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20 June, 2017

वाह रे तेरा GK, ममता बनर्जी अपने पड़ोसी राज्य बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को जानती ही नहीं

वाह रे तेरा GK, ममता बनर्जी अपने पड़ोसी राज्य बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को जानती ही नहीं

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New Delhi, 20 June: वेस्ट बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामान्य ज्ञान की आज सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है, ममता बनर्जी की जमकर धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं क्योंकि उन्हें बिहार के राज्यपाल और NDA के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का नाम ही नहीं पता है, उन्हें पता ही नहीं है कि रामनाथ कोविंद कौन हैं, ममता बनर्जी ने कभी रामनाथ कोविंद का नाम ही नहीं सुना. अब आप खुद ही बताइये जिस मुख्यमंत्री को अपने पडोसी राज्य बिहार के राज्यपाल का नाम ही मालूम नहीं है उसके सामान्य ज्ञान का आप खुद अनुमान लगा सकते हैं.

हम बताते हैं Whi is Ramnath Kovind?
  • वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं (8 अगस्त 2015 से)
  • बीजेपी की तरफ से 12 साल तक (1994-2000 and 2000-2006) राज्यसभा सांसद रह चुके हैं 
  • पेशे से वकील हैं और दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं
  • बीजेपी दलित मोर्चा के अध्यक (1998-2002) रह चुके हैं
  • आल इंडिया कोली समाज के अध्यक्ष रह चुके हैं
  • बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं
  • Ram Nath Kovind का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर में हुआ
  • हिन्दू धर्म को मानते हैं
अब आप खुद सोचिये, जो इंसान बिहार का राज्यपाल हो और दो बार राज्यसभा सांसद भी रह चुका हो, उसका नाम ममता बनर्जी जानती ही नहीं, इससे भी हैरान कर देने वाली बात है कि बिहार पश्चिम बंगाल का पड़ोसी राज्य है, इसके बावजूद भी ममता बनर्जी उनका नाम नहीं जानतीं इसलिए आज उनके सामान्य ज्ञान की सोशल मीडिया पर जमकर धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं.

कल ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने कभी उनका नाम ही नहीं सुना, मैं उन्हें पहचानती ही नहीं इसलिए राष्ट्रपति के लिए उनका समर्थन करने का सवाल ही नहीं पैदा होता. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कल भारतीय जनता पार्टी की संसदीय दल की मीटिंग में रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में चुना गया था. 

04 June, 2017

बंगलदेश बॉर्डर पर पकडे गए 4 लाख रुपये के नकली नोट

बंगलदेश बॉर्डर पर पकडे गए 4 लाख रुपये के नकली नोट

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Malda: बंगाल से एक बड़ी खबर आयी है, BSF की 24 बटालियन ने पूर्व सूचना के आधार पर सीमा पर करीब 4 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किये हैं, पकडी गयी करेंसी 2000 के नोटों में है. 

खबर के अनुसार BSF को जैसे ही नकली नोटों की खबर मिली, अपराधियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया, मालदा के पास इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर पर अपराधियों को नकली नोटों के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया गया हालंकि अपराधियों ने नोट छोड़ दिया और अँधेरे का फायदा उठाते हुए भाग गए, BSF वाले हाथ पर हाथ धरे देखते रहे.

जब्त किये गए नकली नोट कानूनी कार्यवाही के लिए कालियाचक पुलिस स्टेशन में भेज दिए गए हैं.

17 May, 2017

बरकती जैसे लोगों को उठाकर भारत से बाहर फेंक देना चाहिए: BJP

बरकती जैसे लोगों को उठाकर भारत से बाहर फेंक देना चाहिए: BJP

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Kolkata : कुछ दिनों पहले कोलकता की टीपू सुलतान मस्जिद के शाही इमाम मौलाना नूर-उर-रहमान बरकती ने बहुत ही खतरनाक बयान देते हुए कहा था कि वे राज्य सरकार और केंद्र सरकार का आदेश नहीं मानते, वे तो सिर्फ अंग्रेजों का आदेश मानते हैं और भारत छोड़ने से पहले अंग्रेजों ने उन्हें लाल बत्ती वाली गाडी में चलने का हक दिया था इसलिए अगर उन्हें मोदी भी आकर बोलें कि लाल बत्ती का इस्तेमाल मत करो तो वे उनका भी आदेश नहीं मानेंगे, उन्होंने यह भी कहा था कि अगर हमें किसी काम से रोकोगे तो 30 करोड़ मुसलमान जिहाद करेंगे और सबको मार देंगे, मोदी को भी मार देंगे, हम अलग पाकिस्तान की मांग करेंगे, बरकती के इस बयान पर काफी विवाद हुआ.

बरकती के विवादास्पद बयान को देखते हुए टीपू सुलतान मस्जिद के ट्रस्टियों ने आज उन्हें शाही इमाम के पद से हटा दिया, जैसे ही बीजेपी को यह खबर हुई, इस निर्णय का स्वागत किया गया साथ ही कुछ और भी मांग की गयी.

बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राहुल सिन्हा ने कहा कि बरकती जैसे लोगों को उठाकर भारत से बाहर फेंक देना चाहिए.

ANI ने बात करते हुए राहुल सिन्हा ने कहा कि बरकती जैसे लोग जो भारत विरोधी नारे लगाते हैं, भारत विरोधी बयान देते हैं, पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हैं, देश तोड़ने की बातें करते हैं, उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं है, ऐसे लोगों को तुरंत उठाकर भारत से बाहर फेंक देना चाहिए.

बीजेपी के दूसरे नेता दिलीप घोष ने भी यही मांग की, उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है बरकती जैसे लोग धर्म के ठेकेदार हैं, इससे भी बड़ा दुर्भाग्य है कि ममता बनर्जी जैसी नेता बंगाल की मुख्यमंत्री हैं जो ऐसे लोगों को बढ़ावा देती हैं, उनके लिए ऐसे लोग वोट जोड़ने वाले होते हैं इसलिए वे जान बूझकर ऐसे लोगों को पालती पोषती हैं.

09 May, 2017

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीश कर्णन को सुनाई 6 महीने जेल की सजा

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीश कर्णन को सुनाई 6 महीने जेल की सजा

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कलकत्ता: सुप्रीम कोर्ट का आदेश ठुकराकर कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश कर्णन बुरी तरह फंस गए हैं, आज सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 6 महीने के लिए जेल भेज दिया है. जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कर्णन को अवमानना का दोषी माना है.

सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही न्यायाधीश कर्णन द्वारा एक दिन पहले पारित आदेशों की सामग्री को मीडिया में प्रकाशित करने पर पाबंदी लगा दी है जिसमें जस्टिस कर्णन ने कोर्ट की अवमानना करते हुए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर और अन्य सात न्यायाधीशों के खिलाफ पांच साल कैद की सज़ा सुनाई थी।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में सात जजों की पीठ ने ये फैसला किया। साथ ही अदालत ने अपने फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है।

जानकारी के लिए बता दें कि इतिहास में पहली बार हो रहा है कि इतिहास में पहली बार हो रहा है कि हाईकोर्ट के किसी सिटिंग जज को जेल भेजा गया हो.

जस्टिस कर्णन के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर और 6 अन्य न्यायाधीशों की एक बेंच ने की जिसमें कर्णन को अवमानना का दोषी पाया गया जिसके बाद उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया.

इससे पहले जस्टिस कर्णन ने SC/ST Atrocities Act-1989 and amended Act of 2015 कानून का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सहित 6 अन्य जजों को पांच साल के लिए सजा सुना दी थी. कर्णन ने खुद को दलित बताते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने मुझपर अन्याय किया है.

03 May, 2017

भैंसा खाने वाली काजोल के समर्थन में आयीं ममता बनर्जी, बोलीं 'उनके साथ असहिष्णुता हो रही है'

भैंसा खाने वाली काजोल के समर्थन में आयीं ममता बनर्जी, बोलीं 'उनके साथ असहिष्णुता हो रही है'

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कोलकाता: आपने पढ़ा होगा कि बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल भैंसे का मांस खाने की बहुत शौक़ीन हैं और कुछ दिनों पहले उन्होंने भैंसे के मांस वाली पार्टी की तस्वीर साझा करके खुद को भैंसे का मांस खाने की बहुत शौक़ीन साबित करने का प्रयास किया था, उन्होंने एक VIDEO भी वायरल कर दिया जिसमें भैंसे का मांस देखकर उनके मुंह से लार टपक रही है.

काजोल के इस VIDEO को देखकर लोग सोशल मीडिया पर उनका जमकर मजाक उड़ाने लगी, उन्हें जमकर बुरा भला कहा जाने लगा जिसके बाद उन्होंने ट्वीट करके बताया कि मैंने भैंसे का मांस खाया था, गाय का नहीं, भैंसे का मांस खाना कानूनी रूप से गलत नहीं है. मैं यह सफाई इस लिए दे रही हूँ ताकि किसी की भावनाएं ना भड़कें.
काजोल की आलोचना को देखकर अब ममता बनर्जी भी उनके समर्थन में उतर आयी हैं, उन्हने कहा कि कुछ लोग दूसरों के खाने की आदतों को देखकर असहिष्णु हो रहे हैं, मैं अभिनेत्री का नाम नहीं लुंगी, उन्होंने शाहरूख खान के साथ कई फिल्मों के काम किया है, उनके एक VIDEO को देखकर उन्हें परेशान किया गया, उन्हें बताना पड़ा कि यह बीफ नहीं बल्कि भैंसे का मांस है.

ममता बनर्जी ने कहा कि यह एक खतरनाक चलन है, लोग दूसरों के खाने की आदत पर हमला कर रहे हैं, लोग तय करने का प्रयास कर रहे हैं कि कौन क्या खाएगा, यह गलत है.

10 April, 2017

टूट गयी ममता बनर्जी की कसम, आखिरकार लगानी ही पड़ी PM MODI के दरबार में हाजिरी

टूट गयी ममता बनर्जी की कसम, आखिरकार लगानी ही पड़ी PM MODI के दरबार में हाजिरी

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New Delhi: नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री मोदी को उखाड़कर फेंक देने का कसम खाने वाली बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दरबार में हाजिरी लगाई, पिछले एक दो महीने से उनके रूख को देखकर तो ऐसा लग रहा था कि वे अपनी कसम नहीं तोड़ेंगी और मोदी से कभी मुलाकात नहीं करेंगी लेकिन भारत का संविधान ही ऐसा है कि उन्हें अपनी कसम तोडनी पड़ी और प्रधानमंत्री से मुलाकात करनी ही पड़ी.

मोदी से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बताया कि आज उन्होंने मोदीजी से मुलाकात की और पेंडिंग प्रोजेक्ट पर चर्चा की, नोटबंदी की कमाई में बंगाल के शेयर पर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि आपने नोटबंदी से खूब कमाई की है, इसमें बंगाल का भी शेयर बनता है इसलिए कुछ पैसे हमें भी दें, मोदी ने उन्हें कमिटमेंट तो नहीं दिया लेकिन उन्हें मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि मैं कोशिश करूँगा.

15 February, 2017

बंगाल में इस्लामिक जिहाद ने मचाया हाहाकार, जान बचाने के लिए इकठ्टे हुए लाखों हिन्दू

बंगाल में इस्लामिक जिहाद ने मचाया हाहाकार, जान बचाने के लिए इकठ्टे हुए लाखों हिन्दू

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Kolkata, 15 Feb: बंगाल के हिन्दू अब जागने लगे हैं लेकिन ऐसा लगता है कि थोडा देर हो गयी है क्योंकि बंगाल में इस्लामिक जिहाद ने अपने पैर फैला लिए हैं और कई खबरों के अनुसार पुलिस भी अब जिहादियों से डरने लगी है, कश्मीर में भी ऐसे ही हालात सामने आये थे लेकिन वहां पर हिन्दुओं की आँखें नहीं खुली और उन्हें भगा दिया गया अब वैसी ही स्थिति बंगाल में बन रही है तो हिन्दू समय से पहले जागने लगे हैं और इस्लामिक जिहाद का विरोध करने लगे हैं। 

आज कलकत्ता में हिन्दू संहति नाम के संगठन का स्थापना दिवस था, इस मौके पर लाखों हिन्दू इकठ्ठे हुए और इस्लामिक जिहाद के खिलाफ आन्दोलन छेड़ने की कसम खाई, आज हिन्दू संहति से अपना 9वां स्थापना दिवस मनाया और संगठन के अध्यक्ष तपन घोष ने भीड़ को संबोधित किया। 

इस अवसर पर तपन घोष ने कहा कि पडोसी देश बांग्लादेश की जिहादी मानसिकता बंगाल में भी प्रवेश कर गयी है और यहाँ पर प्रदुषण फैला रही है, अगर अब भी हम नहीं जागे तो बंगाल जल्द ही कश्मीर बन जाएगा क्योंकि यहाँ की सरकार भी तुस्टीकरण की राजनीति पर उतर आयी है। 

उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत बंगाल को इस्लामिक स्टेट बनाने की कोशिश की जा रही है, जिन क्षेत्रों में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं वहां पर हिन्दू समुदाय बहुत परेशान है और लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अगर ऐसे ही पलायन जारी रहा तो बंगाल में हिन्दुओं के अस्तित्व पर संकट पैदा हो जाएगा। 

इस अवसर पर भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व अफसर कर्नल आरएसएन सिंह भी उपस्थित थे। 

