Oct 14, 2017

पटाखों पर बैन से केजरीवाल सरकार को होगा कम से कम 200 करोड़ का नुकसान, GDP पर भी होगा असर


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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पटाखा विक्री पर बैन लगा दिया है लेकिन इसका सबसे अधिक नुकसान केजरीवाल सरकार को होने वाला है. दिल्ली में कम से कम 1000 करोड़ रुपये के पटाखे जलाए जाते हैं जिसकी वजह से केजरीवाल सरकार को GST के हिसाब से कम से कम 200 करोड़ रुपये की कमाई होती है लेकिन इस बार पटाखा व्यापारी पटाखा बेच ही नहीं पाएंगे तो केजरीवाल सरकार को टैक्स से होने वाली कमाई भी नहीं होगी.

खैर इसकी भी भरपायी दिल्ली की जनता को ही करनी पड़ेगी क्योंकि सरकारें हर नुकसान की भरपायी जनता से ही करती हैं, जब केजरीवाल सरकार को 200 करोड़ का नुकसान होगा तो इसकी भरपायी करने के लिए जनता के ऊपर टैक्स का भार लादा जाएगा या दिल्ली को विकास से हाथ धोना पड़ेगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार की अधिकतर कमाई टैक्स से होती है, सिर्फ दिवाली के सीजन में सरकारें टैक्स से वर्ष भर का 40 परसेंट टैक्स कमा लेती हैं, दिवाली भारतीयों का सबसे बड़ा त्यौहार है, इस त्यौहार में लोग जमकर खर्चा करते हैं, जनता जितना अधिक खर्चा करती है, सरकार को उतनी अधिक कमाई होती है, जनता जितना अधिक पैसे बर्बाद करती है सरकार की झोली में उतने ही रुपये गिरते हैं, दिवाली पर सबसे अधिक कमाई पटाखों से होती है क्योंकि पटाखे खरीदकर जनता अपने पैसे उड़ाती है और ये पैसे सरकार की झोली में गिर जाते है, उदाहरण के लिए नोटबंदी के बाद जितने रुपये बैंकों में नहीं आये, वह सब केंद्र सरकार के हो गए.

आपको बता दें कि बैन की वजह से अब पटाखा व्यापारी चोरी-छिपे पटाखा बेचेंगे, मतलब बिल नहीं काटेंगे, अगर बिल नहीं काटेंगे तो दिल्ली सरकार को GST भी नहीं मिलेगा. सारा का सारा पैसा कालेधन में जाएगा, पटाखा व्यापारी चोरी से पटाखा बेचकर अपनी लागत वसूल करेंगे लेकिन सरकार को अपनी कमाई का हिसाब नहीं देंगे क्योंकि हिसाब देने, बिल काटने पर उन्हें सजा हो जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से सबसे अधिक नुकसान दिल्ली की जनता का होगा क्योंकि वे ना तो पटाखे जला पाएंगे, और पटाखा ना जलाने से हुए नुकसान की भरपायी भी उन्हें ही करनी पड़ेगी, क्योंकि केजरीवाल पेट्रोल-डीजल पर VAT बढ़ाकर 1 महीनें में नुकसान की भरपायी कर लेंगे लेकिन बोझ तो दिल्ली की जनता पर ही पड़ेगा.

देश की अर्थव्यवस्था को भी होगा नुकसान

जब जनता के पैसे नहीं खर्च होंगे तो देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होगा क्योंकि सरकार की Indirect Tax से सर्वाधिक कमाई होती है, जब जनता पैसे खर्च करती है तो सरकार को Indirect TAX मिलता है और GDP बढ़ती है, लेकिन जब जनता पैसे खर्च नहीं करती तो उससे सरकार की कमाई भी घट जाती है जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. केंद्र सरकार इसकी भी भरपायी जनता से ही करती है, भारत में पेट्रोल और डीजल इसीलिए मंहगे हैं क्योंकि सरकार चाहती है कि जनता ज्यादा से ज्यादा पैसे खर्च करे. अगर पैसे घर में पड़े रहते हैं तो सरकार को नुकसान होता है, लेकिन जब पैसे चलते रहते हैं तो अर्थव्यवस्था दौड़ती है, GDP बढती है, केंद्र की कमाई होती है और उनके पास विकास के लिए पर्याप्त पैसा आता है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पटाखा बैन से देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है.
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