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Oct 20, 2017

निजामुद्दीन दरगाह में भी धूम धूम से मनाई गयी दिवाली

निजामुद्दीन दरगाह में भी धूम धूम से मनाई गयी दिवाली

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दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह में भी दिवाली का त्यौहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया गया, दरगाह परिसर में कई जगह पर रंगोली बनायी गयी और दिए जलाए गए. इस मौके पर दर्जनों को इकठ्ठे और सैकड़ों दिए जलाकर दरगाह को रोशन किया.

आपको बता दें कि दिवाली हिदुस्तान के सबसे बड़ा त्यौहार है, हर बार निजामुद्दीन दरगाह गंगा जमुनी तहजीब पेश करते हुए दिवाली का त्यौहार मनाता है, इस बार भी यहाँ पर दिवाली मनायी गयी. इस अवसर पर मुस्लिम महिलाओं ने अपने हाथों से रंगोली बनायी और दीपक जलाए.

आपको बता दें कि भारत में सूफिज्म को मानने वाले मुस्लिम हर बार दीवाली का त्यौहार मनाते हैं, निजामुद्दीन दरगाह भी सूफिज्म के लिए जानी जाती है, यहाँ पर सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है, कट्टरपंथ सोच का समर्थन नहीं किया जाता.

Oct 18, 2017

अरविन्द केजरीवाल बोले, हमको भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है इसलिए चंदा दे दो

अरविन्द केजरीवाल बोले, हमको भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है इसलिए चंदा दे दो

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दिवाली पर सबको लक्ष्मी चाहिए होती हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को भी लक्ष्मी चाहिए इसलिए उन्होंने देशवासियों के नाम एक खुला खत लिखकर चंदे की मांग की है, उन्होंने कहा कि - आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए हमें पैसा चाहिए इसलिए आप लोग हमें चंदा दें.

उन्होंने बीजेपी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि ADR की रिपोर्ट के मुताबिक़ बीजेपी और कांग्रेस पार्टी को जो चंदा मिलता है उसके 80 फ़ीसदी सोर्स का पता नहीं है, वे लोग कोई काम भी नहीं करते जबकि हमारी सरकार ने दिल्ली में स्वास्थय और शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम किया है, इसलिए हमें चंदा दीजिये.

उन्होंने कहा कि हमारे पास बैनर और पोस्टर छपवाने के लिए पैसे नहीं हैं, अभी कुछ दिनों पहले किसान न्याय सम्मलेन प्रोग्राम के लिए बैनर्स प्रिंट करवाने थे तो हमारे पास पैसे ही नहीं थे, मैंने तुरंत ही राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता को इसका प्रबंध करने के लिए कहा.

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि हम सरकार में हैं, हमारी पार्टी के देश में 4 सांसद हैं, 86 विधायक हैं और 52 पार्षद हैं इसलिए हमें पैसे की कमीं नहीं होती होगी लेकिन यह गलत है, हमें भी पैसे चाहियें, हम अपनी पार्टी के काम को आगे बढ़ाना चाहते हैं.

Oct 17, 2017

मोदी ने दिल्ली में किया AIIMS जैसे विशाल आयुर्वेदिक अस्पताल का लोकार्पण, विकास का बड़ा तोहफा

मोदी ने दिल्ली में किया AIIMS जैसे विशाल आयुर्वेदिक अस्पताल का लोकार्पण, विकास का बड़ा तोहफा

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प्रधानमंत्री मोदी ने आज देशवासियों और खासकर दिल्ली वालों को विकास का बड़ा तोहफा भेंट किया है. अब तक भारत में कोई बड़ा आयुर्वेदिक अस्पताल नहीं था जिसकी वजह से आयुर्वेदिक विज्ञान के साथ अन्याय हो रहा है लेकिन मोदी ने यह कमीं पूरी करते हुए आज दिल्ली के सरिता विहार में AIIMS के जैसे ही आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेदा (AIIA) के रूप में देश को विकास का बहुत बड़ा गिफ्ट दिया. यह अस्पताल केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के अधीन है. यह अस्पताल आयुर्वेद के रिसर्च में मील का पत्थर साबित होने वाला है.

इस अस्पताल में सुविधानक उपचार प्रक्रिया के तहत टोकन पद्धति के साथ प्रत्येक रोगी को UHID प्रदान किया जाएगा, NAPH (National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers ) द्वारा प्रमाणित यह आयुर्वेद का प्राथन चिकित्सालय जिसमें सुचारू रूप से 12 सुपर स्पेशलिटी क्लिनिक चलाए जा रहे हैं, सभी क्लिनिक में विशिस्ट चिकिस्ता सुविधाएं उपलब्ध हैं.

अस्पताल में सभी स्टाफ और डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों से विनम्रता से पेश आयें, क्योंकि जब रोगियों से डॉक्टर विनम्रता से पेश आते हैं तो उनकी आधी पीड़ा पहले ही ख़त्म हो जाती है.

यहाँ पर पंचकर्म विभाग ने पक्षघात, गठिया, स्पॉन्डिलाइटिस, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की उत्तम चिकित्सा  सुविधाएं उपलब्ध हैं, साथ ही यहाँ पर पैरा-सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए भी काफी उत्तम सुविधाएं उपलब्ध हैं.

यहाँ पर व्याधियों की रोकथाम तथा स्वास्थ्य सुधार के लिए, दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं एवं वरीयता दी जाती हैं.

संस्थान में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पैथोलोजी लैब, बायो-केमिस्ट्री लैब, माइक्रो-बायोलॉजी लैब, एक्स-रे ईसीजी, MRI, सिटी-स्कैन और अल्ट्रा-साउंड की सुविधाएं रेडियोलोजी विभाग में मौजूद हैं. अस्पताल में आयुर्वेदिक औधाधियाँ निशुल्क प्रदान की जाती हैं. संस्थान में 200 बेड क्षमता का IPD है. यहाँ पर दिल्ली विश्वविद्यालय से एफिलिएटेड रिसर्च सेण्टर भी है.
कांग्रेस ने पकड़ी केजरीवाल की डर्टी पॉलिटिक्स, खुद किराया बढ़ाते हैं खुद विरोध भी करते हैं, वाह

कांग्रेस ने पकड़ी केजरीवाल की डर्टी पॉलिटिक्स, खुद किराया बढ़ाते हैं खुद विरोध भी करते हैं, वाह

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कांग्रेस पार्टी ने आज केजरीवाल की डर्टी पॉलिटिक्स का पर्दाफाश किया है. कांग्रेस का कहना है कि केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं, खुद ही मेट्रो के प्रबंधन करते हैं, खुद ही किराया बढ़ाते हैं और खुद ही किराया बढ़ाने का विरोध करके जनता को मूर्ख बनाते हैं.

कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार से साठ गाँठ करके केजरीवाल ने ही दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाया है, केजरीवाल के चीफ सेक्रेटरी मेट्रो में किराया बढाने वाली कमेटी के मेंबर हैं, बिना उनकी अनुमति के किराया बढ़ ही नहीं सकता.

केजरीवाल की असलियत समझकर कांग्रेस ने केजरीवाल पर मेट्रो को ख़त्म करने का आरोप लगाया है, आज ट्विटर पर Kejriwal Kill Metro ट्रेंड कर रहा है. कांग्रेस का कहना है कि शीला दीक्षित ने दिल्ली में बढ़िया काम किया था लेकिन केजरीवाल उनपर झूठे आरोप लगाकर मुख्यमंत्री बन गए और अब मेट्रो को ख़त्म कर रहे हैं.
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन का कहना है कि मेट्रो का किराया बढ़ाने का निर्णय आप सरकार का ही है लेकिन अब ये विरोध करके दिल्ली की जनता को मूर्ख बना रहे हैं. 

Oct 15, 2017

पटाखों के लिए अबकी बार दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर लगेगा मेला, चारों तरफ सजेंगी दुकानें

पटाखों के लिए अबकी बार दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर लगेगा मेला, चारों तरफ सजेंगी दुकानें

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सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर दिल्ली और एनसीआर में पटाखा विक्री पर रोक लगा दी है लेकिन ना तो पटाखा जलाने पर रोक है और ना ही दूसरे जिलों से पटाखा खरीदकर लाने पर रोक है, जानकारी के मुताबिक बैन के बाद भी ना तो पटाखा व्यापारी मानने को तैयार हैं और ना ही पटाखा जलाने वाले सुप्रीम कोर्ट का निर्णय मानने को तैयार हैं क्योंकि हर इंसान को पता है कि पटाखा जलाना खतरनाक है, पटाखों से धुंवा होता है, शरीर जलने का खतरा रहता है इसके बावजूद भी लोग पटाखे जलाते हैं.

इस बार भी लोग पटाखे जलाएंगे लेकिन पटाखा खरीदने के लिए उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ेगी, दिल्ली वालों को पटाखा लाने के लिए बॉर्डर पर जाना पड़ेगा, इस बार दिल्ली के सभी पटाखा व्यापारी अपने पटाखे बॉर्डर पर ले जाएंगे वहीँ पर दुकानें लगाकर बेचेंगें. पटाखा खरीदने वाले भी बॉर्डर पर जाएंगे, ऐसा लग रहा है कि इस बार बॉर्डर पर पटाखों का मेला लगेगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हिन्दू लोग पटाखा बैन से नाराज हो रहे हैं जबकि मुस्लिम लोग खुश हो रहे हैं, सभी टीवी चैनल वाले डिबेट में हिन्दू और मुस्लिम प्रवक्ताओं को जरूर बुलाते हैं, सभी टीवी डिबेट में मुस्लिम प्रवक्ता हमेशा पटाखों का विरोध करता है, पर्यावरण की बात करता है जबकि बकरा-ईद की बात आते ही उसे सांप सूंघ जाता है. टीवी डिबेट सुनकर हिन्दू लोग और नाराज हो जाते हैं इसलिए अबकी बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दरनिकार करते हुए सभी ने पटाखा जलाने का निर्णय लिया है.

यह भी हो सकता है कि अबकी बार पहले से भी अधिक पटाखे जलाएं जाँय क्योंकि अबकी लोग सुप्रीम कोर्ट पर गुस्सा निकालने के लिए पहले से अधिक पटाखे जलाएंगे भले ही उन्हें पटाखे लाने के लिए पथुरा या पानीपत जाना पड़े. अगर ऐसा हुआ तो सुप्रीम कोर्ट को धर्म पर चोट करने के लिए बड़ा सबक मिलेगा और बैन लगाने की आदत छोड़ देगा.

Oct 14, 2017

पटाखों पर बैन से केजरीवाल सरकार को होगा कम से कम 200 करोड़ का नुकसान, GDP पर भी होगा असर

पटाखों पर बैन से केजरीवाल सरकार को होगा कम से कम 200 करोड़ का नुकसान, GDP पर भी होगा असर

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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पटाखा विक्री पर बैन लगा दिया है लेकिन इसका सबसे अधिक नुकसान केजरीवाल सरकार को होने वाला है. दिल्ली में कम से कम 1000 करोड़ रुपये के पटाखे जलाए जाते हैं जिसकी वजह से केजरीवाल सरकार को GST के हिसाब से कम से कम 200 करोड़ रुपये की कमाई होती है लेकिन इस बार पटाखा व्यापारी पटाखा बेच ही नहीं पाएंगे तो केजरीवाल सरकार को टैक्स से होने वाली कमाई भी नहीं होगी.

खैर इसकी भी भरपायी दिल्ली की जनता को ही करनी पड़ेगी क्योंकि सरकारें हर नुकसान की भरपायी जनता से ही करती हैं, जब केजरीवाल सरकार को 200 करोड़ का नुकसान होगा तो इसकी भरपायी करने के लिए जनता के ऊपर टैक्स का भार लादा जाएगा या दिल्ली को विकास से हाथ धोना पड़ेगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार की अधिकतर कमाई टैक्स से होती है, सिर्फ दिवाली के सीजन में सरकारें टैक्स से वर्ष भर का 40 परसेंट टैक्स कमा लेती हैं, दिवाली भारतीयों का सबसे बड़ा त्यौहार है, इस त्यौहार में लोग जमकर खर्चा करते हैं, जनता जितना अधिक खर्चा करती है, सरकार को उतनी अधिक कमाई होती है, जनता जितना अधिक पैसे बर्बाद करती है सरकार की झोली में उतने ही रुपये गिरते हैं, दिवाली पर सबसे अधिक कमाई पटाखों से होती है क्योंकि पटाखे खरीदकर जनता अपने पैसे उड़ाती है और ये पैसे सरकार की झोली में गिर जाते है, उदाहरण के लिए नोटबंदी के बाद जितने रुपये बैंकों में नहीं आये, वह सब केंद्र सरकार के हो गए.

