Aug 12, 2017

गोरखपुर कांड में योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश का हो गया खुलासा, पढ़ें क्या है साजिश


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उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ साथ सिंह ने आज गोरखपुर कांड पर सफाई देते हुए कहा कि बाबा रामदास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमीं की वजह से 60 बच्चों की मौत नहीं हुई है बल्कि हर साल अगस्त महीनें में इस अस्पताल में इन्सेफेलाइटिस बीमारी की वजह से 500-600 बच्चों की मौत होती हैं ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें बहुत गंभीर हालत में लाया जाता है.

उन्होंने बताया कि इन्सेफेलाइटिस बीमारी की वजह से इस मेडिकल कॉलेज में उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार और नेपाल के भी बच्चे आते हैं और सभी लास्ट स्टेज पर आते हैं. उन्होंने बताया कि जब 10 अगस्त को लिक्विड ऑक्सीजन कम हो गयी तो ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर काम चलाया गया और अभी भी ऐसे ही काम चलाया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि हर वर्ष अगस्त महीनें में अधिक बच्चों की मौत होती है, अगस्त 2014 में 587 बच्चों की मौत हुई, अगस्त 2015 में 680 बच्चों की मौत हुई, अगस्त 2016 में 587 बच्चों की मौत हुई. यह मौतें गंभीर हालत की वजह से हुई हैं, ऑक्सीजन की कमीं की वजह से एक भी मौत नहीं हुई. उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में हर दिन करीब 17-18 मौतें होती हैं क्योंकि लोग लास्ट स्टेज पर अपने बच्चों को लाते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 7 अगस्त को 9 बच्चों की मौत हुई, 8 अगस्त को 12 बच्चों की मौत हुई, 9 अगस्त को 9 बच्चों की मौत हुई और 10 अगस्त को 23 बच्चों की मौत हुई. मीडिया ने 7, 8, 9 अगस्त को बच्चों की मौत के बारे में कोई खबर नहीं छापी लेकिन 10 अगस्त को उन्होंने सभी मौतों को जोड़कर बड़ी खबर बना दी जिसकी वजह से देश के लोगों का इस पर ध्यान चला गया और योगी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गयी. मीडिया का एक तबका पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार है. इन्हें सिर्फ बड़ी खबर चाहिए.

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आप खुद देखिये, अखिलेश के समय में अगस्त में ही 600-700 मौतें होती थीं , अगर रोजाना का औसत निकालें तो 20 मौतें रोज होती थीं लेकिन मीडिया ने कभी भी बड़ी खबर नहीं बनाई  लेकिन योगी सरकार में एक दिन में 23 मौतें हुईं तो चार दिन की मौतों को एक साथ जोड़कर बड़ी संख्या दिखाकर बड़ी खबर बना दी गयी ताकि विपक्ष को योगी सरकार के खिलाफ मुद्दा मिल जाए.
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2 comments:

  1. यह मिडिया सच में इतना गया गुजरा है कि मौत को भी बेचता है अपनी टी आर पी जो बढ़ानी है इतने सेन्सटिव मुख्य मंत्री को भी एंकर कितना भला बुरा कहने से बाज नहीं आते, क्योकि अच्छे आदमी देखर मिर्चे जो लग जाती है। बानगी देखिये कोई 59 लाख, कोई 70 लाख,कोई 64 लाख बकाया बता रहा है ऑक्सीजन सप्लायर के। जैसे मिडिया वसूल करवाएगा।लगता है स्पायर ने ही खबर बनवाई है।
    ऑक्सीजन ऑक्सीजन चिल्लाने लगे एंकर अपनी सीमा भूल कर कुछ भी भोकने लगे जैसे मानक गुप्ता रुबिका इटियादि । ऑक्सीजन खाली सहायक होती है साँस लेने में, दवा नहीं वरना अब तो ऑक्सीजन है अब क्यों मर रहे बच्चे और बड़े, जरा देखो रोज हजारो मरते है अस्पतालों इस 103 करोड़ के देश में। वे एंकर या चेनल देश के दुश्मन है जो खबर को अति रंजित रूप में दिखाते है क्योंकि सामान्य आदमी इस झूठ को पकड़ नहीं पाता और देश में आग लग जाती है।

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  2. jane to agyi hai naa , woh akhlesh raaz main jaye yah yogi raaz main , aap ki jimmadari hai ki jane kaise bacahye jaye , media ne toh apna kaam kiya hai ye sab bata kar ..aur aap safai de rahe hai ki akhlesh raaz main humare se jyada jaan gayi hai toh janta ne aapko kyu chuna hai ..

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