Oct 13, 2017

लोग बोले, जब सुप्रीम कोर्ट ही चला रहा है देश तो केंद्र सरकार की क्या जरूरत, इस्तीफ़ा दो, घर बैठो


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भारत के अधिकतर लोगों का सुप्रीम कोर्ट पर से भरोसा ख़त्म होता जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार के हर फैसले में दखल दे रहा है, आज अवैध रोहिंग्या घुसपैठियों को भारत से भगाने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी, एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि जब तक सुनवाई पूरी ना हो जाए, किसी भी रोहिंग्या घुसपैठिये को भारत से भगाया ना जाए क्योंकि ये इन्सान हैं और इन्हें भगाना मानव अधिकारों के विपरीत है.

इस फैसले से देश के लोगों का भरोसा सुप्रीम कोर्ट पर से हट रहा है, ऐसा लग रहा है कि देश केंद्र सरकार नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट चला रहा है, केंद्र सरकार खुद से कोई निर्णय नहीं कर पा रही है.

अब लोगों कह कहना है कि जब इस देश में सारे फैसले कोर्ट को ही करने है जैसे के रोहिंग्या मुसलमान हिंदुस्तान में रहेंगे या नहीं रहेंगे, कश्मीर में सेना पैलेट गन चलाएगी या कोई और गन चलाएगी, दिवाली पर पटाखे चलाएंगे या नहीं चलाएंगे, मूर्ति विसर्जन होगा कि नहीं होगा, दही हांडी की ऊंचाई कितनी होगी, राम मंदिर बनेगा या नहीं बनेगा. अगर ये सभी फैसले सुप्रीम कोर्ट को ही करने हैं तो चुनाव कराने की क्या जरूरत है, सुप्रीम कोर्ट से ही पूछ लेना चाहिए कि देश का प्रधानमंत्री किसे बनाना चाहिए. 

लोग कह रहे हैं कि जब हर फैसला सुप्रीम कोर्ट को ही करना है तो  चुनी हुई सरकार की फिर क्या जरुरत है, सुप्रीम कोर्ट के जजों को ही यह देश भी चलाना चाहिए, प्रधानमंत्री सहित सभी मंत्री और राष्ट्रपति को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
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4 comments:

  1. What about Delhi, is it not true here in Delhi, What is the need of CM & elected Govt.
    Some people argue about UPA Govt. rule when talked about election promises done in context of nation but forget about it who when talked about Delhi.

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  2. judiciary system is totally sold means by taking hefty money as bribe judges gave decision and advocates produce false evidence in court.they can't do their own work but to give moral,economic and religious support to terrorists by way of orders and decisions.

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