आपको बता दें कि बैन की वजह से अब पटाखा व्यापारी चोरी-छिपे पटाखा बेचेंगे, मतलब बिल नहीं काटेंगे, अगर बिल नहीं काटेंगे तो दिल्ली सरकार को GST भी नहीं मिलेगा. सारा का सारा पैसा कालेधन में जाएगा, पटाखा व्यापारी चोरी से पटाखा बेचकर अपनी लागत वसूल करेंगे लेकिन सरकार को अपनी कमाई का हिसाब नहीं देंगे क्योंकि हिसाब देने, बिल काटने पर उन्हें सजा हो जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से सबसे अधिक नुकसान दिल्ली की जनता का होगा क्योंकि वे ना तो पटाखे जला पाएंगे, और पटाखा ना जलाने से हुए नुकसान की भरपायी भी उन्हें ही करनी पड़ेगी, क्योंकि केजरीवाल पेट्रोल-डीजल पर VAT बढ़ाकर 1 महीनें में नुकसान की भरपायी कर लेंगे लेकिन बोझ तो दिल्ली की जनता पर ही पड़ेगा.

देश की अर्थव्यवस्था को भी होगा नुकसान

जब जनता के पैसे नहीं खर्च होंगे तो देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होगा क्योंकि सरकार की Indirect Tax से सर्वाधिक कमाई होती है, जब जनता पैसे खर्च करती है तो सरकार को Indirect TAX मिलता है और GDP बढ़ती है, लेकिन जब जनता पैसे खर्च नहीं करती तो उससे सरकार की कमाई भी घट जाती है जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. केंद्र सरकार इसकी भी भरपायी जनता से ही करती है, भारत में पेट्रोल और डीजल इसीलिए मंहगे हैं क्योंकि सरकार चाहती है कि जनता ज्यादा से ज्यादा पैसे खर्च करे. अगर पैसे घर में पड़े रहते हैं तो सरकार को नुकसान होता है, लेकिन जब पैसे चलते रहते हैं तो अर्थव्यवस्था दौड़ती है, GDP बढती है, केंद्र की कमाई होती है और उनके पास विकास के लिए पर्याप्त पैसा आता है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पटाखा बैन से देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है.
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर बैन लगाया तो यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट ने उसके सामने ही फोड़ा पटाखा

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर बैन लगाया तो यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट ने उसके सामने ही फोड़ा पटाखा

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नई दिल्ली : हिन्दुओं के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली के मौका पर पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के विरूद्ध यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट (हिन्दू संगठनों क समूह) की ओर से आज जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व फ्रंट के अंर्तराष्ट्रीय महासचिव जय भगवान गोयल कर रहे थे। प्रदर्शनकारी हनुमान मंदिर निकट प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन पर एकत्रित हुए और सर्वोच्च न्यायालय की ओर नारे लगाते आगे बढ़े। इस प्रदर्शन में दिल्ली-एनसीआर के अनेक पटाखा विक्रेता भी शामिल हुए।

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प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए गोयल ने कहा कि हिन्दुस्थान में बहुसंख्यक हिन्दुओं के धार्मिक मामलों पर विभिन्न सरकारी एवं अर्धसरकारी अथरिटीज़ द्वारा हस्तक्षेप सहन नहीं किया जा सकता। दीपावली पर पटाखों को छोड़ने की सदियों पुरानी परम्परा को सर्वोच्च न्यायालय ने एकाएक रोक लगाकर जहां हिन्दुओं की आस्था पर ही नहीं कुठाराघात किया बल्कि लाखों-करोड़ो रूपए लगाकर दीपावली पर पटाखे बेचने वालों को भी सड़क पर ला खड़ा किया है। उन व्यापारियों का क्या दोष है जिन्होंने लाईसेंस लेकर पटाखे खरीदे हैं। अब उनके नुकसान की भरपाई कौन करेगा. गोयल ने प्रश्न किया कि क्या यहीं प्रतिबंध मुस्लमानों के त्यौहारों पर लगाने की जुर्रत कोई संस्थान कर सकता है। मात्र हिन्दुओं को ही बलि का बकरा बनाना समझ से परे है।

गोयल ने आगे कहा कि दीपावली पर हिन्दुओं द्वारा अपना पर्व मनाने पर एक ही दिन में प्रदूषण फैल जाएगा, यह तर्कसंगत नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट मंतव्य हिन्दुओं को नीचा दिखाना है, प्रदूषण तो मात्र बहाना है।

गोयल ने सर्वोच्च न्यायालय से अपील की कि हिंदू धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पटाखों की  बिक्री पर लगाई रोक अविलम्ब वापिस ली जाए।

कार्यकर्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के निकट पटाखे चलाकर पटाखों की बिक्री पर लगी रोक का खुला विरोध प्रकट भी किया। 

इस सन्दर्भ में एक ज्ञापन सुप्रीमकोर्ट के मुख्य न्यायधीश एवं राष्ट्रपति को भी दिया गया है जिसमें दीपावली जैसे महापर्व पर पटाखों की बिक्री पर लगी रोक पर पुर्नविचार करने का जोरदार आग्रह किया गया है।

