Oct 2, 2017

400 पर थे तो राम को नहीं मानते थे राहुल गाँधी, 44 पर आ गए तो पहुँच गए श्री राम की शरण में


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कभी कांग्रेस पार्टी के लोकसभा में 400 से भी अधिक सांसद होते थे, बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनती थी, उस समय राहुल गाँधी राम के अस्तित्व से साफ़ साफ़ इनकार करते थे, कांग्रेस पार्टी भी कई बार श्री राम को काल्पनिक और साम्प्रदाईक बता चुकी है, कांग्रेस का कोई भी नेता आज भी सार्वजनिक रूप से श्री राम का नाम नहीं लेता, उन्हें हमेशा डर लगा रहता है कि कहीं के धर्म के लोग उनके मुंह से जय श्री राम का नाम ना सुन लें और उनका वोट बैंक कम ना हो जाए लेकिन कांग्रेस की इस पालिसी की वजह से पिछले लोकसभा चुनाव में वह 44 सीटों पर आ गयी और पूरे देश से कांग्रेस का पत्ता साफ़ हो गया.

अब कई राज्यों से भी कांग्रेस साफ़ हो गयी है और कई राज्यों से जाने वाली है तो राहुल भी श्री राम की शरण में चले गए हैं. पहली बार राहुल गाँधी ने दशहरा का त्यौहार मनाया है और राम को तिलक लगाकर उनकी पूजा अर्चना की है. राहुल गाँधी ने धनुष तीर उठाकर रावण पर निशाना भी लगाया.

30 अक्टूबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गाँधी भी दशहरा समारोह में शामिल हुए, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी उनके साथ थे, दोनों ने श्री राम को तिलक लगाया, उनकी आरती उतारी.

इसके अलावा राहुल गाँधी गुजरात में भी कई मंदिरों में गए थे और भक्तों की तरह पूजा अर्चना की थी. ऐसा लगता है कि राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी अपने हार के कारणों को पहचान गयी है. उन्हें पता चल चुका है कि देशवासियों ने उन्हें क्यों साफ़ किया है. कांग्रेस समझ गयी है कि जो भी श्री राम का अपमान करता है देश की जनता उसे कड़ा सबक सिखाती है, राहुल गाँधी के पिताजी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी स्वयं खुद को राम भक्त बताते थे और उनके ही कार्यकाल में अयोध्या में बाबरी विध्वंश हुआ था लेकिन कांग्रेस यह सब भूल गयी वोट बैंक को देखकर श्री राम को काल्पनिक बताने लगी लेकिन अब कांग्रेसियों का दिमाग खुलने लगा है और श्री राम की शरण में आने लगे हैं.
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