Aug 13, 2017

अमित शाह ने पूछे दो सवाल, एक का जवाब हर कोई दे सकता है, दूसरे का कोई नहीं दे सकता: पढ़ें


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बैंगलोर: आज अमित शाह ने कांग्रेस की पोल खोलकर रख दी. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी अन्य पार्टियों से अलग है, हमारे यहाँ आतंरिक लोकतंत्र मजबूत है, हमारे यहाँ परिवारवाद नहीं चलता. चुनाव आयोग में सभी पार्टियों की ऑडिटिंग चलती है और 50 पार्टियों के जमघट के अन्दर मैं बड़े गर्व के साथ बताना चाहता हूँ कि गिनी चुनी पार्टियाँ ही ऐसी हैं जिनके अन्दर आतंरिक लोकतंत्र है. बाकी पार्टियों के अन्दर आंतरिक लोकतंत्र ध्वस्त हो गया है.

अमित शाह ने कहा कि हमारी पार्टी ने ही आन्तरिक लोकतंत्र को संभाल कर रखा है. उन्होने कहा कि देश में दो प्रमुख दल हैं कांग्रेस और बीजेपी. आप सभी सभागार में बैठे लोगों से मैं पूछता हूँ. मुझे आप लोग एक बात बताइये, सोनिया जी के बाद कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष कौन बनेगा. किसी के मन कोई कोई कंफ्यूजन है. जरा भी नहीं है ना. यह तय है कि जब सोनिया गाँधी कांग्रेस की अध्यक्ष नहीं रहना चाहेगी या नहीं रहेगी तब कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल बनेंगे.

अमित शाह ने पूछा कि अब आप बताइये मेरे बाद बीजेपी का अध्यक्ष कौन बनेगा. आप नहीं बता सकते क्योंकि हमारे यहाँ किसी घर में जन्म लेने से अध्यक्ष नहीं बनता बल्कि अपने कर्तृत्व के आधार पर बनता है. जब कर्तृत्व के आधार पर अध्यक्ष बनता है, जब कर्तृत्व के आधार पर नेता बनता है तो उसके अन्दर के गुणों को देखकर उसे अध्यक्ष बनाया जाता है, किसी घर में जन्म लेने से हमारे यहाँ अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता.

अमित शाह ने कहा कि देवगौड़ा के बाद उनकी पार्टी का अध्यक्ष कौन बनेगा. उनका बेटा बनेगा ये तय है. सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में ऐसा होता है कि एक छोटे से कार्यकर्ता को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया जाता है. जब हमारी पार्टी में मौका आया कि देश का प्रधानमंत्री कौन बनेगा तो हम लोगों को किसी घराने का ख्याल नहीं आया, एक गरीब से गरीब घराने में जन्म लेने वाले व्यक्ति को हमारे यहाँ प्रधानमंत्री बनाया गया. यह व्यवस्था भारतीय जनता पार्टी के अलावा कहीं और नहीं है. भारतीय जनता पार्टी में आप कार्यकर्ता बनकर ऊंचे से ऊंचे पदों पर पहुँच सकते हो क्योंकि हमारे यहाँ पर आंतरिक लोकतंत्र है.

अमित शाह ने कहा कि अगर हमारे यहाँ पर आंतरिक लोकतंत्र ना होता तो यहाँ भी पिता के बाद बीटा, बेटे के बाद पोता, पोते के बाद उसका बेटा, ऐसे ही चलता रहता और इमानदार कार्यकर्त्ता ऊंचे पदों पर ना पहुँच पाता.
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1 comment:

  1. He was very correct in defining dynasty rule of various parties.

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