Aug 15, 2017

गोरखपुर कांड में सुधीर चौधरी ने कर डाली झूठी DNA एनालिसिस, सबसे बड़े विलेन को बना दिया हीरो


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सोशल मीडिया पर करोड़ों देशभक्त लोग जी न्यूज़ को बहुत ही देशभक्त चैनल समझते हैं और उनके पत्रकारों को भी देशभक्त और इमानदार समझते है, ऐसे लोग शायद जी न्यूज़ और DNA को पहले से नहीं जानते, जी न्यूज़ सिर्फ 3 वर्षों से देशभक्त बना है वो भी मोदी सरकार के आने के बाद, ऐसा इसलिए क्योंकि इन्होने देशभक्तों की भावनाओं को समझा, रिसर्च किया और देशभक्ति पर ख़बरें दिखाने लगे ताकि देशभक्त लोग सिर्फ इनका चैनल देखें.

लेकिन गोरखपुर कांड में जी न्यूज़ के पत्रकारों का मिजाज बदला बदला सा है. ये पत्रकार जमकर आलतू-फालतू ख़बरें दिखा रहे हैं और एक तरह से योगी सरकार पर हमलावर हैं. इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह थी कि जी न्यूज़ के अखबार DNA की वेबसाइट पर ही डॉ कफील खान को हीरो बताने वाली खबर छपी थी. मतलब DNA वालों ने ही डॉ कफील खान को हीरो बताया था लेकिन डॉ कफील खान तो सबसे बड़े विलेन निकले, हैरानी तो इस बात की है कि सुधीर चौधरी DNA के चीफ संपादक हैं और वे शाम को सबकी DNA भी करते हैं. DNA मतलब डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस.

गोरखपुर कांड में इनकी DNA गड़बड़ा गयी और इन्होने अनाप शनाप DNA एनालिसिस कर डाली. इन्होने विलेन को हीरो बता दिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया. लोगों को सुधीर चौधरी से ये उम्मीद नहीं रही होगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉ कफील खान ही गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज के Encephalitis विभाग के इंचार्ज थे और हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट का काम भी यही संभाल रहे थे क्योंकि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा छुट्टी पर चले गए थे. कल जाँच में पता चला कि जब हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमीं से बच्चे तड़प तड़प कर मर रहे थे तो डॉ कफील खान अपने प्राइवेट क्लिनिक में बैठे थे. जब बच्चे मरने लगे तो वे दौड़े दौड़े आये और नौकरी जाने के डर से दौड़ भाग करने लगे. वे फटाफट अपने प्राइवेट क्लिनिक से तीन सिलेंडर लाए और मीडिया को पैसे खिलाकर अपली तारीफ में ख़बरें छपवा दिया. मीडिया ने भी पैसे खाकर उन्हें हीरो बना दिया और जी न्यूज़ के बड़े अखबार DNA ने भी उन्हें हीरो बनाते हुए खबर छाप दी. 

आज पता चला कि डॉ कफील खान सरकारी अस्पताल से भी सिलेंडर चुराते थे और उसे अपने प्राइवेट अस्पताल में ले जाते थे. यही नहीं वे BRD मेडिकल कॉलेज की खरीद कमेटी के मेंबर थे इसके बावजूद भी उन्होंने ऑक्सीजन की कमीं को हलके में लिया और योगी सरकार को इसकी जानकारी नहीं दी. योगी दो दिन पहले ही BRD हॉस्पिटल पहुंचे थे और उन्होंने समस्याओं की जानकारी मांगी थी लेकिन डॉ कफील खान ने उन्हें इस बारे में नहीं बताया.
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