Aug 30, 2017

अब 15 साल नहीं लटकेंगे केस, तुरंत होगा काम तमाम, गुड़िया रेप-मर्डर केस में CBI का एक्शन शुरू


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पहले रेप के मामलों में CBI 15-20 साल तक जांच करती थी और उसके बाद फैसला आता था. आप बाबा राम रहीम के मामले को ही देख लीजिये, 2002 में CBI को केस दिया गया था लेकिन फैसला 2017 में आया. CBI को जांच पूरी करने में 15 साल लग गए. लेकिन अब CBI बहुत तेजी से काम कर रही है. ऐसा लगता है कि मोदी ने जांच एजेंसी को डंडा कर रखा है और जल्द से जल्द रिजल्ट देने का आदेश दिया है.

हाल ही में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुए गुड़िया गैंगरेप और मर्डर केस ने पूरे देश को हिला दिया था, इस मामले में एक आरोपी की पुलिस कस्टडी में मौत हो गयी थी. पुलिस पर सबूत मिटाने के आरोप लगे थे, इस केस को तुरंत CBI को दिया गया और आज एक्शन भी शुरू हो गया. CBI ने IG, DSP समेत 8 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है.

यह केस सीबीआई को 19 जुलाई को मिला था, शुरुआती जांच में आरोपी की मौत के लिए पुलिसकर्मी दोषी पाए गए और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया. आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश के कोटखाई गाँव में सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में एक आरोपी की हिरासत में मौत हो गयी थी जिसके बाद राज्य में काफी बवाल हुआ था.

सीबीआई द्वारा गिरफ्तार लोगों में आईजी जहूर हैदर जैदी के अलावा डीएसपी मनोज कुमार जोशी और 6 अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। 22 जुलाई को इस मामले में सीबीआई ने दो FIR दर्ज की थी। गौरतलब है कि 4 जुलाई को शिमला से 56 किमी दूर कोटखाई में आरोपियों ने 16 वर्षीय स्कूली छात्रा को लिफ्ट दी और नजदीकी जंगल में ले जाकर उसके साथ रेप किया और फिर उसकी हत्या कर दी। नाबालिग की लाश दो दिन बाद बरामद हुई थी। उसके शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए थे।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजिंदर सिंह समेत आशीष चौहान, सुभाष बिष्ट, दीपक कुमार, सूरज सिंह और लोकजन को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एक आरोपी की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। सीबीआई सूत्रों ने बताया, 'आईजी जैदी, डीएसपी मनोज जोशी और अन्य पुलिसकर्मियों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि ये पुलिस कस्टडी में हुई मौत मामले में शामिल हैं या नहीं।'

इस रेप और मर्डर के बाद शिमला में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध हुआ था और पुलिस पर इस कांड में शामिल बड़े घरों के बच्चों को बचाने का आरोप लगा था। बाद में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने गैंगरेप और कस्टडी में मौत मामले की जांच सीबीआई को करने को कहा था। 
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