Oct 25, 2017

राहुल गाँधी से चोरी से क्यों मिले हार्दिक पटेल, खुलकर मिलने की क्यों नहीं हो रही हिम्मत: पढ़ें


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राहुल गाँधी ने एक नयी तरह की सीक्रेट मीटिंग वाली पॉलिटिक्स की शुरुआत की है, चीन के दूत से भी राहुल गाँधी से चोरी से मुलाक़ात की थी लेकिन चोरी छुपाए नहीं छुपी और पूरी दुनिया को इस बारे में पता चल गया और राहुल गाँधी की किच किच हो गयी.

गुजरात चुनाव सर पर हैं तो राहुल गाँधी ने फिर से सीक्रेट मीटिंग शुरू कर दी है, हाल ही में उन्होने खुफिया तरीके से हार्दिक पटेल से मुलाक़ात की, हार्दिक पटेल मुंह छुपाकर उनके होटल में आये, उनके कमरे के बाहर कुछ देर तक खड़े रहे और उसके बाद राहुल गाँधी से मुलाक़ात की, दोनों के बीच में वार्तालाप हुई, बाद में हार्दिक पटेल एक बड़ा बैग लेकर होटल से बाहर निकले जिसमें बीजेपी के लोग रुपये बता रहे हैं हालाँकि हार्दिक पटेल ने कहा कि उसमें कपडे भरे थे.

खैर हार्दिक पटेल रुपये लेकर निकले हों या उसमें कपडे भरे हों लेकिन सवाल यह है कि हार्दिक पटेल राहुल गाँधी से चोरी छिपे क्यों मिल रहे हैं, उन्हें किस बात का डर सता रहा है, कहीं वे पोल खुलने के सर से तो नहीं परेशान हैं. कहीं उन्हें ये डर तो नहीं है कि पटेलों को शक हो जाएगा कि ये तो कांग्रेस का ही आदमी निकला.

गुजरात में यह भी चर्चा चल रही है कि हार्दिक पटेल कांग्रेस के हाथों बिक चुके हैं वरना वह उस पार्टी को समर्थन नहीं करते जिसनें आज तक किसी भी जाति को आरक्षक का फायदा नहीं दिया, अगर आरक्षण दिया तो भी उसका कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि जब रोजगार ही नहीं पैदा किया तो आरक्षण किस काम का.

अब गुजरात के पटेल समाज के लोग भी हार्दिक पटेल की राजनीति को समझ रहे हैं, लोगों को पता चल रहा है कि हार्दिक पटेल किसी के इशारे पर काम कर रहे हैं, कोई हार्दिक पटेल को मोहरा बनाकर उनकी रैलियों की फंडिंग कर रहा है. अगर हार्दिक पटेल ने राहुल गाँधी से खुलकर मुलाकर कर ली तो बीजेपी उन्हें बिकाऊ बताकर गुजरात में चुनाव प्रचार करेगी और उनकी पोल खोल देगी, इसी डर से हार्दिक पटेल खुलकर कांग्रेस पार्टी का ना तो समर्थन कर रहे हैं और ना ही राहुल गाँधी से मुलाक़ात कर रहे हैं.

गुजरात के पटेल यह भी समझ रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी उन्हें कभी भी आरक्षण नहीं देगी क्योंकि इससे पहले हरियाणा और राजस्थान में भी जाटों और गुर्जरों ने आरक्षण की मांग की थी लेकिन कांग्रेस ने सिर्फ दिलासा देने के अलावा कुछ नहीं किया, इसी तरह से गुजरात में भी होगा, कांग्रेस भले ही पटेलों को आरक्षण देने का वादा करे लेकिन वह चाहकर भी पटेलों को आरक्षण नहीं दे सकती, यह बात हार्दिक पटेल भी जानते हैं.

अगर हार्दिक पटेल ने खुलकर कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया और सरकार बनाने के बाद पटेलों को आरक्षण नहीं मिला तो वे हार्दिक पटेल को कभी माफ़ नहीं करेंगे, हार्दिक भी यह बात समझ रहे हैं इसलिए खुलकर कांग्रेस को समर्थन नहीं कर रहे हैं, इसीलिए वह राहुल गाँधी से छुपकर मुलाकात कर रहे हैं, छुपकर डील की जा रही है. हार्दिक पटेल ने एक तरह से यह बोलकर कांग्रेस को समर्थन कर दिया है कि बीजेपी से अच्छी कांग्रेस है लेकिन वे खुलकर कांग्रेस का समर्थन करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं.
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