Oct 10, 2017

आनंदीबेन ने राहुल गाँधी को लताड़ा, क्या महिलाओं के आगे ही देखते रहते हो, गन्दी सोच वाले


anandiben-slams-rahul-gandhi-congress-for-comment-women-shorts

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी के अन्दर एक और इक्षा जाग गयी है. अब वे आरएसएस की शाखाओं में महिलाओं को शॉर्ट्स यानी छोटे कपड़ों में देखना चाहते हैं. आज उन्होने गुजरात के बड़ोदरा में एक कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं से सवाल जवाब किये. 

राहुल गाँधी ने संघ की विचारधारा पर हमला करते हुए कहा कि आरएसएस की शाखाओं में महिलायें क्यों नहीं जाती, क्या आपने किसी महिला को शॉर्ट्स पहनकर शाखा में जाते हुए देखा है, ऐसा लगता है कि महिलाओं ने कोई पाप किया है जिसकी वजह से संघ महिलाओं को शाखा से दूर रखता है, जबकि कांग्रेस में हर जगह महिलायें नजर आती हैं. संघ और कांग्रेस में यही अंतर है.

राहुल के बयान को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन ने शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि - राहुल गाँधी कहते हैं कि संघ में महिलायें शॉर्ट्स पहनकर नहीं जाती हैं. मुझे उससे केवल इतना पूछना है कि क्या आपकी दृष्टि वो है, मतलब राहुल गाँधी और कांग्रेसी नेता महिलाओं को सिर्फ शॉर्ट्स में देखना चाहते हैं. तुम लोग महिला के सामने ही देखते रहते हो कि उसनें क्या पहना है, क्या नहीं पहना है.

आनंदीबेन ने राहुल गाँधी को लताड़ते हुए कहा कि आपने गुजरात की महिलाओं का अपमान किया है, उनसे आप माफी मांगिये और अपने शब्द वापस लीजिये वरना पूरे गुजरात की महिलाएं इकठ्ठी होकर आपको जवाब देंगी और कांग्रेस की रही सही सीट भी चली जाएंगी.

आनंदीबेन ने गुजरात की महिलाओं को सन्देश देते हुए कहा कि हम महिलाओं के लिए कांग्रेस जो सोच रखती है, क्या हमें कांग्रेस से पूछकर कपडे पहनना है, क्या कांग्रेस की महिलाऐं राहुल गाँधी से पूछकर कपडे पहनकर जाती हैं सभाओं में.

आनंदीबेन ने कहा कि गुजरात की महिलायें संस्कारी हैं, बहुत भली हैं, देश की सेवा का काम करती हैं, गरीबों की सेवा करती हैं, कई संस्थाएं चलाती हैं और इन संस्थाओं के माध्यम से अपना नेतृत्व खड़ा करती हैं. कोई उनके लिए जब अपमानजनक शब्द बोलता है तो महिलायें उसके सामने ताकतवर बनकर सबक सिखाती हैं.

उन्होंने कहा कि आप सोनिया गाँधी से भी पूछना कि उनका सुपुत्र महिलाओं के बारे में ऐसी बात बोल रहा है क्या यह ठीक है, उसकी बहन से पूछिए क्या उसनें सही बोला है. क्या आपको अच्छा लगा वो शब्द. कोई महिला ये नहीं कहेगी कि उसनें सही बोला है. क्या कांग्रेस का यही संस्कार है कि जब महिलाएं जाती हैं, आती हैं, उठती हैं, बैठती हैं तो राहुल गाँधी की दृष्टि आगे की रहती है.

आनंदीबेन ने कहा कि सभी महिलायें हमारी ही बहनें हैं, हमारी ही माता हैं, हमारी बेटियां हैं, उन्हें उसी दृष्टि से देखनी चाहिए. महिलाओं के लिए आरएसएस में अलग शखाएं हैं, राहुल गाँधी को यह बात पता ही नहीं है, पूरे देश में आरएसएस की लाखों महिला शाखाएं हैं. आगर उसको पता नहीं है तो यह बात पूछ ले, कहीं से भी सर्च करे, YouTube पर सर्च कर ले और देखे कि कितनी महिलायें शाखा में जाती हैं और अपना अपना काम करती हैं.
नीचे कमेन्ट बॉक्स में अपनी राय लिखें
पोस्ट शेयर करें और फेसबुक पेज LIKE करें
loading...

0 comments: