Jan 25, 2018

करणी सेना वाले बीजेपी के राज्यों में आन्दोलन भी कर रहे हैं, वोट ना देंने की धमकी भी दे रहे हैं


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जयपुर: बीजेपी बड़ी मुसीबत में फंस चुकी है, एक तो उन्होंने करणी सेना को अपने राज्यों में आन्दोलन करने की छूट दी लेकिन अब यही करणी सेना के नेता आने वाला पंचायत, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बीजेपी को वोट ना करने की बात कर रहे हैं.

अगर आप ध्यान से देखें तो पाएंगे कि करणी सेना के लोग सिर्फ बीजेपी शासित राज्यों में आन्दोलन कर रहे हैं, जैसे - हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी, झारखण्ड, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र.

अब आप सोचिये, क्या पद्मावत फिल्म सिर्फ बीजेपी शासित राज्यों में रिलीज हो रही है, क्या गैर-बीजेपी शासित राज्यों में यह फिल्म नहीं रिलीज हो रही है. क्या दिल्ली में फिल्म रिलीज नहीं हुई. करणी सेना के लोगों ने दिल्ली में विरोध क्यों नहीं किया. वहां तो सभी सिनेमाघरों में पूरी ताकत के साथ फिल्म रिलीज हुई है. करणी सेना के लोगों ने वहां पर आन्दोलन नहीं किया क्योंकि वहां जाते तो तुरंत पकडे जाते. 

करणी सेना ने बंगाल, पंजाब, दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में आन्दोलन नहीं किया, अगर ये वहां पर आन्दोलन करने जाते तो पकडे जाते.

मतलब बीजेपी शासित राज्यों ने सबसे पहले फिल्म पर बैन लगाया, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात ने फिल्म पर बैन लगाया, सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ी, हर प्रयास किया उसके बाद भी करणी सेना के नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने आज ऐलान कर दिया कि आने वाले पंचायत, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बीजेपी को वोट नहीं देंगे.

यही काम गुजरात में हार्दिक पटेल ने किया, उन्होंने आन्दोलन किया और बाद में पटेलों से बीजेपी को वोट ना करने की अपील की, कांग्रेस को पटेलों के वोट मिले और उन्हें काफी फायदा हुआ.

अब सुखदेव सिंह गोगामेडी कह रहे हैं कि हम बीजेपी को वोट नहीं देंगे, इसका मतलब है कि वोट कांग्रेस के खाते में जाएंगे. राजपूतों को बीजेपी को वोट ना देने के लिए भड़काया जा रहा है. मतलब गुजरात के पटेलों की तरह आने वाले चुनाव में अगर राजपूत समाज के लोग कांग्रेस को वोट देंगे तो हो सकता है कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बन जाए.

कहने का मतलब है कि जिस तरह से गुजरात में आन्दोलन करने वाले हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवाणी, अल्पेश ठाकुर कांग्रेस का चेहरा बन गए, पिछले दिनों दलित आन्दोलन करने वाले जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस का चेहरा बन गए. उसी तरह से राजस्थान में करणी सेना कांग्रेस का चेहरा बनती जा रही है, या बन चुकी है क्योंकि गोगामेड़ी ने बीजेपी को वोट ना करने का ऐलान कर दिया है.

जातीय संघठनों के सहारे मोदी-विरोध पैदा कर रही कांग्रेस

2014 लोकसभा चुनाव में हिन्दुओं ने एकजुट होकर मोदी को वोट दिया था, हर कोई अपनी जाति भूल गया था लेकिन आज फिर से जातिवाद उग्र होने लगा है, कांग्रेस पार्टी अलग अलग जाति के लोगों को बीजेपी के खिलाफ भड़काकर 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर ख़त्म करना चाहती है, उन्हें पता है कि अगर हिन्दू टूट जाएंगे तो मोदी को 2019 में रोक देंगे.

गैर-बीजेपी शासित राज्यों में क्यों नहीं हो रहा आन्दोलन

आप खुद देखिये, हरियाण के बगल में ही पंजाब है लेकिन वहां पर कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं हुआ, वहां पर फिल्म बिना किसी झंझट के रिलीज हुई है, महाराष्ट्र के बगल में कर्नाटक है लेकिन वहां पर भी कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ. बिहार के बगल में बंगाल है लेकिन वहां पर भी फिल्म का कोई विरोध नहीं हुआ.
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