Oct 4, 2017

मोदी ने बहुत ही चतुराई ने चार्टर्ड अकाउंटेंट के जमीर को झकझोरा, बोले, मेरा साथ दे दो दोस्तों


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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में जितनी भी टैक्स चोरी, बही खातों में गलत जानकारी, हवाला, मनी लौन्डरिंग, कालाधन, जैसे अपराध हैं वो सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट की मिलीभगत से किये जाते हैं, सभी कंपनियों में CA होते हैं तो उन्हें बताते हैं कि टैक्स चोरी कितनी की जा सकती है, सरकार की नजरों से कमाई को कैसे छुपाया जा सकता है, कालेधन को कैसे छुपाया जा सकता है, कालेधन को सफ़ेद कैसे किया जा सकता है.

मोदी भी इस बात को भली भाँती समझते हैं इसलिए आज इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरीज (ICSI) के गोल्डन जुबली समारोह में उन्होने भाषण देते हुए बहुत ही चतुराई से चार्टर्ड अकाउंटेंटों के जमीर पर चोट मार दी. मोदी ने कहा कि आज मुझे ख़ुशी है कि मैं एक विशिस्ट प्रकार के विद्वानों के बीच आया हूँ जो इस बात के जिम्मेदार हैं कि भारत में मौजूद प्रत्येक कंपनी कानून का पालन करें, अपने बहीखातों में गड़बड़ी ना करें, पूरी पारदर्शिता रखें.

मोदी ने कहा कि आप अपनी जिम्मेदारी जिस तरह से निभाते हैं, उसी से देश का यह तय होता है कि देश का कार्पोरेट कल्चर कैसा होगा.

मोदी ने कहा कि आपकी संस्था का मोटो है 'सत्य बोलो और नियम कानून का पालन करो', आपकी दी हुई सही या गलत सलाह देश के कार्पोरेट गवर्नेंस को प्रभावित करके ही रहती है.

मोदी ने कहा कि कई बार ऐसा भी होता है कि जब शिक्षा एक दी गयी हो लेकिन उसे ग्रहण करने वालों का आचरण भिन्न भिन्न होता है, जैसे एक ही शिक्षा यधिष्ठिर ने भी ली थी, दुर्योधन ने भी ली थी, लेकिन बर्ताव दोनों का विल्कुल अलग रहा, महाभारत में दुर्योधन ने कहा - आप कहते हैं सत्यम वदम धर्मं चरा, दुर्योधन ने कहा 'जानामि अधर्मम नचमे निवृत्ति. यानी ऐसा नहीं है कि मैं धर्म और अधर्म के बारे में नहीं जानता था लेकिन धर्म के रास्ते पर चलना मेरी प्रवित्ति नहीं बन पायी और अधर्म के मार्ग से मैं निवृत्ति नहीं हो सका. ऐसे ही लोगों को आपकी संस्था सत्यम वदा धर्मं चरा का पाठ सही रास्ते पर जाने की दिशा देता है.

मोदी ने कहा कि देश में ईमानदारी को, पारदर्शिता को संस्थागत करने में आपका बहुत बड़ी भूमिका है, आचार्य चाणक्य ने कहा है, जैसे पूरे वन में अगर एक ही सूखे वृक्ष में आग लग जाए तो पूरा जंगल जल जाता है उसी प्रकार से अगर परिवार में एक भी गलत काम करे तो पूरे परिवार की मान मर्यादा, इज्जत, प्रतिष्ठा सब धुल में मिल जाती है.
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