Sep 28, 2017

जब मोदी ने मंत्री नहीं बनाया तो मोदी सरकार बेकार, हर युवा बेरोजगार, वाह यशवंत सिन्हा जी


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अगर आपको जानकारी ना हो तो बता देते हैं, बीजेपी में अगर किसी बड़े नेता पर वंशवाद का आरोप लगा तो वह हैं यशवंत सिन्हा। इन्होने 2014 के लोकसभा चुनाव में हजारीबाग की अपनी सीट पर अपने बेटे जयंत सिन्हा को दावेदार बना दिया और अन्य बीजेपी कार्यकर्त्ता सीट का इन्तजार ही करते रहे, इनके बेटे जयंत सिन्हा चुनाव जीत गए तो इन्होने अपने बेटे को मोदी सरकार में मंत्री भी बनवा दिया। अब आप सोचिये, जिस मोदी सरकार ने इनके बेटे को पहली बार चुनाव जीतने पर ही मंत्री बना दिया उसे ही यशवंत सिन्हा बेकार बता रहे हैं, मोदी ने इनके बेटे को मंत्री बना दिया इसके बाद भी ये हर युवा को बेरोजगार बता रहे हैं.

आज इन्होने ANI से बात करते हुए मोदी सरकार की जमकर आलोचना की. इन्होने कहा कि नोटबंदी और GST लागू करके मोदी सरकार ने भारत की अर्थव्यवस्था को दोहरा झटका दे दिया है, नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को करारा झटका लगा था, मोदी सरकार ने थोंडा समय नहीं दिया और GST लगाकर फिर से झटका दे दिया, इन दोनों झटकों से देश की अर्थव्यवथा चरमरा गयी, अब सभी नौजवानों का रोजगार छीन गया है, हर कोई बेरोजगार है, मेरे पास लोग रोजगार मांगने आते हैं लेकिन जब रोजगार ही नहीं है तो कहाँ से दें.

इससे पहले इन्होने कहा था कि मोदी ने गरीबी देखी है लेकिन वित्त मंत्री पूरे देश को गरीबी दिखाना चाहते हैं. मोदी सरकार कह रही है कि लॉन्ग रन में सब कुछ अच्छा होगा लेकिन लॉन्ग रन में सब डेड हो जाते हैं.

यशवंत सिन्हा मोदी सरकार से क्यों नाराज हैं

बात दरअसल ये है कि यशवंत सिन्हा मोदी सरकार में भी वित्त मंत्री बनना चाहते थे, ये सोच रहे थे कि लोकसभा सीट से बेटे को सांसद बनाकर मंत्री पद पर सेट कर देंगे और उसके बाद राज्यसभा सीट से खुद भी सांसद बनकर मोदी सरकार में कोई ना कोई मंत्री बन जाएंगे लेकिन मोदी सरकार में ऐसा होता ही नहीं है कि बेटा भी मंत्री बन जाय और बाप भी मंत्री बन जाय, बेटा भी सांसद बन जाय और बाप भी सांसद बन जाय. 

यशवंत सिन्हा को मोदी सरकार ने मंत्री नहीं बनाया तो अब इसकी खुन्नस मोदी सरकार की आलोचना करने में निकाल रहे हैं, अब ये कांग्रेस की भाषा बोलने लगे हैं, अब इन्हें हर युवा बेरोजगार नजर आ रहा है, इन्हें समझना चाहिए कि अगर हर युवा बेरोजगार हो चुका होता तो देश चलना मुश्किल था, आज हर युवा कोई ना कोई काम जरूर कर रहा है, एक काम छूट गया तो दूसरा काम पकड़ लिया है, एक लाइन छूट गयी तो दूसरी लाइन पकड़ लिया है. अगर हर युवा बेरोजगार होता तो अब तक लाखों लोग भूख से मर जाते लेकिन मोदी सरकार में एक भी आदमी की भूल से मौत नहीं हुई है.

रही बात रोजगार की तो जो लोग कहते हैं कि मोदी सरकार ने रोजगार नहीं पैदा किया वे सिरफिरे हैं या उनका दिमाग गायब हो गया है, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में 1 लाख लोगों को जॉब मिलेगी, रोड कंस्ट्रक्शन में लाखों लोगों को जॉब मिल रहा है, मुद्रा योजना के जरिये 8 करोड़ लोगों को रोजगार के लिए धन दिया है. 8 करोड़ लोगों को रोजगार के लिए धन देने का मतलब है उतना ही रोजगार पैदा किया है क्योंकि जितने भी लोग रोजगार के लिए पैसा ले रहे हैं वे कई लोगों को रोजगार देते हैं.

मतलब मोदी सरकार में रोजगार ही रोजगार हैं लेकिन किसी को दिखाई नहीं दे रहा है, कम से कम आलोचना करने वालों ने तो अपनी ऑंखें बंद कर रखी हैं, इसके अलावा भारत में करोड़ों लोग ऐसे भी हैं जिन्हें दुकानदार और छोटे व्यापारी अपने यहाँ काम पर तो रखते हैं, उन्हें सैलरी भी देते हैं लेकिन उसका रिकॉर्ड सरकार से छुपा लेते हैं जिसकी वजह से वे नौजवान रोजगार करते हुए भी बेरोजगार रहते हैं लेकिन GST के आने से अब ऐसे लोगों को अपने सभी कर्मचारियों का नाम सरकार को देना होगा जिसके बाद ऐसे लोग बेरोजगार से खुद ही रोजगार में आ जाएंगे।

कहने का मतलब ये है भारत में करोड़ों लोगों के पास रोजगार होते हुए भी वे सरकार के रिकॉर्ड में बेरोजगार है. क्योंकि उसका नाम सरकार की नजर से छुपा लिया जाता है, कई लोगों के पास 50 से भी अधिक लोग काम करते हैं लेकिन वे सरकार से यह सूचना छुपा लेते हैं, अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो सबका ESI कार्ड या मेडिक्लैम बनवाना पड़ेगा और उन्हें सरकारी ग्रेड के अनुसार सैलरी भी देनी पड़ेगी इसलिए वे सरकार से बताते ही नहीं हैं कि उनके पास दर्जनों लोग काम करते हैं. इसी प्रकार से करोड़ों लोग इन-फॉर्मल सेक्टर में काम करते हैं लेकिन वे सरकार की नजर में बेरोजगार हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा, अब सभी व्यापारियों और उद्योगपतियों को GST करवाना ही पड़ेगा और कर्मचारियों का डिटेल देना ही पड़ेगा।

मतलब मोदी सरकार ने बहुत बड़ा तीर मारा है जो निशाने पर लगा है और बदलाव भी आ रहा है लेकिन एक साल अर्थव्यवस्था डाउन रहने का अनुमान है लेकिन जल्द ही अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर आ जाएगी उसके बाद यशवंत सिन्हा जैसे लोगों का मुंह बंद हो जाएगा।
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