-13 में 399 करोड़ रुपये दिए गए थे।

सिसोदिया ने हड़ताली निगम कर्मियों से काम पर लौट आने का अनुरोध किया, क्योंकि सरकार ने उनके वेतन के लिए राशि जारी कर दी है।

सिसोदिया के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार को कुछ कर्मचारी काम पर लौट भी आए, लेकिन कर्मचारियों के एक वर्ग ने हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वेतन उनके बैंक खातों में भेजे जाने के बाद ही वे हड़ताल समाप्त करेंगे।

मेवाती ने कहा, "कल (सोमवार को) अफवाहें फैलाकर भ्रम उत्पन्न किया गया कि हड़ताल समाप्त हो गई है। इससे सफाई कर्मी नाराज हैं और विरोधस्वरूप गलियों में कचरा फैला रहे हैं।"
केजरीवाल ने दिल्ली में किया कौशल विकास केंद्रों का शुभारंभ, LG अनिल बैजल ने की तारीफ

केजरीवाल ने दिल्ली में किया कौशल विकास केंद्रों का शुभारंभ, LG अनिल बैजल ने की तारीफ

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नई दिल्ली, 10 जनवरी: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को यहां कौशल विकास केंद्रों की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इसका मकसद बेसहारा लोगों में कौशल का विकास कर उन्हें रोजगार योग्य और आत्मनिर्भर बनाना है। पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर में एक सभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) नेता ने कहा कि उनकी सरकार गरीब लोगों के भलाई के कार्य करने को प्रतिबद्ध है।

केजरीवाल ने कहा, "कोई भी गरीब और बेघर लोगों के लिए कार्य नहीं कर रहा है, क्योंकि वह किसी के वोटबैंक नहीं है। यह सरकार वोट के लिए काम नहीं करती, बल्कि मानवता के लिए कार्य करती है। सभी बेसहारा लोग हमारे अपने हैं और उनकी प्रगति के लिए काम करना हमारा कर्तव्य है।"

केजरीवाल ने कहा, "ये कौशल विकास केंद्र आश्रय स्थलों में रह रहे बेसहारा लोगों को प्रशिक्षण देंगे और इसके जरिए वे रोजगार पा सकेंगे और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करेंगे।"

इस समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और गृहमंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद रहे।

केजरीवाल ने समारोह में भाग लेने के लिए बैजल को धन्यवाद दिया और कहा, "हमें उम्मीद है कि दिल्ली के सर्वागीण विकास में उपराज्यपाल का पूरा साथ मिलेगा।"

उपराज्यपाल बैजल ने दिल्ली सरकार के कौशल विकास केंद्र शुरू करने के फैसले की तारीफ की और कहा कि इससे बेसहारा लोगों को मदद मिलेगी।

बैजल ने कहा, "यह खुशी की बात है कि बेसहारा लोगों को सिर्फ आश्रय ही नहीं दिया जा रहा, बल्कि उनके रोजागार और आत्मनिर्भरता के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।"

इस मौके पर जैन ने कहा कि दो महीनों में सभी केंद्रों पर पांच तरह के कोर्स का संचालन किया जाएगा और हर बैच में 25 लोग शामिल होंगे।
केवल 3 साल में दिल्ली को वर्ल्ड क्लास शहर बनाने का वादा किया था केजरीवाल ने, 2 साल हो गए

केवल 3 साल में दिल्ली को वर्ल्ड क्लास शहर बनाने का वादा किया था केजरीवाल ने, 2 साल हो गए

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नई दिल्ली, 10 जनवरी: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली को केवन 3 साल में वर्ल्ड क्लास शहर बनाने का वादा किया था लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री बने लगभग 2 वर्ष हो चुके हैं और इसके पहले भी वे 49 दिन तक सरकार चला चुके हैं लेकिन दिल्ली कचरे का ढेर बनती जा रही है, केजरीवाल पर आरोप है कि में दिल्ली के सफाई कर्मियों को सैलरी के लिए फंड ही नहीं देते, अब वे बेचारे भी इतने मजबूर हो जाते हैं कि सैलरी के लिए बार बार हड़ताल पर जाना पड़ता है, अब सवाल यह उठता है कि जब केजरीवाल सरकार सफाई कर्मियों को सैलरी ही नहीं देगी तो वे सफाई कैसे करेंगे और दिल्ली वर्ल्ड क्लास शहर कैसे बनेगी। 

वेतन नहीं मिलने के मुद्दे पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों का एक हिस्सा मंगलवार को हड़ताल पर चला गया। कर्मचारी संघ के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। विरोध में तेजी दिल्ली सरकार द्वारा बार-बार अपील किए जाने के बावजूद आई है। सरकार की अपील के बावजूद पूर्वी दिल्ली नगर निगम के हड़ताली कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी गत शुक्रवार से हड़ताल पर हैं।

दिल्ली नगर निगम कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा के महासचिव राजेंद्र मेवाती ने आईएएनएस से कहा कि विरोध प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों में सफाई कर्मचारी, इंजीनियर, शिक्षक और माली भी शामिल हैं। 

उन्होंने कहा कि गत दो से चार महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है।

इस बीच दिल्ली सरकार ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के लिए जारी की गई राशि का विस्तृत ब्योरा दिया है, जिसके अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में आज तक वह 1,103.91 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी कर चुकी है।

यह आंकड़ा पहले जारी की गई राशि से अधिक है। दिल्ली सरकार ने साल 2012-13 में 767 करोड़ रुपये, साल 2013-14 में 802 करोड़ रुपये और साल 2014-15 में 848 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। 

इसमें कहा गया है कि साल 2015-16 में जब आम आदमी पार्टी सत्ता में थी, तब दिल्ली सरकार ने करीब 1207 करोड़ रुपये जारी किए थे। 

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को पूर्वी दिल्ली नगर निगम के लिए भी आंकड़े जारी किए थे। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष में उक्त तिथि (रविवार) तक दिल्ली सरकार ने 609 करोड़ रुपये और साल 2015-16 में 702 करोड़ रुपये निगम को दिए थे।

सिसोदिया ने कहा कि ठीक इसके विपरीत जब आम आदमी पार्टी का दिल्ली में शासन नहीं था तब आवंटित राशि बहुत कम थी। साल 2014-15 में 441 करोड़, साल 2013-14 में 416 करोड़ और साल 2012-13 में 399 करोड़ रुपये दिए गए थे।

सिसोदिया ने हड़ताली निगम कर्मियों से काम पर लौट आने का अनुरोध किया, क्योंकि सरकार ने उनके वेतन के लिए राशि जारी कर दी है।

सिसोदिया के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार को कुछ कर्मचारी काम पर लौट भी आए, लेकिन कर्मचारियों के एक वर्ग ने हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वेतन उनके बैंक खातों में भेजे जाने के बाद ही वे हड़ताल समाप्त करेंगे।

मेवाती ने कहा, "कल (सोमवार को) अफवाहें फैलाकर भ्रम उत्पन्न किया गया कि हड़ताल समाप्त हो गई है। इससे सफाई कर्मी नाराज हैं और विरोधस्वरूप गलियों में कचरा फैला रहे हैं।"

Tuesday, January 10, 2017

केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री नहीं होंगे: मनीष सिसोदिया

केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री नहीं होंगे: मनीष सिसोदिया

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नई दिल्ली, 10 जनवरी: आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब चुनाव में पार्टी का चेहरा हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चुनाव जीतने पर वही मुख्यमंत्री बनेंगे। आप नेता अतिशी मर्लेना ने एक टेलीविजन चैनल से कहा कि अरविंद केजरीवाल को पंजाब चुनाव का चेहरा बनाने की दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।

मर्लेना ने कहा, "उन्होंने (सिसोदिया) कहा कि केजरीवाल को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार समझकर वोट दीजिए। उन्होंने यह नहीं कहा कि केजरीवाल मुख्यमंत्री होंगे। वह आप का चेहरा हैं, जिसे पंजाब के लोग देख रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "केजरीवाल आप का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह विश्वसनीयता का प्रतिनिधित्व करते हैं, क्योंकि उन्होंने दिल्लीवासियों से किए कई वादे पूरे किए हैं। वह उसी विश्वसनीयता को पंजाब ला रहे हैं और पंजाब के लोगों से किए सारे वादे पूरे किए जाएंगे।"

मर्लेना ने कहा, "इसका मतलब यह नहीं है कि वह पंजाब में मुख्यमंत्री होंगे।"

उन्होंने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे और वह राष्ट्रीय राजधानी के लोगों के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आप का यह बयान सिसोदिया द्वारा मोहाली में एक रैली के दौरान की गई उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'आप अपना वोट यह मानकर दीजिए कि आप केजरीवाल को मुख्यमंत्री बना रहे हैं।'

सिसोदिया ने कहा कि आप द्वारा पंजाब से किए गए सभी वादे पूरे करने के लिए केजरीवाल जिम्मेदार होंगे।

सिसोदिया की टिप्पणी की कांग्रेस तथा अकाली दल ने निंदा करते हुए कहा कि केजरीवाल दिल्ली से भागकर पंजाब का मुख्यमंत्री बनने की योजना बना रहे हैं। आप ने पंजाब में 117 उम्मीदवारों की घोषणा की है। राज्य में चार फरवरी को मतदान होंगे।

Monday, January 9, 2017

केजरीवाल के घर के बाहर हिरासत में लिए गए मनोज तिवारी

केजरीवाल के घर के बाहर हिरासत में लिए गए मनोज तिवारी

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नई दिल्ली, 9 जनवरी: दिल्ली भाजपा प्रमुख मनोज तिवारी को सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन करने पर हिरासत में ले लिया गया। वह भाई भतीजावाद के कथित आरोपों पर स्पष्टीकरण मांग रहे थे। 

तिवारी आम आदमी पार्टी के नेताओं के रिश्तेदारों को विभिन्न कार्यालयों में नियुक्त किए जाने को लेकर दिल्ली के गृह और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की बर्खास्तगी की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे।

तिवारी को मौरिस नगर में ऑपरेशन सेल पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

उन्होंने इस दौरान संवाददाताओं से कहा, "यह केजरीवाल का राज है, जो चोर हैं वे सत्ता में हैं और जो उस पर उंगली उठाते हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है।"

संसद सदस्य रमेश बिधूड़ी, प्रवेश वर्मा, मीनाक्षी लेखी, उदित राज और विजेंद्र गुप्ता समेत अन्य भाजपा नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

जैन पर आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक की सलाहकार के रूप में अपनी बेटी की नियुक्ति के लिए भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया गया है।

जैन के अनुसार उनकी बेटी मानद पद पर थी और उन्होंने कोई वेतन नहीं लिया। उन्होंने पिछले साल जुलाई में इस्तीफा दे दिया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली सचिवालय में निकुंज अग्रवाल के कार्यालय पर छापा मारा था।

Saturday, January 7, 2017

पढ़ें: मेट्रो में क्यों है छोटा चाक़ू ले जाने की अनुमति

पढ़ें: मेट्रो में क्यों है छोटा चाक़ू ले जाने की अनुमति

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नई दिल्ली, 6 जनवरी: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि मेट्रो कोच में छोटे चाकू ले जाने पर लगी पाबंदी काफी पहले हटा ली गई थी और इसका बेंगलुरु में हुई छेड़छाड़ की घटना से कोई लेना-देना नहीं है। मीडिया के एक हिस्से में शुक्रवार को आई खबरों में दावा किया गया था कि डीएमआरसी ने चाकू ले जाने पर लगी रोक को इसलिए हटाया है ताकि महिलाएं आत्मरक्षा कर सकें।

इन खबरों के बाद डीएमआरसी ने शाम को स्पष्टीकरण जारी किया कि मेट्रो कोच में चाकू ले जाने पर पाबंदी दो महीने पहले ही हटा ली गई थी और यह महिलाओं की आत्मरक्षा से संबंधित फैसला नहीं था।

मेट्रो ने कहा कि महिलाएं फल काटने के लिए अपने टिफिन-बॉक्स में छोटे चाकू रखती हैं, जो स्कैनिंग मशीन में दिख जाते हैं। इसके बाद स्टेशन पर उनकी जांच करनी पड़ती है। इन छोटे चाकू को ले जाने की मंजूरी देने का फैसला समय बचाने के लिए था, ताकि उनकी जांच में लगने वाला समय बच सके।

केंद्रीय ओद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के प्रवक्ता मंजीत ने आईएएनएस से कहा, "अगर टिफिन बॉक्स में चाकू दिख जाता है, तो उसकी जांच करने में प्राय: एक से डेढ़ मिनट का समय लग जाता है। मेट्रो से रोजाना 8-9 लाख महिलाएं यात्रा करती हैं। सोचिए कि सारे टिफिन बॉक्स की जांच करने में कितना समय लगेगा। इसलिए हमने केवल इस तरह के (छोटे) चाकू ले जाने पर लगी रोक को हटाने का फैसला किया।"

उन्होंने कहा, "इस फैसले का आत्मरक्षा से या बेंगलुरु में छेड़छाड़ की घटना से कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह की व्याख्या गलत है।"

Friday, January 6, 2017

दिल्ली गयी तेल लेने, AAP विधायक जरनैल सिंह इस्तीफ़ा देकर गए पंजाब, बादल के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

दिल्ली गयी तेल लेने, AAP विधायक जरनैल सिंह इस्तीफ़ा देकर गए पंजाब, बादल के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

