Aug 14, 2017

मस्जिदों में तिरंगा फहराकर खुद को भाग्यशाली समझते हैं नेता, सिर्फ भारत में होता है ऐसा, क्योंकि


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आज की बड़ी खबर ये है कि दिल्ली के विधायक कपिल मिश्रा ने एक मस्जिद के स्कूल में तिरंगा फहरा दिया. कपिल मिश्रा बहुत खुश हैं क्योंकि उन्होंने एक मस्जिद के स्कूल में तिरंगा फहराया है, आप समझ सकते हैं कि मस्जिदों और मदरसों में तिरंगा फहराना कितनी बड़ी बात है. कपिल मिश्रा को इससे बड़ी ख़ुशी शायद आज से पहले नहीं मिली होगी क्योंकि उन्होने जो कारनामा किया वो कारनामा बहुत कम लोग कर पाते हैं, बहुत कम लोग होते हैं जो मस्जिदों और मदरसों के स्कूलों में भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहरा पाते हैं.

आपको बता दें कि किसी और देश में ऐसा नहीं होता होगा जब नेताओं को कहना पड़े कि हमने मस्जिद में तिरंगा फहराया है. ऐसा लग रहा है कि ये मस्जिद नहीं बल्कि पाकिस्तान है और कपिल मिश्रा ने पाकिस्तान पर तिरंगा फहरा दिया है. आखिर ऐसा क्यों है.

ऐसा इसलिए है कि कट्टरपंथी मुस्लिमों का मानना है कि वे अल्लाह के अलावा किसी और के सामने सर नहीं झुकाते, किसी और को सलाम नहीं करते जबकि पाकिस्तान में ऐसा नहीं है, पाकिस्तान में 15 अगस्त को घर घर में वहां का झंडा फहराया जाता है, सभी मस्जिदों और सभी मदरसों में वहां का झंडा फहराया जाता है और सभी लोग झंडे को सलाम भी करते हैं.

अब आप सोचिये, जब पाकिस्तान के मुस्लिम अपने देश के झंडे को फहरा सकते हैं, उसे सलाम कर सकते हैं तो भारत के मुस्लिम भारत के राष्ट्रीय झंडे को क्यों सलाम नहीं करते, ऐसा इसलिए क्योंकि यहाँ पर कट्टरपंथ हावी है. अगर कोई तिरंगे को सलाम करता है तो उसके खिलाफ फतवा जाती हो जाता है और फतवा जारी करने वालों का कोई विरोध नहीं करता. इन फतवा जारी करने वालों की वजह से ही भारत में मुस्लिम धर्म बदनाम है और इसीलिए यहाँ पर अधिकतर लोग तिरंगे को सलाम नहीं करते और इसीलिए कपिल मिश्रा को मस्जिद में तिरंगा फहराने पर इतनी ख़ुशी मिल रही है.

किसी भी देश में ऐसा नहीं होता होगा जहाँ किसी भी स्कूल या मदरसे में उस देश का झंडा ना फहराया जाता हो, अगर अमेरिका, रूस या ऑस्ट्रेलिया में कोई मदरसा उस देश का झंडा ना फहराए तो उसे बर्दास्त नहीं किया जाता लेकिन भारत में इस वक्त जिहाद बढ़ता जा रहा है और कुछ राजनीतिक पार्टियाँ भी वोट बैंक के लिए ऐसे लोगों का समर्थन करती हैं और इसे अभिव्यक्ति की आजादी का नाम दे दिया जाता है, इसी वजह से मस्जिदों में तिरंगा फहराना इतनी बड़ी बात हो गयी है.

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