Sep 24, 2017

सुषम स्वराज ने यूनाइटेड नेशन में पाकिस्तान को बुरी तरह से धो डाला, पढ़ें धुलाई का पूरा भाषण


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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज यूनाइटेड नेशन जनरल असेम्बली में भारत की तरफ से भाषण दिया. उनके भाषण की हर तरफ प्रशंसा हो रही है. उन्होने आज भारत की गरीबी मिटाने वाली और विकास के पथ पर ले जाने वाली कई योजनाओं का जिक्र किया साथ ही पाकिस्तान की जमकर धुलाई भी कर दी.

सुषमा स्वराज ने कहा कि हम तो गरीबी से लड़ने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हमारा पडोसी देश पाकिस्तान हमसे लड़ रहा है, परसों इसी मंच से बोलते हुए पाकिस्तान के वजीरे आजम शाहिद खाकान अब्बासी ने भारत पर तरह तरह के इल्जाम लगाए, उन्होने हमें स्टेट स्पोंसर्ड टेररिज्म फैलाने का गुनाहगार भी ठहराया और मानवाघिकार उल्लंघन का आरोपी भी, जिस समय वह बोल रहे थे तो लोग कह रहे थे 'Look who is talking'.

सुषमा स्वराज ने कहा कि जो मुल्क हैवानियत की हदें पार करके सैकड़ों बेगुनाहों को मौत के घाट उतरवाता है वह यहाँ पर खड़ा होकर हमें इंसानियत का सबक सिखा रहा था और हमें मानवाधिकार का पाठ पढ़ा रहा था, पाकिस्तान के वजीरे आजम ने कहा कि मुहम्मद जिन्ना ने पाकिस्तान को शांति और दोस्ती की नीति विरासत में दी थी, मैं उन्हें याद दिलाना चाहती हूँ कि मुहमम्द अली जिन्ना ने पाकिस्तान को शांति और दोस्ती की नीति विरासत में दी थी या नहीं यह तो इतिहास बहुत अच्छी तरह से जानता है लेकिन यह सच जरूर है कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने शांति और दोस्ती की नियति जरूर दिखाई थी. उन्होंने सारी रुकावटों को पार करते हुए दोस्ती का हाथ आगे बढाया लेकिन कहानी बदरंग किसने की, अब्बासी साहब इसका जवाब आपको देना है मुझे नहीं.

सुषमा स्वराज ने काह कि - अब्बासी जी यहाँ पर खड़े होकर संयुक्त राष्ट्र के पुराने प्रस्तावों की बात भी कर रहे थे पर क्या उन्हें याद नहीं कि शिमला समझौते और डिक्लेरेशन के अंतर्गत हम दोनों देशों ने यह निर्णय किया है कि हम आपसी मसलों को इकठ्ठे बैठकर हल करेंगे, किसी तीसरे की मध्यस्तता स्वीकार नहीं करेंगे.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सियासतदानों को याद तो सब कुछ है लेकिन अपनी सुविधा के कारण ये उसे भूल जाने का नाटक करते हैं, पाकिस्तान के वजीरे आजम से Comprehensive Dialogue  की बात भी की, मैं उन्हें याद दिला दूँ, 9 दिसम्बर 2015 को जब मैं हार्ट ऑफ़ एशिया के सम्मलेन के लिए इस्लामाबाद गयी थी तो उनके नेता और उस समय के वजीरे आजम नवाज शरीफ की सरपरस्ती में नए सिरे से डायलाग शुरू करने का फैसला हुआ था और उसे नया नाम भी दिया गया था Comprehensive Bilateral Dialogue. इसमें Bilateral शब्द सोच समझकर डाला गया था ताकि कोई संदेह ना रहे और यह निश्चित हो जाए कि बातचीत केवल दोनों देशों के बीच होनी है, किसी तीसरे देश की मदद लेकर नहीं, लेकिन वह सिलसिला आगे क्यों नहीं बढ़ा इसके लिए भी अब्बासी साहब जवाबदेह आप हैं.

सुषमा स्वराज ने कहा कि आज मैं इस मंच से पाकिस्तान के सियासतदानों से एक सवाल पूछना चाहती हूँ, क्या कभी आपने इकठ्ठे बैठकर ये सोचा है कि भारत और पाकिस्तान साथ साथ आजाद हुए थे लेकिन आज भारत की पहचान दुनिया भर में एक IT के सुपर पॉवर के रूप में बनी है लेकिन पाकिस्तान की पहचान एक दहशतगर्द मुल्क, एक आतंकवादी देश के रूप में बनी है, क्या आपने कभी सोचा है कि इसकी क्या वजह है, इसकी एक ही वजह है कि भारत ने पाकिस्तान की दी हुई आतंकवाद की चुनौतियों का सामना करते हुए भी अपने घरेलू विकास को कभी थमने नहीं दिया.

सुषमा स्वराज ने कहा की पिछले 70 वर्षों के दौरान अनेकों दलों की सरकारें आयीं लेकिन हर सरकार ने विकास की गति को जारी रखा, हमने IITs बनाये, हमने IIMs बनाये, हमने AIIMS जैसे अस्पताल बनाए, हमने अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व प्रसिद्द संस्थान बनाए लेकिन पाकिस्तान वालों, आपने क्या बनाया. आपने लश्करे तैयबा बनाया. आपने जैश-ऐ-मुहम्मद बनाये, आपने हक्कानी नेटवर्क बनाया, आपने हिजबुल मुजाहिद्दीन बनाया, आपने आतंकवादी ठिकाने बनाये, आपने आतंकवादी कैम्प बनाये.

सुषमा स्वराज ने कहा की हमने स्कॉलर्स पैदा किये, हमने साइंटिस्ट पैदा किये, हमने इंजीनियर्स पैदा किये, हमने डॉक्टर्स पैदा किये, पाकिस्तान वालों आपने क्या पैदा किया, आपने दहशतगर्द पैदा किये, आपने जिहादी पैदा किये. 

सुषमा स्वराज ने कहा कि आप जानते हैं कि डॉक्टर्स मरने वाले की जिन्दगी बचाते हैं लेकिन जिहादी जिन्दा लोगों को मार डालते हैं, आपका जिहादी संगठन केवल भरत के लोगों को नहीं मार रहा, वो हमारे पड़ोसी देशों अफ़ग़ानिस्तान और बांग्लादेश के लोगों को भी मार रहा है, वो भी उनकी गिरफ्त में हैं, सभापति जी, UNGA के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी देश ने शाम को राईट तो रिप्लाई माँगा हो और एक साथ उसे तीन तीन लोगों को स्पष्टीकरण देना पड़ा हो, ये अकेला तथ्य पाकिस्तान की करतूत को दर्शाता है.

सुषम स्वराज ने कहा कि मैं कहना चाहती हूँ पाकिस्तान वालों, जो पैसा आप आतंकवादियों की मदद के लिए खर्च कर रहे हो, अगर उसे अपने आवाम की भलाई के लिए खर्च करो, अगर अपने मुल्क की तरक्की के लिए खर्च करो तो दुनिया का आतंकवाद से पीछा छूट जाएगा और साथ ही आपके आवाम का कल्याण हो सकेगा, आपके मुल्क का विकास हो सकेगा.
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