Oct 10, 2017

आज राहुल गाँधी के पिछड़े अमेठी को विकास की कई सौगात देंगे अमित शाह, स्मृति ईरानी और CM YOGI


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राहुल गाँधी अमेठी से 13 साल से सांसद हैं, 10 साल केंद्र में उनकी सरकार भी थी उसके बावजूद भी अमेठी देश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता है, राहुल गाँधी अपने क्षेत्र का 13 वर्षों में कोई विकास नहीं करवा सके तो देश का कैसे विकास कर पाएंगे, बीजेपी वालों ने इसे मुद्दा बना लिया है, आज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, स्मृति ईरानी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अमेठी दौरे पर जाएंगे और विकास की कई योजनाओं की शुरुआत करेंगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीजेपी नेताओं का यह कार्यक्रम पहले से ही फिट था इसलिए जैसे ही राहुल गाँधी को इसकी खबर लगी, उन्होंने आनन फानन में दो दिनों का अमेठी दौरा प्लान किया और वहां के लोगों से मुलाक़ात की. अमेठी के कई जनसभाओं में राहुल गाँधी ने मोदी पर जमकर हमला बोला.

खैर राहुल गाँधी के अमेठी दौरे से बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि अमेठी की बदहाली दुनिया देख रही है, आज बीजेपी नेता अमेठी के लिए विकास की कई योजनाओं की शुरुआत करके दुनिया को बताएंगे कि जिस क्षेत्र का राहुल गाँधी 13 साल में विकास नहीं कर पाए उसका बीजेपी नेता खुद विकास करके दिखाएंगे.

अमेठी में आज बड़ी रैली

आज कई विकास कार्यक्रमों की शुरुआत करने के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे.

राहुल को अमेठी से भगाना चाहती है BJP

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेठी से कांग्रेस पार्टी का लगभग खात्मा हो चुका है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी गरिमा सिंह ने अमेठी विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी अमिता सिंह को हरा दिया था. अमेठी अब बीजेपी का क्षेत्र बन चुका है इसलिए बीजेपी नेता दिखाना चाहते हैं कि जिस क्षेत्र का विकास राहुल गाँधी नहीं कर सके उसका विकास बीजेपी नेता कर रहे हैं. दरअसल बीजेपी वाले राहुल गाँधी को अमेठी से पूरी तरह से साफ़ कर देना चाहते हैं.

पिछली बार बहुत मुश्किल से जीते थे राहुल गाँधी

पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गाँधी को बीजेपी से बहुत मुश्किल से जीत मिली थी, वोट के लिए उन्हें दर दर की ठोकरें खानी पड़ी थीं, राहुल गाँधी को 408651 वोट मिले थे जबकि स्मृति इरानी को 300748 वोट मिले थे. चुनाव हारने के बाद भी स्मृति ईरानी अमेठी से जुड़ी हुई हैं और वहां के लोगों के संपर्क में हैं, मतलब स्मृति ईरानी हारने के बाद भी अमेठी को अपना क्षेत्र मानकर चल रही हैं और वे राहुल गाँधी से भी अधिक दौरे अमेठी के करती हैं. 
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