Aug 15, 2017

लोग बोले, इस डॉक्टर के खिलाफ ऐसा एक्शन लिया जाय ताकि थर थर कांपें सभी भ्रष्टाचारी और हत्यारे


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गोरखपुर कांड में डॉ काफ़िल खान की पोल खुलने के बाद सोशल मीडिया पर लोग बहुत नाराज हैं और डॉ कफील खान के खिलाफ कड़े एक्शन की मांग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि डॉ कफील खान पर ऐसा कड़ा एक्शन लिया जाय ताकि सभी भ्रष्टाचारी, लालची और हत्यारे डॉक्टर थर थर कांपें और ऐसा जघन्य अपराध करने की सोचें भी नही.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉ कफील खान ही गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज के Encephalitis विभाग के इंचार्ज थे और हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट का काम भी यही संभाल रहे थे क्योंकि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा छुट्टी पर चले गए थे. कल जाँच में पता चला कि जब हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमीं से बच्चे तड़प तड़प कर मर रहे थे तो डॉ कफील खान अपने प्राइवेट क्लिनिक में बैठे थे. जब बच्चे मरने लगे तो वे दौड़े दौड़े आये और नौकरी जाने के डर से दौड़ भाग करने लगे. वे फटाफट अपने प्राइवेट क्लिनिक से तीन सिलेंडर लाए और मीडिया को पैसे खिलाकर अपली तारीफ में ख़बरें छपवा दिया. मीडिया ने भी पैसे खाकर उन्हें हीरो बना दिया और जी न्यूज़ के बड़े अखबार DNA ने भी उन्हें हीरो बनाते हुए खबर छाप दी. 

आज पता चला कि डॉ कफील खान सरकारी अस्पताल से भी सिलेंडर चुराते थे और उसे अपने प्राइवेट अस्पताल में ले जाते थे. यही नहीं वे BRD मेडिकल कॉलेज की खरीद कमेटी के मेंबर थे इसके बावजूद भी उन्होंने ऑक्सीजन की कमीं को हलके में लिया और योगी सरकार को इसकी जानकारी नहीं दी. योगी दो दिन पहले ही BRD हॉस्पिटल पहुंचे थे और उन्होंने समस्याओं की जानकारी मांगी थी लेकिन डॉ कफील खान ने उन्हें इस बारे में नहीं बताया.

कुल मिलाकर डॉ कफील खान ही गोरखपुर कांड के विलेन हैं और दर्जनों बच्चों की हत्या के जिम्मेदार हैं क्योंकि वे जितना समय अपनी प्राइवेट क्लिनिक पर देते हैं अगर उसका आधा समय भी सरकारी अस्पताल के भर्ती बच्चों को देते तो बच्चों की मौत ना होती लेकिन वे तो घटना की रात भी अपनी क्लिनिक पर बैठे थे और सरकारी अस्पताल में भर्ती बच्चों को उनके हाल पर छोड़कर चले गए थे.
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