प्रदर्शन में अनेक शीर्षस्थ हिन्दू नेता साधु महात्मा एवं मठाधीश भी सम्मिलित हुए। आज के प्रदर्शन में शामिल होने वाले पदाधिकारियों में सर्वश्री चंद्र प्रकाश कौशिक, महंत नवल किशोर दास, अनिल आर्य, मुकेश जैन, चौधरी ईश्वरपाल सिंह, धर्मेंद्र बेदी, जी.के.रात्रा, राहुल मनचंदा (शेरू), नत्थू राम, विनोद गुप्ता, जयप्रकाश बघेल, श्रीकांत यादव, जितेंद्र यादव, डॉ. महेंद्र सिंह, गंगा राम सैनी, बजरंग बहादुर मिश्रा, राजेश बहोत, सुबोध बिहारी, पूरन सिंह, विनोद जयसवाल, शंकर लाल अग्रवाल, श्रीमति सरोज शर्मा, श्रीमति पूजा शर्मा, सीमा यादव व करिश्मा के नाम उल्लेखनीय हैं जो अपने कार्यकार्ताओं के साथ आए थे।

Oct 12, 2017

नोटबंदी झेला, GST झेला और पटाखे भी नहीं बेच पा रहे, हम क्या करें परिवार पालने के लिए: दुकानदार

नोटबंदी झेला, GST झेला और पटाखे भी नहीं बेच पा रहे, हम क्या करें परिवार पालने के लिए: दुकानदार

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पटाखा विक्री पर बैन लगने से दिल्ली एनसीआर के पटाखा व्यापारी और छोटे दुकानदार बहुत परेशान हैं, उनके लिए परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. दिवाली पर पटाखा बेचकर वे कई महीनों के लिए परिवार चलाने का खर्चा निकाल लेते थे लेकिन इस बार वे पटाखे बेच ही नहीं पाएंगे. 

दुकानदारों के लिए इससे भी परेशानी वाली बात यह है कि उन्होंने पटाखे खरीद कर रख लिए हैं, मतलब पैसा भी खर्च कर चुके हैं और अब उनकी कमाई भी गयी. उनकी तो दीवाली खराब हो गयी.

आज ANI से बात करते हुए दुकानदारों ने कहा कि हमारा तो जीना ही मुश्किल हो गया है, हमने नोटबंदी झेल ली, GST भी झेल लिया और मंहगे दामों पर पटाखे खरीद लिए लेकिन अब पटाखा बेचने पर ही सुप्रीम कोर्ट ने बैन लगा दिया. हम क्या करें, कैसे अपना परिवार पालें. हम तो बर्बाद हो गए.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितम्बर तक पटाखा बेचने पर बैन लगा दिया है. 1 नवम्बर से पटाखों की विक्री पुनः चालू हो जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पटाखों की वजह से दिवाली पर प्रदूषण बढ़ जाता है.

Oct 11, 2017

चीन की कमाई करवाकर मी-लार्ड ने लगाया पटाखों पर बैन, बर्बाद तो भारतीय दुकानदार हो गए

चीन की कमाई करवाकर मी-लार्ड ने लगाया पटाखों पर बैन, बर्बाद तो भारतीय दुकानदार हो गए

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दिवाली से 10 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में पटाखा बेचने पर बैन लगा दिया लेकिन सोचने वाली बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने चीन द्वारा भारत में पटाखा सप्लाई करने पर बैन नहीं लगाया और ना ही दुकानदारों के चीन के पटाखा खरीदने पर बैन लगाया, जब चीन ने पटाखे भारत में सप्लाई कर दिए, भारत के दुकानदारों से पैसे कमा लिए, चीन ने अपना खजाना भर लिया उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा बेचने पर बैन लगाकर भारतीय दुकानदारों के पैर काट दिए.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दशहरा से पहले ही चीन से भारत में पटाखे आ जाते हैं, चीन दशहरा से पहले से ही पटाखों और अन्य सामानों से कमाई कर लेता है, दिवाली पर चीनी सामानों के बहिष्कार से चीन को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह तो 6 महीनें पहले ही ये सब सामान भारत में सप्लाई कर देता है और पैसे कमा लेता है, बाद में चीनी सामानों, पटाखों, लाइटों और लड़ियों के बहिष्कार से सिर्फ भारतीय दुकानदार बर्बाद होते हैं क्योंकि वे तो पहले ही चीन को पैसा देकर सामान मांगा चुके होते हैं और अपनी दुकानों को सजा चुके होते हैं.

अगर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को पटाखे बेचने पर बैन लगाना था तो 6 महीनें पहले ही बैन लगा देते, हमारे देश के दुकानदार चाइना से कोई सामान खरीदते ही नहीं, अब तो चीन से सामान खरीद चुके हैं, पैसे चीन को दे चुके हैं, चीन की कमाई हो चुकी है, मी-लार्ड ने चीन की कमाई करवाकर पटाखा बेचने पर बैन लगा दिया.
दिल्ली सरकार बढाती है 99.7 फ़ीसदी प्रदूषण, पटाखे करते हैं 0.3 फ़ीसदी प्रदूषण: चेतन भगत

दिल्ली सरकार बढाती है 99.7 फ़ीसदी प्रदूषण, पटाखे करते हैं 0.3 फ़ीसदी प्रदूषण: चेतन भगत

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चेतन भगत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों के बैन को पूरी तरह से गलत बताया है और अपनी बात को साबित करने का प्रयास भी किया है. कल से ही उनके बयान पर बवाल मचा हुआ है, उन्होंने कल कहा था कि पटाखों पर बैन ठीक वैसा ही है जैसा बकरा-ईद पर बकरा काटने और क्रिसमस ट्री पर बैन लगाना. सुप्रीम कोर्ट को किसी भी त्यौहार पर बैन नहीं लगाना चाहिए क्योंकि बैन की प्रथा बहुत बुरी होती है. एक बार बैन लगना शुरू हो गया तो धीरे धीरे सभी चीजों पर बैन लगा दिया जाएगा और हमारे बच्चों का त्योहारों को लेकर क्रेज ख़त्म हो जाएगा.

चेतन भगत ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि पटाखों से प्रदुषण होता है, दिल्ली इसलिए प्रदूषित है, मेरा कहना है कि दिल्ली पटाखों की वजह से प्रदूषित नहीं है, दिल्ली सरकार की बुरी नीतियों, बुरे प्रशासन, अन-चेक ग्रोथ, फक्ट्रियों के लाइसेंस के चेक ना होने, प्रदूषण को मॉनिटर ना करने और अन्य चीजों से है. दिल्ली इन सब वजहों से प्रदूषित है. इसके लिए दीवाली पर दोष देने के बजाय सरकारों को दोष क्यों नहीं दिया जाता है.