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नई दिल्ली, 6 जनवरी: दिल्ली वालों ने केजरीवाल और उनके विधायकों को वोट देने से पहले सोचा होगा कि ये लोग दिल्ली में रूककर काम करेंगे और पांच साल तन मन से सेवा करेंगे लेकिन आज राजौरी गार्डन से आप विधायक जरनैल सिंह ने इस्तीफ़ा दे दिया और अपने इलाके को विधायक रहित कर दिया। 

आम आदमी पार्टी (आप) से दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए दिल्ली विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। पूर्व पत्रकार सिंह ने आईएएनएस से कहा, "मैंने अपना इस्तीफा गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को भेज दिया।"

आप ने पंजाब के लांबी विधासभा क्षेत्र से जरनैल सिंह को मैदान में उतारा है, जहां से पंजाब के मुख्यमंत्री बादल पांच बार से विधायक हैं। पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान चार फरवरी को होगा।

जरनैल सिंह पिछले कई महीने से राज्य में आप के लिए सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार करते रहे हैं। वह फरवरी 2015 में राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते थे।
दिल्ली हवाईअड्डे पर स्पाइजेट के विमान की आपात लैंडिंग

दिल्ली हवाईअड्डे पर स्पाइजेट के विमान की आपात लैंडिंग

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नई दिल्ली, 6 जनवरी: बेंगलुरू से दिल्ली आने वाली स्पाइसजेट के विमान की शुक्रवार को आपातकाल लैंडिंग कराई गई। विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद उसे दिल्ली हवाईअड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।

स्पाइसजेट ने जारी बयान में कहा कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।

एयरलाइन के मुताबिक, "स्पाइसजेट की बेंगलुरू से दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एसजी 136 में आंशिक गड़बड़ी आ गई। चालक दल ने इसका पता लगते ही आपात प्रक्रिया शुरू कर दी और विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को लूप पर रखा गया। यह बहुत ही अप्रत्याशित लैंडिंग थी। विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।"

हवाईअड्डा अधिकारी के मुताबिक, विमान ने सुबह 8.45 बजे रनवे 10 पर सुरक्षित लैंडिग की। इस विमान में चालक दल सहित 176 यात्री सवार थे।
दिल्ली में युवती से छेड़छाड़ को रोकने वाले पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों पर FIR दर्ज

दिल्ली में युवती से छेड़छाड़ को रोकने वाले पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों पर FIR दर्ज

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नई दिल्ली, 5 जनवरी: नववर्ष की पूर्व संध्या पर नशे में धुत लोगों के समूह द्वारा एक महिला के साथ सामूहिक छेड़छाड़ के बाद पहुंची पुलिस पर हमला करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हमले में चार महिला सिपाहियों सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। हालांकि मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

पुलिस ने बताया कि 31 दिसंबर की देर रात मुखर्जी नगर में बत्रा सिनेमा के पास नववर्ष के जश्न के दौरान विद्यार्थियों के एक समूह ने एक महिला को चारों ओर से घेरकर छेड़छाड़ की।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विजयंत आर्य ने आईएएनएस को बताया, "मौज-मस्ती कर रहे नशे में धुत लोगों के समूह ने दो पुरुषों के साथ एक मोटरसाइकिल के पीछे बैठी महिला के साथ छेड़छाड़ की। उपद्रवियों ने पीड़िता को एक बाजार के पास दबोचने की कोशिश की। वहीं तैनात चार पुलिसकर्मियों ने जब पीड़िता के साथ छेड़छाड़ होते देखा तो उन्होंने उनमें से एक युवक को पकड़ लिया। बाद में युवक के कुछ साथियों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की।"

भीड़ युवक को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा ले गई और वहीं खड़े पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पास में ही स्थित पुलिस चौकी पर भी भीड़ ने तोड़-फोड़ की, जहां कुछ महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं।

आर्य ने बताया कि हमले में चार महिला सिपाही घायल हुई हैं।
CBI ने कहा, जांच को प्रभावित करने के लिए झूठ बोले रहे हैं केजरीवाल के पूर्व CS राजेंद्र कुमार

CBI ने कहा, जांच को प्रभावित करने के लिए झूठ बोले रहे हैं केजरीवाल के पूर्व CS राजेंद्र कुमार

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नई दिल्ली, 5 जनवरी: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोप को जांच एजेंसी ने 'पूरी तरह निराधार' करार दिया है। सीबीआई ने यह भी कहा कि यह उस मामले को प्रभावित करने का प्रयास है, जो विचाराधीन है।

