May 20, 2017

दांव पर लगी इन दोनों इंजीनियर आपियों की इज्जत, EC ने EVM हैकिंग के लिए 3 के बजाय दिए 4 घंटे


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New Delhi: केजरीवाल खुद को IIT का इंजीनियर बताते हैं और EVM में टेम्परिंग के 10 तरीके बताने का दावा करते हैं जबकि उनके ही विधायक सौरभ भारद्वाज किसी भी EVM को सिर्फ 3 घंटे में हैक करने का दावा करते हैं लेकिन अब इन दोनों आपिये इंजीनियरों की इज्जत दांव पर है क्योंकि चुनाव आयोग ने इन्हें EVM हैक करने के लिए 3 के बजाय 4 घंटे देने का ऐलान कर दिया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मार्च में हुए विधानसभा चुनावों के बाद ही बीजेपी विरोधी पार्टियाँ EVM टेम्परिंग का मुद्दा उठा रही हैं, सबसे पहले मायावती ने यह मुद्दा उठाया था उसके बाद अरविन्द केजरीवाल इसे पकड़कर बैठ गए, उनके एक विधायक सौरभ भरद्वाज ने नकली EVM हैक करके खुद को तीस मार खान साबित किया और केवल 3 घंटे में किसी भी EVM को हैक करने का दावा किया, अब चुनाव आयोग ने उन्हें 4 घंटे दिए हैं, अब उनकी इज्जत दांव पर है, अगर वे EVM हैक ना कर सके तो उनकी बहुत बेइज्जती हो जाएगी.

आज भारतीय चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी राजनीतिक पार्टियों को EVM में टेम्परिंग करने का खुला चैलेंज दे दिया है, इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को तीन लोगों को 26 मई से पहले नोमिनेट करना पड़ेगा और उनका नाम चुनाव आयोग को भेजना पड़ेगा, 3 जून के बाद उन्हें 4 घंटे में EVM टेम्परिंग करके दिखाना पड़ेगा.

EVM में टेम्परिंग की चुनौती के साथ साथ चुनाव आयोग ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य के सभी इलेक्शन में EVM के साथ साथ VVPATs भी इस्तेमाल किये जाएंगे ताकि सभी मतदाता अपने वोट का सत्यापन कर सकें. चुनाव योग के अध्यक्ष नसीम जैदी ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस करके ये जानकारी दी.

नसीम जैदी ने कहा कि हम एक बार फिर से कहते हैं कि हमारे EVM टेम्पर प्रूफ हैं और यह भारत का गौरव है कि हमारे पास ऐसी EVM हैं जो दुनिया में किसी के पास नहीं हैं, उन्होंने कहा कि EVM को हैक करना नामुमकिन है क्योंकि इसमें ना तो इन्टरनेट चलता है ना वाई-फाई चलता है, रही बात मदरबोर्ड बदलने की तो मदरबोर्ड बदलने के बाद यह हमारी EVM नहीं रहती, बल्कि परिवर्तित EVM हो जाती है, क्योंकि जब अन्दर से EVM का सिस्टम निकालकर दूसरा सिस्टम लगा दिया जाएगा तो वह दूसरे सिस्टम के हिसाब से काम करने लग जाएगी.

चुनाव आयोग ने EVM में टेम्परिंग के लिए कुछ शर्तें रखी हैं -
  • मदरबोर्ड को बदला नहीं जाएगा
  • कंट्रोल यूनिट और EVM की बटनों के साथ कुछ भी कर सकते हैं
  • बैलट यूनिट के साथ भी छेड़छाड़ की पूरी छूट मिलेगी
  • एक्सटर्नल हार्डवेयर का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जैसे रिमोट या कोई और डेवाईस
  • 26 मई से पहले सभी राजनीतिक पार्टियों को EVM टेम्परिंग में भाग लेने का आवेदन देना होगा
  • इसके लिए तीन लोगों के नाम चुनाव आयोग को भेजने पड़ेंगे
  • केवल भारतीय इंजिनियरों को मौका मिलेगा क्योंकि विदेशी इंजिनियर हमारी EVM को देखकर टेक्नोलॉजी चुरा सकते हैं
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