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24 June, 2017

21 AAP विधायकों की सदस्यता समाप्त होने पर ये बहाना बनाएंगे केजरीवाल, जनता से ये बोलेंगे

21 AAP विधायकों की सदस्यता समाप्त होने पर ये बहाना बनाएंगे केजरीवाल, जनता से ये बोलेंगे

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New Delhi, 24 June: आज केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लिए बहुत बुरी खबर आयी, उन 21 AAP विधायकों के लिए और भी बुरी खबर आयी जिन्हें केजरीवाल ने गैरकानूनी तरीके से दिल्ली सरकार में संसदीय सचिव बनाकर उन्हें लाभ का पद दे दिया था लेकिन अब केजरीवाल की यही नासमझी 21 आप विधायकों की सदस्यता समाप्त करने वाली है, अब ये 21 विधायक ना घर के रहेंगे और ना घाट के, क्योंकि चुनाव आयोग इन्हें एक और सिर्फ एक ही सजा देगा और वो है इनकी सदस्यता समाप्त करना और इसके गुनाहगार होंगे सिर्फ अरविन्द केजरीवाल.

इन्हें ही बचाने के लिए केजरीवाल ने उठाया EVM का मुद्दा

अगर आपको लगता होगा कि केजरीवाल और उनकी गैंग ने चुनावों में गड़बड़ी के लिए EVM का मुद्दा उठाया था तो आप गलत हैं क्योंकि केजरीवाल गैंग ने सिर्फ चुनाव आयोग पर दबाव बनाने के लिए EVM में छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया था और इसे इतना बढ़ा चढ़ाकर उठाया गया कि इसके लिए नकली EVM का जुगाड़ करके छेड़छाड़ का डेमो तक दिखाया गया लेकिन जब चुनाव आयोग ने आपियों को असली EVM में छेड़छाड़ करने की चुनौती दी तो केजरीवाल और उनकी गैंग के सूरमा विदेश भाग खड़े हुए.

बात दरअसल यह थी कि एक तरफ केजरीवाल की गैंग EVM में छेड़छाड़ का मुद्दा उठाकर चुनाव आयोग को बदनाम कर रही थी तो दूसरी तरफ आप के 21 विधायकों ने EVM के समक्ष उनके मामले को रद्द करने की याचिका डाली थी, केजरीवाल गैंग ने सोचा था कि हम EVM का मुद्दा उठाएंगे तो चुनाव आयोग बदनामी से डरकर हमारे विधायकों को माफ़ कर देगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं, आप के 21 विधायकों की क्षमा रचिका रद्द कर दी गयी, अब 21 विधायकों की सदस्यता के ख़त्म होने के 99 फ़ीसदी चांसेस हैं. इसके बाद ये हाई कोर्ट में जाएंगे और हो सकता है सुप्रीम कोर्ट में भी जाएं लेकिन इन्हें हर जगह से ठोकर खानी पड़ेगी क्योंकि इन लोगों ने संविधान का उल्लंघन किया है.

केजरीवाल जनता को देंगे ये सन्देश

अब केजरीवाल पूरी तरह से फंस चुके हैं तो चुनाव आयोग से लड़ने का माहौल बना रहे हैं, EVM टेम्परिंग का मुद्दा इसीलिए उठाया कहा था, केजरीवाल जान बूझकर चुनाव आयोग से लड़ रहे हैं ताकि जनता को सन्देश दिया जा सके कि हम चुनाव आयोग से लड़ रहे हैं इसीलिए हमारे 21 विधायकों की सदस्यता समाप्त करके हमारे साथ दुश्मनी निकाली गयी है.
केजरी-गैंग में मची दहशत ‘केजरीवाल के 21 चोर’ करने लगा ट्रेंड

केजरी-गैंग में मची दहशत ‘केजरीवाल के 21 चोर’ करने लगा ट्रेंड

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New Delhi, 24 June: चुनाव आयोग के फैसले और कपिल मिश्रा के एक ट्वीट ने केजरी-गैंग में दहशत मचा दी है, यह भी इशारा दे दिया है कि केजरीवाल के 21 विधायकों की सदस्यता ख़त्म हो सकती है. देखते ही देखते ट्विटर पर 'केजरीवाल के 21 चोर' ट्रेंड कर रहा है, आप के खेमे में हलचल मच गयी है, आनन फानन में केजरीवाल को ट्वीट करना पड़ा और एक सन्देश शेयर करना पड़ा ताकि आप के 21 विधायक पार्टी से बगावत ना कर दें.

बात दरअसल ये है कि 21 संसदीय सचिव नियुक्ति मामले में केजरीवाल के विधायकों ने चुनाव आयोग से केस रद्द करने की अपील की थी लेकिन आज चुनाव आयोग ने कहा कि यह मामला रद्द नहीं होगा और हम इसकी सुनवाई करेंगे. मतलब साफ़ था कि चुनाव आयोग अब मामले की जांच करेगा और 21 विधायकों की सदस्यता समाप्त होगी क्योंकि इसके अलावा कोई विकल्प ही नहीं है. 

चुनाव आयोग के फैसले के बाद कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया - इन 21 विधायकों ने नहीं माँगा था कोई पद. केवल अरविन्द केजरीवाल की मूर्खता की वजह से इनकी सदस्यता खतरे में पड़ी है. एक महीनें में इनकी सदस्यता ख़त्म हो जाएगी.
कपिल मिश्रा के इस ट्वीट के बाद आप पार्टी में दहशत मच गयी, देखते ही देखते केजरीवाल के 21 चोट ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा. आप खुद देखिये -
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अब आप समझ सकते हैं कि केजरीवाल गैंग का क्या हाल हो रहा होगा, उन 21 विधायकों का क्या हाल हो रहा होगा जिसकी सदस्यता समाप्त होने वाली है, वे तो अब ना घर के रहेंगे और ना घाट के रहेंगे, अपने 21 विधायकों का डर समाप्त करने के लिए केजरीवाल ने कहा कि अभी उनकी सदस्यता को खतरा नहीं है लेकिन अभी नहीं है तो कभी तो होगा. अब केजरीवाल अपने साथियन को यह सन्देश शेयर करने की अपील कर रहे हैं. पढ़ें
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कुमार विश्वास से बोले कपिल मिश्रा, आप राजस्थान के प्रभारी बन गए तो भ्रष्टाचार पर चुप हो गए

कुमार विश्वास से बोले कपिल मिश्रा, आप राजस्थान के प्रभारी बन गए तो भ्रष्टाचार पर चुप हो गए

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New Delhi, 24 June: आम आदमी के बागी विधायक और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल शर्मा ने आज कुमार विश्वास पर भी खतरनाक शब्दवाण छोड़कर उन्हें क्लीनबोल्ड कर दिया है, कपिल मिश्रा ने कुमार विश्वास के नाम पर खुला ख़त लिखकर उनकी आत्मा को झकझोरने का प्रयास किया है, कपिल मिश्रा ने कहा कि हमने तो आपका साथ देने के लिए बगावत शुरू की थी, हमनें सोचा था कि केजरीवाल आप पर एक्शन लेंगे आपको भ्रष्टाचार पर बोलने की सजा देंगे इसलिए आपका साथ देना चाहिए लेकिन आपने बंद कमरे में केजरीवाल से सेटिंग कर ली, आपको राजस्थान का प्रभारी बना दिया गया और आपने भ्रष्टाचार पर चुप्पी साध ली. ऐसे कैसे चलेगा.

पढ़ें कपिल मिश्रा का कुमार विश्वास को खुला ख़त

आदरणीय कुमार भाई, 
आपको ये बातें पत्र के माध्यम से लिख रहा हूँ और सार्वजनिक भी करूँगा इसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ. आम आदमी पार्टी में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में इन बातों पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा आवश्यक है, यही धर्म है.

सबसे पहले एक दिल की बात कहना चाहता हूँ, जिस प्रकार से अरविन्द केजरीवाल के साथ रहने वाले, 24 घंटे CM हाउस में रहने वाले कुछ दरबारियों एवं विदूषकों के द्वारा ट्विटर पर, सड़क पर और मीडिया में, बार बार आपको अपमानित किया जा रहा है वो पीड़ादायक है, माफ़ करने योग्य नहीं है, और उसका प्रतिउत्तर किसी भी स्वाभिमानी व्यक्ति द्वारा दिया जाना अत्यंत आवश्यक है. 