राजेंद्र कुमार ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगी है और आरोप लगाया कि सीबीआई के अधिकारियों ने मुझ पर मुख्यमंत्री को 'झूठे' मुकदमे में फंसाने के लिए दबाव बनाया। कुमार की इस टिप्पणी के बाद जांच एजेंसी का बयान सामने आया है। 

सीबीआई के बयान के मुताबिक, "कुमार का यह आरोप कि एक राजनीतिक अधिकारी को इस मामले में फंसाने के लिए सीबीआई के अधिकारियों ने उन पर दबाव बनाया, यह पूरी तरह निराधार है और एजेंसी इस आरोप से इनकार करता है।"

बयान में कहा गया, "कुछ आरोपी, जिन्हें जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया था, उनके पास न्यायालय में पेशी के दौरान सीबीआई पर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाने का अवसर था।"

एजेंसी ने कहा, "लेकिन एक शख्स को छोड़कर किसी भी व्यक्ति ने माकूल समय पर इस तरह का आरोप नहीं लगाया। उस शख्स ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका भी दायर की, लेकिन न्यायालय ने इस बात पर गौर किया कि वह तंत्र को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं तथा जांच एजेंसी से भाग रहे हैं। इसके बाद उन्हें अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी।"

सीबीआई ने बयान में कहा, "इस वक्त इस तरह का निराधार आरोप केवल मामले को प्रभावित करने का प्रयास है, जो विचाराधीन है।"

Thursday, January 5, 2017

केजरीवाल के पूर्व सचिव राजेंदर कुमार ने CBI पर लगाया केजरीवाल को फंसाने का आरोप, इस्तीफे देंगे

केजरीवाल के पूर्व सचिव राजेंदर कुमार ने CBI पर लगाया केजरीवाल को फंसाने का आरोप, इस्तीफे देंगे

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नई दिल्ली, 5 जनवरी: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने की इच्छा जताई है। राजेंद्र कुमार ने कहा कि सीबीआई अधिकारी उन पर मुख्यमंत्री केजरीवाल को फंसाने के लिए दबाव बना रहे थे।

सीबीआई ने कुमार के इन आरोपों को 'पूरी तरह से आधारहीन' बताया है।

केजरीवाल ने कुमार के बयान के बाद ट्वीट कर कहा, "सीबीआई ने मेरे कार्यालय में छापेमारी की, अधिकारी पर मुझे फंसाने के लिए दबाव बनाया। आप हमसे इतना डरे हुए क्यों हैं मोदी जी?"

कुमार ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, "मैंने सरकार को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) की अर्जी दी है। यह बहुत ही मुश्किल फैसला था और मैंने बहुत ही भारी मन से यह फैसला लिया है क्योंकि सरकार के जरिए मुझे लोगों के लिए काम करने का मौका मिला था।"

उन्होंने कहा, "समाज कल्याण के लिए काम करने के अन्य तरीके भी हैं और मैं उन्हें खोजूंगा। सरकार ने मुझे बहुत कुछ दिया है।"

उन्होंने कहा, "एक गरीब परिवार से होने के बावजूद सरकार ने मुझे बहुत ही प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ने का अवसर दिया और फिर मुझे 27 वर्षो तक काम करने का अवसर दिया। इसके लिए मैं आभारी हूं।"

राजेंद्र कुमार को चार जुलाई 2016 को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने दिसम्बर 2016 में कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।

कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1989 बैच के अधिकारी हैं। उन पर दिल्ली सरकार के 9.5 करोड़ रुपये के ठेकों को एक निजी कंपनी एंडेवर सिस्टम्स प्रा. लि. को देने के लिए पद का दुरुपयोग करने का आरोप है।

उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है।

कुमार ने कहा, "मैं अपनी आखिरी सांस तक समाज की सेवा करता रहूंगा और इस कार्य में कोई भी बाधा मेरा ध्यान नहीं भटका सकती।"

यह पूछने पर कि क्या सीबीआई उन पर मामले में केजरीवाल को फंसाने का दबाव बना रही थी, कुमार ने कहा,"मैंने जो भी कहा वही सच्चाई है और मैं इस पर अडिग हूं।"

उन्होंने कहा, "मैंने सरकार को वीआरएस के लिए दी गई अर्जी में पहले ही लिख दिया है कि मुझ पर मामले में कुछ लोगों का नाम लेकर उन्हें बदनाम करने का दबाव बनाया जा रहा था और इन नामों में से एक मुख्यमंत्री केजरीवाल का भी है।"

