Jun 16, 2017

सिर्फ BJP शासित राज्यों में किसानों की समस्याएँ दिखाएंगे तभी बढ़ेगी मीडिया की TRP और होगी कमाई


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New Delhi: भारत के ज्यादातर मीडिया देश के लिए नहीं बल्कि अपनी TRP के लिए ख़बरें दिखाते हैं, आजकल बीजेपी का ज़माना है, हर जगह बीजेपी ट्रेंड कर रही है तो ये लोग किसानों की समस्याएँ सिर्फ बीजेपी शासित राज्यों में दिखाते हैं, ऐसा करने से इनकी TRP बढती है और खूब कमाई होती है.

आप खुद सोचिये, जब मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान का कोई किसान आत्महत्या करता है तो हमारे देश के मीडिया इसकी Breaking News बनाकर दिखाते हैं लेकिन जब पंजाब, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु और बंगाल के किसान आत्महत्या करते हैं तो ये मीडिया के लिए कोई खबर नहीं होती, मीडिया वाले इन राज्यों में किसानों की आत्महत्या की खबर को दबा देते हैं.

आप खुद सोचिये, पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 70 किसानों ने आत्महत्या की लेकिन मीडिया ने कभी भी इनकी आत्महत्या की खबर को Breaking News बनाकर नहीं दिखाया, कई मीडिया चैनलों ने तो छोटी खबर भी नहीं बनाया क्योंकि इससे उनकी TRP नहीं बढती.

आप खुद सोचिये, उत्तर प्रदेश में इतनी ताकत है कि अगर यहाँ पर कृषि को बढ़ावा दिया जाता, किसानों के खेतों में पानी पहुंचाया जाता, 24 घंटे बिजली उपलब्ध की जाती तो अकेला उत्तर प्रदेश पूरे भारत का पेट भर सकता था लेकिन पिछले 10 साल किसान रोते रहे लेकिन मीडिया वाले अपनी ऑंखें बंद करके बैठे रहे. आप बिहार को ही देख लीजिये, वहां पर किसानों को ना तो Minimum Sopport Price मिलता है और ना ही उनकी पैदावार खरीदने के लिए कोई व्यवस्था है, मीडिया ने कभी भी उनकी समस्या नहीं दिखाई क्योंकि वहां पर कांग्रेस, JDU और RJD महागठबंधन की सरकार है.

अगर आप ध्यान दें तो बीजेपी शासित राज्यों में कृषि का विकास कांग्रेस शासित राज्यों ने काफी बेहतर है, मध्य प्रदेश का ही उदाहरण ले लीजिये, जब कांग्रेस की सरकार थी तो कृषि विकास दर 5 फ़ीसदी थी लेकिन शिवराज के आने के बाद पिछले 10 साल से कृषि विकास दर 20 फ़ीसदी है, मध्य प्रदेश में MSP पर किसानों की फसलों की खरीद होती है, सबसे बढ़िया व्यवस्था है, मतलब अन्य राज्यों से मध्य प्रदेश हर मामले में बेहतर है.

कैसे बढती है MEDIA की TRP, कैसे होता है खेल?

दरअसल BJP शासित राज्यों में किसानों की समस्या दिखाने से मीडिया की TRP बढती है और खूब कमाई होती है, देश में जितने धरने, प्रदर्शन, हिंसा, आगजनी और दंगे-फसाद होंगे मीडिया की उतनी TRP बढ़ेगी और उतनी ही कमाई होगी, अगर देश में धरने, प्रदर्शन, हिंसा, आगजनी, और दंगे-फसाद नहीं होते तो मीडिया की TRP नहीं बढती और कमाई भी नहीं होती.

अब मान लीजिये पंजाब में किसी किसान ने आत्महत्या की, वहां पर कांग्रेस की सरकार है, अगर मीडिया यह खबर दिखाएगी तो किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि बीजेपी ना तो इसे बड़ा मुद्दा बनाएगी और ना ही धरना-प्रदर्शन, हिंसा, आगजनी और दंगे-फसाद करेगी. मतलब मामला ठंढे का ठंढा ही रहेगा. जब पंजाब में किसान की आत्महत्या की खबर दिखाने के बाद भी हिंसा-आगजनी, धरना-प्रदर्शन नहीं होगा तो मीडिया को Breaking news नहीं मिलेगी, ना तो TRP बढ़ेगी और ना ही कमाई होगी. इसीलिए यहाँ की ख़बरों को मीडिया वाले खा जाते हैं.

अब मान लो मध्य प्रदेश के किसी किसान ने आत्महत्या की, यहाँ की खबर को मीडिया बार बार Breaking News बनाकर दिखाएगा, दिन भर यही खबर चलती रहेगी, इसके बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियाँ धरना-आन्दोलन करेंगे, हिंसा-आगजनी करेंगे, मतलब मीडिया एक आत्महत्या की खबर दिखाएगा तो 100 ख़बरें और मिल जाएंगी, दिन भारत आगजनी, हिंसा, दंगे-फसाद की घटनाओं को breaking news बनाकर दिखाया जाएगा, ऐसा करने से मीडिया चैनलों की TRP बढ़ जाती है क्योंकि हर आदमी TV से चिपककर ख़बरें देखता रहता है, मीडिया को मंहगे मंहगे विज्ञापन मिलते हैं, मीडिया की TRP बढती है और खूब कमाई होती है.
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