Oct 24, 2017

पंचायत चुनाव भी नहीं जीत सके थे अल्पेश ठाकुर, अब कांग्रेस के लिए बन गए भाग्य विधाता


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गुजरात चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस सिर्फ जातिवाद की राजनीति करने वाले तीन नेताओं पर निर्भर हो चुकी है - अल्पेश ठाकुर, हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी. 

अल्पेश ठाकुर पूर्व में कांग्रेसी नेता रह चुके हैं लेकिन कांग्रेस ने उन्हें दो तीन साल पहले जातिवाद की राजनीति करने के मिशन पर लगा दिया ताकि वे OBC जातियों को इकठ्ठा करके उन्हें BJP के खिलाफ करें और चुनावों में कांग्रेस का काम बनाएं. अल्पेश ठाकुर ने इस दिशा में काफी मेहनत भी की है.

अल्पेश ठाकुर भले ही आज कांग्रेस के तारणहार बन रहे हैं लेकिन 2012 में वे पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाए थे, आपको बता दें कि अल्पेश ठाकुर गुजरात में OBC नेता माने जाते हैं और कट्टर कांग्रेसी भी हैं, कांग्रेस ने उन्हें फिर से कांग्रेस में शामिल करने के लिए नौटंकी रची, वे 2012 में कांग्रेस पार्टी से जिला पंचायत चुनाव में मांडल सीट से चुनाव लड़े थे लेकिन उनकी करारी हार हुई थी, यही नहीं तीन साल पहले भी वे कांग्रेस का ही फटका डालकर चुनाव प्रचार कर रहे थे लेकिन इस चुनाव में उन्हें बड़ा नेता बनाने के लिए झूठे ही कांग्रेस ज्वाइन करा दिया जबकि वे पहले से ही कांग्रेसी नेता हैं.

अल्पेश के पिता भी हैं पक्के कांग्रेसी

अल्पेश का परिवार भी पक्का कांग्रेसी है, उन्हें पिता खोड़ाजी ठाकुर अहमदाबाद से कांग्रेस के जिलाअध्यक्ष रहे हैं. अल्पेश OBC और SC-ST जातियों को लेकर राजनीति करते हैं, उन्हें मिलकर सामाजिक आन्दोलन करते हैं, उन्होंने कुछ वर्ष पहले अवैध शराब को लेकर अभियान छेड़ा था जिसकी वजह से उनकी लोकप्रियता बढ़ी है.
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