Aug 28, 2017

200 गाड़ियों के काफिले में चलने वाले बाबा को 20 साल की सजा, मोदी और खट्टर ने मिलकर ग़दर मचा दिया


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पिछले 10-12 दिनों में लोगों ने देख लिया है कि छोटी मोटी सरकार बाबा राम रहीम सिंह को हाथ नहीं लगा सकती थी. उनके पास इतनी ताकत थी कि बड़े बड़े नेता स्वयं उनके दर पर जाकर शीश झुकाते थे, कई बीजेपी नेता भी बाबा राम रहीम का आशीर्वाद लेने जाते थे लेकिन मोदी और खट्टर की जोड़ी ने मिलकर ऐसा ग़दर मचाया कि 200 गाड़ियों के काफिले में चलने वाले बाबा राम रहीम आज जेल पहुँच गया और उसका साम्राज्य धराशायी हो गया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाबा राम रहीम को Z+ सिक्यूरिटी मिली हुई थी, वह 200 गाड़ियों के काफिले में चलते थे, जब उनका काफिला रुकता था तो 4-5 गाड़ियों को काले कपडे से ढक दिया जाता था, किसी को पता नहीं होता था कि राम रहीम किस गाडी से निकल रहे हैं. इतनी बड़ी सुरक्षा में प्रधानमंत्री मोदी भी नहीं चलते थे. बाबा राम रहीम ने व्यवस्था का मजाक बना रखा था. खुद को प्रधानमंत्री से भी अधिक ताकतवर दिखाते थे लेकिन आज 6x6 के कमरे में बंद होकर जेल की सजा काट रहे हैं. मोदी और खट्टर ने मिलकर हरियाणा में ऐसा ग़दर मचाया कि बाबा राम रहीम का हर प्लान फेल हो गया और अंततः वे जेल पहुँच गए.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाबा राम रहीम को गिरफ्तार करना अकेले पुलिस के बस में नहीं था, इसीलिए मिलिट्री और CRPF को हर जिले में तैनात किया गया. मोदी ने खट्टर सरकार की हर तरह से मदद की, सेना भिजवाई, CRPF के कम से कम 1 लाख लोगों को हरियाणा के सभी जिलों में तैनात किया. बाबा से प्रभावित सभी जिलों में सेना ने फ्लैग मार्च किया. कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गयी उसके बाद बाबा और उनके बेलगाम भक्तों को कण्ट्रोल किया गया. अगर मोदी खट्टर की मदद ना करते तो हरियाणा के हर जिले, हर शहर में दंगे होते, हर शहर में आगजनी होगी, हालात बहुत बेकाबू हो जाते लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

आपको बता दें कि आज CBI कोर्ट ने बाबा राम रहीम को रेप, यौन शोषण और सबूत मिटाने के जुर्म में 10 साल की सजा सुना दी. CBI जज जगदीप सिंह ने हेलिकॉप्टर से रोहतक जेल आकर फैसला सुनाया. फैसला सुनाने से पहले जज ने दोनों पक्षों की दलील सुनी. बाबा राम रहीम के वकीलों ने उनकी समाज सेवा का हवाला दिया, उसके बाद बाबा राम रहीम ने भी जज से माफी मांगते हुए अपनी बीमारी का हवाला दिया लेकिन जज ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें दो मामलों में 10-10 साल, कुल 20 साल की सजा सुना दी साथ ही दो मामलों में 15-15 लाख, कुल 30 लाख का जुर्माना भी ठोंक दिया.
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