Jan 2, 2018

पुलिस ने सोचा था बॉबी कटारिया चुप हो जाएगा, अब बोलने लगे सैकड़ों युवक, उल्टा पड़ा पुलिस का दांव


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गुरुग्राम: आज से 10 दिन पहले गुरुग्राम पुलिस ने बिना FIR और वारंट के युवक एकता फाउंडेशन के चीफ बॉबी कटारिया को उठाया था क्योंकि उन्होंने सोचा था कि एक बार पुलिस की रिमांड में जाने के बाद बॉबी कटारिया उनके खिलाफ बोलना बंद कर देगा, यही सोचकर गुरुग्राम पुलिस की सेक्टर 9 पुलिस ने उसे रात के 11 बजे गिरफ्तार किया और दूसरे दिन चार दिनों की रिमांड पर ले लिया, चार दिन की रिमांड ख़त्म हुई तो उसे सेक्टर 10A पुलिस के पास फिर से 2 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया.

इस तरह से गुरुग्राम पुलिस ने बॉबी कटारिया को 6 दिन की रिमांड पर लिया जो अपने आप में पहला ऐसा केस है क्योंकि इतनी बड़ी रिमांड तो आतंवादियों, रेपिस्टों और बड़े बड़े अपराधियों को भी नहीं दी जाती, आप खुद सोचिये, हनीप्रीत को सिर्फ चार दिनों की रिमांड पर भेजा गया था जबकि उनपर देशद्रोह का केस भी था और उनसे पुलिस को कई राज भी उगलवाने थे, लेकिन उन्हें दो बार 2-2 दिन की रिमांड पर भेजा गया.

पुलिस का बॉबी कटारिया का मुंह बंद करवाने का दांव फेल हो गया है क्योंकि अब ना सिर्फ उनकी मदद के लिए हजारों लोग आगे आये हैं बल्कि हर युवक बॉबी कटारिया बनने के लिए तैयार है, ऐसा इसलिए क्योंकि बॉबी कटारिया जो कुछ करते थे गरीबों और असहायों के लिए करते थे, अगर पुलिस गरीबों की FIR नहीं लिखती थी तो बॉबी कटारिया उसके लिए आवाज उठाते थे, अगर पुलिस अपराधियों पर एक्शन नहीं लेती तो बॉबी उसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, अगर पुलिस वाले भ्रष्टाचार करते हैं, इमानदारी से ड्यूटी नहीं करते, नागरिकों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरतते थे तो बॉबी उसके खिलाफ आवाज उठाते थे.

बॉबी कटारिया की लड़ाई सिर्फ पुलिस प्रशासन से थी, अगर पुलिस वाले इमानदारी से ड्यूटी करते, भ्रष्टाचार ना करते, गरीबों की FIR लिखते, अपराधियों को पकड़ते, किसी को शिकायत का मौका ना देते तो बॉबी कटारिया पैदा ही ना होता लेकिन पुलिस में ये कमियां जरूर हैं इसीलिए बॉबी कटारिया पैदा हुआ, बॉबी कटारिया के पास अधिकतर लोग पुलिस प्रशासन से पीड़ित होकर ही पहुँचते थे इसलिए धीरे धीरे बॉबी के मन में पुलिस के प्रति गुस्सा बढ़ता गया और एक दिन उसनें गुरुग्राम चौकी के SHO संदीप और SHO घनश्याम के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया. बस बॉबी कटारिया का यही अपराध बताया जा रहा है लेकिन उसे गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उस पर पर्स मारने और 3000 रुपये चोरी करने का आरोप लगा दिय और इसी आधार पर उसे 6 दिन के लिए रिमांड पर ले लिया. उसके बाद उसे अववाली स्कूल की प्रिंसिपल को निकिता का इलाज कराने की धमकी देने के लिए फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और 2 दिन के लिए रिमांड पर ले लिया.

आज फरीदाबाद कोर्ट के बाहर सैकड़ों लोग बॉबी कटारिया के समर्थन में इकठ्ठे हुए, बीनू चौधरी नाम के एक युवक ने कहा कि बॉबी कटारिया के ऊपर पुलिस ने बहुत जुल्म किया है, उसे बहुत टॉर्चर किया है, उसका 10 किलो वजन कम हो गया है, अगर पुलिस की नजर में बॉबी ने कोई अपराध किया है और हम भी वह अपराध करने के लिए तैयार हैं, हम भी बॉबी कटारिया बनेंगे और गरीब बहनों-भाइयों के लिए खड़े रहेंगे, बॉबी ने सिर्फ निकिता बहन की मदद करनी चाही थी, बॉबी ने उसके इलाज के लिए रो कर भीख मांगनी चाही थी, बहन बेटी सबकी एक समान होती है, अगर बॉबी कटारिया ऐसा कर रहा है और ये गलत है तो हम भी ये गलत काम करेंगे और उसके साथ खड़े रहेंगे. बॉबी कटारिया के लिए आज सिर्फ फरीदाबाद गुरुग्राम में नहीं बल्कि पूरे देश के हर जिले में लोग तैयार बैठे हैं.
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