Oct 11, 2017

दिल्ली सरकार बढाती है 99.7 फ़ीसदी प्रदूषण, पटाखे करते हैं 0.3 फ़ीसदी प्रदूषण: चेतन भगत


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चेतन भगत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों के बैन को पूरी तरह से गलत बताया है और अपनी बात को साबित करने का प्रयास भी किया है. कल से ही उनके बयान पर बवाल मचा हुआ है, उन्होंने कल कहा था कि पटाखों पर बैन ठीक वैसा ही है जैसा बकरा-ईद पर बकरा काटने और क्रिसमस ट्री पर बैन लगाना. सुप्रीम कोर्ट को किसी भी त्यौहार पर बैन नहीं लगाना चाहिए क्योंकि बैन की प्रथा बहुत बुरी होती है. एक बार बैन लगना शुरू हो गया तो धीरे धीरे सभी चीजों पर बैन लगा दिया जाएगा और हमारे बच्चों का त्योहारों को लेकर क्रेज ख़त्म हो जाएगा.

चेतन भगत ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि पटाखों से प्रदुषण होता है, दिल्ली इसलिए प्रदूषित है, मेरा कहना है कि दिल्ली पटाखों की वजह से प्रदूषित नहीं है, दिल्ली सरकार की बुरी नीतियों, बुरे प्रशासन, अन-चेक ग्रोथ, फक्ट्रियों के लाइसेंस के चेक ना होने, प्रदूषण को मॉनिटर ना करने और अन्य चीजों से है. दिल्ली इन सब वजहों से प्रदूषित है. इसके लिए दीवाली पर दोष देने के बजाय सरकारों को दोष क्यों नहीं दिया जाता है.

हम यह क्यों नहीं कहते कि हमने दिल्ली को ऐसा क्यों बनाया कि हमारे बच्चे सिर्फ दो घंटे पटाखे नहीं फोड़ सकते. दीवाली पर पटाखे फोड़ने से सिर्फ 0.3 परसेंट प्रदूषण बढ़ता है लेकिन साल भर 99.7 परसेंट प्रदूषण फैलाने वालों से क्यों सवाल नहीं पूछ जाता. पहले 99.7 प्रदूषण को रोकने का काम करो, पहले उस समस्या को रोको, पहले उन लोगों से सवाल पूछो. उनकी वजह से समस्या हो रही है. पटाखों की वजह से कोई समस्या नहीं होती क्योंकि उससे सिर्फ .2 फ़ीसदी प्रदूषण बढ़ता है, पटाखे जलाने वालों को हम गिल्टी क्यों फील कराते हैं.

99.7 परसेंट प्रदूषण सरकार की बुरी नीतियों की वजह से बढ़ रहा है लेकिन हम उन्हें दोष देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते लेकिन सिर्फ 0.3 फ़ीसदी प्रदूषण के लिए हम अपने बच्चों की खुशियाँ छीनने के लिए तैयार हैं. सरकार को पहले से प्रदूषण कम करने का प्रयास करना चाहिए.

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