Oct 9, 2017

WIRE और कांग्रेस ने बहुत ही चालाकी से बदनाम किया MODI और JAY AMIT SHAH को, लेकिन पढ़ें सच


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मान लीजिये मैंने कोई बिजनेस शुरू किया है और पहले वर्ष सिर्फ 100 रुपये का टर्न-ओवर हुआ और 10 रुपये की कमाई हुई. इसके बाद मान लीजिये मैंने कहीं से लोन लेकर बिजनेस शुरू किया और अगले वर्ष 1 लाख का टर्न ओवर हो गया. इसके बाद अगर कोई न्यूज़ वाला खबर बना दे कि धर्मेन्द्र का टर्न-ओवर एक ही साल में 1000 गुना अधिक बढ़ गया. मान लीजिये मेरा टर्न ओवर 1 करोड़ रुपये का हुआ तो न्यूज़ वाला खबर बना देगा कि धर्मेन्द्र का टर्न-ओवर 100000 गुना बढ़ गया.

जब न्यूज़ वाला ये खबर छपेगा और मान लीजिये मेरा रिश्ता किसी बीजेपी नेता से निकल गया तो विपक्षी पार्टी इस मुद्दे को पकड़ लेगी और कहेगी कि बीजेपी राज में धर्मेन्द्र का टर्न-ओवर बढ़ गया. यहाँ पर ध्यान दीजिये, मेरा टर्न-ओवर बढ़ा है, 1 लाख गुना मुनाफ़ा नहीं बढ़ा है.

इसी तरह से अमित शाह के बेटे ने अपने आप से बिजनेस शुरू किया तो 2014 में 50 हजार का टर्न ओवर हुआ लेकिन उन्होंने अगले साल 4.9 करोड़ रुपये लोन लेकिन Agri-Commodity का बिजनेस शुरू किया जिसमें टर्न-ओवर अधिक दिखता है. लोन लेने के बाद जय शाह का टर्न-ओवर 80.5 करोड़ का हुआ लेकिन डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान भी हुआ.

वायर न्यूज़ ने इस खबर को पकड़ लिया, उन्होने 50 हजार का 16000 गुना यानी 80.5 करोड़ टर्न ओवर  तो दिखाया लेकिन डेढ़ करोड़ के नुकसान की खबर दबा दी, कांग्रेस ने भी 16000 गुना टर्न-ओवर की खबर को मुद्दा बना लिया लेकिन जय शाह के डेढ़ करोड़ नुकसान की खबर दबा दी. कांग्रेस सोच रही है कि भारत के लोग मूर्ख हैं, वे उनकी बातों में आ जाएंगे इसलिए राहुल गाँधी ने इसे मुद्दा भी बनाना शुरू कर दिया है, आज उन्होंने मोदी से पूछा, मोदी जी, जय शाह - जादा खा गया, आप चौकीदार थे या भागीदार.


मोदी सरकार में शुरू हुए जय शाह के बुरे दिन

अमित शाह के बेटे Jay Shah के लिए मोदी सरकार फायदेमंद नहीं साबित हुई और उनके बुरे दिन शुरू हो गए. जय शाह ने निरमा यूनिवर्सिटी से इंजीनियर की पढ़ाई की है, उन्होंने कांग्रेस सरकार में टेम्पल इंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी शुरू की थी, कांग्रेस सरकार में उन्हें फायदा हुआ लेकिन मोदी सरकार में उनके बिजनेस को 1392 गुना अधिक नुकसान हो गया और उन्हें अपना बिजनेस ही बंद करना पड़ा. एक तरह से कहें तो मोदी सरकार में Jay Shah बर्बाद हो गए, केंद्र में बीजेपी सरकार और उनके पिता के बीजेपी अध्यक्ष होने के बाद भी वे बिजनेस में कोई मुनाफ़ा नहीं कमा सके.

कैसे बर्बाद हुए अमित शाह के बेटे Jay Shah

जय शाह ने टेम्पल इंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड नाम से 2013 में बिजनेस शुरू किया लेकिन कंपनी को 6230 रुपये का नुकसान हुआ, 2014 में भी 1724 रुपये का नुकसान हुआ. इसके बाद 2014-15 में 18,728 रुपये का फायदा हुआ जबकि 50000 रुपये का टर्न-ओवर दिखाया गया. अगर तीन साल का एवरेज निकाला जाए तो Jay Shah को कांग्रेस के तीन साल में 10774 रुपये का फायदा हुआ.

इसके बाद मोदी सरकार आयी तो अमित शाह के बेटे Jay Shah ने 4.9 करोड़ रुपये का लोन लेकर एग्री-कमोडिटी (जैसे रैप-सीड, कैस्टर, देसी चना, सोयाबीन, दालें, अनाज) आदि का बिजनेस शुरू किया. यह बिजनेस उन्होंने अपने रिश्तेदार जीतेन्द्र शाह के साथ मिलकर शुरू किया था. जीतेन्द्र शाह 8-9 साल से कमोडिटी ट्रेडिंग का बिजनेस करते थे. इस बिजनेस में पैसा अधिक लगता था लेकिन मुनाफ़ा बहुत कम था.

मान लीजिये करोड़ों का अनाज खरीदते हैं तो मुनाफा सिर्फ हजारों में होता था इसलिए ट्रांजेक्शन बहुत हाई दिखता था, अब आप देखिये, जय शाह पहले छोटा बिजनेस करते थे तो टर्न-ओवर हजारों में होता था लेकिन जब उन्होंने 4.9 करोड़ रुपये लोन लेकर बिजनेस शुरू किया तो 2015-16 में टर्न ओवर 80.5 करोड़ का आया लेकिन बिजनेस में 1.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

मतलब मोदी सरकार में Jay Shah के बिजनेस का 16000 गुना टर्न-ओवर बढ़ गया लेकिन 1392 गुना यानी डेढ़ करोड़ का नुकसान हो गया. इस नुकसान की वजह से उन्होंने अपना कमोडिटी का बिजनेस बंद कर दिया.

क्यों बर्बाद हुआ Jay Shah का Agri-Commodity का बिजनेस

Jay Shah का बिजनेस इसलिए बर्बाद हो गया क्योंकि मोदी सरकार में अनाज और दालों की जमाखोरी अलाउड नहीं है, अगर Jay Shah ने दालों और अन्य अनाज की जमाखोरी की होती तो हो सकता है कि उन्हें करोड़ों रुपये का फायदा होता लेकिन उन्होने जमाखोरी नहीं की इसलिए उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया. मतलब मोदी सरकार में Jay Shah के बुरे दिन शुरू हो गए. 

कहाँ से मिला जय शाह को लोन

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि छोटे उद्यमियों को आसानी से बैंक से लोन नहीं मिलता इसलिए जय शाह ने KIFS फाइनेंसियल लिमिटेड से 4.9 करोड़ रुपये का लोन लिया, KIFS कंपनी के मालिक राजेश खांडवाला भी उनके रिश्तेदार थे और कानूनी तरीके से फाइनेंसियल सर्विस चलाते थे और जय शाह के पार्टनर उनसे लोन लेते रहते थे. जय शाह ने उनसे लोन लेकर उन्हें पूरा लोन चुका भी दिया.
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