02 February, 2017

अगर यह घटना किसी मुस्लिम छात्रा के साथ हुई होती तो पेड मीडिया, राहुल-केजरीवाल मचा देते हाहाकार

अगर यह घटना किसी मुस्लिम छात्रा के साथ हुई होती तो पेड मीडिया, राहुल-केजरीवाल मचा देते हाहाकार

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Kolkata, 31 January: बंगाल में पिछले हफ्ते एक घटना घटी, इस इलाके में मुस्लिम बहुसंख्यक हो गए हैं, यहाँ पर मुस्लिम बाहुल्य इलाके तेहत्ता में एक सरकारी स्कूल था, एक दिन मुस्लिमों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर स्कूल में सरस्वती पूजा पर रोक लगा दी, छात्रों के मांग के बाद भी ममता बनर्जी सरकार ने सरस्वती पूजा की इजाजत नहीं दी, जब छात्र छात्रों ने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन किया तो ममता बनर्जी सरकार ने पुलिस भेजकर लाठीचार्ज करवा दिया और छात्रों का सिर फुडवा दिया।

अगर यही घटना किसी मुस्लिम के साथ घटती, अगर किसी मुस्लिम को नमाज के लिए पीटा जाता तो अब तक बिकाऊ मीडिया, केजरीवाल और राहुल गाँधी जैसे नेता हाहाकार मचा देते, उसके घर का दौरा करते, उसके लिए लाखों रुपये की मदद का ऐलान करते, घटना के विरोध में धरना देते लेकिन यह घटना हिन्दू छात्रों के साथ घटी है इसलिए बिकाऊ मीडिया ने अपनी आँखें बंद कर ली हैं, केजरीवाल और राहुल गाँधी जैसे नेता भी आँखें बंद कर लिए हैं।

अब आप खुद सोचिये, आज तक आपने कभी भी सुना नहीं होगा कि किसी स्कूल में हिन्दुओं ने मुस्लिमों के नमाज करने पर रोक लगाई है, जिन इलाकों में 99 फ़ीसदी हिन्दू होते हैं वहां पर भी मुस्लिमों के नमाज पढने पर प्रतिबन्ध नहीं है, हिन्दू लोग ऐसा करते ही नहीं हैं लेकिन जहाँ जहाँ मुस्लिम बहुसंख्यक हो जाते हैं वहां हिन्दुओं के पूजापाठ करने पर प्रतिबन्ध की मांग करते हैं। बंगाल कश्मीर की राह पर चल पड़ा है और ममता बनर्जी आँखें बंद करके तमाशा देख रही हैं।

बंगाल भी कश्मीर बनने की राह पर चल पड़ा है, वर्ष 1990 के आस पास कश्मीर ने सभी हिन्दुओं को मारकर भगा दिया गया था, लाखों हिन्दुओं को मार दिया गया था और हजारों लड़कियों और महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ किया गया था, हिन्दुओं में इस कदर डर फ़ैल गया कि उन्हें अपना घर बार छोड़कर भागना पड़ा और आज भी लाखों हिन्दू पंडित रिफ्यूजी कैम्पों में रह रहे हैं। 

अब बंगाल भी कश्मीर की राह पर चल पड़ा है है, जिन इलाकों में मुस्लिमों की जनसँख्या हिन्दुओं से अधिक हो रही है वहां पर हिन्दुओं का जीना मुहाल कर दिया जाता है, कहीं मंदिरों पर ताला लगवा दिया जाता है, कहीं मंदिर की घंटियाँ उतरवा दी जाती हैं और स्कूलों में भी हिन्दुओं के पूजा करने पर रोक लगा दी जाती है, बंगाल की ममता बनर्जी सरकार भी मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए आँखें बंदकर करके हिन्दुओं की बर्बादी का तमाशा देख रही है। 
जेटली ने पेश किया इतिहास का सबसे बड़ा और खर्चीला बजट लेकिन ममता बनर्जी ने किया खारिज

जेटली ने पेश किया इतिहास का सबसे बड़ा और खर्चीला बजट लेकिन ममता बनर्जी ने किया खारिज

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New Delhi, 2 February: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कल देश का वर्ष 2017-18 के लिए बजट पेश किया, यह इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट था, इसमें 21.47 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की बात की गयी है, इतिहास में आज तक किसी भी साल विकास पर इतने रुपये खर्च नहीं किये गए, हर तबके के विकास के लिए इस बजट में बात की गयी है, सबसे अधिक जोर इंफ्रास्ट्रक्चर और किसानों, गरीबों के विकास पर दिया गया है, 2019 तक एक करोड़ गरीबों को घर देने की बात की गयी है। 

इतना सब कुछ होने के बाद भी ममता बनर्जी को यह बजट राश नहीं आया है और उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया है, ममता बनर्जी वैसे भी आजकल मोदी सरकार से नाराज हैं इसलिए अच्छाई में भी बुराई ढूंढती रहती हैं इसलिए उनके द्वारा मोदी सरकार की आलोचना करना समझ में आया है। 

उन्होंने बजट पर अपनी राय देते हुए कहा - "एक बहुत ही विवादास्पद बजट जो दिशाहीन, बेकार, आधारहीन, मिशनरहित और कार्रवाईविहीन, हृदयहीन है। अपनी विश्वसनीयता खो चुकी सरकार के इस बजट में देश के लिए कोई योजना नहीं है। करदाताओं के लिए अभी भी बैंकों से पैसे की निकासी पर प्रतिबंध हैं। इन प्रतिबंधों को तुरंत हटाएं।"

31 January, 2017

मुस्लिमों ने रुकवा दी स्कूल में सरस्वती पूजा, ममता बनर्जी ने फुड़वा दिया हिन्दू छात्राओं का सिर

मुस्लिमों ने रुकवा दी स्कूल में सरस्वती पूजा, ममता बनर्जी ने फुड़वा दिया हिन्दू छात्राओं का सिर

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Kolkata, 31 January: बंगाल भी कश्मीर बनने की राह पर चल पड़ा है, वर्ष 1990 के आस पास कश्मीर ने सभी हिन्दुओं को मारकर भगा दिया गया था, लाखों हिन्दुओं को मार दिया गया था और हजारों लड़कियों और महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ किया गया था, हिन्दुओं में इस कदर डर फ़ैल गया कि उन्हें अपना घर बार छोड़कर भागना पड़ा और आज भी लाखों हिन्दू पंडित रिफ्यूजी कैम्पों में रह रहे हैं। 

