Jul 12, 2017

पढ़ें, फारूख अब्दुल्ला को वास्तव में देश से प्यार है या चाल है, एकाएक क्यों दिखाया देश से प्यार


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आज कश्मीर से अगर किसी नेता का सबसे चौंकाने वाला बयान आया है तो वह नेशनल कांफ्रेंस पार्टी के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला का है, उनका बयान देखकर हर किसी को लग रहा है कि उन्होंने पत्थरबाजों और आतंकियों का समर्थन करना बंद करके देश का समर्थन करना शुरू कर दिया है, हर कोई उनके एकाएक बदलने से हैरान है. लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि फारूक अब्दुल्ला वास्तव में बदल गए हैं या उनकी कोई चाल है.

आपको बता दें कि कश्मीर के पत्थरबाजों के कट्टर समर्थक और कश्मीर को अलग देश बताने वाले फारूक अब्दुल्ला ने अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रियों की बस पर आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा को रोकना नहीं चाहिए, अब लोग और अधिक संख्या में आयें और आतंकियों को बता दें कि आप उनसे डरते नहीं हैं, यह बहुत जरूरी है कि आप अधिक संख्या में आकर उनके मंसूबों को फेल करें.

उन्होंने कहा कि मैं अपने देश के लोगों से अपील करता हूँ कि वे अधिक संख्या में आयें और ऐसे लोगों को सबक दिखाएं जो देश को तबाह करना चाहते हैं.
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कल अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रियों की बस पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी जिसमें 7 यात्रियों की मौत हो गयी और 19 घायल हो गए, घायलों में से चार की हालत सीरियस है इसलिए मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है, सभी राजनीतिक पार्टियों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने हमलावरों को मुसलमान के नाम पर धब्बा बताया है.

आप भी फारूख अब्दुल्ला का बयान पढ़कर हैरान हो जाएंगे लेकिन असलियत ये है कि फारूक अब्दुल्ला बदले नहीं हैं और ना ही कश्मीरी आतंकियों से उनकी हमदर्दी कम हुई है, उन्होंने सिर्फ बदलने का दिखावा किया है क्योंकि अब वे संसद बन गए हैं और उन्हें रोज रोज दिल्ली आना है. अब उन्हें अच्छा बनकर रहना है क्योंकि अगर बुरा बोलेंगे तो दिल्ली में कोई ना कोई उन्हें जवाब दे देगा.

अब फारूक अब्दुल्ला चुनाव नजदीक आने पर फिर से बदलेंगे और फिर से पत्थरबाजों और कश्मीरी जिहादियों के लिए बोलना शुरू कर देंगे क्योंकि हाल में पत्थरबाजों के समर्थन में बोलने की वजह से ही उनकी श्रीनगर लोकसभा उपचाव में जीत मिली थी.
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