Nov 25, 2017

सर्दी आ गयी, रैन बसेरों में अभी भी लगे हैं ताले, मांग रहे हैं प्रशासन से सहारा


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फरीदाबाद 25 नवंबर: सर्दी ने दस्तक दे दी है। सरकार ने फुटपाथ पर सोने वाले लोगों के लिए रैन बसेरों का इंतजाम करने के निर्देश भी दे दिए हैं। जिसके तहत फरीदाबाद में बने हुए बेसहारा व बेघरों के लिये रैन बसेरों को खुद सहारे की जरूरत है, रियलिटी चैक करने पर पता लगा कि जनता कालोनी में निगम की ओर से बने स्थायी रैन बसेरे से तो अभी ताला ही लगा हुआ है जहां रात को सर्दी से ठिठुरते हुए बेसहारा लोग आते हैं और रैन बसेरे से ताला लगा हुआ देखकर वापिस लौट जाते हैं। रैन बसेरों की हालत को देखा गया तो पता लगा कि रजाईयां फटी हुई और गंदगी से लिप्त हैं, रैन बसेरे को लोगों ने पार्किंग स्थल बना दिया हैै।

अगर आफ फरीदाबाद शहर में बेसहारा और बेघर है तो ध्यान रखें किसी रैन बसेरे की सहायता लेने से पहले आपके पास आपकी पहचान बताने वाला कोई सरकारी पहचान पत्र होना जरूरी है, ऐसा कहना है रैन बसेरे पर तैनात सुरक्षाकर्मी का, जिसे उपर से आदेश मिले हुए हैं। फरीदाबाद शहर में दस से बारह रैन बसेरा बनाए गए है, जिन में से नगर निगम द्वारा पांच और रेड क्रॉस की तरफ से चार चलाए जा रहे है.

लेकिन इनकी हालत खराब है। जिनमे रैन बसेरों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। कहीं गंदगी जमा है, तो कहीं कार पार्किंग के अड्डे बन गए हैं। ऐसे में बेसहारों के लिए खोले गए इन रैन बसरों को खुद सहारे की जरूरत है।   राज्य के मुख्य सचिवों को रैन बसेरों को ठीक करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार,जरूरत की सुविधा मुहैया करने को कहा जा चुका है। इसके बावजूद इन रैन बसेरों की कहानी अधिकारियों और बेसहारों के प्रति संवेदनहीन बन चुके सरकार का चेहरा पेश करती है। 

फरीदाबाद के नगर निगम द्वारा फरीदाबाद के एक नंबर मार्केट बस स्टैंड के पास रैन बसेरा खोला गया था। जिसका पिछले कई महीनो से ताला खुला ही नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस रेन बसेरे का उद्घाटन बडक़ल की विघायक सीमा त्रिखा ने किया था इसके उद्घाटन के समय पर नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद थे। उस वक्त कहा गया था कि ये रैन बसेरा गरीबो के लिए हैं। जिनके घर नहीं हैं वे भी यहां ठहर सकते हैं। इनके मुताबिक, शुरुआत में तो कुछ दिन ये रेन बसेरा खुला रहा, लेकिन इसके बाद इसमे ताला जड़ दिया गया। ठंड की शुरुआत के बाद भी अभी तक बंद है। 

वहीं जब इस रेन बसेरे के अंदर जाकर देखा गया तो वहां की हालत खराब थी. टॉयलेट में पानी की कोई व्यवस्था नही थी और किसी भी बाथरूम में नल की टंकी नही लगी हुई थी रेन बसेरे के आस- पास के लोगो ने आकर इसे अपना शौचालय बना लिया है और मार्किट के लोगो ने अपनी गाड़ी खड़ी करने की पार्किंग. आस-पास के लोगों ने बताया कि यहां पर मार्किट है और मार्केट के लोग यहां पर अपनी गाडिय़ा खड़ी करते है उन लोगो ने इसे पार्किंग बना दिया है कोई भी आता है अपनी गाड़ी यही खड़ी कर चला जाता है इतना ही नहीं इसमें बने महिलाओं और पुरुष के टॉयलेट के दरवाजे टूटे हुए है, जो अंदर के क्या हालत है बताने के लिए काफी है।

वहीं फरीदाबाद के न्यू जनता कॉलोनी में बने रेन बसेरे का रियलिटी चैक किया गया, यह रैन बसेरा 1 जनवरी 2013 को खोला गया था जिसका उद्घाटन पूर्व सांसद अवतार सिंह भडाना और रोहतक के सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने किया था। फिलहाल हालत ये है कि दरवाजे पर लिखा हुआ है कि सरकार द्वारा बनाये गये बेसहारा लोगों के लिये रैन बसेरे का लाभ उठायें, मगर रैन बसेरे का ताला तक खोला नहीं है अब साहिब आप ही बताओं कि बेसहारा लोगा रैन बसेरे का लाभ ताला तोडकर उठाये या फिर दीवार तोडकर। बेसहारों को मुंह चिढ़ाते हुए शहर के इस रैन बसेरे में पार्किग व्यवस्था बनी हुई है। अंदर रैन बसेरे की हालत तो न ही देखे तो बेहतर होगा साहिब, चारपाई टूटी हुई हैं तो रजाईंयां धूल से लिप्त है और फर्स पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। 
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