अब बंगाल भी कश्मीर की राह पर चल पड़ा है है, जिन इलाकों में मुस्लिमों की जनसँख्या हिन्दुओं से अधिक हो रही है वहां पर हिन्दुओं का जीना मुहाल कर दिया जाता है, कहीं मंदिरों पर ताला लगवा दिया जाता है, कहीं मंदिर की घंटियाँ उतरवा दी जाती हैं और स्कूलों में भी हिन्दुओं के पूजा करने पर रोक लगा दी जाती है, बंगाल की ममता बनर्जी सरकार भी मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए आँखें बंदकर करके हिन्दुओं की बर्बादी का तमाशा देख रही है। 

हाल ही में बंगाल एक उलुबेरिया जिले के तेहत्ता से एक खबर आयी, इस इलाके में मुस्लिम बहुसंख्यक हो गए हैं, यहाँ पर मुस्लिम बाहुल्य इलाके तेहत्ता में एक सरकारी स्कूल था, एक दिन मुस्लिमों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर स्कूल में सरस्वती पूजा पर रोक लगा दी, छात्रों के मांग के बाद भी ममता बनर्जी सरकार ने सरस्वती पूजा की इजाजत नहीं दी, जब छात्र छात्रों ने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन किया तो ममता बनर्जी सरकार ने पुलिस भेजकर लाठीचार्ज करवा दिया और छात्रों का सिर फुडवा दिया। 

अब आप खुद सोचिये, आज तक आपने कभी भी सुना नहीं होगा कि किसी स्कूल में हिन्दुओं ने मुस्लिमों के नमाज करने पर रोक लगाई है, जिन इलाकों में 99 फ़ीसदी हिन्दू होते हैं वहां पर भी मुस्लिमों के नमाज पढने पर प्रतिबन्ध नहीं है, हिन्दू लोग ऐसा करते ही नहीं हैं लेकिन जहाँ जहाँ मुस्लिम बहुसंख्यक हो जाते हैं वहां हिन्दुओं के पूजापाठ करने पर प्रतिबन्ध की मांग करते हैं। बंगाल कश्मीर की राह पर चल पड़ा है और ममता बनर्जी आँखें बंद करके तमाशा देख रही हैं। 

28 January, 2017

पहले हिन्दू थे भारत के 90 फ़ीसदी मुसलमान, जाति-व्यवस्था के कारण अपनाई गलत वंशावली: जावेद अख्तर

पहले हिन्दू थे भारत के 90 फ़ीसदी मुसलमान, जाति-व्यवस्था के कारण अपनाई गलत वंशावली: जावेद अख्तर

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कोलकाता, 27 जनवरी: विख्यात शायर एवं फिल्म गीतकार जावेद अख्तर का कहना है कि हिंदू जाति व्यवस्था ने देश के मुसलमानों को एक भ्रामक वंशावली को अपनाने पर मजबूर किया। टाटा स्टील कोलकाता साहित्य महोत्सव में जावेद अख्तर ने इस्लाम और मुसलमानों के बारे में पूर्वाग्रहों से संबंधित एक सत्र में यह बात कही।

जावेद ने कहा, "किसी आम मुसलमान से पूछिए कि आपकी वंशावली क्या है। वह कहेगा कि उसके पुरखे इराक के बसरा में फल बेचते थे। या यह कि वे अफगानिस्तान से आना (भारत) चाहते थे लेकिन खैबर दर्रे पर रुक गए। फिर उनसे पूछिए कि आखिर क्यों रुक गए।"

जावेद अख्तर ने आगे कहा, मान लीजिये किसी मुसलमान ने बहुत पहले पंजाब में धर्म परिवर्तन किया, अगर कोई हिन्दू उससे पूछे तो वह मना कर देगा क्योंकि अगर मुसलमान कबूल कर ले कि हाँ धर्म परिवर्तन किया था तो हिन्दू लोग पूछेंगे कि तुम्हारे पूर्वज अगर हिन्दू थे तो कौन सी जाति के थे, ऐसे में मुस्लिम अपने पूर्वजों की जाति बताने के बजाय अपने आप को इराकी या अरब वंश का बता देते हैं .

जावेद अख्तर ने कहा, "ऐसा हिंदू जाति व्यवस्था के कारण हुआ। अगर वह स्वीकार कर ले कि उसके दादा ने पंजाब में धर्म परिवर्तन किया था जोकि उन्होंने किया था (हिंदू से मुसलमान बने थे) तो फिर वे (हिंदू) पूछेंगे कि तुम्हारे दादा धर्म परिवर्तन से पहले क्या थे। यह हिंदू जाति व्यवस्था है जिसने उसे (भारतीय मुसलमान) को झूठी वंशावली अपनाने पर बाध्य किया है।"

खुद को नास्तिक बताने वाले जावेद अख्तर ने कहा कि भारत में 90 फीसदी मुसलमान यहीं के हैं और धर्म बदलकर मुसलमान बने हैं।

उन्होंने कहा, "वे कहते हैं कि तुम हमलावर हो। तुम बाहर से आए हो। वे कहते हैं कि तुम गजनी से आए हो। जबकि सच यह है कि वे नहीं आए हैं (बाहर से)। सच यह है कि 90 फीसदी मुसलमान धर्म परिवर्तन कर मुसलमान बने हैं। लेकिन, उन्हें बाहरी करार दे दिया जाता है। और फिर वे भी कहते हैं कि हां, हम बाहरी हैं।"

पहले से बनी धारणा (स्टीरियोटाइप) के अर्थ पर सवाल उठाते हुए जावेद ने कहा कि हम हर क्षेत्र में लोगों को स्टीरियोटाइप करते हैं। जब तक यह सौम्य है, ठीक है। समस्या तब आती है जब यह घातक रूप ले लेता है।

जावेद अख्तर ने उम्मा शब्द के बारे में भी बात की। इसका अर्थ हर देश में मौजूद मुसलमानों के एकजुट सामूहिक समुदाय से लिया जाता है। 

उन्होंने कहा, "यह शब्द दोनों तरफ से घातक हो गया है। लोग किसी एक समुदाय को देखते हैं तो उसके बारे में राय बनाने लगते हैं। समुदाय के लोग भी अपने अंदर से ही अपने बारे में एक राय कायम कर लेते हैं। यह स्टीरियोटाइप होने की प्रक्रिया दोतरफा है।"

जावेद (72) ने पूछा कि क्या सच में मुसलमान एक उम्मा हैं। उन्होंने कहा, "चलिए, सऊदी और कुवैती से पूछते हैं कि क्या वे एक ही राष्ट्र है? कुवैत में या किसी मध्य पूर्व के देश में, तथाकथित इस्लामी देश में, कोई भी, चाहे वह मुसलमान ही हो, किसी अरब लड़की से शादी नहीं कर सकता या बिना किसी अरब सहयोगी के व्यापार नहीं कर सकता।"

जावेद अख्तर ने कहा कि ऐसी किसी 'पहचान' का अस्तित्व नहीं है। यह एक मिथक है।

उन्होंने कहा, "सच तो यह है कि ऐसी कोई पहचान (एक उम्मा) नहीं है। यह उन लोगों द्वारा गढ़ी गई है जो इस समुदाय के विरोधी हैं और उनके द्वारा भी गढ़ी गई है जो खुद को इस समुदाय का हितैषी बताते हैं।"