ऐसा भी नहीं कि आपके द्वारा ये सब कुछ पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा हो, आपके साथियों द्वारा मीडिया पर और आपके द्वारा भी अपरोक्ष रूप से ट्विटर और बयानों के माध्यम से कुछ कुछ कहा तो जा रहा है पर सीधे कहने से बचने की एक कोशिश, बाद में समझौते की एक खिड़की खोल कर रखने की बेचैनी दिखती है.

ऐसा लगता है बस थोड़ा बहुत कुछ इशारा करके, पूरी बात को बिना कहे, दबाव बनाकर किसी और मुद्दे पर पिछली बार की तरह बंद कमरों में समझौता करने का प्रयास है. उदाहरण के लिए, जब आप 5-6 लोगों की राजमहलीय राजनीति कहते हो तब आप उनके नाम क्यों नहीं बताते, क्या कार्यकर्ताओं और जनता को उनके नाम जानने का हक नहीं है.

पिछले कुछ समय में पार्टी एवं सरकार में भ्रष्टाचार पर आपने खुलकर आवाज उठाई, जब 'We the Nation वीडियो में आपने खुलकर कहा कि अरविन्द केजरीवाल भ्रष्टाचार पर मौन हैं तो बहुत बवाल उठा था. अपने घर में कई लोगों के सामने आपने कहा कि आप सत्येन्द्र जैन के भ्रष्टाचार के खिलाफ इशारा कर रहे हैं और इसको स्वीकार नहीं करेंगे, इसके बाद कई विधायक और कार्यकर्त्ता खुलकर आपके साथ आ गए.

आपने कई टीवी चैनल पर लगातार इंटरव्यू दिए, जिन 27 विधायकों ने खुलकर आपके घर आकर आपका साथ देना का भरोसा दिया उनको लगा कि आप भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ करोगे, कार्यकर्ताओं को भी आपमें कुछ आशा की किरण नजर आयी, मैंने भी खुलकर आपका साथ दिया, खासतौर पर जब अमानतुल्ला के माध्यम से आपके खिलाफ साजिश शुरू की गयी, मुझे लगा कि भ्रष्टाचार पर बोलने की सजा शायद आपको दी जाएगी इसलिए हमें खुलकर आपका साथ देना चाहिए.

उसके बाद जो हुआ, वो हैरान कर देने वाला था. अरविन्द केजरीवाल आपके घर आते हैं, आप उठकर उनके घर जाते हैं, हम सब और मीडिया वाले भी आपके पीछे आते हैं, वहां बंद कमरे में मीटिंग होती है, आप, अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह, बस और कोई नहीं.

किसी को कुछ नहीं बताया जाता और अगले दिन आप बन जाते हैं राजस्थान के प्रभारी. भ्रष्टाचार के सारे सवाल ख़त्म हो जाते हैं, उस दिन से आप विल्कुल चुप, सवाल शुरू हुआ था केजरीवाल की भ्रष्टाचार पर चुप्पी से और ख़त्म होता है आपके राजस्थान के प्रभारी बनने पर.

ये क्या था? उस मीटिंग में ऐसा क्या हुआ था? आप भ्रष्टाचार पर चुप क्यों हो गए? Back to Basic का मतलब क्या घोटालों और भ्रष्टाचार पर चुप्पी?

उसके बाद से आप चुप हो, सत्येन्द्र के घोटालों पर जिसकी अधिकतर जानकारी आपके पास है, मैंने भी और सबूत देने की कोशिश की लेकिन आपने लिए ही नहीं.

मनीष सिसोदिया पर भ्रष्टाचार की जांच चल रही है लेकिन आप चुप हैं, केजरीवाल के परिवार के 10 करोड़ रुपये के फर्जी बिल पकडे गए पर आप चुप हैं. पार्टी के चंदे में करोड़ों रुपये के हवाला के सबूत हैं पर आप चुप हैं. सत्येन्द्र जैन ने 200 बीघा बेनामी जमीन खरीदी लेकिन आप चुप हैं, दवाई में, एम्बुलेंस में, CNG में घोटालों के मामले सामने आये लेकिन आप चुप हैं, केजरीवाल के गैंग पर भ्रष्टाचार की 15 FIR दर्ज हो गयी लेकिन आप चुप हैं.

पार्टी के अकाउंट में फर्जीवाड़े के कारण इनकम टैक्स और चुनाव आयोग का नोटिश आया पर आप चुप हैं, आखिर क्यों? ये कौन सा Back to Basic है?

आप दिल्ली की जनता और कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाये बगैर राजस्थान में कैसे जा सकते हो? क्या सिखाएंगे हम राजस्थान के साथियों को? चुनाव लड़ो, सरकार बनाओ और भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दो. अपने ही वरिष्ठ नेताओं को राज्यसभा सीट के लिए जानवरों की तरह लड़ते हुए देखो.

दिल्ली के कार्यकर्ताओं से, ऑटो टैक्सी वालों से, युवाओं से, जनता से धोखा हुआ है और आप चल दिए राजस्थान. ऐसे कैसे चलेगा, आपने भी तो दिल्ली वालों से वोट मांगे थे. आपकी कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं है.

सभी कार्यकर्त्ता एवं विधायक कई दिनों से इन्तजार कर रहे हैं कि आप भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ बोलेंगे. कल से आपके भाषण का बड़ी उम्मीदों से इन्तजार है. हम सबको आशा है कि कल आप सत्येन्द्र जैन के घोटालों पर, केजरीवाल के परिवार द्वारा फर्जीवाड़े पर, चंदे की गड़बड़ी पर जरूर बोलेंगे तभी होगा असली Back to Basic.

बिना दिल्ली को न्याय मिले, राजस्थान से धोखा नहीं होने देंगे हम. कल India Against Corruption का एक डेलिगेशन भी जयपुर आएगा. आपको सुनने, देखने कि आप भ्रष्टाचार पर बोलते हैं या चुप रह जाते हैं. प्रभात कुमार के नेतृत्व में एक डेलिगेशन 160000 पन्नों के सबूतों के साथ आपको कल 12 बजे के आसपास जयपुर में मिलेगा.

उम्मीद है कि आप कल सबूत लेने से इनकार नहीं करेंगे. आशा है आप दिल्ली की सरकार एवं पार्टी के भ्रष्टाचार पर कल खुलकर बोलेंगे.

एक बात कहना चाहता हूँ भैया, दिल्ली की जनता को न्याय दिलाए बगैर आपको राजस्थान तो क्या, देश में कहीं भी जनता को धोखा देने नहीं जाने देंगे हम. जिस प्रकार से दिल्ली को लूटा गया है उस प्रकार से राजस्थान को नहीं लूटने देंगे. कल आपसे निवेदन है कि भ्रष्टाचार पर जरूर बोलियेगा. 

आपका अनुज. कपिल मिश्रा.
EVM टेम्परिंग और ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट मामले में कपिल मिश्रा ने खोल दी केजरीवाल की पोल, बुरे फंसे

EVM टेम्परिंग और ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट मामले में कपिल मिश्रा ने खोल दी केजरीवाल की पोल, बुरे फंसे

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New Delhi, 24 June: आम आदमी पार्टी के बागी विधायक और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने इशारा किया है कि ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट मामले में आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को सदस्यता ख़त्म होगी और इसके लिए सिर्फ केजरीवाल जिम्मेदार होंगे.

कपिल मिश्रा ने कहा कि - आम आदमी पार्टी के 21 विधायक जिन पर ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट का केस चल रहा है और जिन पर अब किसी भी दिन चुनाव आयोग का फैसला आ सकता है, उनमें से ज्यादातर विधायकों को यह भी नहीं पता है कि आखिर उन्हें संसदीय सचिव बनाने का निर्णय किसनें और क्यों लिया था.

कपिल मिश्रा ने कहा कि - विधायकों को यह भी नहीं पता है कि उनके खिलाफ केस की जांच पूरी हो चुकी है और अब सिर्फ अंतिम फैसला आना है, अरविन्द केजरीवाल ने उनसे झूठ बोला है कि अभी उनका केस बहुत लंबा चलेगा लेकिन जैसी कहावत है कि झूठ के पाँव नहीं होते, जैसे जैसे फैसले की घडी आ रही है, इस झूठ पर से पर्दा भी हटता जा रहा है.

उन्होंने बताया कि - एक बार जो हम सभी विधायक जानते थे कि एक भी विधायक केजरीवाल के पास संसदीय सचिव का पद मांगने नहीं गया था, किसी को ऐसी कोई आवश्यकता नहीं थी कि नियमों को तोड़कर जल्दबाजी में विधायकों की सदस्यता खतरे में डाली जाय.

