Jul 13, 2017

राहुल गाँधी के ये तीन ट्वीट पढ़कर लोग समझ गए, किसने और क्यों कराया अमरनाथ आतंकी हमला: पढ़ें


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अमरनाथ यात्री बस पर आतंकी हमला ऐसे ही नहीं किया गया था, इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश थी, इस साजिश में पाकिस्तान, पाकिस्तानी आतंकियों के अलावा भारत के भी कुछ नेताओं का हाथ हो सकता है और इसके लिए बहुत बड़ी जांच होनी चाहिए. जांच होने में पता नहीं कितना समय लगे लेकिन राहुल गाँधी के तीन ट्वीट पढ़कर लोग समझ गए हैं कि ये आतंकी हमला किसनें और क्यों करवाया था.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस हमले में सभी यात्रियों के मारे जाने का प्लान था, आतंकी यह सोचकर आये थे कि सभी 60 यात्रियों को ख़त्म कर देना है लेकिन उनकी कोशिश कामयाब नहीं हुई क्योंकि ना बस रुकी और ना ही बस के ड्राईवर हर्ष देसाई ने उन्हें बस के अन्दर घुसने दिया, अगर आतंकी बस के अन्दर घुस जाते तो सभी यात्रियों की मौत निश्चित थी.

मान लीजिये, बस में सवार सभी यात्रियों की मौत हो जाती तो उसके बाद क्या होता, वही होता तो राहुल गाँधी चाहते थे और उनके 3 ट्वीट चीख चीख कर कह रहे हैं.

पहले ट्वीट में राहुल गाँधी ने कहा है कि मोदी की व्यकतिगत लाभ बराबर भारत की रणनीतिक हार और निर्दोष लोगों का खून.

राहुल के इस ट्वीट को करने का मकसद था कि मोदी की वजह से निर्दोष लोगों की हत्याएं हो रही हैं, अब आप सोचिये अगर सभी यात्री मार दिए गए होते तो राहुल गाँधी क्या करते. यह उनका दूसरा ट्वीट बता रहा है. दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि मोदी की पीडीपी के साथ छोड़े समय की दोस्ती भारत के लिए मंहगी पड़ रही है जबकि तीसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि मोदी की नीतियों की वजह से कश्मीर में आतंकियों के लिए स्पेस बन गया है.

राहुल के कहने का मतलब है कि मोदी को पीडीपी के साथ दोस्ती नहीं करनी चाहिए. राहुल के इसी ट्वीट में अमरनाथ आतंकी हमले का रहस्य छुपा हुआ है, असल में कांग्रेस बीजेपी और पीडीपी की दोस्ती तोड़ना चाहती है ताकि कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस मिलकर कश्मीर में सरकार बनाएं. सोचिये अगर सभी यात्री मारे गए होते तो राहुल गाँधी क्या करते, कांग्रेस पार्टी बीजेपी और पीडीपी गठबंधन तोड़ने की मांग करती.

अब आपको बताते हैं कि अगर सभी यात्री मारे गए होते तो बीजेपी और पीडीपी गठबंधन तुरंत टूटने से कांग्रेस को क्या लाभ होता.

इसलिए किया गया अमरनाथ आतंकी हमला

अब हम बताते हैं कि अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमला क्यों किया गया, आतंकियों और कांग्रेस का मकसद था पीडीपी और बीजेपी गठबंधन को तुड़वाकर जम्मू-कश्मीर की सरकार गिराना और उसके बाद राष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को हराना. आप यह भी कह सकते हैं कि रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति चुनाव हरवाने के लिए आतंकियों ने अमरनाथ यात्री बस पर हमला किया था, उनका मकसद सभी 60 यात्रियों को मारने का था लेकिन बस मालिक हर्ष देसाई ने अपनी बहादुरी से अताकियों को बस के अन्दर जाने से रोक दिया और सभी यात्रियों की जान बचा ली. अगर सभी यात्री मारे जाते तो देश में बहुत बड़ा हंगामा खड़ा होता, BJP को PDP से गठबंधन तोड़ने और राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की जाती, दोनों पार्टियों में तकरार बढती, दोनों पार्टियों में गठबंधन टूट जाता और इसके बाद PDP रामनाथ कोविंद को समर्थन नहीं देती, वे चुनाव हार जाते, कांग्रेस उम्मीदवार मीरा कुमार राष्ट्रपति बनतीं और कांग्रेस की चाल कामयाब हो जाती.
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