Oct 14, 2017

तोप, मिसाइल, राइफल पर भी बैन लगा सकता है सुप्रीम कोर्ट, बॉर्डर पर चलेंगी प्लास्टिक की गोलियां


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अगर पटाखों की वजह से प्रदूषण होता है तो बंदूकों से निकलने वाली गोलियों, तोप से निकलने वाले गोले और बारूद, मिसाइल और रॉकेट से निकलने वाले धुंवे से भी प्रदूषण फैलता है. अक्सर देखा जाता है कि बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान की गोलाबारी से पूरा क्षेत्र धुंवा धुंवा हो जाता है. भारत का सुप्रीम कोर्ट प्रदूषण को लेकर बहुत सख्त है इसलिए हो सकता है कि पटाखों की तरह ही बन्दूकों, गोलियों, आंसू गैस के गोलों, तोप के गोले, बारूद, मिसाइल, रॉकेट और अन्य हथियारों पर भी बैन लगा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट के जज तर्क दे सकते हैं कि बन्दूकों, गोलियों, आंसू गैस के गोलों, तोप, गोले, बारूद, मिसाइल, रॉकेट से धुंवा और प्रदूषण फैलता है, इससे कश्मीर के लोगों को परेशान होती है, बच्चों का जीना मुश्किल हो जाता है, फेफड़ों की बीमारियाँ हो जाती हैं इसलिए अब बॉर्डर पर पाकिस्तानी सैनिकों पर प्लास्टिक की गोलियां दागी जाँय.

सुप्रीम कोर्ट कह सकता है कि अगर प्लास्टिक की गोलियां चलायी जाएंगी तो प्रदूषण कम होगा, बीमारियों से बचा जा सकेगा. इसलिए आगे से पाकिस्तानी सैनिकों पर प्लास्टिक या रबर की गोलियां चलायी जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह का तर्क देकर पटाखों पर बैन लगाया है उसी तरह से हथियारों पर भी बैन लगाया जा सकता है.

यही नहीं, कश्मीर में पत्थरबाजों को कण्ट्रोल करने के लिए उनपर आंसू गैस के गोले दागे जाते हैं जिसकी वजह से पूरे इलाके में धुंवा फ़ैल जाता है, इससे भी प्रदूषण होता है इसलिए सुप्रीम कोर्ट आदेश दे सकता है कि पत्थरबाजों पर आंसू गैस के गोले ना छोड़े जाँय, वर्ना प्रदूषण फ़ैल जाएगा.
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1 comment:

  1. dharm ke mamle me hindu chup ho bhi sakta hai but jab desh ki baat ayegi to aise faisle pe supreme court ko ukhaar bhi sakti hai kyu ki supreme court desh hit, apne naagriko ke hit liye hoti hai na ki guspathio or atankwadio ke lia

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