हम यह क्यों नहीं कहते कि हमने दिल्ली को ऐसा क्यों बनाया कि हमारे बच्चे सिर्फ दो घंटे पटाखे नहीं फोड़ सकते. दीवाली पर पटाखे फोड़ने से सिर्फ 0.3 परसेंट प्रदूषण बढ़ता है लेकिन साल भर 99.7 परसेंट प्रदूषण फैलाने वालों से क्यों सवाल नहीं पूछ जाता. पहले 99.7 प्रदूषण को रोकने का काम करो, पहले उस समस्या को रोको, पहले उन लोगों से सवाल पूछो. उनकी वजह से समस्या हो रही है. पटाखों की वजह से कोई समस्या नहीं होती क्योंकि उससे सिर्फ .2 फ़ीसदी प्रदूषण बढ़ता है, पटाखे जलाने वालों को हम गिल्टी क्यों फील कराते हैं.

99.7 परसेंट प्रदूषण सरकार की बुरी नीतियों की वजह से बढ़ रहा है लेकिन हम उन्हें दोष देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते लेकिन सिर्फ 0.3 फ़ीसदी प्रदूषण के लिए हम अपने बच्चों की खुशियाँ छीनने के लिए तैयार हैं. सरकार को पहले से प्रदूषण कम करने का प्रयास करना चाहिए.

Oct 9, 2017

बहुत चालाक निकले मी-लार्ड लेकिन लोग रिश्वत देकर बेचेंगे पटाखे, पुलिस वालों का बढ़ा काम

बहुत चालाक निकले मी-लार्ड लेकिन लोग रिश्वत देकर बेचेंगे पटाखे, पुलिस वालों का बढ़ा काम

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सुप्रीम कोर्ट ने आज पटाखों पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है जिसके अनुसार दिवाली पर दिल्ली और NCR में पटाखों की विक्री पर बैन रहेगा. इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने चालाकी दिखाते हुए पटाखे जलाने को मंजूरी दी है ताकि लोग ये ना कह सकें कि सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओं के साथ अन्याय किया है. लेकिन हर आदमी समझ सकता है कि जब पटाखे बिकेंगे ही नहीं तो लोग जलाएंगे कहाँ से.

आपको बता दें कि दीवाली का त्यौहार 19 अक्टूबर को है, पटाखों की विक्री पर 30 नवंबर तक के लिए रोक लगा दी गयी है. 1 नवंबर को पटाखों की विक्री दोबारा शुरू हो जाएगी. अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पटाखों की वजह से दिल्ली का प्रदुषण बढ़ जाता है, इस बार यह देखा जाएगा कि पटाखों पर बैन से प्रदुषण पर क्या प्रभाव पड़ता है.

बढेगा भ्रष्टाचार, बढ़ेगी रिश्वतखोरी 

आपको बता दें कि हर दीवाली पर दिल्ली NCR में करीब 50 हजार करोड़ रुपये के पटाखे फोड़ दिए जाते हैं जिसके बाद प्रदुषण बहुत बढ़ जाता है, लोगों को भी यह मालूम ही लेकिन लोग पटाखे जरूर फोड़ते हैं. इस बार भी लोग पटाखे फोड़ेंगे, लगभग सभी दुकानदारों ने पटाखे खरीदकर रख लिए हैं, अगर उन्होंने पटाखों की विक्री नहीं की तो उन्हें बहुत नुकसान होगा इसलिए लोग चोरी छुपे पटाखे जरूर फोड़ेंगे.

सुप्रीम कोर्ट को दो-तीन महीनें पहले ही ऐसा आदेश देना था ताकि दुकानदार पटाखे ही ना खरीद पाते, अब खरीदकर रख लिए हैं तो पुलिस वालों को या तो घूस देंगे, या चोरी छिपे अपने घर में पटाखे बेचेंगे या कोई अन्य जुगाड़ ढूंढेंगे. मतलब भ्रष्ट पुलिस अफसरों की मौज आ गयी है जबकि इमानदारों पुलिस अफसरों का भागते भागते बुरा हाल हो जाएगा.

Oct 7, 2017

दिल्ली-शाहदरा के मानसरोवर पार्क में एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या, फैली सनसनी

दिल्ली-शाहदरा के मानसरोवर पार्क में एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या, फैली सनसनी

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दिल्ली शाहदरा से एक बड़ी खबर आयी है. मानसरोवर पार्क एरिया में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी गयी है. मारे गए लोगों में पांच महिलायें भी हैं. इन लोगों को रात में ही मार दिया गया था. सुबह जैसे ही इस घटना की खबर पुलिस को मिली, उन्होंने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

बताया जा रहा है कि हत्या की वजह प्रॉपर्टी विवाद हो सकती है. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है, जल्द ही सच सबके सामने आ जाएगा लेकिन इस हत्या से इतना तो साफ़ है कि बदमाशों और हत्यारों को पुलिस और कानून से कोई डर नहीं है.

Oct 6, 2017

सभी टैक्स चोरों और भ्रष्टाचारियों पर कड़े एक्शन के लिए केजरीवाल ने मोदी पर जमकर किया हमला

सभी टैक्स चोरों और भ्रष्टाचारियों पर कड़े एक्शन के लिए केजरीवाल ने मोदी पर जमकर किया हमला

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार से इसलिए गुस्सा हैं क्योंकि मोदी ने टैक्स चोरों, भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. मोदी के इस काम के लिए आज केजरीवाल ने उन पर जमकर हमला बोला.

केजरीवाल ने मोदी सरकार की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि इनकी नीतियों की वजह से माध्यम वर्ग, रियल स्टेट और व्यापारी वर्ग बहुत परेशान है, सभी लोगों को इनकम टैक्स के नोटिस आ रहे हैं, सरकार ने हर किसी की फाइल खोल रखी है इसलिए लोग डरे हुए हैं. अब आप खुद सोचिये, जिन्होंने गलत काम किया होगा, टैक्स चोरी की होगी, वही तो डरेगा, मोदी सरकार ने तो गलत लोगों की ही फाइल खोल रखी है, अब क्या मोदी चोरों के खिलाफ कार्यवाही भी ना करें.

