Jan 11, 2018

बॉबी कटारिया के पिता ने CM खट्टर को बतायी पुलिस के जुल्म की एक एक दास्ताँ, पढ़ें क्या क्या हुआ


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गुरुग्राम: देश का हर युवक जानना चाहता है कि लगातार 8 दिन रिमांड में लेकर गुरुग्राम और फरीदाबाद पुलिस ने बॉबी कटारिया पर क्या क्या जुल्म किये हैं. यह बात बॉबी कटारिया के पिता नरेन्द्र कटारिया से बढ़िया कौन बता सकता है. कल नरेन्द्र कटारिया ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (सीएम् विंडो) को गुरुगाम और फरीदाबाद पुलिस के बारे में शिकायत (CMOFF/N/2018/002661) की है और उसके साथ हुई जुल्म की एक एक दास्ताँ बयान की है.

क्या लिखा बॉबी कटारिया के पिता ने

1. मेरा बेटा बॉबी कटारिया एक समाजसेवक है जो युवा एकता फाउंडेशन के नाम से एक NGO चलाता है, वह हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करता है.

2. लोगों की मदद के दौरान मेरे बेटे ने गुरुग्राम और फरीदाबाद के कुछ भ्रष्ट पुलिस कर्मियों के खिलाफ आवाज उठायी, जिसकी वजह से पुलिस और बॉबी कटारिया के बीच में तल्खी बढती गयी.

3. इन पुलिसकर्मियों ने बॉबी कटारिया को कई बार धमकी दी.

4. 24 दिसम्बर को गुरुग्राम पुलिस ने मेरे बेटे को गैर-कानूनी तरीके से अरेस्ट किया. वह उस वक्त अपनी पत्नी के साथ फिल्म देखने गया था. पुलिस ने उसे पीटा और जबरदस्ती उसका मोबाइल और पर्स छीन लिया जिसमें 10 हजार रुपये थे. इसके अलावा उसकी गोल्ड चैन और घडी भी छीन ली. इसके बाद पुलिस रात में ही उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले गयी.

5. 25 दिसम्बर को उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. कोर्ट में जाने पर पता चला कि गुरुग्राम सेक्टर 9 और CIA 4 ने उसके खिलाफ कई झूठे केस दर्ज कर दिए और गैर-जमानती धाराएं लगा दीं हैं. उसके बाद उसे चार दिन के लिए रिमांड पर लिया गया. जब हमने पुलिस और CIA से FIR की कॉपी मांगी तो उन्होंने देने से मना कर दिया.

6. गुरुग्राम सेक्टर 9 की पुलिस ने हमें बिना FIR की कॉपी दिए मेरे बेटे को 4 दिन के रिमांड पर किसी अज्ञात स्थान पर ले गयी, इस दौरान हमें उससे मिलने की इजाजत नहीं दी गयी.

7. 29 जनवरी को मेरे बेटे को इलाका मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, मैं उससे कोर्ट में मिला, उसनें मुझे बताया कि पुलिस और CIA की टीम उसे चार दिनों तक बेदर्दी के साथ पीटती रही. उसे ढंग के कपडे और खाना और पानी भी नहीं दिया गया. उसनें मुझसे कोर्ट में रोते हुए कहा कि - मुझे बचा लो वरना पुलिस वाले मुझे डाल डालेंगे. कोर्ट में भी मेरे बेटे को सादी वर्दी में पुलिस वाले लात से मार रहे थे. मेरे बेटे ने मुझसे यह भी बताया कि उसे आंतरिक जख्म हैं, पूरे शरीर, पीठ, सीने, कमर, चेहरे और पैरों में दर्द है, मैं ठीक से साँसें भी नहीं ले पा रहा हूँ, मेरे पैर चलने लायक नहीं हैं.

8. इसके बाद 29 दिसम्बर को ही पुलिस ने मेरे बेटे को 2 दिन के रिमांड पर ले लिया. मैं मजबूर होकर कोर्ट की कार्यवाही को देखता रहा. पुलिस फिर से मेरे बेटे को 2 दिन के लिए अज्ञात जगह पर ले गयी. हमें फिर से उससे नहीं मिलने दिया गया. 31 दिसम्बर को कोर्ट में फिर से मेरे बेटे को पेश किया गया. मैं उससे मिला तो उसनें बताया कि पुलिस और CIA वालों ने मुझे फिर से बेरहमी के साथ पीटा, मुझे धमकी दी गयी कि अगर मैंने भविष्य में पुलिस वालों के खिलाफ बोला तो मुझे जान से मार देंगे. मेरे बेटे की शारीरिक और मानसिक हालत बहुत खराब थी, पुलिस ने लगातार 6 दिन तक रिमांड में उसे कोई मेडिकल हेल्प नहीं दी.

9. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस की ही तर्ज पर फरीदाबाद पुलिस ने भूपानी पुलिस स्टेशन में मेरे बेटे के खिलाफ झूठा और फर्जी केस दर्ज किया और गिरफ्तार कर लिया, उसके ऊपर गैर-जमानती धाराएं लगाकर 2 दिन के रिमांड पर ले लिया. 

10. मेरा बेटा बॉबी कटारिया हरियाणा में कुछ भ्रष्ट लोगों का शिकार बन गया. 31 दिसम्बर को हम गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर से मिलना चाहते थे लेकिन उन्होंने हमसे मिलने से मना कर दिया और हमें दफ्तर से जाने को बोल दिया गया. उसके बाद हम 1 जनवरी को क्षेत्र के विधायक और कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह से मिले, उन्होंने भी हमारी कोई मदद नहीं की और पुलिस की कार्यवाही में दखल देने से इनकार कर दिया, उन्होंने हमसे ऐसी बात की जैसे कि वह पुलिस के ही प्रवक्ता हों. मंत्री की ड्यूटी होती है कि वह क्षेत्र के लोगों की मदद करे लेकिन हमें उनसे निराशा मिली.

11. गुरुग्राम पुलिस पर झूठे केस दर्ज करने का ट्रैक रिकॉर्ड है. प्रद्युमन मर्डर केस में हमने देखा कि गुरुग्राम पुलिस ने स्कूल के बस कंडक्टर को फर्जी तरीके से फंसाना चाहा, उसे बेरहमी के साथ टॉर्चर किया गया, उसे हत्या का झूठा जुर्म कबूलने के लिए मजबूर कर दिया गया, उसे 2 महीनें के लिए जेल में डाला गया. अगर CBI ने ईमानदारी से मामले की जांच ना की होती तो निर्दोष अशोक को कोर्ट से सजा मिल जाती.

12. आप हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं इसलिए हमें आप से न्याय की उम्मीदें हैं. हम आप से मांग करते हैं - 

  • आप गुरुग्राम और फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर को फर्जी केस हटाने का आदेश दें
  • मेरे बेटे को साजिश के तहत फंसाने और रिमांड में लेकर टॉर्चर करने वाले पुलिसकर्मियों और CIAस्टाफ के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्यवाही करें.
  • दोषी पुलिस कर्मियों को तुरंत डिसमिस करें या सस्पेंड करें.
  • मेरे बेटे को अच्छे अस्पताल में भर्ती कराकर उसका दिमागी और शारीरिक इलाज किया जाए
  • पुलिस द्वारा साजिश के तहत मेरे बेटे को समाज में बदनाम करने का आर्थिक मुआवजा मिले.
  • मेरे बेटे की पुलिस के द्वारा सुरक्षा की जाए.
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