कपिल ने बताया कि नियम के मुताबिक़ केजरीवाल को अपने लिए सिर्फ एक ससंदीय सचिव की नियुक्ति का अधिकार था लेकिन केजरीवाल ने उस पद पर नियुक्ति ही नहीं की, जो पद नहीं नियुक्त किये जा सकते थे उन्हीं पर गैरकानूनी नियुक्तियां की गयीं.

कपिल ने कहा कि - अब सवाल है, कौन था इसका जिम्मेदार? किसनें खड़ी की विधायकों की अब तक की सबसे बड़ी मुसीबत, क्या यह सब विधायकों को डराने और उन्हें फंसाकर रखने के लिए किया गया? इस मामले में आशीष तलवार, आशीष खेतान और खुद अरविन्द केजरीवाल ने निर्णय लिए.

कपिल मिश्रा ने यह भी बताया कि जिन LG के शक्तियों के खिलाफ केजरीवाल कोर्ट तक चले गए, जिनकी शक्तियों को जनलोकपाल एवं स्वराज जैसे कानूनों के अंतर्गत नहीं माना, उन्हीं LG की शक्तियों के सहारे इस मुसीबत से बचने की असफल कोशिश की गयी, केजरीवाल ने चुनाव आयोग में यह तर्क दिया कि इनकी नियुक्तियां LG ने नहीं की हैं इसलिए इन्हें संसदीय सचिव ना माना जाए और इनकी सदस्यता ना समाप्त की जाए. ज़रा सोचिये, क्या ये बचकाना तर्क कोई मान सकता है, इन संसदीय सचिवों का दफ्तर, बोर्ड, आर्डर, मीटिंग, सब कुछ चल रहा है लेकिन इन्हें संसदीय सचिव ना माना जाए क्योंकि इनकी नियुक्ति के लिए LG की परमिशन नहीं ली गयी.

कपिल ने बताया कि - खुद केजरीवाल बीसियों बार कह चुके हैं कि LG की अनुमति नहीं ली जाएगी, इसे कहते हैं बन्दर के हाथ में उस्तरा देना.

किसी भी दिन ख़त्म हो सकती है 21 विधायकों की सदस्यता

कपिल ने बताया कि - आज 21 विधायकों की सदस्यता किसी भी दिन समाप्त की जा सकती है, अगर कोई आदमी 67 विधायकों वाली सरकार भी नहीं चला पा रहा है तो उसको क्या कहा जाए, उसके लिए हर भाषा में अलग अलग शब्द है लेकिन सवाल केवल योग्यता पर नहीं बल्कि नीयत पर भी है.

इसीलिए चुनाव आयोग से लड़ने का बनाया जा रहा माहौल

कपिल मिश्रा ने बताया कि - अब केजरीवाल पूरी तरह से फंस चुके हैं तो चुनाव आयोग से लड़ने का माहौल बना रहे हैं, EVM टेम्परिंग का मुद्दा इसीलिए उठाया कहा था, केजरीवाल जान बूझकर चुनाव आयोग से लड़ रहे हैं ताकि जनता को सन्देश दिया जा सके कि हम चुनाव आयोग से लड़ रहे हैं इसीलिए हमारे विधायकों की सदस्यता समाप्त करके हमारे साथ दुश्मनी निकाली गयी है. केजरीवाल के ऐसे तमाशे उन्हें कब तक बचा सकते हैं.

23 June, 2017

जितने रुपये में केजरीवाल खरीद रहे हैं 1 CCTV कैमरा, उतने में आप खरीद सकते हैं 1 कार, पढ़ें

जितने रुपये में केजरीवाल खरीद रहे हैं 1 CCTV कैमरा, उतने में आप खरीद सकते हैं 1 कार, पढ़ें

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New Delhi, 23 June: केजरीवाल सरकार के एक और घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, अबकी बार ऐसा सबूत मिला है कि केजरीवाल को इमानदार नेता समझने वालों का दिमाग चकरा जाएगा, केजरीवाल मुख्यमंत्री बनने से पहले सिर्फ 2000 रुपये में एक CCTV कैमरा खरीदने का दावा करते थे लेकिन आज 1 CCTV कैमरा 2.20 लाख रुपये में खरीद रहे हैं, मतलब 1000 गुना से भी मंहगा. इतने रुपये में आप एक अल्टो कार खरीद सकते हैं, जी हाँ, 2000 रुपये वाला CCTV कैमरा 2.20 लाख रुपये में खरीद रहे हैं केजरीवाल, इतने रुपये में आ जाएगी एक कार.

कल केजरीवाल सरकार की कैबिनेट ने एक बिल पास किया जिसमें 6350 DTDC बसों में CCTV कैमरे लगाए जायेंगे, जिसके लिए केजरीवाल 140 करोड़ रुपये खर्च करेंगे, अगर 140 करोड़ रुपये को 6350 बसों से Divide किया जाय तो एक बस के लिए 2.20 लाख रुपये का खर्च आ रहा है.

अगर केजरीवाल हर बस में 2 CCTV कैमरे लगायेंगे और उनके हिसाब से एक कैमरे के लिए सिर्फ 2000 रुपये खर्च होंगे तो 12700 CCTV कैमरे के लिए सिर्फ 2 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च होंगे लेकिन केजरीवाल तो 140 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं.

चलो मान लो, केजरीवाल को बहुत बढ़िया क्वालिटी वाला CCTV कैमरा खरीदना है, एक कैमरा 15 हजार रुपये में मिल रहा है और 5000 रुपये Installation में खर्च हो रहे हैं, मान लो एक बस में दो कैमरा लगाना है और एक बस पर 40 हजार रूपये का खर्च आ रहा है. इस कैलकुलेशन से भी 6350 बसों में CCTV लगाने के लिए सिर्फ 25 करोड़ रुपये के आसपास खर्च हो रहे हैं लेकिन केजरीवाल तो 140 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, जी हाँ, 115 करोड़ रुपये अधिक. 

केजरीवाल को बताना चाहिए ये 115 करोड़ रुपये कहाँ और किसकी जेब में जायेंगे, कहीं 115 करोड़ रुपये वे खुद तो नहीं खा जाएंगे, अगर ऐसा है तो केजरीवाल दिल्ली की जनता को खुलेआम लूट रहे हैं. देखिये ये VIDEO.

देखिये केजरीवाल के भ्रष्टाचार का जीता जागता सबूत, अब कोई नहीं मानेगा केजरीवाल को ईमानदार

देखिये केजरीवाल के भ्रष्टाचार का जीता जागता सबूत, अब कोई नहीं मानेगा केजरीवाल को ईमानदार

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New Delhi, 23 June: केजरीवाल सरकार के एक और घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, अबकी बार ऐसा सबूत मिला है कि केजरीवाल को इमानदार नेता समझने वालों का दिमाग चकरा जाएगा, केजरीवाल मुख्यमंत्री बनने से पहले सिर्फ 2000 रुपये में एक CCTV कैमरा खरीदने का दावा करते थे लेकिन आज 1 CCTV कैमरा 2.20 लाख रुपये में खरीद रहे हैं, मतलब 1000 गुना से भी मंहगा.

कल केजरीवाल सरकार की कैबिनेट ने एक बिल पास किया जिसमें 6350 DTDC बसों में CCTV कैमरे लगाए जायेंगे, जिसके लिए केजरीवाल 140 करोड़ रुपये खर्च करेंगे, अगर 140 करोड़ रुपये को 6350 बसों से Divide किया जाय तो एक बस के लिए 2.20 लाख रुपये का खर्च आ रहा है.

अगर केजरीवाल हर बस में 2 CCTV कैमरे लगायेंगे और उनके हिसाब से एक कैमरे के लिए सिर्फ 2000 रुपये खर्च होंगे तो 12700 CCTV कैमरे के लिए सिर्फ 2 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च होंगे लेकिन केजरीवाल तो 140 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं.

चलो मान लो, केजरीवाल को बहुत बढ़िया क्वालिटी वाला CCTV कैमरा खरीदना है, एक कैमरा 15 हजार रुपये में मिल रहा है और 5000 रुपये Installation में खर्च हो रहे हैं, मान लो एक बस में दो कैमरा लगाना है और एक बस पर 40 हजार रूपये का खर्च आ रहा है. इस कैलकुलेशन से भी 6350 बसों में CCTV लगाने के लिए सिर्फ 25 करोड़ रुपये के आसपास खर्च हो रहे हैं लेकिन केजरीवाल तो 140 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, जी हाँ, 115 करोड़ रुपये अधिक. 