मतलब चोरों की फाइल खोलना, उन्हें इनकम टैक्स का नोटिस भेजना भी केजरीवाल की नजर में गुनाह है. ये चाहते हैं कि मोदी व्यापारियों को टैक्स चोरी करने दें, किसी को इनकम टैक्स वाले नोटिस ना भेजें, इनकम टैक्स वाले काम ना करें और बैठे बैठे सैलरी लें. कमाल है, एक पूर्व इनकम टैक्स अधिकारी कितनी घटिया सोच रखता है.

Oct 5, 2017

मोदी के खिलाफ बोलकर विरोधियों के हीरो बने यशवंत सिन्हा, बहुत खुश हैं केजरीवाल और कांग्रेसी

मोदी के खिलाफ बोलकर विरोधियों के हीरो बने यशवंत सिन्हा, बहुत खुश हैं केजरीवाल और कांग्रेसी

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मोदी के खिलाफ बोलकर बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा विरोधी दलों के हीरो बन गए हैं, लोग उनसे खूब प्यार जता रहा हैं और उन्हें मोदी के खिलाफ बोलने के लिए ज्यादा से ज्यादा उकसा रहे हैं. आज यशवंत सिन्हा ने मोदी को दुर्योधन और दुशासन बताते हुए कहा कि वे मोदी और जेटली मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था का चीर-हरण कर रहे हैं इसलिए वे सरकार की आलोचना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी उनके खिलाफ एक्शन लेती है तो यह उनकी जिन्दगी का सबसे अच्छा दिन होगा. यशवंत सिन्हा कांग्रेसी नेता मनीष तिवारी के बुक लाँच के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

केजरीवाल को भा गए यशवंत सिन्हा, जमकर की तारीफ

मोदी को दुर्योधन और दुशासन बताकर यशवंत सिन्हा केजरीवाल के दिल में समा गए, केजरीवाल ने उनकी जमकर तारीफ की, उन्होंने कहा कि यशवंत सिन्हा ने सच बोलने की हिम्मत दिखाई है, पूरे देश में डर का माहौल है, आम आदमी अरु व्यापारी डरे हुए हैं, यहाँ तक कि बीजेपी नेता भी डरे हुए हैं.

केजरीवाल ने मोदी सरकार की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से माध्यम वर्ग, रियल स्टेट और व्यापारी वर्ग बहुत परेशान है, सभी लोगों को इनकम टैक्स के नोटिस आ रहे हैं, सरकार ने हर किसी की फाइल खोल रखी है इसलिए लोग डरे हुए हैं.

केजरीवाल ने कहा कि रिश्वतखोरी का रेट पांच गुना हो गया है, इनकम टैक्स के अधिकारी चांदी काट रहे हैं, मोदी सरकार हर चीज को आधार से लिंक कर रही है, लोगों के पास नौकरी नहीं है, व्यापारियों का धंधा बंद हो गया, देश ने इतना बुरा हाल कभी नहीं देखा. अपराध बढ़ता जा रहा है, सब कुछ बुरा ही बुरा हो रहा है.
विपासना के बाद बदल गया केजरीवाल का दिमाग, बोले 'हम दिल्ली के मालिक हैं, कोई ऐसे वैसे नहीं'

विपासना के बाद बदल गया केजरीवाल का दिमाग, बोले 'हम दिल्ली के मालिक हैं, कोई ऐसे वैसे नहीं'

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कुछ पहले अरविन्द केजरीवाल खुद को आम आदमी बताते थे, खुद को जनता का सेवक, खुद को जनता का CM बताते थे लेकिन हाल ही में विपासना के बाद उनका दिमाग बदल गया. केजरीवाल 10 दिनों तक अपने दिमाग का इलाज करने के लिए महाराष्ट्र में विपासना करने गए थे लेकिन वहां से आने के बाद उनका दिमाग की पूरी तरह से बदल गया.

कल केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में चीख चीख कर कहा कि दिल्ली में मालिक हम हैं, ये लोग दिल्ली के मालिक नहीं हैं, ये हमारे आर्डर को मानेंगे, हम दिल्ली चलाएंगे. केजरीवाल के भाषण का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें केजरीवाल चीख चीख कर कह रहे हैं कि दिल्ली के मालिक हम हैं.



केजरीवाल के दिमाग को ठिकाने लगाने के लिए ट्विटर पर एक ट्रेंड #JantaMalikHai चल रहा है जिसमें लोगों ने कहा कि दिल्ली की मालिक जनता है, केजरीवाल नहीं हैं. लोग केजरीवाल की जमकर धुनाई कर रहे हैं और उनकी पोल खोल रहे हैं.


फर्जी-बाबाओं माओं के आगे दिल्ली पुलिस वालों का ये हाल है तो आम जनता का क्या होगा

फर्जी-बाबाओं माओं के आगे दिल्ली पुलिस वालों का ये हाल है तो आम जनता का क्या होगा

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नई दिल्ली: आजकल फर्जी बाबाओं और माओं की पोल खुल रही है, राम रहीम जैसे बड़े बाबा रेप के गुनाह में जेल जा चुके हैं, फर्जी बाबाओं और माओं की लिस्ट लिस्ट भी जारी हो चुकी है जिसमें राधे माँ का भी नाम है इसके बावजूद भी दिल्ली पुलिस के कुछ अफसर और सिपाहियों ने राधे में के साथ गाना गया, डांस किया और उन्हें अपनी कुर्सी पर भी बिठा दिया.

आपको बता दें कि ANI ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमे कई पुलिसकर्मी राधे माँ संग गाना गा रहे हैं। एसएचओ ही नहीं पूरा थाना राधे माँ का दीवाना नजर आ रहा है। बड़े पुलिस अधिकारियों का ये वीडियो देख लोगों के होश उड़ गए हैं। सोशल मीडिया पर भी इन पुलिसकर्मियों पर बड़े सवाल उठाये जाने लगे हैं क्यों कि राधे माँ विवादित हैं और उनपर कई मामले दर्ज हैं, उनका नाम फर्जी बाबाओं में भी है, ऐसे में उनके संग पुलिस का ऐसा रूप हैरान करने वाला है। 

जानकारी के अनुसार ऐसा करने वाले पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है, करीब पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, SHO से भी जवाब माँगा गया है, लेकिन सोचने वाली बात ये है कि जब पुलिस वाले ही फर्जी बाबाओं के इतनी दीवाने हो सकते हैं तो आम जनता का क्या हाल होगा.