22 January, 2017

बंगाल में लश्कर के 3 आतंकवादियों को मौत की सजा

बंगाल में लश्कर के 3 आतंकवादियों को मौत की सजा

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कोलकाता, 21 जनवरी: पश्चिम बंगाल की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने देश में भीषण हमलों की साजिश रचने के दोषी लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को शनिवार को मौत की सजा सुनाई। बनगांव के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिनय कुमार पाठक ने पाकिस्तान के कराची निवासी मोहम्मद युनूस व मोहम्मद अब्दुल्ला तथा एक भारतीय नागरिक मोहम्मद मुजफ्फर अहमद को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने को लेकर मौत की सजा सुनाई।

लश्कर-ए-तैयबा के अन्य आतंकवादियों के साथ तीनों को साल 2007 में उत्तरी 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर उस वक्त पकड़ा गया था, जब वे भारत में घुसने का प्रयास कर रहे थे।

अदालत ने बीते सोमवार को तीनों को धारा 121 (भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ना या ऐसा करने का प्रयास करना) व 121 ए (धारा 121 के तहत दंडनीय अपराध करने की साजिश) के तहत दोषी करार दिया।

अहमद जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग का निवासी है।

लश्कर-ए-तैयबा का एक अन्य आतंकवादी शेख नईम उर्फ समीर महाराष्ट्र के औरंगाबाद का निवासी है, जो साल 2013 से ही पुलिस की हिरासत से फरार है। 

चारों आतंकवादियों ने ढाका के मून होटल में भारत में भीषण हमलों को अंजाम देने की साजिश रची।

उन्हें अप्रैल 2007 में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गिरफ्तार किया था और बाद में पश्चिम बंगाल पुलिस के खुफिया विभाग को सौंप दिया था।

20 January, 2017

विश्वविद्यालयों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खतरा: मनमोहन सिंह

विश्वविद्यालयों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खतरा: मनमोहन सिंह

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कोलकाता, 20 जनवरी: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हैदराबाद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जएनयू) में बीते कुछ समय की अशांति के संदर्भ में शुक्रवार को कहा कि भारतीय विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र सोच और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में पड़ गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाना अलोकतांत्रिक है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने यहां प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय में कहा, "मैं समझता हूं कि प्रत्येक विश्वविद्यालय को ज्ञान को आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता अवश्य देनी चाहिए, भले ही वह ज्ञान स्थापित बौद्धिक और सामाजिक परंपरा से मेल ना रखता हो। हमें पूरी शिद्दत से इस स्वतंत्रता की रक्षा करनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "दुखद है कि भारतीय विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र सोच और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब खतरे में है।"

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, "शैक्षणिक नियुक्तियों में राजनीतिक हस्तक्षेप अत्यधिक अदूरदर्शिता है।"

उन्होंने कहा, "हाल में हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय और जेएनयू में छात्र समुदाय की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का प्रयास खास तौर पर चिंता का विषय है।"

सिंह ने कहा, "शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के प्रयास न केवल सीखने के प्रतिकूल हैं, बल्कि अलोकतांत्रिक भी हैं। हमें हमारे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता की रक्षा और हमारे छात्रों के विचारों की अभिव्यक्ति के अधिकार को बढ़ावा देने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए, जिससे शक्तिशाली हित हमेशा सहमत नहीं भी हो सकते हैं।"

'नई उभरती राष्ट्रवादी प्रवृत्ति' का उल्लेख करते हुए मनमोहन सिंह ने इन 'विनाशकारी रुझानों' के खिलाफ चेतावनी दी।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, "लोकलुभावनवाद के तौर पर हम पूरे विश्व में नई राष्ट्रवादी प्रवृत्ति में वृद्धि देख रहे हैं और यह तर्क व विवेक को धता बताते हुए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाता है। ये प्रवृत्तियां अत्यंत विनाशकारी हो सकती हैं।"

उन्होंने कहा कि हमें भारत को इन रुझानों से हर हाल में बचाना होगा और विश्वविद्यालय इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। हमारे विश्वविद्यालय ऐसे भारतीय नागरिक तैयार कर सकते हैं जो कपोल कल्पित बातों से सही तथ्य को अलग करने में सक्षम हों, झूठे प्रचार का विरोध कर सकें।

सिंह ने दिसम्बर, 1947 में जवाहरलाल नेहरू द्वारा दिए गए भाषण का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य एक मजबूत, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत है जहां प्रत्येक नागरिकों के लिए समान जगह और प्रगति के लिए पूर्ण अवसर है।'

कांग्रेस नेता ने कहा, "असली राष्ट्रवाद वहीं पाया जाता है जहां हमारे छात्रों को स्वतंत्र रूप से सोचने और बोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जहां विरोध को प्रोत्साहित किया जाता है न कि दबाया जाता है। केवल रचनात्मक ढंग से वार्ता के जरिए असंतोष को दूर कर हम हमारे देश में एक मजबूत, अधिक रचनात्मक और आत्मनिर्भर लोकतंत्र की स्थापना कर सकते हैं।" उन्होंने कहा कि भारत को यह जरूर करना चाहिए।

पूर्व प्रधानमंत्री ने आंतरिक तनावों को अहिंसक तरीके से हल करने का आह्वान किया।

18 January, 2017

बंगाल में बवाल, पुलिस की गोली से एक प्रदर्शनकारी की मौत

बंगाल में बवाल, पुलिस की गोली से एक प्रदर्शनकारी की मौत

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कोलकाता, 17 जनवरी: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर ब्लॉक में प्रस्तावित विद्युत ग्रिड परियोजना के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। शाम को पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुए संघर्ष में गोली लगने से एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया है। राजनीतिक हिंसा के अपने इतिहास के लिए कुख्यात भांगर पिछले सप्ताह राज्य सरकार द्वारा 16 एकड़ कृषि भूमि जबरन अधिग्रहित किए जाने के बाद से उबल रहा है। यह कृषि भूमि भांगर-2 ब्लॉक के खमरैत, माछी भांगा, टोना और पदमपुकुर गांवों में फैली हुई है। यह जमीन पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) के लिए अधिग्रहीत की गई है।

आक्रोशित प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ उस समय जमकर झड़प हुई, जब पुलिस ने पदमपुकुर गांव में घुसने की कोशिश की। कड़े प्रतिरोध के कारण पुलिस ने बल प्रयोग किया।

घायल प्रदर्शनकारी को ग्रामीणों ने अपने कब्जे में ले लिया और बाद में उसे कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