सीबीआई ने जारी बयान में कहा है, "आरोपपत्र दायर करने के बाद आरोप लगाए गए हैं कि उन्हें सीबीआई अधिकारियों ने धमकाया और राजनीतिक तंत्र (केजरीवाल) को फंसाने के लिए दबाव डाला। ये आरोप निराधार हैं।"

कुमार के खिलाफ ये आरोप दिल्ली सरकार के पूर्व अधिकारी आशीष जोशी ने लगाए थे।

जोशी ने आरोप लगाया था कि कुमार ने सरकारी ठेके को निजी कंपनियों को देने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया था।

कुमार को चार जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 26 जुलाई को जमानत मिल गई थी। 
केजरीवाल की शातिर चाल, दिल्ली की बसों का किराया 5 रूपया करके चुनावों में लेना चाहते हैं लाभ

केजरीवाल की शातिर चाल, दिल्ली की बसों का किराया 5 रूपया करके चुनावों में लेना चाहते हैं लाभ

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नई दिल्ली, 4 जनवरी: केजरीवाल बहुत शातिर खिलाडी हैं और जनता को घूस देकर वोट खरीदने के कई तरीके जानते हैं, अब उन्होने पंजाब और गोवा के वोटरों को लुभाने के लिए एक नया तरीका खोजा है, प्रदुषण कम करने के नाम पर दिल्ली सरकार DTC बसों का किराया कम करने जा रही है और वो भी केवल एक महीने के लिए, मतलब केजरीवाल दिल्ली वालों को एक महीने 5 रुपये में सफ़र करवाएंगे और गोवा और पंजाब के चुनावों को ढोल पीट पीट कर उसका क्रेडिट लेंगे। 

इसका मतलब यह भी निकाल सकते हैं कि केजरीवाल गोवा और पंजाब के वोटरों को लुभाने के लिए दिल्ली वालों को घूस देंगे ताकि उनके इस काम को अख़बारों में जगह मिले, जब अख़बारों में जगह मिलेगी तो गोवा और पंजाब के लोग भी देखेंगे, केजरीवाल वहां चुनाव प्रचार के दौरान इसका क्रेडिट लेंगे और उनसे कहेंगे कि जिस तरह से हमने दिल्ली में बसों का किराया कम कर दिया उसी तरह से यहाँ भी कर देंगे। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर कोई सरकार खुद घाटे में रहकर जनता को किसी भी सर्विस में रिरायत दे रही है तो वह भी एक तरह का घूस होता है और बाद में वह बोझ जनता के सिर पर ही फूटता है, मान लो केजरीवाल दिल्ली वालों को एक महीने फ्री सफ़र करवाते हैं तो दिल्ली सरकार को 10 अरब रुपये का नुकसान होगा, यह नुकसान जनता पर ही टैक्स लगाकर वसूला जाएगा। 

फिलहाल दिल्ली सरकार ने प्रस्तावित सिटी बस किराए में विशेष कमी करने की फाइल मंजूरी के लिए उप राज्यपाल अनिल बैजल के पास भेजी है। परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को यह जानकारी दी। जैन ने यहां मीडिया से कहा, "फाइल मंजूरी के लिए उप राज्यपाल के पास भेज दी गई है। हमें उम्मीद है कि वह एक या दो दिन में इसे मंजूरी दे देंगे।"

जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) और कलस्टर बसों के किराये में कमी करने का फैसला लिया है। यह फैसला जनवरी में प्रदूषण से मुकाबले और लोगों को ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के प्रोत्साहित करने के लिए लिया गया है।

दिल्ली सरकार की 4,500 बसें चलती हैं।

जैन ने कहा कि घटे किराए एक जनवरी से लागू होने वाले थे, लेकिन तत्कालीन उप राज्यपाल नजीब जंग के इस्तीफे की वजह से ऐसा नहीं किया जा सके।

जैन ने कहा, "नजीब जंग के इस्तीफे के कारण अंतिम रूप से उप राज्यपाल की मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में देरी हुई।"

प्रस्ताव के अनुसार, यात्रियों को वातानुकूलित बसों में किराए के तौर पर सिर्फ 10 रुपये और गैर-वातानुकूलित बसों में 5 रुपये किराया देना होगा।

वर्तमान में किराए गैर-वातानुकूलित बसों में 5, 10 और 15 रुपये और वातानुकूलित बसों में 15, 20 और 25 रुपये में हैं।

