Aug 30, 2017

कर्नल पुरोहित बोले, ATS ने मेरे पैरों को तोड़कर ऊपर लटका दिया, 15 दिनों तक लगातार मारा..पढ़ें आगे


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कर्नल पुरोहित को जब मालेगांव ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार किया गया था तो इस केस को ATS डील कर रही थी. हेमंत करकरे ATS टीम के हेड थे. हम उन्हीं हेमंत करकरे की बात कर रहे हैं जो मुंबई 26/11 आतंकी हमले में आतंकियों के हाथों मारे गए थे. अब तक देश के लोगों को हेमंत करकरे से सहानुभूति थी क्योंकि वे देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे लेकिन उन्होंने जिस प्रकार से साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को आतंकवादी साबित करने के लिए टॉर्चर किया उसे सुनकर अब लोगों को हेमंत करकरे से घृणा हो रही है. लोग समझ भी नहीं पा रहे हैं कि आखिर एक पुलिस वाला इतना जल्लाद कैसे हो सकता है.

कर्नल पुरोहित ने हाल ही में अपने एक दोस्त से बातचीत की लेकिन उनकी बातचीत की VIDEO रिकॉर्ड हो गयी. बातचीत करते हुए कर्नल पुरोहित को भी नहीं पता था कि उनकी वीडियो रिकॉर्ड हो रही है. उन्होंने अपने दोस्त से अपने साथ हुई घटना को शेयर किया.

कर्नल पुरोहित ने बताया कि मुझे पकड़ने के बाद पहले उन्होंने 5-7 दिन तक खूब मारा. उसके बाद दो दिन छोड़ दिया ताकि सूजन कम हो जाए. उसके बाद फिर से उन्होने मुझे लगातार 8-9 दिन तक मारा. उसके बाद मारते मारते मेरा पैर टूट गया. उन्हें पता चल चुका था कि मेरा पैर टूट गया है उसके बाद मेरे पैरों को ऊपर की तरफ बांधकर लटका दिया और फिर से मारना शुरू कर दिया.

उसके बाद जब ये मुझे कोर्ट ले गए तो वहां कहा कि इनके साथ कुछ नहीं हुआ है, ये ठीक हैं लेकिन मैंने कोर्ट में अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया और मेरा मेडिकल कराने की अपील की. मैंने अपने सभी टेस्ट करवाए और सभी टेस्ट में आ गया कि मुझे टॉर्चर किया गया है. कर्नल पुरोहित ने दर्द को याद करते हुए कहा कि यार मुझे उन बातों की याद मत दिला. मेरा ये बोलना ठीक नहीं है. लेकिन तूने भी देखा है कि हम लोगों ने कितने आतंकी पकडे थे. तेरे को याद है ना कि हम लोगों ने कंपनी में तीन आतंकियों को उठाकर लाए थे. हमने उनके साथ कैसा बर्ताव किया था. फ़ौज में पूछताछ का एक तरीक होता है. मार धाड़ करना ये तरीका नहीं है फ़ौज का भाई.

कर्नल पुरोहित ने बताया कि हेमंत करकरे को और उनकी टीम को इस बात का मजा आ रहा था कि एक फौजी को पीटने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि आज तू आया है मेरे सामने, तुझको पता है कि कर्नल की इज्जत क्या होती है. उनके लिए कर्नल साहब कुछ नहीं थे, उन्हें सिर्फ मजा लेना था.

कर्नल पुरोहित ने कहा कि यार मेरे से मत पूछ, मैं भगवान से सिर्फ यही विनती करता हूँ कि किसी फौजी को पुलिस थाने का दर्शन ना दिखाए. उन्होने मुझे हद से ज्यादा मारा. मेरे पैर का ऑपरेशन हुआ था लेकिन पिटाई से ही मेरा पैर फिर से खराब हो गया. मैंने उनको बोला कि मेरे पैरों में इम्प्लांट है, ऑपरेशन हुआ है, मेरे पास पेपर्स भी हैं, मुझे मत मारो, लेकिन वे लोग मेरी बात नहीं मानें क्योंकि उनका मकसद ही मुझे ठोंकना था. उन्हें मुझसे कौन सी दुश्मनी थी पता नहीं, मेरे साथ किसनें दुश्मनी निकाली मुझे ये भी पता नहीं.
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