संघर्ष की स्थिति तब पैदा हुई, जब मंगलवार अपराह्न् त्वरित कार्रवाई बल की एक टुकड़ी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल ने गांव में प्रवेश करने कोशिश की।

इसके बाद पुलिस वाहनों पर चारों तरफ से पथराव शुरू हो गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस ने कहा कि ग्रामीणों ने पुलिस के एक वाहन को जला दिया, जबकि दो अन्य पुलिस वाहन को एक तालाब में धकेल दिया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि भूमि मालिकों की सहमति के बगैर कोई भूमि अधिग्रहित नहीं की जाएगी, और जरूरत पड़ी तो भांगर में प्रस्तावित पॉवर ग्रिड अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

घटना के बाद बनर्जी ने ट्वीट किया, "यदि लोग जमीन नहीं देना चाहते तो भूमि अधिग्रहण नहीं होगा। यदि जरूरत पड़ी तो प्रस्तावित पॉवर ग्रिड कहीं और स्थानांतरित कर दिया जाएगा।"

इसके पहले पुलिस द्वारा सोमवार रात की गई कथित प्रताड़ना के विरोधस्वरूप लगभग 10000 ग्रामीण लाठी-डंडे के साथ जमा हो गए और उन्होंने गांव की ओर जाने वाले मार्ग को विभिन्न स्थानों पर पेड़ की शाखाएं गिराकर जाम कर दिया।

हथिराबंद ग्रामीणों ने निर्माणाधीन पॉवर ग्रिड के पास तैनात पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उन्हें गांव से चले जाने को कहा। उसके बाद पुलिस ने इलाके पर नियंत्रण करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

प्रदर्शनकारियों ने त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) और पुलिस पर ग्रामीणों को आतंकित करने और रात के अंधेरे में उनके घरों में घुसने का भी आरोप लगाया।

माछीभांगा गांव के एक निवासी ने कहा, "आरएएफ और पुलिस बेरहमी से हमें पीट रही है। वे हमें आतंकित करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि महिलाओं और बच्चों तक को नहीं बख्शा जा रहा है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में एकजुट प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि राज्य के विद्युत मंत्री सोवनदेब चटर्जी भांगर आएं और पॉवर ग्रिड परियोजना रद्द किए जाने की घोषणा करें।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "सरकार कह रही है कि हमारे गांव में पावर ग्रिड बनाने की योजना रद्द कर दी गई है, लेकिन निर्माण कार्य फिर क्यों जारी है? बिजली मंत्री को यहां आकर परियोजना रद्द किए जाने की घोषणा करनी होगी।"

राज्य के बिजली मंत्री चटर्जी ने हालांकि मंगलवार अपराह्न् कहा कि उन्होंने पावर ग्रिड का काम रोकने का आदेश दे दिया है और उन्होंने गांवों में बाहर के लोगों द्वारा हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। 

चटर्जी ने कहा, "पावर ग्रिड का निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है। लेकिन ग्रामीणों का एक गुट अभी भी प्रदर्शन कर रहा है। ऐसा लगता है कि प्रदर्शनकारियों का कोई और मकसद है। वहां बाहरी लोग और अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता हैं, जो हिंसा भड़का रहे हैं।"

15 January, 2017

बंगाल भाजपा उपाध्यक्ष 3 दिन की पुलिस हिरासत में, बीजेपी नेताओं ने कहा 'झूठी है शिकायत'

बंगाल भाजपा उपाध्यक्ष 3 दिन की पुलिस हिरासत में, बीजेपी नेताओं ने कहा 'झूठी है शिकायत'

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कोलकाता, 15 जनवरी: यहां की एक अदालत ने रविवार को बंगाल इकाई के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। मजूमदार पर स्कूल सर्विस कमीशन की परीक्षा के अभ्यर्थियों से रुपये लेने का आरोप है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, भाजपा उपाध्यक्ष ने नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से रुपये लिए थे।

विधाननगर अदालत में न्यायाधीश ने बचाव पक्ष के वकील की जमानत याचिका खारिज कर मजूमदार को जेल भेजने का आदेश दिया। उन्हें शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। भाजपा नेता को शिकायतकर्ता अरूप रतन रॉय की शिकायत पर विधाननगर उत्तरी पुलिस थाने में सात घंटे की गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।

भाजपा नेताओं ने अदालत परिसर में शिकायतकर्ता रॉय पर हमला बोलते हुए कहा कि वह टीईटी परीक्षा का अभ्यर्थी नहीं है, उसे शिकायत करने का क्या हक है।

पुलिसकर्मियों से घिरे मजूमदार ने संवाददाताओं से कहा, "यह शिकायतकर्ता खुद एक टीईटी परीक्षार्थी नहीं है। यह शिकायत झूठ पर आधारित है। यह पूरी तरह से एक साजिश है।"

हालांकि अभियोजन पक्ष ने कहा कि मजूमदार ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उन्होंने पैसे लिए हैं।

सरकारी वकील ने सात दिन की पुलिस रिमांड की वकालत की। वकील ने तर्क दिया कि मजूमदार ने पैसे कहां जमा किए हैं, इस बात का पता लगाने के लिए उन्हें हिरासत में लिए जाने की जरूरत है।

मजूमदार के खिलाफ शिकायतकर्ता के आरोप पर सरकारी वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता ने राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को भी इस मामले की जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया, उसे अंतिम उपाय के तौर पर अदालत की शरण में आना पड़ा। 

बचाव पक्ष के वकील ने जमानत की मांग करते हुए दलील दी कि इस आधार पर कोई प्राथमिकी सर्वोच्च न्यायालय में दर्ज नहीं की गई है। इस विषय में एक मामला शीर्ष अदालत में ले जाया गया है। बचाव पक्ष ने कहा कि गिरफ्तारी मनमाने ढंग से, बिना नियमों के पालन के की गई।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी और मजूमदार को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

मजूमदार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 406 (आपराधिक विश्वास हनन) और धारा 506 (मौत की धमकी और गंभीर चोट पहुंचाने) के तहत मामले दर्ज किए गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार, मजूमदार एसएससी अभ्यर्थियों से भूख हड़ताल के दौरान मिले थे। ये लोग छात्र अकिया संग्राम मंच के बैनर तले धरना दे रहे थे। भाजपा नेता ने छात्रों से पैसे के बदले सर्वोच्च न्यायालय में मामला दायर कर नौकरी दिलाने का वादा किया था।

शिकायतकर्ता ने कहा, "जयप्रकाश मजूमदार हमसे एक भूख हड़ताल के दौरान मिले थे। इसका आयोजन नौकरियों की मांग को लेकर स्कूल सर्विस कमीशन के कार्यालय के सामने किया गया था। उन्होंने कहा कि हमें करीब 8-10 लाख रुपये दीजिए और मैं आपको सर्वोच्च न्यायालय में एक मामला दाखिल करके नौकरी हासिल करने में मदद करूंगा। बाद में हमने उन्हें दो किस्तों में 7.20 लाख रुपये दिए।"