केजरीवाल को बताना चाहिए ये 115 करोड़ रुपये कहाँ और किसकी जेब में जायेंगे, कहीं 115 करोड़ रुपये वे खुद तो नहीं खा जाएंगे, अगर ऐसा है तो केजरीवाल दिल्ली की जनता को खुलेआम लूट रहे हैं. देखिये ये VIDEO.

22 June, 2017

मोदी को कायर बताने वाले कुमार विश्वास में थोड़ी भी शर्म होगी तो ये देखकर शर्म से डूब मरेंगे

मोदी को कायर बताने वाले कुमार विश्वास में थोड़ी भी शर्म होगी तो ये देखकर शर्म से डूब मरेंगे

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New Delhi, 21 June: कुमार विश्वास अपने आप को शायद बहुत बड़े कवि समझते हैं इसीलिए आजकल वह कविता के मध्यम से मोदी और बीजेपी पर हमले करते हैं लेकिन आज उनकी ही कविता उनपर भारी पड़ गयी, उन्होने जो वार मोदी और बीजेपी पर छोड़ा, वह उन्हीं पर आकर गिर गया और उनकी हेकड़ी निकल गयी, अब उनकी ट्विटर पर जमकर फजीहत हो रही है. एक कवि के रूप में भी उनकी फजीहत हो रही है और नौशिखिया राजनीतिज्ञ के रूप में भी उनकी फजीहत हो रही है.

बात दरअसल ये थी कि वे NDA के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को लेकर मोदी और बीजेपी पर व्यंगवाण चला रहे थे, कुमार विश्वास मोदी और बीजेपी को कविता के माध्यम से कायर बता रहे थे लेकिन ट्विटर पर उनके और उनके बड़े भाई केजरीवाल की पोल खुल गयी और ये लोग खुद कायर साबित हो गए.

कुमार विश्वास ने ट्विटर पर ये कविता पोस्ट की -
kuamr-vishwas-hindi-news

आपने देखा, इस कविता के टाइटल में कुमार विश्वास ने लिखा है - महामहिम चयन प्रसंग, मतलब प्रेसिडेंट के चयन के बारे में, कविता के अंत में लिखा है - जो जाति जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर. मतलब बीजेपी एक दलित नेता को राष्ट्रपति बना रही है इसलिए बीजेपी कायर और क्रूर है.

कुमार विश्वास शायद भूल गए कि पंजाब चुनाव में उनकी पार्टी ने भी दलित जाति का मुख्यमंत्री बनाने का दावा किया था, देखिये केजरीवाल का ट्वीट -
अब आप खुद देखिये, कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के नेता हैं, केजरीवाल उनके बड़े भाई हैं और दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं, ये दलित नेता को पंजाब का उप-मुख्यमंत्री बनाने का वादा कर रहे हैं, उस वक्त कुमार विश्वास ने केजरीवाल का विरोध नहीं किया और ना ही उन्हें कायर बताया, इसका मतलब है कि केजरीवाल, कुमार विश्वास भी कायर और क्रूर हैं, मतलब अपनी घटिया राजनीति नहीं देख रहे हैं, दूसरों को बुरा भला बोल रहे हैं. देखिये ट्विटर पर कैसे हो रही कुमार विश्वास की खिंचाई -





21 June, 2017

मोदी-बीजेपी के लिए खोदा गड्ढा लेकिन खुद उसी में गिर गए कुमार विश्वास, जमकर हो रही फजीहत

मोदी-बीजेपी के लिए खोदा गड्ढा लेकिन खुद उसी में गिर गए कुमार विश्वास, जमकर हो रही फजीहत

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New Delhi, 21 June: कुमार विश्वास अपने आप को शायद बहुत बड़े कवि समझते हैं इसीलिए आजकल वह कविता के मध्यम से मोदी और बीजेपी पर हमले करते हैं लेकिन आज उनकी ही कविता उनपर भारी पड़ गयी, उन्होने जो वार मोदी और बीजेपी पर छोड़ा, वह उन्हीं पर आकर गिर गया और उनकी हेकड़ी निकल गयी, अब उनकी ट्विटर पर जमकर फजीहत हो रही है. एक कवि के रूप में भी उनकी फजीहत हो रही है और नौशिखिया राजनीतिज्ञ के रूप में भी उनकी फजीहत हो रही है.

बात दरअसल ये थी कि वे NDA के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को लेकर मोदी और बीजेपी पर व्यंगवाण चला रहे थे, कुमार विश्वास मोदी और बीजेपी को कविता के माध्यम से कायर बता रहे थे लेकिन ट्विटर उनके, और उनके गुरु केजरीवाल की ही पोल खुल गयी और ये लोग खुद कायर साबित हो गए.

कुमार विश्वास ने ट्विटर पर ये कविता पोस्ट की -
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आपने देखा, इस कविता के टाइटल में कुमार विश्वास ने लिखा है - महामहिम चयन प्रसंग, मतलब प्रेसिडेंट के चयन के बारे में, कविता के अंत में लिखा है - जो जाति जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर. मतलब बीजेपी एक दलित नेता को राष्ट्रपति बना रही है इसलिए बीजेपी कायर और क्रूर है.

कुमार विश्वास शायद भूल गए कि पंजाब चुनाव में उनकी पार्टी ने भी दलित जाति का मुख्यमंत्री बनाने का दावा किया था, देखिये केजरीवाल का ट्वीट -
अब आप खुद देखिये, कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के नेता हैं, केजरीवाल उनके बड़े भाई हैं और दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं, ये दलित नेता को पंजाब का उप-मुख्यमंत्री बनाने का वादा कर रहे हैं, उस वक्त कुमार विश्वास ने केजरीवाल का विरोध नहीं किया और ना ही उन्हें कायर बताया, इसका मतलब है कि केजरीवाल, कुमार विश्वास भी कायर और क्रूर हैं, मतलब अपनी घटिया राजनीति नहीं देख रहे हैं, दूसरों को बुरा भला बोल रहे हैं. देखिये ट्विटर पर कैसे हो रही कुमार विश्वास की खिंचाई -
कपिल मिश्रा बोले, Tihar is waiting for Arvind Kejriwal, केजरी गैंग में मचा हडकंप, पढ़ें क्यों?

कपिल मिश्रा बोले, Tihar is waiting for Arvind Kejriwal, केजरी गैंग में मचा हडकंप, पढ़ें क्यों?

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New Delhi, 21 June: दिल्ली के पूर्व जल मंत्री और आप नेता कपिल मिश्रा ने यह कहकर केजरीवाल गैंग में हडकंप मचा दिया है कि - Tihar is waiting for Kejriwal. आज कपिल मिश्रा ने बताया कि हवाला मामले में आज केजरीवाल और उनके मंत्री सत्येन्द्र कुमार पर मामला दर्ज कर दिया है, अब जल्द ही केजरीवाल तिहाड़ जेल में नजर आयेंगे.
जानकारी के लिए बता दें कि ED सत्येन्द्र जेल और उनकी पत्नी के पीछे पड़ चुका है, उनकी पत्नी 56 कंपनियों में हिस्सेदार हैं जिनके जरिये हवाला का पैसा आता है और आप के चंदे में बदल जाता है, अब सत्येन्द्र जैन बुरी तरह से फंस गए हैं, अगर एक बाद सत्येन्द्र जैन पकडे गए तो वे केजरीवाल के बार में सब कुछ उगल देंगे इसीलिए कपिल मिश्रा ने कहा -  Tihar is waiting for Kejriwal.
YOGA DAY पर योग ने जोड़ा, नई दिल्ली में केजरीवाल ने वेंकैया नायडू और अनिल बैजल के साथ किया योग

YOGA DAY पर योग ने जोड़ा, नई दिल्ली में केजरीवाल ने वेंकैया नायडू और अनिल बैजल के साथ किया योग

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New Delhi, 21 June: कहा जाता है कि योग तन और मन को तंदरुस्त रखने के साथ साथ लोगों को आपस में जोड़ता भी है, आज International Yoga Day  पर नई दिल्ली में भी योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, यह कार्यक्रम NDMC ने आयोजित किया था जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने एक साथ योग किया. मतलब बीजेपी और आप नेताओं ने एक साथ योग किया.

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि योग हमारी परंपरा और संस्कृति है, आज हम यहाँ पर अपनी पुरानी विरासत बचाने और अच्छे स्वास्थय के जरिये मानवता का सन्देश देने के लिए इकठ्ठे हुए हैं.

