Sep 14, 2017

राजनीतिक हिंसा के मामले में बंगाल नंबर वन, ह्यूमन राईट वालों ने कर ली है ऑंखें बंद: अमित शाह


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अमित शाह इस वक्त पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं. 12 सितम्बर को उन्होंने राजनीतिक हत्या के शिकार परिवार वालों से मिलकर उनका दुःख सुना. उन्होंने बाद में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 6 महीनें में यहाँ पर जो भी राजनीतिक हिंसा हुई है इसके सारे पीड़ितों से हमने मुलाकात की.

उन्होंने कहा कि पहले भी मुझे बहुत सारे कार्यकर्ताओं के माध्यम से पश्चिम बंगाल में जो राजनीतिक हिंसा होती थी उसकी रिपोर्ट मिलती थी, इसकी गंभीरता भी समझ में आती थी लेकिन आज जब इन पीड़ितों से मिलना हुआ तो मुझे लगता है कि शायद ही दुनिया में किसी जगह पर इससे ज्यादा पॉलिटिकल हिंसा होती होगी. राजनीतिक हिंसा के मामले में बंगाल नंबर के पर है.

अमित शाह ने कहा कि यहाँ पर बहुत सारे लोगों को जान से मार दिया गया, किसी का हाथ तोड़ दिया, किसी का पैर तोड़ दिया गया, घर जला दिया, दुकान जला दिया. यह सिर्फ इसलिए क्योंकि हमारी राजनीतिक विचारधारा से वो सहमत नहीं हैं.

अमित शाह ने कहा कि मैं पूरे बंगाल से पूछना चाहता हूँ, क्या यह टैगोर का बंगाल है, क्या यह विवेकानंद का बंगाल है, हम बंगाल में किस तरह की संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहते हैं. यहाँ पर कोई अपनी राजनीतिक विचारधारा नहीं रख सकेगा, उसको मार देंगे, 6 साल की बच्ची के पेट में गोली लगा देंगे. डॉक्टर गोली भी नहीं निकाल पा रहा है क्योंकि वह भी डरता है.

अमित शाह ने कहा कि इस प्रकार की राजनीतिक हिंसा से बंगाल के अन्दर विकास नहीं होगा. मैं मांग करता हूँ कि जो लोग हिंसा कर रहे हैं उनकी भी भलाई इसी में है कि राजनीतिक हिंसा को तत्काल समाप्त कर दें. TMC पार्टी के कार्यकर्ता जिस प्रकार से राजनीतिक विरोधियों पर हिंसा कर रहे हैं मैं उनको याद दिलाना चाहता हूँ कि कम्युनिस्टों के इसी प्रकार की हिंसा के सामने कभी आप भी लड़ाई लड़ते थे. इसी के खिलाफ आपको भी जनादेश मिला था, इसीलिए आपको पश्चिम बंगाल की जनता से सत्ता पर बिठाया था.

अमित शाह ने कहा कि आज जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हो रहे हैं. अगर कोई मानता है कि इससे भारतीय जनता पार्टी का विकास रुक जाएगा तो उनका मानना गलत है क्योंकि इससे भारतीय जनता पार्टी का विस्तार होगा. आप जितना भी दमन करोगे, जितना भी अत्याचार करोगे, भारतीय जनता पार्टी और आगे बढ़ेगी. मैं दुनिया भर के ह्यूमन राईट के चैम्पियन से भी निवेदन करता हूँ कि अगर कहीं पर कोई घटना हो जाती है तो वे घंटों तक उसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, लेकिन वे एक बार कलकत्ता के वशीरघाट और वीरभूमि में जो राजनीतिक हिंसा हो रही है इसको भी रिपोर्ट करें. क्या ये ह्यूमन राईट का उल्लंघन नहीं है. एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ने के कारण किसी के पति की हत्या हो जाए, किसी के भाई की हत्या हो जाए, किसी के पिता की हत्या हो जाए, क्या यह ह्यूमन राईट का हनन नहीं है.

अमित शाह ने कहा कि मैं यह मानता हूँ कि ह्यूमन राईट के चैम्पियन तक मेरी बात जरूर पहुंचेगी और वे दिल्ली के गलियारों से निकलकर बंगाल में आयेंगे और बंगाल के सूदूर विस्तार में आकर यहाँ हो रही हिंसा को देश और दुनिया के सामने रखेंगे.

अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्त्ता इस राजनीतिक हिंसा का मजबूती से मुकाबला करेंगे, हम हमारा काम चालू रखेंगे और भारतीय जनता पार्टी को बंगाल में बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता. बीजेपी के जिन कार्यकर्ताओं को राजनीतिक हिंसा का शिकार होना पड़ा है उसे बीजेपी स्वयं ही संभाल लेगी क्योंकि TMC सरकार हिंसा के बाद मदद के मामले में भी भेदभाव कर रही है. मेरी मीडिया से भी अपील है कि आप दूर दराज के गाँवों में जाइए और इस हिंसा को रिपोर्ट कीजिये.
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