Jan 16, 2018

शादी की पहली रात महिलाओं की वर्जिनिटी जांचने की परंपरा गलत, युवाओं ने शुरू किया जागरूकता अभियान


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महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के पुणे के कंजरभात में समाज में होने वाले शोषण के खिलाफ युवाओं ने एक नयी पहल शुरू की है जो बड़ा परिवर्तन ला सकती है. आपको बता दें की महाराष्ट्र का कंजरभात समाज में शादी की पहली रात दुल्हन की वर्जिनिटी को चेक करने की परंपरा है.

इस परंपरा के मुताबिक शादी की पहली रात के बाद यदि चादर पर ब्लड नहीं दिखा तो समुदाय के लोग यह मान लेते हैं कि यह लड़की पहले से शारीरिक रिश्ता बना चुकी है. इसके बाद लड़की को खंभे से बांधकर बेहोश होने तक पीटा जाता है. इसके अलावा फेल होने पर कपड़े उतारना, शरीर के अंगों को दागना, खौलते तेल में से सिक्का निकालना जैसे दंड दिए जाते हैं. 

लेकिन अब इस समाज के शिक्षित युवाओं ने इस गलत परंपरा को ख़त्म करने के लिए  एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया है जो इस विषय पर युवाओं में जागरुकता फैलाने का काम कर रहा है. इन युवाओं ने इस प्रथा के खिलाफ पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है. ग्रुप के संस्थापक विवेक तमाईचेकर ने बताया कि समाज में हो रहे अत्याचार के लिए हमने सोशल मीडिया का सहारा लिया है.

ग्रुप के सदस्य बताते हैं कि उनके समुदाय में माँ-बाप कम उम्र में ही बच्चियों की शादी कर रहे हैं ताकि उनके बच्चे कोई गलत कदम ना उठा पाएं.

आपको बता दें कि डाक्टरों ने भी इस परंपरा को गलत बताया है. डाक्टरों के अनुसार हाइमेन का होना या गायब होना वर्जिनिटी का पैमाना नहीं है. खेलकूद में ऐक्टिव रहने वाली लड़कियों का हाइमेन कई बार फट चुका होता है और कई बार ऐसा भी होता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद भी महिला का हाइमेन यथास्थिति रहता है. 
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