Oct 3, 2017

IIT में पढ़ें लेकिन केजरीवाल तो बड़े मूर्ख निकले, ये रहा सबूत

IIT में पढ़ें लेकिन केजरीवाल तो बड़े मूर्ख निकले, ये रहा सबूत

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, इंजीनियर लोगों को बहुत ही बुद्धिमान और चालाक समझा जाता है लेकिन केजरीवाल IIT छात्रों के नाम पर किसी लानत से कम नहीं हैं, इंजीनियर लोग हमेशा सोच विचारकर काम करते हैं लेकिन केजरीवाल बिना सोचे विचारे ही काम करते हैं, केजरीवाल इस वक्त मोदी का विरोध कर रहे हैं, मोदी का विरोध करना राजनीतिक रूप से गलत भी नहीं है लेकिन ट्विटर पर किसी भी ट्वीट का बिना असलियत जाने रि-ट्वीट करना ना तो किसी मुख्यमंत्री को शोभा देता है और ना ही किसी IIT इंजीनियर को.

आपको बता दें कि चाइना थाईलैंड में बैंकाक और लाओस के बीच बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है. यह प्रोजेक्ट करीब 519 किलोमीटर है और इसमें 30 बिलियन डॉलर का खर्चा आएगा. कल थाईलैंड ने 250 किलोमीटर पटरी बिछाने के लिए चाइना को 5 बिलियन डॉलर का पेमेंट किया. 

आपको बता दें कि जापान भी इसी तर्ज पर भारत में बुलेट ट्रेन बना रहा है, अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट 500 किलोमीटर का है जिसपर 17 बिलियन डॉलर का खर्च आएगा.

अब आप देखिये, चाइना ले रहा है 519 किलोमीटर का 30 बिलियन डॉलर जबकि जापान भारत से ले रहा है 500 किलोमीटर का 17 बिलियन डॉलर. देखने पर ही लग रहा है कि भारत का काम सस्ते में हो रहा है. इसके अलावा जापान ने 50 वर्ष के लिए भारत को 0.1 फ़ीसदी ब्याज पर लोन दिया है, मतलब भारत को अपनी जेब से एक पाई नहीं देनी है, जो देना है बुलेट ट्रेन से ही कमाकर देना है.

आपको बता दें कि कल जब थाईलैंड ने ढाई किलोमीटर लाइन बिछाने के लिए चाइना को 5 बिलियन डॉलर का पेमेंट किया तो भारतीय अख़बारों में इसकी खबर छपी. कुछ आपियों, कांग्रेसियों और वामपंथियों यानी मोदी विरोधियों ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैला दी कि थाईलैंड 3000 किलोमीटर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए दे रहा है सिर्फ 5 बिलियन डॉलर जबकि भारत सिर्फ 500 किलोमीटर के लिए दे रहा है 17 बिलियन डॉलर.

आपियों, कांग्रेसियों और वामपंथियों यानी मोदी विरोधियों का तो काम है अफवाह फैलाना लेकिन केजरीवाल ने भी इस ट्वीट को बिना सोचे समझे रि-ट्वीट कर दिया. अब आप सोचिये थाईलैंड की धरती ही 700 किलोमीटर में है तो वहां पर 3000 किलोमीटर लम्बी लाइन कैसे बनेगी, इसके अलावा बैंकाक से लाओस के बीच दूरी सिर्फ 519 किलोमीटर है तो 3000 किलोमीटर लम्बी लाइन कैसे बनेगी.

दरअसल यह प्रोजेक्ट सिर्फ 519 किलोमीटर का है जबकि आपिए इसे 3000 किलोमीटर का बताकर मोदी सरकार के खिलाफ बुलेट ट्रेन में घोटाले का झूठा आरोप लगा रहे हैं. चीन सिर्फ 519 किलोमीटर के लिए 30 बिलियन डॉलर लेगा जबकि भारत 500 किलोमीटर के लिए जापान को सिर्फ 17 बिलियन डॉलर देगा.

केजरीवाल को पहले देख लेना चाहिए था,उन्हें थाईलैंड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए थी, बैंकाक और लाओस के बीच की दूरी का पता लगाना चाहिए था उसके बाद इस ट्वीट को रि-ट्वीट करना चाहिये था लेकिन मोदी विरोध में केजरीवाल का दिमाग खराब हो जाता है. 

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अरविन्द केजरीवाल ने इस ट्वीट को भी बिना जांचे परखे रि-ट्वीट कर दिया, जो कि सिर्फ झूठी अफवाह है.

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आपको बता दें कि हाल ही में केजरीवाल 10 दिन तक विपासना करके आये हैं उसके बाद भी उनका दिमाग सही नहीं हुआ. उन्होंने पहले ही तरह झूठ और अफवाह फैलाने की राजनीति जारी रखी है. उन्होंने इस ट्वीट को रि-ट्वीट करके अपनी महापूर्खता का परिचय दिया है.

Oct 1, 2017

राष्ट्रपति राम ने सुनाई भगवान राम और गिलहरी की प्रेरणादायक कहानी, हर देशवासी को पढना चाहिए

राष्ट्रपति राम ने सुनाई भगवान राम और गिलहरी की प्रेरणादायक कहानी, हर देशवासी को पढना चाहिए

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कल दिल्ली के माधवदास पार्क में राम लीला कमेटी द्वारा दशहरा प्रोग्राम का आयोजन किया गया था जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए.

इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भगवान राम और गिलहरी की प्रेरणादायक कहानी सुनाई जिसे हर देशवासी को पढ़ना चाहिए और इससे प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में योगदान देना चाहिए.

उन्होंने बताया - जिस समय रामसेतु का निर्माण कार्य चल रहा था, हनुमान जी के नेतृत्व में नल नील, जामवंत, वानर और उनके तमाम सहयोगी सब मिलकर पत्थरों को तोड़कर सेतु निर्माण के काम में लगे थे, उसी समय वहां पर कुछ गिलहरियाँ प्रभु राम के पास आती हैं और कहती हैं कि सेतु का निर्माण राष्ट्र का निर्माण है इसलिए हम सब गिलहरियाँ भी इसमें योगदान देना चाहती हैं.

