Sep 29, 2017

गुजरात चुनाव में हार के बाद विपक्षी पार्टियाँ BJP पर नहीं लगा पाएंगी EVM टेम्परिंग का आरोप


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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में BJP ने करारी हार मिलने के बाद विपक्षी पार्टियों ने BJP और मोदी पर EVM टेम्परिंग का आरोप लगाया था जिससे सबक लेते हुए चुनाव आयोग आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव में VVPAT का इस्तेमाल करने का फैसला किया है, VVPAT का मतलब होता है वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल, इस सिस्टम के जरिये वोटरों को पता चल जाता है कि उन्होंने किस पार्टी के कैंडिडेट को वोट दिया है, जब वोटर EVM का बटन दबाता है तो VVPAT से एक पर्ची निकलती है जिसमें वोटर देख सकता है कि उसनें किस कैंडिडेट को वोट दिया है. अगर किसी और को वोट जाता है तो वोटर अधिकारियों से तुरंत शिकायत कर सकता है. हालाँकि ये पर्ची वोटर अपने साथ नहीं ले जा सकता.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह पहला मौका है जब किसी राज्य में 100 फ़ीसदी पोलिंग बूथों पर VVPAT का इस्तेमाल होने जा रहा है, चुनाव आयोग का कहना है कि चुनाव के लिए यह सबसे पारदर्शी तरीका है, इसके बाद राजनीतिक पार्टियाँ EVM टेम्परिंग का आरोप नहीं लगा सकतीं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात में 2017 के अंत में चुनाव होने हैं, गुजरात में कुल 50128 मतदान केंद्र हैं, सभी मतदान केन्द्रों पर वोटर जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाएंगे, सभी वोटरों को VVPAT के बारे में बताया जाएगा, सार्वजनिक स्थानों और शैक्षणिक संस्थानों में मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र लगाकर उन्हें पूरे प्रोसेस की जानकारी दी जाएगी. राज्य के VVPAT की एक खेप पहुँच चुकी है जबकि दूसरी पहुँचने वाली है.

VVPAT का इस्तेमाल होने के बाद विपक्षी पार्टियाँ अगर गुजरात चुनाव हार जाएंगी तो BJP पर EVM टेम्परिंग का आरोप नहीं लगा पाएंगी क्योंकि इस बार किसी को कहने का मौका ही नहीं मिलेगी, EVM टेम्परिंग का मुद्दा सबसे पहले मायावती ने उठाया था, उसके बाद आम आदमी पार्टी ने उठाया था, उसके बाद समाजवादी पार्टी भी इन लोगों के समर्थन में आ गयी थी. इसके बाद सभी विरोधी पार्टियों ने BJP पर EVM टेम्परिंग का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया था.
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