Tuesday, January 3, 2017

मोदी को PayTM के साथ समझौते का खुलासा करना चाहिए: AAP

मोदी को PayTM के साथ समझौते का खुलासा करना चाहिए: AAP

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नई दिल्ली, 3 जनवरी: आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मोबाइल आधारित भुगतान सेवा कंपनी 'पेटीएम के साथ हुए अपने समझौते' का खुलासा करने के लिए कहा। साथ ही आप ने कहा कि अभी तक सरकार ने खुद के किसी मोबाइल वॉलेट को क्यों नहीं बढ़ावा दिया है। आप ने यह भी सवाल किया कि 'पेटीएम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रैलियों को प्रायोजित' क्यों कर रही है।

आप के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मोदी पहले पेटीएम के एक विज्ञापन में नजर आए और हाल में पश्चिमी दिल्ली के इंद्रपुरी इलाके में भाजपा की राजनीतिक रैली को पेटीएम ने प्रायोजित किया।

भारद्वाज ने संवाददाताओं से कहा, "लोग जानना चाहते हैं कि चीनी निवेश वाली कंपनी पेटीएम के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने किस तरह का समझौैता किया है। पेटीएम प्रायोजित रैली में न केवल भाजपा नेता मौजूद थे, बल्कि उन्होंने कंपनी का प्रमोशन भी किया।"

आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता रिचा पांडेय ने कहा, "भाजपा की राजनीतिक रैलियों को पेटीएम क्यों प्रायोजित कर रही है? क्या पेटीएम जैसी कंपनियां मोदी के माध्यम से भाजपा का संचालन कर रही हैं?"

पांडेय ने कहा, "अब तक किसी सरकारी मोबाइल वॉलेट को क्यों नही प्रमोट किया गया।"

Monday, January 2, 2017

दिल्ली से प्रेमी संग भागी किशोरी झांसी में पकड़ी गई

दिल्ली से प्रेमी संग भागी किशोरी झांसी में पकड़ी गई

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झांसी (उप्र), 2 जनवरी: दिल्ली से प्रेमी संग भागकर आई नाबालिग लड़की को झांसी आरपीएफ ने गश्त के दौरान एक ट्रेन से स्टेशन पर उतार लिया और पूछताछ कर उसके परिजनों से संपर्क किया।

झांसी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था में आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव उपाध्याय के नेतृत्व में आरपीएफ के जवान चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली से भोपाल जाने वाली ट्रेन 12156 भोपाल एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर पहुंची। इसमें आरपीएफ के जवानों ने जब चेकिंग की तो स्लीपर कोच में एक नबालिग लड़की और युवक नजर आए, जो पुलिस को देख घबरा गए। 

शक होने पर आरपीएफ ने उन्हें अपनी सुपुर्दगी में लेकर प्लेटफार्म पर उतार लिया। इसके बाद उनसे पूछताछ की। 

पूछताछ में लड़की ने बताया कि वह मूल रूप से जनपद जालौन की रहने वाली है। इस समय उसका परिवार दिल्ली में रहता है। उसके पिता मजदूरी करते हैं, मां का काफी समय पहले देहांत हो गया था। 

लड़की के अनुसार, दिल्ली में उसका प्रेमी भी रहता है जो सागर (मध्यप्रदेश) का रहने वाला है। जब वह स्कूल जाती थी, उसी दौरान उसकी दोस्ती इस युवक से हो गई। युवक अनपढ़ है, जबकि लड़की 9वीं पास है। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में तब्दील हो गया। उन्होंने शादी करने का निर्णय लिया। 

लड़की शादी के लिए दिल्ली से भागकर प्रेमी के साथ सागर जा रही थी। आरपीएफ ने पूछताछ कर दोनों के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों के आने पर दोनों को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा।

Sunday, January 1, 2017

हजारों करोड़ का पकड़ा गया कालाधन लेकिन केजरीवाल बोले ‘नोटबंदी से 1 भी रुपये का कालाधन नहीं निकला’

हजारों करोड़ का पकड़ा गया कालाधन लेकिन केजरीवाल बोले ‘नोटबंदी से 1 भी रुपये का कालाधन नहीं निकला’

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नई दिल्ली, 31 दिसम्बर: आपने देखा होगा कि नोटबंदी के बाद हजारों करोड़ रुपये का कालाधन बरामद हुआ, सैकड़ों लोग जेल जा चुके हैं और हजारों लाखों लोगों की जांच चल रही है, कई कई लोगों के पास तो 100 करोड़ रुपये से भी अधिक का कालाधन बरामद हुआ लेकिन केजरीवाल को तो सफ़ेद झूठ बोलने और जनता को भ्रमित करने की बीमारी है इसलिए उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद एक भी रुपये का कालाधन बरामद नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शनिवार को दिए गए राष्ट्र के नाम संबोधन पर निशाना साधते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी अपनी सारी विश्वसनीयता खो चुके हैं। मोदी के भाषण के बाद केजरीवाल ने ट्वीट किया, "मोदीजी ने पूरे देश के साथ धोखा किया है। कालेधन का एक रुपया बाहर नहीं निकला। भ्रष्टाचार के स्तर में भी कोई गिरावट नहीं आई। मोदीजी अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं।"