उन्होंने कहा कि मोदीजी की वजह से आज योग अंतर्राष्ट्रीय कला बन चुका है, योगा ना तो राजनीतिक है और ना ही धार्मिक, यह केवल शान्ति, अच्छे स्वास्थ्य और एकता के लिए है. यह हमें तनाव से मुक्त रखता है इसलिए हमें रोजाना योग करना चाहिए.
कपिल मिश्रा बोले, केजरी गैंग ये नहीं कहता 'हमने घोटाले नहीं किये' ये कहते हैं, सबूत कहाँ से लाए

कपिल मिश्रा बोले, केजरी गैंग ये नहीं कहता 'हमने घोटाले नहीं किये' ये कहते हैं, सबूत कहाँ से लाए

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New Delhi, 21 June: दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने आज केजरीवाल और उनके गुर्गों का मजाक बनाते हुए कहा है कि 'अब केजरीवाल गैंग के लोग अब ये नहीं कहते कि हमने घोटाले नहीं किये हैं, ना ये कह रहे हैं कि सबूत गलत हैं, अब ये लोग कहते हैं कि 'तुम सबूत कहाँ से निकाल रहे हो'.
कपिल मिश्रा ने केजरीवाल गैंग को ये भी बता दिया कि उनके पास सबूत कहाँ से आ रहे हैं - उन्होंने बताया - सुनो केजरीवाल, तुम्हारे ड्राईवर, चौकीदार, अधिकारी, रिश्तेदार और कार्यकर्त्ता, जितने भी तुम्हारे घोटालों से परेशान थे वही दे रहे हैं सबूत.
जानकारी के लिए बता दें कि आज केजरीवाल के घोटालों की शिकायत करने के लिए कपिल मिश्रा दिल्ली के उप-राज्यपाल से भी मिले, जिसके बाद केजरीवाल के ख़ास लोग परेशान हो गए, आशुतोष शर्मा तो रुंआसे हो गए, जिसे देखकर कपिल मिश्रा ने कहा - केजरीवाल गैंग में हडकंप है कि LG से मीटिंग में क्या हुआ, काश अपनी जिम्मेदारी जिभाई होती तो आज इतना डरना ना पड़ता. 

18 June, 2017

कपिल मिश्रा ने अरविन्द केजरीवाल से पूछा एक ऐसा सवाल जिसका नहीं दे सकते जवाब, फंस गए बेचारे

कपिल मिश्रा ने अरविन्द केजरीवाल से पूछा एक ऐसा सवाल जिसका नहीं दे सकते जवाब, फंस गए बेचारे

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New Delhi: दिल्ली के पूर्व जल मंत्री और आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने आज मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से एक ऐसा सवाल पूछ लिया है जिसका जवाब देना केजरीवाल के लिए बहुत मुश्किल है, कपिल मिश्रा के इस सवाल ने केजरीवाल की इमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के दावे की पोल खोलकर रख दी है. अब केजरीवाल को कपिल मिश्रा के प्रश्न का जवाब देना ही पड़ेगा वरना उन्हें इमानदार नहीं माना जा सकता, कपिल ने केजरीवाल से यह सवाल पूछा है - 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केजरीवाल 11 साल (1995-2006) तक इनकम टैक्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर थे, आप खुद सोच सकते हैं कि इनकम टैक्स अफसरों का काम क्या होता है, उनका काम होता है, छापा कारकर चोरों को पकड़ना और उन्हें सजा दिलवाना लेकिन केजरीवाल ने अपने पूरे कैरियर में किसी भी चोर को नहीं पकड़वाया और ना ही कभी किसी पर छापा डाला, किसी को पता ही नहीं है कि इनकम टैक्स विभाग में अफसर रहते वक्त उन्होंने क्या काम किया था.

अब आप खुद सोचिये, जिस इनकम टैक्स अफसर ने अपने 11 साल के करियर में एक भी चोर ना पकड़ा हो, कहीं पर छापा ना मारा हो, किसी भी भ्रष्टाचारी को सजा ना दिलवा पाया हो और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा भी करता हो, उसे अपनी इमानदारी का साबूत तो देना ही पड़ेगा.

फिलहाल केजरीवाल किसी को कोई सबूत नहीं देंगे क्योंकि वे खुद गुनाह करते हैं, खुद वकील बनकर अपना केस लड़ते हैं और खुद ही जज बनकर अपने बचाव में फैसला सुना देते हैं, आप खुद देखिये.

17 June, 2017

PWD में पकड़ा गया केजरीवाल सरकार का करोड़ों रुपये का घोटाला, झूठा काम दिखाकर बनाते हैं फर्जी बिल

PWD में पकड़ा गया केजरीवाल सरकार का करोड़ों रुपये का घोटाला, झूठा काम दिखाकर बनाते हैं फर्जी बिल

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New Delhi, 17 June: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उनके मंत्री सत्येन्द्र जैन पर करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लग रहे हैं, अब तक केजरीवाल बचने के लिए पूरे हाथ पाँव चला रहे हैं लेकिन अब उनके घोटालों के सबूत भी मिलने लगे हैं, आज उनके खिलाफ आज तक न्यूज़ ने सबूत जारी किये हैं जिसके अनुसार केजरीवाल सरकार का PWD विभाग बिना काम किये ही करोड़ों रुपये का फर्जी बिल बना देता है और सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये पेमेंट कर दिए जाते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार सत्येन्द्र जैन के कंट्रोल में आने वाले PWD विभाग ने दिल्ली में सड़क और नालों के ठेके की आड़ में सरकारी खजाने की खुली लूट की है, कई मामलों में फर्जी बिल के आधार पर सरकारी खजाने से करोड़ों के पेमेंट दिए गए हैं और कई मामलों में बिना बिल के ही ठेकेदारों को करोड़ों रुपये के पेमेंट जारी कर दिए गए हैं. यह एक दो जगह नहीं बल्कि पूरी दिल्ली में हुआ है, केजरीवाल और उनके PWD मंत्री सत्येन्द्र जैन की देख रेख में लूट का यह खेल चल रहा है.

केजरीवाल सरकार ने पेमेंट करने से पहले यह भी नहीं देखा कि काम कहाँ पर किया जा रहा है, जिस नाले को ठीक करने के लिए करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं वह नाला है भी या नहीं, जिस सड़क के लिए करोड़ों रूपए दिए जा रहे हैं उस सड़क पर कुछ काम हुआ भी है या नहीं. कई इलाकों में ठेकेदारों को फर्जी बिलों के आधार पर करोड़ों रुपये दिए गए हैं. जब इन कामों की पड़ताल की गयी तो पता चला कि कहीं पर काम हुआ ही नहीं है.

'आजतक' के पास मौजूद दस्तावेज बताते हैं कि कैसे साल 2014-15 में सत्येंद्र जैन के मंत्री रहते हुये दिल्ली की तमाम सड़कों और नालों की मरम्मत और सफाई का काम कानून को ताक पर रखकर कई ऐसे ठेकेदारों को दिया जिनके भुगतान का रिकॉर्ड ना तो पीडब्ल्यूडी विभाग के पास है ना ही सरकार के सेल्स टैक्स विभाग के पास और ना ही खुद ठेकेदार के पास. दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग ने कैसे बगैर बिलों और नियम कायदे के सरकारी ठेकों को पास कर दिया इसका खुलासा हुआ है निर्माण विभाग के आरटीआई जवाब से.

दरअसल, दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाली सडकों और नालों के निर्माण और मरम्मत का जिम्मा दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग के पास होता है. जिसके लिये ठेकेदारों को तय नियमों के तहत काम करने को कहा जाता है और काम पूरा होने के बाद जांच और बिलों के आधार पर पूरा भुगतान किया जाता है. लेकिन, अधिकारियों ने ठेकेदारों के साथ मिलकर ऐसा गोरखधंधा शुरू किया कि बगैर बिलों के ही पूरा भुगतान कर दिया गया. जब आरटीआई के तहत जवाब मांगा गया तो जवाब मिला कि हमारे पास भुगतान किेये बिल्स का कोई रिकॉर्ड है ही नहीं.

इस गोरखधंधे से दिल्ली में एक-दो नहीं बल्कि सैकड़ों जगह पर घोटाला किया गया और सरकारी खजानों को करीब 200 करोड़ का चूना लगाया गया. जानकारी के मुताबिक पीडब्ल्यूडी विभाग के इंजीनियर्स ने अपनी साजिश को अंजाम देने के लिये दिल्ली की उन-उन जगहों पर मरम्मत और रख-रखाव का काम ठेके पर दिया जहां या तो इसका जरूरत ही नहीं थी या फिर उन जगहों को देखकर पहचान करना मुश्किल था कि आखिर कोई निर्माण कार्य हुआ है या फिर नहीं.