गिलहरियों की बात सुनकर प्रभु राम बहुत प्रसन्न हुए और उन्होने सभी गिलहरियों को अनुमति दे दी. वे सभी गिलहरियाँ पत्थर के छोटे छोटे कणों को लेकर सेतु के निर्माण में अपना योगदान देने लगीं. लेकिन उसी समय हनुमान और उनके सभी सहयोगियों ने प्रभु राम से उनकी सहयोगियों की शिकायत करते हुए कहा कि प्रभु ये गिलहरियाँ सेतु निर्माण में सहायक नहीं बल्कि बाधक हैं, हमें हमेशा डर लगा रहता है कि कहीं ये हमारे पैरों के नीचे आकर कुचल ना जाँय, इनकी वजह से सेतु निर्माण के कार्य में विलम्ब हो रहा है.

इसके बाद प्रभु राम ने सभी गिलहरियों को पास बुलाकर कहा कि तुम लोग सेतु निर्माण के काम में क्यों लगे हो, इसके बाद गिलहरियों ने जवाब दिया, प्रभु, आपने ही सेतु निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सभी वानरों को ये प्रेरणा दी थी कि ये सेतु का निर्माण राष्ट्र की अस्मिता और संरक्षण को बचाने का कार्य है इसीलिए ये सेतु का निर्माण भी राष्ट्र का निर्माण है, इसीलिए हम सभी ने निर्णय लिया कि हम भी इसमें छोटा सा योगदान देंगे. इसीलिए हम सब गिलहरियाँ अपनी जान को जोखिम में डालकर सेतु के निर्माण में हाथ बंटा रही हैं. ऐसा सटीक उत्तर सुनकर वहां खड़े सभी लोग स्तब्ध रह गए.

रामनाथ कोविंद ने कहा कि इस प्रंसग से हम सभी को यही सीख मिलती है कि कोई भी काम या कोई भी व्यक्ति छोटा नहीं होता है, यदि हम सभी लोग अपने हर काम और जिम्मेदारी को निष्ठा, ईमानदारी, प्रमाणिकता तथा इस बोध के साथ करें कि ये काम राष्ट्रहित के लिए है और प्रभु राम के जीवन आदर्शों के अनुरूप है तो मैं समझता हूँ कि हमारा हर काम राष्ट्र निर्माण में भूमिका अदा करेगा.

रामनाथ कोविंद ने अंत में कहा कि - आइये हम सब मिलकर राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए एकजुट होकर काम करें, तथा अस्वच्छता, भ्रष्टाचार, गरीबी, अशिक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों पर विजय प्राप्त करें.
धनुष पर तीर तानकर मोदी ने मनमोहन सिंह की तरफ देखा तो डर गए मनमोहन सिंह, कि कहीं

धनुष पर तीर तानकर मोदी ने मनमोहन सिंह की तरफ देखा तो डर गए मनमोहन सिंह, कि कहीं

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कल दिल्ली के माधवदास पार्क में राम लीला कमेटी द्वारा दशहरा प्रोग्राम का आयोजन किया गया था जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए. उनके साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी प्रोग्राम में शामिल हुए.

इस प्रोग्राम में प्रधानमंत्री मोदी और मनमोहन सिंह एक साथ खड़े थे. इससे पहले मोदी ने कार्यक्रम में आते ही मनमोहन सिंह से मुलाकत की और उनका अभिवादन किया क्योंकि मनमोहन सिंह मोदी से पहले कार्य्रकम में आ गए थे.
 
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कार्यक्रम के अंत में रावण को मारने के लिए मोदी को तीर कमान दिया गया. मोदी ने रावण को मारने के लिए तीर धनुष पर चढ़ाया. लेकिन इसके बाद मनमोहन सिंह की तरफ देखने लगे. मोदी शायद मनमोहन सिंह को इशारा कर रहे थे - चला दूँ क्या?

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मोदी को अपनी तरफ देखकर मनमोहन सिंह सहम गए, उन्होंने सोचा कि आज कहीं मेरा ही कल्याण ना हो जाए, लेकिन इसके बाद अजीब घटना हुई, धनुष तानते ही धनुष टूट गया. 

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इसके बाद मोदी ने हाथ से ही तीर फेंककर रावण को मार दिया. इसके बाद मनमोहन सिंह की भी जान में जान आयी. वैसे भी आजकल मोदी और मनमोहन सिंह के बीच में तनातनी चल रही है क्योंकि नोटबंदी और GST का मनमोहन सिंह ने ही कड़ा विरोध किया था.

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धानुष पर वाण लगाते ही टूट गया धनुष, पढ़ें फिर क्या किया मोदी ने, कैसे मारा रावण को

धानुष पर वाण लगाते ही टूट गया धनुष, पढ़ें फिर क्या किया मोदी ने, कैसे मारा रावण को

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कल दिल्ली के माधवदास पार्क में राम लीला कमेटी द्वारा दशहरा प्रोग्राम का आयोजन किया गया था जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए. उनके साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी प्रोग्राम में शामिल हुए.

इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को शक्ति के प्रतीक के रूप में एक त्रिसूल भेंट किया गया. उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को एक फरसा भेंट किया गया जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीर कमान भेंट किया गया.

प्रधानमंत्री मोदी को यह तीर कमान रावण को मारने के लिए दिया गया था लेकिन उन्होंने जैसे ही कमान में तीर को लगाकर रावण पर निशाना लगाया धनुष ही टूट गया, इसके बाद मोदी ने तीर चलाने की कोशिश की लेकिन जब धनुष ही टूट गया था तो तीर चलता कैसे.

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इसके बाद मोदी ने हाथ से ही तीर फेंक दिया. इस मौके पर मौजूद लोग हंसने लगे क्योंकि किसी को अंदाजा नहीं रहा होगा कि मोदी के धनुष पकड़ते ही और उसे रावण पर तानते ही धनुष टूट जाएगा.

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