केजरीवाल ने कहा, "मोदीजी की बातें कितनी खोखली लग रही थीं। अब लोगों ने उनकी बातों पर विश्वास करना बंद कर दिया है। वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपहास का विषय बन चुके हैं।"

केजरीवाल ने अगले ट्वीट में लिखा कि पूरे देश ने धैर्यपूर्वक मोदी के उबाऊ भाषण को इस उम्मीद से सुना कि वह घोषणा करेंगे कि हम बैंकों से अपना पैसा बिना किसी प्रतिबंध की सीमा के कब तक निकाल सकेंगे।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, "लेकिन हम सभी को सिर्फ निराशा हाथ लगी। मोदीजी भाजपा मुक्त भारत के लिए काम कर रहे हैं, न कि कांग्रेस मुक्त भारत बनाने के लिए। देशवासी भाजपा से इतनी नफरत करने लगे हैं कि अगले 20 वर्षो तक उन्हें कोई वोट नहीं देगा।"

Saturday, December 31, 2016

अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली के नए उप-राज्यपाल अनिल बैजल को कहा 'हम आपका स्वागत करते हैं सर'

अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली के नए उप-राज्यपाल अनिल बैजल को कहा 'हम आपका स्वागत करते हैं सर'

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नई दिल्ली, 31 दिसम्बर: पूर्व केंद्रीय गृह सचिव अनिल बैजल ने शनिवार को दिल्ली के उपराज्यपाल पद की शपथ ली। दिल्ली उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी.रोहिणी ने उपराज्यपाल कार्यालय में बैजल को शपथ दिलाई।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों, केंद्र एवं दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में मौजूद रहे।

इसके तुरंत बाद केजरीवाल ने ट्वीट कर बैजल की नियुक्ति का स्वागत किया।

केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, "हम आपका स्वागत करते हैं सर। हम दिल्ली के विकास के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के प्रति आशवान हैं।"

नजीब जंग ने 22 दिसंबर को दिल्ली के उपराज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था।

बैजल ने पद्भार संभालने के बाद अपने पहले संदेश में लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

एक बयान के मुताबिक, "नववर्ष की पूर्व संध्या पर उपराज्यपाल अनिल बैजल दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और देश के नागरिकों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हैं।"

बैजल 1969 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। अपने 37 वर्षो के लंबे करियर में वह केंद्रीय गृह सचिव, इंडियन एयरलाइंस के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव तथा सचिव सहित कई उच्च पदों पर रहे।
प्रधानमंत्री मोदी को शुक्रिया कहते हुए अनिल बैजल ने सम्भाला दिल्ली के उप-राज्यपाल का पद

प्रधानमंत्री मोदी को शुक्रिया कहते हुए अनिल बैजल ने सम्भाला दिल्ली के उप-राज्यपाल का पद

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नई दिल्ली, 31 दिसम्बर: पूर्व केंद्रीय गृह सचिव अनिल बैजल ने शनिवार को दिल्ली के उपराज्यपाल पद की शपथ ली। दिल्ली उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी.रोहिणी ने उपराज्यपाल कार्यालय में बैजल को शपथ दिलाई।

बैजल 1969 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं। उन्होंने नजीब जंग की जगह पद्भार संभाला है। जंग ने पिछले दिनों अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

बैजल ने पदभार ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्टपति प्रणव मुख़र्जी को बधाई देते हुए कहा कि मै दोनों नेताओं को तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूँ जो उन्होंने मुझे इस पद के लिए चुना, उन्होंने कहा कि वे दिल्ली की बेहतरी के लिए काम करेंगे और महिलाओं की सुरक्षा के साथ साथ लॉ एंड आर्डर पर विशेष ध्यान देंगे, हालाँकि उन्होंने दिल्ली सरकार के बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे सबको साथ लेकर चलने की कोशिश करेंगे। 

बैजल अपने 37 वर्षो के लंबे करियर में केंद्रीय गृह सचिव, भारतीय एयरलाइंस के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव तथा सचिव सहित कई उच्च पदों पर रहे।