'आजतक' के पास मौजूद दिल्ली सरकार के उन कामों की फेहरिश्त है जिसे देखकर साफ पता चला है कि जिन जगहों पर काम कराया गया दिखाया गया है वो दरअसल बेहद संदेहास्पद है और जिन्हें देखकर कहना मुश्किल है कि काम हुआ क्या है. इससे भी ज्यादा हैरानी की बात ये है कि दिल्ली सरकार ने जिन ठेकेदारों को काम कराने का जिम्मा दिया उन्होंने ठेके पाने के लिये तय खर्च से 60 से 70 प्रतिशत कम तक में काम कराने का दावा ठोंक दिया यानि कि जिस काम के लिये क्वालिटी के नियमों के मुताबिक सरकार के पास 100 रुपये का बजट था उसे ठेकेदारों ने 30-40 रुपयों मे ही करने की हामी भर दी, जो कि संभव ही नहीं था.

मकसद साफ है, तय कीमत से आधे से भी कम लागत में काम कराने का ठेका लेने के पीछे आशंका है कि ये सारे काम वास्तव में किये ही नहीं गये और ना ही इसके लिये कोई सामान की कंस्ट्रक्शन मैटेरियेल की खरीद-फरोख्त की गयी और बिना बिलों के सरकार ने भी ठेकेदारों को भुगतान कर दिया. आइए अब डालते हैं कुछ ऐसे ही कामों पर... 

केस- 1
जगह- इगनू रोड, पुराना मेहरौली बदरपुर रोड, फिरनी रोड
काम- नाले को सुधारने और आरएमसी निर्माण कार्य 
खर्चा- 3,26,26,450 रुपये
ठेका- वरुण गुप्ता एंड कंपनी
कॉन्ट्रेक्टर- वरुण गुप्ता

सन 2014-15 में दिल्ली के इगनू रोड, पुराना मेहरौली रोड और फिरनी रोड के नालों की मरम्मत और निर्माण कार्य के लिये ठेका दिया गया. आरोपों के मुताबिक इन जगहों पर कोई कार्य ही नहीं हुआ. आरटीआई में जब इन जगहों पर हुये काम के भुगतान, रसीदों और रिकॉर्ड्स के बारे में जानकारी मांगी गयी तो जवाब मिला वो हैरान करने वाला था. पीडब्ल्यूडी ने जवाब दिया- हमने ऐसा कोई रिकॉर्ड नही रखा है क्योंकि करार के मुताबिक ऐसा कोई रिकार्ड रखना जरूरी नहीं है.

जब 'आजतक' की टीम ने इन जगहों पर जा कर देखा तो पता चला कि मेहरौली रोड पर तो कोई ओपन नाला ही नहीं है. उसके बाद टीम मेहरौली के पास की ही एक और साइट पर देखने पहुंची. इस रोड पर मरम्मत और नाले के रखरखाव का काम किया गया था लेकिन इगनू रोड के नाले की मरम्मत और निर्माण की असलियत कुछ और ही थी.

इसके बाद 'आजतक' की टीम ने इस काम को कराने वाली कंपनी की तरफ रुख किया. साकेत में बनी वरुण गुप्ता एंड कंपनी का दफ्तर रिहायशी इलाके में है. दफ्तर में नाम मात्र का स्टॉफ. हमने जब इनसे सवाल किये तो दस तरीके के बहाने बताए गए. लेकिन इस बात का कोई जवाब नहीं दिया गया कि आखिर वो रिकॉर्ड्स कहां हैं जिनके आधार पर सरकार से लगभग 3 करोड़ रुपये का पेंमेट मिला. खैर रिकॉर्ड नहीं मिलना था और बहाने तमाम थे. लेकिन, आरटीआई में पीडब्ल्यूडी विभाग के जवाब ने पहले ही साफ कर दिया कि जिस काम के लिये करोड़ों का भुगतान किया गया उसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं है.

सन 2014 में दोबारा सत्ता में आने के बाद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सड़कों और नालों को दुरुस्त करने का बीड़ा उठाया था और इसके लिये जिम्मेदार विभाग के मुखिया थे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री सत्येंद्र जैन. वही सत्येंद्र जैन जिनकी मनमानी और कानून को ताक पर रखने के मामले एक-एक कर बाहर आ रहे हैं. सबूतों के मुताबिक सत्येंद्र जैन के विभाग के इंजीनियर और ठेकेदारों ने मिलकर दिल्ली की करीब 200 सड़कों और नालों की मरम्मत का जिम्मा लिया जिनमें से ज्यादातर जगहें और काम की डिटेल ऐसी है जिसे पहचान पाना भी मुश्किल है. दस्तावेजों पर काम की डिटेल कुछ इस तरह से लिखी हैं कि जिसे वास्तव में ढूंढना मुमकिन ही नहीं है.

सत्येंद्र जैन के लोक निर्माण विभाग ने दिल्ली के हर कोने में सीवर और सड़क ठीक करने का जिम्मा अलग-अलग कॉन्ट्रेक्टर को दिया लेकिन कमाल की बात है कि हर जगह काम के नाम पर सिर्फ घोटाला ही किया गया. ऐसा हम नहीं बल्कि पीडब्ल्यूडी विभाग के कागजात खुद इशारा कर रहे हैं. 

केस- 2
जगह- दिल्ली का कालका जी, रामपुरा मेन रोड और प्रताप नगर रोड
काम- सीवर के सुधार और फुटपाथ बनाने का
खर्चा- 3,88,19,934 रुपये
ठेका- न्यू भारत कंसट्रक्शन कंपनी
कॉन्ट्रेक्टर- मुख्तार अहमद

जब इन जगहों पर काम करने की जांच की गई तो कहीं भी इसकी तस्दीक नहीं हो पायी. कोई नामोनिशान ऐसा नहीं मिला जिससे पता चले कि सीवर के सुधार और निर्माण का कोई काम इन जगहों पर किया गया है. यानि मतलब साफ था यहां भी काम सिर्फ कागजों पर ही किया गया था. लिहाजा आजतक की टीम ने कागजों को जांचना ठीक समझा. दिल्ली की एनजीओ रॉको यानि कि 'रोड एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन' की आरटीआई के जवाब में दिये गये सबूतों के मुताबिक पीडब्ल्यूडी विभाग जमा किये  कागजातों के हिसाब से ठेका लेने वाली न्यू भारत कंसट्रक्शन कंपनी ने काम करने के लिये जिन जगहों से सामान खरीदा वो थे विनायक सेल्स और कार्तिक ट्रेडिंग जो कि दोनों ही दिल्ली की कंपनियां हैं.

मुख्तार अहमद की कंपनी न्यू भारत कंसट्रक्शन के मुताबिक निर्माण और मरम्मत करने के लिये जो सामान खरीदा वो इन्हीं जगहों से खरीदा. जिनके बिल बकायदा पीडब्ल्यूडी विभाग में जमा किये गये. लेकिन जब इन मैटेरियल सप्लायर्स से पूछा गया तो विनायक सेल्स ने बताया कि उन्होंने कभी कोई भी बिजनेस डीलिंग न्यू भारत कंपनी से की ही नहीं. उन्होंने इस बात का बकायादा लिखित दस्तावेज भी दिया. इसके अलावा यह बात भी सामने आई कि कार्तिक ट्रेडिंग कंपनी नाम की कोई कंपनी है ही नहीं. इस बात की तस्दीक सेल्स टैक्स विभाग ने लिखित रूप से की.

बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस काम का पूरा भुगतान यानि करीब 4 करोड़ रुपये बगैर किसी जांच के दे दिया. वजह साफ थी सीवर और निर्माण के लिये जिस काम के लिये विभाग करोड़ों रूपये लुटा रहा था वो काम दरअसल हुआ ही नहीं था. 
अगर आरटीआई के जवाब में पीडब्ल्यूडी विभाग की दलीलों और जवाबों की बात करें तो हर ठेके मे सिर्फ कागजी किले बनाये गये हैं. दिल्ली के सीवर और निर्माण के काम में सारे नियमों को ताक पर रख कर ना सिर्फ ठेके दिये गये बल्कि पेमेंट करने में तो कानून की धज्जियां उड़ाने की हदें पार कर दी गयी.