उन्होंने कहा, "लेकिन जब हम उनसे तीन महीने बाद मिले, तो उन्होंने पैसे लेने की बात से पूरी तरह इनकार कर दिया। जब हमने पैसे वापस करने को कहा तो उन्होंने रिवाल्वर दिखाकर अपना वहां से भाग जाने के लिए मजबूर किया।"

14 January, 2017

हम किसी समुदाय के खिलाफ नही हैं, सिर्फ हिन्दू समाज को एकजुट करके मजबूत करना चाहते हैं: भागवत

हम किसी समुदाय के खिलाफ नही हैं, सिर्फ हिन्दू समाज को एकजुट करके मजबूत करना चाहते हैं: भागवत

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कोलकाता, 14 जनवरी: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को जोर देकर कहा कि उनका संगठन किसी के खिलाफ काम नहीं कर रहा, बल्कि हिंदू समुदाय को एकजुट करने और उसे मजबूत करने के लिए काम कर रहा है। 

भागवत ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, "हम किसी के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि सिर्फ हिंदू समुदाय को एकजुट करने और हिंदू समाज को सशक्त बनाने के लिए काम कर रहे हैं।"

उन्होंने मकर संक्रांति पर अपने संदेश में कहा, "क्या हमें कोई रोक सकता है? हमें कोई नहीं रोक सकता। हमें काम करना है। हमें काम करना है और हम अपना काम करते रहेंगे। काम बढ़ाना है, यह उपदेश देने से नहीं होता।"

12 January, 2017

मोदी विमान दुर्घटना में मेरी हत्या करवाना चाहते थे: ममता बनर्जी

मोदी विमान दुर्घटना में मेरी हत्या करवाना चाहते थे: ममता बनर्जी

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कोलकाता, 11 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना एक तरह से लंकापति रावण से करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि अगर उन्होंने नोटबंदी का कोई और प्रयास किया तो लोग उन पर 'प्रतिबंध' लगा देंगे। नोटबंदी के विरोध में यहां भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कार्यालय के बाहर आयोजित धरने के दौरान ममता ने विपक्ष की आवाज दबाने के लिए मोदी पर एक आतंकी अभियान चलाने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी का विरोध करने पर उन्हें विमान दुर्घटना में खत्म करने की साजिश रची गई। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना रावण से करते हुए उन्होंने मोदी द्वारा नववर्ष की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन का संदर्भ दिया।

उन्होंने कहा, "लोग नववर्ष की पूर्व संध्या पर इस उम्मीद से टेलीविजन पर अपनी निगाह जमाए हुए थे कि नकदी निकालने पर तय सीमा खत्म होगी। लेकिन, वह हुआ ही नहीं। इसके बदले उन्होंने भाषण दिया। ताली पीटते रहे, पीटते रहे। यह भाषण देने का तया तरीका है। और फिर उन्होंने दावा किया कि उनकी छाती और कंधे चौड़े हैं।"

ममता ने कहा, "रावण का भी कंधा चौड़ा था। और उसके पास तो 10 सिर भी थे। नोटबंदी में 1,000 रुपये का नोट खत्म कर आप 2,000 रुपये का नोट क्यों लाए।"

उन्होंने कहा, "अब भाजपा के लोगों ने कहा है कि कुछ दिनों में ये 2,000 रुपये के नोट भी खत्म कर दिए जाएंगे। लेकिन इस तरह का कोई भी काम करने से पहले लोग मोदी पर प्रतिबंध लगा देंगे।"

बीते साल 30 नवंबर को उन्हें ले जा रहे एक हवाई जहाज के कोलकाता हवाईअड्डे के निकट आसमान में लगभग 40 मिनट तक चक्कर काटने की घटना को लेकर उन्होंने दावा किया कि यह उनकी हत्या का प्रयास था।

मुख्यमंत्री ने कहा, "एक विमान दुर्घटना में मेरी हत्या की साजिश रची गई। बाद में उन्होंने दो पायलटों को निलंबित कर दिया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल किसी और पर आरोप लगा रहा है। अन्य लोग किसी अन्य पर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस को सही जांच करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं मुहैया कराया जा रहा।"

उन्होंने कहा, "वे (सरकार) खतरनाक हैं। वे कुछ भी और सबकुछ कर सकते हैं।"

ममता ने कहा, "देश में एक अप्रत्याशित व निराधार आतंकी अभियान चलाया जा रहा है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग उनके खिलाफ आवाज उठाते हैं उन्हें डराकर चुप करा दिया जाता है। उन्होंने कहा, "जांच एजेंसियां उनके पीछे लगा दी जाती हैं। हर कोई सुपर इमरजेंसी का पीड़ित है।"

50 दिनों में हालात सामान्य करने के मोदी के वादे की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "क्या 50 दिन पूरे नहीं हुए हैं? पैसे निकालने को लेकर जो सीमा तय की गई है, उसे हटाया क्यों नहीं गया?"

मोदी के इस दावे पर कि उन्होंने काले धन के खिलाफ एक युद्ध शुरू किया है, ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री आम आदमी के वैध धन को काला धन के रूप में प्रचारित कर रहे हैं।

रोज वैली चिट फंड मामले में तृणमूल सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय तथा तापस पॉल की हालिया गिरफ्तारी के मुद्दे को उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं को धमकाया जा रहा है।

उन्होंने मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर बरसते हुए कहा कि उसके शीर्ष नेता चिट फंड कंपनी को चलाने में संलिप्त हैं और उन्होंने उनकी गिरफ्तारी की मांग की।

पॉल तथा बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी के विरोध में तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा शहर व जिलों में बुधवार सुबह रेल सेवा बाधित की गई।

11 January, 2017

बाबुल सुप्रियो ने तीन TMC नेताओं को भेजा मानहानि नोटिस

बाबुल सुप्रियो ने तीन TMC नेताओं को भेजा मानहानि नोटिस

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कोलकाता, 10 जनवरी: केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने तृड़मूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय और तापस पॉल तथा विधायक महुआ मोइत्रा को रोज वैली चिटफंड मामले में मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। भाजपा नेता ने कहा, "दिल्ली से नोटिस भेजे जा चुके हैं।"

गौरतलब है कि पॉल 30 दिसंबर से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में हैं। पॉल ने सुप्रियो पर इस घोटाले में शामिल करने और चालाकी से फंसाने का आरोप लगाया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सौगत रॉय ने वहीं एक टेलीविजन प्रसारण के दौरान सुप्रियो पर रोज वैली ग्रुप से पैसा लेने का आरोप लगाया।

