Aug 29, 2017

मोदी बोले, कांग्रेस इतना बुराई फैलाकर गयी थी, कोई ढीला ढीला आदमी होता तो डर जाता, लेकिन मैं..


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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उदयपुर में करीब 15000 रुपये से भी अधिक की विकास योजनाओं का शुभारम्भ किया. इस प्रोजेक्ट में करीब 13 नेशनल हाईवे का निर्माण करके राजस्थान को चमकाया जाएगा. मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 15 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का एक साथ शुभारम्भ राजस्थान के इतिहास की एक अद्भुत घटना है.

मोदी ने कहा कि योजनाओं की घोषणाएं करना, चुनाव के समय भाँती भाँती के वादे करना, अख़बारों में बहुत बड़ी बड़ी हेडलाइन छप जाना, सबके गले में माला डाल देना, ये सारे खेल हम देश भली भाँती देखते आये हैं और वर्षों से यही चला है. हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है, इन पुरानी बुराइयों को ख़त्म करने में इतनी ताकत लगती है जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते.

मोदी ने कहा कि वो लोग देश को ऐसी हालत छोड़कर गए हैं, सारी व्यवस्था ऐसी चरमरा गयी है, बुराइयां इतनी प्रवेश कर गयी हैं. अगर कोई ढीला ढाला इंसान होता तो शायद इन समस्याओं को देखते ही डर जाता लेकिन हम ज़रा अलग मिटटी से बने हैं. हमें चुनौतियों को चुनने की आदत है और चुनौतियों को चुनौती देने की भी आदत है. हम चुनौतियों को स्वीकार करते हुए, रास्ते खोजते हुए, देश को मंजिल पर ले जाने के लिए जी-जान से जुटने का माजा भी रखते हैं.

मोदी ने कहा कि चम्बल नदी पर ब्रिज बनने में 11 साल लगे. यह काम 2006 में शुरू हुआ और 2017 में बनकर पूरा हुआ, इसका बजट 300 करोड़ रुपये था. अब मैं बताता हूँ कि सरकार-सरकार में फर्क क्या होता है. काम करने वाली सरकार किसको कहते हैं. ये समझने के लिए ये घटना काफी है.

मोदी ने बताया कि एक छोटा सा 300 करोड़ की लागत का ब्रिज अगर सामान्य पद्धति से भी बनाएं तो साल डेढ़ साल में बन जाता है लेकिन कांग्रेस को यही पुल बनाने में 11 साल लग गए. मोदी ने बताया कि आज हमारी सरकार ने 5600 करोड़ के प्रोजेक्ट 2014 में हमारी सरकार बनने के बाद शुरू किये थे और आज केवल 3 साल के भीतर भीतर उनका लोकार्पण भी हो गया.

मोदी ने कहा कि हमने उस संस्कृति को लाने का प्रयास किया है कि हम जिस काम की शुरुआत करेंगे उसे पूरा करने का काम भी हम ही करेंगे. मोदी ने कहा कि जब कोई योजना में देरी हो जाती है तो उसका एक आध चुनाव में लाभ मिल जाता है लेकिन जब वह योजना लटक जाती है तो करोड़ों रुपये बर्बाद हो जाते हैं. इस तरह से देश का पूरा अर्थतंत्र देश के डिब्बे में पड़ी हुई योजनाएं ही खा जाती हैं. इन गड्ढे में पड़ी योजनाओं को बाहर निकालने में मेरी इतनी ताकत लग रही है इसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते. मोदी ने कहा कि इस ब्रिज का काम भी बंद पड़ा था, कोर्ट कचहरी में उलझा हुआ था लेकिन हमने सरकार में आने के बाद इसे फिर से शुरू करवाया और काम पूरा कर दिया.
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