करीब आधा दर्जन कामों में आरटीआई के जवाब और हमारी जांच में पाया गया कि या तो कोई काम हुआ ही नहीं और फर्जी बिल पर भुगतान लिया गया है या फिर अगर कहीं काम किया गया है तो इतने घटिया दर्जे का जिसके एवज में भुगतान पीडब्ल्यूडी विभाग की मिलीभगत की ओर साफ इशारा करता है.

केस- 3
जगह- दिल्ली का ब्रिटेनिया चौक इलाका
काम- गुरू हरिकिशन मार्ग के पास ब्रिटेनिया चौक की रोड नंबर 43 की मरम्मत
खर्चा- 15,32,11,811 रुपये
ठेका- एमआईए कंसट्रक्शन कंपनी
कॉन्ट्रेक्टर- मोहम्मद इकबाल

आरटीआई के जवाब से तो साफ था कि यहां भी बिलों के फर्जीवाड़े से करोड़ों की रकम पीडब्ल्यूडी के भ्रष्ट अधिकारियों और कांन्ट्रेक्टर के बीच डकारी जा चुकी है. लेकिन, आज तक की टीम ने इलाके का खुद भी जायजा लेने की सोची. नतीजा ये मिला कि इस जगह पर कोई काम हुआ ही नहीं. यही हाल दिल्ली के अशोक विहार के फेज थ्री इलाके के फुटपाथ और ड्रेन के ठेके के भुगतान का निकला.

सन 2014-15 में करीब 8 करोड़ रुपये का ठेका दिल्ली की एमसी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया जिसमें मलिक इस्सार मार्ग पर काम किया जाना था. लेकिन, हुआ कुछ भी नहीं. अब इस पर भी पीडब्ल्यू विभाग के अधिकारियों की मेहरबानी देखिये कि बगैर कायदे-कानून की परवाह किये लगभग 8 करोड़ रुपयों का पेमेंट तो करवा दिया लेकिन जब आरटीआई के जरिये बिल और रिकॉर्ड्स का जवाब मांगा गया तो जवाब मिला कि पेमेंट के बाद बिल और रसीद का रखा जाना जरूरी नहीं है.

AAP में फिर ठनी रार, पोस्टर लगाने वालों को कुमार विश्वास ने बताया 'खर दूषण और ताड़का'

AAP में फिर ठनी रार, पोस्टर लगाने वालों को कुमार विश्वास ने बताया 'खर दूषण और ताड़का'

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New Delhi, 17 June: आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी के दफ्तर के बाहर कुमार विश्वास के विरोध में पोस्टर लगाए गए जिसमें उन्हें आप का गद्दार और भाजपा का यार बताया गया, पोस्टर में आप नेता दिलीप पाण्डेय का नाम लिखा गया था, दिलीप पाण्डेय ने दो दिनों पहले भी कुमार विश्वास पर हमला बोला था.

कुमार विश्वास खुद को गद्दार बताये जाने से क्रोधित हो गए और उन्होंने पोस्टर लगाने वालों को 'खर दूषण और ताड़का' बता दिया, उन्होंने कहा कि जब कोई अच्छा यज्ञ होता है तो उसे नुकसान पहुंचाने के लिए खर, दूषण और ताड़का आते हैं.

कुमार विश्वास ने यह भी कहा कि दिल्ली MCD में हमारी पार्टी चुनाव क्यों हारी उसका कारण हमारे कार्यकर्त्ता जानते हैं, हमारी पार्टी में 5 लोग राजमहल में बैठकर साजिशें रचते हैं, हम उनकी साजिशों के लिए नहीं बने हैं बल्कि हम जंतर मंतर के आन्दोलन से निकले हैं.

कुमार विश्वास की बातों से ऐसा लग रहा है कि AAP पार्टी में अभी भी उनकी नहीं बन रही है, उन्होंने जिस प्रकार से आप पार्टी के पांच लोगों को साजिशकर्ता बताया है उससे लग रहा है कि केजरीवाल बड़े नेताओं के साथ मिलकर अपने राजमहल में बैठकर उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं और उन्हें पार्टी से बाहर करना चाहते हैं, क्योंकि आप नेता दिलीप पाण्डेय ने कुमार विश्वास के खिलाफ ट्वीट किया लेकिन केजरीवाल ने उनपर कोई एक्शन नहीं लिया. इससे साफ़ पता चलता है कि कुमार विश्वास के खिलाफ जो भी बयान सामने आ रहे हैं वह केजरीवाल से होकर आ रहे हैं.

वैसे भी, अगर आप पार्टी में रहना है तो बीजेपी को बुरा भला बोलना ही पड़ेगा, कुमार विश्वास कवि होने के कारण गाली-गलौज में यकीन नहीं करते इसलिए उन्होने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ कुछ भी बोलने से मना कर दिया था, यही बात आपियों को नहीं जमी और उन्होंने कुमार विश्वास को गद्दार बताना शुरू कर दिया.
कपिल मिश्रा बोले, अगर सब कुछ मैं करवा रहा हूँ तो केजरीवाल क्या घास छील रहे हैं: पढ़ें क्यों?

कपिल मिश्रा बोले, अगर सब कुछ मैं करवा रहा हूँ तो केजरीवाल क्या घास छील रहे हैं: पढ़ें क्यों?

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New Delhi, 17 June: दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने आज केजरीवाल पर बरसते हुए कहा कि अगर आम आदमी पार्टी में सब कुछ मैं करवा रहा हूँ तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल क्या घास छील रहे हैं. बात दरअसल ये है कि आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी के दफ्तर के बाहर कुमार विश्वास के खिलाफ पोस्टर लगे हैं जिसमें कुमार विश्वास को गद्दार और बीजेपी का यार बताया गया है, कुछ आप नेताओं ने इसका आरोप कपिल मिश्रा पर लगा दिया, देखिये -
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कपिल मिश्रा ने भी आपियों को जवाब दिया, उन्होंने कहा - अमानतुल्ला का बयान, दिलीप पांडेय का बयान, दीपक बाजपेई का ट्वीट सब मैंने ही करवाया है। केजरीवाल तो बस घास छील रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुमार विश्वास के खिलाफ आज आम आदमी पार्टी के दफ्तर के बाहर इस तरह के पोस्टर लगाए गए थे जिसे बाद में आप कार्यकर्ताओं ने फाड़ दिया -
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AAP के दफ्तर के बाहर लगे पोस्टर 'कुमार विश्वास कवि नहीं गद्दार है, भाजपा का यार है' बाहर करो!

AAP के दफ्तर के बाहर लगे पोस्टर 'कुमार विश्वास कवि नहीं गद्दार है, भाजपा का यार है' बाहर करो!

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New Delhi, 17 June: आप आदमी पार्टी के नेता दिलीप पाण्डेय के नाम से दिल्ली में आप दफ्तर के बाहर कुमार विश्वास के नाम से पोस्टर लगाए गए हैं, इससे पहले भी दिलीप पाण्डेय कुमार विश्वास के खिलाफ ट्विटर पर वार छेड़ चुके हैं जिसमें उन्होंने कहा था - भैया, आप कांग्रेस के खिलाफ खूब बोलते हैं लेकिन कहते हैं कि वसुंधरा राजे के खिलाफ कुछ नहीं बोलूँगा, आखिर क्या राज है.

आज कुमार विश्वास के खिलाफ पोस्टर वार भी शुरू हो गया है जिसमें कुमार विश्वास को गद्दार बता दिया गया है, देखिये क्या लिखा है पोस्टर में - 
भाजपा का यार है, कवी नहीं गद्दार है
छिप छिप हमला करता है
वार पीठ पर करता है
ऐसे धोखेबाजों को बाहर करो - बाहर करो
कुमार विश्वास का काला सच बताने के लिए भाई दिलीप पाण्डेय का आभार

पोस्टर के ऊपर केजरीवाल सहित आप के तमाम बड़े नेताओं की फोटो छपी है. ये पोस्टर आप के दफ्तर के बाहर लगे हैं.

16 June, 2017

कपिल मिश्रा के खुलासे के बाद केजरीवाल का बुरा हाल, अस्पतालों में खुद मारी रेड, नहीं मिली दवा

कपिल मिश्रा के खुलासे के बाद केजरीवाल का बुरा हाल, अस्पतालों में खुद मारी रेड, नहीं मिली दवा

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New Delhi, 16 June: कपिल मिश्रा ने जब से दिल्ली सरकार के 300 करोड़ रुपये के दवा घोटाले का मामला उठाया है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का भागते भागते बुरा हाल हो गया है, कपिल मिश्रा ने कहा था कि केजरीवाल सरकार वही दवाइयाँ खरीदती है जिसकी Expiry Date नजदीक होती है, इस तरह से केजरीवाल को दवाएं आधी से भी कम कीमत में मिल जाती हैं, वे दवा कंपनियों से साठ-गाँठ करके दिल्ली सरकार के खजाने से पूरा पैसा चुकाते हैं लेकिन Expiry Date की वजह से जो मार्जिन मिलता है वह उनकी जेब में जाता है.