पूर्व बैंककर्मी मोइत्रा ने सुप्रियो पर टेलीविजन चैनल पर दो बार अपनी शालीनता भंग करने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है, जिस पर सुप्रियो ने उनके खिलाफ मानहानिक का नोटिस भेजा है।

मोइत्रा ने कहा, "मेरे बोलने के दौरान सुप्रियो ने कहा था कि 'महुआ क्या तुमने महुए की शराब पी रखी है'। उन्होंने एक राष्ट्रीय चैनल पर दो बार यह बात कही। मुझे जवाब देने का मौका तक नहीं मिला। कोलकाता लौटने के बाद मैंने चार जनवरी को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई। मुझे न्याय व्यवस्था में पूरा भरोसा है।"

मोइत्रा के आरोप पर भाजपा सांसद ने कहा कि तृड़मूल नेता 'बच्चों' जैसी हरकत कर रही हैं।

10 January, 2017

नोटबंदी से 120 लोगों की मौत के लिए मोदी जिम्मेदार: ममता बनर्जी

नोटबंदी से 120 लोगों की मौत के लिए मोदी जिम्मेदार: ममता बनर्जी

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नई दिल्ली/कोलकाता, 10 जनवरी: नोटबंदी और 'बदले की राजनीति' जैसे मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने देशव्यापी प्रदर्शन के दूसरे दिन नोटबंदी की वजह से 120 से ज्यादा लोगों की मौत के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वह हस्तक्षेप व 'राष्ट्रीय सरकार' की मांग लेकर राष्ट्रपति के पास जाएगी। देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तीसरे और अंतिम दिन बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद राष्ट्रपति से मिलेंगे। उनके समक्ष दोनों मुद्दे उठाए जा सकते हैं। 

पार्टी सांसद सुल्तान अहमद ने कहा, "बुधवार दोपहर हम राष्ट्रपति से मिलने जा रहे हैं।"

सूत्रों के मुताबिक, नोटबंदी के अलावा वे मोदी रहित 'राष्ट्रीय सरकार' के मुद्दे को भी उठाएंगे।

तृणमूल अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी या केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली या केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय सरकार के गठन का प्रस्ताव रखा है।

इससे पहले, दिन में ममता बनर्जी ने ट्वीट में 122 लोगों का ब्यौरा दिया, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि इनकी मौत नोटबंदी के बाद नकदी न मिलने की वजह से हुई।

ममता ने ट्वीट कर कहा, "मोदी, आप अहंकारी हैं। आप नोटबंदी की वजह से हुई 120 से ज्यादा (122) लोगों की मौत के जिम्मेदार हैं।"

ममता ने 'पीड़ितों' की राज्यवार सूची जारी की और इनकी मौतों की वजह बताई। सूची के मुताबिक, नोटबंदी के कारण उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 32, बंगाल में 13 और महाराष्ट्र में 11 लोगों की मौत हुई।

ममता ने दावा किया कि मोदी के गृह राज्य गुजरात में नोटबंदी की वजह से पांच लोगों की मौत हुई। इनमें से तीन की मौत बैंक के बाहर कतार में लगने के दौरान हुई, एक महिला ने परिवार के लिए खाना खरीदने में खुद को अक्षम पाने पर खुदकुशी कर ली, जबकि तनाव के कारण एक बैंक के कैशियर ने खुदकुशी कर ली।

बाद में बंगाल के बर्दवान जिले में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "केंद्र के खिलाफ बोलने वाले किसी भी व्यक्ति को भ्रष्ट ठहरा दिया जाता है और जांच एजेंसियां उसके पीछे लग जाती हैं।"

मोदी के कैशलेस इंडिया की योजना की खिल्ली उड़ाते हुए उन्होंने उन पर 'प्लास्टिक करेंसी का विक्रेता' होने का आरोप लगाया। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने मोदी पर अर्थव्यवस्था को तहस-नहस करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हम भी उतने ही सख्त हैं, लेकिन सरकार द्वारा की गई नोटबंदी पूरी तरह से गलत है। केवल एक फैसले से मोदी ने पूरी अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया।"

रॉय ने दिल्ली में कहा, "कृषि को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और देश उस हालत की तरफ बढ़ रहा है, जिसमें खाद्य सामग्री की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।"

उन्होंने कहा, "बड़े कॉरपोरेट घरानों को छोड़कर तमाम क्षेत्रों के लोग प्रभावित हुए हैं।"

करोड़ों रुपये के रोज वैली चिट फंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा तृणमूल के दो सांसदों- तापस पॉल तथा सुदीप बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी को लेकर तृणमूल ने सवाल किया कि 'कंपनी से संबंध रखने वाले' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों को क्यों गिरफ्तार नहीं किया गया।

तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "सीबीआई पक्षपातपूर्ण तरीके से क्यों काम कर रही है। उसने भाजपा के उन नेताओं को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जो बार-बार रोज वैली के निदेशकों के साथ देखे गए थे।"

उन्होंने कहा, "संसद में नोटबंदी को लेकर प्रदर्शन के दौरान मोदी ने सुदीप दा (बंद्योपाध्याय) से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसी को लेकर यह राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा रहा है।"

सांसद ने कहा, "मोदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के स्तर व गरिमा को ठेस पहुंचाई है। जब तक मोदी इस्तीफा नहीं दे देते, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।"

तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए पश्चिम बंगाल व दिल्ली के अलावा ओडिशा, पंजाब, बिहार, मणिपुर, त्रिपुरा, असम तथा झारखंड में तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन 'मोदी हटाओ, देश बचाओ' शुरू किया है।

09 January, 2017

ममता बनर्जी बोलीं 'हम मोदी बाबू के शर्मनाक फ्लॉप शो नोटबंदी के खिलाफ करेंगे देशव्यापी प्रदर्शन'

ममता बनर्जी बोलीं 'हम मोदी बाबू के शर्मनाक फ्लॉप शो नोटबंदी के खिलाफ करेंगे देशव्यापी प्रदर्शन'

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कोलकाता, 9 जनवरी: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नोटबंदी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शर्मनाक 'फ्लॉप शो' बताते हुए सोमवार को तीन दिनों का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की, जो मंगलवार से शुरू होगा। ममता ने कहा, "मोदी बाबू के शर्मनाक फ्लॉप शो नोटबंदी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस तीन दिनों का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने जा रही है।"

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, किशनगंज (बिहार), भुवनेश्वर, पंजाब, असम, त्रिपुरा, झारखंड, दिल्ली और मणिपुर में धरना दिया जाएगा।

ममता ने मांग की कि गत 8 नवंबर के बाद बैंकों से नकदी निकासी की तय सीमा हटाई जाए। 

ममता ने कहा, "प्रतिबंधों को हटाया जाना चाहिए। नोटबंदी के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जितने की जरूरत है, उतनी रकम नहीं निकाल पा रहे हैं।"