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Wednesday, December 21, 2016

केजरीवाल ने चंडीगढ़ चुनावों से भागकर बढ़िया, वर्ना औकात पता चल जाती, बेइज्जती भी होती

केजरीवाल ने चंडीगढ़ चुनावों से भागकर बढ़िया, वर्ना औकात पता चल जाती, बेइज्जती भी होती

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चंडीगढ़, 21 दिसंबर: अरविन्द केजरीवाल पिछले कई महीनों से प्रोजेक्शन करते आ रहे हैं कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की 117 सीटों में से कम से कम 110 सीटों पर विजय होने वाली है और उनकी आंधी में बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस उड़ने वाली हैं। इसी भरोसे से केजरीवाल चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों में भी लड़ने का मन बनाया था, केजरीवाल ने कई रैलियां भी की थी लेकिन एन वक्त पर वे चुनावों से भाग लिए, उनके सभी उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़े और सब के सब बीजेपी की आंधी में उड़ गए।

चंडीगढ़ चुनावों से भागकर केजरीवाल ने बढ़िया काम किया, अगर वे चुनाव लड़ते तो उन्हें उनकी औकात भी पता चल जाती और बेइज्जती भी होती, उन्हें इसका नुकसान पंजाब विधानसभा चुनावों में भी होता क्योंकि सब के सब यही सोचते ही केजरीवाल में कोई दम नहीं है, इनकी औकात चंडीगढ़ में पता चल गयी।

चंडीगढ़ में बीजेपी की आंधी में कांग्रेस पार्टी उड़ गयी, बीजेपी ने 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें 20 सीटों पर जीत मिली, अकाली दल ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से उन्हें केवल 1 सीट पर जीत मिली। अगर बीजेपी इन चारों सीटों पर भी चुनाव लडती तो उन्हें या तो अभी पर या चार में से 2-3 सीटें जरूर मिलती। कांग्रेस को इसका फायदा हुआ और उन्हें चार सीटें मिल गयीं और एक सीट निर्दलीय के खाते में चली गयी।

Tuesday, December 20, 2016

अमित शाह बोले, चंडीगढ़ की विशाल जीत नोटबंदी का समर्थन, कांग्रेस का विनाश तय

अमित शाह बोले, चंडीगढ़ की विशाल जीत नोटबंदी का समर्थन, कांग्रेस का विनाश तय

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नई दिल्ली, 20 दिसम्बर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि चंडीगढ़ स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा की जीत नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी के फैसले का पुरजोर समर्थन है। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव का परिणाम मंगलवार को आया। भाजपा ने कुल 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उसने 20 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि उसके गठबंधन घटक दल शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से 1 सीट पर जीत दर्ज की है। भाजपा तथा SAD ने मिलकर कुल 26 में से 21 सीटें जीतीं।

शाह ने कहा, "चंडीगढ़ में हुई ताजी जीत लोगों का नोटबंदी को स्पष्ट समर्थन है और इससे स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष नोटबंदी पर गंदी राजनीति कर रहा है।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति के एक प्रतीक के रूप में सिमटकर रह गई है हर जगह से समाप्त होती जा रही है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी के बाद जितनी जगहों पर निकाय चुनाव हुए, उन सबमें भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा है।

शाह ने कहा, "जनता ने नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों का खुलकर समर्थन किया है। यह राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव तथा विधानसभा व लोकसभा उपचुनाव से स्पष्ट हो गया है।"

पिछले चुनाव में भाजपा ने 15 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार कांग्रेस को मात्र चार सीटों से संतोष करना पड़ा।
चंडीगढ़ वालों ने कांग्रेस को नोटबंदी के विरोध की दी सजा, MC चुनावों में सूपड़ा ही साफ़ कर दिया

चंडीगढ़ वालों ने कांग्रेस को नोटबंदी के विरोध की दी सजा, MC चुनावों में सूपड़ा ही साफ़ कर दिया

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चंडीगढ़, 20 दिसम्बर: ऐसा लग रहा है कि पूरा देश कांग्रेस पार्टी को नोटबंदी के विरोध की सजा दे रहा है, जहाँ जहाँ भी चुनाव हो रहे हैं कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ हो रहा है, आज चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों में भी कांग्रेस पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया और बीजेपी-अकाली दल की बम्पर जीत हुई। 

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन ने 26 में से 21 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। चुनाव कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि भाजपा ने 21, विरोधी दल कांग्रेस ने चार और निर्दलीय ने एक वार्ड में जीत हासिल की है। 

जीत दर्ज करने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा के मेयर अरूण सूद और कांग्रेस के देविंदर सिंह बाबला शामिल हैं। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में कुल 59.54 प्रतिशत मतदान हुआ। नोटबंदी के बाद भाजपा और कांग्रेस के लिए 26 वार्डों में हुए ये नगर निगम चुनाव उनके प्रदर्शन को आंकने की एक बड़ी कसौटी थे। निर्दलीय 67 उम्मीदवारों सहित कुल 122 उम्मीदवार चुनाव में खड़े हुए थे। वहीं 2,37,374 महिलाओं सहित कुल 5,07,627 मतदाता थे। 

इस चुनाव में कुल 122 उम्मीदवार थे जिसमें से 67 निर्दलीय थे। चुनाव में बीजेपी को 57 फीसदी वोट मिले। नोटबंदी के बाद आ रहे इन नतीजों से बीजेपी का उत्साहित होना लाजिमी है। गौर हो कि पिछली बार बीजेपी ने इस चुनाव में 10 सीटें जीती थी और इस बार दोगुनी सीटों पर जीत हासिल की। दूसरी तरफ पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 11 सीटें जीती थी जो इस बार घटकर 4 हो गई।