कपिल मिश्रा ने कहा था कि चूंकि केजरीवाल सरकार एक्सपायरी डेट वाले दवाएं खरीद रही है इसलिए अस्पताल के गोदाम में पड़े पड़े दवाएं खराब हो जाती हैं, इस वजह से पैसा तो पूरा खर्च हो रहा है लेकिन मरीजों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं, आज कपिल मिश्रा की बात सच हो गयी क्योंकि घोटालों के आरोप से बचने के लिए केजरीवाल खुद अस्पतालों में रेड मारने निकल पड़े, उन्होने महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में छापा मारा, जब डॉक्टर का परचा लेकर केजरीवाल Chemist के पास गए तो दवा मिली ही नहीं, Chemist ने बताया कि डॉक्टर ने जो दवा लिखी है वह अस्पताल की लिस्ट में है ही नहीं.

इसके बाद केजरीवाल ने MS से बात ही, उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर को मना किया गया है कि जो दवा अस्पताल की लिस्ट में नहीं है वह दवा ना लिखें तो उन्होने अपने आप से दवा कैसे लिख दी, MS ने कहा कि हमने तो मना किया है, इसके बाद केजरीवाल ने डॉक्टर पर कार्यवाही का आदेश दिया. देखिये VIDEO.
TALK करने के लिए नहीं घोटाला करने के लिए केजरीवाल ने शुरू किया था 'Talk to AK', CBI लगी पीछे

TALK करने के लिए नहीं घोटाला करने के लिए केजरीवाल ने शुरू किया था 'Talk to AK', CBI लगी पीछे

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New Delhi: केजरीवाल के खिलाफ जितने घोटाले और लूट के मामले सामने आ रहे है उतना शायद दुनिया के किसी नेता के खिलाफ नहीं आया होगा, अब Talk To AK प्रोग्राम में भी घोटाला सामने आया है, रिपोर्ट के अनुसार केजरीवाल ने इस प्रोग्राम को प्रमोट करने के लिए दिल्ली सरकार के खजाने से सिर्फ 10 दिन में डेढ़ करोड़ (1,58,75000 रुपये) से अधिक रुपये खर्च कर दिए. CBI ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आज इस मामले में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर छापा भी मारा है, मनीष सिसोदिया से CBI ने पूछताछ की है. 

देखें Talk To AK Scam के सबूत: क्लिक करें

दस्तावेजों के अनुसार अरविन्द केजरीवाल ने पिछले साल जुलाई महीने में TALK to AK प्रोग्राम शुरू किया था, केजरीवाल इस प्रोग्राम के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात प्रोग्राम को टक्कर देना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने सोशल मीडिया (Facebook, Youtube and गूगल) पर अंधाधुंध रूपया खर्च किया. केजरीवाल का यह विज्ञापन 8 July 2016 से 17 July 2016 (10 दिन) और 18 July 2016 से 23 July 2016 (5 दिन) तक चला और कुल मिलाकर 1 करोड़, 58 लाख और 70 हजार रुपये खर्च किये गए, यह पैसा दिल्ली के सरकारी खजाने से दिया गया. मतलब दिल्ली वालों की खून पसीने की कमाई को केजरीवाल ने अपने कार्यक्रम के प्रचार पर खर्च कर दिए.

इससे भी चौंकाने वाली बात ये है कि केजरीवाल सरकार ने यह Compaign दिल्ली, गोवा, पंजाब, हिमाचल और गुजरात में ही चलाया जहाँ पर चुनाव थे और चुनाव होने वाले हैं, मतलब दिल्ली का पैसा दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार पर खर्च किया गया.

TALK to AK प्रोग्राम से पहले खर्च किये गए 105 करोड़ रुपये, कार्यक्रम के बाद भी खर्च किये गए 50 लाख रुपये, देखिये - 
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TALK to AK Proposed Budget
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14 June, 2017

देख लेना भाई लोगों, केजरीवाल जल्द ही कुमार विश्वास को भी BJP एजेंट घोषित करेंगे: कपिल मिश्रा

देख लेना भाई लोगों, केजरीवाल जल्द ही कुमार विश्वास को भी BJP एजेंट घोषित करेंगे: कपिल मिश्रा

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New Delhi: आम आदमी के निष्कासित विधायक और दिल्ली सरकार में पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने खुलासा किया है कि जल्द ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल कुमार विश्वास को भी बीजेपी एजेंट घोषित करेंगे.

बात दरअसल ये है कि कुमार विश्वास ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वे राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ कुछ भी नहीं बोलेंगे, आपको बता दें कि कुमार विश्वास को राजस्थान का इंचार्ज बनाया गया है. उन्होने राजस्थान में आप के चुनाव लड़ने की घोषणा भी की है.

जब कुमार विश्वास ने कहा कि वे वसुंधरा राजे के खिलाफ कुछ भी नहीं बोलेंगे तो यह बात कुछ आपियों को नहीं भाई, आप नेता दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा - भैया आप कांग्रेसियों को ख़ूब गाली देते हो, पर कहते हो कि राजस्थान में वसुंधरा के ख़िलाफ़ नहीं बोलेंगे? ऐसा क्यों?
आप नेता दिलीप कुमार पाण्डेय की बात को कपिल मिश्रा ने पकड़ लिया, उन्होंने कहा कि कुमार विश्वास से सवाल दिलीप कुमार पाण्डेय नहीं पूछ रहे हैं बल्कि अरविन्द केजरीवाल पूछवा रहे हैं, अब केजरीवाल कुमार विश्वास को भी बीजेपी एजेंट घोषित करेंगे.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी में रहकर कंफ्यूज हो गए हैं, कभी कुछ बोलते हैं कभी कुछ बोलने लगते हैं, कभी कभी ट्वीट में केजरीवाल पर सवाल उठाते हैं, कभी VIDEO में उन्हें भ्रष्टाचारी बताते हैं और कभी केजरीवाल को अपना भाई बताने लगते हैं.

कई बार वे मीडिया के सामने फूट फूटकर रोये भी हैं, उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा है कि क्या करना चाहिए, उन्होंने कहा है कि वसुंधरा राजे के खिलाफ कुछ भी नहीं बोलेंगे लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है, आप में रहकर बीजेपी को गाली ना दें तो आपिये कैसे साबित होंगे. 

12 June, 2017

BJP नेता तजिंदर बग्गा ने कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित के लिए भेजा ये गिफ्ट: पढ़ें क्यों

BJP नेता तजिंदर बग्गा ने कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित के लिए भेजा ये गिफ्ट: पढ़ें क्यों

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New Delhi: भारतीय जनता पार्टी के नेता तजिंदर बग्गा ने कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित के लिए ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट Amazon से एक Bowl खरीदकर उनके घर पर भेज दिया है. तजिंदर बग्गा ने गिफ्ट भेजने के बाद कहा कि इस Bowl में चुल्लू भर पानी आएगा और संदीप दीक्षित को इसमें डूबकर मर जाना चाहिए.

बात दरअसल ये है कि कल संदीप दीक्षित ने थल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत को सड़क का गुंडा बताते हुए कहा था कि पाकिस्तान कुछ भी बोले तो मुझे बुरा नहीं लगता लेकिन जब हमारे सेनाध्यक्ष बिपिन रावत सड़क के गुंडे की तरह बयान देते हैं तो मुझे बहुत बुरा लगता है.

संदीप दीक्षित का पूरा बयान

संदीप दीक्षित ने कहा कि पाकिस्तान एक ही चीज कर सकता है, वह उलूल जुलूल की हरकतें करके बयानबाजी कर सकता है, मुझे खराब तब लगता है जब हमारे थल सेनाध्यक्ष भी एक सड़क के गुंडे की तरह बयान देते हैं, पाकिस्तान वाले बयान देते हैं तो कोई बात नहीं, वे तो माफिया टाइप के लोग हैं लेकिन हमारे सेनाध्यक्ष ऐसा बयान देते हैं तो मुझे बुरा लगता है क्योंकि हमारे में सभ्यता है, गहराई है, ताकत है, हमारा देश दुनिया के देशों में एक आदर्श देश है, अगर हम भी ऐसी ओछी हरकत करते हैं तो बुरा लगता है.